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क्यों हो रहीं हार्ट अटैक से अचानक मौतें जानकर हो जाएंगे हैरान!

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अचानक हार्ट अटैक से हो रही मौतों की वास्तविक वजह क्या कोरोना ही है या कोई और खास कारण। इसको लेकर देश के अलग-अलग राज्यों के 70 प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शोध शुरू हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आईसीएमआर को अचानक होने वाली मौत के कारणों की वजह जानने के लिए यह शोध करने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक इन अस्पतालों में तकरीबन 300 से ज्यादा प्रमुख विशेषज्ञ यह पड़ताल करने में जुटे हैं कि क्या कोविड की वजह से शरीर में कुछ ऐसे परिवर्तन हुए, जिसके चलते अचानक हार्ट अटैक की खबरें और वीडियो सामने आने लगे। ICMR से जुड़े चिकित्सकों के मुताबिक कुछ महीनों में शोध की रिपोर्ट सामने आएगी, जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपा जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में अचानक सामने आ रही लोगों की हार्ट अटैक से होने वाली मौत पर सघन शोध करने के लिए ICMR को जिम्मेदारी दी है। इस शोध में 18 से 45 साल की उम्र के लोगों की हुई अचानक मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश के 40 प्रमुख मेडिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट में तकरीबन 300 से ज्यादा विशेषज्ञ इस तरह से होने वाली मौत के कारणों का पता लगाने के लिए मल्टी सेंट्रिक अध्ययन शुरू कर चुके हैं। इसी तरह दूसरे शोध में पिछले साल 18 से 45 साल की उम्र के बीच में हुई मौतों के लिए कोविड वैक्सीन के प्रभाव को समझने के लिए भी स्टडी चल रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक यह स्टडी देश के 30 अलग-अलग कोविड-19 कोविड रजिस्ट्री हॉस्पिटल्स में चल रही है।
इस शोध में शामिल ICMR के विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक हो रही मौत के कारणों को जानने के लिए तीन तरह से शोध देश के अलग-अलग प्रमुख चिकित्सा संस्थानों और कोविड रजिस्ट्री हॉस्पिटल्स में चल रही है। शोध से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में वर्चुअल और फिजिकल डेड बॉडीज के माध्यम से युवाओं में अचानक होने वाली मौत के कारणों को जानने के लिए भी एक अलग अध्ययन चल रहा है। इस शोध में शामिल विशेषज्ञों का कहना है कि 18 से 45 साल की उम्र के लोगों की मौत के बाद उनके शव को अध्ययन कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि अचानक होने वाली मौत के पीछे के असली क्या कारण हैं।
बीते कुछ वक्त में जिस तरह से लोगों के मोबाइल में अचानक हंसते-गाते, खेलते-कूदते लोगों की हार्टअटैक से होने वाली मौत के वीडियो सामने आ रहे हैं, उसे लेकर हृदय रोग विशेषज्ञों की एक अलग राय है। चंडीगढ़ पीजीआई के एडवांस कार्डियक सेंटर के प्रोफेसर डॉ रोहित मनोज कहते हैं कि अचानक हार्ट अटैक से होने वाली मौत कोई पहली बार नहीं हो रही है। वह कहते हैं कि इस तरह की वालीं अचानक मौतें पहले भी होती थीं। वह कहते हैं कि दिल की गंभीर बीमारियों में मौत का यह कॉमन कारण होता है।

 

उनका मानना है कि यह अलग बात है कि इस वक्त लोगों के मोबाइल में इस तरीके के वीडियो पहुंच रहे हैं, तो इस पर चर्चा भी हो रही है और शोध भी शुरू हो गया है। डॉक्टर रोहित मनोज के मुताबिक शोध के नतीजे बहुत कुछ और स्पष्ट भी कर देंगे। लखनऊ किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी के पूर्व विभागाध्यक्ष और मेदांता के कार्डियोलॉजी के डायरेक्टर डॉ आरके सरन कहते हैं कि शोध करने से निश्चित तौर पर कुछ न कुछ तो निकल कर सामने आएगा। हालांकि उनका मानना है कि दिल की बीमारियों में अचानक होने वाले हार्ट अटैक की संभावनाएं सबसे ज्यादा होती हैं। वह कहते हैं कि ऐसी मौतें पहले भी होती थीं।

दिल्ली NCR के प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञ और यथार्थ हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर पंकज रंजन कहते हैं कि कोविड के बाद जिस तरीके से हार्ट अटैक के अचानक मामले बढ़े हैं वह निश्चित तौर पर शोध का विषय है। डॉ पंकज मानते हैं कि संभव है कि कोविड संक्रमण के दौरान शरीर के अन्य अंगों पर कुछ न कुछ दुष्प्रभाव पड़ा हो। क्योंकि यह संक्रमण सामान्य इन्फेक्शन नहीं था। इसलिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से किए जा रहे इस शोध में कुछ भी चौंकाने वाले परिणाम सामने आ सकते हैं।

डॉक्टर पंकज कहते हैं कि जिस तरीके से कोविड के दौर में नौकरी जाने से लेकर तमाम तरह की परेशानियों की वजह से लोगों में तनाव बढ़ा है, वह शरीर के अंगों पर निश्चित तौर पर दुष्प्रभाव डालता रहा है। इसलिए आईसीएमआर की ओर से किए जाने वाले शोध से दिल की बीमारियों खासतौर से 18 से 45 साल की उम्र में होने वाली मौतों पर कुछ नई जानकारियां सामने आएंगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक इस मामले में चल रहे शोध के नतीजों को गहन अध्ययन के बाद ही आम लोगों के बीच लाया जाएगा।

इसके पीछे तर्क देते हुए ICMR के विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक उनके शोध के नतीजे इस पर आधारित न हों कि अचानक हार्ट अटैक से होने वाली मौत के पीछे कोविड संक्रमण ही वजह है, तब तक इसके नतीजे जाहिर करने का कोई औचित्य नहीं है। शोध करने वाले विशेषज्ञों का भी मानना है कि हार्ट अटैक से होने वाली मौतें अचानक ही होती आई हैं। हालांकि शोध के नतीजे कब तक आएंगे, इसे लेकर ICMR से जुड़ी टीम ने कोई विशेष तारीख तो नहीं बताई, लेकिन यह जरूर कहा कि जल्द ही इसके नतीजे सामने होंगे। क्योंकि यह शोध देश के अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग चिकित्सा संस्थानों में हो रहा है और सबके अपने अपने निष्कर्ष सामने आने वाले हैं।

INDIA का एक और सियासी दांव, मणिपुर जाएंगे विपक्षी सांसद

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मणिपुर में अभी भी दो समुदायों मैतेई और कुकी के बीच हिंसा रूकने का नाम नहीं ले रही है। वहीं, इस बीच ये खबर भी सामने आई है कि भारत गठबंधन के सांसदों का एक दल 29-30 जुलाई को मणिपुर का दौरा करेगा।

मणिपुर में हो रही हिंसा को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी बवाल मचा हुआ है। वहीं, इस बीच RLD अध्यक्ष जयंत चौधरी संसद सत्र में शामिल होने के लिए गुरुवार को काले कपड़े पहनकर पहुंचे और पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा।

आरएलडी अध्यक्ष ने कहा- “विरोध के लिए नए-नए तरीके अपनाने पड़ रहे हैं क्योंकि सदन की गंभीरतपूर्वक कार्यवाही होनी चाहिए। सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। साथ ही मणिपुर की घटना को लेकर प्रधानमंत्री को एक वक्तव्य देना चाहिए, ताकि पूरे देश को एक संदेश जाए कि मणिपुर की घटना को लेकर सभी लोग गंभीर हैं। इसलिए काला कपड़ा पहनकर विरोध कर रहे हैं।

उत्तराखंड : विभाग के पास खतरनाक पुलों की पूरी लिस्ट, फिर किस बात का इंतजार…?

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  • इक्स्क्लूसिव 

देहरादून: मालन नदी का पुल ढहने के बाद और उससे पहले जब गुजरात के मोरबी में पुल हादसा हुआ था, हर बार प्रदेश में पुलों के सुरक्षा का शोर चमता है। बड़ी बात यह है कि लोक निर्माण विभाग को अपने सभी पुलों की बदहाली की पूरी कहानी पता है। बाकायदा पुलों की रेंटिंग जारी की जाती है। बावजूद कोई ठोस कदम समय से नहीं उठाए जाते हैं।

प्रदेशभर में कई मोटर पुल ऐसे हैं, जिनकी रेंटिंग बहुत खराब है। लोक निर्माण विभाग ने उन पुलों को खुद ही रेड मार्क दिए हैं। रेड रेंटिंग का मतलब यह होता है कि यह अब वाहनों के चलने के लिए खतरनाक हैं। विभाग को पता होने के बाद भी इन पुलों पर वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है।

विभाग की रिपोर्ट के अनुसार ऐसे करीब 75 पुल हैं। कुछ डेटा विभाग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। इसके अनुसार करीब 40 पुल से ऐसे हैं, जो अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं और इन पर चलना जान को जोखिम में डालना है। फिर भी इन पुलों पर धड़ल्ले से वाहन दौड़ रहे हैं।

इनमें कुछ पुल ऐसे भी हैं, जिनका निर्माण 1960 और 1970 के दशक में हुआ है। जबकि, कुछ ऐसे भी हैं, जिनका निर्माण पिछले 10 सालों के भीतर ही हुआ है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि 1960 और 70 में बने पुलों से आज के बने हुए पुल कितने कमजोर साबित हो रहे हैं। इससे साफ है कि पुलों को निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है। भ्रष्टाचार से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

मानसून सत्र : दोनों सदनों में काले कपड़ों में पहुंचे विपक्ष के सांसद

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विपक्ष ने मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। विपक्ष ने बुधवार को नोटिस दिया था, जिसे लोकसभा स्पीकर ने स्वीकार कर लिया। अब लोकसभा स्पीकर जो दिन तय करेंगे, उस दिन अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। अविश्वास प्रस्ताव में विपक्ष मणिपुर के हालात पर चर्चा की मांग कर सकता है। वहीं, दिल्ली के अध्यादेश पर भी संसद में चर्चा हो सकती है। इसे लेकर जदयू ने राज्यसभा सांसदों को व्हिप जारी किया है। व्हिप में जदयू ने सभी सांसदों को पार्टी के स्टैंड का समर्थन करने की बात कही है। विरोध में आज विपक्षी सांसद आज काले कपड़े पहनकर संसद की कार्यवाही में भाग लेंगे।

विपक्षी गठबंधन INDIA के सभी सदस्य आज काले कपड़े पहनकर मणिपुर के हालात पर सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताएंगे। विपक्ष, मणिपुर के हालात पर विस्तृत चर्चा और प्रधानमंत्री से इस पर बयान देने की मांग कर रहा है। गुरुवार को विपक्षी नेताओं की बैठक भी हुई, जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि हमें संसद में बोलने का मौका नहीं मिलता. हमने मांग की कि पीएम मोदी संसद में आएं और मणिपुर मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करें. पता नहीं प्रधानमंत्री क्यों नहीं बोल रहे हैं? हमें मजबूरन अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा. हम जानते हैं कि इससे सरकार नहीं गिरेगी लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं है. देश के प्रधानमंत्री को देश के सामने आना चाहिए और मणिपुर पर बोलना चाहिए.

राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। यह अविश्वास प्रस्ताव इसलिए नहीं है कि हम प्रधानमंत्री को पसंद नहीं करते हैं बल्कि हम मणिपुर के लोगों के लिए जवाबदेही तय करना चाहते हैं। सरकार) पास सदन में बहुमत है लेकिन नैतिक बहुमत नहीं है….अगर प्रधानमंत्री मोदी इस पर बोलते हैं तो हो सकता है कि मणिपुर में हालात बेहतर हो जाएं।

चीफ जस्टिस ने मस्जिद पक्ष से पूछा, किसी पर नहीं तो हम पर कैसे भरोसा करेंगे?

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ज्ञानवापी परिसर के एएसआइ सर्वे संबंधी जिला जज वाराणसी के आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट में बुधवार को दिनभर में दो चरणों में चार घंटे तक सुनवाई चली।

इस दौरान एक बार मुख्य न्यायाधीश ने मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता से कहा, जब आप किसी पर भरोसा नहीं करते हैं, तो फैसले पर कैसे भरोसा करेंगे? जब आपको किसी पर भरोसा नहीं तो हमारे आदेश पर कैसे भरोसा करेंगे? हम आदेश पास करें, उसे हिंदू पक्ष और एएसआइ नहीं मानेगा?

डोईवाला में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड टाउनशिप का विरोध, राकेश टिकैत बोले-एक इंच जमीन नहीं जाने देंगे

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देहरादून: डोईवाला में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड टाउनशिप का विरोध शुरू हो गया है. कांग्रेस ने इस मसले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे. आज इंटीग्रेटेड टाउनशिप के विरोध में डोईवाला में महापंचायत का आयोजन किया गया. महापंचायत में पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि वो किसानों की एक इंच जमीन भी नहीं जाने देंगे.

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार किसान विरोधी है, जो किसानों की जमीनों को सस्ते दामों पर खरीद कर पूंजीपतियों को देने की तैयारी कर रही है, लेकिन पूरे भारत का किसान एकजुट है और डोईवाला के किसानों के साथ खड़ा है. राकेश टिकैत का कहा कि किसानों की एक इंच भी जमीन किसी को नहीं लेने देंगे.

राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार उद्योगपतियों के हाथों में बिक चुकी है. किसानों की जमीन को ओने पौने दामों में खरीदकर पूंजीपतियों को दे रही है. केंद्र सरकार किसानों की जमीनों की दुश्मन है. बीजेपी सरकार की कथनी और करनी में अंतर है. किसान सरकार की मंशा को पूरा नहीं होने देंगे.

दरअसल, चर्चा है कि सरकार डोईवाला में कई गांवों की जमीनों का अधिग्रहण कर वहां इंटीग्रेटेड टाउनशिप बनाने जा रही है. तभी से डोईवाला के किसान आंदोलन कर रहे हैं. कल मंगवलार 25 जुलाई को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी सरकार के इस फैसला का विरोध किया था. उन्होंने ने भी सरकार के इस फैसले को किसान विरोधी बताया था.

‘हिरण्यकश्यप’ का कॉन्सेप्ट टीजर जारी, रोंगटे खड़े कर रहा राणा दग्गुबाती का अवतार

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साउथ सुपरस्टार राणा दग्गुबाती ने बीते दिन अमेरिका में आयोजित सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में फैंस को बड़ा तोहफा दिया। एक्टर ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘हिरण्यकश्यप’ की अनाउंसमेंट की। साथ ही अपने लुक से पर्दा उठाकर सुर्खियों का हिस्सा बन गए।

फर्स्ट लुक को देखकर ही साफ हो गया कि राणा इसमें एक राक्षस के किरदार में नजर आएंगे। वहीं, अब मूवी का कॉन्सेप्ट टीजर भी जारी कर दिया गया है, जिसमें राणा का दमदार अंदाज रोंगटे खड़े करने वाला है।

एक एक्टर के रूप में दर्शकों का बेशुमार प्यार हासिल करने के बाद राणा दग्गुबाती अब अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करके सिनेमाई क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने का लक्ष्य बना रहे हैं। इस लक्ष्य की खोज में, राणा ने हाल ही में अपनी अपकमिंग फिल्म ‘हिरण्यकश्यप’ का कॉन्सेप्ट टीजर जारी कर दिया है, जो अमर चित्र कथा कॉमिक्स में से एक से प्रेरित है।

‘हिरण्यकश्यप’ का कॉन्सेप्ट टीजर जारी करते हुए ‘बाहुबली’ स्टार ने कैप्शन में लिखा है, ‘राक्षस आ गया है। हमारे अगले प्रोजेक्ट में उन्हें जीवंत होते हुए देखें।’ फिल्म का टीजर सामने आते ही सोशल मीडिया पर छा गया है। फैंस, कमेंट सेक्शन में मूवी के लिए अपनी उत्सुकता जाहिर करते नजर आ रहे हैं।

‘हिरण्यकश्यप’ फिल्म की कहानी चर्चित डायरेक्टर त्रिविक्रम श्रीनिवास लिख रहे हैं। वहीं, राणा दग्गुबाती को राक्षस राजा की भूमिका में देखने के लिए फैंस काफी ज्यादा उत्साहित हो उठे हैं। डायरेक्टर गुणशेखर ने अपनी टीम के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट पर कुछ वर्ष तक काम किया था। हालांकि, जब यह प्रोजेक्ट प्री-प्रोडक्शन के दौर में था, तभी किन्हीं कारणोंवश ठंडे बस्ते में चला गया, लेकिन अब मूवी पर नए और बेहतरीन तरीके से वापस से काम शुरू होने जा रहा है।

PayTM ONDC ऐप से टमाटर की फ्री डिलीवरी

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देशभर में हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से टमाटर की फसल खराब हो गई है। साथ ही बारिश की वजह से सड़के टूटने और यातायात बाधित रहने की वजह से टमाटर की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में टमाटर की कीमतें आसमान छू रही हैं।

मौजूदा वक्त में दिल्ली के बड़े शहरों में टमाटर 100 से लेकर 300 रुपये में बिक रहा है। अगर आप महंगाई की वजह से टमाटर का स्वाद नहीं ले पा रहे हैं, तो आपके पास सस्ते में टमाटर खरीदने का मौका है। इसके लिए Paytm की तरफ से टमाटर की फ्री डिलीवरी की जा रही है। साथ ही यहां से ओपन मार्केट से कम कीमत पर टमाटर खरीद पाएंगे। आइए जानते हैं कि आखिर कैसे टमाटर की सस्ते में खरीददारी की जा सकती है।

ऐसे ऑनलाइन ऑर्डर करें टमाटर

सबसे पहले पेटीएम ऐप को ओपन करें।

इसके बाद सर्च बार में ONDC टाइप करें।

फिर ONDCऑप्शन पर टैप करें।

इस ओएनडीसी ग्रॉसरी पेज पर टैप करना होगा।

इसके बाद फ्रूट और वेजिटेबल ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।

इसके बाद आप जितना टमाटर खरीदना चाहते, तो उसे सीधे ऑर्डर कर सकते हैं।

इसके लिए आपको डिलीवर एड्रेस दर्ज करना होगा।

इसके बाद पेमेंट ऑप्शन सेलेक्ट करके ऑर्डर करना होगा।

इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर कंफर्मेशन मैसेज आएगा।

उत्तराखंड : कारगिल विजय दिवस पर CM धामी ने सेना के अदम्य साहस व शौर्य को किया नमन

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवसपर भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य को नमन किया। उन्होंने गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक स्थल पर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

CM ने कहा कि कारगिल युद्ध में बड़ी संख्या में उत्तराखंड के सपूतों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति दी। राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है। भारत की सेना ने अपने शौर्य और पराक्रम से हमेशा देश का मान बढ़ाया है। हमें अपने जवानों की वीरता पर गर्व है।

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को नमन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

राज्यपाल ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने अदम्य साहस, शौर्य और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन किया था। इस विजय अभियान में भारतीय सेना के कई शूरवीरों ने देश के लिए अपना बलिदान दिया, जिसमें उत्तराखंड के कई वीर सैनिक भी शामिल थे।

उन्होंने कहा भारत की सेना ने अपने शौर्य और पराक्रम से हमेशा देश का गौरव बढ़ाया है जिस पर हम सभी को गर्व है। शौर्य दिवस देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर तैनात वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन भी है। इन वीर जवानों के त्याग एवं बलिदान के कारण ही राष्ट्र की सीमाएं सुरक्षित हैं।

सरकार पर भड़के खरगे- यहां लोकतंत्र नहीं, मेरा माइक बंद कर अपमान किया

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सदन में विपक्ष को बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है. खरगे ने कहा कि मेरा माइक को बंद किया गया, मेरा अपमान हुआ है. इस मसले पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया, जिसके बाद राज्यसभा चेयरमैन ने पूरे हंगामे को रिकॉर्ड से हटाने का ऑर्डर दिया.

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी पार्टियों ने लोकसभा में हंगामा किया. कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां तुरंत मणिपुर पर चर्चा की मांग कर रही हैं. इस बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 12 बजे तक सदन को स्थगित कर दिया है. 12 बजे प्रश्नकाल की शुरुआत होगी, तब अविश्वास प्रस्ताव पर बात हो सकती है.

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह से मुलाकात की. संजय सिंह को राज्यसभा से निलंबित किया गया है, वह इसके विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. सोनिया गांधी ने संजय सिंह से मुलाकात कर उन्हें समर्थन देने की बात कही है.

लोकसभा स्पीकर को अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस मिल गए हैं. 12 बजे जब प्रश्नकाल शुरू होगा, तब स्पीकर इसपर कोई फैसला लेंगे. अगर 50 से अधिक सांसद अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में आते हैं, तब स्पीकर को इसे स्वीकार करना होगा और फिर चर्चा के लिए समय तय किया जाएगा.