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रावण की तरह केवल दो लोगों की सुनते हैं PM मोदी, एक अमित शाह और दूसरा अडानी

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मणिपुर में हुई हिंसा के मद्देनज़र लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का आज दूसरा दिन है. बुधवार को भी दोपहर 12 बजे चर्चा शुरू हुई और विपक्ष की ओर से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपनी बात कही. राहुल के भाषण की शुरुआत ही हंगामेदार रही और जैसे ही उन्होंने गौतम अडानी का नाम लिया, वैसे ही हंगामा शुरू हो गया. राहुल के अलावा आज ही अमित शाह, स्मृति ईरानी भाषण दे रही हैं.

राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर संसद में तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस तरह से रावण केवल दो लोगों मेघनाथ और कुंभकर्ण की सुनता था। ठीक उसी तरह से पीएम मोदी भी केवल दो लोगों एक अमित शाह और दूसरे अडानी की सुनते हैं। इतना ही नहीं, राहुल गांधी ने यह भी कहा कि रावण को भगवान राम ने नहीं, बल्कि रावण के अंहकार ने मारा था।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को धन्यवाद करते हुए की. राहुल ने कहा कि आपने मुझे संसद में दोबारा वापस लिया. राहुल गांधी ने इस दौरान उद्योगपति गौतम अडानी का नाम लिया, जिसपर सदन में हंगामा हो गया. राहुल गांधी ने कहा कि आज मैं दिमाग नहीं दिल की बात करूंगा, मैं आपपर इतने गोले नहीं दागूंगा. राहुल गांधी ने कहा कि पिछले साल मैं भारत के एक कोने से दूसरे कोने तक हजारों लोगों के साथ चला, समंदर के तट से कश्मीर की बर्फीली पहाड़ियों तक चला. यात्रा के दौरान मुझसे लोगों ने पूछा कि तुम क्यों चल रहे हो, तुम्हारा लक्ष्य क्या है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि जिस चीज़ के लिए मैं मोदी सरकार की जेलों में जाने के लिए तैयार हूं, भारत जोड़ो यात्रा शुरू करने से पहले मेरे दिल में अहंकार था. लेकिन भारत अहंकार को मिटा देता है, यात्रा की शुरुआत में ही घुटनों में दर्द शुरू हुआ. जब भी मेरा दर्द बढ़ता था, तब कोई शक्ति मेरी मदद करती थी. एक बच्ची ने मुझे चिट्ठी दी, जिसने मेरे लिए शक्ति का काम किया. ये सिलसिला चलता रहा, एक दिन किसान ने मुझे अपने खेत की रुई पकड़ाई और अपना दुख मुझसे साझा किया.

पीएम मोदी पर तीखा हमला

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि ये देश एक आवाज़ है, ये इस देश के लोगों का दर्द है और कठिनाइयां है. राहुल ने कहा कि मैं कुछ दिन पहले मणिपुर गया था, लेकिन प्रधानमंत्री अभी तक नहीं गए हैं. प्रधानमंत्री के लिए मणिपुर हिंदुस्तान नहीं है, आज मणिपुर दो हिस्से में बांट दिया गया है. राहुल गांधी ने बताया कि मणिपुर में एक महिला ने मुझे बताया कि उसके इकलौते बेटे को गोली मार दी गई, मैं पूरी रात उसकी लाश के साथ रही.

जब वो महिला अपनी आपबीती बता रही थी तब वह बात करते हुए बेहोश हो गई. मंगलवार को जब चर्चा शुरू हुई तब कांग्रेस की ओर से गौरव गोगोई, बीजेपी की ओर से निशिकांत दुबे, टीएमसी की ओर से सौगत रॉय, एनसीपी की ओर से सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी की ओर से डिंपल यादव समेत अन्य नेताओं ने अपनी बात कही. इस दौरान राहुल गांधी को लेकर सदन में हंगामा भी हुआ.

SBI, PNB, HDFC और ICICI Bank के ATM से पैसा निकालने का बदला नियम

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देश के सभी बैंक अपने ग्राहकों को हर महीने एक निश्चित संख्या में एटीएम लेनदेन मुफ्त में देते हैं। अगर महीने भर के अंदर ये सीमा पार हो जाती है, तो ग्राहकों को प्रत्येक एटीएम लेनदेन पर अतिरिक्त भुगतान करना होगा, चाहे ये वित्तीय हो या गैर-वित्तीय।

भारतीय रिजर्व बैंक के नवीनतम दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंक मुफ्त लेनदेन की संख्या से अलग प्रत्येक निकासी पर अधिकतम 21 रुपये का शुल्क ले सकते हैं। आइए, जान लेते हैं कि कौन से बैंक एक महीने में कितने ट्रांजेक्शन की लिमिट देते हैं और उसके बाद आपको कितना चार्ज भरना पड़ेगा। अधिकांश बैंक ग्राहकों को हर महीने 5 मुफ्त लेनदेन की पेशकश करते हैं। यदि इसका उपयोग नहीं किया जाता है, तो ये सीमा अगले महीने तक आगे नहीं बढ़ती है। आइए, देश की कुछ प्रमुख बैंको के नियमों के बारे में जान लेते हैं।

पीएनबी मेट्रो और गैर-मेट्रो दोनों क्षेत्रों में अपने एटीएम पर हर महीने 5 मुफ्त लेनदेन की अनुमति देती है। इसके बाद ग्राहकों को प्रत्येक लेनदेन पर 10 रुपये देने होंगे। वहीं, अन्य बैंकों के एटीएम पर पीएनबी मेट्रो सिटी में तीन और गैर-मेट्रो सिटी में पांच मुफ्त लेनदेन की पेशकश करता है। इसके बाद बैंक वित्तीय लेनदेन के लिए 21 रुपये प्लस टैक्स वसूलेगा। गैर-वित्तीय लेनदेन के लिए PNB 9 रुपये प्लस कर लगाएगी।

भारतीय स्टेट बैंक 25,000 रुपये से अधिक की औसत मासिक शेष राशि के लिए अपने एटीएम पर 5 मुफ्त लेनदेन (गैर-वित्तीय और वित्तीय सहित) प्रदान करता है। इस राशि से ऊपर लेनदेन असीमित है। सीमा से अधिक वित्तीय लेनदेन के लिए एसबीआई एटीएम पर जीएसटी के साथ 10 रुपये का शुल्क लगता है। अन्य बैंक एटीएम पर, ये प्रति लेनदेन 20 रुपये प्लस जीएसटी है।

ICICI Bank अपने ग्राहकों को हर महीने गैर-मेट्रो क्षेत्रों में 5 और 6 मेट्रो क्षेत्रों में 3 मुफ्त लेनदेन की अनुमति देती है। उसके बाद, आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम पर प्रत्येक गैर-वित्तीय लेनदेन के लिए 8.5 रुपये और प्रत्येक वित्तीय लेनदेन के लिए 21 रुपये का शुल्क लिया जाता है।

HDFC Bank के ATM पर हर महीने 5 मुफ्त लेनदेन की सीमा है। गैर-बैंक एटीएम के लिए मेट्रो क्षेत्रों में इसकी सीमा 3 लेनदेन और गैर-मेट्रो क्षेत्रों में 5 लेनदेन है। सीमा पार होने के बाद ग्राहकों से प्रत्येक वित्तीय लेनदेन के लिए 21 रुपये और प्रत्येक गैर-वित्तीय लेनदेन के लिए 8.5 रुपये शुल्क लिया जाएगा।

गौरीकुंड में फिर बड़ा हादसा, मलबे में दबे तीन बच्चे, दो की मौत

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गौरीकुंड: भारी बारिश और भूस्खलन के कारण लगातार संकट मंडरा रहा है। पिछले कुछ दिनों में भूस्खलन के चलते कई लोगों की जानें जा चुकी हैं। गौरीकुछ में 23 लोग लापता हो गए थे। जिनका अब तक पता नहीं चल पाया है। अब गौरीकुंड में एक और हादसा हो गया। भूस्खलन के कारण तीन बच्चे मलबे में दब गए थे, जिनमें से दो बच्चों की मौत हो गई है। रुद्रप्रयाग पुलिस ने इसकी पुष्टि की है।

जानकारी के अनुसार हादसा आज सुबह हुआ है। सुबह करीब लगभग पांच बजे गौरी गांव में भारी भूस्खलन होने से तीन बच्चे मलबे में दब गए। तीनों बच्चों को मलबे से निकाला गया, जिनमें से दो बच्चों की मौत हो गई। एक बच्चे का उपचार चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ बारिश के चलते कोटद्वार में एक बस मलबे में फंस गई।

बुधवार सुबह गौरी गांव में नेपाली मूल के तीन बच्चे भूस्खलन की चपेट में आने से मलबे में दब गए। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तीनों बच्चों को मलबे से निकाला गया। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि इन बच्चों को गौरीकुंड हॉस्पिटल में उपचार के लिए लाया गया, जहां दो बच्चों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि एक बच्चे का उपचार चल रहा है।

मौसम विभाग ने आज भी देहरादून सहित पांच जिलों के लिए ऑरेंज और शेष जनपदों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

इन जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जनपदों में कहीं-कहीं गर्जना के साथ बिजली चमकने और तीव्र बारिश होने की संभावना है। हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में भी कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका हैं।

बस पर गिरा बोल्डर, महाराष्ट्र के एक यात्री की मौत

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यमुनोत्री: भारी बारिश लगातार आफत बनकर बरस रही है। कहीं होटल धराशाई हो रहे हैं तो कहीं कारें खिलौनी की तरह तेज बहाव में बह रही हैं। भूस्खलन से लगातार जानक का खतरा बना हुआ है। ऐसा ही एक हादसा यमुनोत्री हाईवे पर हुआ। यहां यमुनोत्री जा रही महाराष्ट्र के यात्रियों की बस पर पहाड़ी से पत्थर आ गिरा। हादसे में एक यात्री की मौत हो गई है।

बस ओजरी डाबरकोट स्लाइड्स जोन के पास से गुजर रही थी। इस दौररान पहाड़ी से अचानक बस पर भारी मलबा बोल्डर गिर गया। चट्टानी बोल्डर गाड़ी की खिड़की तोड़कर अंदर घुस गया, जिससे एक यात्री की मौत हो गई, जबकि कई घायल हो गए।

बारिश और मलबा गिरने के चलते यमुनोत्री हाईवे पर आवाजाही मुश्किल बनी हुई है। बुधवार सुबह ओजरी डाबरकोट में वाहनों की आवाजाही शुरू होने के कुछ ही देर में एक यात्रा वाहन पत्थर बोल्डर की चपेट मेंआ गय।

हादसे में एक यात्री की मौत हो गई जबकि कई यात्री घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने दोनों ओर वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोका। घायलों को बडकोट सीएचसी लाया जा रहा है।

उत्तराखंड : बागेश्वर विधानसभा उपचुनाव की तारीखों का ऐलान, ये है पूरा कार्यक्रम

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बागेश्वर विधान सभा उपचुनाव लिए चुनाव आयोग ने मंगलवार को कार्यक्रम जारी कर दिया है। उपचुनाव की अधिसूचना 10 अगस्त को जारी की जाएगी। वहीं, पांच सितंबर को वोटिंग होगी। बता दें कि यह सीट पूर्व कैबिनेट मंत्री चंदनराम दास के निधन के बाद खाली हुई थी।

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ये है कार्यक्रम

  • 10 से 17 अगस्त के बीच होगा नामांकन।

  • 21 अगस्त नाम वापसी की अंतिम तारीख।

  • 5 सितंबर को होगी वोटिंग।

  • 8 सितंबर को होगी मतगणना।

14 को तीलू रौतेली और 35 महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को IRDT सभागार सर्वे चौक में आयोजित कार्यक्रम में राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार 2022-23 प्रदान किये। इस वर्ष 14 महिलाओं को राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार और 35 महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार प्रदान किया गया। सभी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को 51-51 हजार रूपये की धनराशि उनके खाते में डिजिटल हस्तांतरित की गई।

मुख्यमंत्री ने पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली मातृशक्ति को सम्मानित कर वे स्वयं गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वीरांगना तीलू रौतेली ने 15 वर्ष की उम्र में युद्ध भूमि में अपने रण कौशल द्वारा अपने विरोधियों को परास्त किया था। अपूर्व शौर्य, संकल्प और साहस की धनी वीरांगना तीलू रौतेली को उत्तराखंड की झांसी की रानी कहकर याद किया जाय तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

उन्होंने 15 से 22 वर्ष की आयु के मध्य सात युद्ध लड़े और अपनी वीरता और रण कौशल का परिचय दिया। राज्य सरकार ने तीलू रौतेली पुरुस्कार की धनराशि 31 हजार रुपए से बढ़ाकर 51 हजार रुपए की है, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरुस्कार की धनराशि भी 21 हजार से बढ़ाकर 51 हजार रुपए की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति मजबूत करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। माता-पिता के बाद बच्चों को संस्कार देने की शुरुआत आंगनबाड़ी केंद्रों से ही होती है। राज्य सरकार द्वारा आंगनबाड़ी बहनों का मानदेय 7500 रुपए से बढ़ाकर 9300 रुपए किया है। मिनी आंगनबाड़ी बहनों के मानदेय को भी 4500 से बढ़ाकर 6250 और सहायिकाओं का मानदेय 3550 से 5250 रुपए किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास के लिए हर क्षेत्र में मातृ शक्ति की बड़ी भूमिका रही है। उत्तराखण्ड को अलग राज्य बनाने की मांग हेतु हुए आंदोलन में सबसे बड़ा बलिदान हमारी मातृशक्ति ने ही दिया था। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं, चाहे घर हो या युद्ध का मैदान, राजनीति हो या सिनेमा, वैज्ञानिक क्षेत्र हो या कृषि, शिक्षा और अनुसंधान का क्षेत्र महिलाओं ने हर जगह अपने आपको साबित किया है।

आज प्रदेश के सुदूर गांवों में महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाकर कुटीर उद्योगों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रही हैं। महिलाओं के पास कौशल की कभी कोई कमी नहीं रही और अब यही कौशल उनकी और उनके परिवारों की आर्थिकी को बल प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य किया है। आज वित्तीय समावेश से लेकर सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा से लेकर आवास, शिक्षा से लेकर उद्यमिता तक नारी शक्ति को भारत की विकास यात्रा में सबसे आगे रखने के लिए कई प्रयास किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कार्य किये जा रहे हैं। लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, शौचालयों का निर्माण, महिला स्वयं सहायता समूह के लिए विशेष कोष का गठन जैसे अनेक कार्य किये गये हैं। आज प्रदेश की समस्त माताओं और बहनों ने अपने अथक परिश्रम से जहां एक ओर आर्थिक रूप से अपने आपको आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है वहीं देवभूमि की सभ्यता और संस्कृति को भी जीवंत रखा है।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि तीलू रौतेली के जन्मदिवस के सुवअसर पर आधुनिक तीलू रौतेली व आंगनबाडी कार्यकत्रियों का सम्मान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा महिला सशक्तीकरण के लिए राज्य में लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। दोनों पुरुस्कारों की धनराशि बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि सामाजिक भेदभाव समाप्त कर ही समाज में महिलाओं की तरक्की सुनिश्चित हो सकती है। उन्होंने तीलू रौतेली एवं ऑगनबाड़ी पुरूस्कार प्राप्त करने वाली महिलाओं को बधाई दी।

राहुल गांधी को 12 तुगलक लेन का बंगला फिर मिला, बोले : पूरा हिन्दुस्तान में घर

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नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल होने के एक दिन बाद मंगलवार को उनका पुराना सरकारी बंगला आवंटित करने का निर्णय किया गया है. सूत्रों ने बताया कि संसद की आवास संबंधी समिति ने इस बारे में निर्णय किया है. समझा जाता है कि राहुल गांधी को 12 तुगलक लेन स्थित उनका पुराना बंगला वापस आवंटित किया गया है.

इस बारे में पूछे जाने पर राहुल गांधी ने मीडिया से कहा कि ‘मेरा घर पूरा हिन्दुस्तान है. उच्चतम न्यायालय ने ‘मोदी उपनाम’ संबंधी मानहानि के मामले में राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर शुक्रवार को रोक लगा दी थी. इसके बाद सोमवार को लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के माध्यम से उनकी लोकसभा सदस्यता बहाल हुई.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मार्च में गुजरात की एक अदालत द्वारा मानहानि के इस मामले में दोषी करार दिए जाने और लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किए जाने के बाद 22 अप्रैल को लुटियंस दिल्ली में 12 तुगलक लेन स्थित अपना सरकारी आवास खाली कर दिया था. राहुल गांधी पहली बार 2004 में उत्तर प्रदेश के अमेठी से सांसद चुने गए और तीन बार इस सीट से सांसद रहे. उन्होंने 2019 में केरल के वायनाड संसदीय सीट से चुनाव जीता.

बता दें कि राहुल गांधी को मोदी सरनेम मामले में सूरत की अदालत ने दो साल की सजा सुनाई थी. इसके बाद ही उनकी लोकसभा की सदस्यता चली गई थी. वहीं राहुल गांधी से उनका सरकारी बंगला वापस ले लिया गया था. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की सजा पर रोक लगा दी थी.

राहुल गांधी की सदस्यता बहाली से BJP को क्या होगा नुकसान?

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राहुल गांधी को 2 साल की सजा मिलने के बाद जिस रफ्तार से उनकी सदस्यता गई थी। दोषसिद्धि पर रोक के बाद उसी रफ्तार से उनकी सदस्यता बहाल कर दी गई है। क्या राहुल की सजा को राजनीतिक रंग देना BJP को भारी पड़ेगा या कांग्रेस बेवजह उत्साहित हो रही है? राजनीतिक जानकारों की इस पर अलग-अलग राय है…।

राहुल गांधी को मार्च में सूरत की लोअर कोर्ट ने 2 साल की सजा सुनाई। गुजरात हाईकोर्ट ने भी इसे बरकरार रखा। इस पर BJP ने कहा- ये फैसला उचित और स्वागत योग्य है। BJP ने यह प्रचारित किया कि उनकी पार्टी के एक नेता ने याचिका दायर की। इससे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया।

भास्कर एक्सपलेनर के एक्सपर्ट रशीद किदवई कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला राहुल गांधी के लिए नैतिक तौर पर बड़ी जीत है। BJP ने इस कानूनी मामले को राजनीतिक रंग देकर भूल कर दी। BJP सिर्फ इतना कहती कि यह कानूनी दांवपेच है। BJP ने राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश की। किदवई के मुताबिक जब आप राजनीतिक श्रेय लेते हैं तो दांव उल्टा पड़ने पर इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ता है।

CSDS प्रोफेसर और पॉलिटिकल एक्सपर्ट संजय कुमार की राय थोड़ी जुदा है। उनका कहना है, ‘इसे मैं BJP की पॉलिटिकल हार नहीं मानता हूं। BJP कह सकती है कि ये कानूनी प्रक्रिया है और पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। BJP को पता होगा कि ये केस कमजोर है, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट से इस तरह के फैसले की उम्मीद पहले से रही होगी। ऐसे में कहीं से भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला BJP के लिए पॉलिटिकल हार नहीं है।’

अभी तक BJP के खिलाफ सिर्फ मणिपुहिंसा बड़ा मामला था। अविश्वास प्रस्ताव को भी PM मोदी अपने भाषण से साध सकते थे, लेकिन अब उन्हें राहुल गांधी को सुनना पड़ेगा और पूरा देश भी सुनेगा। राहुल गांधी विपक्ष के पहले नेता थे जो सबसे पहले मणिपुर गए थे। इसके अलावा वो अडाणी जैसे मुद्दे दोबारा उठा सकते हैं। ये बात BJP को परेशान करने वाली साबित होगी।

किदवई कहते हैं कि गांधी जी का एक बड़ा ही मशहूर कथन है कि कभी-कभी हम अपने विरोधियों की वजह से ही आगे बढ़ते हैं। BJP और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी का जिस तरीके से हर स्तर पर विरोध किया और घेरा, इससे राहुल की इमेज मजबूत हुई। भारत जोड़ो यात्रा के बाद वह राष्ट्रीय स्तर पर बड़े नेता के तौर पर उभरे हैं। वहीं मणिपुर में बदहाल स्थिति ओर नूंह में हिंसा के बाद राहुल के मोहब्बत की दुकान जैसे नैरेटिव को पुश मिला है। किदवई कहते हैं कि विपक्ष को भी इसी तरह के मुद्दे का इंतजार है

मोदी सरनेम मामले में दोषी पाए जाने के बावजूद राहुल गांधी ने माफी मांगने से इनकार कर दिया। पहले सूरत कोर्ट फिर गुजरात हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में भी राहुल गांधी ने कहा कि वो माफी नहीं मांगेंगे।

किदवई कहते हैं कि माफी नहीं मांगने की रणनीति से राहुल की इमेज को फायदा पहुंचेगा। राहुल अभी आरोप मुक्त नहीं हुए हैं, लेकिन अब इतनी कड़ी सजा नहीं होगी। राहुल की यही दृढ़ता या अड़ियलपन ही उनकी मजबूती है। यानी वो कॉम्प्रोमाइज नहीं करते हैं। वहीं दूसरे दल इस तरह का कॉम्प्रोमाइज करते रहे हैं। चाहे नीतीश कुमार हों, ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी, YSR कांग्रेस या बीजद।

राजनीति में लोग एक ऑल्टरनेटिव की बात करते हैं। नरेंद्र मोदी को भी 2014 में इसी का फायदा मिला। वो UPA सरकार में मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के एकदम विपरीत बातें करते रहे और डटकर खड़े रहे। इसी तरह जो भी मोदी का एकदम विपक्षी होगा यानी उनके अंदाज से एकदम उल्टा होगा, वोटर उसके प्रति ही आकर्षित होंगे न कि मोदी के जैसा होने पर।

संजय कुमार कहते हैं कि अगर कोई माफी मांगता है तो इसका साफ मतलब है कि उसने गलती की है। राहुल अगर माफी मांगते तो इससे जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता कम हो जाती। ऐसे में माफी नहीं मांगकर राहुल ने अपनी मजबूत छवि पेश की। उन्होंने ये दिखाया कि वो डर कर पीछे हटने वाले नेताओं में नहीं हैं। चाहे संसद से बाहर कर दिया जाए, या चुनाव लड़ने से रोक दिया जाए, लेकिन माफी नहीं मांगेंगे। इस तरह जनता के बीच उन्होंने एक स्ट्रॉन्ग लीडर की इमेज पेश करने की कोशिश की है।

संजय कुमार के मुताबिक राहुल की सदस्यता भले बहाल हो गई हो, लेकिन इस बात की संभावना कम है कि INDIA की ओर से उन्हें PM पद का उम्मीदवार घोषित किया जाएगा। या फिर उन्हें  INDIA की ओर से चुनाव से पहले साझा नेता घोषित किया जाएगा। ये जरूर है कि जब बात सरकार बनाने की होगी तो उस समय राहुल विपक्षी नेताओं में सबसे अहम भूमिका निभा सकते हैं।

रशीद किदवई कहते हैं कि राहुल गांधी को पता है कि जब तक कांग्रेस अपने बूते पर लोकसभा की 100-150 सीटें न जीत जाए, तब तक वो INDIA गठबंधन की तरफ से उम्मीदवार नहीं हो सकते। लोकसभा में जादुई आंकड़ा 272 का होता है।

लोकसभा की 200 सीटें ऐसी हैं जहां BJP और कांग्रेस सीधे मुकाबले में हैं। क्या कांग्रेस ऐसी स्थिति में है कि इन 200 में से आधी सीटें जीत सकें? अगर हां, तो राहुल INDIA की तरफ से प्रधानमंत्री पद के सबसे बड़े उम्मीदवार होंगे। अगर नहीं, ताे राहुल की उम्मीदवारी के कोई मायने नहीं हैं।

राहुल गांधी ने धैर्य के साथ पूरे ज्यूडिशियल प्रोसेस का पालन किया। नोटिस में तय तारीख से पहले शालीनता से अपना सरकारी बंगला खाली कर दिया। लोकसभा सदस्यता जाने पर भी ज्यादा हंगामा नहीं किया। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने को उनकी नैतिक जीत के तौर पर देखा ही जा सकता है।

इसके पॉलिटिकल असर पर प्रोफेसर संजय कुमार कहते हैं कि राहुल की सदस्यता बहाली से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, लेकिन इससे कोई बड़ा चुनावी फायदा होते नहीं दिखता। इस फैसले से 2024 चुनाव में कांग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़ते नहीं दिख रहा।

रशीद किदवई के मुताबिक BJP अब इसे नरेंद्र मोदी वर्सेज राहुल गांधी बनाने की कोशिश करेगी, क्योंकि BJP को उम्मीद है कि मोदी बनाम राहुल होने पर देश के मतदाता मोदी को ज्यादा तवज्जो देंगे। अब देखना यह होगा कि राहुल अपनी बढ़ी हुई आभा को राजनीतिक रूप से कैसे संभालते हैं और BJP के व्यक्तिवाद वाले ट्रैप में फंसते हैं या नहीं?

कांग्रेस का सरकार से सवाल, मणिपुर पर वाजपेयी का राजधर्म याद करें PM मोदी

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मणिपुर मामले पर केंद्र सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर दोपहर 12 बजे से बहस शुरू हो गई. विपक्ष ने मणिपुर विवाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सदन में बयान की मांग की थी, ये मांग पूरी ना होने पर अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था. अब इसके तहत मंगलवार को कुल 16 घंटे की बहस शुरू हुई, जो गुरुवार को खत्म होगी. कांग्रेस की ओर से गौरव गोगोई और भारतीय जनता पार्टी की ओर से निशिकांत दुबे ने बहस की शुरुआत की.

सरकार की ओर से बहस में सबसे पहले बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने अपनी बात कही, उनके खड़े होते ही सदन में हंगामा हुआ. अविश्वास प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई ने की. बहस की शुरुआत करते हुए गौरव गोगोई ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर संख्या की बात नहीं थी, बल्कि मणिपुर के इंसाफ की बात थी. आज मणिपुर का युवा, बेटा और बेटी हर कोई इंसाफ मांगता है.

अगर मणिपुर जल रहा है तो भारत भी जल रहा है, हमने सिर्फ यही मांग की थी कि मणिपुर पर सदन में प्रधानमंत्री दुख व्यक्त करें और सदन की ओर से एकजुटता का संदेश जाए. गौरव गोगोई ने कहा कि सवाल ये है कि पीएम मोदी आजतक मणिपुर क्यों नहीं गए, राहुल गांधी, गृह मंत्री और तमाम नेता मणिपुर गए थे. पीएम मोदी ने मणिपुर पर सिर्फ 30 सेकेंड बात की, उसके बाद उन्होंने कुछ भी नहीं कहा.

गौरव गोगोई ने कहा कि हमारा सवाल है कि प्रधानमंत्री ने मणिपुर के मुख्यमंत्री को क्यों नहीं बदला. कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि मणिपुर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अटल बिहारी वाजपेयी के राजधर्म की बात याद करनी चाहिए, जहां किसी में भी भेदभाव नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मणिपुर के सीएम ने इस हिंसा के पीछे ड्रग्स का बिजनेस बताया, लेकिन जब पुलिस ने एक बड़े ड्रग माफिया को पकड़ा तो मणिपुर सीएम ऑफिस से उन्हें रिहा करने का आदेश गया.

उत्तराखंड : रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर भारी भूस्खलन, होटल जमींदोज

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उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर भारी भूस्खलन हो गया, जिसके चलते हाईवे पर रामपुर में होटल जमींदोज हो गया। दूसरी ओर अगस्त्यमुनि से सोनप्रयाग के बीच हाइवे कई जगहों पर बाधित है। बताया जा रहा है कि यह होटल शहर का सबसे पुराना होटल था, जिसे पहले भी खाली कराया जा चुका था।

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर तोता घाटी में भारी भूस्खलन हो गया। जिससे यहां सड़क का आधा हिस्सा ढह गया। इसके चलते हाईवे पर यातायात बाधित हो गया है। उधर, व्यासी के समीप अटाली गंगा में मलबा आने से हाईवे सोमवार से अवरुद्ध चल रहा है। लगातार बारिश होने के कारण मार्ग खोलने में समय लग रहा है। जिसके चलते थाना देवप्रयाग और थाना मुनिकीरेती से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।

ऋषिकेश में देर रात भारी बारिश के बाद बरसाती नाला उफान पर आ गया। इस दौरान तेज बहाव की चपेट में आने से एक युवक बह गया। सूचना मिलने पर SDRF ने सर्च ऑपरेशन चलाया। टीम ने युवक का शव शिवपुरी से बरामद किया है।

जानकारी के अनुसार गौतम (30) पुत्र बलबीर सिंह, निवासी ग्राम बदल शिवपुरी, नरेंद्रनगर ब्लू हेवन किचन रस्टोरेंट में काम करता था। सोमवार रात को वह वहां काम कर रहा था, इसी दौरान बरसाती नाले के उफान पर आने से वह गदेरे में बह गया। सुबह एसआई सचिन रावत की टीम घटनास्थल के आस-पास के स्थानों पर युवक की तलाश में निकली। इस दौरान नदी से युवक का शव मिला।