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SBI ने घटाई लोन की ब्याज दर, EMI में होगी राहत, आज से लागू

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नई दिल्ली : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए लोन की ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की कटौती की घोषणा की है। यह नई दरें 15 अप्रैल यानी आज से लागू हो जाएंगी। ब्याज दरों में कमी से होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन सहित सभी प्रकार के कर्ज की मासिक किस्त (EMI) कम होगी, जिससे ग्राहकों की हजारों रुपये की बचत होगी।

रेपो रेट में कटौती का असर
हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो रेट में 0.50 फीसदी की कटौती का फैसला लिया गया था। साल 2025 में अब तक रेपो रेट में कुल 0.50 फीसदी की कमी हो चुकी है। इस कटौती का असर बैंकों की लोन ब्याज दरों, फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के फ्लोटिंग और फिक्स्ड रेट पर पड़ रहा है। रेपो रेट में कमी के बाद एसबीआई सहित अन्य बैंक भी अपनी ब्याज दरों को धीरे-धीरे संशोधित कर रहे हैं।

कितना सस्ता होगा लोन?
एसबीआई ने अपने एक्सटर्नल बेंचमार्क बेस्ड लेंडिंग रेट (ईबीएलआर) को 8.90 फीसदी से घटाकर 8.65 फीसदी कर दिया है। साथ ही, रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (आरएलएलआर) को 8.50 फीसदी से कम करके 8.25 फीसदी कर दिया गया है। हालांकि, बैंक ने क्रेडिट रिस्क प्रीमियम (सीआरपी) में कोई बदलाव नहीं किया है, जो ब्याज दर निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ईएमआई में कितनी बचत?
इस कटौती का असर ग्राहकों की जेब पर सकारात्मक रूप से पड़ेगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी ग्राहक ने एसबीआई से 20 साल के लिए 10 लाख रुपये का लोन 8.25 फीसदी की ब्याज दर पर लिया था, तो उसकी मासिक ईएमआई 8,521 रुपये थी। नई ब्याज दर 8 फीसदी लागू होने के बाद अब ईएमआई घटकर 8,364 रुपये हो जाएगी। इस तरह हर महीने 157 रुपये की बचत होगी, जो लंबे समय में हजारों रुपये की राहत देगी।

ग्राहकों के लिए राहत भरा कदम
एसबीआई के इस फैसले से उन लाखों ग्राहकों को फायदा होगा, जो लोन की ऊंची ब्याज दरों और ईएमआई के बोझ से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रेपो रेट में कटौती और बैंकों की ओर से ब्याज दरों में कमी से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, क्योंकि सस्ते लोन से लोग घर, गाड़ी और अन्य जरूरतों के लिए आसानी से कर्ज ले सकेंगे।

बच्चों की तस्करी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, दिया ये कड़ा आदेश

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में बच्चों की तस्करी के मामलों को लेकर यूपी सरकार और इलाहाबाद हाईकोर्ट की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने बाल तस्करी से निपटने में लापरवाही बरतने के लिए दोनों को फटकार लगाई और इस अपराध को रोकने के लिए राज्य सरकारों के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए। कोर्ट ने कहा कि सभी राज्य सरकारें भारतीय संस्थान द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का अध्ययन करें और इसे तत्काल लागू करें।

अदालत ने निर्देश दिया कि बाल तस्करी के मामलों में सभी आरोपियों को आत्मसमर्पण करना होगा और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। साथ ही, आरोप तय होने के एक सप्ताह के भीतर मुकदमे की सुनवाई शुरू होनी चाहिए। कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की जमानत प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए, जिसमें आरोपियों को बिना कड़ी शर्तों के जमानत दी गई, जिसके चलते कई आरोपी फरार हो गए। पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट को कम से कम यह शर्त लगानी चाहिए थी कि आरोपियों को स्थानीय पुलिस स्टेशन में नियमित रूप से हाजिरी देनी पड़े।

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार की निष्क्रियता पर भी नाराजगी जताई और सवाल किया कि सरकार ने इस मामले में कोई अपील क्यों नहीं की। कोर्ट ने कहा कि यूपी सरकार ने इस गंभीर मुद्दे को पूरी तरह से लापरवाही से लिया, जिससे वह बेहद निराश है। बाल तस्करी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाते हुए कोर्ट ने निर्देश दिया कि यदि किसी अस्पताल में नवजात शिशु की चोरी होती है, तो उसका लाइसेंस तुरंत निलंबित किया जाए। पीठ ने चेतावनी दी कि ऐसी किसी भी लापरवाही को अदालत की अवमानना माना जाएगा।

कोर्ट ने देशभर के हाईकोर्ट्स को बाल तस्करी से जुड़े लंबित मामलों की स्थिति का जायजा लेने और छह महीने के भीतर मुकदमों को पूरा करने का आदेश दिया। इन मामलों की दिन-प्रतिदिन सुनवाई सुनिश्चित करने को भी कहा गया। यह आदेश एक ऐसे मामले की सुनवाई के दौरान आया, जिसमें उत्तर प्रदेश के एक दंपत्ति ने चार लाख रुपये में तस्करी के जरिए लाया गया बच्चा खरीदा था। दंपत्ति को बेटा चाहिए था और वे बच्चे की अवैध उत्पत्ति से अवगत थे। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने जमानत आवेदनों पर संवेदनहीनता दिखाई, जिसके चलते आरोपी फरार हो गए। पीठ ने चेतावनी दी कि ऐसे अपराधी समाज के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को समाज के लिए एक बड़ी चुनौती करार देते हुए सभी राज्य सरकारों से बाल तस्करी के खिलाफ ठोस और त्वरित कार्रवाई करने की अपील की। कोर्ट के इन निर्देशों से उम्मीद जताई जा रही है कि बाल तस्करी जैसे जघन्य अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

भारत के 74 शहर दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल, बढ़ा ब्रेन स्ट्रोक का खतरा

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नई दिल्ली :  हाल ही में प्रदूषण पर किए गए एक वैश्विक शोध ने चिंताजनक खुलासा किया है। दुनिया के 100 सबसे प्रदूषित शहरों में से 74 अकेले भारत में हैं। इन शहरों में वायु और ध्वनि प्रदूषण के कारण ब्रेन स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। स्वीडन के करोलिंस्का इंस्टीट्यूट के पर्यावरण चिकित्सा संस्थान द्वारा प्रकाशित इस शोध को जर्नल ‘एनवॉयरनमेंट इंटरनेशनल’ में छापा गया है।

वायु और ध्वनि प्रदूषण से 9% तक बढ़ता है स्ट्रोक का जोखिम
शोध के अनुसार, हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (पीएम 2.5) और ट्रैफिक का शोर मिलकर स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालते हैं। पीएम 2.5 की मात्रा में प्रति घन मीटर 5 माइक्रोग्राम की वृद्धि से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा 9 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। वहीं, ट्रैफिक के शोर में 11 डेसिबल की बढ़ोतरी से यह जोखिम 6 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। जब दोनों कारक एक साथ मौजूद हों, तो खतरा और भी गंभीर हो जाता है। शांत इलाकों (40 डेसिबल) में स्ट्रोक का खतरा 6 प्रतिशत बढ़ता है, जबकि अधिक शोर वाले क्षेत्रों (80 डेसिबल) में यह 11 प्रतिशत तक पहुंच जाता है।

यूरोपीय संघ और WHO के दिशा-निर्देशों पर आधारित शोध
यह अध्ययन यूरोपीय संघ और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशा-निर्देशों पर आधारित है। इसमें डेनमार्क, स्वीडन और फिनलैंड के लगभग 1.37 लाख वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया गया। नतीजों से पता चला कि वायु और ध्वनि प्रदूषण का संयुक्त प्रभाव ब्रेन स्ट्रोक के मामलों को बढ़ा रहा है। भारत जैसे देशों में, जहां दोनों ही समस्याएं गंभीर हैं, यह शोध एक बड़ी चेतावनी है।

भारत के लिए खतरे की घंटी
भारत में वायु प्रदूषण के साथ-साथ ट्रैफिक का शोर भी एक बड़ी चुनौती है। शोध में पाया गया कि कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे महानगरों में स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, भले ही इन शहरों की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियां अन्य शहरों की तुलना में बेहतर हैं। दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना हुआ है। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्वास्थ्य संकट और गहरा सकता है।

प्रदूषण का दिमाग पर असर
जर्नल ‘नेचर कम्युनिकेशन्स’ में प्रकाशित एक अन्य शोध के अनुसार, प्रदूषित हवा में थोड़े समय तक सांस लेने से भी सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है। इससे भावनाओं को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन रहा है।

सरकार से ठोस कदमों की मांग
शोध में सुझाव दिया गया है कि सरकार को वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तत्काल नीतियां लागू करनी चाहिए। विशेषज्ञों ने वाहनों के उत्सर्जन को कम करने, हरित क्षेत्रों को बढ़ाने और शहरी यातायात प्रबंधन को बेहतर करने की सलाह दी है। भारत के लिए यह शोध न केवल एक चेतावनी है, बल्कि नीति-निर्माताओं के लिए एक अवसर भी है कि वे प्रदूषण से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।

कांग्रेस के पूर्व मंत्री से घर ED की छापेमारी, बोले- सत्ता में आएंगे तो BJP के खिलाफ यही करेंगे

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जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के आवास पर छापेमारी की। इस कार्रवाई पर प्रताप सिंह ने कहा कि वह ईडी के साथ पूरा सहयोग करेंगे, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को ईडी का राजनीतिक दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।

प्रताप सिंह खाचरियावास ने मीडिया से बातचीत में कहा, “आज ईडी की टीम मेरे आवास पर तलाशी और छापेमारी के लिए आई है। वे अपना काम कर सकते हैं, और मैं उनके साथ पूरा सहयोग करूंगा। ईडी अपना काम कर रही है, और मैं अपना काम करूंगा। लेकिन मेरा मानना है कि बीजेपी को ईडी का इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं करना चाहिए। मुझे ईडी की ओर से कोई पूर्व नोटिस नहीं दिया गया। उन्होंने सीधे यहां छापेमारी शुरू कर दी।”

खाचरियावास ने जोर देकर कहा, “प्रताप सिंह खाचरियावास किसी से डरता नहीं है। मैंने हमेशा जनता के लिए काम किया है और आगे भी करता रहूंगा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।

ईडी की इस छापेमारी का सटीक कारण अभी सामने नहीं आया है। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई किसी वित्तीय अनियमितता या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में हो सकती है। हालांकि, ईडी ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। खाचरियावास के आवास पर सुबह से ही जांच एजेंसी की टीमें मौजूद हैं और दस्तावेजों की तलाशी ले रही हैं।

खाचरियावास के आवास पर ईडी की छापेमारी ने राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। कांग्रेस नेताओं ने इसे बीजेपी की ‘बदले की राजनीति’ करार दिया है, जबकि बीजेपी ने इस कार्रवाई को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। खाचरियावास राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में से एक हैं और गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।

लोकबंधु अस्पताल में भीषण आग, 250 से अधिक मरीज सुरक्षित निकाले गए

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लखनऊ : राजधानी लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में सोमवार रात करीब 9:30 बजे भीषण आग लग गई, जिसने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की शुरुआत दूसरी मंजिल से हुई, जहां आईसीयू और फीमेल मेडिसिन वार्ड सबसे पहले प्रभावित हुए। उस समय आईसीयू में लगभग 25 और फीमेल मेडिसिन वार्ड में करीब 30 मरीज भर्ती थे। आग ने तेजी से विकराल रूप लिया, जिससे अस्पताल में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।

रेस्क्यू में जान की बाजी
आग की सूचना मिलते ही डॉक्टरों, नर्सों, अस्पताल कर्मियों और तीमारदारों ने मरीजों को निकालने में पूरी ताकत झोंक दी। सबसे पहले आईसीयू और फीमेल वार्ड के मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद अन्य वार्डों से करीब 250 से अधिक मरीजों को बचाया गया। फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन मुख्य गेट पर संकरा रास्ता होने के कारण उनकी गाड़ियां अंदर नहीं घुस सकीं। एक घंटे की मशक्कत के बाद छोटी गाड़ियों को दूसरे गेट से प्रवेश दिया गया, तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी।

धुआं और अंधेरा बना चुनौती
आग की लपटों के साथ घना धुआं पूरे अस्पताल में फैल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बिजली आपूर्ति काट दी गई, जिससे अंधेरा छा गया। अंधेरे और धुएं के बीच मरीजों को निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। स्थानीय पुलिस ने टॉर्च और मोबाइल फोन की रोशनी का सहारा लेकर फंसे मरीजों को बाहर निकाला। कई तीमारदार अपने परिजनों को बचाने की गुहार लगाते रहे।

फायर ब्रिगेड कर्मी लापता, मरीजों की तलाश जारी
आग बुझाने गए दमकल कर्मी दिलशाद के लापता होने की खबर ने चिंता बढ़ा दी। काफी देर तक उनका पता नहीं चला, जिसके बाद अतिरिक्त दमकल कर्मियों को सुरक्षा उपकरणों के साथ अस्पताल भेजा गया। इस बीच, कुछ तीमारदारों ने अपने परिजनों के लापता होने की शिकायत दर्ज की। रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन देर रात तक जारी रहा।

उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री सक्रिय
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और जिलाधिकारी से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि सभी मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और अभी तक किसी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का तुरंत संज्ञान लिया और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। राहत और बचाव कार्य के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की टीम को तैनात किया गया।

मरीजों को अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया
आग के बाद निकाले गए मरीजों को लखनऊ के सिविल अस्पताल, बलरामपुर अस्पताल, केजीएमयू, लोहिया अस्पताल और अन्य चिकित्सा केंद्रों में स्थानांतरित किया गया। स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि गंभीर मरीजों को विशेष देखभाल दी जा रही है।

आग का कारण अज्ञात, जांच शुरू
प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। अस्पताल में आग बुझाने और धुआं हटाने का काम देर रात तक चलता रहा।

रॉबर्ट वाड्रा को ED का फिर समन, लैंड डील मामले में आज होगी पूछताछ

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नई दिल्ली : कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति और व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर समन जारी किया है। लैंड डील से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत यह समन भेजा गया है। ईडी ने वाड्रा को 15 अप्रैल (आज) को पूछताछ के लिए हाजिर होने का निर्देश दिया है।

इससे पहले, 8 अप्रैल को भी ईडी ने वाड्रा को तलब किया था, लेकिन वह जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। सूत्रों के मुताबिक, ईडी अब इस मामले में गहन जांच कर रही है और वाड्रा से कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मांगे जा सकते हैं।

क्या है मामला?
रॉबर्ट वाड्रा पर आरोप है कि उन्होंने हरियाणा और राजस्थान में कुछ लैंड डील्स में अनियमितताएं कीं, जिनके जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की गई। ईडी इस मामले में वाड्रा की कंपनियों और उनके कारोबारी लेनदेन की जांच कर रही है। यह मामला लंबे समय से सुर्खियों में रहा है और इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज है।

ईडी के सूत्रों ने बताया कि वाड्रा को आज नई दिल्ली स्थित एजेंसी के कार्यालय में पेश होने को कहा गया है। जांच एजेंसी इस बात की तहकीकात करेगी कि लैंड डील्स में कथित तौर पर हुए वित्तीय लेनदेन में कोई गड़बड़ी तो नहीं थी। वाड्रा के खिलाफ यह जांच ऐसे समय में हो रही है, जब लोकसभा चुनाव नजदीक हैं, जिससे इस मामले ने और अधिक ध्यान खींचा है। रॉबर्ट वाड्रा ने पहले इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि यह उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। हालांकि, अभी तक इस ताजा समन पर उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

कांग्रेस की महिला विधायक ने भाजपा नेता को पीटा

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जयपुर : बौंली में रविवार रात भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई। मामला था डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास लगी पट्टिका को बदलने का, लेकिन बात सिर्फ नामों की नहीं थी, बात थी राजनीतिक पहचान की, और शायद वर्चस्व की भी। कांग्रेस विधायक इंदिरा मीना पर आरोप है कि उन्होंने भाजपा मंडल अध्यक्ष हनुमान दीक्षित के साथ हाथापाई की, कॉलर पकड़ा, शर्ट तक फाड़ दी। इस दौरान कथित रूप से विधायक ने तंज कसा कि “भाजपा में हो तो क्या गुंडागर्दी करोगे?”

दो साल पहले इस जगह डॉ. आंबेडकर की मूर्ति का अनावरण हुआ था। अब यहां PWD एक ट्रैफिक चौराहा बना रहा है। इस नए प्रोजेक्ट की आधारशिला कांग्रेस विधायक इंदिरा मीना ने रखी थी। पुरानी पट्टिका पर उनका और अशोक गहलोत का नाम था। रविवार की रात वह पट्टिका हटा दी गई। खबर है कि उसकी जगह नई पट्टिका लगाई जा रही थी, जिसमें इंदिरा मीना और नगरपालिका अध्यक्ष कमलेश देवी जोशी के नाम शामिल थे। भाजपा मंडल अध्यक्ष हनुमान दीक्षित और प्रधान कृष्ण पोसवाल ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया और नई पट्टिका को हटवा दिया।

जैसे ही विधायक मीना को सूचना मिली, वे आधी रात को मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने देखा कि नई पट्टिका हटाई जा रही है, तो मामला गरम हो गया। बहस शुरू हुई, और जब दीक्षित अपनी गाड़ी में बैठकर निकलने लगे तो मीना गाड़ी के फुटरेस्ट पर चढ़ गईं और वहीं से शुरू हुआ असली टकराव। आरोप है कि इसके बाद दोनों के बीच हाथापाई हुई। करीब दो घंटे तक पूरे इलाके में हंगामा मचा रहा। फिर मौके पर पहुंचे SDM चंद्र प्रकाश वर्मा, एएसपी नीलकमल और SHO राधारमण गुप्ता ने दोनों पक्षों को शांत कराया। फिलहाल दोनों पट्टिकाएं पुलिस की निगरानी में सुरक्षित रखवा दी गई हैं।

उत्तरकाशी में हादसा : यमुनोत्री हाईवे पर पिकअप वाहन नदी में गिरा, तीन की मौत

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उत्तरकाशी ज़िले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। सोमवार सुबह यमुनोत्री हाईवे पर चामी बर्नीगाड के पास एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरते हुए यमुना नदी में जा समाया। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि HP-17 G-0319 नंबर की यह पिकअप वैन विकासनगर से परचून का सामान लेकर पुरोला-मोरी की ओर जा रही थी। जैसे ही वाहन चामी बर्नीगाड के पास पहुंचा, ड्राइवर का संतुलन बिगड़ गया और वाहन खतरनाक ढलान से लुढ़कते हुए सीधे यमुना नदी में गिर गया।

हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और 108 एंबुलेंस की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद नदी से तीनों शवों को बाहर निकाला।

मृतकों की पहचान नौशाद, प्रवीण जैन और अजय शाह के रूप में हुई है। तीनों मृतक देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र के जीवनगढ़ थाना इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

मुंबई से बड़ी खबर : सलमान खान को फिर मिली धमकी, व्हाट्सएप नंबर पर भेजी गई

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मुंबई : बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिली है। इस बार धमकी वर्ली में परिवहन विभाग के व्हाट्सएप नंबर पर भेजी गई। धमकी में साफ कहा गया कि सलमान को उनके घर में घुसकर मारा जाएगा और उनकी कार को बम से उड़ा दिया जाएगा।

पुलिस हरकत में आ गई है। वर्ली पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मुंबई पुलिस ने एएनआई के हवाले से इसकी पुष्टि की है। फिलहाल जांच जारी है।

ये कोई पहली बार नहीं है। पिछले कुछ सालों में सलमान खान को कई बार धमकियाँ मिल चुकी हैं। 8 नवंबर 2024 को भी ट्रैफिक कंट्रोल रूम में एक कॉल आई थी, जिसमें सलमान को जान से मारने की बात कही गई थी। तब भी मामला वर्ली पुलिस में दर्ज हुआ था।

ताज़ा धमकी में एक गाने का भी जिक्र है, जिसमें सलमान और लॉरेंस बिश्नोई दोनों का नाम है। संदेश में चेतावनी दी गई है कि गाना लिखने वाले को एक महीने के भीतर गंभीर अंजाम भुगतना होगा।

बीते साल 14 अप्रैल को सलमान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर दो अज्ञात बाइक सवारों ने तड़के सुबह फायरिंग की थी। पांच राउंड गोली चली थी, जिसमें एक गोली उनके घर की दीवार से टकराई और दूसरी अंदर तक पहुंच गई थी। हमलावर मौके पर बाइक छोड़कर फरार हो गए थे।

जांच के दौरान एक फेसबुक पोस्ट सामने आया था, जिसमें गोलीबारी की जिम्मेदारी ली गई थी। पुलिस का दावा है कि ये पोस्ट लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई ने जेल से डलवाया था।

उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2025: द्वितीय और तृतीय केदार के कपाट खुलने की तिथियां घोषित

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रुद्रप्रयाग: बैशाखी के अवसर पर पंचकेदारों में प्रमुख द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी के कपाट बुधवार, 21 मई को कर्क लग्न में पूर्वाह्न 11:30 बजे विधि-विधान से श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोले जाएंगे। वहीं तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट शुक्रवार, 2 मई को मिथुन लग्न में पूर्वाह्न 10:15 बजे शुभ मुहूर्त में खुलेंगे।

यह घोषणा श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ एवं श्री मर्करेटेश्वर मंदिर, मक्कूमठ में आयोजित पारंपरिक धार्मिक विधियों के अनुसार की गई, जिसमें राज्यमंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु व पंचगोंडारी समिति के सदस्य मौजूद रहे।

श्री मद्महेश्वर जी की डोली

18 मई: श्री ओंकारेश्वर मंदिर परिसर, उखीमठ में विराजमान

19 मई: प्रथम पड़ाव – राकेश्वरी मंदिर, रांसी

20 मई: द्वितीय पड़ाव – गौंडार

21 मई: श्री मद्महेश्वर मंदिर आगमन व कपाट उद्घाटन

श्री तुंगनाथ जी की डोली

30 अप्रैल: मक्कूमठ से भूतनाथ मंदिर आगमन

1 मई: चोपता प्रवास

2 मई: प्रातः चोपता से श्री तुंगनाथ मंदिर आगमन, पूर्वाह्न 10:15 पर कपाट उद्घाटन.

कपाट खुलने की तिथियों की घोषणा के साथ ही बीकेटीसी द्वारा यात्रा समीक्षा बैठक रावल निवास सभागार, उखीमठ में आयोजित की गई, जिसमें मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने अधिकारियों-कर्मचारियों से कहा कि इस बार अधिक संख्या में श्रद्धालुओं की संभावना है, अतः व्यवस्थाओं को युद्ध स्तर पर पूर्ण किया जाए।

धार्मिक समारोहों में रही श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति:
श्री मद्महेश्वर की तिथि घोषित होने पर उखीमठ में पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ पुष्प रथ में भगवान श्री मद्महेश्वर जी की परिक्रमा हुई, देर शाम तक श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिया। वहीं मक्कूमठ में श्री तुंगनाथ की तिथि घोषित करने के धार्मिक समारोह में मठापति रामप्रसाद मैठाणी, पूर्व अधिकारी भूपेंद्र मैठाणी, ग्राम प्रधान, पुजारी, मंदिर समिति सदस्य और बड़ी संख्या में हकहकूकधारी व श्रद्धालु उपस्थित रहे।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यात्रा को लेकर प्रशासन और मंदिर समिति सतर्क है और हर जरूरी इंतज़ाम किए जा रहे हैं।