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उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने किया महेश कोठारे की पुस्तक ‘डॅम ईट आणि बरंच काही’ का विमोचन

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  • टी.एस लामा 

महाराष्ट्र राज्य के उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने मराठी सिनेमा जगत के दिग्गज निर्देशक और अभिनेता महेश कोठारे की पुस्तक ‘डॅम ईट आणि बरंच काही’ का विमोचन किया. मराठी सिनेमा में डैशिंग सुपरस्टार के रूप में पहचाने जाने वाले दिग्गज अभिनेता, निर्देशक और निर्माता महेश कोठारे की जीवन यात्रा एक किताब के रूप में प्रशंसकों के सामने आई है। पुस्तक में महेश कोठारे की सफलता-असफलता की कहानी है। दादर के श्री शिवाजी मंदिर के भव्य हॉल में गीत-संगीत के बीच पुस्तक विमोचन समारोह आयोजित किया गया। देवेंद्र फडणवीस ने रिमोट का बटन दबाकर अनोखे अंदाज में किताब ‘डॅम ईट आणि बरंच काही’ का विमोचन किया.

इस मौके पर देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जब महेश कोठारे की ‘धूमधडाका’ रिलीज हुई थी तब मैं 10 वीं में पढ़ता था। नागपुर से होने के कारण मैं वहां थोड़ी देर से फिल्में देखता था। फिल्म ‘धूमधडाका’ के साथ, कोठारे की सभी फिल्मों ने मराठी सिनेमा में एक नई क्रांति पैदा की। महेश कोठारे, सचिन पिलगांवकर, लक्ष्मीकांत बेर्डे, अशोक सराफ ने मराठी सिनेमा को मधुर बना दिया। महेश कोठारे ने मराठी सिनेमा को बदलने और नई पीढ़ी को जोड़ने का काम किया है। मंदार जोशी ने उनकी एक बेहतरीन जीवनी लिखी है। ‘डॅम ईट आणि बरंच काही’ का जन्म कैसे हुआ, यह भी इस किताब में लिखा गया है।

यह किताब इतने अनोखे अंदाज में पेश की गई है की जैसे ही मैंने किताब उठाई, मैंने उसका अधिकांश भाग पढ़ लिया। कोठारे ने इस किताब में अपना दर्द भी पेश किया है। कोठारे व्यावसायिकता को बहुत महत्व देते थे। नए लोगों के साथ काम करते हुए पुराने एक्टर्स से भी रिश्ता बरकरार रखा। सफलता के शिखर पर पहुंचने के दौरान उन्होंने असफलता भी देखी। मराठी सिनेमा जगत को नई चीजें दीं। वह एक अलग शैली की मराठी फिल्मों के जनक हैं। उनका काम सीरियल ब्रह्मांड में भी मूल्यवान है। मनोरंजन की दुनिया में कोठारे का योगदान अद्वितीय है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा कि कोठारे ने मराठी में अभिनव प्रयोग किए हैं।

महेश कोठारे ने ‘डॅम ईट आणि बरंच काही’ पुस्तक के विमोचन के अवसर पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेरे जीवन का बहुत बड़ा दिन है। मैं बहुत खुश हूं कि आप सब यहां आए और मुझे आशीर्वाद दिया। मैं देवेंद्रजी का ऋणी हूं। इस किताब के जरिए मैंने अपनी पूरी जिंदगी सबके सामने रखी है। इसमें मेरे जीवन के उतार-चढ़ाव शामिल हैं। यह मेरे जीवन का एक भयानक समय था। उस दौरान भी कुछ लोग मेरे पीछे मजबूती से खड़े रहे। वह भी आज यहां मौजूद हैं। किशोर अग्रहलकर, लंदन के साजिद शेख, मछिंद्र चाटे सर जैसे कई लोग हैं, जो उस समय मेरे साथ खड़े थे, इसलिए महेश कोठारे आज इस किताब को आपके सामने ला पा रहे हैं। यह पुस्तक एक संपूर्ण यात्रा है। यदि कोई भी युवा किसी भी क्षेत्र में सफल होना चाहती है तो मुझे लगता है कि उसे इस पुस्तक से प्रेरणा अवश्य मिलेगी। इसी उद्देश्य से यह पुस्तक लिखी गई है।

अखिल मेहता ने कहा कि ‘डॅम ईट आणि बरंच काही’ पुस्तक के निर्माण के माध्यम से, वह स्टारडम के पीछे छिपे आदमी को देख सके। मंदार जोशी ने कोठारे से जुड़ने के सफर के बारे में बताया। इस किताब में महेश कोठारे ने अपनी सफल यात्रा के साथ-साथ अपनी गलतियों को भी कबूल किया है। इसमें चार महीने की बातो से सामने आए कोठरे है। फिल्म ‘धुमधडाका’ पर 40 पृष्ठ हैं। इस मौके पर महेश और सचिन पिलगांवकर की यादें ताजा हो गईं।

समारोह में सचिन पिलगांवकर, महेश कोठारे, निवेदिता सराफ और आदिनाथ कोठारे भी शामिल हुए। निवेदिता ने न केवल कोठारेन के साथ अपनी यादें ताजा कीं, बल्कि किताब से कुछ कहानियां भी पढ़ीं। सचिन पिलगांवकर ने कहा कि अगर सामने प्रतिस्पर्धा करने वाला व्यक्ति न हो तो प्रतिस्पर्धा हो ही नहीं सकती. एक विरोधी के प्रति भी लगाव होता है, जिसका अपना एक अलग अंदाज होता है। वह हमेशा यही महेश के लिए महसूस करते थे। पर्दे के पीछे हम हमेशा अच्छे दोस्त रहे हैं। लोग प्रतिद्वंद्वी होने का आनंद लेते थे लेकिन हम अपनी-अपनी फिल्मों की सिल्वर – गोल्डन जुबली मनाते थे। महेश मेरी सफलता में शामिल होता और मैं हमेशा उसकी खुशी में शामिल होता।

पुस्तक विमोचन समारोह की शुरुआत गजमुखा करतो जयजयकार गीत से हुई…उसके बाद कोठारे के लोकप्रिय गीतों जैसे तुझ्या माझ्या प्रेमाची गोडी…, चिकी चिकी बुबुम बुम…, ही दोस्ती तुटायची नाय.. की प्रस्तुति दी गई। कोठारे की फिल्मों में कुबड्या खविस, टकलू हैवान, तात्या विंचू, कवठ्या महांकाळ भी खलनायक के रूप में दिखाई दिए। समारोह का संयोजन आदिनाथ कोठारे, उर्मिला कोठारे और रोहित हलदीकर ने किया।

इस मौके पर महेश कोठारे, मेहता प्रकाशन के अखिल मेहता, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के आशीष पाण्डेय, पुस्तक के लेखक मंदार जोशी (पत्रकार एवम तारारंगन के संपादक) आदि समारोह में उपस्थित थे। इसके अलावा किरण शांताराम, सचिन पिलगांवकर, निवेदिता सराफ, मछिंद्र चाटे, जयवंत वाडकर, रामदास पाध्ये, उमेश जाधव आदि भी मौजूद रहे।

उत्तराखंड : जोशीमठ में और बढ़ा खतरा, भू-धंसाव की जद में राहत शिविर

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जोशीमठ : जोशीमठ में खतरा कम होने के बजाय हर दिन बढ़ रहा है। सरकार भले ही दावे करे कि ख़तरा कम हो रह है, लेकिन सच यह है कि रोजाना मकानों में दरारें आने की संख्या बढ़ रही है। बढ़ते भू-धंसाव के चलते हालात लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं। जीएमवीएन के जिस गेस्ट हाउस जांच करने के लिए आई विज्ञानिकों की टीम ठहरी है, उसमें भी दरारें आ गयी हैं। राहत शिविर बनाए गए संस्कृत महाविद्यालय के भवनों में भी बारीक दरारें नजर आने लगी हैं।

होटलों को तोड़ने की शुरुआत करने के बाद अब आवासीय भवनों को ढहाये जाने की तैयारी शुरू हो गई है। जबकि  पहले सर्कार ने इससे इंकार किया था। आठ और परिवारों को राहत शिविरों में ले जाया गया। अब तक 258 परिवारों को सुरक्षा की दृष्टि से शिफ्ट किया जा चुका है। जोशीमठ में जांच के लिए आने वाले वैज्ञानिकों और अफसर गांधी मैदान के पास जीएमवीएन के वीआईपी गेस्ट हाउस में ही ठहरते थे। बुधवार की सुबह भवन में दरार दिखते ही कर्मचारियों ने इसकी सूचना चमोली के जिला पर्यटन अधिकारी को दी।

GMVN गेस्ट हाउस की पहले मंजिल में 204 से 208 तक पांच कमरों की दीवारों में हल्की दरारें थीं। जानकारी के अनुसार अब ये दरारें और बढ़ गईं। कमरों और कार्यालय की दीवारों पर दरारें नजर आने लगी हैं। निचले ताल में कुछ जगह पर टाइल्स भी उखड़ने लग गई हैं। इस लिहाज से गेस्ट हाउस के पांच डीलक्स कमरे असुरक्षित हो गए हैं। इतना ही नहीं थाने के पीछे वाले भवनों में भी दरारें आ गई हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में यहां दरारें आई हैं।

भू-धंसाव को लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण चमोली द्वारा जारी दैनिक रिपोर्ट के अनुसार जोशीमठ नगर क्षेत्र के 9 वार्ड में 849 भवन प्रभावित हुए हैं। इसमें से 181 भवन ऐसे हैं जिनको असुरक्षित जोन के अंतर्गत रखा गया है। सुरक्षा की दृष्टि से जिला प्रशासन द्वारा अब तक 258 परिवारों के 865 व्यक्तियों को विभिन्न सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से विस्थापित किया गया है। राहत कार्यों के तहत जिला प्रशासन द्वारा अब तक 500 प्रभावितों को 327.77 लाख रुपये की धनराशि प्रभावित परिवारों में वितरित की जा चुकी है।
प्रभावितों को अब तक 708 खाद्यान किट, 531 कंबल व 926 लीटर दूध, 55 हीटर/ब्लोवर, 79 डेली यूज किट, 48 जोड़ी जूते, 110 थर्मल वियर, 171 हाट वाटर वोटल, 458 टोपी, 280 मौजे, 149 शॉल व 262 अन्य सामग्री का वितरण राहत सामग्री के रूप में किया जा चुका है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर प्रभावितों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है, जिसके तहत राहत शिविरों में रह रहे 707 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है।
प्रभावित क्षेत्रों में 51 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण और 50 पशु चारा बैग वितरण का किया गया। संस्कृत महाविद्यालय में भी प्रशासन ने राहत शिविर बनाया हुआ है। यहां पर 23 परिवारों को रखा गया है लेकिन इस भवन में भी दरारें आई हुई हैं। यहां रह रहे प्रभावित प्रदीप का कहना है कि यहां पर पुरानी दरारें हैं। ऐसी दरारें तो पूरे नगर में दिख रही हैं।

त्रिपुरा में 16 फरवरी, मेघालय और नगालैंड में 27 फरवरी को चुनाव, 2 मार्च को होगी मतगणना

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ECI के तारीखों का ऐलान करने के साथ ही पूर्वोत्तर के 3 राज्यों त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय में चुनावी बिगुल बज जाएगा. तीनों राज्यों में फरवरी-मार्च में चुनाव होना है. तीनों राज्यों में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है. त्रिपुरा में 16 फरवरी को जबकि मेघालय और नगालैंड में 27 फरवरी को चुनाव होंगे. 2 मार्च को तीनों राज्यों में मतगणना होगी.

सीईसी राजीव कुमार ने कहा कि नगालैंड, मेघालय और त्रिपुरा में संयुक्त रूप से 62.8 लाख से अधिक मतदाता हैं, जिनमें – 31.47 लाख महिला मतदाता, 97,000 मतदाता 80+ और 31,700 दिव्यांग मतदाता शामिल हैं. प्रत्येक राज्य में 60 सीटों के लिए चुनाव निर्धारित हैं.

सीईसी ने कहा कि हमने अब नियम बनाया है कि मतदान बूथों पर जो शौचालय, रैंप और पानी की सुविधा दी जाए वो स्थाई हो न कि अस्थाई. ये उन स्कूलों के लिए चुनाव आयोग की ओर से तोहफ़ा होगा जिनमें ये सुविधाएं नहीं हैं. नागालैंड, मेघालय यात्रा की विधानसभाओं का कार्यकाल क्रमशः 12 मार्च, 15 मार्च और 22 मार्च को समाप्त हो रहा है. 97,000 मतदाता 80 वर्ष से अधिक आयु के हैं, 2,600 मतदाता 100 वर्ष से अधिक आयु के हैं.

सीईसी ने कहा कि इन राज्यों में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से ज़्यादा रही है. महिला वोटरों की संख्या भी ज़्यादा है. हम 11 से 14 जनवरी तक तीनों राज्यों के दौरे पर थे. हमने उन लोगों के लिए एडवांस नोटिस का प्रावधान बनाया है जो 17 के हो गए हैं, लेकिन 18 साल के नहीं हुए हैं ताकि 18 साल का होते ही उन्हें वोटर कार्ड मिल जाए और उनका नाम जुड़ जाए. इन तीनों राज्यों में ऐसे 10 हज़ार लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है. तीनों राज्यों में 9000 से ज्यादा पोलिंग स्टेशन होंगे. इनमें 376 ऐसे होंगे जो पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित होंगे.

बड़ी खबर : जेट एयरवेज के चार प्लेन जब्त, ये है बड़ा कारण

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मुबई : स्थानीय अधिकारियों ने ग्रेच्युटी बकाया का भुगतान न करने पर जेट एयरवेज से संबंधित चार विमानों को जब्त कर लिया है। एक नोटिस का हवाला देते हुए, 960,000 रुपये ($11,760.38) और 10% ब्याज के बकाये के भुगतान में चूक के बाद मुंबई जिला प्रशासन ने तीन बोइंग और एक एयरबस विमानों को जब्त कर लिया। जेट एयरवेज ने टिप्पणी के लिए रॉयटर्स के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया।

भारत के राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण ने वाहक जेट एयरवेज के स्वामित्व को संयुक्त अरब अमीरात के व्यवसायी मुरारी लाल जालान और लंदन स्थित कालरॉक कैपिटल के नेतृत्व में एक कंसोर्टियम में स्थानांतरित करने की अनुमति दी है, दो सूत्रों ने पिछले सप्ताह रायटर को बताया।

न्यायाधिकरण, जिसने पहले ही जेट के लिए कंसोर्टियम की संकल्प योजना को मंजूरी दे दी थी, ने भी स्वामित्व की प्रभावी तिथि 16 नवंबर, 2022 निर्धारित की थी, सूत्रों में से एक ने कहा था।

तो खत्म हो जाएगी पूरी मुंबई, आदित्य ठाकरे की चेतावनी!

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मुंबई: आदित्य ठाकरे ने कहा कि सरकार सड़क बनाने की एक बड़ी योजना बना रही है। उनका कहना है कि कंकरीट की सड़कें नहीं बनाई जारी चाहिए। इस तरह की सड़कें पानी नहीं सोखती हैं, इसलिए ऐसी सड़कें नहीं बनाई जानी चाहिए। मुंबई भी धीरे-धीरे ठह जाएगी। साथ ही यह भी कहा है कि जिन कंपनियों को टेंडर दिया गया है। उनके पास काम करने का लंबा अनुभव नहीं है।

ऐसे में बारिश होने पर मुंबई में बाढ़ की स्थिति हो जाएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि इसका जिम्मेदार कौन रहेगा। मुंबई को बेहतर विकास की जरूरत है। ऐसा विकास, जिससे मुंबई को कोई नुकसान ना हो। शिवसेना (यूबीटी) के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने जानना चाहा कि मुंबई में लगभग 400 किलोमीटर सड़कों के कंक्रीटीकरण का प्रस्ताव किसने रखा था।

ठाकरे ने यह भी पूछा कि क्या सड़क के काम को पूरा करने की कोई समय सीमा है। उन्होंने यह भी पूछा कि जब बीएमसी में कोई जनप्रतिनिधि, महापौर या स्थायी समिति नहीं है, तो प्रशासक के लिए यह कितना उचित है कि वह सड़कों के कंक्रीटीकरण का प्रस्ताव करे और खुद मंजूरी दे।

बीएमसी का कार्यकाल पिछले साल मार्च में समाप्त हो गया था और इसके चुनाव होने वाले हैं। ठाकरे ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि ठेकेदारों के लाभ के लिए मुंबई में सड़कों के कंक्रीटीकरण के लिए अधिक कीमत पर निविदाएं जारी की गईं, जिसे रद कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि शहर में 400 किलोमीटर सड़कों को पक्का करने के लिए 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के नए ठेके जारी किए गए हैं।

ठाकरे ने पूछा सड़कों के कंक्रीटीकरण का प्रस्ताव किसने दिया क्योंकि नगरसेवकों जैसे स्थानीय प्रतिनिधि सड़क मरम्मत का प्रस्ताव देते हैं? उन्होंने कहा कि यहां छोटी-छोटी गलियां हैं जहां सालों से डामर (सड़क की कोटिंग के लिए) का इस्तेमाल किया जा रहा है। पेडर रोड और मरीन ड्राइव के मामले में डामर मैस्टिक (कोटिंग) है और वे अभी भी अच्छी स्थिति में हैं।

सड़क पार कर रहे IIT दिल्ली के 2 छात्रों को कार चालक ने कुचला, 1 की मौत, एक घायल

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दिल्ली : एसडीए मार्केट के पास बीती रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। मंगलवार रात एक बेकाबू कार ने सड़क पार कर रहे आईआईटी के दो छात्रों को टक्कर मार दी। हादसे में एक छात्र की मौत हो गई जबकि एक छात्र घायल हो गया।

बता दें कि मंगलवार रात 11.15 बजे के करीब आईआईटी दिल्ली के गेट नंबर 1 के पास यह दुर्घटना हुई है।हादसे में घायल अशरफ नवाज खान (30) की इलाज के दौरान सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई और अंकुर शुक्ला (29) का साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनके पैर में फ्रैक्चर है।

दोनों आईआईटी दिल्ली के सामने एसडीए मार्केट में एक रेस्टोरेंट में खाना खाने के बाद सड़क पार कर रहे थे। इस दौरान नेहरू प्लेस की ओर से आ रही एक कार ने दोनों को टक्कर मार दी। कार कुछ दूरी पर दुर्घटनाग्रस्त हालत में लावारिस हालत में पड़ी मिली है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, बीती रात आईआईटी दिल्ली के एसडीए मार्केट के पास सड़क पार करते समय कार की चपेट में आने से एक छात्र की मौत और एक घायल हो गया। मृतक अशरफ नवाज खान और घायल अंकुर शुक्ला दोनों आईआईटी में पीएचडी के छात्र हैं। दुर्घटनास्थल से कुछ दूरी पर लावारिस हालत में कार मिली है। चालक की पहचान कर ली गई है।

होगी 10 हजार से अधिक कर्मचारियों की छंटनी: रिपोर्ट

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Microsoft Layoffs आज हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है। स्काई न्यूज का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया बताया है कि नौकरियों में कटौती की जाएगी। सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनी अपने वर्क फोर्स की लगभग 5 प्रतिशत नौकरियों में कमी कर सकती है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि लगभग 10,000 लोगों को नौकरी से निकाला जा सकता है। बुधवार को मानव संसाधन और इंजीनियरिंग विभागों में हजारों नौकरियों में कटौती की आशंका है। यह अमेरिकी प्रौद्योगिकी क्षेत्र में होने वाली सबसे नवीनतम छंटनी होगी। आपको बता दें कि Amazon.com और Meta Platforms सहित कई जानी-मानी कंपनियों ने धीमी मांग और बिगड़ते वैश्विक आर्थिक परिवेश के बीच नौकरियों में छंटनी की घोषणा की है।

30 जून तक माइक्रोसॉफ्ट के पास 221,000 पूर्णकालिक कर्मचारी थे। इनमें जिनमें 122,000 यूएसए में और 99,000 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर थे। पर्सनल कम्प्यूटर बाजार में कई तिमाहियों की गिरावट के बाद कंपनी का कारोबार मंदा हो गया है। विंडोज और अन्य नए उपकरणों की बिक्री कम होने के बाद Microsoft अपनी क्लाउड इकाई एज़्योर पर फोकस कर रही है। मालूम हो कि कंपनी ने पिछले साल जुलाई में ही कहा था कि कुछ रोल हमेशा के लिए समाप्त कर दिए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि माइक्रोसॉफ्ट ने 1,000 से कम कर्मचारियों वाले कई विभागों को शटडाउन कर दिया है।

Microsoft 24 जनवरी को तिमाही परिणामों की रिपोर्ट करेगी। माइक्रोसॉफ्ट के इस कदम से यह संकेत मिल सकता है कि तकनीकी क्षेत्र में नौकरियों की कमी जारी रह सकती है। Microsoft हाल के दिनों में मंदी का समाना करने वाली नवीनतम बड़ी टेक कंपनी है। Microsoft द्वारा हाल ही में नई असीमित टाइम ऑफ पॉलिसी लागू की गई है।

माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने टेक उद्योग के सामने संकट का जिक्र करते हुए नौकरियों में कटौती की घोषणा भी की। एक साक्षात्कार में नडेला ने स्वीकार किया था कि दुनिया भर में हो रहे तकनीकी बदलावों का असर Microsoft पर भी पड़ेगा। नडेला ने कहा कि अगले दो साल शायद सबसे चुनौतीपूर्ण होने जा रहे हैं।

बागेश्वर धाम सरकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ केस दर्ज, लगे ये आरोप

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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने का आरोप लगा है. उनके खिलाफ नागपुर में पुलिस केस दर्ज किया गया है. ये केस नागपुर की जादू-टोना विरोध समिति ने दर्ज करवाया है. समिति का कहना है कि अगर पुलिस इस मामले में कार्रवाई नहीं करती है तो वो कोर्ट का रुख करेगी. वहीं, धीरेंद्र शास्त्री ने पलटवार करते हुए कहा है कि यह सब धर्म विरोधी लोगों का कारनामा है.

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने चमत्कार को चुनौती देने वालों को जवाब देते हुए कहा, “हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार. नागपुर में कथा कर बागेश्वरधाम लौटे शास्त्री ने कहा, “हम वर्षों से बोल रहे हैं कि न हम कोई चमत्कारी हैं, न हम कोई गुरू हैं. नागपुर की जादू-टोना विरोध समिति ने आरोप लगाया था कि उन्होंने चमत्कार के दावे कर कानून का उल्लंघन किया है.

जादू-टोना विरोध समिति के संस्थापक श्याम मानव ने कहा है कि हमारा संविधान राम कथा या धर्म का प्रचार करने की अनुमति देता है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन धीरेंद्र कृष्ण ने नागपुर में 7 और 8 जनवरी को आयोजित दिव्य दरबार में चमत्कारी दावे कर कानून का उल्लंघन किया है. समिति संस्थापक का कहना है कि इस दावे का उनके पास वीडियो भी है.

तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव का EC आज करेगा ऐलान

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चुनाव आयोग नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का आज एलान करेगा। एएनआइ के अनुसार, चुनाव आयोग आज त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीख का एलान करेगा।

बता दें कि चुनाव आयोग दोपहर ढाई बजे चुनाव की तारीखों को लेकर प्रेस कांफ्रेंस करेगा। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) आज नागालैंड, मेघालय और त्रिपुरा की विधानसभाओं के आम चुनावों की घोषणा करेगा।

पूर्वोत्तर के तीनों राज्यों में विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2023 में समाप्त हो रहा है। नागालैंड में 12 मार्च, मेघालय में 15 मार्च और त्रिपुरा में 22 मार्च को विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। बता दें कि त्रिपुरा में भाजपा की सरकार है तो वहीं, मेघालय और नागालैंड में भाजपा गठबंधन की सरकार चल रही है।

उत्तराखंड : पीपलकोटी में होगा जोशीमठ का विस्थापन, पहले चरण में बसेंगे इतने परिवार

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देहरादून: जोशीमठ पर मंडरा रहे खतरे से लोगों को अस्थाई समाधान देने के लिए सरकार लगातार कम कर रही है। ताजा जानकारी के अनुसार सरकार ने जोशीमठ के विस्थापन के लिए जमीन तलाश ली है। चमोली जिला प्रशासन ने जीएसआई की ओर से भूमि सर्वेक्षण जांच के बाद पीपलकोटी में स्थायी विस्थापन के लिए दो हेक्टयर भूमि को हरी झंडी दे दी है। अब सीबीआरआई की ओर से भूमि का विकास और भवनों के लेआउट बनाने का काम किया जाएगा।

राज्य सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में पत्रकारों को जानकारी देते हुए सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि समुद्रतल से 1260 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पीपलकोटी में स्थायी विस्थापन के लिए भूमि को चिह्नित कर लिया गया है। जोशीमठ शहर से करीब 36 किमी की दूरी पर स्थित पीपलकोटी में करीब दो हेक्टेयर क्षेत्रफल में 125 से 130 परिवारों को बसाया जाएगा।

यहां लोगों को पक्के मकान बनाकर दिए जाएंगे, जो लोग मुआवजा लेकर खुद घर बनाना चाहेंगे, उसका भी विकल्प दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जीएसआई ने अपनी रिपोर्ट में इस भूमि को स्थायी विस्थापन के लिए उपयुक्त पाया है।

आगे अब सीबीआरआई की ओर से भूमि विकास और लेआउट का काम किया जाएगा। डॉ. सिन्हा ने बताया कि ज्यादातर लोग स्थायी विस्थापन के पक्ष में हैं। पीपलकोटी की भूमि ज्यादातर लोगों को पसंद आई है।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा भी तीन अन्य स्थानों पर स्थायी विस्थापन के लिए भूमि चयन की गई है। इनमें कोटी फार्म, एचआरडीआई की भूमि और ढाक गांव में स्थित भूमि शामिल है। इनमें से एक कोटी फार्म में स्थित उद्यान विभाग की भूमि पर पहले चरण में तीन प्री-फेब्रीकेटिड डेमोस्ट्रेशन भवन बनाए जाएंगे।