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AAP को 163.62 करोड़ की वसूली का नोटिस, 10 दिनों में करना होगा भुगतान

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नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (AAP) को कथित तौर पर सरकारी विज्ञापनों की आड़ में प्रकाशित उसके राजनीतिक विज्ञापनों के लिए 163.62 करोड़ रुपये की वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया है।

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव को सरकारी विज्ञापनों की आड़ में प्रकाशित राजनीतिक विज्ञापनों के लिए आप से 97 करोड़ रुपये वसूलने का निर्देश दिया था, उसके लगभग एक महीने बाद यह नया मामला सामने आया है।

सूत्रों ने कहा कि सूचना और प्रचार निदेशालय (डीआइपी) द्वारा जारी वसूली नोटिस में राशि पर ब्याज भी शामिल है और दिल्ली में सत्ताधारी पार्टी के लिए 10 दिनों के भीतर पूरी राशि का भुगतान करना अनिवार्य है।

एक सूत्र ने कहा कि अगर आप संयोजक ऐसा करने में विफल रहते हैं तो दिल्ली एलजी के पहले के आदेश के अनुसार पार्टी की संपत्तियों की कुर्की सहित सभी कानूनी कार्रवाई समयबद्ध तरीके से की जाएगी। दिल्ली सरकार या आप की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

सिलेंडर लीकेज लगी से लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत

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हरियाणा : पानीपत में गुरुवार सुबह गैस सिलेंडर में लीकेज के कारण आग लग गई और इस हादसे में एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, गांव बिचपड़ी की गली नंबर चार में वीरवार सुबह यह हादसा हुआ। इस आग में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में दंपत्ति समेत उनकी दो बेटी और दो बेटे शामिल हैं।

दंपति का नाम अब्दुल (42 साल) और अफरोज (40 साल) है। उनकी दो बेटियां रेशमा (20 साल) और इशरत (17 साल) है। दो बेटे अब्दुल (12 साल) और अकफान (10 साल) है। ये यहां किराये के मकान में रहते थे। मौके पर पुलिस प्रशासन पहुंचा चुका है। अधिकारी छत के रास्ते दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए हैं।

दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू पा लिया है। शवों को शवगृह भेज दिया गया है। आसपास के क्षेत्र में भय का माहौल रहा है। पानीपत के पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन का कहना है कि मकान में आग गैस सिलेंडर के ब्लास्ट से नहीं लगी थी, यह आग गैस के लीकेज के बाद लगी थी।

हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, CAPF को मिलेगी पुरानी पेंशन

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केंद्रीय अर्धसैनिक बलों  में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। श्रीनिवास शर्मा बनाम भारत सरकार केस में अदालत ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को ‘भारत संघ के सशस्त्र बल’ माना है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में एनपीएस को स्ट्राइक डाउन करने की बात कही गई है। इन बलों में चाहे कोई आज भर्ती हुआ हो, पहले कभी भर्ती हुआ हो या आने वाले समय में भर्ती होगा, सभी जवान और अधिकारी, पुरानी पेंशन के दायरे में आएंगे।

केंद्र सरकार, कई मामलों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को सशस्त्र बल मानने को तैयार नहीं थी। पुरानी पेंशन का मुद्दा भी इसी चक्कर में फंसा हुआ था। पहली जनवरी 2004 के बाद केंद्र सरकार की नौकरियों में भर्ती हुए सभी कर्मियों को पुरानी पेंशन के दायरे से बाहर कर दिया गया था। उन्हें एनपीएस में शामिल कर दिया गया। सीएपीएफ को भी सिविल कर्मचारियों के साथ पुरानी पेंशन से बाहर कर दिया। उस वक्त सरकार का मानना था कि देश में सेना, नेवी और वायु सेना ही सशस्त्र बल हैं।

बीएसएफ एक्ट 1968 में कहा गया है कि इस बल का गठन भारत संघ के सशस्त्र बल के रूप में किया गया था। इसी तरह सीएपीएफ के बाकी बलों का गठन भी भारत संघ के सशस्त्र बलों के रूप में हुआ है। कोर्ट ने माना है कि सीएपीएफ भी भारत के सशस्त्र बलों में शामिल हैं। इस लिहाज से उन पर भी एनपीएस लागू नहीं होता। सीएपीएफ में कोई व्यक्ति चाहे आज भर्ती हुआ हो, पहले हुआ हो या भविष्य में हो, वह पुरानी पेंशन का पात्र रहेगा।

पुरानी पेंशन योजना को लेकर ‘स्टाफ साइड’ की राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा की अध्यक्षता में सात जनवरी को नई दिल्ली में हुई एक बैठक में ओपीएस बहाली की मांग को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इस बैठक में कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस मार्टियर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह भी शामिल हुए। बैठक में तय हुआ है कि पुरानी पेंशन के मुद्दे पर जो आंदोलन होगा, वह केवल दिल्ली में नहीं, बल्कि राज्यों की राजधानियों और जिला स्तर तक किया जाएगा। 21 जनवरी को नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्सन (एनजेसीए) की नेशनल कन्वेंशन की बैठक होगी।

दिल्ली देश का सबसे प्रदूषित शहर, इतने खतरनाक हैं हालात

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देश की राजधानी दिल्ली देश के प्रदूषित शहरों की लिस्ट में सबसे आगे है. नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) ट्रैकर की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में दिल्ली में पीएम 2.5 का प्रदूषण दर्ज किया जो 2019 से 7.4% घटा है. इसके अलावा 2019 के 108 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से घटकर यह 2022 में 99.71 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रह गया है. 2019 की लिस्ट में राजधानी से ऊपर के दो शहरों गाजियाबाद और नोएडा में रेस्पेक्टिवेली 22.2% और 29.8% का तेज सुधार दर्ज किया गया है. 2022 में गाजियाबाद का माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर 91.3 है, वहीं फरीदाबाद का 95.6 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है.

केंद्र ने 2019 में एनसीएपी लॉन्च किया था, जिसमें प्रमुख (एयर पोल्यूटेंट) पीएम 10 और पीएम 2.5 को 2024 तक 131 “नॉन अटेनमेंट” अर्बन सिटीज में 20-30% तक कम करने का लक्ष्य रखा गया था. 2022 का डाटा एनसीएपी की चौथी एनिवर्सरी पर जारी किया गया था और यह एनसीएपी ट्रैकर के रूप में उपलब्ध है, जो क्लाइमेट ट्रेंड्स और रेस्पिरर लिविंग साइंसेज ने रिलीज किया था. राजधानी का वार्षिक पीएम 10, जो 2022 में 213 माइक्रोग्राम/क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया था, 2017 के बाद से केवल 1.8% की मामूली सुधार हुआ है.

अपने लक्ष्य तक पहुंचने से हैं दूर 
पीएम 10 के स्तर में गाजियाबाद में 10.3% और नोएडा में 2.3% का सुधार हुआ है. PM10 का राष्ट्रीय सुरक्षित स्तर 60 माइक्रोग्राम/घन मीटर है. क्लाइमेट ट्रेंड्स की निर्देशक आरती खोसला ने कहा, “हालांकि सीपीसीबी ने नॉन अटेनमेंट वाले शहरों के लिए पहले ही सख्त कमी लक्ष्य जारी कर दिए हैं, हम एनसीएपी के लिए मूल लक्ष्य 2024 से सिर्फ एक साल दूर हैं. उन्होंने कहा कि कई शहर अभी भी अपने लक्ष्य तक पहुंचने से दूर हैं और योजनाओं और कड़े उपायों के बिना ऐसा करने में असमर्थ हो सकते हैं. रेस्पिरर लिविंग साइंस के संस्थापक और सीईओ रौनक सुतारिया ने कहा कि सबसे अधिक हानिकारक पीएम पॉलिटेंट के लिए है, जिनके पीएम 10 की तुलना में अलग-अलग सोर्स होते हैं, लेकिन मामूली सुधार हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसे पता चलता है कि पॉलिटेंट के महीने सोर्स को कम करने के लिए बहुत काम करने की जरूरत है.

उत्तराखंड : जोशीमठ में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद बड़ा फैसला

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चमोली: जोशीमठ लगातार धंस रहा है। अब तक दरार वाले भवनों की संख्या 723 पहुंच गई है। इनमें से 86 मकानों को पूरी तरह से असुरक्षित घोषित कर लाल निशान लगा दिए गए हैं। आज इन भवनों को ढहाने की कार्रवाई शुरू की जानी थी।

भू-धंसाव से प्रभावित जोशीमठ से अलग-अलग जांच दलों की रिपोर्ट आ जाने के बाद ही राज्य सरकार केंद्र को राहत पैकेज का प्रस्ताव भेजेगी। तब तक सरकार रिपोर्ट आने का इंतजार करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों से अनुरोध किया गया है ताकि जल्द से जल्द भू धंसाव के कारण पता चल सकें। NIT उत्तराखंड की चार सदस्यीय टीम भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्र जोशीमठ का अध्ययन करने जाएगी। टीम जोशीमठ में जमीन धंसने के कारणों को ढूंढने के साथ ही समाधान के तरीके ढूंढेगी।

सरकार के निर्देश पर विभिन्न संस्थाओं की टीम जोशीमठ का सर्वेक्षण कर रही है। वहीं, NIT उत्तराखंड अपने स्तर पर चार इंजीनियरों को जोशीमठ भेज रही है। टीम बुधवार को जोशीमठ के लिए रवाना होगी। टीम का नेतृत्व सिविल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष डॉ. क्रांति जैन कर रहे हैं। उनके साथ ट्रांसपोर्टेशन इंजीनियरिंग के डॉ. आदित्य कुमार अनुपम और जियोटेक्नीक इंजीनियरिंग के डॉ. विकास प्रताप सिंह व डॉ. शशांक बत्रा शामिल हैं।

प्रभावित 723 परिवारों को डेढ़ लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। यह अंतरिम सहायता के रूप मे प्रत्येक परिवार को दिया जाएगा। इसके अलावा दो होटल को ही डिसमेंटल किया जाएगा। ऐसे में अब अन्य मकानों को नहीं ढहाया जाएगा। प्रशासन के साथ बैठक का दौर जारी है।

जोशीमठ भू-धंसाव और वहां अभी तक के हालात की कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने समीक्षा की। राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NMC) की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने CS डॉ.एसएस संधु से राहत एवं बचाव के लिए चल रहे कार्यों का ब्योरा लिया। उन्होंने प्रभावित जगहों से लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए।

उत्तराखंड: जोशीमठ आपदा प्रभावितों की अधिकारियों के साथ बैठक, मुआवजे की मांग

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जाशीमठ: आदि शंकराचार्य की तपस्थली जोशीमठ की भूमि लगातार धंस रही है। अब तक दरार वाले भवनों की संख्या 723 पहुंच गई है। इनमें से 86 भवनों को पूरी तरह से असुरक्षित घोषित कर लाल निशान लगा दिए गए हैं। आज इन भवनों को ढहाने की कार्रवाई शुरू होगी। व्यापारियों और स्थानीय लोगों के साथ प्रशासन की बैठक जारी है। मुआवजे को लेकर तकरार चल रही है। इस बीच सचिव मुख्यमंत्री मिनाक्षी सुंदरम ने कहा कि व्यापारी भरोसा रखें। पूरा प्रदेश है और सबको देखना है।

जोशीमठ में असुरक्षित भवनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार को 45 भवन और चिन्हित किए गए। इस तरह से अब तक कुल 723 भवन चिन्हित किए जा चुके हैं। इनमें से 86 भवनों को पूरी तरह से असुरक्षित घोषित कर लाल निशान लगा दिए गए हैं। जल्द ही इन भवनों को ढहाने की कार्रवाई शुरू होगी।

सचिव आपदा प्रबंधन डॉ.रंजीत सिन्हा ने कहा कि ऊंचे भवनों को तोड़ने के लिए क्रेन की आवश्यकता है, जो वहां नहीं मिल पाई। इसलिए देहरादून से क्रेन भेजी गई है, जो आज बुधवार को पहुंच जाएगी। वहीं, सचिव मुख्यमंत्री मिनाक्षी सुंदरम ने कहा कि सीबीआरआई की टीम देरी से मौके पर पहुंची, इसलिए पहले दिन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई।

जोशीमठ भू-धंसाव और वहां अभी तक के हालात की कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने समीक्षा की। राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनएमसी) की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधु से राहत एवं बचाव के लिए चल रहे कार्यों का ब्योरा लिया। उन्होंने प्रभावित जगहों से लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए।

RRR को मिला इंटरनेशनल अवॉर्ड, सोशल मीडिया पर इंडस्ट्री ने दी बधाई

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बाहुबली के निर्देशक एस एस राजामौली की फिल्म ‘आरआरआर’ पूरी दुनियाभर में तहलका मचा रही है। राम चरण और जूनियर एनटीआर स्टारर इस एक्शन हिस्टोरिकल फिल्म की रिलीज को 1 साल होने आ रहा है, लेकिन फिल्म का क्रेज लोगों में कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। हाल ही में तेलुगु फिल्म के गाने ‘नाटू-नाटू’ को दर्शकों से मिले प्यार के बाद अब इसे ‘गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स 2023’ में बेस्ट ओरिजिनल गाने के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

हॉलीवुड फिल्मों के बेहतरीन गानों को पछाड़ राम चरण और जूनियर एनटीआर के इस गाने ने देश में ही नहीं, बल्कि विदेशी फैंस को भी डांस करने के लिए मजबूर कर दिया। ‘नाटू-नाटू’ को मिले इंटरनेशनल सम्मान के बाद अब फिल्म इंडस्ट्री से भी बधाई मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है।

एस एस राजामौली की फिल्म जिस तरह इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर एक के बाद एक सफलता हासिल कर रही है, उससे साउथ इंडस्ट्री भी काफी गौरान्वित है। गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स 2023 में मिले पुरस्कार के बाद निर्देशक और फिल्म सितारे पूरी टीम को बधाई दे रहे हैं। निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने ‘आरआरआर’ के नाटू-नाटू गाने को मिले अवॉर्ड पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, ‘मेरे म्यूजिक डायरेक्टर क्षणा-क्षणम ने बड़ी उपलब्धि हासिल की।

उनके आरआरआर गाने को रिहाना और लेडी गागा के गाने के साथ प्रतियोगिता में बेस्ट गाने का अवॉर्ड मिला है। हे कीरवानी आगे बढ़ते रहो’। एस एस राजामौली की इस ऐतिहासिक फिल्म की हीरोइन आलिया भट्ट ने भी पूरी टीम को जीत की बधाई देते हुए अवॉर्ड फंक्शन की तस्वीर शेयर की और उन्होंने कैप्शन में ‘नाटू-नाटू‘ लिखते हुए हार्ट वाला इमोजी पोस्ट किया।

इसके अलावा ऑस्कर विनर सिंगर और म्यूजिक कंपोजर ए आर रहमान ने भी म्यूजिक कंपोजर और सिंगर एम एम कीरवानी को इंटरनेशनल लेवल पर मिले सम्मान पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए लिखा, ‘बहुत ही शानदार, सभी देशवासियों और आपके फैंस की तरफ से कीरवानी जी को बधाई। एस एस राजामौली जी आपको और पूरी टीम को भी शुभकामनाएं’।

उत्तराखंड : बगैर मुआवजे के कैसे खाली करें होटल और माकन, सरकार से लोगों के सवाल

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चमोली: जोशीमठ भू-धंसाव के कारण लगातार दरक रहा है। 723 भवनों को खतरनाक घोषित किया जा चुका है। लोगों को राहत शिविरों में रखा जा रहा है। सरकार एक तरफ कहती है कि लोगों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। वहीं, दूसरी ओर सरकार जिन होटलों और मकानों को तोड़ने जा रही है। उनको लेकर अब तक ना तो किसी तरह का सरकारी नोटिस लोगों को दिया गया है और ना ही मुआवजे की ऐलान किया गया है। सवाल यह है कि जिन लोगों ने होटल बनाने और मकान बनाने में अपने पूरे जीवन की कमाई खफा दी हो, वो कैसे खाली हाथ यहां से चले जाएं।

ऐसा नहीं है कि लोग अपने घर और होटल खाली नहीं करना चाहते हैं। लोगों का कहना है कि वो खाली करने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले सरकार उनकी संपत्ति का वन टाइम सेटलमेंट कर दे। उनको लिखित में यह आश्वासन दिया जाना चाहिए कि ध्वस्तीकरण के बाद उनको उनके होटल और जमीन के बदले एक धनराशि दी जाएगी। लेकिन, सरकार धनराशि देना तो दूर, लोगों होटल खाली कराने और ध्वस्त करने के लिए नोटिस तक नहीं दिया गया है। बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकार क्या करना चाहती है?

भू-धंसाव की चपेट में आए जोशीमठ में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आज शुरू होगी। शासन के आदेश के बावजूद मंगलवार को भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई थी। जिला प्रशासन की टीम लाव-लश्कर के साथ भवन तोड़ने पहुंची तो प्रभावित लोग विरोध में उतर आए। ऐसे में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई बुधवार तक के लिए टाल दी गई। इसे लेकर दिनभर अफरातफरी का माहौल रहा।

जोशीमठ में मंगलवार को होटल माउंट व्यू और मलारी इन को ध्वस्त किया जाना था, लेकिन होटल स्वामियों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि आर्थिक मूल्यांकन नहीं किया गया, साथ ही नोटिस तक नहीं दिए गए। विरोध बढ़ने पर प्रशासन को कदम पीछे खींचने पड़े। हालांकि अधिकारियों का कहना कुछ और ही है। सचिव आपदा प्रबंधन डॉ.रंजीत सिन्हा ने कहा कि ऊंचे भवनों को तोड़ने के लिए क्रेन की आवश्यकता है, जो वहां नहीं मिल पाई। इसलिए देहरादून से क्रेन भेजी गई है, जो बुधवार को वहां पहुंच जाएगी।

गृह मंत्रालय की टीम सचिव सीमा प्रबंधन की अध्यक्षता में जोशीमठ पहुंची और स्थिति का आकलन किया। इसके अलावा केंद्रीय एजेंसियां एनजीआरआई, एनआईएच, सीबीआरआई, एनआईडीएम की टीम पहले से ही जोशीमठ में डेरा जमाए हुए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन डॉ.रंजीत सिन्हा ने बताया कि आईआईटी रुड़की की टीम को भी मौके पर भेजा रहा है।

723 पहुंची दरार वाले भवनों की संख्या, 86 असुरक्षित
जोशीमठ में असुरक्षित भवनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार को 45 भवन और चिन्हित किए गए। इस तरह से अब तक कुल 723 भवन चिन्हित किए जा चुके हैं। इनमें से 86 भवनों को पूरी तरह से असुरक्षित घोषित कर लाल निशान लगा दिए गए हैं। जल्द ही इन भवनों को ढहाने की कार्रवाई शुरू होगी।

अब तक 462 परिवारों को अस्थायी रूप से विस्थापित किया जा चुका है। मंगलवार को 381 लोगों को उनके घरों से सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट किया गया। जबकि इससे पहले 81 परिवारों को शिफ्ट किया गया था। प्रशासन की ओर से अब तक विभिन्न संस्थाओं-भवनों में कुल 344 कमरों का अधिग्रहण किया गया है। इनमें 1425 लोगों को ठहराने की व्यवस्था की गई है।

भीषण हादसा, चाय की गुमटी के पास खड़े लोगों को डंपर ने रौंदा, चार की मौत

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रायबरेली: बांदा-बहराइच स्टेट हाईवे पर गुरबक्शगंज के खगरिया खेड़ा गांव के पास बुधवार की सुबह भीषण हादसा हो गया। बछरावां से लालगंज की तरफ जा रहा डंपर अनियंत्रित होकर चाय की गुमटी पर खड़े लोगों को रौंदते हुए खंती में चला गया। हादसे में चार लोगों की मौत हुई है, जिनकी पहचान कराई जा रही है। सभी मृतक खागिया खेड़ा के बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।

उक्त हादसा सुबह करीब छह बजे हुआ है। खगिया खेड़ा गांव के लोग गुमटी पर चाय पीने के लिए खड़े थे। ललई, लल्लू और रविंद्र की डेड बॉडी की पहचान कराई जा चुकी है। चौथे शव की शिनाख्त अभी नहीं हो सकी है। चार से पांच लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर हैं। सीओ लालगंज महिपाल पाठक ने बताया कि लोगों की मदद के लिए टीम लगाई गई। क्रेन से डंपर को हटाया जा रहा है।

LG ने CM केजरीवाल को दिखाए तेवर! कहा- अभी समय नहीं

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दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के बीच मामला और ठनता हुआ दिख रहा है. सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है. दिल्ली के उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री को तेवर दिखाते हुए तुरंत मीटिंग का अपॉइंटमेंट देने से इनकार कर दिया है.

उपराज्यपाल ने एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री केजरीवाल को गवर्नेंस संबंधित मुद्दों पर मीटिंग करने के लिए आमंत्रित किया था. इसके तुरंत बाद केजरीवाल ने आमंत्रण स्वीकार किया था और आज अपॉइंटमेंट मांगा था. अब उपराज्यपाल ने समय न होने की बात कहकर फिलहाल अपॉइंटमेंट के लिए मना कर दिया है. उपराज्यपाल दफ्तर की तरफ से कहा गया है कि शुक्रवार (13 जनवरी) शाम 4 बजे से पहले उनके पास समय नहीं है.

9 जनवरी को ही एलजी विनय कुमार सक्सेना ने खुद सीएम अरविंद केजरीवाल को  विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए एक पत्र भेजा था. इसमें दिल्ली के विकास के लिए दोनों के बीच मीटिंग को लेकर कहा गया था. इसके जवाब में केजरीवाल ने भी जवाब देते हुए कहा था कि वह निश्चित रूप से जल्द ही उनकी सुविधानुसार समय लेकर उनसे मिलेंगे.