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दर्दनाक हादसा : दम घुटने से DSP समेत 6 लोगों की मौत, 4 बेसुध

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जम्मू-कश्मीर में दर्दनाक हादसा हुआ है। कठुआ में एक घर में भीषण आग लग गई। दम घुटने से छह लोगों की मौत हो गई है। जबकि चार लोग बेसुध हैं। चारों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, कठुआ के शिवा नगर में सेवानिवृति डीएसपी अवतार कृष्ण पुत्र केशव रैना (81) के घर मंगलवार देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई।

दम घुटने से घर में सो रहे छह लोगों की मौत हो गई। इनमें कई बच्चे शामिल हैं। जबकि चार बेसुध बताए जा रहे हैं। चारों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में सेवानिवृत्त डीएसपी भी शामिल हैं। तीन लोगों को घर से रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जबकि रेस्क्यू के दौरान एक पड़ोसी भी घायल हुआ।

घायलों की स्थिति खतरे से बाहर है। जीएमसी कठुआ के प्रधानाचार्य सुरिंदर अत्री के अनुसार, मौत प्रथम दृष्टया दम घुटने की वजह से हुई है। मृतकों में चार नाबालिग हैं, इनमें से दो तो तीन से चार साल के बच्चे हैं। अत्री ने बताया कि “सेवानिवृत्त सहायक मैट्रन के किराए के घर में आग लगी है। 10 लोगों में से छह की मौत हो गई और चार घायल हो गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शवों को बाहर निकाला जाएगा।

मृतकों की हुई पहचान
गंगा भगत पुत्री भारत भूषण (17) निवासी शहीदी चौक कठुआ
दानिश भगत पुत्र भरत भूषण (15) निवासी शहीदी चौक कठुआ
अवतार कृष्ण पुत्र केशव रैना (81) निवासी वार्ड नंबर 16 शिव नगर कठुआ
बरखा रैना पुत्री अवतार कृष्ण (25) निवासी शिव नगर कठुआ
तकाश रैना पुत्र अवतार कृष्ण (03) निवासी शिव नगर कठुआ
अदविक रैना पुत्र संदीप कौल (04) निवासी जगती नगरोटा जम्मू

ये हुए घायल
स्वर्णा पत्नी अवतार कृष्ण (61) निवासी शिव नगर कठुआ
नीतू पत्नी भरत भूषण (40) निवासी शहीदी चौक कठुआ
अरुण कुमार पुत्र सैन चंद (15) निवासी बटोटे रामबन
केवल कृष्ण पुत्र मनसा राम (69) वर्ष निवासी शिव नगर कठुआ

रैपर बादशाह ने गलत ढंग से चलाई कार, पुलिस ने किया 15500 रुपये का चालान

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रैपर और बॉलीवुड सिंगर बादशाह पर गलत दिशा में गाड़ी चलाने के लिए गुरुग्राम यातायात पुलिस ने जुर्माना लगाया है। बादशाह यहां सेक्टर 68 में आयोजित एक म्यूजिक कंसर्ट में आए थे। इसी दौरान रॉन्ग साइड चल रही उनकी थार का पुलिस ने 15500 रुपये का चालान काटा है।

गुरुग्राम पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि गुरुग्राम पुलिस को सोहना रोड पर तीन वाहनों को रॉन्ग साइड में चलाने की सूचना मिली थी, जहां एक म्यूजिक कंसर्ट आयोजित हो रहा था।

पुलिस ने इन तीन वाहनों में एक वाहन का गलत साइड में चलाने की वजह से चालान किया है। मामले की जांच में पता चला कि यह काफिला गायक बादशाह का था। अन्य दो वाहनों पर अस्थायी पंजीकरण नंबर थे, आगे की जांच जारी है।

लोकसभा में एक देश-एक चुनाव विधेयक पास, चर्चा के लिए JPC भेजा गया

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लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ कराने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा में स्वीकार कर लिया गया। संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 जिसे एक राष्ट्र-एक चुनाव विधेयक के रूप में जाना जाता है, इसे केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने पेश किया। इसके साथ ही राज्यसभा में ‘संविधान पर चर्चा’ हुई।

लोकसभा में एक देश एक चुनाव विधेयक स्वीकार कर लिया गया है। इसके लिए मतदान हुआ, जिसमें 269 वोट विधेयक के पक्ष में पड़े और 198 सांसदों ने विधेयक का विरोध किया। विधेयक को विस्तृत चर्चा के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा गया है। मतदान के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दी गई।

सत्ता पक्ष और विपक्ष की तरफ से भी विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की मांग की गई है। वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने विधेयक का समर्थन किया। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह लोगों के वोट देने के अधिकार पर हमला है।

चुनाव आयोग को इस विधेयक में बहुत ज्यादा अधिकार दिए गए हैं। संविधान में चुनाव आयोग को सिर्फ चुनाव कराने की व्यवस्था करने का ही प्रावधान किया गया है, लेकिन इस विधेयक में राष्ट्रपति के चुनाव आयोग से चुनाव को लेकर सलाह लेने का प्रावधान दिया गया है, जो संविधान के खिलाफ है।

NTA से भर्ती परीक्षाओं का छीना गया अधिकार, उच्च शिक्षा प्रवेश परीक्षाएं कराएगी एजेंसी

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को अहम जानकारी साझा करते हुए लिखा कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) वर्ष 2025 से कोई भी भर्ती परीक्षा आयोजित नहीं करेगी और केवल उच्च शिक्षा प्रवेश परीक्षाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह कदम मेडिकल प्रवेश एनईईटी परीक्षा के कथित लीक और संदिग्ध लीक और अन्य गड़बड़ियों के कारण अन्य परीक्षाओं को रद्द करने की श्रृंखला के बाद इस साल की शुरुआत में गठित एक उच्च स्तरीय पैनल की सिफारिश पर आधारित परीक्षा सुधारों के तहत लिया गया है।
इसके साथ ही मंत्रालय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ इस बारे में भी बातचीत कर रहा है कि क्या परीक्षा पारंपरिक पेन और पेपर आधारित मोड में आयोजित की जानी चाहिए या कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) पर स्विच किया जाना चाहिए। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संवाददाताओं से कहा, “एनटीए केवल उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने तक ही सीमित रहेगा और अगले साल से कोई भर्ती परीक्षा आयोजित नहीं करेगा।” मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CURT)-यूजी साल में एक बार आयोजित किया जाता रहेगा।
उन्होंने कहा, “सरकार निकट भविष्य में कंप्यूटर अनुकूली परीक्षण और प्रौद्योगिकी-संचालित प्रवेश परीक्षाओं पर विचार कर रही है। धर्मेंद्र प्रदान ने कहा, “एजेंसी को 2025 में पुनर्गठित किया जाएगा, कम से कम दस नए पद सृजित किए जा रहे हैं और शून्य-त्रुटि परीक्षण सुनिश्चित करने के लिए एनटीए के कामकाज में कई बदलाव होंगे।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2025 की तैयारियों में लगे स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को नीट यूजी एग्जाम के अगले सत्र से एग्जाम पैटर्न में बदलाव को लेकर सिफारिश मिली है। नीट यूजी एग्जाम में हो रही गड़बड़ियों के चलते इसमें सुधारों के लिए गठित उच्चस्तरीय कमेटी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षाओं में प्रयोग के तौर पर हाइब्रिड मोड सिस्टम लागू करने को कहा है। अगर ऐसा होता है तो अब एग्जाम का आयोजन हाइब्रिड मोड में करवाया जा सकता है।

‘जहां नहीं चैना, वहां नहीं रहना, खफा छगन भुजबल का नया धमाका

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अजित पवार की पार्टी के नेता छगन भुजबल खफा हैं। इसकी वजह यह है कि महाराष्ट्र की नई महायुति सरकार ने अपने कैबिनेट विस्तार में भुजबल को जगह नहीं दी। अब छगन ने बड़ा दावा किया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता ने कहा कि आठ दिन पहले राज्यसभा की सीट का ऑफर दिया गया था। मगर मैंने मना कर दिया। भुजबल ने कहा कि मंत्री पद आते-जाते रहते हैं। मगर मुझे खत्म नहीं किया जा सकता।
नागपुर में एक संवाददाता सम्मेलन में भुजबल ने कहा कि मैंने राज्यसभा सीट का ऑफर ठुकरा दिया है। अगर इसको स्वीकारता तो यह हमारे विधानसभा क्षेत्र के लोगों के साथ विश्वासघात होता। बता दें कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में छगन भुजबल ने नासिक जिले की येओला सीट से चुनाव जीता है।
छगन ने कहा कि जब मैं इस साल की शुरुआत में राज्यसभा में जाना चाहता था तो मुझसे कहा गया कि मुझे विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए। अब मुझे 8 दिन पहले राज्यसभा सीट की पेशकश की गई। मगर मैंने मना कर दिया। मैंने कहा कि मैं एक या दो साल बाद राज्यसभा के विकल्प पर विचार कर सकता हूं। मगर अभी तुरंत नहीं।
छगन भुजबल महाराष्ट्र के प्रमुख ओबीसी नेता हैं। उन्होंने दावा किया कि नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय के आरक्षण की मांग करने वाले मनोज जरांगे का मैंने विरोध किया। इसी वजह से मुझे कैबिनेट से बाहर रखा गया। भुजबल ने यह भी कहा कि कैबिनेट विस्तार के बाद से उन्होंने एनसीपी प्रमुख अजित पवार से बात नहीं की है।

‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ बिल लोकसभा में पेश

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लोकसभा में आज एक देश-एक चुनाव का संशोधन बिल पेश किया गया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इसे पेश किया। भाजपा ने कहा कि इस विधेयक से देश का विकास तेजी से होगा, क्योंकि बार-बार चुनाव होने से व्यवस्था बिगड़ती है। BJP ने इसके चलते अपने सांसदों को व्हिप जारी किया था। विपक्ष ने इसका जबरदस्त विरोध किया है। कांग्रेस ने कहा कि ये संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ है।

इस प्रस्ताव का उद्देश्य पूरे देश में लोकसभा और विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराना है। फिलहाल लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव अलग-अलग होते हैं, या तो पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद या जब सरकार किसी कारण से भंग हो जाती है। इसकी व्यवस्था भारतीय संविधान में की गई है। अलग-अलग राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल अलग-अलग समय पर पूरा होता है, उसी के हिसाब से उस राज्य में विधानसभा चुनाव होते हैं।

हालांकि, कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ होते हैं। इनमें अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम जैसे राज्य शामिल हैं। वहीं, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मिजोरम जैसे राज्यों के चुनाव लोकसभा चुनाव से ऐन पहले हुए तो लोकसभा चुनाव खत्म होने के छह महीने के भीतर हरियाणा, जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव हुए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय से एक देश एक चुनाव के समर्थक रहे हैं। प्रधानमंत्री ने 2019 के स्वतंत्रता दिवस पर एक देश एक चुनाव का मुद्दा उठाया था। तब से अब तक कई मौकों पर भाजपा की ओर एक देश एक चुनाव की बात की जाती रही है।

‘एक देश-एक चुनाव’ विधेयक पर लोकसभा में हंगामा, JPC में भेजने की मांग

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लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ कराने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पेश किया गया। संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 जिसे एक राष्ट्र-एक चुनाव विधेयक के रूप में जाना जाता है, इसे केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने पेश किया। इसके साथ ही राज्यसभा में ‘संविधान पर चर्चा’ जारी है।

सत्ता पक्ष और विपक्ष की तरफ से भी विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की मांग की गई है। वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने विधेयक का समर्थन किया।  एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह संविधान के आधारभूत ढांचे के खिलाफ है। यह विधेयक क्षेत्रीय पार्टियों को खत्म कर देगा और इससे सिर्फ राष्ट्रीय पार्टियों को फायदा होगा।

भाजपा ने एम्स, भुवनेश्वर और अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के चुनाव के लिए मतदान करने के लिए राज्यसभा सांसदों को तीन लाइन व्हिप जारी किए हैं। चुनाव गुरुवार, 19 दिसंबर, 2024 को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक कमरा नंबर 63, संविधान सदन में होगा।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह लोगों के वोट देने के अधिकार पर हमला है। चुनाव आयोग को इस विधेयक में बहुत ज्यादा अधिकार दिए गए हैं। संविधान में चुनाव आयोग को सिर्फ चुनाव कराने की व्यवस्था करने का ही प्रावधान किया गया है, लेकिन इस विधेयक में राष्ट्रपति के चुनाव आयोग से चुनाव को लेकर सलाह लेने का प्रावधान दिया गया है, जो संविधान के खिलाफ है। 

टीएमसी के सांसद कल्याण बनर्जी ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि संविधान संशोधन के तहत चुनाव आयोग को काफी शक्तियां दी जा रही हैं, जिसके बाद राज्य सरकारें चुनाव आयोग के सामने कुछ नहीं रह जाएंगी। कल्याण बनर्जी ने कहा कि यह विधेयक संविधान के खिलाफ है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने भी विधेयक का विरोध किया। वहीं एनडीए की सहयोगी तेदेपा ने विधेयक को समर्थन देने की बात कही।

लोकसभा में एक देश एक चुनाव विधेयक पेश कर दिया गया है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विधेयक को सदन के पटल पर रखा। विपक्ष इस विधेयक का विरोध कर रहा है। विपक्ष ने विधेयक को असंवैधानिक बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। 

नड्डा ने कांग्रेस को आईना दिखाते हुए कहा कि जब देश में आपातकाल लगाया गया था, तब देश को कोई खतरा नहीं था बल्कि कुर्सी को खतरा था। आपातकाल के दौरान मीसा कानून के तहत हजारों लोगों को जेल में डाला गया। मीसा कानून का जिक्र कर नड्डा ने मीसा भारती का नाम रखने की वजह भी बताई। नड्डा ने विपक्ष के मीडिया का गला घोंटने के आरोपों पर कहा कि कांग्रेस सरकारों में मीडिया का किस तरह गला घोंटा गया कि इसके विरोध में अखबारों के पन्ने खाली छोड़ दिए गए थे।
राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान जेपी नड्डा ने कहा कि अनुच्छेद 370 के तहत धारा 35ए बिना संसद की मंजूरी के जोड़ी गई। 35ए ही यह तय करता है कि जम्मू कश्मीर का नागिरक कौन होगा। नड्डा ने कहा कि देश के कई कानून जम्मू कश्मीर में लागू ही नहीं होते थे। देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान हो गए थे।

नड्डा ने कहा कि बंटवारे के बाद पाकिस्तान से आए कई लोग इस देश में प्रधानमंत्री बने, लेकिन जम्मू कश्मीर में ऐसे लोग पंचायत के अध्यक्ष तक नहीं बन सकते थे। जम्मू कश्मीर में पंजाब से सफाई कर्मचारी लाए गए थे और अनुच्छेद 370 के चलते उन सफाई कर्मचारियों के बच्चे सिर्फ सफाई कर्मचारी की नौकरी कर सकते थे न वो डॉक्टर बन सकते थे और न ही इंजीनियर। आज प्रधानमंत्री मोदी की वजह से जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया है।

दिल्ली-NCR की हवा फिर हुई ‘जहरीली’, कई इलाकों का AQI 400 पार

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दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता बिगड़ गई है। इसके चलते एक बार फिर ग्रेप-3 और 4 के प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। दिल्ली-एनसीआर की ज्यादातर जगहों पर हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। इसके चलते कई प्रतिबंध भी लागू किए गए हैं।

सीपीसीबी के अनुसार, आज मंगलवार सुबह आठ बजे दिल्ली के कई स्थानों का एयर इंडेक्स 400 के पार पहुंच गया है। वहीं, दिल्ली के कुछ हिस्सों में कोहरे की चादर छाई हुई है और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

इससे पहले, सोमवार दोपहर को पहले ग्रेप-3 के नौ सूत्रीय प्रतिबंध को लागू किया गया और रात 10 बजे दिल्ली का एक्यूआई 401 पर यानी गंभीर श्रेणी में पहुंचने के बाद ग्रेप-4 के सात सूत्रीय प्रतिबंधों को भी तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

दिल्ली एनसीआर में एक बार फिर हेल्थ इमरजेंसी वाले हालात बन गए हैं। हवा दमघोंटू हो गई है और मौसम भी साथ नहीं दे रहा है। इस समय एनसीआर के सभी शहर रेड जोन में चल रहे हैं।

दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिले में कक्षा नौ तक व 11वीं की क्लास स्कूलों को अनिवार्य रूप से हाइब्रिड मोड में चलाना होगा।

अभिभावक और बच्चे ऑनलाइन या ऑफलाइन पढ़ाई का विकल्प चुन सकते हैं। एनसीआर के दूसरे जिलों में भी राज्य सरकारें स्कूलों को हाइब्रिड मोड में संचालित करने का आदेश दे सकती हैं। इसके साथ ही दफ्तर खुलने और बंद होने का समय अलग-अलग निर्धारित कर सकती हैं।

 

 

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधीनस्थ कृषि सेवा संघ उत्तराखण्ड के सप्तम द्विवार्षिक प्रांतीय अधिवेशन में किया प्रतिभाग।

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किसी भी विभाग की रीढ़ होते हैं, अधिकारी और कर्मचारी – कृषि मंत्री गणेश जोशी।

अधिकारी सरकार और आम जनमानस के बीच एक सेतु का कार्य करते हैं। – गणेश जोशी।

देहरादून, 16 दिसम्बर 2024। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को रिंग रोड किसान भवन में अधीनस्थ कृषि सेवा संघ उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित सप्तम द्विवार्षिक प्रांतीय अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया गया। दो दिवसीय अधिवेशन का शुभारंभ कृषि मंत्री गणेश जोशी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिवेशन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अधीनस्थ कृषि सेवा संघ उत्तराखण्ड द्वारा जो मांग 6 सूत्रीय पत्र दिया गया है। उन पर उचित कार्यवाही की जाएगी। सभी विषयों पर गंभीरता से विचार करते हुए समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधीनस्थ कृषि सेवा संघ उत्तराखण्ड अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी सरकार के मुख्य अंग हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी किसी भी विभाग की रीढ़ होती है। जब आपके द्वारा जनहित में सराहनीय कार्य किए जाते हैं, तो इससे सरकार के प्रति जनता का और विश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारकर अधिकारी सरकार और आम जनमानस के बीच एक सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारी-कर्मचारी निष्ठा और शिद्दत से कार्य कर रहे हैं। इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सभी को नव वर्ष अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सभी से पूरे मनोयोग से कार्य करने की आशा भी व्यक्त की।
इस अवसर पर कृषि उप निदेशक अजय वर्मा, एमडी जैविक बोर्ड विनय कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह राणा, अधीनस्थ कृषि सेवा संघ अध्यक्ष डी.एस.अग्रवाल, महामंत्री के.एस मनोला, संरक्षक सी. एस.असवाल, पी.पी. सैनी, मनोज गुसाईं, विनोद पटवाल, विजय शर्मा, प्रदेश के समस्त जनपदीय अध्यक्ष एवं संगठन के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने किया प्रथम सोलर मेला “सौर कौथिग” का शुभारंभ।

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2027 तक आवासीय में 250 मेगावाट जबकि कुल 2500 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांट्स की स्थापना करने का लक्ष्य

देहरादून 16 दिसंबर 2024। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रेंजर्स ग्राउण्ड देहरादून में ‘ उत्तराखण्ड के प्रथम सोलर मेले दो दिवसीय ‘सौर कौथिग’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना और सोलर वाटर हीटर योजना के लाभार्थियों को अनुदान राशि के चेक प्रदान करने के साथ ही यूपीसीएल मुख्यालय में बनाई गई सौर ऊर्जा आधारित म्यूरल आर्ट का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री ने किया। मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा जन जागरूकता के लिए चलाई जा रही सोलर वैन को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इसके माध्यम में आगामी सौ दिनों तक सोलर ऊर्जा से संबंधित विभिन्न जानकारी लोगों को दी जायेगी। साथ ही विभिन्न स्टॉल पर जाकर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे नवोन्मेषी प्रयोगों की जानकारी ली।

सौर कौथिग को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सौर समृद्ध उत्तराखंड अभियान के अंतर्गत आयोजित यह मेला ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और राज्य के सतत् विकास की दिशा में एक विशिष्ट पहल है। मेले में सौर ऊर्जा से जुड़ी सभी योजनाओं, उनके लाभों और विभिन्न प्रकार के सौर ऊर्जा उत्पादों के बारे में जानकारी से लोग सौर ऊर्जा अपनाने को लेकर जागरुक होंगे। साथ ही सोर ऊर्जा को अपनाते हुए अपनाकर उत्तराखंड को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी अपना योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवाश्म आधारित ईंधन के स्रोत सीमित हैं। इनके प्रयोग द्वारा पर्यावरण को बहुत अधिक नुकसान पहुंचता है। सौर ऊर्जा के स्रोत असीमित हैं और ये हमारे पर्यावरण को संरक्षित रखने में भी अपना योगदान देते हैं। सौर ऊर्जा की इसी विशेषता को देखते हुए प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विभिन्न योजनाओं और अभियानों के माध्यम से देशभर में सौर ऊर्जा के प्रयोग को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2030 तक सौर ऊर्जा के माध्यम से 100 गीगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। साथ ही वर्ष 2070 तक देश को कार्बन न्यूट्रल बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सौर उर्जा के प्रयोग को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। सौर ऊर्जा की अधिकतम परियोजनाओं को स्थापित करने के उद्देश्य से नई सौर ऊर्जा नीति लागू की गई है। राज्य के सभी शासकीय भवनों पर सोलर पावर प्लांट स्थापित किये जा रहे हैं। राज्य में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से 70 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। पी०एम० सूर्यघर योजना के तहत सोलर पावर प्लांट की स्थापना के लिए अभी तक करीब 11 हजार लाभार्थियों को 90 करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान दिया जा चुका है। घरेलू और गैर घरेलू उपभोक्ताओं हेतु सोलर वाटर हीटर संयत्र की स्थापना पर भी 30 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत सोलर पावर प्लांट की स्थापना के माध्यम से राज्य के स्थायी निवासियों को स्वरोजगार का अवसर भी प्रदान किया जा रहा है। नई सौर ऊर्जा नीति के तहत वर्ष 2027 तक आवासीय में 250 मेगावाट जबकि कुल 2500 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांट्स की स्थापना करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सोलर वेंडरों की संख्या बढ़ाते हुए आवासीय क्षेत्र के लिए 365 वेंडरों को मान्यता प्रदान की है। राज्य सरकार ने नेट मीटरिंग की व्यवस्था को भी सरल बनाने के साथ ही 10 किलोवॉट तक के सोलर सिस्टम को तकनीकी आकलन से बाहर रखा है, जिससे प्रदेशवासी सौर ऊर्जा को आसानी से अपना सकें। पिछले सात माह में उत्तराखंड में 23 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता सफलता पूर्वक स्थापित की जा चुकी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सौर कौथिग के इस आयोजन से प्रदेश के सौर ऊर्जा क्षेत्र के विकास को और अधिक गति मिलेगी और भारत को कार्बन न्यूट्रल बनाने में उत्तराखण्ड योगदान देगा।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक खजान दास, बृजभूषण गैरोला, श्रीमती सविता कपूर, दर्जाधारी विश्वास डाबर, पद्मभूषण डॉ अनिल प्रकाश जोशी, सचिव डॉ. आर मीनाक्षीसुंदरम, अपर सचिव श्रीमती रंजना राजगुरु, एमडी यूपीसीएल श्री अनिल कुमार, एमडी यूजेवीएनएल श्री संदीप सिंघल, एमडी पिटकुल श्री पीसी ध्यानी उपस्थित थे।