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अजित पवार ने दिया बड़ा झटका, डिप्टी CM की शपथ ली, 40 विधायकों के समर्थन का दावा

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महाराष्ट्र : महाराष्ट्र में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। NCP नेता अजित पवार ने अपने आवास पर  नेताओं की बैठक बुलाई। इसमें पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल भी पहुंचे। इस मीटिंग के बाद अजित पवार सीधे राजभवन पहुंच गए। बताया गया है कि अजित NDA में शामिल हो गए। उन्होंने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अजित पवार के पास अब तक 30 विधायकों के हस्ताक्षर वाला समर्थन पत्र है। अजित पवार ने डिप्टी सीएम के पद की शपथ ली है। एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने भी शिंदे-फडणवीस सरकार में मंत्री पद की शपथ ले ली है।

अजित पवार ने विपक्ष के नेता पद से अपना इस्तीफा राज्यपाल रमेश बैस को सौंप दिया है। दूसरी ओर एनसीपी विधायक संजय बनसोडे भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। धनंजय मुंडे भी मंत्री बन सकते हैं। एनसीपी नेता हसन मुश्रीफ के साथ डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल भी मंत्री बन सकते हैं।

यहां NIA का छापा, एक संदिग्ध युवक गिरफ्तार

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बिहार में प्रतिबंधित PFI के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की कार्रवाई जारी है। एनआइए ने रविवार को दरभंगा में छापा मारा है। बताया जा रहा है कि इस दौरान पुलिस ने बहेड़ा से एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। बहेड़ा थाने में NIA टीम के साथ स्थानीय पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी की छापामारी से इलाके में सनसनी फैल गई है।

जानकारी के मुताबिक, एनआइए की टीम ने बहेड़ा थाना के छोटी बाजार में पीएफआइ से जुड़े संदिग्ध युवक के घर पर रविवार की सुबह करीब छह बजे छापेमारी की। रिमझिम बारिश के बीच चार थानों की पुलिस के साथ पहुंची एनआइए की टीम ने छोटी बाजार में मो. हब्बीबुल्लाह के घर की घेराबंदी की।

इसके बाद हबीबुल्लाह के पुत्र मो. समीउल्लाह को अपने कब्जे में ले लिया। बहेड़ा थाने पर उससे पूछताछ चल रही है। दरभंगा एसएसपी अवकाश कुमार ने छापेमारी के दौरान एक युवक को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है।

जानकारी के अनुसार, मो. समीउल्लाह के PFI से संपर्क होने के कई सबूत मिले हैं। वह अरबी के पत्र व अन्य दस्तावेजों को उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी में अनुवाद कर पीएफआइ से जुड़े सदस्यों को उपलब्ध कराता था। उसके पास से बरामद मोबाइल में इसके साक्ष्य मिले हैं। उसके आइएसआइ से भी संपर्क में होने की बात कही जा रही है। एनआइए की टीम इसी आधार पर उससे आगे की पूछताछ में जुटी है।

NDA का शक्ति प्रदर्शन, अमित शाह, CM योगी और समेत बड़े दिग्गज होंगे शामिल

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20240लोकसभा चुनाव से पहले अपना दल के संस्थापक सोनेलाल पटेल की जयंती के अवसर पर एनडीए के घटक दल रविवार को राजधानी में बड़ा शक्ति प्रदर्शन करेंगे। एनडीए में शामिल अपना दल (एस) द्वारा जन स्वाभिमान दिवस के रूप में सोनेलाल पटेल की जयंती मनाई जाएगी।

कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले और निषाद पार्टी के अध्यक्ष व मंत्री संजय सिंह मंच पर मौजूद रहेंगे।

प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों को जीतने की जुगत में लगी भाजपा अपने सहयोगी दल के कार्यक्रम को बड़ी गंभीरता से ले रही है। केंद्रीय राज्यमंत्री व अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल के निमंत्रण पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने के बड़े सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक भी इसमें शिरकत करेंगे।

अन्य पिछड़ा वर्ग खासकर कुर्मी बिरादरी में अपनी पैठ रखने वाली पार्टी के साथ मिलकर मध्य व पूर्वी उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीटों को अपने पाले में खींचने की मजबूत नींव इस जयंती पर रखी जा रही है। कारण है कि मीरजापुर, चंदौली, वाराणसी, प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, फतेहपुर, बस्ती, गोंडा, बहराइच, भदोही और सोनभद्र जिलों में कुर्मियों का ठीकठाक वोट है।

 

दरारों से फिर सहमे लोग, सुनील वार्ड में जमीन में होने लगे बड़े-बड़े गड्ढे

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जोशीमठ: जोशीमठ में एक बार लोग डरे हुए हैं। भू-धंसाव को लेकर लोगों की चिंता और डर फिर सामने आया है। दरअसल, सुनील वार्ड में जनवरी में जिस जगह से भू-धंसाव शुरू हुआ था, अब वहां जमीन में बड़े-बड़े गड्ढे होने लगे हैं।

इससे आपदा प्रभावितों की चिंता बढ़ गई है। लोगों को आशंका है कि बरसात में भवनों की दरारें और बढ़ सकती हैं।नगर क्षेत्र के भू-धंसाव क्षेत्र सुनील वार्ड में विनोद सकलानी के मकान के पास के खेत में अचानक गड्ढा हो गया है। ये काफी बड़ा है।

इससे पूर्व बाजार क्षेत्र में भी जमीन में अचानक गड्ढा हो गया था। इससे नगर वासियों की चिंता बढ़ गई है। यह वही क्षेत्र है जहां मकानों में सबसे पहले दरारें आई थी। फिर इसी क्षेत्र में गड्ढा बनने से आपदा प्रभावितों को आशंका है कि कहीं अब गड्ढे होने सिलसिला न शुरू हो जाए। हालांकि अन्य क्षेत्रों से अभी इस तरह की सूचना नहीं आई है।

जनवरी माह में भू धंसाव से नगर में 868 भवनों में दरार आई थी, जिसमें 181 भवनों को असुरक्षित घोषित किया था। अन्य में हल्की दरारें थी। आज भी करीब 60 परिवार शिविरों में रह रहे हैं। बरसात शुरू होते ही सुनील वार्ड में गड्ढा बनने की खबर से आपदा प्रभावित सहम गए हैं।

पूर्व मंत्री को एक साल की सजा, जानिए क्या है मामला

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मध्य प्रदेश कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने 13 साल पुराने मामले में पूर्व मंत्री और इंदौर की राउ विधानसभा सीट से विधायक जीतू पटवारी को दोषी पाया है। उन्हें एक साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामला शासकीय कार्य में बाधा डालने का है।

भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट ने जीतू पटवारी को शासकीय कार्य में बाधा डालने का दोषी पाया है। यह मामला 2009 का है। उस समय पटवारी युवा कांग्रेस के अध्यक्ष थे। उन्होंने राजगढ़ जिले में भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन किया था। इस दौरान उनके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत बलवा और अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था।

इस मामले की सुनवाई भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही थी। कोर्ट ने जब सजा सुनाई तब पटवारी, विधायक कुणाल चौधरी और अन्य समर्थक भी मौजूद थे। पटवारी के अलावा कृष्ण मोहन मालवीय, सुरेंद्र, घनश्याम वर्मा को भी सजा हुई है। इन्हें कोर्ट ने आईपीसी की धारा 147, 332/149, लोक संपत्ति अधिनियम की धारा तीन का दोषी पाया है। कोर्ट से ही उन्हें जमानत दे दी गई है।

अमरनाथ यात्रा आज से शुरू, गुफा मंदिर में आरती हुई

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अमरनाथ यात्रा आज से शुरू हो गई। पवित्र गुफा मंदिर की पहली तस्वीर भी सामने आई है। आज सुबह मंत्रोच्चार के साथ आरती की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त मौजूद थे।तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे ने गुफा मंदिर की ओर अपनी यात्रा शुरू कर दी है। यात्रा 31 अगस्त को खत्म होगी।

पहले दिन जम्मू कश्मीर के गांदरबल में बालटाल आधार शिविर से तीर्थयात्रियों का पहला जत्था रवाना हुआ। यात्रा को गांदरबल के डिप्टी कमिश्नर श्यामबीर ने श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

तीर्थयात्री आधार शिविर से दक्षिण कश्मीर में पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर तक 12 किलोमीटर की यात्रा करेंगे। तीर्थयात्रियों का पहला जत्था शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में बालटाल आधार शिविर पहुंचा था। उधमपुर जिले के टिकरी में काली माता मंदिर में जिला प्रशासन ने उनका स्वागत किया।

डिप्टी कमिश्नर श्यामबीर ने बताया- आज हम यहां से यात्रियों के पहले जत्थे को रवाना कर रहे हैं। इसमें करीब 7 से 8 हजार यात्री हैं। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के CEO मनदीप कुमार भंडारी ने बताया कि अब तक 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। पिछले साल के मुकाबले यह 10% ज्यादा है। रजिस्ट्रेशन अभी जारी है।

पेश हो सकता है UCC बिल, 20 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगा संसद का मानसून सत्र

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केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शनिवार को संसद के मानसून सत्र की घोषणा की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगा। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि 23 दिन तक चलने वाले इस सत्र में कुल 17 बैठकें होंगी। उन्होंने सभी पार्टियों से सत्र के दौरान संसद के विधायी और अन्य काम-काज में रचनात्मक योगदान देने की अपील की।

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 11 अगस्त तक चलेगा। सभी दलों से मानसून सत्र के दौरान विधायी व्यवसाय और अन्य विषयों पर सार्थक चर्चा में योगदान देने का आग्रह करता हूं।

सूत्रों ने बताया कि संसद के मानसून सत्र की शुरुआत पुराने संसद भवन में हो सकती है, लेकिन बीच में इसे नए संसद भवन में स्थानांतरित होने की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो ये मानसून सत्र नई संसद के उद्घाटन के बाद से आयोजित होने वाला पहला सत्र होगा।

बता दें कि मानसून सत्र में कई अहम बिल पेश हो सकते हैं। इनमें यूसीसी भी शामिल हो सकता है। इस पर पूरे देश की नजर हैं। कुछ दिनों पहले पीएम मोदी ने यूसीसी की वकालत की थी। पूरे देश में यूसीसी को लेकर राजनीति गर्म है।

उत्तराखंड : लैंसडौन का नाम बदलने के तैयारी, रक्षा मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव

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लैंसडौन : लैंसडौन ये वो नाम है, जो उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देश और दुनिया के पर्यटन प्रेमियों की पहली पंसद है। यहां हर साल देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही दूसरे देशों के पर्यटक भी घूमने पहुंचते हैं। यह गढ़वाल राइफल का रेजिमेंटल सेंटर भी है। यहीं पर गढ़वाल राइफल के योद्धाओं को तैयार किया जाता है। केंद्र सरकार ने अंग्रेजों के जमानें की पहाचन बो बदलने की एक मुहिम शुरू की थी। उसीके तहत लैंसडौन का नाम बदले जाने चर्चा लंबे समय से चल रही है।

लैंसडौन का नाम बदलने की घोषणा के बाद से ही स्थानीय लोग लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। लैंसडौन का नाम बदलना कहीं ना कहीं इस हिल स्टेशन की पहचान को पूरी तरह से बदलने जैसा है। लोगों ने नाम बदलने की चर्चा सामने आने के बाद ही विरोध दर्ज करा दिया था। उसके बाद मामला कुछ समय के लिए ठंडे बस्ते में चला गया था। लेकिन, अब एक फिर चर्चा है कि लैंसडौन का नाम बदल दिया जाएगा। पहली बार इसके लिए छावनी परिषद ने अपने बोर्ड बैठक में बाकायदा प्रस्ताव पास किया है और उसे रक्षा मंत्रालय को भेज दिया है।

पहले लैंसडौन का नाम कालों डांडा रखे जाने की चर्चा थी। उसके पीछे यह तर्क दिया गया था कि यहा 1886 में गढ़वाल रेजीमेंट की स्थापना हुई। पांच मई 1887 को ले. कर्नल मेरविंग के नेतृत्व में अल्मोड़ा में बनी पहली गढ़वाल रेजीमेंट की पलटन चार नवंबर 1887 को लैंसडौन पहुंची। उस समय लैंसडौन को कालौं का डांडा कहते थे। 21 सितंबर 1890 तत्कालीन वायसराय लार्ड लैंसडौन के नाम पर लैंसडौन रखा गया।

लेकिन, अब लैंसडौन का नाम परिवर्तित कर जसवंतगढ़ करने का सुझाव छावनी परिषद ने रक्षा मंत्रालय को भेजा है। रक्षा मंत्रालय ने पूर्व में छावनी बोर्ड से नाम बदलने संबंधी सुझाव मांगा था। जानकारी के अनुसार तीन दिन पहले हुई छावनी बोर्ड की बैठक में लैंसडौन का नाम वीर शहीद जसवंत सिंह के नाम से जसवंतगढ़ करने का प्रस्ताव पारित किया गया।

मीडिया को दिए बयान में छावनी बोर्ड की कार्यालय अधीक्षक विनीता जखमोला ने बताया कि छावनी बोर्ड के अध्यक्ष ब्रिगेडियर विजय मोहन चौधरी की अध्यक्षता में तीन दिन पहले हुई बैठक में लैंसडौन नगर का नाम हीरो ऑफ द नेफा महावीर चक्र विजेता शहीद राइफलमैन बाबा जसवंत सिंह रावत के नाम पर जसवंतगढ़ करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इस प्रस्ताव को कैंट के प्रमुख संपदा अधिकारी मध्य कमान लखनऊ के माध्यम से रक्षा मंत्रालय को भेजा है।

जानें कौन थे बाबा जसवंत सिंह रावत
चीन के साथ लड़ा गया 1962 का युद्ध भारतीय सेना के वीर जवानों की गौरव गाथा है। इस युद्ध में सीमा की रक्षा करते हुए देश के कई जाबाजों ने अपना बलिदान दिया। इन वीर योद्धाओं में महान सपूत रहे राइफल मैन जसवंत सिंह रावत भी शामिल थे। जिन्होंने 72 घंटे भूखे-प्यासे रहकर चीनी सैनिकों को न सिर्फ रोके रखा, बल्कि 300 चीनी सैनिकों को ढेर कर दिया था।

jasvant singh rawat

पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लॉक के दुनाव ग्राम पंचायत के बाड़ियूं गांव में 19 अगस्त, 1941 को जसवंत सिंह रावत का जन्म हुआ था। उनके पिता गुमान सिंह रावत और माता लीला देवी थीं जिस समय वे शहीद हुए उस समय वह गढ़वाल राइफल्स की चौथी बटालियन में सेवारत थे। 1962 का भारत-चीन युद्ध अंतिम चरण में था। चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश के तवांग से आगे तक पहुंच गए थे। भारतीय सैनिक भी चीनी सैनिकों का डटकर मुकाबला कर रहे थे।

जसवंत सिंह रावत सेला टॉप के पास की सड़क के मोड़ पर तैनात थे। इस दौरान वह चीनी मीडियम मशीन को खींचते हुए वह भारतीय चौकी पर ले आए और उसका मुंह चीनी सैनिकों की तरफ मोड़कर उनको तहस-नहस कर दिया। 72 घंटे तक चीनी सेना को रोककर अंत में 17 नवंबर, 1962 को वह वीरगति को प्राप्त हुए। मरणोपरांत वह महावीर चक्र से सम्मानित हुए।

राइफलमैन रावत को 1962 के युद्ध के दौरान उनकी वीरता के लिए मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। जसवंत सिंह रावत भारतीय सेना के अकेले सैनिक हैं, जिन्हें मौत के बाद प्रमोशन मिला था। पहले नायक फिर कैप्टन और उसके बाद मेजर जनरल बने। इस दौरान उनके घरवालों को पूरी सैलरी भी पहुंचाई गई। अरुणाचल के लोग उन्हें आज भी शहीद नहीं मानते हैं। माना जाता है कि वह आज भी सीमा की सुरक्षा कर रहे हैं।

आधीरात को ताबड़तोड़ तबादले, IAS समेत 400 बड़े अधिकारियों का ट्रांसफर

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उत्तर प्रदेश शासन ने सात आइएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। प्रमुख सचिव महिला कल्याण एवं खाद्य रसद वीणा कुमारी मीणा से खाद्य एवं रसद विभाग का प्रभार लेते हुए उन्हें प्रमुख सचिव चीनी उद्योग, गन्ना विकास एवं आबकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें महिला कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार तृतीय को प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सचिव राजस्व एवं राहत आयुक्त प्रभु नारायण सिंह को गन्ना आयुक्त बनाया गया है।

अपर मुख्य सचिव चीनी उद्योग, गन्ना विकास एवं आबकारी के साथ ही गन्ना आयुक्त का प्रभार संभाल रहे वरिष्ठ आइएएस अधिकारी संजय भूसरेड्डी शुक्रवार को रिटायर हो गए। इसके दृष्टिगत शासन में यह प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा रहे जीएस नवीन कुमार अब विशेष सचिव राजस्व के साथ प्रभारी राहत आयुक्त होंगे। विशेष सचिव एपीसी शाखा बालकृष्ण त्रिपाठी को विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा के पद पर तैनात किया गया है। जम्मू कश्मीर में प्रतिनियुक्ति के बाद लौटकर नई तैनाती का इंतजार कर रहे राहुल पांडेय को अपर आयुक्त गन्ना तथा विशेष सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास बनाया गया है। प्रतीक्षारत कृतिका ज्योत्सना को विशेष सचिव खाद एवं रसद के पद पर तैनात किया गया है।

व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग में भी शुक्रवार को तबादला एक्सप्रेस दौड़ी। कई राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) के प्रधानाचार्य, दो संयुक्त निदेशक, एक उप निदेशक सहित बड़ी संख्या में कार्यदेशकों व अनुदेशकों के भी स्थानांतरण किए गए हैं। आइटीआइ, गाजियाबाद के प्रधानाचार्य राज कुमार यादव को आइटीआइ लखनऊ का प्रधानाचार्य बनाया गया है। वहीं आजमगढ़ मंडल के संयुक्त निदेशक एसएन राम को इसी पद पर गोरखपुर मंडल स्थानांतरित किया गया है। गोरखपुर मंडल के संयुक्त निदेशक राजेश राम को देवीपाटन मंडल का कार्यभार सौंपा गया है। राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद के उप निदेशक रवि भूषण को आटीआइ मैनपुरी का प्रधानाचार्य बनाया गया है। आइटीआइ बहराइच के प्रधानाचार्य प्रदीप अग्निहोत्री को आइटीआइ बांदा का प्रधानाचार्य बनाया गया है।

शुक्रवार देर रात तक विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर अधिकारियों, अभियंताओं आदि के स्थानांतरण आदेश जारी किए जाते रहे। शासन ने 30 जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसएस) सहित 99 शिक्षाधिकारियों के भी स्थानांतरण किए गए। इनमें सात मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) यानी एडी बेसिक भी शामिल हैं। नव प्रोन्नत अधिकारियों की तैनाती के साथ-साथ जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य व उप प्राचार्य भी शामिल हैं। अभी तक बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव के साथ-साथ राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान प्रयागराज के निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे प्रताप सिंह बघेल को प्रोन्नति के बाद कार्यभार में बदलाव किया गया है। बघेल को अब बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव का अतिरिक्त कार्यभार व राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान के निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है। यानी अभी सचिव की कुर्सी उन्हीं के पास रहेगी।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को 225 डाक्टरों व अधिकारियों के स्थानांतरण किए। इसमें 60 जिलों के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) शामिल हैं। वहीं कई अस्पतालों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) के भी तबादले किए गए हैं। देर रात तक स्थानांतरण सूची जारी होती रही। निदेशक (संचारी रोग) डा. एके सिंह को बलरामपुर अस्पताल का नया निदेशक बनाया गया है। वहीं निदेशक (संचारी रोग) का अतिरिक्त कार्यभार फिलहाल निदेशक (चिकित्सा उपचार) डा. केएन तिवारी को सौंपा गया है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डा. सचिन वैश्य व महामंत्री डा. अमित कुमार सिंह ने उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का आभार जताया है।

कारागार विभाग में जेल अधीक्षकों के बाद 17 जेलरों का भी तबादला कर दिया गया है। इनमें निलंबन से बहाल हुए एक जेलर को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से पंकज कुमार सिंह को जिला जेल लखीमपुर खीरी से आदर्श कारागार लखनऊ, अजय कुमार को जिला जेल लखनऊ से जिला जेल जौनपुर, वीरेन्द्र कुमार वर्मा को जिला जेल बांदा से जिला जेल सुलतानपुर, राजेश कुमार को जिला जेल सुलतानपुर से जिला जेल मऊ, योगेश कुमार को संबद्ध कारागार प्रशिक्षण संस्थान लखनऊ से जिला जेल बांदा भेजा गया है।

लोक निर्माण विभाग में तैनात 225 अवर अभियंताओं की तबादला सूची तैयार कर ली गई है, जो जल्द जारी होगी। नई स्थानांतरण नीति के तहत शुक्रवार को तबादला करवाने के इच्छुक अवर अभियंताओं को सभागार में बुलाया गया था। पति-पत्नी की एक ही स्थान पर तैनाती व दिव्यांगता के मामलों पर सबसे पहले विचार किया गया। जिन अवर अभियंताओं के बच्चे 10वीं व 12वीं में हैं उनका तबादला भी उनकी मर्जी से करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद 190 अवर अभियंता (सिविल), 16 अवर अभियंता (विद्युत-यांत्रिक) एवं 19 अवर अभियंता (प्राविधिक) की तबादला सूची तैयार की गई। प्रमुख अभियंता व विभागाध्यक्ष अरविंद कुमार जैन तथा डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के प्रदेश अध्यक्ष डीएन द्विवेदी ने पूरी प्रक्रिया पर सहमति जताई है।

NDA में UCC पर तकरार, मेघालय के CM बोले: ये भारत के वास्तविक विचार के विपरीत

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यूनिफार्म सिविल कोड (UCC) को लेकर देशभर में राजनीति हो रही है। अब तक UCC पर विपक्ष तो विरोध में था ही, अब NDA में भी इस पर तकरार देखने को मिल रही है। मेघालय के CM कॉनराड संगमा ने शुक्रवार को PM नरेंद्र मोदी के UCC पर जोर देने की आलोचना की। कहा कि भारत एक विविधतापूर्ण देश है और विविधता ही हमारी ताकत है। समान नागरिक संहिता के रूप में पार्टी का अब तक का नजरिया भारत के विचार के ही खिलाफ है।

NPP-BJP के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (NPP) की सहयोगी है। यह सत्तारूढ़ मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (MDA) का नेतृत्व करती है। दो विधायकों के साथ BJP MDA सरकार में भागीदार है, जबकि 60 सीटों वाली विधानसभा में संगमा की पार्टी के 28 विधायक हैं। एनपीपी का मेघालय के अलावा मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश में मजबूत राजनीतिक आधार है।
पीएम मोदी ने कहा था दोहरी व्यवस्था से कैसे चलेगा देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि एक घर में परिवार के एक सदस्य के लिए एक कानून हो, दूसरे सदस्य के लिए दूसरा कानून हो, तो वो घर नहीं चल पाएगा। ऐसे में दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चल पाएगा? उन्होंने आगे कहा था कि संविधान में भी नागरिकों के समान अधिकार की बात कही गई है। सुप्रीम कोर्ट भी कह रही है कि कॉमन सिविल कोड लाओ।

इसके बाद से ही अटकलें लगाई जा रही हैं कि विधि आयोग ने यूसीसी पर सार्वजनिक और धार्मिक संगठनों के विचार आमंत्रित किए हैं, जिससे यह अटकलें तेज हो गई हैं कि एक मसौदा अगले संसद सत्र में पेश किया जा सकता है।नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के अध्यक्ष संगमा ने कहा कि यूसीसी देश के लिए उपयुक्त नहीं है। यह भारत के वास्तविक विचार के खिलाफ है, जो विविधता में एकता की विशेषता वाला एक विविध राष्ट्र है। उन्होंने आगे कहा कि विविध संस्कृतियां, परंपराएं, जीवनशैली और धर्म देश की ताकत हैं।

उन्होंने कहा कि मेघालय एक मातृसत्तात्मक समाज है और यही हमारी ताकत है। जिस संस्कृति और अन्य पहलुओं का हम लंबे समय से अनुसरण कर रहे हैं, उन्हें बदला नहीं जा सकता। एक राजनीतिक दल के रूप में, हमें एहसास है कि पूरे पूर्वाेत्तर क्षेत्र को एक अनूठी संस्कृति मिली है। हम नहीं चाहेंगे कि हमारी परंपरा और संस्कृति को छुआ जाए।