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स्कूल गेट से 11वीं के छात्र का अपहरण, जंगल में ले जाकर बेरहमी से पीटा

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सितारगंज: क्षेत्र में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शक्तिफार्म क्षेत्र में गुरुवार को 11वीं कक्षा के एक छात्र का विद्यालय गेट से ही अपहरण कर लिया गया और उसे जंगल में ले जाकर मारपीट की गई।

जानकारी के अनुसार, ग्राम देवनगर निवासी दीपंकर सिकदार (पुत्र नरोत्तम सिकदार), जो राजकीय इंटर कॉलेज शक्तिफार्म में कक्षा 11 का छात्र है, सोमवार को स्कूल की छुट्टी के बाद जैसे ही गेट से बाहर निकला, तभी नगर पंचायत शक्तिगढ़ के रविंद्रनाथ वार्ड निवासी सुमित मजूमदार अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि दोनों ने छात्र का मुंह दबाकर जबरन उसे अगवा कर लिया।

परिजनों के मुताबिक, आरोपी छात्र को बाराकोली रेंज के जंगल स्थित वनदेवी मंदिर ले गए, जहां पहले से मौजूद दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की गई। इस घटना में छात्र को सिर, पैर, कमर और छाती में गंभीर चोटें आई हैं।

घटना के बाद किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर छात्र वापस लौटा, जिसके बाद उसे उपचार के लिए उप जिला अस्पताल सितारगंज में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पीड़ित के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने एक नामजद सहित अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कोतवाल सुंदरम शर्मा ने बताया कि मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि घटना के पीछे कोई पुरानी रंजिश तो नहीं है। फिलहाल आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सरकार ने की पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कटौती

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नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के चलते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा राहत भरा कदम उठाया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती का फैसला किया है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जारी आदेश के अनुसार अब पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल पर यह 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दी गई है।

बताया जा रहा है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के प्रतिबंधों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए यह फैसला लिया है।

पेट्रोल पंपों पर भीड़, अफवाहों का असर

देश के कई हिस्सों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल कीमतें स्थिर रखी हैं, लेकिन निजी कंपनियों ने दरों में बढ़ोतरी की है, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

भारत की प्रमुख निजी ईंधन विक्रेता कंपनी नायरा एनर्जी ने एक दिन पहले पेट्रोल की कीमत में 5.30 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।

महिला आरक्षण पर सरकार का फॉर्मूला तैयार, OBC कोटा नहीं, लोकसभा सीटों में बढ़ोतरी के बाद होगा लागू 

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नई दिल्ली। देश में लंबे समय से चर्चा में रहे महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार ने अपना फॉर्मूला लगभग तय कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्तावित व्यवस्था में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग से कोई कोटा शामिल नहीं किया गया है। महिला आरक्षण को लागू करने की योजना अब लोकसभा सीटों के परिसीमन (Delimitation) के साथ जोड़ दी गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार 2026 के बाद होने वाले परिसीमन के तहत लोकसभा सीटों की संख्या में करीब 50% तक बढ़ोतरी कर सकती है। इसके बाद ही महिला आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। ऐसे में यह व्यवस्था 2029 के आम चुनाव से लागू होने की संभावना जताई जा रही है।

महिला आरक्षण विधेयक के तहत संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। हालांकि, OBC वर्ग के लिए अलग से आरक्षण की मांग लगातार उठती रही है, लेकिन वर्तमान फॉर्मूले में इसे शामिल नहीं किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि परिसीमन के बाद सीटों की संख्या बढ़ने से आरक्षण लागू करना अधिक व्यावहारिक होगा और मौजूदा राजनीतिक संतुलन पर भी इसका असर कम पड़ेगा।

वहीं विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्टता की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिना OBC कोटा के महिला आरक्षण अधूरा है और इससे सामाजिक न्याय का उद्देश्य पूरा नहीं होगा।

नायरा एनर्जी ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा किया

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नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम ₹5 से ₹5.30 प्रति लीटर तक और डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। नई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।d1962a

यह बढ़ोतरी मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में चल रहे युद्ध और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण आई है। ईरान-अमेरिका/इजराइल तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण रूट प्रभावित होने से तेल आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतें करीब 50% तक बढ़ गई हैं। नायरा एनर्जी, जो रूस की रोसनेफ्ट कंपनी के बहुमत स्वामित्व वाली है, ने इन बढ़े हुए इनपुट लागत का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर पास कर दिया है।2c126e

मुख्य बातें:

  • नायरा एनर्जी के देशभर में लगभग 6,967 पेट्रोल पंप हैं।
  • बढ़ोतरी के बाद प्रभावी मूल्य वृद्धि विभिन्न राज्यों में स्थानीय टैक्स (VAT आदि) के कारण अलग-अलग हो सकती है। कुछ जगहों पर पेट्रोल में ₹5.30 तक का इजाफा देखा गया।
  • सरकारी तेल कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) अभी सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर प्राइस फ्रीज बनाए हुए हैं, हालांकि उन्होंने प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल के दाम बढ़ाए थे।
  • इस खबर से कई शहरों में पैनिक बाइंग की खबरें आई हैं, जिससे कुछ नायरा पंपों पर लंबी कतारें लग गई।

यह बढ़ोतरी अप्रैल 2022 के बाद सामान्य पेट्रोल-डीजल पर निजी क्षेत्र की पहली बड़ी हाइक मानी जा रही है। आम उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र पर इसका असर पड़ने की आशंका है, जबकि अर्थव्यवस्था पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है।

सरकार ने अभी पर्याप्त ईंधन आपूर्ति का आश्वासन दिया है, लेकिन अगर वैश्विक स्थिति नहीं सुधरी तो अन्य कंपनियां भी दाम बढ़ा सकती हैं।

अब गंभीर हो जाओ, वरना लौटने का रास्ता नहीं बचेगा”, 5 शर्तों के साथ ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी

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वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरानी वार्ताकारों को तुरंत गंभीर (serious) होना चाहिए, वरना पीछे मुड़ने का कोई रास्ता नहीं बचेगा और स्थिति “बहुत खराब” हो जाएगी। ट्रंप ने गुरुवार को अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि ईरानी वार्ताकार “गिड़गिड़ा रहे हैं” (begging) और समझौते के लिए बेताब हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से केवल प्रस्ताव देखने की बात कर रहे हैं। उन्होंने लिखा:

“ईरानी वार्ताकार बहुत अलग और ‘अजीब’ हैं। वे हमसे डील करने के लिए ‘गिड़गिड़ा’ रहे हैं… उन्हें जल्द ही सीरियस होना चाहिए, वरना बहुत देर हो जाएगी। एक बार ऐसा हो गया तो पीछे मुड़ने का कोई रास्ता नहीं मिलेगा और यह अच्छा नहीं होगा!”

ट्रंप ने यह बयान ऐसे समय दिया है जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे अप्रत्यक्ष वार्ताओं में तनाव चरम पर है। ईरान ने हाल ही में अमेरिका के 15-पॉइंट शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया और इसके बदले खुद 5 शर्तें रखी हैं।

ईरान की 5 प्रमुख शर्तें:

ईरानी राज्य मीडिया के अनुसार, युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान की मुख्य शर्तें निम्नलिखित हैं:

  1. अमेरिका और इजराइल द्वारा सभी आक्रामक कार्रवाइयों और हत्याओं को तुरंत बंद करना।
  2. भविष्य में फिर से हमले न होने की ठोस गारंटी और सुरक्षा तंत्र।
  3. युद्ध के नुकसान की भरपाई और मुआवजा (reparations)।
  4. सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना, जिसमें प्रतिरोधी समूह भी शामिल हों।
  5. होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की संप्रभुता सुनिश्चित करना।

ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव को “इच्छा सूची” करार देते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया है। यह घटनाक्रम अमेरिका-ईरान युद्ध के लगभग चार सप्ताह बाद आया है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर व्यापक हवाई हमले किए हैं, जिसमें ईरान की मिसाइल क्षमता, रक्षा उद्योग और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ट्रंप पहले ही दावा कर चुके हैं कि ईरान ” vo militarily obliterated” हो चुका है और उसके पास वापसी का कोई मौका नहीं बचा है।

ट्रंप ने हाल ही में ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों को 5 दिनों के लिए स्थगित कर दिया था ताकि बातचीत आगे बढ़ सके, लेकिन अब उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए ईरान को “जल्द सीरियस” होने की चुनौती दे दी है।

ईरानी पक्ष अभी तक ट्रंप के इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दे पाया है, हालांकि पहले उन्होंने किसी भी प्रत्यक्ष वार्ता से इनकार किया था। ट्रंप का यह बयान एक ओर दबाव बढ़ाने की रणनीति लगता है, वहीं दूसरी ओर ईरान की 5 शर्तों को खारिज करने का संकेत भी है। क्षेत्रीय तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति के कारण वैश्विक तेल बाजार पहले से ही प्रभावित है।

भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार, LPG, पेट्रोल-डीजल पर अफवाह फैलाई तो होगी कार्रवाई

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नई दिल्ली: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में बताया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देशभर में कहीं भी इन ईंधनों की कोई कमी नहीं है और सभी खुदरा दुकानों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर जानबूझकर फैलाई जा रही भ्रामक और गलत सूचनाओं से प्रभावित न हों। इन अफवाहों का मकसद केवल अनावश्यक दहशत फैलाना है।

पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति बाधारहित

मंत्रालय के अनुसार, भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा पेट्रोलियम शोधक और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक देश है, जो 150 से अधिक देशों को परिष्कृत ईंधन की आपूर्ति करता है। घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पूरी तरह सुनिश्चित है। देशभर में एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप बिना किसी रुकावट के ईंधन की आपूर्ति कर रहे हैं। किसी भी पंप को आपूर्ति सीमित करने के निर्देश नहीं दिए गए हैं।

कुछ चुनिंदा पंपों पर सोशल मीडिया पर वायरल गलत वीडियो के कारण घबराहट में खरीदारी हुई थी, लेकिन तेल कंपनियों ने तुरंत आपूर्ति बढ़ा दी। पेट्रोल पंप मालिकों की कार्यशील पूंजी की समस्या को देखते हुए कंपनियों ने क्रेडिट अवधि को एक दिन से बढ़ाकर तीन दिन से अधिक कर दिया है, ताकि कोई भी पंप सूखे न रहे।

कच्चे तेल की आपूर्ति और भंडार पर्याप्त

होर्मुज जलडमरूमध्य की तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद भारत को 41 से अधिक देशों से पहले से अधिक कच्चा तेल मिल रहा है। सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर चल रही हैं। अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है।

सामरिक भंडार को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों को मंत्रालय ने सिरे से खारिज कर दिया है। भारत की कुल भंडार क्षमता 74 दिनों की है। पश्चिम एशिया संकट के 27वें दिन भी वास्तविक भंडार लगभग 60 दिनों का है (कच्चा तेल, उत्पाद भंडार और रणनीतिक भूमिगत भंडारण सहित)। अगले दो महीनों की खरीद भी पक्की हो चुकी है। इसलिए भंडार समाप्त होने के किसी भी दावे को पूरी तरह गलत बताया गया है।

एलपीजी की स्थिति मजबूत

एलपीजी की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय के नियंत्रण आदेश के बाद घरेलू रिफाइनरी उत्पादन में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दैनिक उत्पादन अब 50 हजार मीट्रिक टन (टीएमटी) तक पहुंच गया है, जबकि कुल दैनिक मांग करीब 80 टीएमटी है। शुद्ध आयात की जरूरत घटकर मात्र 30 टीएमटी रह गई है।

अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों से 800 टीएमटी एलपीजी कार्गो पहले से सुरक्षित हैं और 22 आयात टर्मिनलों पर पहुंच रहे हैं। तेल कंपनियां प्रतिदिन 50 लाख से अधिक सिलेंडर वितरित कर रही हैं। घबराहट के कारण बढ़ी मांग अब सामान्य स्तर पर आ गई है। जमाखोरी रोकने के लिए वाणिज्यिक सिलेंडरों का आवंटन 50 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है।

पीएनजी को बढ़ावा

मंत्रालय ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को घरेलू ईंधन के रूप में बढ़ावा देने की अपनी दीर्घकालिक नीति पर जोर दिया। पीएनजी सस्ता, स्वच्छ और सुरक्षित विकल्प है। घरेलू उत्पादन से भारत एलपीजी की तुलना में आयात पर बहुत कम निर्भर है। शहरी गैस वितरण क्षेत्र 2014 के 57 से बढ़कर 300 से अधिक हो चुके हैं और घरेलू पीएनजी कनेक्शन 1.5 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं।

मंत्रालय ने साफ किया कि पीएनजी को बढ़ावा एलपीजी की कमी के कारण नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है।

भ्रामक सूचनाओं पर सख्त कार्रवाई

मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर कतारों की पुरानी तस्वीरें, विदेशी फुटेज और फर्जी लॉकडाउन-अपातकाल की खबरें फैलाने वाले शरारती तत्वों पर गंभीर चिंता जताई है। सरकार ने चेतावनी दी है कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के बारे में गलत जानकारी फैलाना कानून के तहत दंडनीय अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बस और कार की टक्कर में दो की मौत, 2 घायल

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मंडी: हिमाचल के मंडी स्थित पंडोह डैम के समीप आज सुबह एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक बस और कार के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में कार सवार सुषांक और गायत्री की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि कश्मीर और दीक्षा गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बीबीएमबी सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों और ट्रैफिक इंचार्ज चेत राम ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों को वाहन से बाहर निकाला। घायलों को तुरंत बीबीएमबी की एंबुलेंस से जोनल अस्पताल मंडी पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

एएसपी अभिमन्यू वर्मा ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि सड़क हादसों से बचाव के लिए सतर्क रहें।

देहरादून–पिथौरागढ़ हवाई सेवा शुरू, एक घंटे में तय होगा सफर, मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ 

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  • 42 सीटर विमान से कनेक्टिविटी मजबूत.

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट से देहरादून–पिथौरागढ़–देहरादून विमान सेवा का शुभारंभ किया। एलायंस एयर द्वारा संचालित 42 सीटर विमान सेवा के शुरू होने से अब पिथौरागढ़ और देहरादून के बीच सफर महज एक घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनवमी के शुभ अवसर पर शुरू हुई यह सेवा न केवल आमजन के लिए सुविधाजनक है, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हवाई सेवाएं अब केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए जीवन रेखा बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई उड़ान योजना ने देश में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को नई दिशा दी है, जिससे अब आम नागरिक भी सस्ती दरों पर हवाई यात्रा कर पा रहा है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में उड़ान योजना 2.0 को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत अगले 10 वर्षों में 29 हजार करोड़ रुपये की लागत से 100 नए हवाई अड्डे और 200 हेलीपैड विकसित किए जाएंगे। इसका विशेष लाभ टियर-2 और टियर-3 शहरों के साथ ही दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों को मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में उड़ान योजना के तहत 26 हवाई मार्गों का संचालन हो रहा है। इसके अलावा वर्ष 2023 में शुरू की गई “उत्तराखंड एयर कनेक्टिविटी योजना” के तहत 6 मार्गों पर नियमित उड़ानें संचालित की जा रही हैं। पिछले चार वर्षों में राज्य में हेलिपोर्ट्स की संख्या 2 से बढ़कर 12 और हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 हो गई है।

उन्होंने कहा कि इस नई सेवा से पिथौरागढ़ की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी। साथ ही पिथौरागढ़ और मुनस्यारी के बीच भी हेली सेवा शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिथौरागढ़ हवाई अड्डे के विकास पर 450 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं, नैनी सैनी हवाई अड्डे के अधिग्रहण के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और राज्य सरकार के बीच एमओयू भी किया गया है, जिससे क्षेत्र में हवाई सुविधाएं और बेहतर होंगी। इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने वीडियो संदेश के माध्यम से शुभकामनाएं देते हुए राज्य में हवाई सेवाओं के विस्तार का भरोसा दिलाया।

उत्तराखंड: सिर पर चारधाम यात्रा, यमुनांत्री मार्ग बदहाल, हिमस्खलन से घोड़ापड़ाव, टिनशेड और पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त

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उत्तरकाशी : हाल ही में यमुनोत्री धाम क्षेत्र में हुई भारी बर्फबारी के दौरान आए हिमस्खलन (एवलांच) ने धाम को काफी नुकसान पहुंचाया है। घोड़ापड़ाव सहित मंदिर के आसपास के टिनशेड क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि यमुनोत्री मंदिर को जोड़ने वाला पैदल मार्ग भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भैरो घाटी में पैदल मार्ग पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो गया है और जगह-जगह विशाल पेड़ टूटकर मार्ग पर गिर गए हैं, जिससे वहां अव्यवस्था का माहौल है।

यमुनोत्री मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष प्रदीप उनियाल और सहसचिव गौरव उनियाल ने हाल ही में धाम का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बर्फबारी के बाद हिमस्खलन से मंदिर के सामने घोड़ापड़ाव और अन्य टिनशेड पूरी तरह ध्वस्त हो गए। कई फीट मोटी बर्फ जमा होने के कारण पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। भैरो घाटी में एवलांच के कारण कई जगहों पर मार्ग बर्फ से पूरी तरह ढक गया है। नौकैची क्षेत्र के आसपास बड़े-बड़े पेड़ टूटकर पैदल मार्ग पर गिर गए हैं।

मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि बर्फबारी रुकने और मौसम साफ होने के बावजूद प्रशासन की ओर से अभी तक कोई जिम्मेदार अधिकारी निरीक्षण करने नहीं पहुंचा है। चारधाम यात्रा शुरू होने में अब मात्र कुछ ही दिन शेष रह गए हैं, लेकिन यमुनोत्री धाम की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पैदल मार्ग पर बर्फ और क्षति के कारण सुरक्षात्मक कार्य करने वाले मजदूर जानकीचट्टी में ही फंसे हुए हैं।

अधिक बर्फ जमा होने से आवश्यक निर्माण सामग्री भी धाम तक नहीं पहुंच पा रही है। ऐसी स्थिति में अगर समय पर कार्य नहीं हुआ तो यात्रा शुरू होने से पहले आनन-फानन में किए गए अधूरे कामों के कारण श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लोनिवि का बयान लोनिवि (लोक निर्माण विभाग) के अधिशासी अभियंता तरुण कांबोज ने बताया कि उन्हें जानकारी दी गई है कि पैदल मार्ग से बर्फ हटा दी गई है। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जाएगा और आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

चारधाम यात्रा की तैयारियों को देखते हुए यमुनोत्री धाम में पैदल मार्ग, घोड़ापड़ाव और अन्य सुविधाओं की मरम्मत व बर्फ हटाने का काम तेजी से करने की मांग उठ रही है। प्रशासन से अपील की जा रही है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी क्षतिग्रस्त हिस्सों को तुरंत सुधारा जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

भयानक सड़क हादसा: प्राइवेट बस की टिपर लॉरी से टक्कर, आग लगने से 14 यात्री जिंदा जले

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आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम जिले के रायवरम के पास गुरुवार तड़के एक दिल दहला देने वाला सड़क दुर्घटना हो गई। हरिकृष्णा ट्रेवल्स की एक प्राइवेट बस ने बजरी लदे टिपर लॉरी से जोरदार टक्कर मार दी, जिसके बाद बस में भयंकर आग लग गई। हादसे में कम से कम 8 से 14 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 18 से 20 अन्य यात्री घायल हुए हैं। मरने वालों में ज्यादातर यात्री बस में फंसकर जिंदा जल गए।

पुलिस के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 6 बजे स्लैब क्वारी (पत्थर की खदान) के पास हुआ। हाई स्पीड से आ रही बस का टकराव विपरीत दिशा से आ रहे टिपर से हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों में तुरंत आग भड़क उठी और प्राइवेट बस पूरी तरह जलकर राख हो गई। कई यात्री बस के अंदर फंस गए, जिन्हें बाहर निकालना मुश्किल हो गया।

मार्कापुरम के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) नागराजू ने बताया कि अब तक 8 से 14 शवों को बाहर निकाला गया है, जबकि लगभग 18 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। कुछ शव अभी भी बस के मलबे में फंसे हो सकते हैं। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पीड़ितों की पहचान का काम जारी है और उनके परिजनों को सूचित किया जा रहा है।

बस तेलंगाना के जगित्याल (या निर्मल) से आंध्र प्रदेश के विनजमूरु/कालिगिरी/पामुरु की ओर जा रही थी। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, जिसमें ओवरस्पीड और अन्य कारक शामिल हो सकते हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को हादसे की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के त्वरित इलाज का भरोसा भी दिया।