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आंबेडकर पर सियासी घमासान तेज, संसद परिसर में कांग्रेस का प्रदर्शन

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गृह मंत्री अमित शाह की डॉ. आंबेडकर पर की गई टिप्पणी को लेकर सियासी घमासान जारी है। विपक्ष ने शाह पर आंबेडकर के अपमान का आरोप लगाया है। विरोध में विपक्ष ने संसद से लेकर सड़क तक सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उधर, बीजेपी ने भी प्रदर्शन का एलान किया है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस ने आंबेडकर का अपमान किया है।

विपक्षी दल संसद में भी सरकार को घेरने की तैयारी में है। AAP सांसद संजय सिंह ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की है। उन्होंने अमित शाह की टिप्पणी पर चर्चा के लिए राज्यसभा में कार्य स्थगन नोटिस दिया।

आईएनडीआईए गठबंधन के नेताओं ने संसद परिसर में बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के सामने विरोध मार्च निकाला।

भाजपा सांसदों ने कांग्रेस पार्टी पर बाबासाहेब आंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाते हुए संसद में विरोध प्रदर्शन किया।

 

 

कांग्रेस नेताओं का दावा, अमित शाह का वीडियो शेयर करने पर X ने भेजा नोटिस!

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नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह के बयान का वीडियो शेयर करने वाले कांग्रेस के नेता मुश्किल में फंसते दिख रहे हैं।कांग्रेस पार्टी और उसके कुछ नेताओं को एक्स (X) से अमित शाह के कुछ वीडियो क्लिप अपने हैंडल पर साझा करने के लिए नोटिस मिले हैं।
बताया जा रहा है कि नोटिस में उनके द्वारा साझा की गई सामग्री को हटाने के लिए कहा गया है। इसमें कहा गया है कि यह भारत के कानून का उल्लंघन है। हालांकि, भेजे गए नोटिस पर एक्स या एमएचए के साइबर अपराध समन्वय केंद्र से कोई पुष्टि नहीं हुई।
वैसे कांग्रेस को अपने नोटिस में एक्स ने यह भी उल्लेख किया है कि वह मंच के माध्यम से अपने उपयोगकर्ताओं की बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में दृढ़ता से विश्वास करता है। कुछ कांग्रेस सांसदों और नेताओं ने मंगलवार को राज्यसभा में संविधान की 75 गौरवशाली वर्षों की यात्रा पर बहस के जवाब का शाह का एक वीडियो क्लिप साझा किया था।
जिसमें उन्होंने बीआर आंबेडकर के बारे में बात की थी और इसे लेकर विपक्ष पर हमला किया था। कांग्रेस नेताओं ने शाह के भाषण के कुछ विशेष अंश ही साझा किए। शाह ने कहा भी कि कांग्रेस नेता तथ्यों को तोड़-मरोड़ रहे हैं और राज्यसभा में आंबेडकर पर उनकी टिप्पणियों को पूरा दिखाना चाहिए।

कुलगाम में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी, 5 दहशतगर्द ढेर

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जम्मू-कश्मीर : कुलगाम में गुरुवार सुबह सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। सेना के जवानों ने मुठभेड़ में पांच आतंकियों को मार गिराया। सेना के अधिकारियों ने पुष्टि करते हुए कहा कि पांच आतंकी ढेर हो गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबल ने संदिग्ध आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद बुधवार रात जिले के बेहीबाग इलाके के कद्दर में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था।
कुछ देर बाद तलाशी अभियान मुठभेड़ में बदल गया। आतंकवादियों ने सुरक्षाबल पर गोलीबारी शुरू कर दी, इसके बाद सेना के जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पांच आतंकियों को मार गिराया। कारवाई ज्जारी है….

गौतम अडानी-भाजपा गठजोड़ के भ्रष्टाचार तथा मणिपुर में लगातार हो रही हिंसा के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा के नेतृत्व मे विशाल प्रदर्शन के साथ कांग्रेसजनों ने किया राजभवन मार्च।

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देहरादून 18 दिसम्बर 2024।
गौतम अडानी और उनके सहयोगियों पर अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा लगाये गये आरोपों के बाद भाजपा-अडानी गठजोड के भ्रष्टाचार, धोखाधडी और छल की कथित जालसाजी तथा मणिपुर हिंसा के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने आज देशभर में राजभवन मार्च कार्यक्रम आयोजित किये।
इसी कार्यक्रम के तहत आज राजधानी देहरादून में कंाग्रेसजनों ने उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदेश अध्यक्ष श्री करन माहरा के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय देहरादून से राजभवन तक मार्च कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेतागणों, विधायकों, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, एआईसीसी सदस्य, पीसीसी सदस्य, अनुषांगिक संगठन, विभाग व प्रकोष्ठों के अध्यक्ष व पदाधिकारी, जिला एवं महानगर अध्यक्ष, ब्लाक, नगर, मंडल अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों सहित हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रदेश अध्यक्ष श्री करन माहरा के नेतृत्व में कंाग्रेसजनों ने प्रदेश कार्यालय से नारेबाजी के साथ राजभवन की ओर कूच किया। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना ने किया।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री करन माहरा ने कहा कि गौतम अडानी और उनके सहयोगियों पर अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा लगाये गये आरोपों ने भ्रष्टाचार, धोखाधडी और छल की कथित जालसाजी का पर्दाफाश किया है। इन आरोपों ने सरकारी योजनाओं की ठेकेदारी में रिश्वतखोरी, मनी लान्ड्रिंग और बाजार में हेरफेर के एक पैटर्न को उजागर किया है, जो भारतीय व्यापार और वित्त की प्रतिष्ठा को धूमिल करते हैं। यह घटना भारत के कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नियामक निगरानी के सम्बन्ध मे चिंता का विषय है। घरेलू और अन्तर्राष्ट्रीय निवेशकों के बीच विश्वास की हानि गम्भीर चिंता का विषय है। इससे भारत में पूंजी के संभावित पलायन से आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और समग्र विकास बाधित हो सकता है। गौतम अडानी पर लगे भ्रष्टाचार के मामले को संसद में उठाने पर केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा संसदीय चर्चा को जानबूझकर रोकना और इस मुद्दे पर मौन रहना अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से बचने का संकेत है। उन्होंने कहा कि एक ओर देश की जनता विगत कई वर्षों से लगातार महंगाई की मार झेल रही है, अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों मंे भारी गिरावट होने के बावजूद केन्द्र की मोदी सरकार ने अपने 11 वर्ष के कार्यकाल में रसोई गैस के सिलेण्डर की कीमत 450 रू0 से बढ़ाकर 1100 रू0 करके गरीब और अल्प आय वर्ग के परिवारों के बच्चों के पेट पर चोट करने का काम किया है। आश्चर्यजनक बात तो यह है कि रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल एवं आम जरूरत के सामानों के दामों में विगत वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा दोगुने से अधिक की वृद्धि करने पर लोग मौन हैं। मोदी सरकार द्वारा अपने मित्र औद्योगिक घरानों को निजी लाभ पहुंचाने के लिए विगत 10 वर्षों में रसोई गैस के सिलेण्डर की कीमत में लगभग 600 रू0 से अधिक की भारी वृद्धि की है जिससे कुछ निजी औद्योगिक घरानों को होने वाले लाभांश का फायदा करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रूपये प्रतिमाह मे हो रहा है तथा देश का आम आदमी महंगाई की मार झेलने का मजबूर है। ये वही तेल कम्पनियां व औद्योगिक घराने हैं जिनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी को चुनावी बॉड के माध्यम से कई हजार करोड़ रूपये का चंदा प्राप्त हुआ है। चुनिंदा औद्योगिक घरानों को अनधिकृत रूप से पहुंचाया गया लाभ ही चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के धन के प्रवाह का स्रोत प्रतीत होता है।
श्री करन माहरा ने यह भी कहा कि लगभग दो वर्ष से मणिपुर राज्य निरंतर हिंसा, गोलीबारी, कर्फयू और व्यापक अराजकता के एक अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है। मणिपुर हिंसा में अब तक कई लोगों की जाने चली गई हैं और वहां के लोग एक अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे हैं। संकट की गम्भीरता के बावजूद भाजपा की केन्द्र और राज्य सरकार इस स्थिति को संभालने में पूरी तरह विफल साबित हुई हैं। प्रधानमंत्री ने अभी तक मणिपुर का दौरा तक नहीं किया है जबकि पूरी तरह अयोग्य मुख्यमंत्री अभी तक सत्ता में काबिज हैं जिससे इस गंभीर स्थिति के प्रति भाजपा की उदासीनता का पता चलता है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के शासन में देशभर में महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार, हत्या और जघन्य अपराधों की बाढ़ सी आई है। उत्तराखण्ड जैसे राज्य में औसतन प्रति माह एक बलात्कार और हत्या की घटना घटित हो रही है। दो वर्ष पूर्व उत्तराखण्ड राज्य में हुए अंकिता भंडारी जघन्य हत्याकांड में शामिल वी.आई.पी. का नाम अभी तक उजागर नहीं हो पाया है तथा राज्य में लगातार सामूहिक बलात्कार व हत्या की घटनाओं में सत्ताधारी दल के लोगों की संलिप्तता उजागर हो रही है।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री करन माहरा ने उत्तराखण्ड राज्य में राज्य सरकार के संरक्षण में फल-फूल रहे अवैध खनन व अवैध शराब के कारोबार पर बोलते हुए कहा कि राज्य में अवैध खनन का कारोबार राज्य सरकार के संरक्षण में फल-फूल रहा है। राज्य की नदियों में भारी मात्रा में हो रहे अवैध खनन से न केवल पौराणिक नदियों का स्वरूप बिगाडा जा रहा है अपितु यह पर्यावरण के लिए भी चिन्तनीय है। अवैध खनन में लिप्त अपराधियों के हौसले जिस प्रकार बुलंद है, इससे यह संदेश जा रहा है कि अवैध खनन में लिप्त कारोबारियों को उच्च स्तरीय राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है जो कि पूरे प्रदेश के लिए अत्यंत ही गम्भीर चिन्ता का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में नशीले पदार्थों व शराब के अवैध कारोबार में लगातार वृद्धि हो रही है तथा प्रदेश के नवयुवकों को नशे की आग में झोंका जा रहा है। राज्य सरकार की आबकारी नीति पूर्ण रूप से शराब माफिया को संरक्षण देने, शराब की तस्करी को बढ़ावा देने तथा उत्तराखण्ड के गांवों में हर घर तक शराब पहुंचाने वाली है। भारतीय जनता पार्टी की राज्य सरकार ने जनभावनाओं के विपरीत आबकारी नीति बनाने का काम किया है। भाजपा की राज्य सरकार द्वारा जिस शराब नीति को प्रदेश में लागू किया गया है उससे निश्चित रूप से प्रदेश में शराब माफिया और शराब की तस्करी को बल मिल रहा है।
प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में सशक्त भू कानून न होने के चलते सरकार पर भू-माफिया पूरी तरह हाबी हैं। राज्य सरकार द्वारा भू-कानून के लिए गठित की गई समिति द्वारा राज्य में सख्त भू-कानून लागू करने के सुझाव के साथ दो वर्ष पूर्व अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी गई है परन्तु राज्य सरकार द्वारा भू-माफियाओं के दबाव में भू-कानून समिति द्वारा दिये गये सुझावों पर अमल नहीं किया जा रहा है जिसके कारण बाहरी राज्यों से आये भू-माफिया द्वारा बेखौफ जमीनों की खरीद-फरोख्त कर स्थानीय लोगों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा रहा है।
कांग्रेस पार्टी ने मांग की कि गौतम अडानी और उनके सहयोगियों पर अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा लगाये गये आरोपों की जांच के लिए जे.पी.सी. का गठन किया जाय। मणिपुर हिंसा के लिए जिम्मदार राज्य सरकार को बर्खास्त किया जाय। अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल वीआईपी का नाम उजागर किया जाय तथा राज्य में अवैध खनन व शाराब माफिया पर रोक लगाने के लिए कडे कदम उठाने के साथ ही कठोर भू कानून बनाया जाय।
प्रदर्शन एवं राजभवन मार्च के दौरान कांग्रेसजनों ने प्रदेश अध्यक्ष श्री करन माहरा के नेतृत्व में सामूहिक गिरफतारी दी जिसके उपरान्त सभी कांग्रेसजनों को गिरफतार कर पुलिस लाईन ले जाया गया।
राजभवन कूच कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, एआईसीसी सचिव व सहप्रभारी सुरेन्द्र शर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी, प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन मथुरादत्त जोशी, मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, गोविन्द सिंह कुजवाल, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापडी, विधायक विक्रम सिंह नेगी, हरीश धामी, आदेश चौहान, तिलकराज बेहड़, ममता राकेश, रवि बहादुर, रणजीत सिंह रावत, महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी, राजेन्द्र शाह, याकूब सिद्धिकी, गोदावरी थापली, जोत सिंह गुनसोला, राजकुमार, राजपाल बिष्ट, जयेन्द्र रमोला, युवा अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर, प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट, डॉ0 प्रतिमा सिह, राजेश चमोली, गरिमा माहरा दसौनी, महेन्द्र सिंह नेगी, अमरजीत सिंह, डॉ0 जसविन्दर सिंह गोगी, जिलाध्यक्ष कुंवर सजवाण, विनोद नेगी, मोहित उनियाल, राकेश राणा, मुकेश नेगी, राजीव चौधरी, दिनेश चौहान, विनोद डबराल, अमन गर्ग, राजेन्द्र चौधरी, विरेन्द्र पोखरियाल, नवनीत सती, गिरीश पपनै अनिल नेगी, सरिता नेगी, लालचन्द शर्मा, अरूणा कुमार, गौरव चौधरी, नजमा खान, आशा शर्मा, उर्मिला थापा, नीनू सहगल, ललित फर्स्वाण, विकास नेगी, दर्शन लाल, विशाल मौर्य, नवीन रामोला, भगवती सेमवाल, अमरजीत सिंह,, याकुब सिद्धिकी, महेन्द्र नेगी गुरूजी, पिया थापा, प्रदीप थपलियाल, मोहन काला, सुलेमान अली, अभिनव थापर, रीता पुष्पवाण, संदीप चमोली, विजय रतूडी मोन्टी, अजय रावत, आयुश सेमवाल, नवनीत कुकरेती, राजवीर सिंह, मनीष राणा, उत्तम असवाल, सुनीता प्रकाश, सोनिया आनन्द, सुनित राठौर, संदीप चमोली, अवधेश पंत, हेमा पुरोहित, टीटू त्यागी, आशीष नौटियाल, पुष्पा पंवार, चन्द्रकला नेगी, अनुराधा तिवारी, संजय कद्दू, दीप बोहरा, डॉ0 प्रदीप जोशी, आनन्द बहुगुणा, पायल बहल, राजवीर खत्री, राकेश सिंह मियां, राकेश नेगी, विरेन्द्र पंवार, अर्जुन पासी, मो0 फारूख, रॉबिन त्यागी, अनूप कपूर, आदि सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

सभी तैयारियां पूरी, जनवरी 2025 से लागू होगा यूनिफॉर्म सिविल कोड : CM धामी

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देहरादून : उत्तराखंड देश का पहला राज्य बननने जा रहां है, जो UCC यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसका ऐलान कर दिया है।  उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

UCC लागू करने का होमवर्क पूरा

सचिवालय में उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (UIIDB) की बैठक के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने संकल्प के अनुसार, समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में होमवर्क पूरा कर चुकी है। उन्होंने कहा कि मार्च 2022 में प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति, गठित करने का निर्णय लिया गया था।

पारित किया था समान नागरिक संहिता विधेयक

सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया। समिति की रिपोर्ट के आधार पर 7 फरवरी, 2024 को राज्य विधान सभा से समान नागरिक संहिता विधेयक 2024 पारित किया गया। इस विधेयक पर महामहिम राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद 12 मार्च, 2024 को इसका नोटिफिकेशन जारी किया गया।

अधिनियम की नियमावली भी तैयार

अब समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड 2024 अधिनियम की नियमावली भी तैयार कर ली है। इस तरह उत्तराखंड अब जनवरी से समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए, संहिता के प्रावधान लागू करने के लिए कार्मिकों का समुचित प्रशिक्षण देने के साथ ही सभी तरह की आधारभूत सुविधाएं जुटा ली जाएं। साथ ही अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन रखते हुए, जनसामान्य की सुविधा का ख्याल रखा जाए।

पोर्टल और मोबाइल एप से रजिस्ट्रेशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सामान्य की सुलभता के दृष्टिगत समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक पोर्टल और मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जिससे कि पंजीकरण, अपील आदि की समस्त सुविधाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

नए द्वार खोलेगा क़ानून

CM ने कहा कि जनवरी, 2025 में उत्तराखंड में राज्य समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। उत्तराखंड का समान नागरिक संहिता कानून, सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की मूल भावना पर चलते हुए, समाज को नई दिशा देगा। यह कानून विशेषकर देवभूमि की महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के नए द्वार खोलेगा।

अमित शाह बोले -आंबेडकर का नाम लेना फैशन? बयान पर हंगामा

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान डॉ. बीआर आंबेडकर को लेकर कांग्रेस को घेरा। इस दौरान अमित शाह के एक बयान पर हंगामा हो गया और विपक्ष ने अमित शाह पर डॉ. आंबेडकर का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया। इसके चलते बुधवार को संसद में भी हंगामा जारी रहा और विपक्ष के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही भी सुचारू रूप से नहीं हो सकी। भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है और आरोप लगाया है कि कांग्रेस अमित शाह के भाषण का वीडियो कांट-छांट कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रही है और सस्ती राजनीति कर रही है।

ये है पूरा मामला
संविधान पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में अमित शाह ने कहा कि ‘अभी एक फैशन हो गया है। आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता। आंबेडकर का नाम सौ बार लें, लेकिन आंबेडकर के बारे में कांग्रेस पार्टी का भाव क्या है, ये मैं बताता हूं।

शाह ने कहा कि ‘डॉ. आंबेडकर ने देश की पहली कैबिनेट से इस्तीफा क्यों दे दिया था। उन्होंने अनुसूचित जनजातियों से व्यवहार, अनुच्छेद 370 और देश की विदेश नीति से नाराजगी के चलते इस्तीफा दे दिया था। इस पर बीसी रॉय ने पंडित नेहरू को चिट्ठी लिखी कि आंबेडकर और राजाजी मंत्रिमंडल छोड़ेंगे तो क्या होगा? इसके जवाब में पंडित नेहरू ने लिखा था कि राजाजी के जाने से कुछ असर पड़ेगा, लेकिन आंबेडकर के जाने से कुछ नहीं होगा।

शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस के आंबेडकर के बारे में ये विचार रहे हैं। आज आंबेडकर को मानने वाले पर्याप्त संख्या में आ गए हैं इसलिए ये आंबेडकर-आंबेडकर कर रहे हैं। वोटबैंक के लिए कांग्रेस नेता आजकल आंबेडकर का नाम बार-बार लेते हैं।

अमित शाह के बयान को कांग्रेस ने आंबेडकर का अपमान बताया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तो इस मुद्दे पर अमित शाह का इस्तीफा मांग लिया है। अमित शाह की टिप्पणी पर बुधवार को संसद में खासा हंगामा हुआ। विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में हाथों में आंबेडकर की तस्वीर लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने आज राज्यसभा में कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि ‘कल केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि जब आंबेडकर जीवित थे, तो कांग्रेस ने किस तरह से उनका अपमान किया। कांग्रेस ने इतने वर्षों तक उन्हें भारत रत्न नहीं दिया और साल 1952 में एक साजिश के तहत उन्हें चुनाव हराया। मैं एक बौद्ध हूं और बाबा साहब के बताए रास्ते पर चलने वाला व्यक्ति हूं। इस देश में बाबा साहब ने 1951 में कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। 71 साल बाद प्रधानमंत्री मोदी ने मुझे, जो एक बौद्ध हूं, देश का कानून मंत्री बनाया।

बड़ी खबर : आर. आश्विन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास

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भारत के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने रिटायरमेंट का एलान कर दिया है। 38 साल की उम्र में अश्विन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा की है। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बीच में उन्होंने अपने संन्यास का एलान कर क्रिकेट जगत को हैरान किया।
अश्विन को BGT 2024-25 में एडिलेड टेस्ट मैच में खेलने का मौका मिला था, जिसमें उन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था। आगे उन्हें मौका मिलता या नहीं इसकी उम्मीद तो कम थी, क्योंकि ब्रिस्बेन में रवींद्र जडेजा ने अच्छा प्रदर्शन किया। अश्विन के रिटायरमेंट की भनक तो उस समय मिल गई थी जब ड्रेसिंग रूम में वह इमोशनल नजर आए थे और विराट कोहली ने उन्हें गले लगाया था।
लेकिन गाबा टेस्ट मैच ड्रॉ होने के बाद अश्विन ने इसका आधिकारिक एलान प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। खुद अश्विन मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए और रोहित शर्मा के बगल में बैठकर जल्दी-जल्दी से उन्होंने अपना संन्यास का एलान किया।  गाबा टेस्ट मैच ड्रॉ होने के बाद आर अश्विन (R Ashwin) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के तौर पर आज मेरा आखिरी दिन था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तौर पर मैं अब गेम से नहीं जुड़ा रहूंगा, लेकिन किसी ना किसी तरह खेल से जरूर जुड़ा रहूंगा।

अश्विन ने एक्स पोस्ट पर भी संन्यास का एलान करते हुए लिखा कि बहुत सोचने के बाद, मैंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का एलान का फैसला किया है। भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए यह एक अविश्वसनीय जर्नी रही, जो अविस्मरणीय पलों से भरी हुई है। मेरे साथियों, कोचों, बीसीसीआई और सबसे अहम दर्शकों को उनके अटूट समर्थन के लिए धन्यवाद। आगे नई चुनौतियों का इंतजार है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट हमेशा मेरे दिल में एक खास जगह रखेगा।

अगले इतने दिनों तक बंद रहेगा बद्रीनाथ हाईवे, इन रूटों से होगी आवाजाही

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चमोली: बद्रीनाथ हाईवे पर बरसात से जीम समस्या का निपटारा करने के लिए हाईवे को एक-दो दिन नहीं। बल्कि, पूरे 21 दिनों तक बंद रखना पड़ेगा। इसके आदेश जारी हो चुके हैं और आज से काम भी चालू हो चला है। बरसात के मौसम के दौरान भूस्खलन से बद्रीनाथ हाईवे का 400 मीटर हिस्से में मलबा आ गया था। यह मलबा तब से हाईवे किनारे ही पड़ा हुआ था।

इस मलबे के चलते आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। यात्रा समाप्ति के बाद अब हाईवे की समस्याओं को दूर करने का काम शुरू हो गया है। ऐसे में सबसे पहले 400 मीटर हिस्से पर जमा मलबे का निस्तारण किया जाएगा। इसके चलते बद्रीनाथ हाईवे पर नंदप्रयाग में 18 दिसंबर से तीन सप्ताह तक आवाजाही बंद रहेगी।

वाहनों को वैकल्पिक मार्ग नंदप्रयाग-सैकोट-कोठियालसैंण सड़क से भेजा जाएगा। वहीं, पुरसाड़ी गांव के ग्रामीणों को 16 किमी और बाजपुर व मैठाणा के लोगों को भी अतिरिक्त दूरी नापनी पड़ेगी। जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने इसके आदेश जारी किए हैं। एसपी और उपजिला मजिस्ट्रेट चमोली की ओर से भेजे आदेश में कहा गया कि बदरीनाथ हाईवे पर नंदप्रयाग से मलबे का निस्तारण किया जाना है।

इसके लिए 18 दिसंबर से सात जनवरी 2025 तक रूट डायवर्ट किया जा रहा है। आवाजाही बंद होने से श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग क्षेत्र के ज्योतिर्मठ की ओर जाने वाले वाहनों को नंदप्रयाग बगड़ से सैकोट-कोठियालसैंण-चमोली सड़क (10 किमी) से गंतव्य के लिए भेजा जाएगा, जबकि ज्योतिर्मठ और पीपलकोटी क्षेत्र से आने वाले वाहनों को चमोली बाजार से इसी रास्ते से जाएंगे।

यहां शीतकाल के दौरान आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को भी इसी मार्ग से गुजरना होगा। नंदप्रयाग में सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक मलबा हटाने का काम किया जाएगा। वहीं, हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बंद होने से पुरसाड़ी गांव के ग्रामीणों को 16 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी।

पुरसाड़ी गांव भूस्खलन क्षेत्र से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं, बाजपुर और मैठाणा गांव के ग्रामीणों को भी अपने गंतव्य तक जाने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी।

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच गाबा टेस्ट ड्रॉ, तेज बारिश के चलते लिया फैसला

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गाबा टेस्ट का आज पांचवां और आखिरी दिन था। इस मैच में भारतीय कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 445 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम की पहली पारी 260 रन पर समाप्त हुई। ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने 275 रन का लक्ष्य रखा था, लेकिन बारिश की वजह से अंपायर ने पांचवें दिन मैच को ड्रॉ पर समाप्त करने का फैसला किया।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त हुआ। ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने 275 रन का लक्ष्य रखा था। जवाब में भारत ने अपनी दूसरी पारी में बिना विकेट गंवाए आठ रन बना लिए थे। हालांकि, इसके बाद बारिश ने आगे का खेल नहीं होने दिया और दोनों कप्तानों ने मैच को ड्रॉ पर समाप्त करने का फैसला लिया।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 445 रन बनाए थे। जवाब में भारत की पहली पारी 260 रन पर समाप्त हुई। ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में 185 रन की बढ़त हासिल थी। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया ने सात विकेट गंवाकर 89 रन बनाए थे और उनकी कुल बढ़त 274 रन की हुई थी। यह पूरा मैच बारिश से बाधित रहा।

खराब रोशनी की वजह से खेल फिर रुक गया है। गाबा के ऊपर काले बादल मंडरा रहे हैं। इसी के साथ पहले ही चायकाल ले लिया गया। 275 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने बिना विकेट गंवाए आठ रन बना लिए हैं। फिलहाल यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल चार-चार रन बनाकर क्रीज पर हैं। ऑस्ट्रेलिया ने 89/7 के स्कोर पर अपनी दूसरी पारी घोषित की थी।

पंजाब में रेल रोको आंदोलन, रेल पटरियों पर 12 बजे से बैठेंगे किसान

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पंजाब-हरियाणा की सीमा पर शंभू-खनौरी बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों के हक में आज पूरे पंजाब में रेलें रोकी जाएंगी। हर जिले में किसान दोपहर 12 से 3 बजे तक रेल पटरियों पर धरना देंगे। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन को 22 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार अभी तक किसानों से बात नहीं की। मोदी सरकार किसानों के मुद्दों को डीरेल करना चाहती है।

पंधेर ने कहा कि कुछ मीडिया वालों की तरफ से किसानों की दोनों यूनियनों को अलग-अलग बताया जा रहा है, जोकि सरासर झूठी अफवाहें फैला रहे हैं। किसान एकजुट हैं और मिलकर लड़ाई लड़ रहे हैं। पंधेर ने आरोप लगाया कि विपक्ष किसानों की आवाज संसद में नहीं उठा रहा है, जिससे किसानों की समस्याएं अनसुनी हो रही हैं। पंधेर ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी सवाल उठाया और पूछा कि वे किसानों के लिए क्या कर रहे हैं?

शंभू बार्डर खोलने को लेकर किसानों से सीधी वार्ता करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाई कमेटी के साथ बैठक करने से किसानों ने साफ इनकार कर दिया है। कमेटी की ओर से बुधवार को बैठक बुलाई गई थी। कमेटी को भेजे पत्र में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने लिखा है कि पहले से ही अंदेशा था कि कमेटियां सिर्फ खानापूर्ति के लिए बनाई जाती हैं। बावजूद इसके आप सभी का सम्मान करते हुए किसानों का प्रतिनिधिमंडल चार नवंबर को कमेटी के मेंबरों से मिला।

पंजाब में आज यहां रोकी जाएंगी ट्रेनें
जिला मोगा का जितवाल, डगरू, मोगा स्टेशन
जिला फरीदकोट का फरीदकोट स्टेशन
जिला गुरदासपुर का प्लेटफॉर्म कादियां, फतेहगढ़ चूड़ियां, बटाला प्लेटफॉर्म
जिला जालंधर का लोहियां खास, फिल्लौर, जालंधर कैंट, ढिल्लवां
जिला पठानकोट का परमानंद प्लेटफॉर्म
जिला होशियारपुर का टांडा, दसूहा, होशियारपुर प्लेटफॉर्म, मडियाला और माहिलपुर
जिला फिरोज़पुर का मखू, मलां वाला, तलवंडी भाई, बस्ती टैंकां वाली, जगराांव
जिला लुधियाना का साहनेवाल
जिला पटियाला कारेलवे स्टेशन पटियाला, शंभू स्टेशन
जिला मोहाली का रेलवे स्टेशन फेस 11 मोहाली
जिला संगरूर का सुनाम
जिला मलैरकोटला का अहमदगढ़
जिला मानसा का मानसा मेन, बरेटा
जिला रूपनगर का रेलवे स्टेशन रूपनगर
जिला अमृतसर का देवीदासपुरा, ब्यास, पंधेर कलां, काठू नंगल, रमदास, जहानगीर, झंडे
जिला फाजिल्का का रेलवे स्टेशन फाजिल्का
जिला तरनतारन का पट्टी, खेमकरण, रेलवे स्टेशन तरनतारन
जिला नवांशहर का बहराम
जिला बठिंडा का रामपुरा
जिला कपूरथला का हमीरा, सुल्तानपुर, लोदी और फगवाड़ा
जिला मुक्तसर का मलोट