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खड़े ट्रक से टकराई कार, पांच लोगों की मौत, 13 घायल

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देश में हर दिन कोई ना कोई हादसा होता ही रहता है। हर दिन होने वाले सड़क हादसों में लोगों की जानें जाती रहती हैं। इन हादसों के लिए तेज गति से वाहन चलाना, लापरवाही से ड्राइविंग करने समेत नशे में वाहन चलाने समेत कई दूसरे कारण भी जिम्मेदार होते हैं।

ऐसा ही एक हादसा कर्नाटक में सामने आया है। इस हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, 13 लोग घायल हैं। कर्नाटक के यादगिरि जिले के बलिचकरा क्रॉस के पास एक खड़ी ट्रक से कार टकरा गई। इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई तो वहीं 13 घायल हुए हैं।

बृजभूषण शरण सिंह के घर पहुंची पुलिस, करीबियों और सहयोगियों के बयान दर्ज

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दिल्ली पुलिस सोमवार देर रात भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के लखनऊ और गोंडा स्थित घरों पर पहुंची। पुलिस ने बृजभूषण के 15 कर्मचारियों से पूछताछ की। इनमें ड्राइवर, सुरक्षाकर्मी, माली और नौकर भी शामिल थे। दिल्ली से आई टीम में 5 पुलिसकर्मी थे।

लखनऊ में 3 कर्मचारियों से पूछताछ के बाद टीम​​​​​ ​गोंडा के बिश्नोहरपुर स्थित घर गई। यहां करीब डेढ़ घंटे तक 12 कर्मचारियों से सवाल-जवाब किए। उनका नाम-पता नोट किया। बृजभूषण की वर्किंग और व्यवहार को लेकर पूछताछ की। बयान दर्ज करने के बाद टीम रात 11:30 बजे दिल्ली रवाना हो गई।

बृजभूषण शरण सिंह ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने हमसे कोई पूछताछ नहीं की। क्योंकि, पुलिस 2 बार पहले ही 5-6 घंटे दिल्ली में पूछताछ कर चुकी है। हमारे यहां काम कर रहे ड्राइवर-नौकर के बयान दर्ज किए हैं।

उत्तराखंड: देश के शीर्ष 50 चिकित्सा संस्थानों की सूची जारी, 22वें नंबर पर AIIMS

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देहरादून: नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिग फ्रेमवर्क (एनआइआरएफ) द्वारा देश के सर्वोच्च 50 चिकित्सा संस्थानों की सूची सोमवार को जारी कर दी है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश को इस बार देश के चुनिंदा 50 चिकित्सा संस्थानों में 22 वां स्थान हासिल हुआ है। पिछली बार एम्स ऋषिकेश 49वें नंबर पर था। संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह ने इसे टीम वर्क से की गई मेहनत का प्रतिफल बताया है।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश को देश के चुनिंदा 50 चिकित्सा संस्थानों में 22 वां स्थान हासिल हुआ है। शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) रैंकिंग 2023 की सूची जारी की। उत्कृष्ट मेडिकल काॅलेजों की सूची में इस बार एम्स दिल्ली 94.32 स्कोर प्राप्त कर देश में पहले स्थान पर रहा है। जबकि एम्स ऋषिकेश ने पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार बढ़त हासिल कर 60.06 स्कोर के साथ 22वां स्थान हासिल किया है।

उल्लेखनीय है कि एनआईआरएफ द्वारा कई श्रेणियों में देश के शैक्षणिक संस्थानों की लिस्ट जारी की जाती है। एनआईआरएफ रैंकिंग की शुरुआत वर्ष -2016 में प्रारंभ हुई थी।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सुषमा स्वराज के हाथों वर्ष- 2004 में एम्स ऋषिकेश की आधार शिला रखी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से उस दौरान ऋषिकेश के अलावा बिहार के पटना, मध्यप्रदेश के भोपाल, उड़ीसा के भुवनेश्वर, राजस्थान के जोधपुर और छत्तीसगढ़ के रायपुर में भी नए एम्स की स्थापना की गई थी।

गौरतलब है कि एम्स ऋषिकेश में यूजी कोर्स की पढ़ाई वर्ष- 2012 में शुरू हुई थी। मौजूदा समय में यहां मेडिकल, नर्सिंग व पैरामेडिकल में यूजी, पीजी और सुपरस्पेशलिटी के कोर्स संचालित हो रहे हैं। जबकि वर्तमान में प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह संस्थान की कार्यकारी निदेशक के पद पर संस्थान का नेतृत्व कर रही हैं। नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिग फ्रेमवर्क (एनआइआरएफ) द्वारा सोमवार को जारी की गई रैंकिंग सूची में इस बार एम्स पटना को 27वां, एम्स भोपाल को 38वां और एम्स रायपुर को 39वां स्थान प्राप्त हुआ है।

एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डा.) मीनू सिंह ने इसे संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि एम्स ऋषिकेश के आचार्य, सह आचार्य, चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य सभी अधिकारी व कर्मचारियों के सामुहिक प्रयास से ही संस्थान ने यह बढ़त हासिल की है। उन्होंने कहा कि टीम वर्क के आधार पर हमारा प्रयास होगा कि भविष्य में ऑल इंडिया रैंकिंग में और बेहतर प्रदर्शन कर हम सर्वोच्च स्थान हासिल कर सकें।

संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि रैंकिंग में इन सभी चिकित्सा संस्थानों के स्नातक और परास्नातक प्रोग्राम, स्टूडेंट स्ट्रैंथ प्रोग्राम, प्लेसमेंट एंड हायर स्टडीज प्रोग्राम के मानकों को परखा जाता है। उन्होंने बताया कि इन सभी में एम्स ऋषिकेश ने बेहतर प्रदर्शन कर यह स्थान पाया है।

लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेई इकाना स्टेडियम में गिरा बोर्ड, तीन लोग दबे!

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लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेई इकाना स्टेडियम में बड़े हादसे की जानकारी मिल रही है. बता दें कि आंधी और तेज हवाओं के चलते स्टेडियम में लगा बोर्ड गिर गया और इसके नीचे तीन लोगों के दबे होने की सूचना है. हालांकि, अब तक स्थिति साफ़ नहीं हो पाई है।

लखनऊ में इकाना स्टेडियम का बोर्ड नीचे गिर जाने से कई लोग दब गए। घटना में एक गाड़ी भी नीचे दब गई है। बोर्ड को हटाने के लिए क्रेन की मदद ली जा रही है। राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम का बोर्ड सोमवार की शाम को गिर गया। जिसके नीचे कई लोग दब गए।

मामले में बचाव कार्य जारी है। पुलिस मौके पर मौजूद है। स्पेशल डीजी एलओ का कहना है कि दो से तीन लोग नीचे दबे हैं। क्रेन की मदद ली जा रही है। मलबे में एक कार भी नीचे दब गई है। राहत व बचाव कार्य जारी है।

CM धामी और वन मंत्री सुबोध उनियाल ने विश्व पर्यावरण दिवस पर किया पौध रोपण

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मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी और वन मंत्री सुबोध उनियाल ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास के समीप वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्कूल के छात्र-छात्राओं को जूट के बैग भी प्रदान किये।मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर घोषणा की कि राज्य के चार जनपदों देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर एवं नैनीताल में 50-50 किमी के साईकिल ट्रैक बनाये जायेंगे एवं 09 जनपदों में यथा संभव साईकिल ट्रैक बनाये जायेंगे। राज्य में स्प्रिंग व रिवर रिजुवनेशन बोर्ड बनाया जायेगा। सभी 13 जनपदों में स्वच्छता के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली एक-एक ग्राम पंचायत को पुरस्कृत किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारियों की बैठक लेते हुए निर्देश दिये कि जनपदों में पर्यावरण संरक्षण के लिए नियमित जन जागरूकता अभियान चलाये जाए और इस दिशा में विभिन्न विभागों के माध्यम से लगातार कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान के लिए जन सहयोग भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध जल, हवा, मिट्टी एवं पर्यावरण मिले, इसके लिए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सभी को ध्यान देना होगा। वैश्विक तापमान में वृद्धि एवं जल स्तर का नीचे जाना सभी के लिए चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश का अधिकांश क्षेत्र वनों से आच्छादित है, वनों के संरक्षण के लिए हमें इससे होने वाले फायदे को लोगों की आजीविका से जोड़ना होगा जिससे इकोलॉजी पर आधारित रोजगार को बढ़ाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिट्टी को बचाने के लिए हमें 5 प्रमुख बातों पर फोकस करना होगा। मिट्टी को केमिकल फ्री कैसे बनाएं। मिट्टी में जो प्राकृतिक जैविक खाद के रूप में काम आने वाले जीव रहते हैं, हम उन्हें कैसे बचाएं। मिट्टी की नमी को कैसे बनाए रखें और उस तक जल की उपलब्धता कैसे बढ़ाएं। भूजल कम होने की वजह से मिट्टी को जो नुकसान हो रहा है, उसे कैसे दूर करें। वनों का दायरा कम होने से मिट्टी का जो लगातार क्षरण हो रहा है, उसे कैसे रोकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड देने का बहुत बड़ा अभियान चलाया, जिससे किसानों को काफी लाभ हुआ।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में पिछले 9 साल से जो भी प्रमुख विकास योजनाएं संचालित हो रही हैं, उन सभी में किसी न किसी रूप से पर्यावरण संरक्षण की बात होती है, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन के तहत शहरों में आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स का निर्माण, सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति का अभियान हो या फिर नमामि गंगे के तहत गंगा स्वच्छता का अभियान हो, पर्यावरण रक्षा के क्षेत्र में हमारे देश के प्रयास बहुआयामी रहे हैं। जल संरक्षण की दिशा में देशभर में अमृत सरोवर की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि राज्य को जो 975 अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य मिला था, उसके सापेक्ष अब तक करीब 1092 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा चुका है।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। यह चुनौती पूरे विश्व की है। उन्होंने कहा कि जिस तेज गति से भौगोलिक एवं जलवायु परिवर्तन हो रहा है, यह चिंता का विषय है। राज्य में पर्यटन आधारित गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं, इसके दृष्टिगत भी हमें पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक वृक्षारोपण एवं स्वच्छता की दिशा में और प्रयास करने होंगे। जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में विशेष प्रयास करने होंगे।

पर्यावरण संरक्षण के लिए जन सहभागिता को बढ़ाना होगा, इसमें जनपदों में जिलाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि वन सम्पदाओं को लोगों की आजीविका से जोड़ना जरूरी है। वन पंचायतों को मजबूत बनाना जरूरी है, लाखों लोग इससे जुड़े होते हैं। बैठक के दौरान जिलाधिकारियों ने जनपदों में पर्यावरण संरक्षण के लिए किये जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। बैठक शुरू होने से पूर्व उड़ीसा के बालासोर में हुई रेल दुर्घटना में मृतकों के प्रति शोक संवेदना प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।

श्री देव सुमन विश्वविद्यालय में कल होने वाले साक्षात्कार रद्द

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देहरादून: श्री देव सुमन विश्वविद्यालय में विभिन्न पदों के लिए कल होने वाला साक्षात्कार रद्द हो गया है। श्री देव सुमन विश्वविद्यालय ने कंप्यूटर प्रोग्रामर, तकनीकी सहायक, कनिष्ठ अभियंता सिविल, कंटेंट राइटर, इलेक्ट्रिशियन और पलंबर की भर्ती निकाली है। इसके लिए श्रम विभाग के प्रचलित नियमों के अनुसार भर्ती की बात कही गई थी, जो नियमों के विपरीत था।

विश्वविद्यालय श्रम विभाग के उस शासनादेश के तहत भर्ती कराने की तैयारी कर रहा था, जो विश्वविद्यालय पर लागू ही नहीं होता है। इसको लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे थे। इससे पहले हुई भर्ती भी श्रम विभाग के उन नियमों के आधार पर कर दी गई थी, जो मदरसा बोर्ड पर लागू होंते हैं।

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इससे पूर्व में भी विश्वविद्यालय के मुख्यालय और ऋषिकेश परिसर में विभिन्न पदों पर भी श्रम विभाग के नियमों के तहत भर्ती कराने के बाद वेतन भी आहरित किया जा रहा है, जो पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है। जिस जीओ के माध्यम से इनका वेतन निकाला जा रहा है। वह विश्वविद्यालय पर लागू ही नहीं होता, ऐसे में इन कार्मिकों को कैसे वेतन दिया जा रहा है। यह अपने आप में गंभीर सवाल तो खड़े करता ही है। साथ ही यह वित्तीय अनियमितता का मामला भी है।

आदेश में गड़बड़ी
हालांकि, श्री देव सुमन विश्वविद्यालय की ओर से जो आदेश जारी किया गया है। उसमें भी गड़बड़ी है। दरअसल, यूनिवर्सिटी ने भर्ती के लिए सीधे इंटरव्यू के जरिए भर्ती का विज्ञप्ति 27 मई को जारी की थी। जबकि, निरस्त करने वाले आदेश में जारी करने की तारीख 2 मई लिखी गई है।

32 साल बाद आया फैसला, माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को उम्र कैद

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वाराणसी: अवधेश राय हत्याकांड में वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. मुख्तार अंसारी को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है.लगभग 32 साल बाद कोर्ट का यह फैसला आया है. अवधेश राय कांग्रेस नेता अजय राय के भाई थे. शहर के चेतगंज थाने से महज 50 मीटर दूर बदमाशों ने अवधेश राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

अवधेश राय मर्डर केस में यह फैसला एमपी-एमएल कोर्ट के जज अवनीश गौतम ने सुनाया है. इससे पहले 22 मई को इस केस में अंसारी की बांदा जेल से वर्चुअल पेशी हुई थी, तब जज ने फैसले को सुरक्षित रख लिया था. इस हत्याकांड को बदमाशों ने 3 अगस्त 1991 को अंजाम दिया था. तब अवधेश के भाई अजय राय ने पांच लोगों को आरोपी बनाया था, जिसमें से एक मुख्तार भी शामिल था.

अजय राय ने वाराणसी के चेतगंज थाने में भाई की हत्या को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई थी. इस हत्याकांड में मुख्तार के अलावा पूर्व विधायक अब्दुल कलाम का भी नाम सामने आया था. साथ ही भीम सिंह और राकेश को भी पुलिस ने आरोपी बनाया था. यह एक हाईप्रोफाइल केस था, इस वजह से तब की सरकार ने जांच का जिम्मा सीबीसीआईडी को सौंप दिया था.

जिस दिन अवधेश की हत्या हुई, उस दिन शहर में बारिश का मौसम बना हुआ था. हल्की बूंदा-बांदी हो रही थी. घर के सामने अवधेश राय अपने भाई अजय राय दोनों कोई बात कर रहे थे. तभी अचानक घर के सामने एक मारूति आई. दोनों भाई कुछ समझ पाते, तबतक गाड़ी से निकले बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी. अवधेश राय इस हमले में बुरी तरह जख्मी हो गए. उन्हें तत्काल शहर के एक सरकारी अस्पताल में ले जाया गया. लेकिन, डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके और उनकी मौत हो गई.

‘शकुनि मामा’ गूफी पेंटल का 78 साल की उम्र में निधन

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मनोरंजन जगत से एक और बुरी खबर है। महाभारत TV सीरियल में शकुनि मामा का किरदार निभाकर घर-घर में लोकप्रिय हुए अभिनेता गूफी पेंटल का निधन हो गया। दो दिन पहले ऊनको तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गूफी पेंटल के भतीजे हितेन ने उनकी सेहत के बारे में जाकारी भी दी थी। हितेन ने बताया था कि वेटरन एक्टर पहले से दिल और किडनी से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे हैं। इन्हीं बीमारियों का वो इलाज करवा रहे हैं।

एक्टर के निधन की खबर की पुष्टि उनके भतीजे हितेन ने भी कर दी है। हितेन ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमे उन्होंने लिखा है- महाभारत में शकुनि मामा यानी फेमस एक्टर गूफी पेंटल का निधन हो गया। बता दें, एक्टर का पूरा नाम सरबजीत गूफी पेंटल था।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार आज शाम 4 बजे मुंबई में ही होगा। एक हफ्ते पहले गूफी की तबीयत बिगड़ी थी। उस वक्त वे फरीदाबाद में थे। पहले उन्हें फरीदाबाद के एक हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। फिर हालत खराब होने पर उन्हें मुंबई ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था।

गूफी पेंटल के टीवी करियर की बात करें तो उन्होंने ‘महाभारत’ के अलावा मिसेज कौशिक की पांच बहुएं’, ‘कर्ण संगिनी’, ‘जय कन्हैया लाल की’ जैसे कई सीरियलों में काम किया। इसके अलावा कई हिंदी फिल्मों में भी किरदार निभाये, जिनमें ‘रफूचक्कर’, ‘दिल्लगी’, ‘देस परदेस’, ‘मैदान-ए-जंग’, ‘दावा’, ‘द रिवेंज: गीता मेरा नाम’ शामिल हैं।  गूफी ने 1975 में ‘रफूचक्कर’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था।

अमित शाह से मिले प्रदर्शनकारी पहलवान, सख्त कार्रवाई करने की मांग

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बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोले ओलंपियन पहलवानों ने बीते दिन गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट ने गृह मंत्री शाह से उनके आवास पर मिलकर बृजभूषण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

जानकारी के अनुसार, बीती रात अमित शाह से मिलकर पहलवानों ने अपनी चिंता जाहिर की और एक लंबी बैठक में सब कुछ बताया। पहलवानों ने गृह मंत्री से बृजभूषण के खिलाफ जल्द चार्जशीट दाखिल करवाने की अपील की, लेकिन फिलहाल कोई फैसला नहीं हो पाया है।

विनेश, एक नाबालिग सहित कई महिला पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। सभी ने महीने भर दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की है।

ये है एशिया का सबसे स्वच्छ गांव, सख्त हैं नियम

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मेघालय की राजधानी शिलांग से करीब 90 किमी दूर भारत-बांग्लादेश सीमा के पास बसे गांव मावलिन्नोंग को एशिया के सबसे स्वच्छ गांव का तमगा हासिल है। इसकी खूबसूरती से लगता है मानो ये मिनी स्विट्जरलैंड है। बहुत सारे लोग आज इसे ईश्वर की बगिया कहते हैं। लेकिन, मावलिन्नोंग शुरू से ऐसा नहीं था।

25 साल पहले की ही बात है जब गांव में हर सीजन में महामारी फैलती थी। जब रोग फैलते थे तो सबसे ज्यादा चपेट में बच्चे ही आते थे। हर साल कई बच्चों की मौत होती थीं। इससे त्रस्त होकर एक स्कूल शिक्षक रिशोत खोंग्थोरम ने लोगों को स्वच्छता और शिक्षा से जोड़ने का संकल्प लिया। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट का नुसार खोंग्थोरम ने कहा है कि तब हालात बहुत खराब थे। बीमारियों की जड़ गंदगी ही थी। शिक्षक होने के नाते मुझे लगा कि मेरा दायित्व है कि स्वच्छता का ज्ञान फैलाना चाहिए। इस काम में माताओं ने भरपूर सहयोग दिया।

गांव में स्वच्छता-शिक्षा के अभियान को आगे बढ़ाने के लिए समिति का गठन हुआ। समिति ने ग्रामीणों से पशुओं को बांधने, गंदगी नहीं फैलाने और घर में शौचालय बनाने की प्रेरणा दी। लोगों ने भी इसे जल्द ही मानना शुरू कर दिया। घरों के कूड़ों को एकत्र कर एक स्थान पर पहुंचाया गया। कचरे के लिए कंपोस्ट पिट और बांस के बॉक्स रखे गए, ताकि बाद में रिसाइकिल किया जा सके।

उन्होंने बताया कि लोगों के संकल्प का ही परिणाम था कि कुछ ही वर्षों में इस गांव में स्वच्छता और शिक्षा का फैल गई। 2003 में इसे डिस्कवर इंडिया की ओर से एशिया के सबसे स्वच्छ गांव के तौर पर चिन्हित किया गया था। मावलिन्नोंग में 100 फीसदी लोग साक्षर है। गांव के सभी लोग अच्छी अंग्रेजी बोलते हैं। हिन्दी थोड़ी कम ही समझते हैं।

गांव में ऐसे सभी प्लास्टिक उत्पादों पर रोक है, जिसे रिसाइकिल नहीं किया जा सकता। धूम्रपान पर भी पूरी तरह प्रतिबंध है। नियम नहीं मानने वालों को भारी जुर्माना देना पड़ता है। 600 लोगों की आबादी वाले इस गांव के खासी जनजाति के लोग स्वच्छता को बहुत गंभीरता से लेते हैं। आज यहां हर घर में शौचालय है। लोग घरों के साथ सड़कों की भी सफाई करते हैं। हर घर के पास बांस से बने कूड़ेदान लगे हुए हैं। परिवार के सभी सदस्य गांव की सफाई में रोजाना भाग लेते हैं। सफाई नहीं करने वाले को घर में खाना नहीं मिलता।

मावलिन्नोंग गांव में बांस से बना 75 फीट ऊंचा द स्काई व्यू टावर है, जहां से बांग्लादेश का शानदार नजारा दिखता है। यहां की ड्वकी नदी का पानी इतना साफ है कि उस पर तैरती नाव को देखकर लगता है कि नाव पानी पर नहीं, हवा में तैर रही है। मावलिन्नोंग की बैलेंसिंग रॉक लोकप्रिय पर्यटक केंद्र है, वहीं लोगों के लिए यह चट्टान हर बला से गांव और उसके लोगों की रक्षा करती है।

पर्यावरण संरक्षण रैंकिंग में ग्रीन कवर बढ़ाने और ठोस कचरे के प्रबंधन के दम पर देश के सभी राज्यों में तेलंगाना अव्वल है और इसी रैंकिंग में राजस्थान आखिरी स्थान पर है। गुजरात दूसरे, गोवा तीसरे, महाराष्ट्र चौथे और हरियाणा पांचवें, हिमाचल प्रदेश सातवें, छत्तीसगढ़ 10वें, झारखंड 13वें, पंजाब 17वें, मध्य प्रदेश 19वें और बिहार 27वें पायदान पर हैं।

हालांकि पहले नंबर पर होने के बावजूद जल निकायों के संरक्षण, भूजल दोहन और नदियों के प्रदूषण के मामले में तेलंगाना की स्थिति संतोषजनक नहीं है। यह जानकारी विश्व पर्यावरण दिवस से एक दिन पहले जारी सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) की सालाना रिपोर्ट ‘स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट इन फिगर्स 2023’ में सामने आई है। इसमें चार थीम पर रैंकिंग तय की गई है।

कृषि रैंकिंग में मप्र अव्वल
कृषि रैंकिंग में मप्र अव्वल है। खाद्यान्न उत्पादन व मूल्यवर्धन में राज्य का प्रदर्शन सबसे अच्छा है, लेकिन राज्य की आधा फसल क्षेत्र बीमित नहीं है। इस श्रेणी में छत्तीसगढ़ तीसरे, पंजाब नौंवे, राजस्थान 12वें, बिहार 13वें, महाराष्ट्र 14वें, झारखंड 15वें, हरियाणा 16वें, गुजरात 18वें, हिमाचल 25वें पायदान पर है।

रिपोर्ट में खास

  • पेड़ों की कटाई पर्यावरण क्षरण की एक प्रमुख वजह है।
  • तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा ने अपने वन आवरण में सबसे अधिक वृद्धि की।
  • नगालैंड, मणिपुर और मिजोरम ने सबसे अधिक वन गंवाया।
  • शहरी सॉलिड वेस्ट के ट्रीटमेंट: छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गोवा सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शीर्ष पर, जबकि अरुणाचल, असम और प. बंगाल निचले पायदान पर।
  • सीवेज उपचार: पंजाब, दिल्ली और हरियाणा का सबसे अच्छा प्रदर्शन। बिहार, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर और मिजोरम खबसे खराब प्रदर्शन वाले राज्य।
  • भूजल दोहन: अरुणाचल, नगालैंड, मेघालय का प्रदर्शन सबसे अच्छा। पंजाब, राजस्थान और हरियाणा की हालत खराब।