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कांग्रेस का बड़ा फैसला : विधानसभा चुनाव से पहले 40 जिलों में नए अध्यक्ष नियुक्त

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पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कांग्रेस पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के लिए बड़ा फेरबदल किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने राज्य के 40 संगठनात्मक जिलों में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की है। मंगलवार देर रात पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इस संबंध में आदेश जारी किए।

पटना जिले में तीन अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति

राजधानी पटना के लिए विशेष तौर पर तीन अध्यक्ष और तीन कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं:

पटना टाउन: शशि रंजन (अध्यक्ष), रंजीत कुमार (कार्यकारी अध्यक्ष)

पटना ग्रामीण-1: सुमित कुमार सन्नी (अध्यक्ष), उदय कुमार चंद्रवंशी (कार्यकारी अध्यक्ष)

पटना ग्रामीण-2: गुरजीत सिंह (अध्यक्ष), नीतू निषाद (कार्यकारी अध्यक्ष)

अन्य प्रमुख जिलों में नए अध्यक्ष

मुजफ्फरपुर: अरविंद मुकुल

भागलपुर: परवेज जमाल

गया: संतोष कुमार (कार्यकारी अध्यक्ष – शहाबुद्दीन रहमानी, उदय मांझी)

नालंदा: नरेश अकेला

नवादा: सतीश कुमार

अररिया: शाद अहमद

दरभंगा: दयानंद पासवान

पूर्वी चंपारण: इंजीनियर शशि भूषण राय

गोपालगंज: ओमप्रकाश गर्ग

कटिहार: सुनील यादव (कार्यकारी अध्यक्ष – दो अन्य)

किशनगंज: इमाम अली (कार्यकारी अध्यक्ष – शाहिबुल अख्तर)

अन्य जिलों में हुए बदलाव

मधेपुरा: सूर्यनारायण राम

मधुबनी: सुबोध मंडल

पूर्णिया: विजेंद्र यादव

सहरसा: मुकेश झा

तारिणी ऋषि देव: कार्यकारी अध्यक्ष

समस्तीपुर: अबू तमीम

सारण: बच्चन प्रसाद वीरू

शिवहर: नूरी बेगम

सीतामढ़ी: रकतु प्रसाद

सिवान: सुशील कुमार यादव

सुपौल: सूर्यनारायण मेहता

वैशाली: महेश प्रसाद राय

पश्चिमी चंपारण: प्रमोद सिंह पटेल

औरंगाबाद: राकेश कुमार सिंह

अरवल: धनंजय शर्मा

बांका: कंचन सिंह

बेगूसराय: अभय कुमार सजन

भोजपुर: अशोक राम

बक्सर: डॉ. मनोज कुमार पांडे

जहानाबाद: इश्तियाक आजम

जमुई: अनिल कुमार सिंह

कैमूर: राधेश्याम कुशवाहा

खगड़िया: अविनाश कुमार अविनाश

लखीसराय: अमरेश कुमार अनीश

मुंगेर: अशोक पासवान

रोहतास: अमरेंद्र पांडे

शेखपुरा: प्रभात कुमार चंद्रवंशी

चुनावी रणनीति के तहत बड़ा मास्टरस्ट्रोक

कांग्रेस के इस कदम को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है। बिहार प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के बाद अब जिला स्तर पर नए चेहरों को मौका दिया गया है। यह फेरबदल कांग्रेस की रणनीतिक चाल मानी जा रही है, जिससे पार्टी की राज्य में पकड़ मजबूत की जा सके।

इस बदलाव के बाद बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। जेडीयू और बीजेपी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा चल रही है, वहीं कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत कर मैदान में उतरने की तैयारी में है।

 

 

धामी सरकार ने बांटे दायित्व, इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में जनहित को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न व्यक्तियों को विभागीय दायित्व सौंपे हैं। इससे जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और प्रभावी अनुश्रवण भी सुनिश्चित होगा।

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री द्वारा जिन महानुभावों को दायित्व सौंपे गए हैं, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

 

वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद

 

अध्यक्ष: रामचंद्र गौड़ (चमोली)

 

उपाध्यक्ष: हरक सिंह नेगी (चमोली) व शांति मेहरा (नैनीताल)

 

राज्य महिला आयोग

 

उपाध्यक्ष: ऐश्वर्या रावत (रुद्रप्रयाग) व सायरा बानो (ऊधम सिंह नगर)

 

राज्य महिला उद्यमिता परिषद

 

अध्यक्ष: रेनू अधिकारी (नैनीताल)

 

उपाध्यक्ष: गंगा बिष्ट (अल्मोड़ा)

 

उत्तराखंड आवास सलाहकार परिषद

 

उपाध्यक्ष: श्याम अग्रवाल (देहरादून)

 

उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग

 

उपाध्यक्ष: भगवत प्रसाद मकवाना (देहरादून)

 

राज्य स्तरीय खेल परिषद

 

उपाध्यक्ष: हेमराज बिष्ट (पिथौरागढ़)

 

प्रवासी उत्तराखंड परिषद

 

उपाध्यक्ष: पूरन चंद नैलवाल (अल्मोड़ा)

 

भगीरथी नदी घाटी प्राधिकरण

 

उपाध्यक्ष: रामसुंदर नौटियाल (उत्तरकाशी)

 

समाज कल्याण योजनाएं अनुश्रवण समिति

 

उपाध्यक्ष: रजनी रावत (देहरादून)

 

उत्तराखंड पारिस्थितिकीय पर्यटन सलाहकार परिषद

 

उपाध्यक्ष: ओम प्रकाश जमदग्नि (हरिद्वार)

 

उत्तराखंड जैविक उत्पाद परिषद

 

उपाध्यक्ष: भूपेश उपाध्याय (बागेश्वर)

 

उत्तराखंड वन पंचायत सलाहकार परिषद

 

अध्यक्ष: कुलदीप कुमार (देहरादून)

 

सिंचाई सलाहकार समिति

 

उपाध्यक्ष: ऋषि कंडवाल (पौड़ी)

 

उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद

 

उपाध्यक्ष: वीरेंद्र दत्त सेमवाल (टिहरी)

 

उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार समिति

 

अध्यक्ष: अजय कोठियाल (टिहरी)

 

उत्तराखंड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति

 

उपाध्यक्ष: श्याम नारायण पांडे (नैनीताल)

लोकसभा में कल पेश होगा वक्फ बिल, BJP ने जारी किया व्हिप

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लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक बुधवार, 2 अप्रैल को दोपहर 12 बजे पेश किया जाएगा। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में इस विधेयक को संसद में लाने की जानकारी दी गई। इसके मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को संसद में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। वहीं, विपक्ष ने इस विधेयक पर विस्तृत चर्चा के लिए 12 घंटे का समय मांगा है।

वक्फ बोर्ड में सुधार की जरूरत’

विधेयक के पेश होने से पहले इस पर सियासी प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “हर अच्छे काम का विरोध होता है, ठीक वैसे ही वक्फ संशोधन विधेयक का भी विरोध किया जा रहा है।” उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या वक्फ बोर्ड ने मुसलमानों का कल्याण किया है?” योगी ने दावा किया कि वक्फ बोर्ड सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और निजी स्वार्थ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और इसमें सुधार वक्त की जरूरत है।

‘कांग्रेस मुसलमानों को गुमराह कर रही’

भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि “वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। कांग्रेस और अन्य दल इसे लेकर मुसलमानों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने इसकी तुलना सीएए (CAA) विरोधी प्रदर्शन से की और कहा, “जैसे शाहीन बाग आंदोलन के जरिए लोगों को गुमराह किया गया था, वैसा ही अब वक्फ संशोधन विधेयक के साथ किया जा रहा है।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि “इस विधेयक में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि मस्जिद, दरगाह या अन्य धार्मिक स्थलों को सरकार द्वारा अधिग्रहित कर लिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्ति पर माफियाओं के कब्जे को खत्म करना है ताकि इसका सही इस्तेमाल हो सके।

दिल्ली दंगा मामला: कोर्ट का कानून मंत्री पर सख्त रुख, FIR दर्ज करने के आदेश

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नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में कानून मंत्री कपिल मिश्रा को बड़ा झटका लगा है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उनके खिलाफ FIR दर्ज कर आगे की जांच करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश मोहम्मद इलियास नामक व्यक्ति की याचिका पर आया, जिसमें उन्होंने कपिल मिश्रा की भूमिका पर सवाल उठाए थे।

कोर्ट का आदेश और FIR का मामला

राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा प्रस्तुत सामग्री के आधार पर कपिल मिश्रा की उपस्थिति कर्दमपुरी इलाके में पाई गई थी, और यह एक संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे में इस मामले की जांच आवश्यक है। अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह इस संबंध में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर मामले की आगे जांच करे।

दिल्ली पुलिस ने FIR का किया विरोध

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दलील दी थी कि कपिल मिश्रा को इस मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने FIR दर्ज करने के विरोध में कहा कि उनके पास पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं जो कपिल मिश्रा को सीधे इस घटना से जोड़ते हों। हालांकि, अदालत ने पुलिस के इस तर्क को खारिज करते हुए जांच का आदेश दिया।

मोहम्मद इलियास के आरोप

मोहम्मद इलियास ने अपनी याचिका में दावा किया कि 23 फरवरी 2020 को उन्होंने कपिल मिश्रा और उनके समर्थकों को कर्दमपुरी इलाके में एक सड़क को ब्लॉक करते हुए देखा था। याचिका के मुताबिक, इस दौरान कुछ रेहड़ी-पटरी वालों की गाड़ियों को तोड़ा गया और हिंसा भड़काने की कोशिश की गई।

इलियास ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर तत्कालीन उत्तर-पूर्व दिल्ली के डिप्टी पुलिस कमिश्नर और अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। याचिका में यह भी कहा गया कि कपिल मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को जगह खाली करने या गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।

कोर्ट के आदेश के बाद अब दिल्ली पुलिस को FIR दर्ज कर मामले की जांच करनी होगी। यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो सकता है, क्योंकि कपिल मिश्रा पर पहले भी दंगों को लेकर विवादित बयान देने के आरोप लगे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस की जांच में क्या सामने आता है और क्या मिश्रा के खिलाफ आगे की कोई कानूनी कार्रवाई होती है।

 

L2 Empuraan ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में छावा को पछाड़ा

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साउथ की फिल्में इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही हैं। बीते साल ‘पुष्पा 2: द रूल’ ने ‘जवान’, ‘पठान’ और ‘स्त्री 2’ को पछाड़कर सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का खिताब अपने नाम किया था। अब 2025 में मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल की फिल्म ‘L2 Empuraan’ ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। 27 मार्च को रिलीज हुई इस एक्शन थ्रिलर ने सिर्फ चार दिनों में ही बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘छावा’ को पछाड़ दिया।

Lucifer के सीक्वल ने मचाया बवाल

पृथ्वीराज सुकुमारन के निर्देशन में बनी ‘L2 Empuraan’ 2019 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘Lucifer’ का सीक्वल है। छह साल के लंबे इंतजार के बाद रिलीज हुई इस फिल्म ने विवादों के बावजूद जबरदस्त कमाई की है। चार दिनों में इसने इतना शानदार प्रदर्शन किया कि बॉक्स ऑफिस पर बॉलीवुड फिल्म ‘छावा’ भी इसके आगे फेल हो गई।

छावा को पछाड़ बनी सबसे बड़ी ओपनर

मोहनलाल की ‘L2 Empuraan’ 2025 की सबसे बड़ी वीकेंड ओपनर फिल्म बन गई है। इससे पहले यह खिताब लक्ष्मण उतेकर के निर्देशन में बनी ‘छावा’ के पास था। ‘छावा’ ने वर्ल्डवाइड पहले दिन 19.1 मिलियन डॉलर (156.62 करोड़ रुपये) का कलेक्शन कर 2025 की सबसे बड़ी ओपनर फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया था। मगर अब मोहनलाल की ‘Empuraan’ ने यह खिताब छीन लिया।

L2 Empuraan का जबरदस्त वर्ल्डवाइड कलेक्शन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चार दिन के अंदर ‘L2 Empuraan’ ने वर्ल्डवाइड 19.4 मिलियन डॉलर (165 करोड़ रुपये) की कमाई कर ली है।

  • फिल्म 27 मार्च को रिलीज हुई थी और 31 मार्च तक इसने 165 करोड़ रुपये वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया।

  • भारत में 60 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है।

  • ओवरसीज मार्केट में भी फिल्म ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 105 करोड़ रुपये कमाए।

साउथ का दबदबा कायम

‘L2 Empuraan’ की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साउथ की फिल्में सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि ग्लोबल मार्केट में भी जबरदस्त पकड़ बना रही हैं। अब देखना यह होगा कि फिल्म आने वाले हफ्तों में और कितने रिकॉर्ड तोड़ती है।

दुष्कर्म के दोषी पादरी बजिंदर सिंह को उम्रकैद, पीड़िता ने मांगी सुरक्षा

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मोहाली की अदालत ने जीरकपुर की एक महिला से दुष्कर्म मामले में दोषी करार दिए गए पादरी बजिंदर सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट का फैसला आते ही पुलिस ने पास्टर को हिरासत में ले लिया और उसे पटियाला जेल भेज दिया गया।

अदालत में पेशी और फैसले की प्रक्रिया

सोमवार को बजिंदर सिंह अदालत में पेश हुआ था, जिसके बाद कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रख लिया था। उसकी तरफ से पेश वकील एचएस धानोआ ने याचिका दायर कर बताया कि 3 मार्च को वह अस्पताल में भर्ती था और इस कारण अदालत में पेश नहीं हो सका। इसी आधार पर पेशी से छूट की मांग की गई थी।

सरकारी वकील और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पहले उसके गैर-जमानती वारंट रद्द किए और फिर इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 मार्च की तारीख तय की थी। अब अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुना दी है।

पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी

बजिंदर सिंह को पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से उस समय गिरफ्तार किया था, जब वह इंग्लैंड के बर्मिंघम में सेमिनार के लिए रवाना हो रहा था। इसके अलावा, उसकी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें वह एक महिला को थप्पड़ मारता और उसके मुंह पर कॉपी फेंकता दिख रहा था। यह वीडियो 14 फरवरी का बताया गया, जो 16 मार्च को वायरल हुआ। पीड़िता पास्टर के पास काम करती थी और उसी वीडियो ने मामले को और गंभीर बना दिया।

पीड़िता ने खुद को बताया खतरे में, मांगी सुरक्षा

कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता मीडिया के सामने आई और कहा,
“यह सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि कई लड़कियों की जीत है। अब कई पीड़ित लड़के-लड़कियां बजिंदर सिंह के कब्जे से आज़ाद होंगे। “पीड़िता ने डीजीपी पंजाब से खुद और अपने पति के लिए सुरक्षा की मांग की है। उसका कहना है कि उन पर हमले हो सकते हैं और झूठे केस भी दर्ज करवाए जा सकते हैं, जैसा कि पहले भी हो चुका है

आज से LPG सिलेंडर ₹41 हुआ रुपये सस्ता, केवल इनको मिलेगा लाभ

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देशभर में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर सस्ता हो गया है। तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 41 रुपये की कटौती की है। नई दरें आज से लागू हो गई हैं। अब दिल्ली में यह सिलेंडर 1762 रुपये में मिलेगा। हालांकि, घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

व्यापारी वर्ग को मिलेगा सीधा फायदा

नई दरों का सबसे ज्यादा फायदा होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को होगा, जहां बड़े पैमाने पर एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल होता है। तेल कंपनियां कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों और अन्य कारकों के आधार पर समय-समय पर एलपीजी दरों में संशोधन करती हैं।

कैसे बदले हैं दाम?

  • जनवरी 2025 में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर 14.50 रुपये सस्ता हुआ था।

  • दिसंबर 2024 में कीमतों में 62 रुपये का इजाफा हुआ था।

  • मार्च 2025 में 6 रुपये बढ़ाए गए थे।

  • 2025 में अब तक की सबसे कम मूल्य वृद्धि देखी गई है।

हर राज्य में अलग-अलग कीमतें

विभिन्न राज्यों में टैक्स और परिवहन लागतों के आधार पर एलपीजी की कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं। हालांकि, नई कटौती से व्यापारियों को राहत जरूर मिलेगी। अब देखना होगा कि आने वाले महीनों में तेल कंपनियां कीमतों में और क्या बदलाव करती हैं।

आज से बदल गए कई नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर!

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आज यानी 1 अप्रैल 2025 से कई अहम बदलाव लागू हो गए हैं, जो सीधे तौर पर आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी और वित्तीय लेन-देन को प्रभावित करेंगे। एटीएम से नकद निकासी के नियमों से लेकर हाईवे पर टोल दरों तक, हर क्षेत्र में नए नियम लागू हो चुके हैं। इसके अलावा बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड और यूपीआई लेन-देन से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया गया है।

वाणिज्यिक एलपीजी गैस सिलेंडर हुआ सस्ता

तेल विपणन कंपनियों ने वाणिज्यिक एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की है। 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 41 रुपये की कमी की गई है। अब दिल्ली में यह सिलेंडर 1762 रुपये में मिलेगा।

क्या बदले हैं अन्य नियम?

  1. एटीएम से नकद निकासी के नए नियम – बैंक अब कुछ नए शुल्क लागू कर सकते हैं।

  2. हाईवे टोल दरों में संशोधन – टोल दरें बढ़ाई जा सकती हैं, जिससे सफर महंगा होगा।

  3. बैंकिंग और यूपीआई ट्रांजैक्शन पर बदलाव – डिजिटल पेमेंट्स और क्रेडिट कार्ड से जुड़े नए नियम लागू किए गए हैं।

  4. टैक्स स्लैब में संशोधन – नई कर दरें प्रभावी हो सकती हैं।

सरकार ने बदल दी इन सड़कों और मोहल्लों की पहचान, मियांवाला बना रामजी वाला

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देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के चार प्रमुख जनपदों—हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधमसिंह नगर—में स्थित विभिन्न स्थानों के नाम बदलने की घोषणा की। यह निर्णय जनभावना, भारतीय संस्कृति और विरासत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्थानों के नाम परिवर्तन का उद्देश्य लोगों को भारतीय संस्कृति और इसके संरक्षण में योगदान देने वाले महापुरुषों से प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि यह कदम ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में उठाया गया है, जिससे भावी पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने में सहायता मिलेगी।

 

बदलाव की सूची

 

हरिद्वार जनपद में:

 

औरंगजेबपुर का नाम शिवाजी नगर किया जाएगा।

 

गाजीवाली को आर्य नगर के नाम से जाना जाएगा।

 

चांदपुर का नाम ज्योतिबा फुले नगर होगा।

 

मोहम्मदपुर जट का नया नाम मोहनपुर जट होगा।

 

खानपुर कुर्सली को अंबेडकर नगर नाम दिया गया है।

 

इंदरीशपुर का नाम नंदपुर रखा गया है।

 

खानपुर का नया नाम श्री कृष्णपुर होगा।

 

अकबरपुर फाजलपुर को अब विजयनगर कहा जाएगा।

 

देहरादून जनपद में:

 

मियांवाला का नया नाम रामजी वाला होगा।

 

पीरवाला को केसरी नगर नाम दिया जाएगा।

 

चांदपुर खुर्द अब पृथ्वीराज नगर कहलाएगा।

 

अब्दुल्ला नगर को अब दक्ष नगर के नाम से जाना जाएगा।

 

नैनीताल जनपद में:

 

नवाबी रोड का नाम अटल मार्ग किया गया।

 

पनचक्की से आईटीआई मार्ग अब गुरु गोवलकर मार्ग कहलाएगा।

 

उधमसिंह नगर जनपद में:

 

नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी को अब कौशल्या पुरी के नाम से जाना जाएगा।

 

 

 

 

नाम परिवर्तन का औचित्य

 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह निर्णय भारतीय संस्कृति के संरक्षण और समाज में एक सकारात्मक संदेश देने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव न केवल ऐतिहासिक महापुरुषों के प्रति श्रद्धांजलि है, बल्कि समाज में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

 

प्रदेश सरकार का यह कदम राज्य में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

प्रसिद्ध साहित्यकार महावीर रवांल्टा उमेश डोभाल स्मृति सम्मान से सम्मानित

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पौड़ी : सुप्रसिद्ध साहित्यकार महावीर रवांल्टा को लोकभाषा रवांल्टी एवं हिंदी साहित्य में उनके अद्वितीय योगदान, समर्पण और प्रेरणादायक सृजन के लिए 32वें उमेश डोभाल स्मृति सम्मान-2024 से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उमेश डोभाल स्मृति आयोजन समिति सिरोली एवं उमेश डोभाल स्मृति ट्रस्ट पौड़ी गढ़वाल द्वारा उनके पैतृक गांव सिरोली में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज क्यार्क में आयोजित द्विदिवसीय समारोह में प्रदान किया गया।

 

समारोह के मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड गौरव नरेन्द्र सिंह नेगी ने ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविन्द पंत ‘राजू’, नैनीताल समाचार के संपादक राजीव लोचन साह, प्रशांत नेगी, डॉ. योगेश धस्माना की उपस्थिति में महावीर रवांल्टा को स्मृति चिन्ह, शाल, प्रशस्ति पत्र व सम्मान राशि भेंट कर सम्मानित किया। इस सम्मान समारोह का संचालन ‘धाद’ के संपादक गणेश खुगशाल ‘गणी’ ने किया।

 

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को भी सम्मानित किया गया। लोक संरक्षण के लिए राजेन्द्र रावत ‘राजू’ स्मृति जन सरोकार सम्मान मसूरी के समीर शुक्ला को दिया गया, गिरीश तिवाड़ी ‘गिर्दा’ स्मृति जन कवि सम्मान अल्मोड़ा के हर्ष काफर को प्रदान किया गया। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पुरस्कार किशन जोशी को और इंटरनेट मीडिया पुरस्कार प्रेम पंचोली को दिया गया। चामी टीन एजर्स क्लब को भुवनेश्वरी जोशी प्रतिभा पुरस्कार और दगड्या ग्रुप को अनिरुद्ध जोशी प्रतिभा पुरस्कार से नवाजा गया।

 

इस अवसर पर महिला मंगल दल सिरोली, दगड्या ग्रुप द्वारा लोक नृत्य की प्रस्तुति और नवांकुर नाट्य संस्था पौड़ी द्वारा ‘औरत’ नाटक का मंचन किया गया। समारोह में जिला सूचना अधिकारी योगेश पोखरियाल, अमिता डोभाल, डॉ. अरुण कुकशाल, नरेश नौडियाल, कपाल रावत, मनोहर चमोली ‘मनु’, विनय शाह, आशीष नेगी, पी.सी. तिवारी, रवि रावत, सुरेन्द्र सिंह रावत, अनुसूया प्रसाद ‘घायल’, एस.एन. रतूड़ी, हिमांशु जोशी, यश डोभाल, धीरेन्द्र चौहान, डॉ. कमलेश कुमार मिश्रा, लुशुन टोडरिया, कविलास नेगी, केसर सिंह असवाल, नमन चंदोला सहित सिरोली व आसपास की मातृशक्ति व ग्रामीण उपस्थित रहे।

सुप्रसिद्ध चित्रकार स्वर्गीय मोहन नेगी के सुपुत्र आशीष मोहन नेगी द्वारा उनके व अपने बनाए कविता पोस्टर की प्रदर्शनी व समय साक्ष्य की पुस्तकों का स्टाल भी समारोह के आकर्षण का केंद्र रहा।

महावीर रवांल्टा साहित्य की विभिन्न विधाओं में निरंतर सृजनरत हैं और अब तक 43 पुस्तकों का सृजन कर चुके हैं। देशभर की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में उनका लेखन प्रकाशित होता रहा है। उनके साहित्य पर विभिन्न विश्वविद्यालयों में शोध एवं लघु शोध प्रस्तुत हो चुके हैं और कुछ अभी भी चल रहे हैं।

रंग लेखन एवं लोक साहित्य में उनकी गहरी रुचि रही है, और वे नाट्य लेखन, अभिनय एवं निर्देशन से भी जुड़े रहे हैं। उनकी कहानियों पर आधारित नाटकों का राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की संस्कार रंग टोली, कला दर्पण, मांडी विद्या निकेतन और विशेष बाल श्रमिक विद्यालय द्वारा मंचन किया जा चुका है।

रवांई क्षेत्र की लोककथाओं और लोकगाथाओं पर आधारित उनके नाटक ‘सफेद घोड़े का सवार’ व ‘एक प्रेमकथा का अंत’ विशेष चर्चित रहे हैं। भाषा -शोध एवं प्रकाशन केंद्र वडोदरा (गुजरात) के भारतीय भाषा लोक सर्वेक्षण, उत्तराखण्ड भाषा संस्थान के भाषा सर्वेक्षण और ‘पहाड़’ बहुभाषी शब्दकोश पर रवांल्टी भाषा में कार्य करने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है।

साहित्य में उनके योगदान के लिए उन्हें अनेक सम्मान व पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें उत्तराखण्ड भाषा संस्थान का उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान और गोविन्द चातक पुरस्कार-2022 विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। उनकी रवांल्टी रचनाओं का कुमाउंनी, गढ़वाली और बांग्ला में अनुवाद किया गया है तथा उनकी लघुकथा ‘तिरस्कार’ पर लघु फिल्म का भी निर्माण हो चुका है।