नारेबाजी के बीच लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
‘पुष्पा-2’ ने दुनिया भर में छू लिया 1500 करोड़ का जादुई आंकड़ा, पढ़ें रिपोर्ट
5 दिसंबर को मेकर्स ने पुष्पा 2 को इंडिया में रिलीज करने के साथ ही वर्ल्डवाइड रिलीज किया था। फिल्म ने तकरीबन 288 करोड़ की पहले दिन दुनियाभर में कमाई की थी। फिल्म ने देखते ही देखते वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 1000 करोड़ का आंकड़ा पार करके पठान जैसी फिल्मों का कचूमर निकाल दिया था। अब हाल ही में 15वें दिन के साथ मूवी ने वर्ल्डवाइड एक और नया रिकॉर्ड बनाया है।

पुष्पा 2 ने रिलीज के 13वें दिन वर्ल्डवाइड जहां 42.63 करोड़ के आसपास का कलेक्शन किया था। वहीं 14वें दिन मूवी की कमाई 39.75 करोड़ के करीब की थी। हालांकि, वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर गुरुवार को इस कलेक्शन में काफी उछाल देखने को मिला। फिल्म ने सिंगल डे पर दुनियाभर में 57.87 करोड़ के आसपास का बिजनेस किया था।
संसदीय समिति की रिपोर्ट में खुलासा- जनरल रावत के हेलीकॉप्टर हादसे का कारण मानवीय भूल
देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत शहीद हो गए थे। इस हेलीकॉप्टर क्रैश में अन्य लोगों की भी मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद कई गंभीर सवाल उठे थे। पिछले तीन साल में जल रही जांच की रिपोर्ट संसद में पेश की गई। रिपोर्ट में हेलीकॉप्टर हादसे के लिए मानवीय भूल को जिम्मेदार माना गया है।
दरअसल, तमिलनाडु के कुन्नूर के पास आठ दिसंबर, 2021 को एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हुआ था। इस भीषण हादसे में देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत बलिदान हुए थे। हादसे के तीन साल बाद सामने आई एक संसदीय पैनल की रिपोर्ट में कहा गया है कि हादसे का कारण श्मानवीय भूलश् थी।
इस भीषण हादसे में जनरल रावत के अलावा उनकी पत्नी मधुलिका रावत और कई अन्य सशस्त्र बल कर्मी भी बलिदान हुए थे। सीडीएस जनरल बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर क्रैश के बारे में लिखा है कि 8 दिसंबर 2021 को हुए हादसे में एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ। यह 33वीं दुर्घटना थी। इसका कारण भ्म्(।) यानी श्मानवीय भूल (एयरक्रू)श् है। रक्षा मंत्रालय ने संसदीय समिति को बताया है कि साल 2018 के बाद बीते करीब छह साल में 34 दुर्घटनाओं की जांच की गई।
शीतकालीन सत्र के दौरान मंगलवार को संसद में रक्षा संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट पेश की गई। इसमें 13वीं रक्षा योजना अवधि (13जी क्ममिदबम च्संद च्मतपवक) के दौरान हुई भारतीय वायुसेना के विमान दुर्घटनाओं का ब्यौरा दिया गया। इसके मुताबिक बीते लगभग छह साल में 34 दुर्घटनाएं हुईं।
2021-22 में नौ भारतीय वायुसेना विमान दुर्घटना के शिकार हुए। साल 2018-19 में 11 दुर्घटनाएं हुईं। संसदीय समिति की रिपोर्ट में हादसों की संख्या के साथ कारणों का भी उल्लेख है। रिपोर्ट में दुर्घटनाओं के कारण, विमान का प्रकार, हादसे की तारीख और दुर्घटना का विवरण भी दिया गया है।
रक्षा मंत्रालय ने संसदीय समिति को आश्वस्त किया है कि वायुसेना प्रमुख की टिप्पणियों के आधार पर हादसों को टालने के सभी उपाय किए जाते हैं। अधिकांश का कार्यान्वयन हो चुका है, जबकि कुछ सुझावों और उपायों पर काम किया जा रहा है।
8 दिसंबर 2021 का वो दिन जब तमिलनाडु में कुन्नूर के करीब हेलीकॉप्टर हादसा हुआ था, जिसमें सीडीएस जनरल बिपिन रावत का निधन हो गया। इस हादसे में उनकी पत्नी की भी जान चली गई थी। बात अगर पूरे हेलीकॉप्टर की करें तो कुल 14 लोग सवार थे जिनमें से 13 की मौत हो गई थी।
केमिकल टैंकर फटने से जिंदा जले 5 लोग, हादसे में कई घायल, 20 गाड़ियों में लगी आग
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं। टैंकर में ब्लास्ट के बाद करीब 500 मीटर तक सड़क पर केमिकल फैल गया। इस कारण आग की चपेट में कई गाड़ियां आ गईं। एक फैक्ट्री भी केमिकल के कारण जल गई।
हादसे के तुरंत बाद CM भजनलाल शर्मा ने एसएमएस अस्पताल जाकर चिकित्सकों को तत्काल आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं घायलों की समुचित देखभाल के निर्देश दिए। सीएम ने बताया कि प्रशासन द्वारा बचाव कार्य निरंतर जारी है। स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं पूरी तत्परता से काम कर रही है।
उत्तराखंड सरकार की मेरी योजना पुस्तक का विमोचन
मुख्यमंत्री ने किया ’’मेरी योजना-राज्य सरकार’’ पुस्तक का विमोचनस
शक्त, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाना हमारा लक्ष्य
हमारा उद्देश्य जनता के लिए केवल योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि सभी योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है-मुख्यमंत्री
अब राज्य में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार की गयी वस्तुओं को प्रतीक के रूप में प्रदान किए जाने की व्यवस्था की जाएगी मुख्यमंत्री ने की घोषणा
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 19 दिसंबर गुरूवार शाम को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा प्रकाशित ’’मेरी योजना-राज्य सरकार’’ पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य जनता के लिए केवल योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि सभी योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है, जिन योजनाओं का हम शिलान्यास करते हैं उनके लोकार्पण का भी हमारा प्रयास रहता है, ताकि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंच सके। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए, इस पुस्तक को तैयार किया गया है, जिसमें सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं को सरल और व्यावहारिक भाषा में प्रकाशित किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह पुस्तक लाभार्थियों को योजनाओं की संपूर्ण जानकारी प्रदान करने के साथ – साथ आवेदन प्रक्रिया से लेकर आवश्यक दस्तावेजों और पात्रता की जानकारी भी आम जनता तक पहुंचाएगी। इसका लक्ष्य ये सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक व्यक्ति योजनाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त कर सके और राज्य के विकास में सक्रिय भागीदार बन सके।
*जब नीयत सही हो, इरादे नेक हों और संकल्प दृढ़ हो, तो समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचाया जा सकता है-मुख्यमंत्री*
उन्होने कहा कि जब नीयत सही हो, इरादे नेक हों और संकल्प दृढ़ हो, तो समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचाया जा सकता है। हमारी योजनाओं का लक्ष्य केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान करना ही नहीं है बल्कि एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण करना भी है। मुख्यमंत्री ने घोषण की कि अब राज्य में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार की गयी वस्तुओं को प्रतीक के रूप में प्रदान किए जाने की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस पुस्तक द्वारा हमारी सरकार की जनकल्याणकारी, रोजगारपरक, कौशल विकास व निवेश संबंधी योजनाओं के साथ-साथ अन्य मूलभूत सेवाओं से जुड़ी हुई समस्त जानकारियां राज्य के प्रत्येक व्यक्ति तक आसानी से पहुंच सकेंगी। जिससे पात्र लाभार्थी इन योजनाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त कर सकेंगे। हमारी सरकार अपने “विकल्प रहित संकल्प” के मूलमंत्र के साथ उत्तराखंड को विकास के प्रत्येक मानक पर देश का अग्रणी राज्य बनाने के लक्ष्य को लेकर निरंतर कार्य कर रही है।
*आमजन के हित से जुड़ी योजनाओं, नीतियों, अधिनियमों, शासनादेशों की जानकारी लाभार्थियों के साथ जनमानस को सुगमता से सुलभ हो यह संबंधित विभागों का दायित्व भी है-मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के अधीन विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याण एवं आमजन के हित से जुड़ी योजनाओं, नीतियों, अधिनियमों, शासनादेशों की जानकारी लाभार्थियों के साथ जनमानस को सुगमता से सुलभ हो यह संबंधित विभागों का दायित्व भी है। शासन एवं विभागीय स्तर पर बनायी जाने वाली योजनाओं की उद्देश्य परक जनकल्याणकारी जानकारी लाभार्थियों तक पहुंचेगी तो उन्हें उसका अपेक्षित लाभ भी निश्चित रूप से मिलेगा। सरकारी योजनाओं की जानकारी धरातल तक पहुंचे, यह इस दिशा में किये जाने वाले प्रयासों की सफलता की सार्थकता भी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को जनहित से जुड़ी योजनाओं का लाभ समय पर मिले और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो, इसके लिए सरलीकरण, समाधान और निस्तारण पर खास तौर पर फोकस किया गया है। इस मंत्र की सहायता से प्रदेश में कार्य संस्कृति को बदलने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को ध्येय मानकर हम आगे बढ़ रहे हैं।
*विभिन्न योजनाओं कार्यक्रमों की जानकारी सर्वसाधारण को उपलब्ध कराने में यह पुस्तक एक दस्तावेज के रूप में पाठकों एवं शोधार्थियों के लिये भी उपयोगी होगी-मुख्यमंत्री*
उन्होंने कहा कि प्रकाशित पुस्तक मेरी योजना-राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों, आम जनमानस की अपेक्षाओं के अनुरूप सरकार की नीतियों को जन समान्य तक पहुंचाने में निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगी। यह पुस्तक निवेशपरक नीतियों, रोजगार एवं स्वरोजगार, कौशल विकास के साथ विभिन्न योजनाओं कार्यक्रमों की जानकारी सर्वसाधारण को उपलब्ध कराने में एक दस्तावेज के रूप में पाठकों एवं शोधार्थियों के लिये भी उपयोगी होगी। साथ ही राज्य के समग्र विकास की संकल्पना को साकार करने में भी यह पहल मद्दगार रहेगी। राज्य के संकल्पों और प्रयासों को पूरा करने तथा विकास का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयासों में भी यह पुस्तक सहयोगी बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कालखण्ड उत्तराखण्ड के लिये आर्थिक समृद्धि सामाजिक न्याय, महिला कल्याण, अवस्थावपना संरचना की दृष्टि से उल्लेखनीय रहे हैं। भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ सशक्त उत्तराखण्ड /25 की अवधारणा राज्य को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिये हमने विभिन्न क्षेत्रों में कई नये आयाम स्थापित किये हैं।
*राज्य में विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से की जा रही है संचालित- मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आज विभिन्न योजनाएं प्रभावी ढंग से संचालित की जा रही है। अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर प्रदान करना, प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था लागू करना, आंदोलनकारियों को आरक्षण देना, वृद्धावस्था पेंशन की सुविधा, सरकारी नौकरियों में खेल कोटे को पुनः प्रारंभ करना, विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करना, 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निःशुल्क सुविधा, किसानों को 3 लाख तक ब्याजमुक्त ऋण, महिलाओं और युवाओं हेतु स्वरोजगार की विभिन्न योजनाएं जैसी इस प्रकार की सभी योजनाएं प्रदेश के समग्र विकास और समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए मील का पत्थर साबित हो रही हैं। राज्य में एक लाख लखपति दीदी बनायी जा चुकी हैं।
*उत्तराखंड ईज़ ऑफ डूंइंग बिजनेस की श्रेणी में अचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर की श्रेणी में भी आया है-मुख्यमंत्री
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उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, जल आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व सुधार किए हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज हमारा राज्य नीति आयोग की रिपोर्ट में सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंचा है। साथ ही उत्तराखंड ईज़ ऑफ डूंइंग बिजनेस की श्रेणी में अचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर की श्रेणी में भी आया है। इतना ही नहीं, हमारा उत्तराखंड युवाओं को रोजगार देने के मामले में भी देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।
*नकल विरोधी कानून के कारण युवाओं की प्रतिभा का हुआ है सम्मान-मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 जुलाई 2021 को उन्होंने प्रदेश में 24 हजार पदों को भरने की बात कही थी। तब से अब तक 19 हजार पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी है। नकल विरोधी कानून के कारण युवाओं की प्रतिभा का सम्मान हुआ है। उनके खटीमा स्थित कैम्प कार्यालय में कई सम्मानित लोग उनसे मिलकर उनके आश्रितों को निष्पक्षता के साथ सरकारी नौकरी मिलने की बात करते हैं, तो उन्हें संतोष होता है कि राज्य में अब युवाओं के साथ न्याय हो रहा है। राज्य के नौजवानों को स्किल्ड बनाया जा रहा है, प्रवासी उत्तराखंडियों के सम्मेलन के माध्यम से उनके अनुभवों का राज्य के विकास एवं पलायन रोकने में सहयोग लिया जा रहा है।
*आज देश के प्रत्येक नागरिक को सरकारी योजनाओं का लाभ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है-मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय न तो कोई रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करने की परंपरा थी और न ही योजनाओं का लाभ सही मायने में लाभार्थियों तक पहुंच पाता था। यहां तक कि कांग्रेस के समय के एक प्रधानमंत्री ने स्वयं सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था, कि दिल्ली से 1 रुपया भेजा जाता है, लेकिन जनता तक पहुंचते-पहुंचते वो 15 पैसे ही रह जाता है। परंतु आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस स्थिति को पूरी तरह बदलते हुए अंत्योदय के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में ठोस कार्य किए हैं। उसी संकल्प के तहत आज देश के प्रत्येक नागरिक को सरकारी योजनाओं का लाभ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है। आज जो सरकार कहती है, उसे न केवल पूरा करती है बल्कि अपने कार्यकाल का पूरा विवरण जनता के समक्ष प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टिकरण के मंत्र के साथ जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
इस अवसर पर सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन श्री दीपक गैरोला ने बताया कि राज्य में संचालित जनकल्याणकारी, स्वरोजगार/रोजगारपरक, कौशल विकास/ प्रशिक्षणपरक, निवेशपरक योजनाओं को सरल शब्दों में जनसामान्य तक पहुंचाने हेतु गत वर्ष कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा ’’मेरी योजना’’ पुस्तक का प्रथम संस्करण प्रकाशित किया गया, जिसकी प्रतियां राज्य के समस्त ग्रामप्रधानों/जनप्रतिनिधियों तथा विभागाध्यक्षों एवं राज्य के समस्त राजकीय पुस्तकालयों को वितरित की गयी तथा आमजनमानस को सुगमता से उपलब्ध कराये जाने हेतु पुस्तक की पीडीएफ प्रति उत्तराखण्ड के समस्त विभागों की वैबसाइट में उपलब्ध है। गतवर्ष में पुस्तक को तैयार करते समय कतिपय विभागों की महत्वपूर्ण सूचनाएं/योजनाएं प्राप्त नहीं हो पाई थी तथा कई विभागों की योजनाओं में वर्तमान में परिवर्तन हुआ है। इसलिए पुस्तक की सफलता एवं मांग को देखते हुये तथा कतिपय विभागों की अप्राप्त सूचनाओं एवं अद्यतन सूचनाओं को एकत्रित कर पुनः मुद्रित किये जाने की आवश्यकता महसूस की गयी, फलतः द्वितीय संस्करण के रूप में ’’मेरी योजना’’ पुस्तक मेरी योजना के द्वितीय संस्करण में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी याजनाओं के अद्यतन संशोधन के साथ आयोगों की जानकारी का समावेश किया गया है।
उन्होंने बताया कि शीघ्र ही राज्य हित में केन्द्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का मेरी योजना केन्द्र सरकार पुस्तक का भी प्रकाशन किया जायेगा। साथ ही योजनाओं की आम जनता तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिये विभागीय वेबसाइट के माध्यम से सॉफ्टवेयर तैयार करने का भी प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा विकासखण्ड स्तर तक योजनाओं का अनुश्रवण किया जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक प्रमोद नैनवाल, सचिव दीपेन्द्र चौधरी, महानिदेशक यूकॉस्ट दुर्गेश पंत, अध्यक्ष श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अजेन्द्र अजय, पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एस एस नेगी, उच्च शिक्षा उन्नयन के उपाध्यक्ष डॉ देवेन्द्र भसीन, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर उत्तराखण्ड संस्कृति कला परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट, दायित्वधारी कैलाश पंत, विनोद उनियाल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
सुबे के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज नई दिल्ली में “इंडिया टुडे ग्रुप” द्वारा आयोजित “किसान तक” समिट में “देवभूमि की दिव्य खेती” विषय पर आधारित परिचर्चा में किया प्रतिभाग।
नई दिल्ली, 19 दिसम्बर 2024। सुबे के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज नई दिल्ली में “इंडिया टुडे ग्रुप” द्वारा आयोजित “किसान तक” समिट में “देवभूमि की दिव्य खेती” विषय पर आधारित परिचर्चा में प्रतिभाग किया। इंडिया टुडे ग्रुप द्वारा आयोजित किसान तक सबमिट में देश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उपस्थित रहे।
किसान तक समिट में प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुशल निर्देशन एवं नेतृत्व में भारतवर्ष के साथ-साथ उत्तराखण्ड राज्य में भी कृषि एवं औद्यानिक फसलों को बढ़ावा देते हुए कृषकों की आर्थिकी सुदृढ़ करने हेतु निरन्तर प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी आभार जताते हुए कहा कि जिनके नेतृत्व में हमारा राज्य में कृषि और औद्यानिकी का समग्र विकास करते हुए कास्तकारों की आय में गुणात्मक वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देवभूमि की दिव्य खेती की दिव्यता इतनी ऐतिहासिक है कि पाण्डवों ने भी देवभूमि उत्तराखण्ड आकर मण्डुआ खाया था। उत्तराखण्ड राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों एवं कृषि जलवायु विभिन्न कृषि एवं औद्यानिक फसलों जैसे फल, सब्जी, मसाले, मशरूम व शहद उत्पादन के लिए अत्यधिक अनुकूल है। उन्होंने कहा कि किसान भाईयों के हित एवं उनकी आय को दौगुनी करने के उद्देश्य से स्टेट मिलेट मिशन, प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण, जीआई टैग, सूक्ष्य सिंचाई प्रणाली, कृषि ड्रोन जैसे अहम योजनाओं का क्रियान्यवन भी प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की मांग और अधिक पैदावार को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड में क्लस्टर खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रत्येक सेक्टर के प्रमुख गेम चेंजर कार्यों का चयन कर उन पर पॉलिसी निर्धारण का कार्य चल है। मिलेट फसलों के लिए स्टेट मिलेट पॉलिसी का ड्राफट तैयार कर दिया गया है, जिसमें कृषकों को खेती किये जाने के लिए प्रोत्साहन से लेकर उत्पादन, विधायन एवं विपणन का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार क्लस्टर खेती को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे संग्रहण एवं मार्केटिंग में समस्या ना होने पायें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की आर्थिक स्थिति सुधार किये जाने हेतु विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रधानमन्त्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत समस्त पात्र कृषकों को आच्छादित किया जा रहा है। करीब 07 लाख 80 हजार किसानों को करीब 2800 करोड़ की धनराशि अभी तक पीएम किसान सम्मान निधि के तहत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना से समस्त कृषकों को लाभान्वित किये जाने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषकों के उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त हो सकें इस हेतु बायर सेलर मिट कराई जा रही है। जंगली जनवरों की समस्या के रोकथाम हेतु बायो फेन्सिंग, सोलर फेन्सिंग, आदि विकल्प को भी अपनाया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना कर प्रत्यके कृषक की पहुँच तक यंत्र लाये जा रहे है।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा परम्परागत फसलों को प्रोत्साहन तथा संवर्द्धन हेतु स्टेट मिलेट मिशन का संचालन किया जा रहा है। प्रदेश में पहली बार कृषकों के निकटतम स्थल पर क्रय केन्द्र खोलकर मण्डुवा फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेब उत्पादन की दृष्टि से जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश के उपरान्त उत्तराखण्ड का स्थान है, हमारी सरकार ने सेब की अति सघन बागवानी योजना प्रारम्भ की है। राज्य सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती अन्तर्गत 1950 हेक्टेयर क्षेत्र में कार्य शुरु कर दिया है। कृषि ड्रोन अन्तर्गत महिला समूहो को प्रशिक्षण प्रदान कर ड्रोन वितरण किया जा रहा है। जैविक आउटलेट के माध्यम से विपणन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जैविक आउटलेट के माध्यम से विपणन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में कृषि मुख्य स्वरोजगार का साधन है तथा कृषि मे नये नये नवोन्मेषी अपनाकर कृषकों को खेती किये जाने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि अर्थव्यवस्था में वृद्धि करने हेतु निरन्तर प्रयासरत है।
किसान तक सबमिट में कृषि मंत्री ने किसानों के साथ-साथ जवानों को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कृषि के साथ-साथ सैन्य क्षेत्र में भी अग्रणी योगदान दे रहा है।
सरकारी विभागों में स्थानीय उत्पादों की खरीद के आदेश जारी
देहरादून। राज्य सरकार के अधीन विभिन्न विभाग और सरकारी कार्यालयों में आयोजित होने समारोहों, बैठकों के लिए स्थानीय समूहों के उत्पाद खरीदे जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
मुख्य सचिव की ओर से गुरुवार को जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तराखंड में अलग – अलग विभागों के सहयोग से विभिन्न प्रकार के स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों, महिला कृषकों और एकल महिला उद्यमियों द्वारा कई प्रकार के उच्च गुणवत्ता युक्त स्थानीय उत्पाद बनाए जा रहे हैं।
उत्तराखंड सरकार भी विभिन्न शासकीय कार्य्रकमों, बैठकों, समारोह में उपहार देने के लिए स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता के आधार पर क्रय करने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में सभी विभाग, कार्यालय अपने अधीन होने वाले कार्यक्रमों, समारोहों के लिए स्थानीय उत्पादों की खरीद करेंगे। इससे समूहों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही, लोगों को भी गुणत्ता पूर्ण उत्पाद हासिल हो सकेंगे।
स्थानीय उत्पादों का ब्रांड हाउस ऑफ हिमालयाज
विहित है कि प्रदेश सरकार ने गत वर्ष स्थानीय उत्पादों का अम्ब्रेला ब्रांड हाउस आफ हिमालयाज भी लांच किया है। इसका उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों, दिसंबर 2023 के दौरान देहरादून में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर समिट के दौरान हुआ था।
वर्तमान में हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के तहत आठ श्रेणी में कुल 35 उत्पादों को शामिल किया गया है। इसमें मिलेट्स बिस्किट, मुन्स्यारी, चकराता, हर्षिल की राजमा, चौलाई, तोर दाल, पहाड़ का परंपरागत लाल चावल, झंगोरा, गहथ, काले भट्ट, चाय, तेल, पर्सनल केयर, हैंडीक्राफ्ट के उत्पाद शामिल हैं।
संसद में बवाल : राहुल गांधी पर धक्का देना का आरोप, नेता प्रतिपक्ष ने दिया जवाब
संसद परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्षी सांसदों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसमें भाजपा के दो सांसद प्रताप चंद्र सारंगी और मुकेश राजपूत घायल हो गए। प्रताप सारंगी ने आरोप लगाया कि उन्हें राहुल गांधी ने धक्का देकर गिरा दिया।
इन आरोपों पर अब राहुल गांधी की भी प्रतिक्रिया आ गई है। उन्होंने कहा कि ‘मुझे अंदर जाने से रोका जा रहा था।’ राहुल ने कहा, ‘मैं संसद के अंदर जाने की कोशिश कर रहा था, तो भाजपा के सांसद मुझे रोक रहे थे, धकेल रहे थे और मुझे धमका रहे थे। ये संसद है और अंदर जाना हमारा अधिकार है, लेकिन भाजपा के लोग हमें अंदर जाने से रोक रहे थे।’
कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने भी भाजपा सांसदों पर धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, ‘जब मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य सांसदों के साथ प्रदर्शन में भाग लेने आए, तो भाजपा सांसदों ने उन्हें धक्का दिया। भाजपा सांसदों ने प्ले कार्ड उतार दिए और उन डंडों से कई सांसदों को मारा।
सुरजेवाला ने कहा कि ‘अगर संसद गुंडागर्दी, सीनाजोरी और जोर आजमाइश का अड्डा बन जाएगी, तो देश के लोकतंत्र और संसदीय मर्यादा का क्या होगा। भाजपा सांसदों की गुंडागर्दी ने आज देश के लोकतंत्र पर बुलडोजर चलाया है।’
अपने पक्ष में कांग्रेस के एक्स हैंडल से एक वीडियो भी जारी किया गया है। इसे शेयर करते हुए पार्टी ने लिखा, ‘इस वीडियो में साफ दिख रहा है.. भाजपा सांसद हाथों में डंडे लगे प्लेकार्ड लेकर विपक्ष के सांसदों को सदन में जाने से रोक रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी, प्रियंका गांधी जी और अन्य महिला सांसदों के साथ भाजपा के सांसद धक्का-मुक्की कर रहे हैं। ये सरासर गुंडई है। लोकतंत्र के मंदिर में भाजपा की तानाशाही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’
राज्यसभा सांसद रजनी पटेल ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। आप खुद अनाप-शनाप बयान देंगे, फिर जब रिएक्शन आएगा तो हमारे नेता को बदनाम करने की कोशिश करेंगे। दूसरी बात ये है कि हमारे नेता कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे को हाथापाई के कारण नीचे बैठना पड़ा।
वहीं मल्लिकार्जुन खरगे ने इस संबंध में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें भाजपा सांसदों ने धक्का दिया। खरगे ने लिखा कि इससे उनके घुटनों में चोट गई गई, जिसकी सर्जरी हुई थी।
उन्होंने लिखा, ‘इसके बाद कांग्रेस के सांसद मेरे लिए एक कुर्सी लेकर आए और मुझे उस पर बैठाया गया। बड़ी मुश्किल से मैं सुबह 11 बजे लंगड़ाते हुए सदन में पहुंचा।’ खरगे ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
BJP सांसद प्रताप सारंगी चोटिल, बोले- राहुल ने धक्का मारा
संसद के दोनों सदनों में आज भी हंगामा हो रहा है। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा दोनों ने संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों दलों के सांसदों के बीच मकर द्वार पर धक्कामुक्की की खबर आई। भाजपा सांसद प्रताप सारंगी के सिर में चोट देखी गई।
उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल सांसद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का दिया, जो मेरे ऊपर गिरे। आरोप पर जवाब देते हुए राहुल ने कहा कि हां! ऐसा हुआ। वे हमें प्रवेश द्वार पर रोकने की कोशिश रहे थे। मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी के साथ भी धक्कामुक्की हुई।
प्रताप सारंगी चोटिल देखे गए। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का दिया, जो मेरे ऊपर गिर गए। इसके बाद मैं नीचे गिर गया। मैं सीढ़ियों के पास खड़ा था, जब राहुल गांधी आए और एक सांसद को धक्का दिया, जो मेरे ऊपर गिर गए। इस बीच केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, अर्जुन राम मेघवाल, पीयूष गोयल और अन्य भाजपा नेता पार्टी सांसद प्रताप सारंगी को देखने आरएमएल अस्पताल पहुंचे हैं।
मामले में जब लोकसभा में विपक्ष के नेता से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह आपके कैमरे में हो सकता है। मैं संसद के प्रवेश द्वार से अंदर जाने की कोशिश कर रहा था, भाजपा सांसद मुझे रोकने, धक्का देने और धमकाने की कोशिश कर रहे थे। इसलिए यह हुआ। हां, ऐसा हुआ है। मल्लिकार्जुन खरगे को धक्का दिया गया। प्रियंका गांधी को भी धक्का दिया गया।
हालांकि, धक्का-मुक्की से हम प्रभावित नहीं हुए। यह प्रवेश द्वार है और हमें अंदर जाने का अधिकार है। भाजपा सांसद हमें अंदर जाने से रोकने की कोशिश कर रहे थे। मुख्य मुद्दा यह है कि वे संविधान पर हमला कर रहे हैं और आंबेडकर की स्मृति का अपमान कर रहे हैं।
लोकसभा सांसद के खिलाफ बिजली चोरी की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश: संभल हिंसा के बाद से संभल में लगातार अलग-अलग मोहल्लों में जांच चल रही है। सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के नाम से लगे बिजली के मीटर में गड़बड़ी पाई गई है।
सांसद जियाउर्रहमान बर्क खिलाफ बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच में टीम को ज्यादा मिला लोड मिला है। साथ ही टीम को धमकाने का भी आरोप लगाया गया है।
बिजली विभाग की एक टीम गुरुवार को बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों के साथ संभल में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास पर पहुंची।
टीम ने यहां बिजली के उपयोग में अनियमितताओं को चिह्नित किया है। टीम ने यहां मीटर रीडिंग, एसी, पंखे और अन्य बिजली उपकरणों के लोड की भी जांच की।

















