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अक्षय कुमार ने OMG-2 का पोस्टर किया रिलीज, लुक देख चौंक जाएंगे आप

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अक्षय कुमार बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेताओं में शुमार हैं. उन्होंने बॉलीवुड में कई फिल्में कीं, जो बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा चुकी हैं, हालांकि बीते 3 साल से अक्षय कुमार का बुरा हाल है. बॉक्स ऑफिस पर भले ही उनकी फिल्में लगातार रिलीज हो रही हैं लेकिन अफसोस ये है कि उनकी सारी फिल्में डिजास्टर साबित हुईं. हालांकि उनके फैंस फिरभी उनसे एक हीट की उमींद लगाए बैठे हैं.

इसी बीच अक्षय ने अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘ओह माई गॉड 2’ (OMG-2) को लेकर अपडेट शेयर किया है. इसके साथ ही उन्होंने फिल्म का एक नया पोस्टर शेयर किया है, जिसमें वह भगवान शिव के रूप में नजर आ रहे हैं. फिल्म का पोस्टर सामने आते ही सोशल मीडिया पर छा गया है.

अक्षय कुमार ने ‘ओएमजी 2’ का पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, “बस कुछ दिनों में..ओएमजी 2, 11 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.. टीजर भी जल्द ही रिलीज होगा.” पोस्टर में अक्षय के लुक की बात करें तो अपने लुक में काफी शानदार लग रहे हैं. लंबी जटाओं, गले में भस्म और रुद्राक्ष की माला पहने अक्षय ‘शिव’ अवतार में गजब लग रहे हैं.

अक्षय ने अपने लुक के साथ ही पंकज त्रिपाठी का पोस्टर भी शेयर किया है, जिसमें पंकज माथे पर तिलक लगाए और हाथों को जोड़े दिखाई दे रहे हैं. इस तस्वीर को शेयर करते हुए अक्षय कुमार ने कैप्शन में लिखा, “मिलते हैं सच्चाई की राह पर.

अक्षय कुमार के इन दोनों ही पोस्ट पर यूजर्स कमेंट कर उन्हें प्यार दे रहे हैं और फिल्म के प्रति अपनी बेताबी भी बता रहे हैं. हालांकि कुछ यूजर्स के अलग-अलग तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. यूजर्स उन्हें वार्निंग देते हुए लिख रहे हैं कि सावन के महीने में भगवान शिव के साथ कोई मजाक मत करना, नहीं तो काफी महंगा पड़ जाएगा. वहीं कुछ यूजर्स फिल्म आदिपुरुष देखने के बाद ‘ओएमजी 2’ को लेकर अपनी चिंता भी शेयर कर रहे हैं. एक यूजर ने अक्षय कुमार को चेतावनी देते हुए लिखा, “उम्मीद है कि हिंदू धर्म का मजाक ना बनाएंगे आप मूवी में. वहीं दूसरे यूजर ने लिखा है, ‘हिंदू भगवानों का अपमान करने की जुर्रत भी मत करना.. यूजलेस बॉलीवुड.

‘ओह माई गॉड 2’ (OMG 2) में अक्षय-पंकज त्रिपाठी, यामी गौतम और अरुण गोविल भी लीड रोल में हैं. इस फिल्म में एक्टर अक्षय कुमार भगवान शिव का किरदार निभाते नजर आएंगे. फिल्म लंबे वक्त से खबरों में है. वहीं फैंस बेहद बेताबी के साथ इसका इंतजार कर रहे हैं.

 

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिले CM धामी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट कर सौंग बांध पेयजल परियोजना के लिए 1774 करोड़ रु. की धनराशि का वित्त पोषण भारत सरकार से विशेष सहायता के अन्तर्गत कराने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री को अवगत कराया कि सौंग बांध पेयजल परियोजना के निर्माण से देहरादून नगर व इसके उपनगरीय क्षेत्रों की लगभग 10 लाख आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। परियोजना के निर्माण उपरान्त पेयजल व्यवस्था की नलकूपों पर निर्भरता लगभग समाप्त हो जाएगी।

उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री से प्रदेश की विशेष परिस्थितियों और सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए बाह्य सहायतित परियोजनाओं की ऋण राशि पर लगाई गई सीलिंग को हटाए जाने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ADB के तहत देहरादून के मार्गों में विद्युत लाइनों को भूमिगत करने के साथ ही राज्य की पारेषण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के कार्य शीघ्र किए जाने हैं। उन्होंने आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार से उपरोक्त योजना की स्वीकृति प्रदान कराए जाने का अनुरोध किया।

भीषण हादसा : श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्राली में घुसी कार, 5 की मौत

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हादसों में हर दिन कई लोगों की जानें चली जाती हैं। ऐसा ही एक हादसा और सामने आया है। आगरा-दिल्ली हाईवे पर रैपुराजाट गांव के पास सोमवार सुबह करीब 11 बजे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्राली में पीछे से स्विफ्ट डिजायर कार घुस गई। हादसे में ट्रैक्टर ट्राली अनियंत्रित होकर पलट गई। कार सवार तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि ट्रैक्टर सवार दो लोगों की मौत हो गई। दोनों वाहनों में सवार 28 लोग घायल हो गए।

ट्रैक्टर ट्राली से श्रद्धालु मुड़िया पूर्णिमा पर गोवर्धन की परिक्रमा कर लौट रहे थे। रैपुराजाट के पास कार अनियंत्रित हो गई और ट्रैक्टर ट्राली में पीछे से घुस गई और फिर डिवाइडर से टकरा गई। कार सवार भरतपुर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र के गांव ओबार निवासी गोवर्धन, उनका बेटा रूपेश, बहन मुख्तारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके परिवार की दीपा और भूरी घायल हो गईं।

कार सवार गोवर्धन बलदेव के गांव नौवां में अपनी बीमार बहन चंद्रवती को देखने जा रहे थे। ट्रैक्टर सवार दयादीन और मुकेश निवासी गांव शेरपुर भिंड की मौत हो गई। घटना की सूचना पर एसपी सिटी एमपी सिंह और सीओ रिफाइनरी हर्षिता सिंह मौके पर पहुंचे। दुर्घटना में 28 घायलों को फरह सीएचसी में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना के बाद हाईवे पर काफी देर तक जाम लगा रहा।

शरद पवार का शक्ति प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं से बोले- आप चुनाव की तैयारी करें

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मुंबई. महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आया हुआ है. एनीसपी नेता अजित पवार अपने समर्थक विधायकों के साथ शिंदे सरकार में शामिल हो गए. वहीं अपने भतीजे अजीत पवार के इस फैसले से एनसीपी प्रमुख शरद पवार नाराज हैं. उन्होंने सोमवार को महाराष्ट्र के सतारा पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में जातिवाद की राजनीति नहीं चलेगी और महाराष्ट्र को अपनी एकता दिखानी होगी.इसके अलावा उन्होंने कहा कि चुनी हुई सरकारों को गिराया जा रहा है.

हमें नई शुरुआत करनी है. शरद पवार ने 5 जुलाई को पार्टी नेताओं की अहम बैठक बुलाई है. शरद पवार ने कहा कि हमारी विचारधारा संप्रदायिकता के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि फूट डालकर हिंसा फैलाने की कोशिश की जा रही है. सतारा में शरद पवार ने कहा कि हम उद्धव ठाकरे के साथ महाराष्ट्र की सेवा कर रहे थे. लेकिन कुछ लोगों ने सरकार गिराई.

ऐसा ही देश के अलग-अलग हिस्सों में हुआ. आज महाराष्ट्र और पूरा देश समस्य़ा से जूझ रहा है और जाति-धर्म के आधार पर समाज में बंटवारा किया जा रहा है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अपने मार्गदर्शक और महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण को कराड में उनके स्मारक पर श्रद्धांजलि दी.

 

क्या महाराष्ट्र को मिलने वाला है नया CM, पढ़ें किसने किया दावा और क्यों?

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महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले लगभग दो-ढाई सालों से ऐसी उठापटक चल रही है, जैसे देश में कहीं और नहीं देखने को मिली है। ऐसा पहली बार संभवतः महाराष्ट्र की राजनीति में पहली बार हो रहा हो कि एक के बाद एक दो पार्टियों में बगावत हुई और दोनों भाजपा के साथ सरकार में शामिल हो गई। लेकिन, इस बीच कुछ नए समीकरण बनते हुए भी नजर आ रहे हैं। जानकारों की मानें तो महाराष्ट्र को बहुत जल्द नया CM मिल सकता है।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में एक बड़ी बात कही है। सामना में लिखे एक लेख में शिवसेना ने दावा किया है कि एकनाथ शिंदे को सीएम पद से हटाने के लिए भाजपा ने अजित पवार से हाथ मिलाया है। लेख के अनुसार, जल्द ही एकनाथ शिंदे की जगह कोई और लेगा। माना जा रहा है कि वो या तो अजीत पवार होंगे या फिर देवेंद्र फडणवीस।

हालांकि, सामना में शिवसेना ने दावा किया कि अजित पवार सिर्फ डिप्टी सीएम बनने के लिए सरकार में शामिल नहीं हुए हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और बागी विधायकों को जल्द ही अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा और पवार की ताजपोशी होगी। लेख में ये भी लिखा गया है कि श्राज्य की राजनीति में जो भी घट रहा है, वो लोगों को पसंद नहीं आएगा। महाराष्ट्र में ऐसी राजनीतिक परंपरा नहीं रही है और लोग कभी भी इसका समर्थन नहीं करेंगे।

सामना के अनुसार, अजित पवार ने जो पलटी मारी है, वो असल में सीएम एकनाथ शिंदे के लिए खतरनाक है। अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने का रिकॉर्ड बनाया है और इस बार सौदा मजबूत है। सामना में लिखा गया कि शिवसेना से बगावत करने वाले विधायकों ने बगावत का पहला कारण एनसीपी को बताया था लेकिन वह अब क्या करेंगे? शपथ ग्रहण समारोह के दौरान शिंदे गुट के नेताओं के चेहरे के भाव इस बात का सबूत हैं कि उनका भविष्य अंधकार में है। उनका कथित हिंदुत्व खत्म हो चुका है। वह दिन दूर नहीं है जब शिंदे और उनके बागी साथी अयोग्य ठहरा दिए जाएंगे। रविवार को जो भी घटनाक्रम हुआ, उसका यही निचोड़ है।

सामना के संपादकीय में महाराष्ट्र भाजपा के नेता देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा गया है। लेख में लिखा गया है कि श्फडणवीस ने कहा था कि वह कभी एनसीपी के साथ हाथ नहीं मिलाएंगे लेकिन रविवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह ने भाजपा का असली चेहरा लोगों के सामने ला दिया है।श् सामना के अनुसार, कुछ लोग पहले से ही इस घटनाक्रम के बारे में जानते थे। जो एक साल पहले शिवसेना के साथ हुआ, वही अब एनसीपी के साथ हो रहा है। शरद पवार ने भी कहा है कि कल एक नया दिन होगा और यह कोई भूकंप नहीं है बल्कि यह तो छोटे-मोटे झटके हैं।

PM आवास के ऊपर उड़ता नजर आया ड्रोन, दिल्ली पुलिस की जांच जारी

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लोक कल्याण मार्ग पर बने प्रधानमंत्री मोदी के घर के ऊपर सुबह 5:30 बजे ड्रोन उड़ाने की जानकारी मिली। इसके बाद एसपीजी ने दिल्ली पुलिस को खबर की। दिल्ली पुलिस ने नो फ्लाइंग जोन में ड्रोन उड़ाने वाले की खोज करने के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह एक PCRकॉल मिली कि दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के ऊपर एक ड्रोन जैसी चीज उड़ रही है। हालांकि पुलिस ने जब जांच की तो कुछ नहीं मिला। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल को भी कुछ नहीं मिला।

प्रधानमंत्री आवास परिसर का ऑफिशियल नाम पंचवटी है। यह 4.9 हेक्टेयर (12 एकड़) में फैला हुआ है, जिसमें लुटियंस दिल्ली में 1980 के दशक में बने पांच बंगले शामिल हैं। इनमें प्रधानमंत्री कार्यालय, रेजीडेंसी जोन आते हैं।सभी बंगले मूल रूप से रॉबर्ट टोर रसेल ने डिजाइन किए थे, जो ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की टीम का हिस्सा थे। लुटियंस ने ही 1920 और 1930 के दशक में नई दिल्ली को डिजाइन किया था।

PM हाउस की सुरक्षा स्पेशल प्रोटेक्शन गार्ड SPG करती है। 5 बंगले होने के बावजूद, उन्हें सामूहिक रूप से 7, लोक कल्याण मार्ग कहा जाता है। इसमें प्रधानमंत्री ऑफिस नहीं है लेकिन अनौपचारिक मीटिंग के लिए रूम है। लोक कल्याण मार्ग आम जनता के लिए पूरी तरह से बंद है। राजीव गांधी 1984 में तत्कालीन 7 रेस कोर्स रोड में रहने वाले पहले प्रधानमंत्री थे। PM आवास को पहले 7 रेस कोर्स रोड कहा जाता था। सितंबर 2016 में सड़क का नाम बदलने के बाद से इसका नाम भी 7 लोक कल्याण मार्ग हो गया।

सीएम शिंदे पर संजय राउत का बड़ा बयान, महाराष्ट्र में अभी एक और होगा ‘खेल’

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उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने सोमवार को दावा किया कि एनसीपी नेता अजीत पवार जल्द ही मुख्यमंत्री शिंदे की जगह लेंगे। एनसीपी नेता अजित पवार ने रविवार को एक नाटकीय अंदाज में अपने विधायकों के साथ भाजपा नेतृत्व वाली शिंदे सरकार में शामिल हुए। अजित पवार ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली है। अजित पवार के इस फैसले से एनसीपी प्रमुख शरद पवार को झटका लगा है। उन्होंने इसे बगावत करने जैसा बताया है। इस पर उद्धव ठाकरे के मुखपत्र ‘सामना’ में बड़ा दावा किया गया है

शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा महाराष्ट्र के साथ-साथ देश की राजनीति को भी ‘गंदगी’ में डाल दिया है।सामना के संपादक संजय राउत ने लिखा कि अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का एक रिकॉर्ड बनाया है। इस बार यह डील मजबूत है। इसके साथ ही संजय राउत ने शिंदे सरकार को लेकर बड़ा दावा किया है।

सामना में दावा किया गया कि अजित पवार वहां डिप्टी सीएम पद के लिए नहीं गए हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना के बागी विधायकों को जल्द ही अयोग्य ठहराया जाएगा और पवार की ताजपोशी होगी। यह कदम राज्य के लोगों को अच्छा नहीं लगेगा।

सामना में कहा गया कि महाराष्ट्र में ऐसी कोई राजनीतिक परंपरा नहीं है और इसे लोगों का समर्थन कभी नहीं मिलेगा। मुखपत्र ने दावा किया है कि अजित पवार की कलाबाजी वास्तव में सीएम शिंदे के लिए खतरनाक साबित होने वाला है।सामना में दावा किया गया कि उनका (शिंदे गुट) तथाकथित हिंदुत्व अब खत्म हो गया है। वह दिन दूर नहीं जब शिंदे और उनके विद्रोही सहयोगियों को अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।

उन्होंने लिखा कि जिनके पास सत्ता का अहंकार है और वे मानते हैं कि वे अपने विपक्ष को खरीद सकते हैं, वे लोकतंत्र पर नियंत्रण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस शपथ ग्रहण ने भाजपा का असली चेहरा उजागर कर दिया है।

उत्तराखंड : मौसम विभाग का अलर्ट, इन जिलों में हो सकती है बारिश

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पिथौरागढ़: मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया, छह जुलाई तक प्रदेशभर में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। गढ़वाल के बजाय कुमाऊं क्षेत्र में अधिक बारिश की संभावना है। इसके चलते संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और चट्टान गिरने से सड़क और राजमार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं। नालों-नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। उन्होंने हिदायत दी है, बारिश के दौरान नदी-नालों के आसपास जाने से बचें और मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें।

मानसून आने के बाद से मैदान से लेकर पहाड़ तक लगरातार बारिश का सिलसिला जारी है। पहाड़ी जिलों में भी बारिश जारी है। मुनस्यारी तहसील की बोना नदी का रास्त भारी मलबे ने रोक दिया। इसके चलते नदी पर झील बन गई है। इससे कई गांवों पर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। कुछ दिनों पहले बारिश के बाद बोना नदी में पहाड़ टूटने से नदी का पानी रुक गया था।

पानी अब धीरे-धीरे झील का रूप लेने लगा है। इस कारण नदी किनारे बसे लोदी, दानीबगड़, बिंदी, भिकुड़ी, सेराघाट आदि गांवों को खतरा पैदा हो गया है। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम दानू ने बताया कि कुछ समय पूर्व बारिश के चलते पहाड़ी टूटने से मलबा नदी में गिर गया था। इससे नदी का प्रवाह एकदम रुक गया। अब नदी में पानी बढ़ता जा रहा है। समय रहते कार्यवाही नहीं हुई तो कभी भी पानी का सैलाब गांवों को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने डीएम को पत्र भेजकर शीघ्र जांच के लिए एक टीम क्षेत्र में भेजने की मांग की है।

अजित पवार ने NCP पर ठोका दावा, शरद पवार बोले- जनता तय करेगी

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महाराष्ट्र :  राजनीति में एक बार फिर उलटफेर हुआ है और नेता विपक्ष अजित पवार शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार में शामिल हो गए हैं। शपथ ग्रहण के बाद अजित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी और चुनाव चिन्ह उनके साथ हैं और वह एनसीपी के चुनाव चिन्ह पर ही अगले चुनाव लड़ेंगे।

इस तरह अजित पवार ने NCP पर दावा ठोक दिया है। वहीं शरद पवार ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि कुछ लोग पार्टी पर दावा कर रहे हैं लेकिन यह जनता तय करेगी कि पार्टी किसकी है। इन दोनों बयानों से साफ है कि पार्टी को लेकर लड़ाई हो सकती है। ऐसे में फिर से दल बदल विरोधी कानून के प्रावधानों की चर्चा होगी।

1970 के दशक में भारतीय राजनीति में आया राम गया राम की राजनीति खूब प्रचलित थी। जिसके बाद साल 1985 में 52वें संविधान संशोधन के तहत दल-बदल विरोधी कानून पारित किया गया। संविधान की दसवीं अनुसूची में दल-बदल विरोधी कानून शामिल है और संशोधन के जरिए इसे संविधान में जोड़ा गया।

दल बदल विरोधी कानून के तहत किसी जनप्रतिनिधि को अयोग्य घोषित किया जा सकता है, अगर- कोई निर्वाचित सदस्य स्वेच्छा से किसी राजनीतिक पार्टी की सदस्यता छोड़ देता है या चुनाव के बाद कोई अन्य राजनीतिक पार्टी में शामिल हो जाता है या वह किसी जरूरी वोटिंग से नदारद रहता है।

उत्तराखंड: इस IAS के इस्तीफे की चर्चा! तबादले से नाराज़

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देहरादून: उत्तराखंड में अक्सर नौकरशाही के बेलगाम होने की खबरें सामने आती रहती हैं। कई मौके ऐसे भी आए जब आए नौकरशाहों ने जमकर मनमानी की और सरकारें देखती रह गई।

 

इस बार भी कुछ ऐसी ही खबर सामने आ रही है।मीडिया में चल रही चर्चाओं में कहा जा रहा है कि एक AIS अधिकारी ट्रांसफर से इस कदर परेशान हैं कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।

 

जानकारी के अनुसार IAS (डॉक्टर) का कहना है कि उनको उस जिले में तैनाती नहीं चाहिए, जहां वर्तमान में यात्रा सीजन चल रहा है। कुल मिलाकर बात यह है कि डॉक्टर साहब को आराम की नौकरी बजानी है। सवाल यह है कि जब को आराम ही करना था, तो फिर IAS की नौकरी क्यों ज्वाइन की।

 

जनाब पहले डॉक्टरी में थे। डॉक्टरी छोड़ पब्लिक सर्विस में आए। अब कहा जा रहा है कि उनको आराम वाली पोस्टिंग चाहिए। हालांकि अब तक इसकी पुष्टि नहीं है। जानकारी यह भी है की AIS अधिकारी को मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

कुछ मीडिया रिपोर्टों का यह भी कहना है कि IAS अधिकारी जो डॉक्टर हैं, उनका यूपी में अस्पताल बन रहा है। उनका अस्पताल लगभग बनकर तैयार हो चुका है। यही कारण है कि DM साहब मौका देखकर नौकरी छोड़ अस्पताल चलाने के लिए जाना चाहते हैं।

 

हालांकि इन बातों में कितनी सच्चाई है। इन बातों का पता AIS अधिकारी के खुलकर सामने आने के बाद या फिर इस्तीफे के कारणों की जानकारी सामने के बाद ही पता चल पाएगा।