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फिल्मों में एंट्री से पहले ही शाह रुख की लाडली बनी फेमस ब्रांड का फेस

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  • T.S. Lama 

शाह रुख खान की लाडली सुहाना खान फिल्मों में आने से पहले ही सोशल मीडिया स्टार बन चुकी हैं। इंस्टाग्राम पर उनके चाहने वालों पर खूब प्यार बरसाते हैं। वह जल्द ही निर्देशक जोया अख्तर की नेटफ्लिक्स रिलीज फिल्म ‘द आर्चीज’ से बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपनी शुरुआत करने जा रही हैं।

जिसमें उनके साथ बोनी कपूर की बेटी और अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा भी नजर आने वाले हैं। हालांकि, अब सुहाना खान को एक्टिंग में अपना टैलेंट दिखाने से पहले ही एक बहुत बड़ा मौका मिला है। वह फेमस ब्यूटी ब्रांड की ब्रांड एम्बेसडर बन गई हैं।

22 साल की सुहाना कम उम्र में भी खूबसूरती के साथ-साथ अपना बोल्ड अंदाज दिखाने से कभी पीछे नहीं रही हैं और ऐसा ही एक बार फिर देखने को मिला। सुहाना को न्यूयॉर्क स्थित एक ब्यूटी ब्रांड को अपना नया फेस बनाया। इसका हाल ही में एक इवेंट भी हुआ, जिसकी फोटोज और वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुई।

इस इवेंट में चटकीली रेड पैंट्स के साथ क्रॉप जैकेट में नजर आईं। उन्होंने ब्यूटी ब्रांड का नया चेहरा बनने पर अपनी खुशी भी व्यक्त की। हालांकि, एक तरफ जहां कुछ लोग उन्हें नेपो किड कहकर ट्रोल करने से बाज नहीं आए, तो वहीं उनकी एक अदा ने फैंस को कई इतना इम्प्रेस किया कि उन्होंने सुहाना खान को बॉलीवुड की अगली दीपिका पादुकोण कहते दिखे।

बड़ी खबर: बठिंडा के आर्मी कैंप में फायरिंग, चार जवानों की मौत

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पंजाब : बठिंडा से बड़ी खबर सामने आ रही है। बठिंडा के मिलिट्री स्टेशन में अंधाधुंध गोलीबारी हुई है। गोलीबारी में चार लोगों की मौत की खबर है। बताया जा रहा है कि गोलीबारी की घटना बुधवार तड़के साढ़े चार बजे की है।

गोलीबारी की वजह का पता नहीं चल सका है। इसका पता भी नहीं चला है कि इस वारदात को किसने अंजाम दिया। आला अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि है कि फायरिंग सुबह चार बजकर 35 मिनट पर हुई है। इलाके में क्विक रिएक्शन टीम सक्रिय हो गई हैं। पूरे इलाके को घेरकर सील कर दिया गया है। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है।

 

आज शुरू होगी तेल कलश गाड़ू घड़ा यात्रा, पिरोया गया तिलों का तेल

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• 13 अप्रैल प्रात: गाडू घड़ा तेलकलश मंदिर समिति के चेलाचेतराम धर्मशाला में दर्शनार्थ रहेगा दोपहर बाद श्रीनगर गढ़वाल प्रस्थान।

ऋषिकेश: श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत द्वारा आयोजित श्री बदरीनाथ धाम गाडू घड़ा तेलकलश यात्रा इस यात्रा वर्ष राजदरबार नरेन्द्र नगर से शुरू हो गई है। इससे पहले प्रात: राजमहल में महारानी के साथ सुहागिन महिलाओं द्वारा तिलों का तेल पिरोया गया।

राजा मनुजयेंद्र शाह तथा महारानी मालाराज्य लक्ष्मी शाह राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल की उपस्थिति में गाडू घड़ा यात्रा को राजदरबार से श्री बदरीनाथ धाम के लिए रवाना करेंगे। आज शाम को तेल कलश मंदिर समिति के चेलाचेतराम धर्मशाला रात्रिविश्राम हेतु पहुंचेगा।

डिमरी धार्मिक पंचायत के पदाधिकारी / प्रतिनिधि श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर डिम्मर (सिमली-चमोली) से रात्रि प्रवास हेतु ऋषिकेश पहुंचे। जहां से आज ऋषिकेश से डिमरी पंचायत प्रतिनिधि तेलकलश के लिए नरेन्द्र नगर राजदरबार पहुंचे, जहां से तेल कलश यात्रा शुरू होगी।

बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को प्रात: 7 बजकर 10 मिनट पर विधि-विधान से खुल जायेंगे ऋषिकेश, देवप्रयाग, श्रीनगर, रूद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, डिम्मर होते हुए तेलकलश यात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए 26 अप्रैल शाम को बदरीनाथ धाम पहुंच जायेगी।

कपाट खुलने के अवसर पर गाडू घड़ा के तिलों के तेल से भगवान बदरीविशाल का छ: माह तक यात्राकाल में अभिषेक किया जाता है‌ तेलकलश यात्रा 12 अप्रैल को नरेन्द्र नगर राजदरबार से शुरू होगी इसी दिन रात्रि निवास को मंदिर समिति के चेला चेतराम धर्मशाला ऋषिकेश पहुंचेगी। 13 अप्रैल को प्रात: से ही दोपहर तक चेलाचेतराम धर्मशाला ऋषिकेश में तेलकलश के दर्शन होंगे।

मनीष कश्यप मामला : सुप्रीम कोर्ट का केंद्र और बिहार सरकार को नोटिस, तमिलनाडु से भी मांगा जवाब

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Supreme Court

तमिलनाडु में बिहारी श्रमिकों पर हमले का फर्जी वीडियो प्रसारित करने के मामले में गिरफ्तार यूट्यूबर मनीष कश्यप की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। शीर्ष न्यायालय ने इस मामले में केंद्र के साथ-साथ बिहार और तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस कृष्ण मुरारी और संजय करोल की पीठ ने याचिका की आगे की सुनवाई 21 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध की है।

बता दें कि यूट्यूबर मनीष कश्यप ने सुप्रीम कोर्ट ने याचिका दायर की है, जिसमें उसने अपने खिलाफ विभिन्न स्थानों पर दायर प्राथमिकियों को एक साथ सम्बद्ध करने का अनुरोध किया है। याचिका में कहा गया है कि उसके खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गईं हैं, जिनमें बिहार में तीन और तमिलनाडु में दो प्राथमिकी शामिल है। मनीष कश्यप ने अर्जी दाखिल कर अंतरिम जमानत की भी मांग की है।

मनीष कश्यप की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने पत्रकार अर्नब गोस्वामी के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि एक ही अपराध के लिए अलग-अलग मामले दर्ज नहीं किए जा सकते। सिद्धार्थ दवे ने बिहार में यूट्यूबर के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को मुख्य प्राथमिकी बनाने की अपील की। मनीष कश्यप की तरफ से कहा गया कि मुझे तमिलनाडु ले जाया जा रहा है, जहां मुझे भाषा भी समझ में नहीं आती है। यह आश्चर्यजनक है और देश की संप्रभुता के लिए खतरा है।

वहीं, तमिलनाडु की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा और कहा कि कश्यप की हरकत से मौतें हुई हैं और यह कोई साधारण मामला नहीं है। कश्यप को पहले ही राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया जा चुका है।

तमिलनाडु के जेल में बंद है मनीष कश्यप
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने 29 मार्च को तमिलनाडु पुलिस मनीष कश्यप को प्रोडक्शन वारंट पर अपने साथ चेन्नई ले गई थी। वहां मदुरई कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस को तीन दिनों की रिमांड मिली थी, जिसमें उससे पूछताछ की गई थी। अभी फिलहाल वह 19 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में है। मनीष के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

‘पायलट’ ने भरी उड़ान, अपनी सरकार के खिलाफ अनशन पर बैठे

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राजस्थान कांग्रेस के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपनी ही प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पिछली वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार पर कार्रवाई को लेकर आज पायलट एक दिवसीय उपवास पर बैठ गए हैं। सचिन जयपुर के शहीद स्मारक के सामने अनशन कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट के इस अनशन को राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के खिलाफ ही माना जा रहा है। दरअसल, पायलट ने बीते दिनों एक प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा था कि वो सीएम को बीते दो सालों से भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के लिए कई चिट्ठियां लिख चुके हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में कई घोटाले हुए थे और इसी को लेकर हमारी सरकार बनी थी, लेकिन इसपर कार्रवाई नहीं हुई है।

भ्रष्टाचार पर हो कार्रवाई

पायलट ने कहा कि वो राज्य से भ्रष्टाचार का खात्मा चाहते हैं और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मांग को लेकर वो आज अनशन कर रहे हैं। सचिन के अनशन से एक दिन पहले कांग्रेस ने उन्हें चेतावनी भी दी थी और कहा था कि ये अनशन पार्टी विरोधी गतिविधि माना जाएगा।

आज ED के समक्ष पेश होंगे तेजस्वी यादव, ये हैं आरोप

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नई दिल्ली : रेलवे की नौकरी के बदले जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव मंगलवार को दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के सामने पेश होंगे. खबर है कि ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर PMLA के तहत आपराधिक धारा में एक नया केस दर्ज किया है.

इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय तेजस्वी यादव से पूछताछ करेगी. पिछले महीने की 26 तारीख को इसी मामले में सीबीआई ने तेजस्वी यादव से पूछताछ की थी. पूछताछ के बाद उन्होंने कहा था कि हमने सहयोग किया है. लेकिन सच्चाई यह है कि कोई घोटाला हुआ ही नहीं है.

उन्होंने कहा था कि 26 मार्च को ही इस मामले में ईडी ने मीसा भारती से पूछताछ की थी. इस केस में सीबीआई लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी से भी पूछताछ कर चुकी है. इसके अलावा ईडी ने लालू परिवार और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी.

क्या हैं जांच एजेंसी के आरोप ?

जांच एजेंसी का आरोप है कि तेजस्वी का जो एनएफसी में घर है, वो भी इसी घोटाले की आय का हिस्सा है. ये घर एबी एक्सपोर्ट नाम की कंपनी के नाम से रजिस्टर्ड है ,ये कंपनी यादव परिवार की है. ये घर महज 4 लाख रुपए में लिया गया जबकि इस घर की मौजूदा मार्केट वैल्यू 150 करोड़ है.

ईडी का आरोप है कि घोटाले का जो पैसा कैश में था उसका इस्तेमाल इस प्रोपर्टी और दूसरी संपत्तियों को बेचने और खरीदने में किया गया. मुंबई के कुछ गहने के कारोबारी भी इस डील में शामिल थे. इसके अलावा एनएफसी के घर से दो कंपनियों एबी एक्सपोर्ट्स और एके इंफोसिस्टम्स के दफ्तर चलाए जा रहे थे.

कथित तौर पर यादव परिवार द्वारा 7.5 लाख रुपये में चार प्लॉट का अधिग्रहण किया गया और राजद के पूर्व विधायक अबू दोजाना को 3.5 करोड़ रुपये में बेच दिया गया. इसके बाद पैसा कथित रूप से तेजस्वी यादव के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया गया.

ईडी ने आगे दावा किया है कि इसकी जांच में यह पाया गया कि अपराध की आय लगभग 600 करोड़ रुपये है, जिसमें से 350 करोड़ रुपये अचल संपत्तियों और 250 करोड़ रुपये के लेनदेन के रूप में है जो कई बेनामीदारों के माध्यम से किया गया था.

शिंदे को उड़ा दूंगा, महाराष्ट्र के CM को मिली जान से मारने की धमकी

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को जान से मारने की धमकी मिली है. महाराष्ट्र पुलिस के कंट्रोल रूम में फोन करके कॉलर ने कहा कि मैं एकनाथ शिंदे को उड़ा दूँगा और इतना कहकर उसने फ़ोन कट कर दिया.

महाराष्ट्र पुलिस को कंट्रोल नंबर 112 नंबर एक कॉल मिली थी. यह कॉल सोमवार (10 अप्रैल) को देर शाम आई थी. फोन करने वाले ने पुलिस से कहा कि वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को उड़ा देगा.

पुलिस ने कॉलर को किया गिरफ्तार

सीएम को धमकी की कॉल के बाद पुलिस तुरंत एक्टिव हो गई और कॉलर की लोकेशन ट्रेस की. इसके बाद पुणे पुलिस ने कॉलर को गिरफ्तार कर लिया. कॉलर मुंबई के धारावी इलाके का रहने वाला है. पूछताछ में पता चला कि कॉलर ने जब फोन किया था, उस समय वह शराब के नशे में था.

मुख्यमंत्री को धमकी देने वाले शख्स का नाम राजेश आगावने है. उसे पुणे के वारजे इलाके से हिरासत में लिया गया. राजेश के कॉल करने के बाद से उसकी तलाश महाराष्ट्र एटीएस और मुंबई क्राइम ब्रांच भी कर रही थी.

मुंबई क्राइम ब्रांच की एक टिम रात में धारावी स्थित उसके घर पर भी गई थी लेकिन वहां नहीं मिला. पुलिस को उसकी लोकेशन पुणे में मिली, जिसके बाद पुणे पुलिस और नागपुर एटीएस की टीम ने उसे वहां से हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की.

14 दिन की न्यायिक हिरासत में काजल हिंदुस्तानी, जानें कौन हैं वो…

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गुजरात की एक अदालत ने दक्षिणपंथी नेता  में भेज दिया है। काजल हिंदुस्तानी के भड़काऊ भाषण के कारण उना में राम नवमी पर दंगे भड़कने का आरोप है। काजल हिंदुस्तानी ने रविवार को ही पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। जिसके बाद काजल हिंदुस्तानी को उना की अदालत के सामने पेश किया गया।

उना के पुलिस इंस्पेक्टर एनके  गोस्वामी ने बताया कि अदालत ने काजल हिंदुस्तानी की जमानत याचिका को खारिज कर उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने रिमांड की मांग नहीं की थी, जिसके बाद काजल हिंदुस्तानी को जूनागढ़ सेंट्रल  जेल भेज दिया गया। आरोप है कि काजल हिंदुस्तानी ने 30 मार्च को राम नवमी के अवसर पर भड़काऊ भाषण दिया। जिसके चलते एक अप्रैल की रात उना में दंगे हुए। पुलिस ने दो अप्रैल को इस मामले में  एफआईआर दर्ज की और काजल हिंदुस्तानी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153, 295 ए के तहत मामला दर्ज कर लिया था।

अपने ट्विटर बायो में काजल हिंदुस्तानी खुद को एंटरप्रेन्योर, रिसर्च एनालिस्ट, सामाजिक कार्यकर्ता और राष्ट्रवादी बताती हैं। साथ ही वह खुद को गर्व से भारतीय भी बताती हैं। ट्विटर पर काजल हिंदुस्तानी के 92 हजार फॉलोअर्स हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं। विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रमों में भी काजल हिंदुस्तानी शामिल होती रहती हैं। अपने भड़काऊ बयानों के चलते वह अक्सर चर्चा में रहती हैं।

बता दें कि उना दो दिनों तक सांप्रदायिक तनाव से धधकता रहा था। इस दौरान दो समुदायों में हिंसक झड़प और पथराव की घटनाएं हुईं थी। पुलिस ने उना हिंसा मामले में 76 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की थी। साथ ही 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी आईपीसी की धारा 323, 337, 143, 147 और 148 के तहत केस दर्ज किया गया था। उना हिंसा मामले में पुलिस ने अभी तक 96 लोगों को गिरफ्तार किया है।

उत्तराखंड : ऐसा कुता जिसका सामना करने से बाघ भी डरता है, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

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कुत्ता पालना लोगों का शौक बन गया है। शौक के चक्कर में लोग कई तरह की प्रजाति के कुत्तों को पालते हैं। कुत्तों का शौक रखने वाले लाग इनके लिए लाखों खर्च कर देते हैं। कई कुत्ते खूंखार तो कुछ कुत्ते बेहद डरपोक होते हैं। कहा जाता है कि कुत्ता अपने मालिक का वफादार होता है। असल में कुत्तों का इतिहास देखा जाए तो कुत्ते भेड़िये की एक प्रजाति हैं। कुत्ते की उम्र औसतन 12 साल होती है।

दुनियाभर में चाहे कितने ही तरह के कुत्ते क्यों ना हों? चाहे कितने ही महंगे हों? कितना ही ताकतवर क्यों ना हो, लेकिन बाघ (शेर) के सामने सब बौने साबित हो जाते हैं। खतरनाक, ताकतवर और महंगे से महंगे कुत्ते भी शिकार हो जाते हैं। लेकिन, उत्तराखंड का एक ऐसा कुत्ता है, जिसके आगे बाघ भी पानी मांगता है।

खास और भरोसमंद पहरेदार

ऐसा कुत्ता जिसका सामना होने पर या तो बाघ मारा जाता है या फिर भागने को मजबूर हो जाता है। यह कुत्ता कोई और नहीं, बल्कि भोटिया प्रजाति का कुत्ता है। यह कुत्ता खासकर उच्च हिमालयी क्षेत्र में पाया जाता है। पशु पालन और भेड़-बकरी पालन करने वालों का ये सबसे खास और भरोसमंद पहरेदार होता है। जिनके पास भोटिया कुत्तों का जोड़ा होता है, उनको पशुओं और भेड़-बकरियों की चिंता ही नहीं रहती है। भोटिया कुत्ते अकेले ही सब संभाल लेते हैं।

भोटिया कुत्ते बेहद शांत होते हैं। लेकिन, ये जितने शांत होते हैं, उससे कहीं ज्यादा खूंखार होते हैं। यह बकरियों के झुंड को सही सलामत घर लेकर लौटता है। जब तक यह बकरियों के झुंड के आसपास होते हैं, तब तक बाघ और अन्य जंगली जानवर बकरियों के पास तक नहीं भटकते हैं। इन कुत्तों के स्वभाव में ही लीडरशिप है, इनके स्वभाव को कोई भी डॉग ट्रेनर आसानी से नहीं बदल सकता है। यह एक हिमालयन शीपडॉग है, यानी हिमालयी राज्यों में भेड़ों का रखवाला।

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सीधा मुकाबला करने से डरते हैं

बाघ, गुलदार और तेंदुए भोटिया कुत्तों से नहीं उलझते हैं। दरअसल इनके विशाल रूप को देखकर वह इन्हें कोई जंगली नस्ल का भेडिया समझ लेते हैं और सीधा मुकाबला करने से डरते हैं। अगर इनका मुकाबला बाघ से हो भी जाए तो यह बाघ को पटखनी दे देते हैं। भोटिया कुत्ते का शिकार करना बाघ के लिए आसान नहीं होता है।

अगर इनके मालिक पर कोई हमला करे तो यह उस इंसान या जानवर पर कोई दया नहीं दिखाते हैं। एक रिसर्च के मुताबिक, भोटिया कुत्तों का झुंड आपस में काफी तालमेल के साथ काम करते हैं। यह पालतू मवेशियों को अपने सुरक्षा घेरे में लेकर चलता है। भेड़ों को यह एक साथ बीच में रख देते हैं और चारों तरफ से सुरक्षा देते हुए चलते हैं। इनकी व्यू रचना को तोड़ना बाघ के लिए आसान नहीं होता है।

भोटिया कुत्ते की पहचान
यह काले या अन्य गहरे रंगों के होते हैं. इनमें कई बार लाल, भूरे तथा काले-सफेद मिक्स भी देखने को मिल जाते हैं। एक नर कुत्ते की ऊंचाई 28 से 34 इंच तक तथा मादा की 26 से 32 इंच के बीच होती है। नर भोटिया कुत्ते का वेट 45 से 80 किग्रा और मादा का 35 से 60 किग्रा होता है। इसकी पहचान का एक अन्य तरीका यह भी है कि लगभग हर भोटिया कुत्ता ताकतवर होने के साथ शांत स्वभाव का भी होता है। यह अकारण किसी इंसान या जानवर से नहीं उलझता है। लेकिन, अगर कोई इसके लिए खतरा बन जाये तो यह बहुत आक्रमक हो जाता है।

तिब्बती मास्टिफ की प्रजाति
भोटिया कुत्ता तिब्बती मास्टिफ की एक प्रजाति है, लेकिन यह डील-डौल और आकार में तिब्बती मास्टिफ से कम होता है। यह एक हिमालयन शीपडॉग है। यानी हिमालीय राज्यों में भेड़ों का रखवाला। इन्हें यह नाम इसलिए भी दिया गया है, क्योंकि यह भेड़- बकरियों के न केवल संरक्षक होते हैं। बल्कि, जानवरों और इंसानों के छोटे बच्चों को बहुत प्यार भी करते हैं।

जारी हो चुकी डाक टिकट
भोटिया कुत्तों की खूबियां देख इनकी फोटो वाली डाक टिकट तक जारी हो चुकी है। भारतीय डाक विभाग ने हिमालयन शीप डॉग या भोटिया की फोटो वाली डाक टिकट विगत 9 जनवरी 2005 को जारी की थी। इससे इनकी लोकप्रियता का पता चल सकता है।

 

अब यहां कोई भी खा सकता है जेल की रोटी!…VIDEO

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क्या आपने कभी जेल की रोटी खाई है। अगर नहीं खाई है तो आप बेंगलुरू की सैर करनी होती है. वहां आपको आसानी से जेल की रोटी मिल जाएगी। खास बात यह है कि आपको को कोई अपराध भी नहीं करना हैण् आप पैसे देकर आरोप से जेल की रोटी खा सकते हैंण्

सोश मी मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है। दरअसल, बिजनेसमैन हर्ष गोयनका ने जेल का ऐसा ही एक ट्वीट शेयर किया है, जहां लोग सलाखों के पीछे बैठकर, जेल के बर्तनों में लजीज पकवानों का मजा उठा रहे हैं. इस खाने की हकीकत जानकर आप भी एक बार जरूर चखना चाहेंगे, जेल के इस खाने का स्वाद.

इस ट्वीट को शेयर करते हुए हर्ष गोयनका ने लिखा है कि जेल के मजे खाओ, इसे किसी ने जस का तस मान लिया.श् इस वीडियो में एक शख्स सेंट्रल जेल के दरवाजे पर खड़ा है. बाहर एक जेल प्रहरी भी तैनात नजर आ रहा है, लेकिन जेल में घुसते ही नजारा बदल जाता है. यहां कैदियों पर सख्ती होती नजर नहीं आती, बल्कि सलाखों के पीछे उन्हें स्वादिष्ट डिशेज परोसी जा रही हैं.

ये दरअसल, एक जेल रेस्टोरेंट है, जो बेंगलुरु में स्थित है. आप भी अगर ये एक्सपीरियंस करना चाहते हैं कि, जेल के बर्तन और सलाखों के पीछे पत्थर की कुर्सी टेबल पर बैठकर खाना कैसा लगता है, तो इस रेस्टोरेंट में जाकर एक्सपीरियंस कर सकते हैं.

जेल रेस्टोरेंट या लॉकअप रेस्टोरेंट के नाम से मशहूर इस जगह का वीडियो देखकर यूजर्स भी मजेदार सवाल कर रहे हैं. एक यूजर ने हैरानी के साथ पूछा है कि, श्क्या सच में ऐसा है? आगे उसने लिखा है कि, कहीं ऐसा तो नहीं कि खाने की शिकायत करने पर वो वाकई सजा भी दे दें.श् एक यूजर ने लिखा कि, श्यहां जेल की यूनिफॉर्म भी मिलना चाहिए.