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सुरक्षाबलों ने दबोचा आतंकी, भारी मात्रा में हथियार बरामद, बड़ी वारदात नाकाम

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सुरक्षाबलों ने कश्मीर के बांदीपोरा में  स्थानीय आतंकी को गिरफ्तार कर टारगेट किलिंग की वारदात को विफल बना दिया। उससे पूछताछ जारी है। जानकारी के अनुसार, बांदीपोरा पुलिस को पता चला था कि कुछ दिन पहले एक स्थानीय युवक आतंकी संगठन में सक्रिय हुआ है। वह बांदीपोरा में टारगेट किलिंग की वारदात को अंजाम दे सकता है।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने संभावित ठिकानों की निगरानी शुरू कर दी। बांदीपोरा में कुछ रास्तों पर विशेष नाके भी लगाए गए। शाम को सात बजे एक नाका पार्टी ने एक युवक को सड़क पर पैदल चलते देखा। नाका पार्टी उसे रुकने का संकेत करती उससे पहले ही उक्त युवक ने रास्ता बदल वहां से भागने का प्रयास किया।
नाका पार्टी ने भागते देख उसका पीछा किया और उसे गोली चलाने का मौका दिए बगैर पकड़ लिया। उसकी पहचान वाशिम अहमद मलिक के रूप में हुई है। वह गुंडपोरा रामपोरा बांदीपोरा का रहने वाला। उसके पास से एक पिस्तौल, एक हथगोला और 15 कारतूस मिले हैं।
नाका पार्टी ने उसके वाहन को किसी तरह रोककर तलाशी ली और दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 41 कारतूस, दो ग्रेनेड और आइईडी बनाने का सामान बरामद किया गया था। वहीद उल जहूर से जब पूछताछ की गई तो उसने हिजबुल मुजाहिदीन के साथ अपने संबंधों का खुलासा किया। उसने बताया कि वह हिजबुल के लिए एक लंबे समय से बतौर ओवरग्राउंड वर्कर काम कर रहा है। उसके साथ एक और ओवरग्राउंड वर्कर है, जिसका नाम मुबशिर है।

केदारनाथ विधान सभा उपचुनाव में रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी ने निभाई अहम भूमिका — उप चुनाव में विधायक चौधरी ने की बेहतर प्रबंधन की नजीर पेश।

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विधायक चौधरी के चालीस वर्षो के अनुभवों का मिला पार्टी को लाभ। — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सौंपी थी उन्हें संयोजक की जिम्मेदारी।

रुद्रप्रयाग । केदारनाथ विधानसभा उप चुनाव में भाजपा की जीत में रुद्रप्रयाग विधानसभा के विधायक भरत सिंह चौधरी ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने सरकार, संगठन और कार्यकर्ताओं की धुरी बनकर एक अभिभावक के रूप में भी बेहतर प्रबंधन की नजीर पेश की।
20 मई 1959 में रानिगढ़ पट्टी के गड़गू गांव में एक सामान्य परिवार में जन्मे भरत सिंह चौधरी स्कूली जीवन से ही सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते थे। युवा दौर में वह राजनीतिक गतिविधियों में भी शामिल होने लगे। वर्ष 1980 में हुए लोकसभा चुनाव और 1982 में हुए लोकसभा उप चुनाव में उन्होंने हिमालय पुत्र हेमवती नंदन बहुगुणा के लिए गांव-गांव भ्रमण कर वोट मांगे थे। तब, उनकी पहचान एक युवा नेता के रूप में होने लगी थी। इसी दौरान उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की। सिर्फ 27 वर्ष की उम्र में वह अपनी ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान भी चुने गए। यहां से उन्होंने राजनीति को कॅरिअर के रूप में ले लिया। ग्राम प्रधान रहते हुए ग्राम पंचायत में मूलभूत सुविधाओं पर जोर दिया। वर्ष 1991 में ग्राम प्रधान का कार्यालय पूरा होते ही वह राजनीति में और अधिक सक्रिय हो गए। राष्ट्रीय कांग्रेस के युवा नेता के रूप में उन्हें पहचान मिलनी लगी। अविभाजित उत्तर प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर वह पार्टी गतिविधियों में भी शामिल होकर अपनी बात को मजबूती से रखने लगे। यहां से उन्होंने अपनी मंजिल भी तय कर ली थी और उस राह तक पहुंचने का संकल्प भी ले लिया था। वर्ष 1996 में भरत सिंह चौधरी ने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया और मैदान में उतर गए। कर्णप्रयाग विधानसभा से वह जनता दल के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े। इस चुनाव ने उनकी राजनीति की समझ को और प्रगाढ़ किया। अब, भरत सिंह चौधरी रुकने वाले नहीं थे। वर्ष 2002, 2007 और 2012 में हुए विधासनसभा चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली, पर हौसला और बुलंद हुआ। वर्ष 2016 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। या यूं कहें कि वर्षों की तपस्या का सुखद पल अब उनसे कुछ ही दूर था। वर्ष 2017 में भाजपा ने उन्हें रुद्रप्रयाग विधानसभा से अपना प्रत्याशी बनाया। कुछ नया कर गुजरने की सोच और उत्साह के साथ उन्होंने अपना प्रचार शुरू किया। विधानसभा के एक-एक गांव की पगडंडियों को नापते हुए उन्होंने जनता से एक अवसर मांगा। यह चुनाव उनके साथ-साथ उनके दल यानी भाजपा के लिए भी साख का सवाल था। विकास की एक दूरदर्शी सोच को जनता ने समझा और भरत सिंह चौधरी को उत्तराखंड विधानसभा का सदस्य चुना। 30 वर्ष के लंबे संघर्ष के बाद मिली इस ऐतिहासिक जीत ने नव निर्वाचित विधायक को उत्तराखंड की राजनीति में स्थापित कर दिया। साथ भी भाजपा के खोए जनाधार को भी बंपर वोटों से वापस लौटा दिया। यहां से विधायक भरत सिंह चौधरी अब जनता के द्वारा, जनता के लिए और जनता के साथ कि सोच के साथ रुद्रप्रयाग विधानसभा में विकास की एक नई इबारत लिखने लगे। शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क को विकास का मूलमंत्र मानकर उन्होंने सबसे पहले विधानसभा के सभी माध्यमिक स्कूलों को एलईडी स्मार्ट क्लास से जोड़ा। एनडीए सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मेधावियों को लैपटॉप उपलब्ध कराये। विधानसभा के हर उस गांव को सड़क से जोड़ने के लिए प्रयास किये, जो यातायात सुविधा से वंचित है। जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में लेप्रोस्कोपिक मशीन सहित अन्य कई चिकित्सकीय उपकरण उपलब्ध कराए, जिससे इलाज सरल हो सके। उनके कार्यों को जनता ने सराहा और उन्हें 2022 में पुनः और अधिक मतों से जिताकर दूसरी बार विधानसभा सदस्य चुना। अपनी दूसरे कार्यकाल में विधायक भरत सिंह चौधरी विकास की नई परिभाषा तो लिख ही रहे हैं। साथ ही सरकार और संगठन के स्तंभ बनकर भी उभरे हैं। यही कारण है कि केदारनाथ विधानसभा उप चुनाव में स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए रुद्रप्रयाग विस के विधायक ने बखूबी निभाया। अपने 40 वर्ष से अधिक के राजनीतिक जीवन के अनुभवों को अपनी ताकत बनाकर उन्होंने हर मोर्चे को सफलतापूर्वक पार करते हुए पार्टी प्रत्याशी आशा नौटियाल को विजयश्री दिलाई। एक अभिभावक के तौर पर उन्होंने इस उप चुनाव के एक-एक मुश्किल को हल करने के साथ ही एक-एक सदस्य की बात भी सुनी और उनके सुझावों पर गौर भी किया। केदारनाथ विस उप चुनाव में भाजपा को जीत तो मिली ही। साथ ही रुद्रप्रयाग विस के विधायक भरत सिंह चौधरी के रूप में पार्टी को एक कुशल चुनाव रणनीतिकार, प्रबंधक भी मिला है।

बॉक्स न्यूज भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी सतेंद्र बर्त्वाल का कहना है कि विधायक भरत सिंह चौधरी जी के 40 वर्षों के राजनीतिक अनुभवों का लाभ केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव में पार्टी को मिला। इस उप चुनाव में उन्होंने एक-एक कार्यकर्ता और पदाधिकारियों की बात सुनी और ठोस निर्णय लिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने भी उनके राजनीतिक अनुभवों को देखते हुए उन्हें केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने इस जिम्मेदारी को एक अभिभावक के रूप में निर्वहन किया और पार्टीजनों के साथ अभिभावक के रूप में हर मोर्चे पर आगे खड़े रहे। उन्होंने अपने 40 वर्षों से अधिक राजनीतिक जीवन के अनुभवों को अपनी ताकत बनाकर इस चुनाव में वे हर मुश्किल को सफलतापूर्वक पार किया। उन्होंने पार्टी प्रत्याशी आशा नौटियाल जी को पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को साथ लेकर विजय श्री दिलाई है। केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को जीत के साथ विधायक चौधरी जी के रूप में एक कुशल चुनाव रणनीतिकार और प्रबंधक भी मिला है। अब, आगामी निकाय चुनाव और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में विधायक भरत सिंह चौधरी और केदारनाथ विधानसभा की निर्वाचित विधायक आशा नौटियाल जी के अनुभवों का लाभ पार्टी को मिलेगा और बंपर जीत मिलेगी। प्रेषक: सतेन्द्र बर्त्वाल भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रुद्रप्रयाग

बड़ी खबर: छात्रों ने ही भेजे थे स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल, वजह जानकर हिल जाएगा दिमाग

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राजधानी दिल्ली में लगातार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल आ रहे हैं। इसको लेकर कुछ मामलें की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि दिल्ली के कुछ स्कूलों में स्कूलों के छात्रों ने ही बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल भेजा था। पुलिस जांच में पता चला है कि रोहिणी सेक्टर 13 स्थित वेंकटेश्वर ग्लोबल स्कूल सहित तीन स्कूलों में भेजे गए ई-मेल की जांच में पता चला कि स्कूल के छात्रों ने ही धमकी भरे ई-मेल भेजे थे। 29 नवंबर को प्रशांत विहार स्थित वेंकटेश्वर ग्लोबल स्कूल में आए धमकी भरे ई-मेल की रोहिणी जिला साइबर सेल जांच की। पुलिस ने इसी स्कूल के सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र और उसकी बहन से पूछताछ की।

पता चला कि परीक्षा की तैयारी ठीक नहीं होने के कारण इन लोगों ने स्कूल में धमकी भरे ई-मेल भेजे थे। पुलिस ने दोनों छात्रों की काउंसलिंग कराई और उन्हें सख्त चेतावनी देते हुए परिवार को सौंप दिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि रोहिणी स्थित दिल्ली सिटी स्कूल में भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी।

इसकी जांच में इसी स्कूल के एक छात्र को पुलिस ने पकड़ा। पता चला कि वर्चूअल प्राइवेट नेटवर्क के जरिए उसने स्कूल को ईमेल भेजा था। वह अपने व्यक्तिगत कारणों से स्कूल को बंद करवाना चाहता था। इसी तरह बाहरी दिल्ली के पश्चिम विहार में भी एक स्कूल में आए बम से उड़ाने की धमकी वाले मामले की जांच में पुलिस ने इसी स्कूल के एक छात्र को पकड़ा। पूछताछ में उसने भी निजी कारणों की वजह से मेल भेजने की बात कही। पुलिस ने छात्रों को सख्त निर्देश देकर उनके परिवार वालों के हवाले कर दिया है।

इस मामले में हाथ नहीं

पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिन छात्रों को पकड़ा गया उन्होंने अपने स्कूलों को व्यक्तिगत कारणों से धमकी भरा ई-मेल भेजा था। वहीं बीते दिनों से सामूहिक रूप से सैकड़ों स्कूलों को लगातार भेजे जा रहे धमकी भरे मेल में उक्त छात्रों की कोई भूमिका नहीं है। सामूहिक रूप से भेजे जा रहे मेल में अभी तक पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। जांच को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से इंटरपोल से मदद मांगी है।

उत्तराखंड में फिर हुआ प्रशासनिक फेरबदल, PCS अधिकारियों के तबादले

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देहरादून : शासन ने एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए PCS अधिकारियों के ट्रांसफर किए हैं। इन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पदों से मुक्त करते हुए, नवीन विभागों में तैनात किया गया है।

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आतंकी हमले से दहला पाकिस्तान, 16 जवानों की मौत, 8 घायल

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पाकिस्तान में एक बार फिर आतंकी हमला हुआ है। आतंकियों ने एक सुरक्षा चौकी को निशाना बनाया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि शनिवार तड़के उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक सुरक्षा चौकी पर आतंकवादियों ने हमला किया, जिसमें 16 सैनिक मारे गए और आठ अन्य घायल हो गए। 

सूत्रों ने एजेंसी को बताया कि आतंकवादियों ने अफगानिस्तान की सीमा से लगे दक्षिण वजीरिस्तान जिले के माकेन में लिटा सार चौकी पर हमला किया। यह पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों पर सबसे बड़े हमलों में से एक है। यह हमला पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा उसी जिले के सरोघा इलाके में खुफिया सूचना पर आधारित अभियान में दो आतंकवादियों को मार गिराने के कुछ दिनों बाद हुआ है।

कानून प्रवर्तन कर्मियों ने आतंकवादियों की कथित मौजूदगी पर कार्रवाई की और दो आतंकवादियों को मार गिराया, जबकि दिसंबर के पहले सप्ताह में अभियान में दो आतंकवादियों को पकड़ा गया। दक्षिण वजीरिस्तान सात अर्ध-स्वायत्त आदिवासी क्षेत्रों में से एक है, जहां सेना एक दशक से अधिक समय से प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े आतंकवादियों से जूझ रही है।

धारचूला-तवाघाट NH के चेतुलधार के पास दरकी पहाड़ी

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पिथौरागढ़ : पिथौरागढ़ जिले से भूस्खलन की खतरनाक तस्वीरें सामने आई हैं। यह सुबह करीब 9 बजे का बताया जा रह है। जानकारी के अनुसार धारचूला-तवाघाट नेशनल हाईवे के चेतुलधार के पास पर भारी भूस्खलन हुआ है। धारचूला-तवाघाट NH के चेतुलधार के पास पहाड़ी दरकने से हाईवे बंद हो गया है। इस कारण दोनों ओर दर्जनों वाहन फंस गए है।

गनीमत रही कि जिस समय पहाड़ी दरकी इस दौरान कोई भी वाहन यह से नहीं गुजर रहा था, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। SDM  मंजीत सिंह और पुलिस की टीम मौके में निरीक्षण के लिए पहुंची है। जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने बताया कि धारचूला SDM और BDO समेत अन्य अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। BRO सड़क खोलने के काम में जुटा हुआ है। शीघ्र ही सड़क को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।

CM धामी ने ट्वीट कर कहा कि पिथौरागढ़ जिले के तवाघाट-धारचूला नेशनल हाइवे पर हुई लैंडस्लाइड से यातायात प्रभावित होने की सूचना मिली है। राहत की खबर है कि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। मलबे को हटाने के लिए त्वरित कदम उठाए जाने के साथ जिला प्रशासन व संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द मार्ग को खोलने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों ने की भेंट

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में जनप्रतिनिधियों और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान लोगों की समस्याएं सुनी एवं उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि जन समस्याओं का जल्द समाधान कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सभी जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे जन समस्याओं की नियमित सुनवाई कर उनका समाधान करें।

टर्मिनल कैंसर रोगियों के लिए एक देखभाल सेवा शुरू करेगा चेशायर होम प्रबंधन

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देहरादून 21 दिसंबर 2024। चेशायर होम्स इंडिया, देहरादून शाखा 16 प्रीतम रोड, दालनवाला, देहरादून में स्थित है, जो सोसायटी अधिनियम और अन्य विभिन्न अधिनियमों के तहत पंजीकृत है। इसकी शुरुआत 1956 में हुई थी। यह घर मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों को घर जैसी देखभाल प्रदान करता है। वर्तमान में इस घर में 43 निवासी हैं। लगभग 60 लाख रुपये का वार्षिक व्यय पूरी तरह से सार्वजनिक दान से आता है।

चेशायर होम की प्रबंधन समिति ने टर्मिनल कैंसर रोगियों के लिए एक देखभाल सेवा शुरू करने का निर्णय लिया, जिसे ‘हॉस्पिस’ नाम दिया गया है, जो चेशायर होम देहरादून, गंगा प्रेम हॉस्पिस ऋषिकेश और राजीव गांधी कैंसर संस्थान , दिल्ली के बीच एक संयुक्त उद्यम है। इस बैनर के तहत, कैंसर रोगियों को तीन प्रकार की सेवाएं प्रदान करने का प्रस्ताव है:

  1. कैंसर रोगियों के लिए नि:शुल्क शिविर।
  2. टर्मिनल कैंसर रोगियों के लिए घर पर देखभाल।
  3. टर्मिनल कैंसर रोगियों के लिए इनडोर पैलिएटिव देखभाल।

कैंसर रोगियों के लिए नि:शुल्क शिविर हर महीने के अंतिम रविवार को चेशायर होम देहरादून और गंगा प्रेम हॉस्पिस ऋषिकेश में बारी-बारी से आयोजित किया जाएगा। पहला ऐसा निःशुल्क शिविर 29 दिसंबर 2024 (रविवार) को चेशायर होम देहरादून में सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा। चिकित्सा टीम का नेतृत्व राजीव गांधी कैंसर इंस्टिट्यूट एंड रिसर्च सेंटर, दिल्ली के प्रमुख डॉ ए के दिवान करेंगे , जिसमे निःशुल्क बीपी, शुगर जांच एवं निःशुल्क दावा वितरण (डॉक्टर की सलाह पर) किया जाएगा। जिन लोगों को यदि लंबे समय से शरीर पर किसी भी प्रकार की दिक्कत हो रही हो तो वे परामर्श के लिए अवश्य आए।
दो गतिविधियाँ जल्द ही शुरू की जाएंगी और जनता को सूचित किया जाएगा।

पंजीकरण या अधिक जानकारी के लिये हमारे हेल्पलाइन पर संपर्क करे 9410707108 (गंगा प्रेम हॉस्पिस), 9412026949 (चेशायर होम्स)

बड़े पर्दे पर ‘वनवास’ की दस्तक, जानें कैसा है बॉक्स ऑफिस का हाल

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पुष्पा 2 द रूल दिसंबर ने महीने के शुरू से ही बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दूसरी ओर सिनेमाघरों में एक और फिल्म की एंट्री हो गई है। यह फिल्म है वनवास। गदर और गदर 2 से बॉक्स ऑफिस पर जमकर नोट छापने वाले अनिल शर्मा बड़े पर्दे पर वनवास लेकर आए हैं। यह फिल्म 20 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है।

इस फिल्म में लीड रोल में नाना पाटेकर, उत्कर्ष शर्मा और सिमरत कौर नजर आ रहे हैं। फिल्म को ठीक-ठाक रिव्यू मिला है। अब जानते हैं कि इसने बॉक्स ऑफिस पर कितना कारोबार किया है।

अनिल शर्मा के निर्देशन में बनी वनवास को लेकर उम्मीद थी कि यह फिल्म बड़े पर्दे पर कमाल दिखा सकती है। पुष्पा 2 को भले ही टक्कर न दे पाए, लेकिन इसके करोड़ों में कमाई की उम्मीद थी। मगर आंकड़े कुछ और ही कह रहे हैं।

फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श के मुताबिक, वनवास ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन 73 लाख रुपये कलेक्शन किया है। पहले दिन के मुकाबले कमाई कम है। अब देखना होगा कि वीकेंड पर फिल्म का कारोबार बढ़ता है या फिर घटता है, जबकि पुष्पा 2 ने 16वें दिन 11 करोड़ रुपये हिंदी में कमाया है।

वनवास एक ऐसे बुजुर्ग पिता (नाना पाटेकर) की कहानी है, जिसके बेटे और बहू ने उसे वाराणसी की गलियों में अकेला छोड़ दिया। इस राह में उसका साथी बनता है एक मस्तमौला लड़का (उत्कर्ष शर्मा) जो उन्हें परिवार के पास वापस भेजने के लिए एड़ी चोटी का दम लगा देता है। यही नहीं, रिपोर्टर (निमरत) भी उनका साथ देती है। यह फिल्म दर्शकों को भावुक करने में कोई कसर नहीं छोड़ती है।

अनिल शर्मा के निर्देशन में बनी फिल्म वनवास में नाना पाटेकर, उत्कर्ष शर्मा और सिमरत कौर ने मुख्य भूमिका निभाई है। फिल्म में राजपाल यादव, अश्विनी कलसेकर और स्नेहिल दीक्षित मेहरा जैसे कलाकार भी अहम भूमिका में हैं। वनवास से पहले उत्कर्ष शर्मा और सिमरत कौर ने गदर 2 में साथ काम किया था।

आज है आखिरी मौका, इस जिले से सबसे ज्यादा आपत्तियां

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देहरादून निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान 25 दिसंबर को हो सकता है। लेकिन, उससे पहले शहरी विकास निदेशालय निकायों में सीटों के आरक्षण को लेकर आ रही आपत्तियों को निपटाने में जुआ हुआ है। अब तक 1000 से अधिक आपत्तियां आ चुकी हैं। आज यानी शनिवार को आपत्ति दर्ज कराने का आखिरी दिन है।

विभाग ने 14 दिसंबर को सभी नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायतों के मेयर-अध्यक्ष पदों के आरक्षण की अनन्तिम अधिसूचना जारी की थी। इस पर आपत्तियां ली जा रही हैं। आपत्तियां देखकर शहरी विकास विभाग के अफसर भी हैरान-परेशान हैं।

23 दिसंबर तक निस्तारण पूरा कर रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दी जाएगी। नैनीताल जिले की अधिसूचना एक दिन देरी से जारी होने के कारण वहां की आपत्तियां 22 दिसंबर तक दर्ज कराई जा सकती हैं। इसके बाद मौका नहीं दिया जाएगा।

हरिद्वार जिले में 14 नगर निकाय हैं, जिनमें दो नगर निगम हैं। हरिद्वार जिले की ढंडेरा नगर पंचायत से सबसे ज्यादा आपत्तियां आईं हैं। अब तक जिले के सभी नगर निकायों से रिकॉर्ड 300 आपत्तियां आ चुकी हैं।