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एक कॉन्स्टेबल की काली कमाई, बड़ा सवाल…कौन है आका?

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आधा क्विंटल सोना, करोड़ों रुपए कैश… एक अदना सा कॉन्स्टेबल अपनी सैलरी से तो इतनी कमाई तो नहीं ही कर सकता है। यह मध्य प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार का नमूना है। 45-50 हजार की नौकरी करने वाला एक कॉन्स्टेबल महज कुछ सालों में ही अरबपति बन जाता है।

हालांकि ये सब कुछ वह अपने बूते नहीं करता है, उसके बाद पावर कॉरिडोर के बड़े लोगों का भी हाथ है। तभी तो उनकी कॉलोनियों में वह आलीशान कोठी में रहता था, जिसके इंटीरियर पर कथित तौर पर दो करोड़ से अधिक रुपए खर्च हुए हैं। कॉन्स्टेबल तो भ्रष्टाचार के इस कुएं की छोटी मछली है जो कथित पंगे की वजह से फंस गया। मध्य प्रदेश में लोकायुक्त हर दिन करीब आधा दर्जन भ्रष्ट लोगों को पकड़ रही है।

एक चर्चा है कि कॉन्स्टेबल के ऊपर कुछ बड़े लोगों का भी हाथ था। उनकी काली कमाई को भी पूर्व कॉन्स्टेबल रियल एस्टेट में निवेश करता था। हालांकि न तो लोकायुक्त ने अपनी कार्रवाई के बारे में कोई खुलासा नहीं किया है। जंगल में लवारिश पड़ी कार से मिले सोने और कैश की पुष्टि भोपाल पुलिस ने कर दी है। बरामद लवारिश कार पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के दोस्त चेतन सिंह गौर की है। गाड़ी पर हूटर लगी थी। साथ ही आरटीओ को बोर्ड लगा था।

पूर्व कॉन्स्टेबल को करीब से जानने वाले लोग नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि वह परिवहन विभाग में अपने आकाओं के आशीर्वाद से चेक पोस्ट पर दलाली करता था। अवैध दौलत उसने नाकों पर वसूली कर बनाई है। उसके रहन सहन से लेकर बाकी चीजों में बदलाव आने लगा तो शक बढ़ने लगा। इसके बाद उसने सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया।

मध्य प्रदेश में सिर्फ कॉन्स्टेबल ही आईटी के रडार पर नहीं है। चार दिनों से एक और कॉक्स पर छापेमारी चल रही है। उसमें बिल्डर, नेता और अफसरों का गठजोड़ है। उस छापेमारी में भी छह करोड़ से अधिक कैश मिले हैं। कथित तौर पर उस छापेमारी के पूर्व मुख्य सचिव के तार भी जुड़ रहे हैं। उस कॉक्स ने भोपाल में बनने वाले एक बाइपास की जमीन खरीदने में खेल किया है। वह कार्रवाई पूर्व मंत्री दीपक जोशी की शिकायत के बाद चल रही है।

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने मौजूदा शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में मंदिर-मस्जिद के नए मुद्दे उठाने पर नाराजगी जाहिर की थी। अब भागवत ने मौजूदा शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि शिक्षा प्रणाली को सीखने में बाधा नहीं बल्कि सुविधा प्रदान करने वाली के रूप में काम करना चाहिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सिस्टम को बदलते समय के साथ तालमेल बिठाते हुए बुनियादी मूल्यों में निहित रहना भी जरूरी है। बानेर में लोकसेवा ई स्कूल का उद्घाटन करने के दौरान बोलते हुए आरएसएस प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा कोई व्यवसाय नहीं है, बल्कि अच्छे इंसान बनाने का एक “व्रत” है।

शिक्षा प्रणाली को सीखने में बाधा नहीं बल्कि सुविधा प्रदान करने वाली के रूप में काम करना चाहिए। भागवत ने कहा कि हमें आधुनिक और प्राचीन को एक साथ रखने की जरूरत है, जिसके लिए सभी को योगदान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा को एक ढांचे तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समग्र होना चाहिए जिसे पूरे समाज को संरक्षित करना चाहिए। भागवत ने कहा कि शिक्षा प्रणाली को केवल नियामक के रूप में काम करने के बजाय छात्रों को सशक्त बनाने के साधन के रूप में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली को सुचारू संचालन सुनिश्चित करने पर केंद्रित होनी चाहिए, न कि ‘क्या करें और क्या न करें’ लागू करने पर।

साथ ही RSS प्रमुख ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से लागू की जाएगी और यह देश को वांछित सपने की ओर ले जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें समय के अनुसार खुद को बदलने की जरूरत है, लेकिन ऐसा करते समय हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम अपने मूल मूल्यों से जुड़े रहें।

मकान में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

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मध्य प्रदेश के देवास के नयापुरा क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक मकान में भीषण आग लग गई। हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। हादसे के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। हादसे का कारण और विस्तृत जानकारी की जांच जारी है।

जानकारी के अनुसार देवास शहर के नयापुरा क्षेत्र में मदन सोलंकी का मकान है। शुक्रवार देर रात सोलंकी के मकान में भीषण आग लग गई। इस हादसे में चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। घटना की जानकारी होते ही नगर निगम दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया। हादसे में मरने वाले में दिनेश कारपेंटर 35 वर्ष, गायत्री कारपेंटर 30 वर्ष, इशिका 10 वर्ष, चिराग 7 वर्ष बताए गए हैं।

बताया जा रहा है कि दिनेश खुद की डेयरी चलाते थे। जिसका सेटअप उन्होंने मकान के नीचे ग्राउंड फ्लोर पर बनाया हुआ था। ऊपर वो अपने परिवार के साथ रहते थे। हादसे के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। कुछ लोगों को कहना है कि आग ग्राउंड फ्लोर पर बनी डेयरी में लगी और धीरे-धीरे इतना विराल रूप ले लिया।

 

 

शीतकालीन चार धाम यात्रा: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने ओंकारेश्वर और नरसिंह मंदिर में किए दर्शन

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शीतकालीन चारधाम यात्रा का हरिद्वार के चंडी घाट से शुभारंभ करने के बाद ज्योतिर्मठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आज ऊखीमठ पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान केदारनाथ जी के ओंकारेश्वर भगवान के रूप में मंगलमय दिव्य दर्शन किए।

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इसके बाद शंकराचार्य ने ज्योतिर्मठ के लिए प्रस्थान किया। वहां पहुंचने के बाद भगवान बद्रीनाथ जी के शीतकालीन स्थल नरसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन किए। साथ ही शाम को दिव्य और भव्य संध्या आरती भी की गई।

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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून के विजय कॉलोनी वार्ड में ₹56 लाख से अधिक की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का किया शिलान्यास एवं लोकार्पण ।

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देहरादून, 20 दिसम्बर 2024। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत देहरादून के पथरिया पीर नीलकंठ विहार में विधायक निधि से स्वीकृत वार्ड 11 विजय कॉलोनी में ₹38 लाख से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण तथा लगभग ₹18 लाख से अधिक की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया।शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यों में सी.सी सड़क, पुश्ता निर्माण, सुरक्षा दीवार आदि विकास कार्यों शामिल है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि निश्चित रूप से इन कार्यों के पूर्ण होने पर क्षेत्र वासियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार प्रधानमंत्री मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के नारे के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी सरकार जनता की सरकार जनता के द्वार नारे के ध्येय वाक्य के साथ मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

इन विकास कार्यों का किया गया लोकार्पण – विजय कॉलानी फेज-2 में ₹7.20 लाख से श्री सतेन्द्र खरोला के घर से श्रीमती पन्ना गौड जी के घर तक सी०सी० सडक एवं नाली निर्माण कार्य। विजय कॉलोनी में ₹ 8.45 लाख श्री अखिलेश काला के घर से श्री जमन जी एवं मेजर सारस्वत जी के घर तक सी०सी० सडक, नाली निर्माण एवं आर०सी०सी० स्लैब का निर्माण कार्य। विजय कॉलोनी में ₹3.85 लाख में श्री लाल सिंह रावत के घर के निकट नाले का निर्माण कार्य। वार्ड-11 विजय कॉलोनी में ₹4.24 लाख में राजेश थापा के घर से सूरज थापा के घर तक नाली एवं आर०सी०सी० स्लैब का निर्माण कार्य। वार्ड न0-11 विजय कॉलोनी के शक्ति कॉलोनी में ₹7.54 लाख में सामुदायिक भवन का जीर्णोद्वार कार्य।विजय कालोनी फेस-2 में ₹7.02 लाख में कुलवीर कौर के घर से जेपी सुन्द्रियाल के घर तक सी०सी० सडक एवं नाली निर्माण का कार्य।

इन कार्यों का किया गया शिलान्यास – वार्ड नं0-07 विजय कॉलोनी-2 में ₹3.72 लाख में श्री हरनाम सिंह के घर से श्री एच०एस० बिष्ट के घर तक सी०सी० सड़क व नाली निर्माण कार्य। वार्ड नं0-11 विजय कॉलोनी के नई बस्ती पथरिया पीर में ₹6.86 लाख में बाल्मिीकि मन्दिर के टिन शेड का निर्माण। वार्ड नं0-11 विजय कॉलोनी के पथरिया पीर में ₹5.00 लाख में सामुदायिक भवन के अवशेष कार्य। वार्ड-11 विजय कालौनी के पथरिया पीर में श्री राजकुमार के घर से श्रीमती 2.50 लाख अनीता के घर तक सी० सी० सडक व नाली निर्माण।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष प्रदीप रावत, डॉ. बबीता सहोत्रा, किशोरी लाल, सतेंद्र खरोला, भावना चौधरी, निवर्तमान सतेंद्र नाथ, ओम प्रकाश, सचिन सहित कई लोग उपस्थित रहे।

नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले सुबे के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी।

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ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने पीएमजीएसवाई-3 के अन्तर्गत 600 किमी० मार्गों एवं लगभग 10 सेतुओं के अपग्रेडेशन का केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से किया अनुरोध

नई दिल्ली, 20 दिसम्बर 2024। प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से शिष्टाचार भेंट की।
इस दौरान सुबे के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने विगत कुछ माह पूर्व उत्तराखण्ड की 2288 किलोमीटर की समस्त स्वीकृतियों के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया। प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान उत्तराखण्ड राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों, सामरिक महत्ता व सीमित संसाधनो के दृष्टिगत अनुरोध करते हुए पीएमजीएसवाई-3 के अन्तर्गत 600 किमी मार्गों एवं लगभग 10 सेतुओं के अपग्रेडेशन तथा पीएमजीएसवाई-4 के अन्तर्गत असंयोजित बसावटों के संयोजन हेतु मोटर मार्गो की डीपीआर गठन की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सभी महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर सकारात्मक आश्वासन देते हुए शीघ्र कार्यवाही का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर मंत्री जोशी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पहाड़ी टोपी भी भेंट की।

BJP के दफ्तर के पास मिला लावारिस बैग, पुलिस ने इलाके को घेरा

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दिल्ली BJP कार्यालय के पास शुक्रवार को एक लावारिस बैग मिला है। इससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। सूचना के बाद इलाके की घेराबंदी कर दी गई। बैग को पुलिस ने जब्त कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

इलाके की घेराबंदी कर दी गई और बैग को पुलिस ने जब्त कर लिया। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। बता दें भाजपा का केंद्रीय कार्यालय दिल्ली में 6 A दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित है।

 

जंगल में खड़ी कार से मिला 52 KG सोना और 10 करोड़ कैश

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मध्य प्रदेश के भोपाल में कई कारोबारियों के यहां लोकायुक्त और आयकर विभाग के छापे पड़ रहे हैं। इस बीच भोपाल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मेंडोरी के जंगल में खड़ी एक गाड़ी (कार) में 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये नकद मिले हैं। गुरुवार- शुक्रवार की दरमियानी रात 30 गाड़ियों में पहुंची आयकर विभाग और पुलिस की टीम ने वाहन को पकड़ा है।
यह सोना किसका है इसे लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। जिस कार इनोवा क्रिस्टा में सोना मिला वो ग्वालियर की है, जो चंदन गौर के नाम से रजिस्टर्ड है। चंदन गौर का जुड़ाव पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा से बताया जा रहा है। शर्मा के कार्यालय और आवास में बुधवार को लोकायुक्त पुलिस का छापा पड़ा था।
पुलिस को दोनों जगह से दो करोड़ 85 लाख रुपए नकद, 50 लाख रुपए की ज्वेलरी और दो करोड़ रुपये की अन्य संपत्ति की जानकारी मिली थी। सौरभ शर्मा एक पूर्व मंत्री सहित कई अधिकारियों और नेताओं के करीबी बताए जाते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, टोयोटा कार के ऊपर हूटर लगा हुआ था और कार की नंबर प्लेट के पास पुलिस का निशान बना हुआ था। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि कोइ इस वाहन को ना रोके, इसलिए इस पर यह सब चीजें लगाई गईं थी। यह भी आशंका है कि अगर पुलिस की टीम समय पर यहां पहुंचकर जांच नहीं करती तो कार को किसी दूसरे स्थान पर भी ले जाया जा सकता था।

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का 89 वर्ष की आयु में निधन

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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का निधन हो गया है। इनेलो सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में 89 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली है। अचानक तबीयत खराब होने की वजह से ओपी चौटाला को आज सुबह 11 बजे इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। हालांकि, कुछ ही देर बाद उनका निधन हो गया। बता दें कि वह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे।
ओमप्रकाश चौटाला के निधन पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। सीएम सैनी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि इनेलो सुप्रीमो एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला जी का निधन अत्यंत दुःखद है।
मेरी ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने प्रदेश और समाज की जीवनपर्यंत सेवा की। देश व हरियाणा प्रदेश की राजनीति के लिए यह अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान और शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति दें।
वहीं, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी प्रतिक्रिया दी है। हुड्डा ने कहा कि जब ओम प्रकाश जी सीएम थे, मैं विपक्ष का नेता था। हमारे बीच अच्छे संबंध थे। उन्होंने लोगों की सेवा की। वह अभी भी सक्रिय थे। ऐसा नहीं लगा कि वह हमें इतनी जल्दी छोड़ देंगे। वह एक अच्छे इंसान थे और मेरे लिए बड़े भाई जैसे थे।

महावीर रवांल्टा को मिलेगा प्रतिष्ठित ‘मुनि ब्रह्म गुलाल ‘नाट्यश्री’ अलंकरण’ सम्मान

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पुरोला: देश के प्रसिद्ध साहित्यकार महावीर रवांल्टा के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। साहित्य की विभिन्न विधाओं में अपने लेखन के जरिए खास पहचान बना चुके महावीर रवांल्टा को प्रज्ञा हिन्दी सेवार्थ संस्थान ट्रस्ट-फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) की ओर से पद्म भूषण दादा बनारसी दास चतुर्वेदी स्मृति-‘मुनि ब्रह्म गुलाल नाट्यश्री अलंकरण’ से सम्मानित किया जाएगा।

यह सम्मान उन्हें 22-23 फरवरी 2025 को फिरोजाबाद में आयोजित राष्ट्रीय प्रज्ञा सम्मान समारोह में प्रदान किया जाएगा। संस्थान के प्रबंध सचिव कृष्ण कुमार कनक से मिली जानकारी के अनुसार इस सम्मान में उन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र व नगद राशि भेंट की जाएगी। महावीर रवांल्टा को यह सम्मान उनकी नाट्य कृति एक प्रेमकथा का अंत के लिए दिया जा रहा है, जो रवांई क्षेत्र की प्रसिद्ध लोकगाथा गजू-मलारी पर आधारित है।

उपन्यास, कहानी, कविता, लोक साहित्य, व्यंग्य, लघुकथा, आलेख, समीक्षा, साक्षात्कार जैसी अनेक विधाओं में अपने लेखन के जरिए अपनी खास पहचान बना चुके महावीर रवांल्टा अब तक अनेक नाटक और बाल एकांकी लिख चुके हैं। इनमें सफेद घोड़े का सवार, खुले आकाश का सपना, मौरसदार लड़ता है, तीन पौराणिक नाटक, गोलू पढेगा, ननकू नहीं रहा, श्पोखू का घमंड संग्रह प्रमुख हैं। लेखन के साथ ही अभिनय और नाट्य निर्देशन में अच्छी दखल रखने वाले महावीर रवांल्टा ने अस्सी के दशक से गांव की रामलीला व पौराणिक नाटकों के माध्यम से अभिनय में हिस्सेदारी की।

इस क्षेत्र में वो यहीं नहीं रुके, बल्कि के पी. सक्सेना के प्रहसन लालटेन‌ की वापसी का रवांल्टी में हिस्यूं छोलकु नाम से नाटक का मंचन गांव में कराया। इसके साथ ही सत्यवादी हरिश्चंद्र, अहिल्या उद्धार, श्रवण कुमार, मौत का कारण, अधूरा आदमी, साजिश, जीतू बगड्वाल जैसे नाटकों के जरिए गांव में नाट्य शिविरों की शुरूआत की।

उत्तरकाशी में रवांई जौनपुर विकास युवा मंच के माध्यम से तिलाड़ी कांड पर आधारित मुनारबन्दी और बालपर्व, राजकीय पोलीटेक्निक में दो कलाकार ध्और समानान्तर रेखाएं, बुलन्दशहर उत्तर प्रदेश में ननकू नहीं रहा नाटक निर्देशित करने के साथ ही उत्तरकाशी की प्रसिद्ध कला दर्पणश् नाट्य संस्था की स्थापना में सक्रिय योगदान दिया और काला मुंह, बांसुरी बजती रही, अंधेर नगरी, हैमलेट, शूटिंग जारी है की प्रस्तुतियों से जुड़े रहे।

उतरकाशी के नाट्य इतिहास में वीरेंद्र गुप्ता निर्देशित पहले पूर्ण कालिक हास्य नाटक संजोग में नायक की यादगार भूमिका निभाई। डॉ. सुवर्ण रावत निर्देशित बीस सौ बीस, मुखजात्रा और चिपको में भी सक्रिय जुड़ाव रहा। रवांई क्षेत्र की लोककथा पर आधारित आपका नाटक धुएं के बादल शीघ्र ही पाठकों के सामने आने वाला है।

जानें कौन हैं महावीर रवांल्टा

उत्तराखंड के समकालीन साहित्यकारों में महावीर रवांल्टा ने विशिष्ट पहचान बनाई है। महावीर रवांल्टा का जन्म सरनौल गांव में 10 मई 1966 को हुआ। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा गांव और फिर उत्तरकाशी में हुई। महावीर रवांल्टा गद्यकार, अभिनेता और कवि हैं। उन्होंने अपने साहित्य में लोक को सबसे ज्यादा स्थान दिया। अपने आसपास की घटनाओं को उन्होंने अपना विषय चुना। पहाड़ी लोकजीवन की ऐसी गहरी समझ किसी और में नहीं दिखाई देती है। अब तक उनकी विभिन्न विधाओं में 43 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

लोक के प्रति प्रेम

अपने लोक के प्रति उनका प्रेम उनकी रचनाओं में साफ नजर आता है। रवांई क्षेत्र की संस्कृति, लोकजीवन, लोक परंपराओं और लोकगीत भी कहीं ना कहीं उनकी रचनाओं में अपनी जगह बना ही लेते हैं। महावीर रवांल्टा साहित्य विभिन्न विधाओं को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने नाटक, उपन्यास, कहानी, रवांल्टी कविता संग्रह, लोक कथाएं और बाल साहित्य भी रचा है।

दरवालु जनलहर में प्रकाशित

महावीर रवांल्टा लोकभाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार काम कर रहे हैं। रवांल्टी भाषा में लेखन की शुरूआत का श्रेय भी महावीर रवांल्टा को ही जाता है। अपनी लोकभाषा को पहचान दिलाने के लिए प्रयास किए और आकाशवाणी के जरिए इसे आगे बढ़ाया। धीर-धीरे खुद भी रवांल्टी में रचना संसार को आकार देते रहे और युवाओं की एक टीम भी खड़ी की, जो आज रवांल्टी भाषा आंदोलन को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रही है। 1995 में पहली रवांल्टी कविता दरवालु जनलहर में प्रकाशित हुई। देशभर की विभिन्न प्रतिष्ठित पत्रिकाओं मे रचनाओं का प्रकाशन लगातार हो रहा है।

वाल्मीकि रामायण का प्रकाशन

रवांल्टी में वैसे तो आपके कविता संग्रहों के अलावा, ध्यान सिंह रावत, दिनेश रावत, अनोज रावत और अनुरूपा के भी कविता संग्रह सामने आ चुके हैं। लेकिन, इन सबके बीच जो सबसे बड़ी पलब्धि रही, वह रवांल्टी में वाल्मीकि रामायण का प्रकाशन रहा। उत्तराखंड की भाषाओं में रवांल्टी में ही अब तक रामायण का अनुवाद हुआ है।

आकाशवाणी और दूरदर्शन में प्रसारण

आकाशवाणी और दूरदर्शन में प्रसारण का सिलसिला भी जारी है। देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में इनके साहित्य पर लघु शोध और शोध कार्य हो चुके हैं। महावीर रवांल्टा का कहना है कि साहित्य, संस्कृति और लोक भाषा हमारी पहचान है। पहाड़ की विकटता को करीबी से देखा और जाना है।

रवांल्टी को संरक्षित करने का काम

महावीर रवांल्टा ने हिन्दी साहित्य के साथ लोकभाषा रवांल्टी को संरक्षित और संवर्धित करने का काम किया है। उन्होंने रवांल्टी में लेखन के लिए एक टीम तैयार की। आकाशवाणी से लेकर दूरदर्शन और विभिन्न मंचों पर भी रवांल्टी को कविताओं में रूप में पहुंचाया। रवांल्टी भाषा आंदोलन का असर भी देखने को मिल रहा है। रवांल्टी में लिखने में दिलचस्पी बढ़ी है। सोशल मीडिया में बहुत सारे लोग लगातार लिख रहे हैं।

अब तक मिले ये सम्मान

1. सैनिक एवं उनका परिवेश विषय पर अखिल भारतीय कहानी लेखन प्रतियोगिता में ‘अवरोहण’ कहानी के लिए कानपुर (उत्तर प्रदेश) में परमवीर चक्र विजेता ले. कर्नल धन सिंह थापा सुप्रसिद्ध उद्घोषक पद्मश्री जसदेव सिंह और एयर मार्शल आरसी वाजपेयी के हाथों पहली बार सम्मान मिला।

2. स्व. वेद अग्रवाल स्मृति सम्मान (मेरठ)।

3. सेठ गोविन्द दास सम्मान (जबलपुर)।

4. डॉ. बाल शौरि रेड्डी सम्मान (उज्जैन)।

5. स्पेनिन साहित्य गौरव सम्मान (रांची)।

6. यमुना घाटी का प्रतिष्ठित तिलाड़ी सम्मान (बड़कोट)।

7. जनधारा सम्मान (नैनबाग)।

8. अम्बिका प्रसाद दिव्य रजत अलंकरण (भोपाल)।

9. उत्तराखण्ड शोध संस्थान रजत जयंती सम्मान हल्द्वानी।

10. कमलराम नौटियाल स्मृति सम्मान (उत्तरकाशी)।

11. तुलसी साहित्य सम्मान (भोपाल)।

12. उत्तरखंड फिल्म, टेलीविसिओ एवं रेडियो एसोसिएशन की ओर से सम्मान (देहरादून)।

13. युवा लघु कथाकार सम्मान (दिल्ली)।

14. बाल साहित्य संस्थान (अल्मोड़ा)।

15. बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केन्द्र (भोपाल)।

16. उत्तराखंड बाल कल्याण साहित्य संस्थान (खटीमा)।

17. उत्तराखंड भाषा संस्थान का प्रतिष्ठित उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान-गोविंद चातक सम्मान।

18.रवांई लोक महोत्सव में बर्फिया लाल जुवांठा सम्मान।

19. श्रीदेव सुमन सम्मान मिला।

20. बाल साहित्य संस्थान अल्मोड़ा की ओर से बाल साहित्य के लिए सम्मानित।

23. अमर उजाला की ओर से उत्तराखंड उदय सम्मान।