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अस्पताल के पास लगी भीषण आग, एक की मौत, 22 मरीज शिफ्ट किए गए

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मुंबई : महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के घाटकोपर में पारेख अस्पताल के पास भीषण आग लग गई है। ये आग एक बिल्डिंग में लगी है। आग लगने की सूचना फौरन दमकल विभाग को दी गई। मौके पर मौजूद दमकल की 8 गाड़ियां आग बुझाने की कोशिशें कर रही हैं। वहीं, आग लगने के कारण पारेख अस्पताल में भर्ती मरीजों को परेशानी हो रही है। इस कारण मरीजों को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, शनिवार दोपहर को विश्वास नाम की इमारत के पास एक पिज्जा रेस्टोरेंट में आग लग गई थी। कुछ ही देर में आग और ज्यादा फैल गई। आग की लपटें देख लोगों में हड़कंप मच गया। फौरन दमकल विभाग को इसकी सूचना दी गई।

आग का धुआं पास में मौजूद पारेख अस्पताल में चला गया, जिस वजह से वहां मौजूद लोगों को दिक्कत होने लगी। मुंबई फायर सर्विस ने बताया कि पारेख अस्पताल में भर्ती 22 मरीजों को शिफ्ट किया गया है। मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।

GST परिषद की बैठक में बड़े फैसले, जानें क्या मिली राहत

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नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई GST  परिषद की बैठक में कई बड़े फैसले हुए हैं। इस बैठक में जीएसटी कानून का गैर अपराधीकरण करने पर सहमति बनी है। इसके साथ दाल की भूसी की GST पांच प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया है। हालांकि इस बैठक में पान मसला और गुटखा उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने को लेकर कोई भी फैसला नहीं हो पाया है।

बैठक के बाद राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा की ओर से कहा गया कि GST परिषद ने कुछ अपराधों के गैर-अपराधीकरण पर सहमति जताई है। इसके साथ अभियोजन शुरू करने के लिए मौद्रिक सीमा को दोगुना कर दो करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे Ease of Doing Business में सहायता मिल सकती है।

GST परिषद की ओर से लोगों के लिए भी राहत भरी खबर आई। राजस्व सचिव के द्वारा बताया गया कि दालों की भूसी पर टैक्स 5 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है।  बैठक के दौरान ऑनलाइन गेमिंग और कैसीनो पर पर GST से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जा सकता है। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की अध्यक्षता में पिछले साल इस मुद्दे पर गठित मंत्रियों के समूह (GoM) ने को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इससे जुड़ी अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

GST कानूनों के तहत अपराधों के गैर-अपराधीकरण के संबंध में जीएसटी परिषद की कानून समिति, जिसमें केंद्र और राज्यों के कर अधिकारी शामिल हैं ने परिषद को जीएसटी अपराधों के लिए अभियोजन शुरू करने के लिए मौद्रिक सीमा बढ़ाने का सुझाव दिया है। कानून समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि जीएसटी अपराधों के कंपाउंडिंग के लिए करदाता की ओर से देय शुल्क को कर राशि के 25 प्रतिशत तक कम कर दिया जाना चाहिए।

यह वर्तमान में 150 प्रतिशत तक है। समिति ने यह बात व्यापार करने में आसानी में सुधार (Ease of doing business) की दृष्टि से कही है। समिति ने वर्तमान में 5 करोड़ रुपये से अभियोजन शुरू करने की सीमा को बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये करने का सुझाव दिया है। कर अधिकारियों की ओर से अभियोजन शुरू करने का मतलब अपराधी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करना है।

सूत्रों ने कहा है कि पान मसाला और गुटखा कंपनियों की ओर से कर चोरी पर GoM की रिपोर्ट पर परिषद में चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार माल और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTATs) की स्थापना के संबंध में GoM ने सुझाव दिया है कि न्यायाधिकरणों में दो न्यायिक सदस्य और केंद्र और राज्यों के एक-एक तकनीकी सदस्य के अलावा अध्यक्ष के रूप में एक सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को शामिल किया जाना चाहिए। GSTATS पर GoM का गठन जुलाई में हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की अध्यक्षता में किया गया था।

ANKITA BHANDARI MURDER CASE : SIT ने दाखिल की 500 पन्नों की चार्जशीट, 100 गवाह बनाये

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देहरादून : अंकिता भंडारी हत्याकांड के पूर्व BJP नेता के बेटे समेत तीनों आरोपियों के खिलाफ SIT ने आज चार्जशीट दाखिल कर दी है। एडीजी वी मुरुगेशन ने प्रेसवार्ता कर बताया कि SIT ने 500 पन्नों की चार्जशीट में 100 गवाह बनाए हैं। वहीं, 30 से ज्यादा दस्तावेजी साक्ष्य भी शामिल किए हैं।

चार्जशीट IPC की धारा 302, 201, 120बी, 354क और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत फाइल की गई है। इसमें तमाम वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को शामिल किया गया है। अभी चार्जशीट अभियोजन कार्यालय में भेजी गई है। कोर्ट में सोमवार को चार्ज

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22 दिसंबर को आरोपियों की गिरफ्तारी के 3 माह पूरे हो रहे हैं। इससे पहले चार्जशीट दाखिल होनी जरूरी थी। इसके बाद अब मुकदमे का ट्रायल शुरू होगा। VIP का नाम पता करने के लिए SIT ने आरोपियों के नार्को टेस्ट की अनुमति भी कोर्ट से मांगी।

पुलकित और सौरभ भास्कर ने तो हामी भर दी थी। लेकिन, अंकित ने दस दिन का समय मांगा। इसकी सुनवाई 22 को ही होनी है। अब सबकी निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।

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18 सितंबर को वनंत्रा रिजॉर्ट से पौड़ी निवासी अंकिता भंडारी अचानक गायब हो गई थी। पहले राजस्व पुलिस ने जांच में हीलाहवाली की। इसके बाद मामले की जांच रेगुलर पुलिस को सौंपी गई।

पुलिस ने 22 सितंबर को खुलासा किया कि नहर में धक्का देकर अंकिता की हत्या कर दी गई है। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को पुलिस ने 22 सितंबर को ही गिरफ्तार कर लिया था।

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राहुल गांधी के बयान से सियासी बवाल, BJP बोली- सेना का मनोबल क्यों तोड़ रहे ‘जयचंद’

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अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत और चीन की सेना के बीच हुई झड़प को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। वहीं, अब भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर पलटवार किया है। भाजपा नेता गौरव भाटिया ने शनिवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी पर निशाना साधा है।

गौरव भाटिया ने कहा कि एक भारतीय होने के नाते और भाजपा को भारत की सेना पर गर्व है, जो जवान सीमा पर चीन की सेना को पीट रहे हैं, उनको अपनी ताकत दिखा रहे हैं। उस समय पर भारत के ‘जयचंद’ राहुल गांधी हमारी सेना का मनोबल तोड़ने का काम क्यों कर रहे हैं।

गौरव भाटिया ने कहा कि ये 1962 वाला भारत नहीं है। भारत की एक इंच भूमि ना किसी के कब्जे में है और न किसी में ये हिम्मत है कि वो कब्जा कर ले। विश्व की सबसे वीर सेना हमारे पास है, कूटनीतिक तौर पर हम सक्षम हैं। ये संभव ही नहीं है कि कोई हमारी एक इंच भी भूमि कब्जा ले।

भाजपा नेता ने आगे कहा कि जब-जब सेना अपना पराक्रम दिखाती है तो देशवासियों की छाती 56 इंच की हो जाती है, लेकिन दर्द होता है तो दुश्मन देश को होता है और राहुल गांधी व कांग्रेस पार्टी को होता है। क्या कारण है कि जब-जब सेना के कारण देशवासियों की छाती 56 इंच की होती है, तो कांग्रेस और राहुल गांधी की छाती 6 इंच की हो जाती है।

उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि राहुल गांधी ने दुश्मन देशों से समझौता किया हुआ कि जब-जब भारतीय सेना अपना पराक्रम दिखाएगी राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी सेना का मनोबल तोड़ने का कार्य करेगी। इनका चीन से समझौता है और मुझे ऐसा कोई बयान नहीं दिखा जब कांग्रेस पार्टी, सोनिया गांधी या राहुल गांधी ने चीन की निंदा की हो। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में जब-जब देश एकजुट हुआ तब तब कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ने इस एकजुटता की पीठ में खंजर घोपने का काम किया। इन्होने तो पुलवामा हमले को भी ‘होम ग्रोएन टेररिज्म’ बताया था।

इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने भी ट्वीट कर राहुल पर निशाना साधा। रविशंकर ने कहा कि राहुल गांधी जी, कब तक आप झूठ बोल बोल कर सेना पर सवाल उठाते रहेंगे? अब तो हमारी सेना की बहादुरी मीडिया में उपलब्ध साक्ष्यों से भी जग जाहिर हो चुकी है, लेकिन फिर भी आप सेना पर सवाल उठा रहे हैं। आपने उरी और बालाकोट के बाद भी सेना की बहादुरी का प्रमाण मांगा था। अब तो ये झूठ फैलाना और देश के मनोबल को तोड़ने का काम बंद करिये।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत बहुत मजबूत है और अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है। गौरतलब है कि भारत जोड़ो यात्रा के 100 दिन पूरा होने पर राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता की थी। राहुल ने कहा था कि चीन हमारे खिलाफ युद्ध की तैयारी कर रहा है, केंद्र सरकार सच को स्वीकार करने के बजाए इसे छिपा रही है। राहुल ने ये भी कहा था कि चीन अरुणाचल प्रदेश में भारतीय जवानों को पीट रहा है।

बेशर्म रंग विवाद के बीच बेफ्रिक नजर आईं दीपिका पादुकोण

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शाह रुख खान और दीपिका पादुकोण जल्द ही फिल्म पठान से सिनेमाघरों में छाने वाले हैं। फिल्म का पहला गाना बेशर्म रंग रिलीज होने के साथ ही धमाल मचा रहा है। इस गाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया है कि कुछ संगठनों ने तो फिल्म के बायकॉट की मांग की है। इसी गहमागहमी के बीच गाने की रिलीज के बाद दीपिका पादुकोण पहली बार स्पॉट हुई हैं। पर उनका जो रिएक्शन था उसे देखकर हर कोई हैरान है।

बेशर्म रंग गाने में भगवा रंग की बिकिनी पहले वाली दीपिका पादुकोण फैंस को तो काफी कूल लगीं लेकिन कुछ नेता और हिन्दू संगठनों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। सबसे पहले हिंदू महासभा, फिर वीर शिवाजी ग्रूप, उसके बाद विश्व हिंदू परिषद और अब आरएसएस, सभी ने गाने पर विरोध जताया है। इनकी मांग है कि दीपिका के कपड़ों में बदलाव किया जाए वर्ना वो फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे।

 

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इस सब हंगामे के बीच दीपिका पादुकोण को मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया। वो व्हाइट शर्ट के साथ बेज जैकेट और पैंट में नजर आईं। अपने बाल उन्होंने खुले छोड़े थे और साथ में सन ग्लासेस संग अपने लुक को कंप्लीट किया। अपनी कार से बाहर निकलने से लेकर एयरपोर्ट पर अंदर तक चलने तक दीपिका लगातार मुस्कुरा रही थीं। यहां तक की उन्होंने फोटोग्राफर्स को पोज भी दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक वो कतर जा रही थीं।

दीपिका पादुकोण की मुस्कान देखकर लोगों का दिल जल गया। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने कहना शुरू कर दिया कि गाने पर बवाल मचा है और इन्हें कोई फर्क ही नहीं है मुस्कुरा रही हैं? बता दें कि दीपिका पादुकोण और शाह रुख खान की फिल्म 25 जनवरी साल 2023 को सिनेमाघरों में दस्तक दे रही है। उससे पहले ही फिल्म को लेकर कॉन्ट्रोवर्सी शुरू हो चुकी है। सोशल मीडिया पर बायकॉट पठान ट्रेंड कर रहा है।

घर में लगी भीषण आग, 2 बच्चियों समेत 6 लोगों की जलकर मौत

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तेलंगाना के मंचेरियल में दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां एक घर में आग लगने से दो बच्चियों समेत 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि ये हादसा रामकृष्णपुर थाना क्षेत्र के वेंकटपुर गांव में हुआ है। एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा है।

मकान में आग लगने की जानकारी पड़ोस में रहने वाले एक शख्स ने पुलिस को दी थी। पुलिस ने बताया कि हादसे में मकान मालिक शिवय्या (50) और उसकी पत्नी पद्मा (45) की मौत हो गई। हादसे में पद्मा की भतीजी मोनिका (23), मोनिका की दो बेटी और एक रिश्तेदार मारा गया।

पुलिस ने आगे बताया कि सभी लोग शिवय्या मंदमरी मंडल के वेंकटपुर में अपनी पत्नी के साथ घर पर रहते थे। हाल ही में मोनिका अपनी बेटियों के साथ शिवय्या के घर पर आई थी, सभी लोग साथ में रह रहे थे। शनिवार रात करीब 12 बजे पड़ोसियों ने शिवय्या के घर आग की लपटें देखी। पड़ोसी ने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी।

आग की जानकारी मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। आग के कारण पूरा घर जलकर खाक हो गया था। पुलिस ने बताया कि घर के अंदर 6 लोगों की लाश पड़ी मिली। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है। आग की वजह का अभी पता नहीं चल सका है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

देश के ये बड़े बैंक दे रहे हैं FD पर तगड़ा रिटर्न

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बैंक FD अभी भी एक लोकप्रिय निवेश विकल्प है। माना जाता है कि इसमें निवेश का ट्रेंड केवल बुजुर्ग या नौकरी से रिटायर लोगों में है, लेकिन हाल के दिनों में यह धारणा बदल गई है। लोग नियमित आय चाहते हैं और अपना पैसा अधिक सुरक्षित जगह लगाना चाहते हैं। उनके लिए यह निवेश का सबसे बेहतर विकल्प है। कई बैंकों ने इस प्रवृत्ति को भुनाने के लिए अपनी एफडी दरों में संशोधन किया है। SBI, HDFC और ICICI जैसे बड़े बैंकों ने हाल में फिक्स्ड डिपॉजिट की दरें बढ़ाई हैं।

FD में अधिक निवेश अच्छी बात है, लेकिन आपको कितना पैसा लगाना है, यह तय करने से पहले आपको अपने एसेट एलोकेशन और लक्ष्यों का मूल्यांकन करना चाहिए। 7 दिसंबर को भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रमुख रेपो दर को 35 आधार अंकों से बढ़ाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया, जो मई के बाद से पांचवी सीधी बढ़ोतरी है। आरबीआई ने इस साल मई से बेंचमार्क दर में 2.25 फीसदी की बढ़ोतरी की है। स्थायी जमा सुविधा (SDF) दर को 6 प्रतिशत और सीमांत स्थायी सुविधा (एमएसएफ) दर और बैंक दर को 6.50 प्रतिशत पर समायोजित किया गया है।

RBI की ब्याज दर में बढ़ोतरी के बाद, एसबीआई, एचडीएफसी औरआईसीआईसीआई ने भी विभिन्न अवधियों के लिए अपनी एफडी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। हम आपको बताते हैं कि किस बैंक की क्या ब्याज दरें हैं। एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक की सावधि जमा ब्याज दरों की तुलना की गई है। घरेलू / एनआरओ / एनआरई सावधि जमा दर8 नवंबर, 2022 से लागू। (वरिष्ठ नागरिक दरें एनआरआई पर लागू नहीं होती हैं। एनआरई जमा के लिए न्यूनतम अवधि 1 वर्ष है।

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एचडीएफसी के घरेलू / एनआरओ / एनआरई सावधि जमा की नई दर 8 नवंबर, 2022 से लागू हो गई है । (वरिष्ठ नागरिक दरें एनआरआई पर लागू नहीं होती हैं। एनआरई जमा के लिए न्यूनतम समय-सीमा 1 वर्ष है।

jagran

एसबीआई ने खुदरा घरेलू सावधि जमा पर ब्याज दरों में संशोधन (2 करोड़ रुपये से कम) की घोषणा की है। नया संशोधन 13.12.2022 से लागू हो गया है। सरकार ने दो करोड़ रुपये से कम खुदरा घरेलू सावधि जमा ब्याज दरों में संशोधन किया गया है। संशोधित ब्याज दरें इस तरह हैं…

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एसबीआई स्टाफ और एसबीआई पेंशनभोगियों को एक फीसद अधिक ब्याज दिया जाएगा।

ब्याज दरें नए और मयोचोर हो चुके डिपॉजिट को रिन्यू कराने पर लागू होंगी। ‘एसबीआई कर बचत योजना’ (एसबीआईटीएसएस) की खुदरा जमाराशियों और एनआरओ जमाराशियों पर ब्याज दरें घरेलू खुदरा मियादी जमाराशियों की दरों के अनुरूप होंगी। स्टाफ के एनआरओ डिपॉजिट अतिरिक्त 1% ब्याज के लिए पात्र नहीं हैं। बैंक ने कहा कि ये ब्याज दरें एसबीआई के अंतर्गत आने वाले सहकारी बैंकों के घरेलू सावधि जमा पर भी लागू होती हैं।

सारण के बाद सिवान में जहरीली शराब से 4 की मौत,CM बोले : नहीं देंगे मुआवजा

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बिहार : सारण में जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला अभी थमा भी नहीं है कि पड़ोसी जिला सिवान में अब चार लोगों की मौत की खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि छपरा बार्डर से सटे सिवान के भगवानपुर प्रखंड के ब्रह्मस्थान गांव में जहरीली शराब से चार लोगों की मौत हो गई है। मृतकों की पहचान महेश राम, अमीर मांझी, अवध मांझी तथा शंभू यादव के तौर पर हुई है। मृतक शंभू यादव का शव सदर अस्पताल में लाया गया है। उनके भतीजे ने बताया गांव में ही कल शाम में शराब पी थी। शुक्रवार सुबह आंख से कम दिखाई देने की बात कही। इसके बाद तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान मौत हो गई।

बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विपक्ष के हंगामें के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ कहा है कि जहरीली शराब से मरने वाले लोगों के परिवार को राज्य सरकार किसी तरह का मुआवजा नहीं देगी। सीएम ने कहा कि शराब पीकर मृत्यु पर हम उसे सहायता राशि देंगे? ये सवाल ही नहीं पैदा होता। वहीं, छपरा सदर अस्पताल में आज सुबह से अभी तक जहरीली शराब से तीन और लोगों की मौत हुई है। सभी का पोस्टमार्टम अभी समाप्त हुआ है। इसी के साथ सारण जिले के इसुआपुर, मशरक, अमनौर एवं मढ़ौरा में अब तक मरने वालों की संख्या 56 हो गई है। सिवान में चार मौतों के बाद बिहार में जहरीली शराब से मरने वालों की कुल संख्या 60 पहुंच चुकी है। वहीं, 36 से अधिक लोगों का उपचार सदर अस्पताल व निजी क्लीनिक में चल रहा है।

छपरा के जिलाधिकारी (डीएम) राजेश मीणा ने मादक पदार्थ के सेवन से 26 लोगों की मौत होने की पुष्टि की है। जहरीली शराब पीने से सबसे अधिक मौत मशरक में हुई है। मशरक थानाध्यक्ष रितेश मिश्रा व चौकीदार विकेश तिवारी को निलंबित कर दिया गया है। जबकि, मढ़ौरा के DSP इंद्रजीत बैठा का स्थानांतरण करते हुए उनपर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा गृह विभाग से की गई है।
SP संतोष कुमार ने बताया कि पुलिस ने शराब तस्करी के सप्लाई चेन को चिह्नित कर लिया है। इस मामले में एक महिला तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि मशरक से ही शराब की आपूर्ति की गई थी। शराब के सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए सोनपुर एएसपी के नेतृत्व में तीन डीएसपी समेत 31 पुलिस अधिकारियों की एसआइटी गठित की गई है। इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां होंगी।

उत्तराखंड विधानसभा बैकडोर भर्ती : नौकरी गलत तो देने वालों पर कार्रवाई कब?

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देहरादून: विधानसभा में बैकडोरी भर्ती मामले में नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। कुलमिलाकर उनको फिर से नौकरी मिलने का रास्ता लगभग बंद हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैैसले के बाद अब फिर से चर्चाओं का बाजार गर्म है। एक नई मांग भी उठने लगी है। सवाल सरकार की नीयत पर भी उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर नौकरियां गलत हैं तो फिर देने वाले अपराधी क्यों नहीं?

दरअसल, विधानसभा में अपने चहेतों को नौकरी देने वाले दो पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रहे हैं। पहले कांग्रेस कार्यकाल में गोविंद सिंह कुंजवाल और भाजपा कार्यकाल में प्रेम चंद अग्रवाल रहे, जो वर्तमान में कैबिनेट मंत्री हैं। दोनों ही खुलेतौर पर यह हामी भर चुके हैं कि उन्होंने अपने चहेतों, रिश्तेदारों और अन्य लोगों को नौकरी पर लगाया था। अब सवाल यह उठ रहे हैं कि जब सबकुछ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से साबित हो चुका है कि नौकरियां गलत तरीके से लगाई गई थी। फिर नौकरी देने वालों पर क्यों कार्रवाई नहीं की जा रही है?

इस मामले में कॉमरेड इंद्रेश मैखरी ने भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि उच्चतम न्यायालय ने उत्तराखंड विधानसभा के बर्खास्त तदर्थ कर्मचारियों की याचिका खारिज किए जाने से यह पुनः स्पष्ट है कि ये नियुक्तियां नियम विरुद्ध हुई थी। उच्च न्यायालय की डबल बेंच के बाद उच्चतम न्यायालय के इस फैसले ने विधानसभा में नियुक्तियों में धांधली होने की बात पर मोहर लगा दी है।

इस फैसले के बाद तत्काल उन लोगों के खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए, जिन्होंने ये नियम विरुद्ध नियुक्तियां की, जिन्होंने बिना सार्वजनिक विज्ञप्ति और अन्य प्रक्रिया के अयोग्य, अक्षम लोगों की सैकड़ों की संख्या में विधानसभा में नियुक्ति की. विधानसभा में अयोग्य, अक्षम लोगों की नियुक्ति और उत्तराखंड के योग्य युवाओं से योग्यता और दक्षता के आधार पर विधानसभा में नियुक्ति पाने का अवसर छीनने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही अमल में लायी जानी चाहिए।

यह विचित्र विरोधाभास है कि उत्तराखंड सरकार और विधानसभा अध्यक्ष, नियम विरुद्ध नियुक्ति पाये कर्मचारियों की बर्खास्तगी का श्रेय तो लेना चाहते हैं, लेकिन इन नियम विरुद्ध नियुक्तियों को करने वालों के खिलाफ कार्यवाही के सवाल पर मुंह नहीं खोलना चाहते. यह हैरत की बात है कि जिन प्रेमचंद्र अग्रवाल ने विधानसभा अध्यक्ष रहते, विधानसभा में बैकडोर से नियम विरुद्ध भर्तियाँ की, वे वर्तमान सरकार में संसदीय कार्य,वित्त, शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री बने हुए है। यह भ्रष्टाचार का फल पाने वालों के खिलाफ कार्यवाही और भ्रष्टाचार का पेड़ लगाने वालों का संरक्षण करने जैसा कृत्य है।

उन्होंने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा है कि प्रेमचंद्र अग्रवाल को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाये। विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल व प्रेमचंद्र अग्रवाल के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम,1988और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाये। साथ ही उत्तराखंड की विधानसभा में 2000 से 2016 की बीच में हुई बैकडोर नियुक्तियों के मामले में भी नियुक्ति पाने और नियुक्ति करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाये।

J&K : दो युवकों की गोली मारकर हत्या, गुस्साए लोगों ने राजौरी-जम्मू हाईवे पर लगाया जाम

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जम्मू कश्मीर। राजौरी में दो स्थानीय युवकों की रहस्यमय तरीके से गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों की पहचान कमल कुमार और सुरिंदर कुमार के रूप में हुई है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन के कारण राजौरी-जम्मू राजमार्ग भी अवरुद्धव हो गया है।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में शुक्रवार को अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा मारे गए दो युवकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शव राजौरी के अल्फा टीसीपी क्षेत्र से बरामद किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों द्वारा राजौरी-जम्मू राजमार्ग को अवरुद्ध करने के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त बल भेजा गया है।