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पांच में से एक जज ने नोटबंदी को ठहराया गैरकानूनी

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सुप्रीम कोर्ट के पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने केंद्र सरकार के 2016 में 500 रुपए और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने के फैसले को बरकरार रखा है। जस्टिस अब्दुल नजीर की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने 4:1 के बहुमत से नोटबंदी के पक्ष में फैसला सुनाया।

फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नोटबंदी से पहले केंद्र और आरबीआई के बीच सलाह-मशविरा हुआ था। इस तरह के उपाय को लाने के लिए दोनों पक्षों में बातचीत हुई थी इसलिए हम मानते हैं कि नोटबंदी आनुपातिकता के सिद्धांत से प्रभावित नहीं हुई थी। हालांकि, पांच जजों में एक जज न्यायमूर्ति नागरत्ना ने नोटबंदी के फैसले को गैरकानूनी ठहराया। उन्होंने आरबीआई को सीमा लांघने तक की बात कह डाली।

न्यायमूर्ति नागरत्ना ने उठाए RBI की शक्ति पर सवाल

वहीं नोटबंदी के फैसले को लेकर न्यायमूर्ति नागरत्ना ने आरबीआई अधिनियम की धारा 26 (2) के तहत अलग राय रखी। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि मैं साथी जजों से सहमत हूं लेकिन मेरे तर्क अलग हैं। मैंने सभी छह सवालों के अलग जवाब दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव केंद्र सरकार की तरफ से आया था और आरबीआई की राय मांगी गई थी।

आरबीआई द्वारा दी गई ऐसी राय को आरबीआई अधिनियम की धारा 26(2) के तहत “सिफारिश” के रूप में नहीं माना जा सकता है। यह मान भी लिया जाए कि आरबीआई के पास ऐसी शक्ति थी लेकिन ऐसी सिफारिश आप नहीं कर सकते क्योंकि धारा 26 (2) के तहत शक्ति केवल करेंसी नोटों की एक विशेष श्रृंखला के लिए हो सकती है और किसी मूल्यवर्ग के करेंसी नोटों की पूरी श्रृंखला के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा 26(2) के अंतर्गत कोई भी श्रृंखला” का अर्थ “सभी श्रृंखला” नहीं हो सकता है।

 

नोटबंदी की कार्रवाई गैरकानूनी: न्यायमूर्ति नागरत्ना

न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा कि 8 नवंबर, 2016 की अधिसूचना के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई नोटबंदी की कार्रवाई गैरकानूनी है। लेकिन इस समय यथास्थिति बहाल नहीं की जा सकती है। अब क्या राहत दी जा सकती है? राहत को ढालने की जरूरत है।

 

नोटबंदी प्रभावी नहीं हो सकी: न्यायमूर्ति नागरत्ना

नोटबंदी से जुड़ी समस्याओं से एक आश्चर्य होता है कि क्या सेंट्रल बैंक ने इनकी कल्पना की थी? यह रिकॉर्ड पर लाया गया है कि 98% बैंक नोटों की अदला-बदली की गई।

इससे पता चलता है कि उपाय स्वयं प्रभावी नहीं था जैसा कि होने की मांग की गई थी। लेकिन अदालत इस तरह के विचार के आधार पर अपने फैसले को आधार नहीं बना सकती है। उन्होंने कहा कि 500 रुपये और 1000 रुपये के सभी नोटों का विमुद्रीकरण गैरकानूनी और गलत है।

हालांकि, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि अधिसूचना पर कार्रवाई की गई है, कानून की यह घोषणा केवल भावी प्रभाव से कार्य करेगी और पहले से की गई कार्रवाइयों को प्रभावित नहीं करेगी।

 

दिल्ली हिट एंड रन केसः आक्रोशित भीड़ ने सुल्तानपुरी थाने को घेरा, फांसी देने की मांग

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नई दिल्ली : बाहरी दिल्ली के सुल्तानपुरी थाना क्षेत्र में युवती को कई किलोमीटर तक कार से घसीट कर मार देने के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) ने उपराज्यपाल के पद से विनय कुमार सक्सेना को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है। कंझावला इलाके में हुई इस दर्दनाक घटना को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। सोमवार को आक्रोशित लोगों की भीड़ ने स्थानीय थाने का घेराव किया है। मौके पर जमा लोगों की मांग है कि आरोपितों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।

आप ने कहा कि इस मामले में जो पांचवां आरोपित मनोज मित्तल है वह भाजपा का नेता है। सुल्तानपुरी थाने के पास ही उसका होर्डिंग लगा हुआ है। जिस थाने में उसे रखा गया है। आप ने आरोप लगाया है कि इसलिए इस मामले में लीपापोती की जा रही है। इसके अलावा आप ने सवाल उठाया है कि अभी तक इलाके के डीसीपी और थानाध्यक्ष को निलंबित क्यों नहीं किया गया है। आप ने कहा कि चश्मदीद ने कार में फंसी युवती के बारे में जानकारी देने के लिए 22 बार फोन किए, मगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राजघाट पर 50 इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ करते हुए सुल्तानपुरी में युवती को कई किलोमीटर तक कार से घसीटकर मार देने के मामले में सभी आरोपितों को फांसी की सजा देने की मांग की है। उन्होंने आगे कहा कि इस घटना से बहुत दुखी हूं, हम सब को यही प्रयास करना है कि इस में शामिल अपराधियों को फांसी की सजा हो।

इस दौरान उन्होंने बताया कि इन 50 इलेक्ट्रिक बसों को मिलाकर अब दिल्ली सरकार के पास 7379 बसें हो गई हैं। डीएमआरसी की 100 इलेक्ट्रिक फीडर बसें भी हम चलाने जा रहे हैं। इस साल यानी 2023 में 2280 और इलेक्ट्रिक बसें और हो जाएंगीं। 2025 तक 10480 बसें दिल्ली के पास हो जाएंगी। इसमें से 8200 इलेक्ट्रिक बसें हो जाएंगी। इनके लिए 56 डिपो को तैयार किया जा रहा है। इन पर 1500 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।

Rishabh Pant Health: ICU से प्राइवेट रूम में शिफ्ट किए गए ऋषभ पंत

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कार एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल हुए ऋषभ पंत को ICU से प्राइवेट रूम में शिफ्ट कर दिया गया है. वह तेजी से रिकवर हो रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है. देहरादून के मैक्स हॉस्पिटल में उनका ईलाज चल रहा है. यह भी चर्चा है कि उनके पैर के लिगामेंट ट्रीटमेंट के लिए BCCI उन्हें विदेश भेजने का फैसला भी ले सकती है.

ऋषभ पंत शुक्रवार तड़के दिल्ली से रुड़की जाते वक्त दिल्ली-देहरादून हाईवे पर हादसे का शिकार हुए थे. नींद की झपकी आने और रोड पर गड्डे के कारण उनकी कार अनियंत्रित होकर रेलिंग से जा टकराई थी और फिर उसमें आग की लपटें उठने लगी थी. इस हादसे में पंत बाल-बाल बच गए थे.

इस हादसे में पंत को सिर में दो कट आए. उनके दाहिने पैर के घुटने का लिगामेंट भी टूट गया. उनके दाहिने हाथ की कलाई, एड़ी और अंगुठे में भी चोट आई है. उनकी पीठ पर भी कई जगह चोट के गहरे निशान हैं. उनकी इन गंभीर चोटों को देखते हुए कहा जा रहा है कि वह अगले कुछ महीनों तक मैदान पर नहीं उतर पाएंगे.

ऋषभ पंत के परिवार का कहना है कि लगातार विजिटर्स के कारण ऋषभ ठीक तरह से रेस्ट नहीं कर पा रहे हैं. हॉस्पिटल की मेडिकल टीम का भी यही कहना है कि ऋषभ को जल्दी रिकवर होने के लिए मानसिक और शारीरिक तौर पर आराम की जरूरत है लेकिन लगातार विजिटर्स उनसे मिलने आ रहे हैं. स्टाफ का कहना है कि फिलहाल लोगों को उनसे मिलना अवाइड करना चाहिए. बता दें कि देहरादून के मैक्स हॉस्पिटल में ऋषभ से मिलने के लिए कई हाई प्रोफाइल लोग लगातार आ रहे हैं, इनमें राजनीति से जुड़े लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है.

अजय देवगन ने ‘भोला’ की दिखाई झलक, नजर आ रहा खतरनाक लुक

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अजय देवगन ने 2023 का स्वागत धमाकेदार अंदाज में किया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें ‘भोला’ की एक झलक नजर आ रही है। दरअसल यह अजय देवगन की अगली फिल्म का नाम है। वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा है, ‘भोला का वर्ष शुरू हो गया। सभी को नए वर्ष की शुभकामनाएं।

 

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इसके अलावा उन्होंने शेड्स ऑफ भोला और भोला इन 3डी नामक दो हैश टैग भी लगाए हैं। अजय देवगन की वीडियो को 2 घंटे में 36000 से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। वहीं इस पर 244 कमेंट भी किए गए हैं। कई लोगों ने वीडियो पर जय भोलेनाथ, जय शंभू, जय हो भोलेनाथ, हर हर भोला और जबरदस्त भाऊ जैसे कमेंट किए हैं। वहीं कई लोगों ने उन्हें 2023 की शुभकामनाएं भी दी हैं।

अजय देवगन अपनी आगामी फिल्म को लेकर काफी उत्साहित है। इसके पहले उन्होंने फिल्म से जुड़े कई पोस्टर और वीडियो भी शेयर किए हैं। एक तस्वीर में उनके माथे पर त्रिपुंड लगा हुआ है और वो काफी खुश नजर आ रहे हैं। वहीं, शेयर किए हुए वीडियो में उनकी आंखें नजर आ रही है और उनकी आंखों में काफी गुस्सा है।

 

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अजय देवगन की 2022 में फिल्म दृश्यम 2 रिलीज हुई थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी है। यह फिल्म दृश्यम का सिक्वल था। इस फिल्म को लेकर फैंस में काफी उत्साह था। इस फिल्म में उनके अलावा तब्बू और अक्षय खन्ना की भी अहम भूमिका थी। अजय देवगन फिल्म अभिनेता है। उन्होंने कई फिल्मों में काम किया हैं। वह जल्द कई फिल्मों में नजर आने वाले है। उनकी फिल्में एक्शन से भरपूर होती है।

जिस घर में हुआ नर संहार, वहां अब IED ब्लास्ट, बच्चे की मौत

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जम्मू-कश्मीर के राजौरी में IED ब्लास्ट हुआ है। ये ब्लास्ट राजौरी के ढांगरी में हुआ है। जानकारी के अनुसार, इस ब्लास्ट में एक बच्चे की मौत हो गई है। जम्मू के एडीजीपी मुकेश सिंह ने बताया कि राजौरी जिले के डांगरी गांव में IED विस्फोट में एक बच्चे की मौत हुई और चार अन्य घायल हैं।

IED ब्लास्ट जिस जगह पर हुआ है, बीती रात आतंकियों ने चार हिंदुओं की हत्या को अंजाम दिया था। आशंका है कि आतंकियों ने घटना को अंजाम देने के बाद विस्फोट वाली जगह पर IED लगाई होगी।

एडीजीपी मुकेश सिंह ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के राजौरी के ढांगरी गांव में कल हुई फायरिंग की घटना के बाद आज पीड़ित के घर के पास धमाका हुआ। इस ब्लास्ट में पांच लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक बच्चे की मौत हो गई है। जबकि एक की हालत गंभीर हैं। एडीजीपी मुकेश सिंह ने कहा कि एक और संदिग्ध IED मिला है, जिसे निष्क्रिय किया जा रहा है।

ब्लास्ट से कुछ देर पहले ढांगरी चौक पर प्रदर्शन हुआ था। इसके कुछ देर बाद ही ये ब्लास्ट हो गया। फिलहाल मौके पर सुरक्षा बल मौजूद हैं। कल इसी गांव में आतंकियों ने चार नागरिकों की हत्या कर दी थी। ढांगरी गांव में हिंदू परिवारों को निशाना बनाने के विरोध में आज राजौरी बंद का एलान किया गया था। पता चला है कि ब्लास्ट से पहले विरोध प्रदर्शन भी हुआ था।

 

2016 में हुई थी नोटबंदी, अब आया SC का फैसला, केंद्र सरकार को क्लीन चिट

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केंद्र की मोदी सरकार द्वारा वर्ष 2016 में की गई नोटबंदी को लेकर उठे सवालों पर सुप्रीम फैसला आ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में 1,000 रुपये और 500 रुपये के नोटों को अमान्य करने के सरकार के फैसले को सही ठहराया है। कोर्ट ने इसी के साथ नोटबंदी के खिलाफ दायर 58 याचिकाओं को खारिज कर दिया।

नोटबंदी के खिलाफ 3 दर्जन से ज्यादा याचिकाओं की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि इसकी प्रक्रिया में कुछ भी गलत नहीं पाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरबीआई के पास विमुद्रीकरण लाने की कोई स्वतंत्र शक्ति नहीं है और केंद्र और आरबीआई के बीच परामर्श के बाद ही निर्णय लिया गया।

न्यायमूर्ति एसए नजीर की अध्यक्षता वाली पांच-जजों की संविधान पीठ ने इस मामले पर अपना फैसला सुनाया।शीर्ष अदालत का यह फैसला न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना द्वारा सुनाया गया। फैसला सर्वसम्मति से हुआ है। पीठ में जस्टिस गवई और नागरत्न के अलावा जस्टिस नजीर, ए एस बोपन्ना और वी रामासुब्रमण्यन थे।

नोटबंदी को गलत और त्रुतिपूर्ण बताते हुए कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता पी चिदंबरम ने तर्क दिया था कि सरकार कानूनी निविदा से संबंधित किसी भी प्रस्ताव को अपने दम पर शुरू नहीं कर सकती है, जो केवल आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश पर किया जा सकता है। बता दें कि नोटबंदी के विरोध में कोर्ट 58 याचिकाओं पर फैसला सुनाएगा।

अदालत ने पिछले साल 7 दिसंबर को सरकार और याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले कोर्ट ने केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को निर्देश दिया था कि वे सरकार के 2016 के फैसले से संबंधित रिकॉर्ड दें।

मामले में अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि, आरबीआई के वकील और याचिकाकर्ताओं के वकीलों, वरिष्ठ अधिवक्ता पी चिदंबरम और श्याम दीवान की दलीलें सुनी गईं थी। एक हलफनामे में केंद्र ने हाल ही में शीर्ष अदालत को बताया कि नोटबंदी की कवायद एक “सुविचारित” निर्णय था और नकली धन, आतंकवाद के वित्तपोषण, काले धन और कर चोरी के खतरे से निपटने के लिए एक बड़ी रणनीति का हिस्सा था।

बड़ा रेल हादसा, बांद्रा-जोधपुर सूर्यनगरी एक्सप्रेस की 11 बोगियां हुई बेपटरी

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राजस्थान के पाली में बांद्रा टर्मिनस जोधपुर सूर्य नगरी एक्सप्रेस की 11 बोगियां, सोमवार सुबह बेपटरी हो गईं. मिली जानकारी के अनुसार हादसा 3.27 बजे हुआ. उत्तर पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ ने बताया कि ये हादसा जोधपुर डिवीजन के राजकियावास-बोमडरा सेक्शनपर बोगियां बेपटरी हो गईं. हालांकि हादसे में किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है.

सीपीआरओ ने बताया कि रेलवे के जयपुर हेडक्वार्टर में उत्तर पश्चिम रेलवे के जनरल मैनेजर और अन्य उच्चाधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं. कई उच्चाधिकारी जल्द ही मौके पर पहुंचेंगे. रेलवे रेलवे द्वारा हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं. उत्तर पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ ने कहा कि  यात्री और उनके परिजन किसी भी जानकारी के लिए- 138 और 1072- पर भी संपर्क कर सकते हैं.

जोधपुर के हेल्पलाइन नंबर
0291- 2654979(1072)
0291- 2654993(1072)
0291- 2624125
0291- 2431646

पाली मारवाड़ के हेल्पलाइन नंबर
0293- 2250324

वहीं ट्रेन के एक यात्री ने घटना की आपबीती बताई. समाचार एजेंसी ANI के अनुसार एक यात्री ने कहा कि मारवाड़ जंक्शन से गाड़ी के रवाना होने के 5 मिनट बाद ही ट्रेन के भीतर वाइब्रेशन की आवाज आई और करीब 2-3 मिनट बाद गाड़ी रुक गई. हम नीचे उतरे तो देखा कि स्लीपर कोच की बोगियां बेपटरी हो गई हैं. घटना के 15-20 मिनट के भीतर एंबुलेंस पहुंच गई.

IPL से नदारद रह सकते हैं आपके पसंदीदा स्टार खिलाड़ी, BCCI की मीटिंग में बड़ा फैसला

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मुंबई: BCCI ने मुंबई में हुई समीक्षा बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। खिलाड़ियों का वर्कलोड मैनेजमेंट इनमें से एक है। भारत के कई अहम खिलाड़ी चोट से परेशान हैं।

कप्तान रोहित शर्मा, कोच राहुल द्रविड़, बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी, बीसीसीआई सचिव जय शाह, पूर्व चयनसमिति के अध्यक्ष चेतन शर्मा और एनसीए के हेड वीवीएस लक्ष्मण की मौजूदगी वाली मीटिंग में खिलाड़ियों के वर्कलोड पर काफी बात हुई।

इस साल अक्तूबर के महीने में वनडे विश्व कप भी होना है। ऐसे में BCCI आईपीएल के दौरान प्रमुख खिलाड़ियों को आराम दे सकता है। इस मीटिंग में 2022 में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर भी चर्चा हुई। इस दौरान दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में हार और टी20 विश्व कप में भारत के सेमीफाइनल में हारने पर भी चर्चा हुई।

भारत के कई अहम खिलाड़ी इस साल चोट से जूझते रहे हैं। ऐसे में इस मीटिंग में चोट को लेकर काफी चर्चा हुई। बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में भारत की हार के बाद कप्तान रोहित शर्मा ने बड़े खिलाड़ियों के चोटिल होने पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि खिलाड़ी फिट होने के बावजूद बार-बार चोटिल क्यों रहे हैं।

रोहित ने कहा था। हमें कोशिश करनी होगी और इसकी तह तक जाना होगा। मुझे नहीं पता कि यह वास्तव में क्या है। हो सकता है कि वे बहुत अधिक क्रिकेट खेल रहे हों।

हमें उन लोगों पर नजर रखने की कोशिश करने की आवश्यकता है, क्योंकि यह समझना महत्वपूर्ण है कि जब वे भारत के लिए आते हैं, तो उन्हें पूरी तरह फिट रहने की आवश्यकता होती है। दीपक चाहर 2022 में अधिकांश समय तक चोटिल रहे, जसप्रीत बुमराह पीठ पर फ्रैक्चर से उबर रहे हैं। रवींद्र जडेजा, जो टखने की चोट से उबर रहे हैं।

मेडिकल टीम ने इन सभी खिलाड़ियों को लेकर वर्कलोड मैनेजमेंट पर प्रेजेंटेशन दिया। मीटिंग में हुए अहम फैसले मीटिंग में तय किया गया है कि टीम के अहम खिलाड़ियों के अगर चोटिल होने की संभावना है तो उन्हें आईपीएल से दूर रखा जाएगा।

20 खिलाड़ियों का पूल बनाया गया है, जिनके बीच से वनडे विश्व कप की टीम चुनी जाएगी। नए ब्लूप्रिंट के अनुसार, खिलाड़ियों सेंट्रल पूल के लिए एक फिटनेस और वर्कलोड रोडमैप को तैयार किया जाएगा, इसके लिए काम शुरू हो चुका है।

खिलाड़ियों की फिटनेस का सटीक अंदाजा लगाने के लिए यो-यो टेस्ट के साथ डेक्सा स्कैन को भी जोड़ने की सिफारिश की गई है। डेक्सा स्कैन के जरिए खिलाड़ियों की हड्डी की मजबूती पता चलती है।

डेक्सा स्कैन शरीर संरचना और हड्डी की मजबूती को मापने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक है। यह 10 मिनट का परीक्षण होता है, जिसमें शरीर में कुल वसा और हड्डी के साथ मांसपेशियों की मजबूती का पता लगाया जाता है। मीटिंग में यह भी कहा गया है कि युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए घरेलू क्रिकेट में पर्याप्त क्रिकेट खेलना जरूरी होगा।

इससे पहले IPL में चमकने वाले खिलाड़ियों को सीधे भारतीय टीम में जगह मिल जाती थी। 2021 टी20 विश्व कप से ठीक पहले आईपीएल का दूसरा चरण खेला गया था। इसमें वेंकेटश अय्यर और वरुण चक्रवर्ती ने शानदार प्रदर्शन किया और कोलकाता की टीम फाइनल में भी पहुंची थी।

इसके तुरंत बाद हुए टी-20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में दोनों खिलाड़ियों को मौका दिया गया था और इन दोनों ने काफी निराश किया था। भारत की हार में इन दोनों का अहम योगदान था। इसी वजह से अब राष्ट्रीय टीम में चयन का एकमात्र पैमाना IPL नहीं होगा।

विधानसभा से बर्खास्त कर्मचारियों का अनोखा प्रदर्शन, गले में डाला फांसी का फंदा

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देहरादून: विधानसभा से निकाले गए कर्मचारियों को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से पहले ही झटका लग चुका है। उनकी उम्मीदों को झटका लग चुका है। लेकिन, उनको अब आंदोलन के रास्ते कुछ हासिल होने की आशा है। लगातार प्रदर्शन कर रहे बर्खास्त कर्मचारियों ने आज नए साल के पहले दिन गले में फांसी का फंदा डालकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

कर्मचारियों का कहना है कि न्याय न मिला तो वे आत्मदाह करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी विधानसभा अध्यक्ष एवं सरकार की होगी। शनिवार को भी कर्मचारियों ने राष्ट्रपति को सामूहिक हस्ताक्षर युक्त पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी थी।

बीते साल अगस्त महीने में घोटाले को लेकर सियासत गरमाई। सोशल मीडिया पर बैकडोर से भर्ती पर लगे कर्मचारियों और उनकी सिफारिश करने वाले नेताओं के नाम वायरल हुए। सरकार, भाजपा और आरएसएस के नेताओं पर सवाल उठे।

तत्कालीन स्पीकर व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल निशाने पर आ गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा अध्यक्ष से बैकडोर भर्ती की जांच का अनुरोध किया। तीन सितंबर को विधानसभा अध्यक्ष ने डीके कोटिया की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई। 22 सितंबर को जांच समिति ने अध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपी, भर्ती में धांधली पाई।

23 सितंबर को विधानसभा अध्यक्ष ने 2016 से 2021 के बीच हुई 229 बैकडोर भर्तियों को रद्द करने की घोषणा की। सरकार ने बैकडोर भर्ती रद्द करने की मंजूरी दी। निकाले गए कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। एकल बैंच ने बर्खास्तगी आदेश पर स्थगानेदश दिया।

विधानसभा ने डबल बैंच में अपील की। डबल बैंच स्पीकर आदेश को सही बताया। बर्खास्त कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट गए। सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी याचिका को खारिज कर दिया। बर्खास्त कर्मचारियों ने विधानसभा के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे विधानसभा में 2016 से पहले हुई भर्तियों पर भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Maharashtra breaking : नासिक में एक फैक्टरी में लगी भीषण आग, कई लोग फंसे

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महाराष्ट्र के नासिक में भीषण हादसे की खबर है। यहां एक फैक्टरी में आग लग गई है। खबर के मुताबिक, कई कर्मचारी फैक्टरी में फंसे हुए हैं, उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। फंसे लोगों को बचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। फायर सर्विस के कई फायर टेंडर मौके पर पहुंचे हैं। आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इगतपुरी तहसील के मुंडेगांव स्थित एक फैक्टरी में भीषण आग लगी है, जिसे बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, हादसा ब्वॉलर फटने के कारण हुआ। अभी तक करीब 11 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है।