Home Blog Page 242

BCCI की सख्ती : सहायक कोच अभिषेक नायर, फील्डिंग कोच टी. दिलीप और ट्रेनर सोहम देसाई की छुट्टी

0

नई दिल्ली। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया से 1-3 की हार और ड्रेसिंग रूम की अंदरूनी बातें लीक होने के बाद BCCI ने सख्त रुख अपनाया है। टीम इंडिया के सहायक कोच अभिषेक नायर को सिर्फ आठ महीने के कार्यकाल के बाद हटा दिया गया है। नायर के साथ-साथ फील्डिंग कोच टी. दिलीप और ट्रेनर सोहम देसाई को भी टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

BCCI के एक सूत्र के अनुसार, ड्रेसिंग रूम से जानकारी लीक होने की शिकायत बीजीटी के बाद हुई समीक्षा बैठक में की गई थी। इसके चलते यह कार्रवाई की गई। दिलीप और नायर की जगह नए कोच नहीं रखे जाएंगे, क्योंकि बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक पहले से टीम के साथ हैं और फील्डिंग का कार्य सहायक कोच रेयान टेन डेस्काटे संभालेंगे।

ट्रेनर सोहम की जगह दक्षिण अफ्रीका के एड्रियन लि रू को लाया गया है। वे वर्तमान में आईपीएल टीम पंजाब किंग्स के साथ जुड़े हुए हैं और इससे पहले कोलकाता नाइटराइडर्स और भारतीय टीम के साथ भी काम कर चुके हैं। बीसीसीआई से उनका करार हो चुका है और आईपीएल के बाद वे भारतीय टीम से जुड़ जाएंगे।

बीसीसीआई पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि जिन सपोर्ट स्टाफ का कार्यकाल तीन वर्षों से अधिक हो चुका है, उन्हें बदला जाएगा। दिलीप और सोहम लंबे समय से टीम के साथ थे, जबकि नायर को हटाया जाना अपेक्षित नहीं था क्योंकि वे सिर्फ आठ महीने पहले जुड़े थे।

जून में इंग्लैंड दौरे के लिए रवाना होने से पहले बीसीसीआई टीम और सपोर्ट स्टाफ में बड़े बदलाव की तैयारी में है। भारतीय टीम का मौजूदा सपोर्ट स्टाफ काफी बड़ा है, जिसमें ट्रेनिंग असिस्टेंट राघवेंद्र, फिजियो कमलेश जैन, मसाजर अरुण कनाडे, टीम ऑपरेशन्स मैनेजर सुमित मल्लापुरकर समेत दर्जनों लोग शामिल हैं।

साथ ही केंद्रीय अनुबंध को लेकर भी बड़े बदलाव के संकेत हैं। पुरुष खिलाड़ियों का नया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट अभी तक घोषित नहीं हुआ है, जबकि महिला टीम का करार पहले ही जारी किया जा चुका है। संभावना है कि आईपीएल के बाद इंग्लैंड दौरे से पहले पुरुष टीम के अनुबंधों की घोषणा की जाएगी और इसमें कुछ बड़े नामों को बाहर किया जा सकता है।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री का किया स्वागत।

0

देहरादून,17 अप्रैल 2925। उत्तराखण्ड पहुंचे केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का आज देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

ईडी के खिलाफ सड़कों पर उतरी कांग्रेस, ED कार्यालय पर किया प्रदर्शन

0

देहरादून : सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर ईडी की चार्जशीट ने कांग्रेस खेमे में उबाल ला दिया। नेशनल हेराल्ड केस में संपत्तियां जब्त होने की खबर के बाद कांग्रेसियों का ग़ुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के सभी जनपदों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त प्रदर्शन किया व गिरफ्तारियां दीं। राजधानी देहरादून में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह व वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन व प्रशासन सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परेड ग्राउंड में एकत्रित हो कर जुलूस निकाला व केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व ईडी के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी करते हुए क्रॉस रोड स्थित ईडी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान ईडी कार्यालय के सामने जब पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह व उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना बैरिकेडिंग को लांघ कर कार्यकर्ताओं के साथ मुख्य द्वार पर पहुंचे तो नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं से पुलिस की झड़प हो गई और जबरदस्त धक्का मुक्की हुई, जिस पर प्रीतम सिंह व धस्माना सड़क पर धरने पे बैठ गए नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी वहां पहुंच कर सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया।

सैकड़ों कार्यकर्ता ईडी कार्यालय पर देर तक नारेबाजी और प्रदर्शन करते रहे और लगभग सवा एक बजे भारी पुलिस बल ने कार्यकर्ताओं को घेर कर गिरफ्तारी शुरू कर दी और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व अध्यक्ष चकराता विधायक प्रीतम सिंह , प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना, महानगर अध्यक्ष डॉक्टर जसविंदर सिंह गोगी, परवादून जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल, मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी समेत दर्जनों पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर पुलिस लाइन पहुंचा दिया जहां से बाद में सभी को मुचलकों पर रिहा कर दिया गया।

प्रदर्शन में मुख्य रूप से पूर्व मंत्री नव प्रभात, पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट,प्रदेश कोषाध्यक्ष ,आयरेन्द शर्मा, एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी, पूर्व विधायक राजकुमार, जयेंद्र रमोला, श्रम प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सिंह कौशल, प्रदेश प्रवक्ता सुजाता पॉल, डॉक्टर प्रतिमा सिंह, गिरिराज किशोर हिंदवाण, महानगर महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला थापा, श्रीमती शिल्पी अरोड़ा, श्रीमती सुशीला शर्मा, अनुराधा तिवारी, अभिनव थापर, सरदार अमरजीत सिंह,संजय किशोर, नगर निगम पार्षद अर्जुन सोनकर, ऐतात खान, जाहिद अंसारी, रॉबिन त्यागी, अभिषेक तिवारी, पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल चंद शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष गौरव सिंह, मोहन काला, प्रमोद गुप्ता, संजय भारती, अनुज दत्त शर्मा, गोपाल गडिया, कमर सिद्दीकी, विनीत प्रसाद भट्ट बंटू, सुमित खन्ना समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।

इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार पूर्वाग्रहों से ग्रसित हो कर गांधी परिवार के खिलाफ ईडी सीबीआई व अन्य जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जिन सोनिया गांधी ने 2004 व 2009 में अवसर व पूर्ण बहुमत होते हुए प्रधानमंत्री का पद अस्वीकार कर दिया, उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का अनर्गल आरोप लगा कर चार्जशीट लगाना हास्यास्पद है।

उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में राहुल गांधी एक मात्र नेता हैं जो बिना डरे आरएसएस व भाजपा की विभाजनकारी नीतियों के खिलाफ खुल कर बोल रहे हैं व संघर्ष कर रहे हैं इसलिए उनको खामोश करने के लिए भाजपा सरकार ये हथकंडे अपना रही है किन्तु ना सोनिया राहुल झुकेंगे ना कांग्रेस कार्यकर्ता डरेंगे।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ने कहा कि अगर मोदी सरकार यह सोचती है कि वो कांग्रेस के नेताओं को जेल लाठी डंडे का भी दिखा कर खामोश कर देगी तो यह उनकी गलत फहमी है क्योंकि उनको याद करना चाहिए कि जब १९७७ में जनता सरकार ने श्रीमती इंदिरा गांधी को डराने धमकाने की कोशिश की थी और उनको जेल भेजा था तो पूरा भारत खड़ा हो गया था और वो जनता पार्टी की सरकार जिसका आजमी भाजपा जन संघ के रूप में हिस्सा थी मात्र ढाई साल में धराशाई हो गई थी। उन्होंने कहा कि अगर मोदी सरकार में साहस है तो वो एक बार फिर कांग्रेस नेताओं का दमन कर के देख ले पूरे भारत की जनता एक बार फिर कांग्रेस को सत्ता में वापस ले कर आ जाएगी।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन व प्रशासन सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि आज जिस प्रकार से उत्तराखंड व पूरे देश में केवल बारह घंटे पहले के आह्वान पर लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्र की मोदी सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतर आया भविष्य में मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ करोड़ों लोग जेल भरने के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि आज राजधानी देहरादून समेत पूरे प्रदेश के सभी जनपदों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ईडी के दुरपयोग किए जाने के व श्रीमती सोनिया गांधी व राहुल गांधी के विरुद्ध ईडी द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के विरोध में जगह जगह प्रदर्शन किए।

न्यायमूर्ति बीआर गवई होंगे भारत के अगले CJI, 14 मई को लेंगे शपथ

0

नई दिल्ली। देश को जल्द ही नया मुख्य न्यायाधीश मिलने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी.आर. गवई भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने वाले हैं। वे 14 मई 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।

वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने औपचारिक रूप से न्यायमूर्ति बी.आर. गवई को अपना उत्तराधिकारी नामित करते हुए उनकी सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी है। यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की परंपरा के अनुसार वरिष्ठता के आधार पर की जाती है।

न्यायमूर्ति गवई का जीवन परिचय

न्यायमूर्ति बी.आर. गवई का जन्म 24 नवंबर 1960 को अमरावती, महाराष्ट्र में हुआ। उन्होंने 16 मार्च 1985 को बार काउंसिल में शामिल होकर वकालत की शुरुआत की थी। उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक लंबे अरसे तक वकालत की और फिर न्यायिक सेवाओं में शामिल हुए।

वह 2019 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त किए गए थे और तब से उन्होंने कई अहम मामलों में निर्णय दिए हैं। न्यायमूर्ति गवई देश के पहले ऐसे दलित समुदाय से आने वाले व्यक्ति हैं जो इस सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंच रहे हैं।

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना का कार्यकाल

वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने नवंबर 2024 में भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाला था। उनका कार्यकाल अल्पकालिक था, और अब वे नियमानुसार सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

न्यायमूर्ति गवई का कार्यकाल मुख्य न्यायाधीश के रूप में 6 महीने से थोड़ा अधिक रहेगा, क्योंकि वे नवंबर 2025 में 65 वर्ष की आयु पूरी कर सेवानिवृत्त होंगे।

इस महत्वपूर्ण नियुक्ति के साथ, देश की न्यायपालिका एक नई दिशा में प्रवेश करने जा रही है और न्यायमूर्ति गवई के नेतृत्व में न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता, न्याय सुलभता और संवेदनशीलता को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।

बड़ी उपलब्धि : सिलक्यारा-पौलगांव टनल आर-पार

0

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को सिलक्यारा सुरंग के निकट नवनिर्मित बाबा बौखनाग मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सुरंग के ब्रेकथ्रू कार्यक्रम में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने परियोजना की प्रगति का जायजा लिया।

गौरतलब है कि वर्ष 2023 में इसी सुरंग निर्माण के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ था, जब 41 श्रमिक 17 दिनों तक सुरंग के भीतर फंसे रह गए थे। इस संकट की घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के अंतर्गत सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। यह अभियान देशभर में एक मिसाल बन गया था।

चारधाम यात्रा के लिए अहम मानी जा रही यह सुरंग ₹853 करोड़ की लागत से बनाई जा रही है। लगभग 4.531 किलोमीटर लंबी यह दो लेन और द्विदिशा वाली सुरंग श्री गंगोत्री और श्री यमुनोत्री धाम के बीच की दूरी को 26 किलोमीटर तक कम कर देगी। इससे न केवल तीर्थ यात्रियों के समय की बचत होगी, बल्कि यात्रा भी अधिक सुगम और सुरक्षित बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन राज्य के लिए आध्यात्मिक और विकास दोनों ही दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह परियोजना प्रदेश की बुनियादी संरचना को और मजबूत करेगी और चारधाम यात्रा को एक नई गति प्रदान करेगी।

वक्फ कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई

0

नई दिल्ली। वक्फ कानून को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया संजीव खन्ना और जस्टिस पीवी संजय कुमार की बेंच दोपहर 2 बजे से इस कानून के पक्ष और विरोध में दायर याचिकाओं पर दलीलें सुनेगी।

 

CJI की अगुवाई वाली पीठ के सामने आज 10 याचिकाएं लिस्ट हैं, लेकिन कुल मिलाकर 70 से अधिक याचिकाएं अब तक दाखिल की जा चुकी हैं—इनमें धार्मिक संस्थाएं, सांसद, राजनीतिक दल और राज्य सरकारें तक शामिल हैं।

 

गौरतलब है कि वक्फ बोर्ड संशोधन बिल को संसद ने 4 अप्रैल को पारित किया था, जिसे 5 अप्रैल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली और फिर 8 अप्रैल को यह कानून लागू कर दिया गया।

 

हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और असम जैसे सात राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर कर इस संशोधन की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखने की मांग की है।

 

जिन 10 याचिकाओं पर आज सुनवाई होगी, वे एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी, आप विधायक अमानतुल्लाह खान, एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख अरशद मदनी, ऑल केरल जमीयतुल उलेमा, अंजुम कादरी, तैय्यब खान सलमानी, मोहम्मद शफी, मोहम्मद फजलुर्रहीम और राजद सांसद मनोज कुमार झा द्वारा दायर की गई हैं।

उत्तराखंड कैबिनेट बैठक समाप्त, इन बड़े फैसलों पर लगी मुहर

0

देहरादून : उत्तराखंड राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को सम्पन्न हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 25 प्रस्ताव पारित किए गए। ये फैसले राज्य के कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन समेत कई अहम क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं।

मुख्य फैसले इस प्रकार हैं

कृषि नीति को नया विस्तार:

कीवी और ड्रैगन फ्रूट की खेती को मिली मंज़ूरी।

सेब तुड़ाई प्रबंधन योजना में ग्रेडिंग के आधार पर नई व्यवस्था।

उत्तराखंड मिलेट्स नीति 2026 को स्वीकृति।

संस्कृत को बढ़ावा:

हर जिले में एक ‘संस्कृत ग्राम’ स्थापित होगा।

शिक्षा क्षेत्र को तोहफा:

कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को मुफ्त नोटबुक भी मिलेंगी, अब केवल किताबें नहीं।

आवास और रोजगार:

आवास विकास परिषद में 19 से बढ़ाकर 30 पद स्वीकृत किए गए।

सूचना प्रौद्योगिकी में एकीकरण:

UCOST और USER का विलय, आईटी विभाग के तहत।

विवाह-तलाक में नया अधिकार:

समान नागरिक संहिता के अंतर्गत सब-रजिस्ट्रार अब विवाह और तलाक दोनों दर्ज कर सकेंगे।

आपदा प्रबंधन को और मज़बूती:

DM की वित्तीय शक्ति 20 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़।

मंडलायुक्त की शक्ति 1 से बढ़ाकर 5 करोड़ तक।

रिस्पना नदी के जोन चिन्हित किए जाएंगे – शिखर फॉल से मोथरवाला तक।

औद्योगिक नीति की अवधि जून तक बढ़ी।

विद्युत लाइनों को भूमिगत करने के बाद ही प्रारम्भ हो नींबूवाला सड़क के चौड़ीकरण का कार्य: गणेश जोशी।

0

देहरादून 15 अप्रैल 2025। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने लोक निर्माण विभाग और यूपीसीएल के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गढ़ी कैंट के नींबूवाला में सड़क चौड़ीकरण का कार्य विद्युत लाइनों को भूमिगत करने के बाद ही प्रारम्भ किया जाए।
बुधवार को देहरादून के न्यू कैंट रोड़ स्थित शासकीय आवास में बैठक के दौरान काबीना मंत्री गणेश जोशी ने यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता को निर्देशित किया गया नींबूवाला में सड़क चौड़ीकरण के कार्य से पहले यूपीसीएल विद्युत तारों को भूमिगत करने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि राजकीय कार्यो को सुनियोजित रुप से करना विभागीय कार्मिकों को अमल मे लानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, अनारवाला मालसी मार्ग, विलासपुर काडली की सड़कों एवं किमाड़ी मुख्य मार्ग के निर्माण सम्बन्धी कार्यो की वस्तुस्थिति जानी।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के ईई जितेन्द्र त्रिपाठी, यूपीसीएल के ईई एसएस बिष्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी में ‘ब्रांड एड प्रेजेंटेशन’ का हुआ आयोजन।

0

देहरादून 15 अप्रैल 2025।डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी में मंगलवार को ‘ब्रांड एड प्रेजेंटेशन’ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न टीमों ने अपने अनोखे ब्रांड्स और सेवाओं का प्रस्तुतीकरण किया। यह कार्यक्रम छात्रों की रचनात्मकता, मार्केटिंग रणनीतियों और उद्यमशीलता कौशल को प्रदर्शित करने का एक बेहतरीन मंच है।

इस आयोजन में त्राक्षा, ग्रेविक्स, शोर शोर, स्टेपली, वोकेशिया, क्विबिड और क्रीवेडा जैसी टीमों ने भाग लिया। सभी टीमों ने अपने-अपने स्टॉल्स पर उपस्थित होकर स्वयं निर्मित प्रोडक्ट्स और सेवाओं को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया।प्रत्येक टीम ने अपनी ब्रांड की सोच, लक्ष्य, मार्केट पोजिशनिंग, और प्रचार-प्रसार रणनीतियों के बारे में विस्तार से बताया। छात्रों ने न केवल अपने इनोवेटिव आइडियाज को प्रस्तुत किया, बल्कि लाइव डेमोंस्ट्रेशन और संवाद के माध्यम से दर्शकों व जजों का ध्यान भी आकर्षित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक अनुभव देना, टीम वर्क को बढ़ावा देना और मार्केट की वास्तविकता से परिचित कराना था।
डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने इस अवसर पर छात्रों की रचनात्मकता की सराहना की और उन्हें भविष्य में भी इसी तरह नवाचार और उद्यमशीलता की दिशा में काम करते रहने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पे डीजीयू के अद्यक्ष श्री मोहित अग्रवाल , उपाध्यक्ष डॉ. अंजुम अग्रवाल , वाईस चांसलर डॉ. संजय जसोला, प्रो. वाईस चांसलरस डॉ. राजीव भारद्वाज व डॉ. मनीष प्रतीक, डायरेक्टर डॉ. सुरेश ईयर, रजिस्ट्रार श्री रोहित रस्तोगी ,मार्केटिंग क्लब से डॉ. नवज्योति सिंह नेगी , डॉ. नेहा चौकसी , डॉ. ईश्विंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे ।

उत्तराखंड की बेटी को अमेरिका में मिली 25 हजार डॉलर की स्कालरशिप, ट्रंप भी रह चुके स्टूडेंट

0
  • अमेरिका में नेशनल ऑनर सोसाइटी ने किया चयन
  • टनकपुर की रहने वाली हैं प्रीतिका खर्कवाल

देहरादून 15 अप्रैल 2025। उत्तराखंड की एक और बेटी ने विदेशी धरती पर भारत का परचम लहराया है। चंपावत जिले के टनकपुर की रहने वाली प्रीतिका खर्कवाल ने अमेरिका की प्रतिष्ठित नेशनल ऑनर सोसाइटी स्कालरशिप जीतने में सफलता हासिल की है। इसके लिए प्रीतिका को 25 हजार डालर की धनराशि स्कालरशिप के लिए दी जाएगी।

नेशनल ऑनर सोसाइटी अमेरिका का एक प्रमुख संगठन है, जो छात्रों को शैक्षणिक व नेतृत्व कौशल में सुधार के लिए प्रोत्साहित करता है। नेशनल ऑनर सोसाइटी ने 2025 के लिए टेक्सास के फ्रिस्को में लेबनान ट्रेल हाईस्कूल की सीनियर छात्रा प्रीतिका खर्कवाल को यह स्कालरशिप देने की घोषणा की है। इस स्कालरशिप के लिए विभिन्न कालेजों के 16 हजार से भी अधिक प्रतिभागियों ने आवेदन किया था।

स्कालरशिप की घोषणा के बाद प्रीतिका ने कहा कि वह नेशनल ऑनर सोसाइटी स्कॉलरशिप नेशनल विजेता बनकर काफी सम्मानित महसूस कर रही हैं। इससे नवाचार के माध्यम से दुनिया में बदलाव लाने के उनके प्रयास को और मजबूती मिलेगी।

प्रीतिका को अमेरिका के प्रतिष्ठित पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में व्हार्टन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस में पढ़ने का भी मौका मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके हैं। प्रीतिका के पिता आशुतोष खर्कवाल अमेरिका में आईटी प्रोफेशनल हैं और वर्तमान में जेपी मार्गन में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं। प्रीतिका की छोटी बहन वर्णिका ने भी पिछले महीने मिडिल स्कूल कैटिगरी में ग्रैंड चैंपियनशिप जीती थी।

प्रीतिका खर्कवाल इससे पहले सबसे कम उम्र की विजेता के तौर पर कॉरपोरेट यूथ लीडरशिप के लिए मेंटरिंग अवार्ड भी जीत चुकी हैं। वह एक मेंटरिंग/मानसिक स्वास्थ्य पॉडकास्ट “टॉक इट आउट विद प्रीतिका खर्कवाल ” की होस्ट हैं और युवा स्व-सहायता पुस्तक इट्स टाइम टू स्टार्ट लुकिंग इन की लेखिका हैं।