Home Blog Page 559

RBI लाने जा रहा है नया पांच वर्षीय बॉन्ड, 6 अप्रैल से शुरू होगी बिक्री

0

अगर आप एक निवेशक है तो आपके लिए एक सुनहरा मौका आने वाला है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 6 अप्रैल को एक नए पांच वर्षीय सरकारी बॉन्ड की नीलामी करने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य फंड इकट्ठा करना है। इसलिए, अगर एक सुरक्षित निवेश की योजना बना रहे हैं तो इस बॉन्ड में निवेश एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

RBI द्वारा जारी बॉन्ड 2028 में मेच्योर होने वाले हैं, जिसके जरिए आरबीआई 8,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसके अलावा, 2033 और 2052 में मेच्योर होने वाले बॉन्ड को भी बाद के समय में लाया जाना है और तीनों बॉन्ड की नीलामी करके आरबीआई कुल 33,000 करोड़ रुपये जुटाने का इरादा रखती है। साथ ही, भारत सरकार के पास प्रत्येक सुरक्षा के लिए 2,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त सदस्यता बनाए रखने का भी विकल्प होगा।

पांच वर्षीय सरकारी बॉन्ड के अलावा, सरकार ने हाल ही में इलेक्टोरल बॉन्ड की 26वीं खेप जारी करने की मंजूरी भी दे दी है। 3 अप्रैल से इसकी बिक्री शुरू कर दी गई है और राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले नकद चंदे के विकल्प के रूप में इलेक्टोरल बॉन्ड पेश किया गया। बिक्री के 26वें चरण में 3 से 12 अप्रैल तक 29 अधिकृत शाखाओं के माध्यम से इलेक्टोरल बॉन्ड जारी करने और भुनाने के लिए अधिकृत किया गया है।

इलेक्टोरल बॉन्ड का आखिरी चरण 19 से 28 जनवरी, 2023 के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और बॉन्ड जारी होने की तारीख से 15 दिनों के लिए वैध होगा। इसके बाद जम होने वाले बॉन्ड पर किसी भी राजनीतिक दल को कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि राजनीतिक दलों के चुनावी चंदे को पारदर्शी बनाने के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड को लाया गया है और ये एक हजार, दस हजार, एक लाख, दस लाख तथा एक करोड़ रुपये के मूल्य के होते हैं।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुनवाई आज, दिल्ली की कोर्ट पहुंचीं जैकलीन

0
Jaiklin

सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े  200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई के सिलसिले में एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस आज दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट पहुंचीं हैं. इस केस में जैकलीन भी आरोपी हैं उनसे ईडी ने कई बार पूछताछ भी की है. जैकलीन इससे पहले भी की बार मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद रही हैं. बता दें कि जैकलीन को दिल्ली कोर्ट से निजी तौर पर कोर्ट में उपस्थिति से छूट भी मिल गई थी. एक्ट्रेस की याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उन्हें ये राहत दी थी.

200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन पर आरोप है कि उन्हें कॉनमैन सुकेश चंद्रशेखर ने ठगी से कमाए पैसों से बेशकीमती तोहफे दिए थे. इनमें बेहद महंगी कार से लेकर श्रीलंका में बंगला भी शामिल है. हालांकि आरोपी सुकेश ने ये भी कहा था कि जैकलीन को इस बारे में कुछ नहीं पता था.

 वहीं, सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के दौरान कई बॉलीवुड एक्ट्रेसेस खासतौर पर नोरा फतेही और जैकलीन फर्नांडीज के नाम सामने आए थे. खबरों के मुताबिक  सुकेश ने पहले अदालत में बयान दिया था कि जैकलीन फर्नांडीज निर्दोष हैं और वह उनका बचाव करने के लिए वहां हैं.इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक सुकेश ने अदालत में कहा था कि जैकलीन इस मामले में शामिल नहीं थी और उसे डरना नहीं चाहिए क्योंकि वह उसकी रक्षा करने के लिए वहां है.

दो गुटों के बीच हुई झड़प, 4 लोग घायल,10 गिरफ्तार

0

महाराष्ट्र : महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में दो समूहों के बीच हुई झड़प में चार लोग घायल हो गए। इस दौरान दंगाइयों ने कुछ वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया और पथराव भी किया। पुलिस ने बुधवार को इस घटना की जानकारी दी।उन्होंने कहा कि अहमदनगर पुलिस ने मंगलवार देर शाम हुई इस घटना के सिलसिले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है और दंगा करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। बता दें कि यह झड़प अहमदनगर-संभाजीनगर मार्ग पर वारुलवाड़ी के पास हुई।

अहमदनगर एमआईडीसी थाने के ड्यूटी अधिकारी ने कहा कि एक मस्जिद के पास से गुजर रहे एक समूह के एक युवक को गजराज नगर इलाके में प्रतिद्वंद्वी समूह के सदस्यों ने कथित तौर पर पीटा, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई। उन्होंने कहा कि झड़प के दौरान एक दोपहिया वाहन में आग लगा दी, जबकि एक चार पहिया सहित कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

अधिकारी ने कहा कि झड़प के कारण पथराव भी हुआ। उन्होंने बताया कि इस घटना में चार लोग घायल हो गए। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्टेटस पोस्ट करने के मुद्दे पर दो समूहों के बीच झड़प हुई। पुलिस अधीक्षक राकेश ओला ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और उन्होंने लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है।

बॉक्स ऑफिस पर ‘भोला’ रफ्तार बनाने में कामयाब, इतने करोड़ के पार हुआ कलेक्शन

0

• T. S. Lama

अजय देवगन की भोला को आखिरकार खुशी मनाने का मौका मिल गया। 30 मार्च को रिलीज हुई भोला ने बॉक्स ऑफिस पर अपने पैर जमाने शुरू कर दिए है। मंगलवार को फिल्म का कलेक्शन 50 करोड़ के पार पहुंच गया। अजय देवगन, दीपक डोबरियाल और तब्बू स्टारर भोला एक एक्शन एडवेंचर फिल्म है। दृश्यम 2 के बाद दर्शकों को अजय की भोला से काफी उम्मीद थी। फिल्म का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। हालांकि, रिलीज के बाद भोला को क्रिटिक्स और दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।

रामनवमी पर रिलीज हुई भोला ने बॉक्स ऑफिस पर 11.20 करोड़ के साथ ओपनिंग की थी। इसके बाद फिल्म के कलेक्शन में गिरावट भी देखने को मिली, लेकिन भोला ने मामला संभालते हुए बिजनेस बचाने की पूरी कोशिश की। अब रिलीज के 6 दिनों के भीतर फिल्म ने 50 करोड़ का कलेक्शन कर बॉक्स ऑफिस पर अपने पैर जमाना शुरु कर दिया है।

भोला के वीकेंड कलेक्शन की बात करें तो शुक्रवार को फिल्म ने 7.40 करोड़ की कमाई की। इसके बाद शनिवार का12.20 करोड़ और रविवार को भोला ने 13.48 करोड़ का कलेक्शन किया। वहीं, मंडे टेस्ट में डगमगाते हुए भोला ने 4.50 करोड़ का बिजनेस किया। मंगलवार को भोला ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी रफ्तार बनाए रखी। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, 4 अप्रैल को भोला ने देशभर में लगभग 4.50 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म का अब तक का टोटल कलेक्शन 53.28 करोड़ हो गया है।

भोला को सिनेमाघरों में तेलुगु फिल्म दसरा से कड़ी टक्कर मिल रही है। साउथ सुपरस्टार नानी के लीड रोल वाली दसरा, भोला के साथ रिलीज हुई है, लेकिन फिल्म ने पांच दिनों में ही 60 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया, जबकि दसरा का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 85 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुका है। वहीं, अजय की भोला को दर्शकों को थिएटर्स तक लाने में अभी मेहनत करनी पड़ रही है।

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गिरफ्तार, 17 साल पहले पॉर्न स्टार के साथ हुई थी सीक्रेट मीटिंग

0

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रिहा कर दिया गया है। पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स से जुड़े आपराधिक मामले में मैनहैटन की अदालत में पेश होने पहुंचे ट्रंप को गिरफ्तार कर लिया गया था। ट्रंप के खिलाफ 2016 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले पॉर्न स्टार को मुंह बंद रखने के लिए पैसे देने और उसे छिपाने के लिए आर्थिक रिकॉर्ड में हेराफेरी समेत 34 आरोप लगे हैं। कोर्ट में पेशी के दौरान ट्रंप ने सभी आरोपों को गलत बताते हुए खुद को बेकसूर बताया।

दलीलें सुनने के बाद अदालत ने ट्रंप को करीब 1.22 लाख डॉलर का जुर्माना भरने का आदेश दिया। जुर्माना राशि स्टॉर्मी डेनियल्स को दी जाएगी। सुनवाई के बाद ट्रंप कोर्ट से रवाना हो गए। इस मामले में अगली सुनवाई चार दिसंबर को होगी। वहीं, ट्रंप आपराधिक मामले में गिरफ्तार होने वाले पहले अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति बन गए हैं।

इससे पहले, न्यूयॉर्क की अदालत ने इस मामले में पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ आपराधिक केस चलाने की मंजूरी दी थी। उसी मामले में वह अदालत में पेश होने पहुंचे थे। बड़ी संख्या में उनके समर्थक मैनहैटन अदालत के बाहर पहुंच गए थे। इसके मद्देनजर अदालत के अंदर और बाहर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। ट्रंप ने पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को पैसे देने के संबंध में कुछ भी गलत करने से इन्कार किया है। मैनहैटन जिला अटॉर्नी के कार्यालय की ओर से मामले की जांच तब शुरू की गई थी जब ट्रंप राष्ट्रपति थे।

इस बीच व्हाइट हाउस ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मामला बाइडेन के लिए बड़ा मुद्दा नहीं है। ट्रंप की कोर्ट में पेशी के संबंध में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करीन जीन-पियरे ने कहा कि ट्रंप पर अभियोग निश्चित रूप से सुर्खियां बटोरेगा, लेकिन वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन का इससे कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। इसमें हमारे लिए ऐसा कुछ नहीं है, जिस पर ध्यान केंद्रित किया जाए। राष्ट्रपति बाइडन का ध्यान अमेरिकी लोगों को महंगाई से राहत पहुंचाने पर है।

वहीं, अदालत में पेश होने से पहले उन्होंने अपने समर्थकों को ईमेल के जरिए एक संदेश भेजा है। इसमें उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका ‘मार्क्सवादी तीसरी दुनिया’ का देश बनता जा रहा है।  इसमें उन्होंने कहा कि मेरी गिरफ्तारी से पहले यह मेरा आखिरी ईमेल है।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा कि आज हम अमेरिका में न्याय के खत्म होने  का शोक मनाते हैं। आज वह दिन है जब एक सत्तारूढ़ राजनीतिक दल अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी को कोई अपराध नहीं करने के लिए गिरफ्तार करता है। उन्होंने आगे लिखा जैसाकि मैं अगले कुछ घंटों के लिए कमीशन से बाहर रहूंगा, मैं इस समय पर आप सभी के समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।

ट्रंप ने अपने मेल में लिखा कि हमारा देश एक थर्ल्ड वर्ल्ड कम्युनिस्ट का देश बनता जा रहा है, जो असहमति को अपराधी बना देता है और अपने राजनीतिक विरोध को जेल में डाल देता है, लेकिन अमेरिका में उम्मीद मत खोइए! हम एक ऐसे राष्ट्र हैं जिसने दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की, दो विश्व युद्ध जीते, और पहले आतमी को आदमी चाँद पर उतारा।  ट्रंप ने आगे लिखा, ‘हमारा आंदोलन बहुत आगे निकल चुका है। मेरे मन में कोई संदेह नहीं है कि हम एक बार फिर जीतेंगे और 2024 में व्हाइट हाउस पहुंचेंगे।

ट्रंप ने गिरफ्तारी से पहले दावा किया कि वर्ष 2024 में वह फिर सत्ता में लौटेंगे। उन्होंने कहा, विश्वास नहीं हो रहा कि अमेरिका में यह सब हो रहा है। उधर, रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसदों में वाकयुद्ध बढ़ गया है। वहीं, वरिष्ठ वकीलों के अनुसार, ट्रंप का जेल जाना दूर की कौड़ी है। उनके खिलाफ पहले आरोप तय होना और फिर दोषी साबित करना ही मुश्किल होगा।

उधर, न्यूयॉर्क में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। लेकिन, पेशी से पहले ही यहां ट्रंप की मुखालफत करने और उनके समर्थन में रैली निकालने वाले लोग भारी संख्या में जमा हो गए। सुरक्षा संभालने के लिए यहां 35,000 से ज्यादा सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। बावजूद इसके जमकर नारेबाजी हुई।

मीडिया कवरेज पर लगी रोक
ट्रंप के मामले में सुनवाई करने वाले कोर्ट ने सोमवार रात को कहा था कि मीडिया संगठनों को ट्रंप को आरोपित करने की प्रक्रिया का प्रसारण करने की अनुमति नहीं होगी लेकिन कुछ कैमरा मैन कार्यवाही के आधिकारिक तौर पर शुरू होने से पहले तस्वीरें ले सकते हैं। माना जा रहा है कि सुनवाई के बाद ट्रंप लोगों की सभा को संबोधित कर सकते हैं।

वकीलों ने कहा, डोनाल्ड ट्रंप पर मुकदमा ही नहीं चलाया जाएगा, लिहाजा उन्हें दोषी ठहराना तो दूर की बात है। विशेषज्ञों के अनुसार, उन्हें सजा हुई तो सीक्रेट सर्विस को जेल में उनकी सुरक्षा का इंतजाम करना होगा। वहीं, एक वकील ने बताया कि इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन को उनके बाद बनने वाले राष्ट्रपति जेराल्ड फोर्ड ने माफ कर दिया था। आरोन बूर, जो पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति थे, उन्हें भी माफ कर दिया गया था। ट्रंप भी जेल नहीं जाएंगे। ट्रंप के वकील के अनुसार, व्हाइट हाउस की दौड़ में शामिल होने के इच्छुक 74 वर्षीय रिपब्लिकन नेता ट्रंप अदालत के समक्ष आपराधिक मामले में दोषी होने से इन्कार करेंगे।

इसके अलावा, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथसोशल पर अपने मामले को लेकर सुनवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि उनकी सुनवाई न्यूयॉर्क से स्टेटन द्वीप ट्रांसफर कर दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले को पास के स्टेटन द्वीप में ट्रांसफर किया जाना चाहिए। वह सुनवाई के लिए उचित और सुरक्षित स्थान होगा।

क्या है मामला
ट्रंप पर एक पोर्न स्टार को भुगतान करने का आरोप सिद्ध हुआ है। एक ग्रैंड जूरी जांच ने उनके खिलाफ अभियोग की मंजूरी दी थी। ऐसे में वह आपराधिक आरोपों का सामना करने वाले पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। इस बीच, स्टॉर्मी ने कहा है कि वह पूर्व राष्ट्रपति से नहीं डरती हैं। ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने पोर्न स्टार को 1.30 लाख डॉलर का गुप्त तरीके से भुगतान किया था। वहीं, सीएनएन के अनुसार, उनके वकील ने कहा था कि पूर्व राष्ट्रपति स्वेच्छा से न्यूयॉर्क कानून प्रवर्तन के सामने आत्मसमर्पण करेंगे और कानूनी चुनौतियों का सामना करने की योजना बना रहे हैं।

CM का बड़ा एक्शन, एक साथ तीन जेलों के अधीक्षक सस्पेंड

0
Yogi Adityanath

लखनऊ: प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड के बाद से योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार एक्शन मोड में है। मामले में आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है।

वहीं, मुख्य आरोपी माफिया डॉन अतीक अहमद से जुड़े लोगों के खिलाफ भी एक्शन हो रहा है। इन लोगों को मदद पहुंचाने वालों पर कार्रवाई चल रही है। इस क्रम में यूपी सरकार ने तीन जेलों के अधीक्षकों को निलंबित कर दिया है।

महानिदेशक, कारागार एसएन साबत की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। प्रयागराज की नैनी जेल, बरेली जेल और बांदा जेल के अधीक्षक निलंबित किए गए हैं। प्रयागराज की नैनी जेल में उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता और आरोपी माफिया डॉन अतीक अहमद का बेटा अली बंद है।

इसके अलावा गैंग के कई सदस्य भी यहां कैद हैं। वहीं, बरेली जेल में अतीक का बड़ा बेटा मोहम्मद उमर और भाई अशरफ बंद हैं। बांदा जेल में मुख्तार अंसारी को रखा गया है। तीनों जेल में कैदियों को सुविधा उपलब्ध कराने के मामले में यह कार्रवाई की गई है।

नाथुला के पास हिमस्खलन, 6 पर्यटकों की मौत, 80 से ज्‍यादा के फंसे होने की आशंका

0

सिक्किम के नाथुला इलाके में मंगलवार को हुए हिमस्खलन में छह पर्यटकों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। वहीं, करीब 80 पर्यटकों के अंदर फंसे होने की आशंका है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

घायलों को राज्य की राजधानी गंगटोक के अस्पताल में लाया जा रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बचाव और निकासी अभियान जारी है। मालूम हो कि नाथुला पास चीन की सीमा पर स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण एक प्रमुख पर्यटन स्थल है।

जानकारी के अनुसार, नाथुला इलाके में मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजकर 20 मिनट पर हिमस्खलन हुआ। घटना के बाद, छह लोगों ने नजदीकी सैन्य अस्पताल में दम तोड़ दिया। मरने वालों में चार पुरुष, एक महिला और एक बच्चा शामिल है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गंगटोक को नाथुला से जोड़ने वाले जवाहरलाल नेहरू रोड पर हिमस्खलन हुआ है।

पुलिस के अनुसार, 150 से अधिक पर्यटक अभी भी घटनास्थल से आगे फंसे हुए हैं। इस बीच, बर्फ में फंसे 30 पर्यटकों को बचा लिया गया है और उन्हें गंगटोक के एसटीएनएम अस्पताल और सेंट्रल रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

बचाव अभियान जारी

जानकारी के अनुसार, फिलहाल सिक्किम पुलिस, सिक्किम के ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन, पर्यटन विभाग के अधिकारियों और वाहन चालकों द्वारा बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

चेकपोस्ट के महानिरीक्षक सोनम तेनजिंग भूटिया के अनुसार, “पास केवल 13वें मील के लिए जारी किए जाते हैं, लेकिन पर्यटक बिना अनुमति के 15वें मील की ओर जा रहे हैं। यह घटना 15वें मील में हुई।

चीन को लेकर PM मोदी की चुप्पी का परिणाम भुगत रहा देश : कांग्रेस

0

अरुणाचल प्रदेश की कई जगहों के नाम रखने पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का कहना है कि चीन को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा क्लीन चिट दे दी गई है। चीन की कार्रवाई पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी कांग्रेस ने सवाल खड़े किए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि देश प्रधानमंत्री मोदी द्वारा चीन को क्लीन चिट दिए जाने का परिणाम भुगत रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने ट्वीट में लिखा कि ‘तीसरी बार चीन ने हिमाकत की है कि वह अरुणाचल प्रदेश में हमारे इलाकों का नामकरण कर रहा है। 21 अप्रैल 2017 को छह जगहों, 30 दिसंबर 2021 को 15 जगहों और तीन अप्रैल 2023 को 11 जगहों के नाम रखे गए। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा। गलवान घटना के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने जो चीन को क्लीन चिट दी, उसी का परिणाम देश भुगत रहा है।

PM Modi

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ‘हाल ही में एक शीर्ष चीनी राजदूत ने दावा किया था कि भारत चीन सीमा पर स्थिति अब स्थिर है लेकिन चीन की आक्रामकता जारी है। अब उसने तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश की जगहों के चीनी नाम जारी किए हैं। इससे पहले 2017 और 2021 में भी ऐसा किया गया था।’ जयराम रमेश ने कहा कि ‘पीएम मोदी की चीन को जून 2020 में दी गई क्लीन चिट और चीन की कार्रवाई पर पीएम की चुप्पी की कीमत देश चुका रहा है।

जयराम रमेश ने कहा कि करीब तीन साल बाद चीन की सेना, भारतीय सैनिकों को रणनीतिक रूप से अहम देपसांग में पेट्रोलिंग नहीं करने दे रही है, जबकि पहले वहां पेट्रोलिंग होती थी। अब चीन अरुणाचल प्रदेश में यथास्थिति को बदलने की कोशिश कर रहा है। चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने रविवार को अरुणाचल प्रदेश की 11 जगहों का नामकरण किया है। ये नाम तिब्बती, चीनी और पिनइन लिपि में रखे हैं। जिन जगहों के नाम रखे गए हैं, उनमें दो आवासीय क्षेत्र, पांच पर्वतीय क्षेत्र और दो नदियों के नाम शामिल हैं। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने यह जानकारी दी है।

 

राइट टू हेल्थ लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना राजस्थान

0

राजस्थान : विधानसभा चुनाव से पहले सीएम अशोक गहलोत जनता को लुभाने के लिए लगातार बड़े एलान कर रहे हैं। इस बीच सीएम अशोक गहलोत ने घोषणा करते हुए बताया कि राइट टू हेल्थ लागू करने वाला देश का पहला राज्य राजस्थान बन गया है।

उन्होंने कहा राइट टू हेल्थ पर सरकार व डॉक्टर्स के बीच सहमति बन गई है और राजस्थान इसे लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर बताया कि ‘मुझे प्रसन्नता है कि राइट टू हेल्थ पर सरकार व डॉक्टर्स के बीच अंततः सहमति बनी एवं राजस्थान राइट टू हेल्थ लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। मुझे आशा है कि आगे भी डॉक्टर-पेशेंट रिलेशनशिप पूर्ववत यथावत रहेगी।’

ये है राइट टू हेल्थ

स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक को हाल ही में राजस्थान विधानसभा में पास कराया गया था। स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक राजस्थान के निवासियों को निजी प्रतिष्ठानों सहित अस्पतालों, क्लीनिकों और प्रयोगशालाओं में मुफ्त इलाज का अधिकार देने का प्रयास करता है। स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक में कहा गया है कि राजस्थान के प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी पूर्व भुगतान के आपातकालीन चिकित्सा सेवा मिलेगी, जिसमें निजी प्रतिष्ठान भी शामिल हैं।

इस विधेयक में यह भी कहा गया है कि सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक व्यक्ति को नि:शुल्क उपलब्ध होंगी, जिसमें ओपीडी और आईपीडी सेवाएं, डॉक्टरों की सलाह, दवाइयां, जांच, आपात स्थिति में एंबुलेंस शामिल होंगी। साथ ही सड़क दुर्घटना में घायलों को निर्धारित नियमानुसार नि:शुल्क एंबुलेंस, उपचार एवं बीमा का अधिकार मिलेगा। इसके अलावा निजी और सरकारी अस्पतालों में आवश्यक शुल्क या शुल्क के पूर्व भुगतान के बिना किसी भी आकस्मिक मामले में आपातकालीन उपचार उपलब्ध होगा। इन आकस्मिक मामलों में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा तय किए गए आपातकाल के अलावा सांप का काटना, जानवर का काटना शामिल है।

इससे पहले स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक के विरोध में राजस्थान में जमकर प्रदर्शन देखने को मिले थे। बीते महीने मार्च में जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के बाहर कई डॉक्टरों ने अपने पंजीकरण, मार्कशीट और स्वास्थ्य के अधिकार विधेयक की प्रतियां जलाकर इसका विरोध किया था। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया था कि उनके द्वारा रखे गए सुझावों को विधेयक में शामिल नहीं किया गया है।

सांई बाबा पर विवादित बयान देकर फंसे बागेश्वर सरकार

0

शिवसेना (उद्धव गुट) युवा सेना के नेता राहुल कनाल ने पुलिस को पत्र लिखकर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के शिरडी साईं बाबा पर दिए गए बयान को लेकर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जबलपुर के पनागर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के आखिरी दिन प्रबुद्ध जनों से संवाद करते हुए साईं बाबा पर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि गीदड़ की खाल पहनकर कोई शेर नहीं हो सकता।

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने साईं बाबा को भगवान मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि साईं बाबा कोई भगवान नहीं हैं। वे संत और फकीर हो सकते हैं, लेकिन भगवान नहीं हो सकते।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि कोई भी संत, वह चाहे गोस्वामी तुलसीदास हों या सूरदास जी हों, वे महापुरुष हैं, युग पुरुष हैं, कल्प पुरुष हैं, लेकिन भगवान नहीं हैं।

जब धीरेंद्र शास्त्री से पूछा गया कि साईं बाबा की पूजा करनी चाहिए या नहीं, इस पर उन्होंने कहा कि शंकराचार्य ने साईं बाबा को देवताओं का स्थान नहीं दिया है और शंकराचार्य की बात मानना, प्रत्येक सनातनी का धर्म है, क्योंकि वे अपने धर्म के प्रधानमंत्री हैं।

ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने साईं बाबा की पूजा और मंदिरों में उनकी प्रतिमा स्थापित करने का विरोध किया था। उन्होंने साईंबाबा को भगवान मानने से इनकार करते हुए मोमिनवंशी बताया था।