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उत्तराखंड : 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए शुभंकर ‘मौली’ लॉन्च

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देहरादून : महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम काम्प्लेक्स में अगले साल 28 जनवरी से होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए शुभंकर मौली को लॉन्च कर दिया गया है। राष्ट्रीय खेलों का शुभंकर प्रतीक मौली यानी मोनाल पक्षी नए अवतार में आकर्षक और प्रेरक लग रहा है। साथ ही राष्ट्रीय खेल के लोगो को भी नए सिरे से डिजाइन किया गया है। इसकेस लिए जर्सी, मशाल और एंथम भी लॉन्च किया गया। इन सभी में उत्तराखंड की छाप साफतौर पर नजर आ रही है।

38 वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी उत्तराखंड को करीब आठ वर्ष पहले मिल गई थी। तब इसका शुंभकर प्रतीक और लोगो जारी किया गया था। इन खेलों के लिए उत्तराखंड के राज्य पक्षी मोनाल को शुभंकर प्रतीक बनाया गया था। मगर लंबे विमर्श के बाद शुभंकर प्रतीक को और आकर्षक बनाने का फैसला लिया गया, जो अब मौली के रूप में सामने आ चुका है। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 38 वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हमारे लिए सौभाग्य की बात है।

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उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में खेलों के इतने बडे़ आयोजन की मेजबानी के लिए हम उत्साहित हैं। इसके लिए हमारी पूरी तैयारी है। सभी के सहयोग से भव्य और बेहतर इंतजाम किए जाएंगे। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन ऐतिहासिक होगा। यह खेल उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में भी स्थापित करेंगे। सरकार इन खेलों के भव्य और सफल आयोजन के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रीय खेल सचिवालय केे मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिन्हा ने कहा कि हमारी तैयारी तेजी से सही दिशा में आगे बढ़ रही है। हम बेहतर आयोजन के लिए प्रतिबद्ध हैं। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत आर्य के मुताबिक-बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए जिस तरह की भी आवश्यकता है, उसके इंतजाम किए जा रहे हैं। केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा भी कार्यक्रम में मौजूद रही। खेल राज्य मंत्री ने खेलों के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

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वहीं, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा ने कहा किओलंपिक ऐसोसिएशन की अध्यक्ष पीटी ऊषा ने कहा कि उत्तराखंड राज्य खेलों के विकास में एक मानदंड स्थापित कर रहा है। सांस्कृतिक विरासत का निर्माण कर रहा है, एक ऐसी विरासत का निर्माण कर रहा है जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। मुझे यह घोषणा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि भारतीय ओलंपिक संघ पूरे दिल से योगा और मलखम को अंतरर्राष्ट्रीय खेलों में शामिल करने की सिफारिश को स्वीकार करता है।।

राष्ट्रीय खेलों की मशाल में सदानीरा गंगा, राज्य पुष्प् ब्रहमकमल के चिन्ह नजर आ रहे हैं। इसे इसी हिसाब से डिजायन किया गया है। इसके अलावा, उत्तराखंडी लोक कला एपण के भी प्रचार सामग्री से लेकर अन्य जगहों पर प्रभावी ढंग से नजर आएगी। साथ ही महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय खेलों के दौरान छह टन स्क्रैप से बना टाइगर भी खिलाड़ियों और दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। यह पूरी तरह से स्क्रैप से तैयार किया गया है, जिसे बनाने में करीब 20 दिन लगे।

दूसरे दिन का खेल खत्म, बुमराह को 5 विकेट, हेड-स्मिथ के शतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया 400 के पार

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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरे टेस्ट मैच के शुरुआती दिन यानी शनिवार को बारिश ने खलल डाला और सिर्फ 13.2 ओवर का ही खेल हो सका था। जबकि, रविवार को मैच के दूसरे दिन का पूरा खेल हुआ। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में सात विकेट गंवाकर 405 रन बना लिए हैं।

मिचेल स्टार्क सात रन और एलेक्स कैरी 45 रन बनाकर नाबाद हैं। ट्रेविस हेड ने 152 रन और स्टीव स्मिथ ने 101 रन की पारी खेली। वहीं, भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने पांच विकेट लिए। ऑस्ट्रेलिया ने बिना किसी विकेट के 28 रन से आगे खेलना शुरू किया और दूसरे दिन 377 रन बनाए और सात विकेट गंवाए।

बुमराह ने पहले सत्र में उस्मान ख्वाजा (21) और नाथन मैकस्वीनी (9) को आउट कर दो झटके दिए। इसके बाद पहले सत्र में ही नीतीश रेड्डी ने मार्नस लाबुशेन (12) को पवेलियन भेजा। हालांकि, इसके बाद स्टीव स्मिथ और ट्रेविस हेड ने दूसरे सत्र में कोई विकेट नहीं गिरने दिया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 242 रन की साझेदारी निभाई।

हेड ने टेस्ट करियर का नौवां और स्मिथ ने 33वां शतक जड़ा। स्मिथ 190 गेंद पर 12 चौके की मदद से 101 रन और हेड 160 गेंद पर 18 चौके की मदद से 152 रन बनाकर आउट हुए। मिचेल मार्श पांच रन और कप्तान पैट कमिंस 20 रन बनाकर आउट हुए। कमिंस ने सातवें विकेट के लिए कैरी के साथ 58 रन की साझेदारी निभाई। बुमराह के अलावा सिराज और नीतीश को एक-एक विकेट मिला।

महाराष्ट्र कैबिनेट में कई चौंकाने वाले नाम, शाम तक शपथ

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महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार का आज मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है। कई बैठकों के बाद एकमत हुए महायुति के तीनों दलों ने मंत्रियों के नाम तय कर लिए हैं। शिवसेना के 12 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे, जिनमें से 7 नए चेहरे होंगे। नागपुर के राजभवन में मंत्री पद की शपथ ली जाएगी। शपथ ग्रहण के बाद आज ही मंत्रालयों का वितरण किया जाएगा। विधायकों को मंत्री पद की शपथ लेने के लिए फोन भी आना शुरू हो गए हैं। इनमें भाजपा के विधायक भी शामिल हैं।
महाराष्ट्र कैबिनेट में पंकजा मुंडे को भी जगह मिली है। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले भाजपा की राष्ट्रीय सचिव पंकजा मुंडे ने कहा कि मुझे खुशी है कि मुझे एक बार फिर सीएम देवेंद्र फडणवीस की टीम में काम करने का मौका मिल रहा है। मैं पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा और चंद्रशेखर बावनकुले का आभार व्यक्त करती हूं।
शिवसेना के 12 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे, जिनमें से सात नए चेहरे हैं। विधायक भरतशेत गोगावले ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह आज शाम 4 बजे होगा। गोगावले ने कहा कि वो मंत्री बनने वाले हैं। वहीं उनकी पार्टी के 7 लोग नए हैं जो मंत्री पद की शपथ लेंगे और 5 को फिर से शामिल किया जा रहा है।
इस बीच, भाजपा विधायक गिरीश महाजन ने कहा कि उन्हें राज्य भाजपा प्रमुख का फोन आया है, जिसमें उन्हें मंत्री के रूप में चुने जाने की घोषणा की गई है। कल से नागपुर में राज्य का शीतकालीन सत्र शुरू होगा। इसके चलते कैबिनेट विस्तार के बाद महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। इसमें महायुति आगामी कामकाज पर अपनी रणनीति को बताएगी।

AAP के 38 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी, केजरीवाल नई दिल्ली, CM आतिशी कालकाजी से लड़ेंगी चुनाव

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आम आदमी पार्टी (AAP) ने रविवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए चौथी लिस्ट भी जारी कर दी। दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी कालकाजी विधानसभा सीट से और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ेंगे।
राजनीतिक मामलों की समिति के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में बैठक में प्रत्याशियों के नाम पर लंबी चर्चा हुई। इसके बाद प्रत्याशियों की नई सूची पर मोहर लगा दी गई।
चौथी लिस्ट में 38 प्रत्याशियों को टिकट दिया गया है। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी ने सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। आम आदमी पार्टी की चौथी लिस्ट में आज ही पार्टी में पार्षद पत्नी सहित भाजपा से आप में शामिल हुए रमेश पहलवान को कस्तूरबा नगर सीट से टिकट दी गई।

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राष्ट्रीय खेल : ‘मौली’ के रूप में शुभंकर का नया अवतार, जानें क्यों है खास

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उत्तराखंड में 38 वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी तेज हो गई है। राष्ट्रीय खेलों का शुभंकर प्रतीक ‘मौली’ (मोनाल पक्षी) नए अवतार में नजर आएगा। यह खिलाड़ियों के नजरिए से ज्यादा आकर्षक और प्रेरक होगा। राष्ट्रीय खेल के लोगो को भी नए सिरे से डिजाइन किया गया है। जर्सी, टार्च, एंथम सभी में उत्तराखंड की छाप नजर आएगी।

आठ वर्ष पहले मिल गई थी मेजबानी 

38 वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी उत्तराखंड को करीब आठ वर्ष पहले मिल गई थी। तब इसका शुंभकर प्रतीक और लोगो जारी किया गया था। इन खेलों के लिए उत्तराखंड के राज्य पक्षी मोनाल को शुभंकर प्रतीक बनाया गया था। मगर लंबे विमर्श के बाद यह महसूस किया गया कि शुभंकर प्रतीक को और आकर्षक बनाने की आवश्यकता है। ताकि शुंभकर प्रतीक खिलाड़ियोें से ज्यादा कनेक्ट कर पाए। अब इन खेलों का शुंभकर प्रतीक मौली के रूप में सामने आ रहा है।

बेहतर आयोजन के लिए प्रतिबद्ध

इसी तरह, लोगो को भी नए सिरे से डिजाइन किया गया है। मकसद ये ही है कि नई स्थितियों के अनुरूप ये ज्यादा आकर्षक नजर आएं। राष्ट्रीय खेल सचिवालय केे मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिन्हा के अनुसार-राष्ट्रीय खेलों की तैयारी तेजी से चल रही है। हम बेहतर आयोजन के लिए प्रतिबद्ध हैं। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत आर्य के मुताबिक-बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए जिस तरह की भी आवश्यकता है, उसके इंतजाम किए जा रहे हैं।

मशाल में गंगा, ब्रहमकमल के दिखेंगे चिन्ह

राष्ट्रीय खेलों की मशाल में सदानीरा गंगा, राज्य पुष्प् ब्रहमकमल के चिन्ह दिखाई देंगे। इसे इसी हिसाब से डिजायन किया गया है। इसके अलावा, उत्तराखंडी लोक कला एपण के भी दर्शन प्रचार सामग्री से लेकर अन्य जगहों पर प्रभावी ढंग से होंगे।

छह टन स्क्रैप से बना टाइगर खीचेंगा ध्यान

महाराणा प्रताप स्पोट्र्स काॅलेज परिसर में राष्ट्रीय खेलों की तैयारी के बीच छह टन स्क्रैप से बना टाइगर भी अपनी ओर सभी का ध्यान खीचेंगा। यह पूरी तरह से स्क्रैप से तैयार किया गया है, जिसे बनाने में करीब 20 दिन लगे हैं।

38 वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हमारे लिए सौभाग्य की बात है। उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में खेलों के इतने बडे़ आयोजन की मेजबानी के लिए हम उत्साहित है। इसके लिए हमारी पूरी तैयारी है। सभी के सहयोग से भव्य और बेहतर इंतजाम किए जाएंगे।

  • पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

क्षेत्र और संस्कृति का प्रतीकवाद

2025 के राष्ट्रीय खेलों के लिए शुभंकर मौली के रूप में मोनाल पक्षी का चयन हिमालयी क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीकवाद में गहराई से निहित है। हिमालय के मूल निवासी पक्षी के रूप में, विशेष रूप से उत्तराखंड में, जहाँ खेल आयोजित होने हैं, मोनाल इस क्षेत्र की अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता और विविधता का प्रतिनिधित्व करता है। इसके रंगीन पंख और राजसी उपस्थिति स्थानीय परंपराओं और मूल्यों के साथ प्रतिध्वनित होती है, जो इसे इस प्रतिष्ठित खेल आयोजन के दौरान प्रदर्शित करने के लिए एक उपयुक्त प्रतीक बनाती है।

 

संरक्षण जागरूकता

अपने सांस्कृतिक महत्व से परे, शुभंकर के रूप में मौली की भूमिका पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने का भी काम करती है। हिमालय में पाई जाने वाली एक स्थानिक प्रजाति के रूप में, मोनाल को आवास की कमी और विखंडन से खतरा है। खेलों के शुभंकर के रूप में इसे प्रमुखता से पेश करके, आयोजकों का उद्देश्य इसके प्राकृतिक आवास को संरक्षित करने और टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देने के महत्व को उजागर करना है, जिससे भविष्य की पीढ़ियों के लिए क्षेत्र की जैव विविधता की रक्षा करने के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा मिलता है।

 

स्थानीय पहचान और गौरव

मोनाल को शुभंकर के रूप में चुनने से उत्तराखंड के निवासियों में स्थानीय पहचान और गौरव बढ़ता है। मौली को क्षेत्र के प्रतीक के रूप में मान्यता देने से इसकी अनूठी प्राकृतिक विरासत और सांस्कृतिक महत्व पर गर्व की भावना पैदा होती है। स्थानीय प्रजातियों का जश्न मनाकर, खेल न केवल क्षेत्रीय गौरव को बढ़ावा देते हैं बल्कि आयोजन के लिए सामुदायिक जुड़ाव और समर्थन को भी मजबूत करते हैं, जिससे खेल, संस्कृति और पर्यावरण के बीच एक मजबूत संबंध बनता है।

 

प्रतिभागियों और दर्शकों से अपील

मौली के जीवंत रंग और आकर्षक रूप इसे एक आकर्षक शुभंकर बनाते हैं जो प्रतिभागियों और दर्शकों दोनों को समान रूप से आकर्षित करता है। इसकी विशिष्ट विशेषताएं और हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के साथ जुड़ाव खेलों के लिए एक आकर्षक और यादगार प्रतीक बनाता है। शुभंकर के रूप में मौली के माध्यम से, कार्यक्रम आयोजक एक जीवंत और उत्साही माहौल बनाने की कोशिश करते हैं, जिससे एथलीटों से लेकर प्रशंसकों तक राष्ट्रीय खेलों में शामिल सभी लोगों के बीच उत्साह और उत्साह को बढ़ावा मिलता है।

विपणन और ब्रांडिंग

मार्केटिंग के नज़रिए से, मोनाल 2025 के राष्ट्रीय खेलों के लिए एक अनूठा ब्रांडिंग अवसर प्रदान करता है। इसकी विशिष्ट दृश्य अपील को प्रचार सामग्री, व्यापारिक वस्तुओं और मीडिया अभियानों में प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सकता है ताकि आयोजन के लिए एक पहचान योग्य और सुसंगत पहचान स्थापित की जा सके। मौली न केवल हिमालयी क्षेत्र का जश्न मनाने के आयोजन की थीम को मजबूत करता है, बल्कि व्यापक दर्शकों के बीच प्रत्याशा और रुचि पैदा करने में भी मदद करता है, जिससे खेलों की दृश्यता और प्रभाव और भी बढ़ जाता है।

…तो सोमवार को पेश नहीं होगा ‘एक देश-एक चुनाव विधेयक’?

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नई दिल्ली : एक देश एक चुनाव विधेयक के सोमवार को लोकसभा में पेश होने की चर्चा थी, लेकिन अब सरकार ने इसे टाल दिया है। ‘एक देश एक चुनाव’ विधेयक अब इस सप्ताह के बाद के दिनों में लोकसभा में पेश किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार पहले वित्तीय कार्यों को पूरा करेगी।

दो विधेयक – संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और संघ राज्य क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक, सोमवार को लोकसभा में पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध थे। सोमवार को अब पहले अनुदानों की अनुपूरक मांगों को सदन द्वारा पारित किए जाने के बाद इस सप्ताह के अंत में विधेयक पेश किए जा सकते हैं। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी संशोधित कार्य सूची में सोमवार के एजेंडे में ये दोनों विधेयक शामिल नहीं हैं। संसद का शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर को समाप्त होने वाला है।

गुरुवार को कैबिनेट ने संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2024 को मंजूरी दी था, जिसके बाद शुक्रवार शाम को इसे सांसदों को वितरित किया गया। संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, राष्ट्रपति द्वारा लोकसभा चुनाव के बाद पहली बैठक में एक तारीख तय की जाएगी।

इस तय तारीख के बाद सभी निर्वाचित राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल लोकसभा के पूर्ण कार्यकाल के साथ समाप्त हो जाएगा, जिससे एक साथ चुनाव कराने का मार्ग साफ हो जाएगा। अब 2024 के चुनाव हो चुके हैं तो संभव है कि 2029 के आम चुनाव के बाद यह तारीख तय की जाएगी। ऐसे में 2034 से पहले एक साथ चुनाव होने की उम्मीद बेहद कम है।

विधेयक में एक नया अनुच्छेद 82(ए) (लोकसभा और सभी विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव) जोड़ा गया है और अनुच्छेद 83 (संसद के सदनों की अवधि), अनुच्छेद 172 (राज्य विधानसभाओं की अवधि) और अनुच्छेद 327 (विधानसभाओं के चुनावों के संबंध में प्रावधान करने की संसद की शक्ति) में संशोधन किया गया है।

संविधान (129वां संशोधन) विधेयक का मसौदा पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के अनुसार तैयार किया गया है। विधेयक के अनुसार, यदि लोकसभा या किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा पूर्ण कार्यकाल समाप्त होने से पहले भंग हो जाती है, तो केवल उस विधानसभा के लिए पांच साल के शेष कार्यकाल के लिए मध्यावधि चुनाव कराए जाएंगे।

भीषण हादसा : खाई में गिरी कार, पति की मौत, पत्नी गंभीर घायल

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विकासनगर-कालसी चकराता मोटर मार्ग पर ककाडी खड्ड व चामडचील के बीच एक अल्टो कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी. हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. जिसका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है. बताया जा रहा है कि कार में दोनों दंपति सवार थे.

कालसी चकराता मोटर मार्ग पर रविवार सुबह एक सड़क हादसा हो गया. जिसमें विकासनगर से सहिया कनबुआ की ओर जा रही अल्टो कार ककाडी खड्ड व चामडचील के बीच अनियंत्रित होकर दो सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरी. सूचना पर कालसी थाना पुलिस व एसडीआरएफ तत्काल मौके पर पहुंची और खाई में उतर कर शव को रेस्क्यू किया. हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. बताया जा रहा है कि कार में दो ही लोग सवार थे.

हादसे में महिला कुछ ही दूरी पर छिटककर घायल हो गई और खाई से किसी तरह सड़क पर पहुंची. घायल महिला को स्थानीय लोगों, पुलिस, SDRF ने तत्काल विकासनगर अस्पताल भिजवाया, जहां उसका उपचार चल रहा है. वहीं कार चला रहे व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

SDRF अपर उपनिरीक्षक सुरेश तोमर ने कहा कि कार दुर्घटना की सूचना कालसी थाना व कंट्रोल रूम से करीब सुबह आठ बजे प्राप्त हुई. सूचना पर टीम मय उपकरणों के मौके पर पहुंची. उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान माया राम सिंह पंवार (उम्र 55 साल), निवासी ग्राम कनबुआ कालसी और घायल महिला सुशीला देवी पत्नी माया राम सिंह पंवार (दंपति), निवासी कनबुआ के रूप में हुई है.

BJP और TDP आए आमने-सामने, इस मुद्दे पर उठाए सवाल

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संसद में संविधान पर चर्चा के दौरान चंद्रबाबू नायडू की पार्टी ने केंद्र के एक कदम पर सवाल उठाए। TDP सांसद लवू श्रीकृष्ण देवरायलु ने लोकसभा में संविधान पर बहस के दौरान जनसंख्या के आधार पर किए जा रहे अगले परिसीमन पर चिंता व्यक्त की।

सांसद ने कहा कि अगले परिसीमन के तहत दक्षिणी राज्यों को नुकसान होगा, जबकि उत्तरी राज्यों को राजनीतिक रूप से लाभ होगा। सांसद ने कहा कि यदि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन किया जाता है, तो गणना यह है कि चार राज्यों- यूपी, बिहार, एमपी और राजस्थान की सीटें वर्तमान की 169 से बढ़कर 324 हो जाएंगी, जबकि आंध्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक की सीटें वर्तमान 129 से बढ़कर 164 हो जाएंगी। 

टीडीपी सांसद ने कहा कि यह संघवाद के हित में नहीं साबित होगा। उन्होंने आग्रह किया कि उन राज्यों को भी परिसीमन का लाभ दिया जाना चाहिए जिनकी जनसंख्या में कमी आई है। देवरायलु ने मांग की कि राज्य विधानसभाओं द्वारा पारित विधेयकों को मंजूरी देने के लिए राज्यपालों के लिए समय सीमा तय की जानी चाहिए। सांसद ने सरकारों को गिराने के लिए कांग्रेस की आलोचना की और कहा कि राज्य विधानसभा द्वारा केंद्र द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को खारिज करने के बावजूद आंध्र का विभाजन हुआ।

2029 में होने वाले अगले लोकसभा चुनाव को बढ़ी हुई सीटों के साथ कराने का प्लान है। परिसीमन कानून के तहत 2026 तक लोकसभा की सीटें नहीं बढ़ाई जा सकती हैं। इसके बाद जनगणना के आधार पर परिसीमन कराया जा सकता है। अनुमान के अनुसार, 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन पूरा होगा।

अतुल सुभाष खुदकुशी केस में बेंगलुरु पुलिस का एक्शन, पत्नी निकिता समेत 3 अरेस्ट

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अतुल सुभाष आत्महत्या मामले में लगातार नई जानकारियां सामने आ रही हैं। ताजा मामले में अतुल सुभाष की पत्नी आरोपी निकिता सिंघानिया को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया है।

वहीं, आरोपी निशा सिंघानिया और अनुराग सिंघानिया को प्रयागराज से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया और वहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। समाचार एजेंसी एएनआई ने बेंगलुरु के डीसीपी व्हाइट फील्ड डिवीजन शिवकुमार के हवाले से दी है। आरोपितों से पूछताछ में अब मामले से जुड़ी कई परतें खुल सकती हैं।

इससे पहले, बेंगलुरु में एआई इंजीनियर रहे अतुल सुभाष के सुसाइड मामले में आरोपी पत्नी निकिता और ससुराल के अन्य सदस्यों ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रयागराज हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी।

 

नगर निगम, पालिका और पंचायतों में सीटों का आरक्षण तय

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उत्तराखंड से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। नगर निकायों की आरक्षण सूची जारी हो गई है।  11 नगर निगमों में से अब दो नगर निगम में मेयर के पद ओबीसी होंगे। इसके साथ ही नगर पालिका में 45 में से 13 पद ओबीसी के कर दिए गए हैं। नगर पंचायतों में 46 अध्यक्ष पदों में 16 पदों ओबीसी कर दिए गए हैं।

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नगर निकायों की आरक्षण सूची जारी कर दी गई है। बात करें नगर निगम की तो दो नगर निगम पर ओबीसी मेयर होंगे। नगर निगम ऋषिकेश पर अनुसूचित जाति और नगर निगम हल्द्वानी अन्य पिछड़ा जाति के मेयर होंगे। वहीं नगर निगम पिथौरागढ़, नगर निगम अल्मोड़ा और नगर निगम रूड़की पर महिला मेयर बनेंगी।

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