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1971 भारत- पाकिस्तान युद्ध, विजय दिवस समारोह में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

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  • सीएम बोले बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचार और हिंसा ने मानवता के मूल्यों पर गहरा आघात किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस बांग्लादेश को पाकिस्तान से आजादी दिलाने के लिए 1971 के युद्ध में भारत के लगभग 39 सौ जवान शहीद हुए, वही बांग्लादेश अब सांप्रदायिक ताकतों के बहकावे में आकर हमारे देश के खिलाफ अपशब्द बोल रहा है। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचार और हिंसा ने मानवता के मूल्यों पर गहरा आघात किया है।

सोमवार को गांधी पार्क में आयोजित विजय दिवस समारोह में अपने संबोधन की शुरुआत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1971 के य़ुद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने 1971 के युद्ध में न केवल राष्ट्र की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा की बल्कि अपने अद्वितीय रण कौशल द्वारा दुश्मन को चारों खाने चित्त भी कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1971 में पाकिस्तान के साथ लड़ा गया यह युद्ध स्वतंत्र भारत के इतिहास का एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय है, जो प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत है। 1971 के युद्ध में हमारी सेना ने विश्व को दिखा दिया कि भारत न केवल अपनी संप्रभुता की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि जरूरत पड़ने पर मानवता और न्याय की रक्षा के लिए भी खड़ा हो सकता है। इस युद्ध में हमारी तीनों सेनाओं ने मात्र 13 दिनों में पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस युद्ध में पाकिस्तान के लगभग एक लाख सैनिकों ने 16 दिसंबर 1971 को हमारी सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जो दुनिया के सैन्य इतिहास में एक अद्वितीय घटना के रूप में दर्ज है। उस युद्ध में लगभग 39 सौ भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए, जिनमें वीरभूमि उत्तराखंड के 255 बहादुर सपूत भी शामिल थे। तब हमारे प्रदेश के 74 सैनिकों को अपने अदम्य साहस और शौर्य के लिए विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित भी किया गया था।

गोली का जवाब गोलों से दे रही है सेना

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2014 से पूर्व सेना के शौर्य को भी राजनीतिक चश्मे से आंकने का प्रयास किया जाता था। तब दुश्मन के हमला का जवाब देने के लिए भी सेना को आदेश लेना पड़ता था, लेकिन 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश की सेनाओं को युदध् के समय गोली चलाने के लिए आदेश की आवश्यकता नहीं पड़ती है, सेना अब बढ़े हुए मनोबल से गोलियों का जवाब गोलों से दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना तो पहले भी शक्तिशाली ओर पराक्रमी थी, लेकिन तब नेतृत्व के कारण सेना को साजो सामान के मामले में न्याय नहीं मिल पाता था।

लेकिन, अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार सेना के पराक्रम और बलिदान को सर्वोच्च सम्मान देती है। आज भारतीय सेना को प्रत्येक क्षेत्र में सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिसके परिणामस्वरूप आज भारत न केवल अपनी रक्षा जरूरतों में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, बल्कि विभिन्न देशों को रक्षा सामग्री निर्यात करने में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

प्रदेश सरकार सैनिक कल्याण के लिए समर्पित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने जहां एक ओर सैनिकों या उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुदान राशि को बढ़ाने का काम किया है वहीं शहीद सैनिकों के आश्रितों को राज्य सरकार के अधीन आने वाली नौकरियों में वरीयता के आधार पर नियुक्ति देने का भी निर्णय लिया है। साथ ही, वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को मिलने वाली एकमुश्त अनुदान राशि में भी बढ़ोतरी की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अनुदान राशि को लेकर परिवार में कोई मतभेद ना हो, इसके लिए राज्य सरकार ने शहीदों के माता-पिता और पत्नी दोनों को समान रूप से अनुदान राशि में अधिकार देने का काम किया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वो खुद एक सैनिक पुत्र हैं, इसलिए आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में आ रहे सकारात्मक बदलाव को देखकर उन्हें भी अत्यंत हर्ष का अनुभव होता है।

“धूल से फूल“ बनाना और “धूल में मिलाना“ भी जानते हैं।

मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश के मौजूदा हालातों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें बंगलादेश में रहने वाले हिंदुओ की चिंता है। उन्होंने कहा कि छोटी – छोटी घटना पर कैंडिल मार्च के साथ ही संसद बाधित करने वाले अब पूरी तरह गायब हैं। ये कौन लोग हैं जिन्हें केवल वोट के लिए बांग्लादेश का नरसंहार तक नहीं दिखाई दे रहा है।

दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने अपनी चिंताओं से बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को अवगत करा दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत हमेशा से शांति और सहिष्णुता का पक्षधर रहा है, लेकिन हमारी सद्भावना को हमारी कमजोरी समझने की भूल नहीं की जानी चाहिए। हम अगर “धूल से फूल“ बनाना जानते हैं तो हम “धूल में मिलाना“ भी जानते हैं।

पीएम करते हैं उत्तराखंड की चिंता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर विशिष्ट अवसर पर उत्तराखंड की चिंता करते हैं। उन्होंने केदारनाथ की धरती से कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होने जा रहा है, अब राज्य सरकार इसी संकल्प को पूरा करने की दिशा में बढ़ रही है। राज्य विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

नीति आयोग के इंडेक्स में देश के अंदर उत्तराखंड को पहला स्थान मिला है, राज्य में अब बेरोजगारी भी घटी है। प्रदेश सरकार प्रति व्यक्ति आय भी दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में होने जा रहे राष्ट्रीय खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय खेल उत्तराखंड को देवभूमि, वीरभूमि के साथ ही खेलभूमि के रूप में भी स्थापित करने का काम करेंगे।

वीरांगनाओं और वीरमाताओं को निःशुल्क बस यात्रा

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं और वीर माताओं को भी परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्र की घोषणा की है। समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने 1971 युद्ध के वीर सैनिकों और वीरनारियों का भी सम्मान किया।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्व की प्रमुख सैनिक शक्ति बन गया है। आज 70 से अधिक देशों को रक्षा निर्यात हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में शहीदों के याद में सैन्य धाम बनकर तैयार हो गया है, जल्द ही सैन्य धाम का लोकार्पण होने जा रहा है।

इस मौके पर शहरी विकास मंत्री श्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए साबित किया है कि दुनिया में यदि कोई भी ताकत भारत को आंख दिखाने का काम करेगी तो भारत उसे सबक सिखाना भी जानता है।

1971 भारत- पाकिस्तान युद्ध, विजय दिवस समारोह में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि।

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सीएम बोले बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचार और हिंसा ने मानवता के मूल्यों पर गहरा आघात किया

देहरादून 16 दिसंबर 2024। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस बांग्लादेश को पाकिस्तान से आजादी दिलाने के लिए 1971 के युद्ध में भारत के लगभग 39 सौ जवान शहीद हुए, वही बांग्लादेश अब सांप्रदायिक ताकतों के बहकावे में आकर हमारे देश के खिलाफ अपशब्द बोल रहा है। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचार और हिंसा ने मानवता के मूल्यों पर गहरा आघात किया है।

सोमवार को गांधी पार्क में आयोजित विजय दिवस समारोह में अपने संबोधन की शुरुआत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1971 के य़ुद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने 1971 के युद्ध में न केवल राष्ट्र की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा की बल्कि अपने अद्वितीय रण कौशल द्वारा दुश्मन को चारों खाने चित्त भी कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1971 में पाकिस्तान के साथ लड़ा गया यह युद्ध स्वतंत्र भारत के इतिहास का एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय है, जो प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत है। 1971 के युद्ध में हमारी सेना ने विश्व को दिखा दिया कि भारत न केवल अपनी संप्रभुता की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि जरूरत पड़ने पर मानवता और न्याय की रक्षा के लिए भी खड़ा हो सकता है। इस युद्ध में हमारी तीनों सेनाओं ने मात्र 13 दिनों में पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस युद्ध में पाकिस्तान के लगभग एक लाख सैनिकों ने 16 दिसंबर 1971 को हमारी सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जो दुनिया के सैन्य इतिहास में एक अद्वितीय घटना के रूप में दर्ज है। उस युद्ध में लगभग 39 सौ भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए, जिनमें वीरभूमि उत्तराखंड के 255 बहादुर सपूत भी शामिल थे। तब हमारे प्रदेश के 74 सैनिकों को अपने अदम्य साहस और शौर्य के लिए विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित भी किया गया था।

गोली का जवाब गोलों से दे रही है सेना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2014 से पूर्व सेना के शौर्य को भी राजनीतिक चश्मे से आंकने का प्रयास किया जाता था। तब दुश्मन के हमला का जवाब देने के लिए भी सेना को आदेश लेना पड़ता था, लेकिन 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश की सेनाओं को युदध् के समय गोली चलाने के लिए आदेश की आवश्यकता नहीं पड़ती है, सेना अब बढ़े हुए मनोबल से गोलियों का जवाब गोलों से दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना तो पहले भी शक्तिशाली ओर पराक्रमी थी, लेकिन तब नेतृत्व के कारण सेना को साजो सामान के मामले में न्याय नहीं मिल पाता था। लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार सेना के पराक्रम और बलिदान को सर्वोच्च सम्मान देती है। आज भारतीय सेना को प्रत्येक क्षेत्र में सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिसके परिणामस्वरूप आज भारत न केवल अपनी रक्षा जरूरतों में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, बल्कि विभिन्न देशों को रक्षा सामग्री निर्यात करने में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

प्रदेश सरकार सैनिक कल्याण के लिए समर्पित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने जहां एक ओर सैनिकों या उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुदान राशि को बढ़ाने का काम किया है वहीं शहीद सैनिकों के आश्रितों को राज्य सरकार के अधीन आने वाली नौकरियों में वरीयता के आधार पर नियुक्ति देने का भी निर्णय लिया है। साथ ही, वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को मिलने वाली एकमुश्त अनुदान राशि में भी बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अनुदान राशि को लेकर परिवार में कोई मतभेद ना हो, इसके लिए राज्य सरकार ने शहीदों के माता-पिता और पत्नी दोनों को समान रूप से अनुदान राशि में अधिकार देने का काम किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वो खुद एक सैनिक पुत्र हैं, इसलिए आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में आ रहे सकारात्मक बदलाव को देखकर उन्हें भी अत्यंत हर्ष का अनुभव होता है।

“धूल से फूल“ बनाना और “धूल में मिलाना“ भी जानते हैं

मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश के मौजूदा हालातों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें बंगलादेश में रहने वाले हिंदुओ की चिंता है। उन्होंने कहा कि छोटी – छोटी घटना पर कैंडिल मार्च के साथ ही संसद बाधित करने वाले अब पूरी तरह गायब हैं। ये कौन लोग हैं जिन्हें केवल वोट के लिए बांग्लादेश का नरसंहार तक नहीं दिखाई दे रहा है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने अपनी चिंताओं से बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को अवगत करा दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत हमेशा से शांति और सहिष्णुता का पक्षधर रहा है, लेकिन हमारी सद्भावना को हमारी कमजोरी समझने की भूल नहीं की जानी चाहिए। हम अगर “धूल से फूल“ बनाना जानते हैं तो हम “धूल में मिलाना“ भी जानते हैं।

पीएम करते हैं उत्तराखंड की चिंता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर विशिष्ट अवसर पर उत्तराखंड की चिंता करते हैं। उन्होंने केदारनाथ की धरती से कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होने जा रहा है, अब राज्य सरकार इसी संकल्प को पूरा करने की दिशा में बढ़ रही है। राज्य विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। नीति आयोग के इंडेक्स में देश के अंदर उत्तराखंड को पहला स्थान मिला है, राज्य में अब बेरोजगारी भी घटी है। प्रदेश सरकार प्रति व्यक्ति आय भी दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में होने जा रहे राष्ट्रीय खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय खेल उत्तराखंड को देवभूमि, वीरभूमि के साथ ही खेलभूमि के रूप में भी स्थापित करने का काम करेंगे।

वीरांगनाओं और वीरमाताओं को निःशुल्क बस यात्रा

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं और वीर माताओं को भी परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्र की घोषणा की है। समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने 1971 युद्ध के वीर सैनिकों और वीरनारियों का भी सम्मान किया।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्व की प्रमुख सैनिक शक्ति बन गया है। आज 70 से अधिक देशों को रक्षा निर्यात हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में शहीदों के याद में सैन्य धाम बनकर तैयार हो गया है, जल्द ही सैन्य धाम का लोकार्पण होने जा रहा है।

इस मौके पर शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए साबित किया है कि दुनिया में यदि कोई भी ताकत भारत को आंख दिखाने का काम करेगी तो भारत उसे सबक सिखाना भी जानता है।

इस मौके पर विधायक श्री खजान दास, दर्जाधारी विश्वास डाबर, भाजपा के महानगर अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, सचिव दीपेंद्र चौधरी, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसंल, एसएसपी अजय सिंह, निदेशक सैनिक ब्रिगेडियर कल्याण अमृत लाल (से.नि), मेजर जनरल सम्मी सबरवाल(से.नि), ब्रिगेडियर के.जी बहल(से.नि) एवं पूर्व सैन्य अधिकारी और वीरांगनाएं उपस्थित थे।

नेहा जोशी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष BJYM ने ब्रुसेल्स में इंडिया-नाटो पब्लिक पॉलिसी डायलॉग में लिया भाग।

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ब्रुसेल्स / देहरादून 16 दिसंबर 2024।भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, उत्तराखंड की नेहा जोशी ने ब्रुसेल्स में आयोजित इंडिया-नाटो पब्लिक पॉलिसी डायलॉग में भाग लिया। यह आयोजन नाटो, कॉनराड एडन्यूर फाउंडेशन और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया था।

जोशी भारत के विभिन्न राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करने वाले सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थीं। यह डायलॉग वैश्विक भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य, क्षेत्रीय सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की बढ़ती रणनीतिक महत्ता पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच था।

कार्यक्रम में नाटो मुख्यालय, यूरोपीय संसद और संसदीय सभा में उच्च स्तरीय बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों में क्षेत्रीय प्रतिनिधियों, संसद सदस्यों और सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया गया, ताकि भारत और नाटो देशों के बीच सुरक्षा और नीति संबंधी सहयोग के नए रास्तों पर चर्चा की जा सके।
नेहा जोशी ने अपनी भागीदारी के बारे में बात करते हुए कहा, “यह डायलॉग भारत की वैश्विक भू-राजनीतिक भूमिका को रेखांकित करता है और यह जरूरी है कि हम साइबर सुरक्षा और क्षेत्रीय अस्थिरता जैसी उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए मित्र देशों के साथ साझेदारी बढ़ाएं। भारत का योगदान वैश्विक सुरक्षा में अहम है, और नाटो देश इस बात को अच्छी तरह समझते हैं ।”

यह डायलॉग भारत और नाटो तथा अन्य लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया। यह भारत के सामरिक दृष्टिकोण और वैश्विक सुरक्षा में योगदान को प्रगाढ़ बनाने में सहायक होगा।

नशे से युवा पीढ़ी को गंभीर खतरा’, सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी

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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने देश के युवाओं में बढ़ रही नशे की लत पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने देश में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार, ड्रग्स के सेवन पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ड्रग्स लेना बिल्कुल भी कूल नहीं है। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति एन कोटिस्वर सिंह की पीठ ने कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग को एक टैबू नहीं माना जाना चाहिए, लेकिन इस मुद्दे से निपटने के लिए एक खुली चर्चा की आवश्यकता है।
जस्टिस नागरत्ना ने चेतावनी देते हुए कहा कि ड्रग्स इस्तेमाल के सामाजिक और आर्थिक खतरों के साथ ही मानसिक खतरे भी हैं। साथ ही पीठ ने युवाओं में बढ़ रही नशे की लत के खिलाफ तुरंत सामूहिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
अदालत ने माता-पिता, समाज और सरकारों से मिलकर इस समस्या के खिलाफ लड़ने को कहा।  हम भारत में नशे संबंधी मुद्दों पर चुप रहते हैं और इसका फायदा आतंकवाद का समर्थन करने और हिंसा को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।
अदालत ने माता-पिता, समाज और सरकारों से मिलकर इस समस्या के खिलाफ लड़ने को कहा।  हम भारत में नशे संबंधी मुद्दों पर चुप रहते हैं और इसका फायदा आतंकवाद का समर्थन करने और हिंसा को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।

 

दोस्तों का दबाव, शिक्षा से तनाव के कारण युवा इसका इस्तेमाल ज्यादा कर रहे हैं। युवाओं को उन लोगों को फॉलो नहीं करना चाहिए जो नशीली दवाओं का सहारा लेते हैं और ड्रग्स का सेवन केवल वंचित वर्ग तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्थिक बाधाओं से परे हैं। हमें उन लोगों को सलाह देने की जरूरत है जिन्होंने इसका सहारा लिया है।

पीठ ने कहा कि नशे के शिकार व्यक्ति के साथ सहानुभूति और प्यार से पेश आने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से यह टिप्पणी तब आई जब पीठ पाकिस्तान से भारत में 500 किलोग्राम हेरोइन की तस्करी के मामले में आरोपी एक व्यक्ति की तरफ से दायर जमानत याचिका पर फैसला सुना रही थी।

यहां नौकरी के लिए AI ले रहा इंटरव्यू

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आजकल नौकरी की तलाश में लोग हर तरह की तैयारी करते हैं लेकिन चीन में बैंकों ने एक नई तकनीक अपनाई है, जिसने इंटरव्यू का तरीका बदल दिया है. कई बड़े बैंकों जैसे बैंक ऑफ चाइना BOC और इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना ICBC ने AI इंटरव्यू का इस्तेमाल शुरू किया है. यह तरीका न केवल समय बचा रहा है, बल्कि लागत भी कम कर रहा है. स्थानीय बैंकों जैसे हांगझोउ बैंक और शंघाई बैंक ने भी इस तकनीक को अपनाया है.

असल में साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक AI इंटरव्यू, लिखित परीक्षा और आमने-सामने होने वाले इंटरव्यू के बीच होता है. इसके लिए उम्मीदवारों को पहले से एक खास सॉफ्टवेयर डाउनलोड करना होता है और कैमरा व माइक की जांच करनी होती है. AI इंटरव्यू 24 घंटे में 2,500 उम्मीदवारों के इंटरव्यू लेने की क्षमता रखता है. इसका उद्देश्य प्रक्रिया को तेज और अधिक प्रभावी बनाना है.

रिपोर्ट के मुताबिक कुछ उम्मीदवारों ने इसे सकारात्मक बदलाव बताया है. एक महिला उम्मीदवार ने कहा कि AI इंटरव्यू में उन्हें अधिक सहज महसूस हुआ. उन्होंने बताया कि मुझे जवाब देने के लिए दो मौके मिले, जो आम इंटरव्यू में नहीं मिलते. इससे मेरी घबराहट कम हो गई. वहीं एक अन्य उम्मीदवार ली ने कहा कि AI का रवैया न केवल निष्पक्ष था, बल्कि उसने बिना किसी दबाव के बातचीत की.

हालांकि सभी उम्मीदवार AI इंटरव्यू से खुश नहीं हैं. एक महिला उम्मीदवार वांग ने इसे अजीब अनुभव बताया और कहा कि यह आत्मकेंद्रित जैसी स्थिति महसूस कराता है. उन्होंने आरोप लगाया कि AI कभी-कभी सवालों में उलझाता है और कई बार ऐसी बातें पूछता है जो नौकरी से संबंधित नहीं होतीं. तकनीकी गड़बड़ियों के कारण इंटरव्यू के बीच में ऐप बंद होने की शिकायतें भी सामने आईं.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI इंटरव्यू से मानव संसाधन विभाग का काम काफी आसान हो गया है, लेकिन इसमें मानवीय संवेदनाएं और संवाद की कमी है. कई लोग इसे तैयारी के लिए उपयोगी मानते हैं और चीन में AI सॉफ्टवेयर के जरिए मॉक इंटरव्यू के पैकेज भी बेचे जा रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, चीन के 60% वित्तीय संस्थान इस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि, इस तकनीक को पूरी तरह अपनाने से पहले इसमें सुधार की जरूरत है ताकि यह उम्मीदवारों के लिए अधिक लाभकारी साबित हो सके.

 

टिकट की गोटी फिट करने में जुटे दावेदार, कर रहे नेताओं की परिक्रमा

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नगर निकाय के चुनाव की तारीखों का ऐलान किसी भी दिन हो सकता है। सीटों के लिए आरक्षण तय कर दिया गया है। आरक्षण तय होने के बाद पहले से तैयारी कर रहे कुछ दावेदारों के चेहरों पर मुस्कान है, तो कुछ के चेहरों पर इस लिए निराशा है क्योंकि सीट का आरक्षण उनके मुताबिक नहीं हुआ है। सीटों का आरक्षण तय होने के बाद अब दावेदारों की दौड़ और बड़े नेताओं की परिक्रमा शुरू हो गई है।

दावेदार अपने टिकट के लिए बिसात बिछाने लगे हैं। बड़े नेताओं के दर पर दस्तक बढ़ गई है। नेता भी अपने चहेतों को टिकट दिलाने के लिए जुगत में जुट गए हैं। पिछले कुछ सालों तक खुद को समाज सेवक बताने वाले अब अपने आप को नेता बताने लगे हैं।

नेताओं के करीबी इस उम्मीद में हैं कि उनके बड़े नेता उन्हीं की पैरवी करेंगे। फिर भी वो कोई मौका छोड़ना नहीं चाहते। वो अपने नेता से भी बड़े नेता के दर पर दस्तक देने लगे हैं। यह बात अलग है कि नेता और बड़े नेता किसके पक्ष में दांव लगाते हैं।

बहरहाल इन दिनों नेता समाज सेवक और समाज सेवक नेता बने फिर रहे हैं। आरक्षण तय होने के बाद सोशल मीडिया में भी चुनावी माहौल बन रहा है। दावेदार अपने फोटो के साथ पोस्ट कर करके दावेदारी पेश कर रहे हैं। हालांकि, इनमें फिलहाल सभी केवल अपनी ही फोटो चस्पा कर रहे हैं। इन पोस्टों में अपने नेताओं से परहेज करते नजर आ रहे हैं।

अब इंतजार है कि चुनाव की तारीखों का ऐलान कब होता है। तारीखों का ऐलान होने के बाद दावेदारों की टेंशन और नेता परिक्रमा और बढ़ जाएगी। टिकट की दावेदारी बढ़ जाएगी। जैसे-जैसे दावेदार बढ़ेंगे राजनीतिक दलों की टेंशन भी बढ़नी शुरू हो जाएगी। उनको भी टिकट तय करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

टिकट मिलने के बाद नाराजगी भी देखने को मिलेगी। पार्टियां पहले से ही इसके लिए प्लान तैयार करने में जुटी हुई हैं। भाजपा केदारनाथ चुनाव के बाद उत्साहित है। वहीं, कांग्रेस भी इस चुनाव में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर चुकी है। अब देखना होगा कि चुनाव में तैयारियां धरातल पर कितनी कारगर साबित होती हैं?

भीषण सड़क हादसा, ट्रक ने SUV कार को मारी टक्कर, 6 लोगों की मौत

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छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से भीषण सड़क हादसे की खबर है। एक ट्रक ने विपरीत दिशा से आ रही एसयूवी को टक्कर मार दी, जिससे 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 अन्य घायल हो गए।

पुलिस ने इस घटना की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना रविवार देर रात डौंडी थाना क्षेत्र में हुई जब जिले के गुंडरदेही इलाके के निवासी एक पारिवारिक समारोह से लौट रहे थे।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘वाहन की ट्रक से आमने-सामने टक्कर हो गई। एसयूवी में सवार 13 लोगों में से छह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

मृतकों की पहचान दुरपत प्रजापति जिनकी उम्र 30 साल, सुमित्रा बाई कुंभकार (50), मनीषा कुंभकार (35), सगुन बाई कुंभकार (50) इमला बाई (55) और नाबालिग लड़के जिग्नेश कुंभकार (7) के रूप में की गई है।

पांच महिलाओं और एक बच्चे समेत सात घायल लोगों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें आगे की दवा के लिए राजनांदगांव जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।उन्होंने बताया कि दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है।

फडणवीस कैबिनेट के कई मंत्रियों पर चल रही ED की जांच, लगे हैं भ्रष्टाचार के आरोप

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महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार हो गया है। कई दिनों की चर्चा के बाद मंत्रियों के नामों पर मुहर लगी। लेकिन, मंत्रीमंडल  के नवनियुक्त मंत्रियों में कई ऐसे नाम भी शामिल हैं, जिनपर भ्रष्टाचार के आरोप में ED जांच कर रही है। ऐसे में गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ये मंत्री जांच के घेरे में

मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा के 19, शिवसेना के 11 और एनसीपी के 9 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें से तीन नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जांच के घेरे में फंसे इन मंत्रियों में प्रताप सरनाईक, हसन मुश्रिफ और धननंजय मुंडे का नाम शामिल है। किसी भी नेता के नाम क्लोजर रिपोर्ट अदालत में जमा नहीं की गई, जिसका मतलब उनपर जांच जारी है।

भाजपा के एक मंत्री गिरीश महाजन को सीबीआई से क्लियरेंस मिल गया है। अब वो आरोप मुक्त हो चुके हैं। बता दें कि MVA सरकार के दौरान गिरीश के खिलाफ जबरन वसूली करने और अपहरण जैसे आरोप लगे थे। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की थी, जिसके बाद शिंदे ने जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई ने बाद में गिरीश को क्लियरेंस दे दिया था।

मंत्री मुश्रिफ के कई ठिकानों पर ईडी ने छापामार कार्रवाई कर चुकी है। धननंजय मुंडे पर भी एक 17 एकड़ के प्लॉट की गड़बड़ी से संबंधित जांच चल रही है। सरनाईक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच चल रही है।

प्रताप सरनाईक, हसन मुश्रिफ और धननंजय मुंडे पर जब मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप ईडी ने लगाए थे तब वो विपक्ष में थे और बाद में वो सरकार में शामिल हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, जिन मंत्रियों पर केस जारी है उनसे जुड़ी कंपनियों और कुछ लोगों के खिलाफ ईडी ने चार्जशीट दाखिल की है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि दो दिन में साफ हो जाएगा कि किसे कौन सा विभाग दिया जाएगा। सीएम फडणवीस ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज 39 नेताओं ने शपथ ली है, इनमें से 6 राज्य मंत्री हैं। दो दिन में साफ हो जाएगा कि किसे कौन सा विभाग दिया जाएगा।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने चंडी घाट पर गंगा पूजन कर किया शीतकालीन चार धाम यात्रा का शुभारंभ

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हरिद्वार : ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य  अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि उत्तराखंड स्थित चार धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारेश्वर महादेव और भगवान बदरी विशाल के मंदिरों के कपाट स्थानीय भौगोलिक स्थितियों को देखते हुए केवल पूजा स्थलों में परिवर्तन होता है। उन्होंने कहा कि सदियों से चली आ रही पूजा अर्चना प्राचीन परंपरा के अनुसार शीतकालीन पूजा स्थलों में की जाती है। हरिद्वार स्थित गंगा के चंडी घाट पर गंगा पूजन और गंगा आरती से पूर्व

शंकराचार्य ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि जन सामान्य में ऐसी धारणा बन गई कि चारों धामों के कपाट बंद होने के बाद शीतकाल में श्रद्धालु दर्शन लाभ नहीं ले सकते हैं। इसी धारणा को तोड़ने के लिए उनके द्वारा विगत वर्ष लगभग पांच शताब्दि बाद शीतकालीन चारधाम मंगल यात्रा का आयोजन किया गया था। उन्होंने कहा कि अच्छी बात है कि उत्तराखंड राज्य सरकार ने भी शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए हैं ।

उन्होंने कहा कि जो पुण्य लाभ यात्रियों को ग्रीष्मकाल में चार धामों के दर्शन से मिलता है, उससे अधिक लाभ शीतकालीन पूजा स्थलों में पूजा-अर्चना एवं दर्शन से श्रद्धालुओं को प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए उनके द्वारा निरंतर कार्य किये जा रहे हैं ।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि ज्योतिर्मठ में शंकराचार्य गुरुकुलम की शुरुआत हो गई है। इसके अलावा चमोली जनपद में एक अन्य गुरुकुलम को शुरू किया जा रहा है।

आदि गुरु शंकराचार्य जी की तपस्थली ज्योतिर्मठ में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए अस्पताल का भूमि पूजन कर दिया गया है। जन भावनाओं के अनुरूप जल्द वहां पर अत्याधुनिक सुविधापूर्ण अस्पताल कार्य करने लगेगा।

चंडी घाट पर हुआ यात्रा का शुभारंभ

चार धाम शीतकालीन दर्शन यात्रा का शुभारंभ चंडी घाट पर ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के पावन सानिध्य में मां गंगा की विधिवत पूजा अर्चना के साथ शुरू हुआ। इसके बाद काशी से आए आचार्यों द्वारा मां गंगा की दिव्य और भव्य आरती की गई।

इस अवसर पर ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य जी ने यात्रा में आए सभी यात्रियों को चार धामों का माहात्म्य बताया और यात्रा की मंगल कामना की।

शंकराचार्य जी के पावन सानिध्य में 16 दिसंबर से प्रारंभ हो रही चार धाम शीतकालीन दर्शन यात्रा में देश के 10 से अधिक राज्यों के 150 से ज्यादा तीर्थ यात्री यात्रा दल में शामिल हैं।

यात्रा प्रभारी ब्रह्मचारी मुकुंदानंद ने बताया कि गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड आदि राज्यों से 150 से ज्यादा महिला एवं पुरुष तीर्थ यात्री इस यात्रा में शामिल हैं। यात्रा 16 दिसंबर से प्रारंभ होकर के 22 दिसंबर को हरिद्वार में संपन्न होगी ।

यूथ कांग्रेस के यंग इंडिया के बोल सीजन-5 का शुभारंभ

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देहरादून: यंग इंडिया के बोल सीजन – 5 का शुभारंभ भारतीय युवा कांग्रेस ने अपनी प्रमुख कार्यक्रम यंग इंडिया के बोल के 5वें संस्करण के तहत आज राष्ट्रीय स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करी।

इस कार्यक्रम को 9 दिसंबर को भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब द्वारा लॉन्च किया गया। इस मौके पर युवा कांग्रेस ने देश के सामने खड़ी दो गंभीर समस्याओं, बेरोज़गारी में चौंकाने वाली वृद्धि और भारत के युवाओं को बर्बाद कर रही बेकाबू ड्रग तस्करी, पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की।

यंग इंडिया के बोल के तहत आयोजित इस प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया चेयरमैन देवेश उनियाल ने इन दोनों समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बेरोज़गारी और नशे के प्रसार की यह दोहरी समस्या समाज को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है और देश के युवाओं पर बुरा असर डाल रही है।

मोदी सरकार अपने 2 करोड़ नौकरियों के वादे को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है। बेरोज़गारी जैसे गंभीर मुद्दे से निपटने के लिए भाजपा ने केवल चुनावी जुमलों और सतही उपायों का सहारा लिया है। लोकसभा चुनावों से पहले उन्होंने सरकारी रिक्तियों को भरने के लिए ‘रोज़गार मेला’ का जुमला दिया, लेकिन उससे हासिल क्या हुआ?

युवा कांग्रेस ने युवाओं की इन चिंताओं को उजागर करने के लिए यंग इंडिया के बोल के 5वें संस्करण की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के तहत छात्रों, पेशेवरों, जमीनी कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों के राजनीतिक उत्साही युवाओं से आग्रह किया गया है कि वे अपनी आवाज़ उठाएं और इस गैर-जिम्मेदार सरकार तक अपनी बात पहुंचाएं।

उत्तराखंड युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष मोहन भंडारी ने यंग इंडिया के बोल की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए with iyc app के माध्यम से आवेदन की बात की। प्रदेश महामंत्री स्वाति नेगी ने भी बड़ती बेरोजगारी और नशे के खिलाफ अपनी बात रखी।

यंग इंडिया के बोल का यह संस्करण भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यक्रम “नौकरी दो, नशा नहीं” के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसमें भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों को इन दोनों समस्याओं पर वीडियो भेजने की आवश्यकता होगी।

इस कार्यक्रम में चयनित प्रतिभागियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में आमंत्रित किया जाएगा और उन्हें एक अनोखा अवसर मिलेगा कि वे भारतीय युवा कांग्रेस के राज्य और राष्ट्रीय प्रवक्ता बन सकें। साथ ही, वे विभिन्न मीडिया मंचों पर पार्टी के विचारों को व्यक्त करने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे।

कार्यक्रम को आज देहरादून स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में भी लॉन्च किया गया और प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। लॉन्च के दौरान मुख्य रूप से उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष मोहन भंडारी, प्रदेश मीडिया चेयरमैन देवेश उनियाल,प्रदेश महामंत्री (संगठन) प्रियांश छाबड़ा, प्रदेश महामंत्री स्वाति नेगी, महानगर अध्यक्ष, मोहित मेहता,, प्रदेश प्रवक्ता अमनदीप बत्रा मौजूद रहे।