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भगोड़ा मेहुल चोकसी बेल्जियम में गिरफ्तार, भारत लाने की तैयारी तेज

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नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को आखिरकार बेल्जियम में गिरफ्तार कर लिया गया है। भारत से करीब 7033 किलोमीटर दूर, पश्चिम यूरोप के एंटवर्प शहर में छिपा बैठा था यह 65 वर्षीय भगोड़ा, जो अब भारतीय एजेंसियों की पकड़ में है। CBI सूत्रों के अनुसार, बेल्जियम पुलिस ने 12 अप्रैल को उसे हिरासत में लिया।

चोकसी अपनी पत्नी प्रीति चोकसी के साथ बेल्जियम के एंटवर्प में निवास कार्ड के ज़रिए रह रहा था। ईडी और सीबीआई को इस बात की पक्की जानकारी मिली थी कि वह बेल्जियम में है, जिसके बाद दोनों एजेंसियों ने वहां की पुलिस के साथ संपर्क साधा और पुख़्ता सबूत साझा किए।

जनवरी 2018 में, PNB से 13,850 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आने से पहले ही मेहुल चोकसी और उसका भतीजा नीरव मोदी भारत से भाग गए थे। नीरव मोदी अभी ब्रिटेन की जेल में बंद है, जबकि चोकसी कई देशों में भटकता रहा — एंटीगुआ, डोमिनिका… और अब बेल्जियम में पकड़ा गया।

चोकसी की गिरफ्तारी के लिए भारत ने 2018 और 2021 में जारी दो ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट बेल्जियम को भेजे थे। इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस पहले ही हट चुका था, इसलिए अब भारत प्रत्यर्पण प्रक्रिया के जरिए उसे वापस लाने की कोशिश में जुटा है।

सूत्रों की मानें तो भारत सरकार चोकसी को जल्द से जल्द स्वदेश लाना चाहती है। हालांकि, बेल्जियम की अदालतों में कानूनी प्रक्रिया और अपीलें इस पर अड़चन डाल सकती हैं। बताया जा रहा है कि चोकसी खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर जमानत की मांग कर सकता है।

बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से ठीक पहले वह स्विट्जरलैंड भागने की योजना बना रहा था, मगर समय रहते बेल्जियम पुलिस ने उसे धर दबोचा। अब दोनों देशों की एजेंसियां मिलकर प्रत्यर्पण की कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने में लगी हुई हैं।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बैसाखी के पावन अवसर डाकरा गुरुद्वारे में टेका मत्था, संगत से लिया आशीर्वाद।

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देहरादून, 13 अप्रैल 2025। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज बैसाखी के अवसर पर गढ़ी कैंट स्थित डाकरा गुरुद्वारे में पहुंचकर मत्था टेका और गुरुबाणी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने संगत से आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि के लिए कामना की और प्रदेश वासियों को बैसाखी की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर गुरुद्वारे के प्रधान दलीप सिंह, महासचिव गुरमीत सिंह, देवेंद्र सिंह, रतन खजांची, गुरदीप सिंह, राजेंद्र कौर सोंधी,देवेंद्र पाल सिंह, मनोज छेत्री, ज्योति कोटिया आदि उपस्थित रहे।

श्री बदरीनाथ धाम तेलकलश यात्रा 22 अप्रैल से।

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श्री बदरीनाथ धाम यात्रा कपाटोत्सव कार्यक्रम
2025

• गाडू घड़ा तेलकलश यात्रा 22 अप्रैल को राजदरबार नरेंद्र नगर से शुरू होगी।

• आदिगुरु शंकराचार्य गद्दी, श्री उद्धव जी, श्री कुबेर जी, रावल जी के साथ तेलकलश यात्रा विभिन्न पड़ावों के बाद 3 मई को पहुंचेगी श्री बदरीनाथ धाम।

•रविवार 4 मई को प्रात:खुलेंगे श्री बदरीनाथ धाम के कपाट।

‌ऋषिकेश/ देहरादून/ गोपेश्वर: 13 अप्रैल ।श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर भगवान बदरीविशाल के अभिषेक हेतु प्रयुक्त होनेवाले तिलों के तेल कलश गाडू घड़ा यात्रा का शुभारंभ बुधवार 22 अप्रैल राजदरबार नरेंद्र नगर से होगा तथा इसी दिन शाम को तेलकलश यात्रा
श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति के रेल्वे रोड ऋषिकेश चेला चेतराम धर्मशाला/ विश्राम गृह पहुंचेगी।

श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी तथा सदस्य 21 अप्रैल शाम को डिम्मर से ऋषिकेश मंदिर समिति धर्मशाला /विश्राम गृह पहुंच जायेंगे तथा ऋषिकेश से मंगलवार 22 अप्रैल सुबह को राजदरबार नरेंद्र नगर पहुंचेगे जहां सांसद/रानी माला राज्य लक्ष्मी शाह सहित सुहागिन महिलाएं पीत वस्त्र धारण कर परंपरागत रूप से ओखली में तिलों को कूटकर हाथों से तेल पिरोकर चांदी के घड़े में रखेंगे इसी दिन सायंकाल को राजा मनुजयेंद्र शाह तेल कलश को श्री बदरीनाथ धाम के लिए रवाना करेंगे।

इस अवसर पर राजपुरोहित कृष्ण प्रसाद उनियाल,श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, उपाध्यक्ष भास्कर डिमरी, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, मुख्य वित्त अधिकारी आनंद सिंह,ओएसडी रमेश सिंह रावत अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी, सहायक अभियंता विपिन तिवारी, निजी सचिव प्रमोद नौटियाल,राजदरबार के ओएसडी‍,राजपाल जड़धारी,महामंत्री भगवती प्रसाद डिमरी, गुलशन तलवार, प्रेमकिशोर नौटियाल, पूर्व अध्यक्ष विनोद डिमरी, सुरेश डिमरी, दिनेश डिमरी,राजेंद्र डिमरी,विपुल डिमरी,,सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद रहेंगे।

बुधवार 23 अप्रैल प्रात: से ही श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति की चेला चेतराम धर्मशाला रेल्वे रोड ऋषिकेश में तेलकलश गाडू घडा,की पूजा-अर्चना होगी तथा दिन तक श्रद्धालु दर्शन करेंगे एवं प्रसाद ग्रहण करेंगे।
23 अप्रैल अपराह्न को गाडूघड़ा मुनिकीरेती प्रवास हेतु प्रस्थान होगा।
तेलकलश 24 अप्रैल को प्रात: मुनिकीरेती से श्रीनगर ( गढ़वाल ) प्रवास हेतु पहुंचेगा 25 अप्रैल को तेलकलश श्रीनगर श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर डिम्मर गांव प्रस्थान करेगा इसके पश्चात 29 अप्रैल तक तेलकलश श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर में प्रवास करेगा। 30 अप्रैल को तेलकलश यात्रा गरूड़ गंगा पाखी पहुंचेगी‌ 1 मई को तेलकलश यात्रा गरूड़ मंदिर पाखी से पूजा-अर्चना पश्चात श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ पहुंचेगी मंदिर में पूजा-अर्चना भोग के बाद 2 मई को गाडू घड़ा,एवं आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी श्री रावल अमरनाथ नंबूदरी जी श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ से योगबदरी पांडुकेश्वर प्रवास हेतु प्रस्थान करेगे।
‌3 मई शाम को सभी देव डोलियां पांडुकेश्वर से श्री उद्धव जी श्री कुबेर जी, गाडू घड़ा, आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी एवं रावल, जी, बीकेटीसी अधिकारी कर्मचारी, डिमरी केंद्रीय पंचायत पदाधिकारी श्री बदरीनाथ धाम को पहुंचेगे।

रविवार 4 मई प्रात: 6 बजे विधिवत श्री बदरीनाथ धाम के कपाट दर्शनार्थ खुलेंगे इसीके साथ श्री बदरीनाथ धाम यात्रा का शुभारंभ हो जायेगा।
वहीं श्री केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार 2 मई को खुलेंगे तथा 27 अप्रैल रविवार को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भैरवनाथ जी की पूजा होगी।
सोमवार 28 अप्रैल को बाबा केदारनाथ की पंचमुखी मूर्ति श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी। विभिन्न पड़ावों से होकर बृहस्पतिवार 1 मई शायंकाल को श्री केदारनाथ धाम पहुंच जायेगी।

श्री बदरीनाथ धाम कपाटोत्सव 2025 : 4 मई को खुलेंगे कपाट, 22 अप्रैल से शुरू होगी गाडू घड़ा यात्रा

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ऋषिकेश/देहरादून : धार्मिक आस्था और परंपराओं की जीवंत मिसाल, श्री बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 4 मई रविवार की प्रातः 6 बजे श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु विधिवत रूप से खोले जाएंगे। इस शुभ अवसर से पहले भगवान बदरीविशाल के अभिषेक में प्रयुक्त होने वाले तिलों के तेल से भरे चांदी के कलशों की परंपरागत गाडू घड़ा यात्रा 22 अप्रैल को राजदरबार नरेंद्र नगर से आरंभ होगी।

तेलकलश यात्रा की पूरी जानकारी 

21 अप्रैल को श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी व सदस्य डिम्मर गांव से ऋषिकेश पहुंचेंगे।

22 अप्रैल की सुबह ये सभी राजदरबार नरेंद्र नगर पहुंचेंगे, जहां सांसद रानी माला राज्यलक्ष्मी शाह सहित सुहागिन महिलाएं पीत वस्त्र धारण कर ओखली में तिल कूटकर हाथों से तेल निकालेंगी और उसे चांदी के घड़े में भरेंगी। इसी दिन राजा मनुजयेंद्र शाह इस तेलकलश यात्रा को श्री बदरीनाथ धाम के लिए रवाना करेंगे।

शाम को यात्रा श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के रेलवे रोड स्थित चेला चेतराम धर्मशाला, ऋषिकेश पहुंचेगी।

23 अप्रैल को यहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद यात्रा मुनिकीरेती के लिए रवाना होगी।

24 अप्रैल को यह श्रीनगर (गढ़वाल) पहुंचेगी और 25 से 29 अप्रैल तक डिम्मर गांव स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में प्रवास करेगी।

30 अप्रैल को यह यात्रा गरुड़ गंगा, पाखी पहुंचेगी।

1 मई को श्री नृसिंह मंदिर, जोशीमठ में विशेष पूजा-अर्चना और भोग लगेगा।

2 मई को गाडू घड़ा, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी व श्री रावल अमरनाथ नंबूदरी जी श्री नृसिंह मंदिर से योगबदरी, पांडुकेश्वर के लिए प्रस्थान करेंगे।

3 मई की शाम को सभी देव डोलियां – श्री उद्धव जी, श्री कुबेर जी, गाडू घड़ा, आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी व श्री रावल जी – श्री बदरीनाथ धाम पहुंचेंगी।

27 अप्रैल को श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ में भैरवनाथ जी की पूजा होगी। 28 अप्रैल को बाबा केदारनाथ की पंचमुखी मूर्ति उखीमठ से यात्रा पर निकलेगी और विभिन्न पड़ावों से होते हुए 1 मई की संध्या केदारनाथ धाम पहुंचेगी। 2 मई शुक्रवार को केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर समिति के अधिकारी, डिमरी पंचायत के सदस्यगण, स्थानीय प्रशासनिक अमला, रावलजी, और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे। इस आयोजन में आस्थावानों की भावनाओं, परंपराओं की गरिमा और उत्तराखंड की देवभूमि संस्कृति का शानदार समागम देखने को मिलेगा।

वक्फ संशोधन अधिनियम पर बंगाल में उबाल: अब तक 150 गिरफ्तार, मुर्शिदाबाद में हालात तनावपूर्ण

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पश्चिम बंगाल में वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ जारी विरोध-प्रदर्शन पूरी तरह थमा नहीं है। हालात अभी भी संवेदनशील हैं। रविवार को मुर्शिदाबाद ज़िले से पुलिस ने 12 और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिसके बाद अब तक कुल गिरफ्तार लोगों की संख्या 150 तक पहुँच गई है। बीते दिनों भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत के बाद पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

मुर्शिदाबाद पुलिस के मुताबिक, बीते कुछ घंटों में किसी नई हिंसा की सूचना नहीं मिली है। हालांकि तनाव की स्थिति को देखते हुए ज़िले भर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सुरक्षाबलों की चप्पे-चप्पे पर तैनाती की गई है और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

दिल दहला देने वाला हादसा: खाटू जा रहे परिवार की कार ट्रेलर से भिड़ी, पांच की मौके पर मौत

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जयपुर: जैपुर जिले के जमवारामगढ़ क्षेत्र में आज सुबह करीब 8 बजे एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। मनोहरपुर-दौसा नेशनल हाईवे पर नेकावाला टोल प्लाजा के पास एक कार और ट्रेलर की आमने-सामने की टक्कर में एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में दो पुरुष, दो महिलाएं और एक मासूम बच्चा शामिल है।

लखनऊ से आया यह परिवार खाटूश्यामजी के दर्शन को निकला था। दौसा की ओर से आ रही कार जैसे ही नेकावाला टोल के पास पहुंची, सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर से उसकी आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर भी सड़क से नीचे उतरकर पलट गया और कार के परखच्चे उड़ गए। अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया—कांच, लोहा, और जिंदगी… सब चटख गए।

हादसे के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों और पुलिस ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रायसर थाना प्रभारी रघुवीर सिंह के मुताबिक, शवों को कार से निकालने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल करना पड़ा। मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हादसा ओवरटेक करने की कोशिश में हुआ। इस हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने क्लियर कराया।

वोल्वो बस पहाड़ी है टकराने के बाद सड़क पर पलटी, 30 यात्री घायल, दो गंभीर

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रविवार तड़के करीब 4 बजे, चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर मंडी-पंडोह के बीच चार मील के पास एक बड़ा हादसा हुआ। दिल्ली से कसोल जा रही एक वोल्वो बस तेज रफ्तार में नियंत्रण खो बैठी और पहाड़ी से टकराकर सड़क पर पलट गई।

हादसे के वक्त बस में लगभग 38 यात्री सवार थे, जिनमें से करीब 30 लोग घायल हुए हैं। छह घायलों को गंभीर हालत में ज़ोनल अस्पताल मंडी में भर्ती कराया गया है, वहीं दो को नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। शेष यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं।

शुरुआती जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार बताई जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया और मामले की जांच जारी है।

 

ED ने नेशनल हेराल्ड मामले में जारी किया नोटिस, कब्जे में लेगी 661 करोड़ की संपत्तियां

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नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस नियंत्रित एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) के खिलाफ धन शोधन मामले की जांच में बड़ी कार्रवाई करते हुए 661 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अपने कब्जे में लेने के लिए नोटिस जारी किए हैं। जांच एजेंसी ने शुक्रवार को दिल्ली के आईटीओ स्थित हेराल्ड हाउस, मुंबई के बांद्रा इलाके में एक परिसर और लखनऊ के बिशेश्वर नाथ रोड पर एजेएल भवन में ये नोटिस चस्पा किए।

पीएमएलए के तहत कार्रवाई
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 8 और नियम 5(1) के तहत यह कार्रवाई की है। नोटिस में इन परिसरों को खाली करने या मुंबई की संपत्ति के मामले में किराया ईडी को हस्तांतरित करने की मांग की गई है। इन संपत्तियों को ईडी ने नवंबर 2023 में कुर्क किया था, और निर्णायक प्राधिकरण (पीएमएलए) ने इस कुर्की की पुष्टि की थी। ईडी का कहना है कि यह कब्जे की प्रक्रिया कुर्क की गई संपत्तियों को अपने नियंत्रण में लेने का हिस्सा है।

नेशनल हेराल्ड और यंग इंडियन से जुड़ा मामला
यह धन शोधन का मामला नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) और यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ है। नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन एजेएल द्वारा किया जाता है, और इसका स्वामित्व यंग इंडियन के पास है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी यंग इंडियन के प्रमुख शेयरधारक हैं, जिनके पास क्रमशः 38-38 प्रतिशत शेयर हैं।

ईडी के आरोप
प्रवर्तन निदेशालय का दावा है कि यंग इंडियन और एजेएल की संपत्तियों का इस्तेमाल अपराध से अर्जित धन को आगे बढ़ाने के लिए किया गया। ईडी ने आरोप लगाया है कि इन संपत्तियों के जरिए 18 करोड़ रुपये के फर्जी दान, 38 करोड़ रुपये के फर्जी अग्रिम किराए और 29 करोड़ रुपये के फर्जी विज्ञापनों के रूप में अवैध आय प्राप्त की गई।

जांच और अगले कदम
ईडी की यह कार्रवाई नेशनल हेराल्ड मामले में लंबे समय से चल रही जांच का हिस्सा है। जांच एजेंसी ने पहले भी इस मामले में कई पूछताछ और दस्तावेजों की जांच की है। नोटिस जारी होने के बाद अब इन संपत्तियों के कब्जे की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। हालांकि, इस कार्रवाई पर कांग्रेस या यंग इंडियन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

उत्तराखंड चार यात्रा की व्यवस्थायें शीघ्र दुरस्त करे।

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देहरादून 12 अप्रैल,
सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए शासन – प्रशासन ने कसी कमर

मुख्य सचिव ने सम्बन्धित जनपदों एवं यात्रमार्गों की तैयारियों को परखा

किसी भी प्रकार के संकट प्रबंधन के लिए एक नोडल अधिकारी होंगे कमिश्नर गढ़वाल: मुख्य सचिव

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने शनिवार को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर सचिवालय स्थित अपने सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक ली। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्ग की पुख्ता व्यवस्थाओं को लेकर सभी विभागों को अभी से अपनी तैयारियां समयबद्धता से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

यात्रामार्गों को चारधाम यात्रा से पहले किया जाए दुरूस्तः मुख्य सचिव

पूर्व में जारी अपने निर्देशों के क्रम में मुख्य सचिव ने सचिव श्री युगल किशोर पंत को देहरादून से केदारनाथ, सचिव डा. आर राजेश कुमार को बद्रीनाथ यात्रा मार्ग, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम को गंगोत्री धाम तथा डॉ. नीरज खैरवाल से यमुनोत्री धाम की तैयारियों के सम्बन्ध में फीडबैक लिया। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सचिवों से प्राप्त सुझावों का अनुपालन करते अथवा कमियों को दुरूस्त किया जाए। यात्रा मार्ग पर सभी जरूरतों का अभी से आंकलन करते हुए सभी व्यवस्थाएं यात्रा आरम्भ से पहले दुरूस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को संवेदनशीलता के साथ एवं कार्य निर्धारित समय पर पूर्ण करने को गम्भीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक धाम एवं उनके यात्रामार्गों पर मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने यूपीसीएल को धामों में लॉ-वॉल्टेज की समस्या को शीघ्र दुरूस्त किए जाने के भी निर्देश दिए।

यात्रा पंजीकरण स्थलों में स्वास्थ्य जांच केन्द्रों की संख्या बढ़ायी जाए

मुख्य सचिव ने केदारनाथ में बन रहे अस्पताल को या़त्रा शुरू होने से पहले सुचारू किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षित या़त्रा के लिए निवारक उपायों की अत्यधिक आवश्यकता पर बल देते हुए स्वास्थ्य जांच केन्द्रों को बढाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा की शुरूवात में ही स्वास्थ्य परीक्षण हो सके इसके लिए हरिद्वार, ऋषिकेश एवं विकासनगर में हेल्थ स्क्रीनिंग केन्द्रों की संख्या बढ़ाई जाए। मुख्य सचिव ने मल्टी लेवल पार्किंग की व्यवस्था पर बल देते हुए अधिक से अधिक पार्किंग स्थलों को चिन्हित किए जाने की बात कही। कहा कि पार्किंग स्थलों के आस-पास रहने खाने एवं स्वास्थ्य जांच आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सभी यात्रा मार्गों पर स्थानीय स्तर परिस्थितियों एवं विकल्प मार्गों के अनुरूप यातायात प्रबंधन योजना तैयार की जाए।

यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं द्वारा वृक्षारोपण हेतु ‘स्मृति वन‘ किए जाएं चिन्हित

मुख्य सचिव ने श्रद्धालुओं द्वारा यात्रा मार्गों पर वृक्षारोपण करने हेतु स्मृति वन के लिए स्थान चिन्हित किए जाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि इच्छित श्रद्धालु इन पलों को यादगार बनाने के लिए पौधारोपण कर सकते हैं।

जाम आदि की जानकारी हेतु डिजीटल डिस्प्ले बोर्ड की की जाए व्यवस्था

मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा मार्गों में दृर्घटनाओं या लैंड स्लाईड से लगने वाले जाम के कारण पीछे लगी लम्बी लाईनों में यात्रियों को जाम के कारणों की उचित जानकारी मिल सके इसके लिए मैकेनिज्म तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए यात्रा मार्गों पर डिजीटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जा सकते हैं, जो यह जानकारी उपलब्ध कराएंगे कि किस स्थान पर कौन सी घटना घटी है, जिसके कारण जाम लगा है। उन्होंने इसके लिए सचिव लोक निर्माण विभाग को व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा जब तक यह व्यवस्था धरातल पर उतरती है तब तक बल्क एसएमएस और बल्क व्हॉट्सअप मैसेज के माध्यम से यह जानकारी उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने संभावित भूस्खलन क्षेत्रों का ट्रीटमेंट शीघ्र किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इन भूस्खलन क्षेत्रों के लिए दीर्घावधि उपचार पर भी शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

सर्विस प्रोवाईडर की आरएफआईडी टैग बनाए जाएंः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ने यात्रा मार्गों पर स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने ‘सुलभ‘ को नियमित सफाई एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था के लिए पूरे प्रदेश में यह व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की बात कही। उन्होंने इसके लिए उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं 15वें वित्त आयोग की स्वच्छता हेतु टाईड फंड से भी फंड्स उपलब्ध कराए जाने की बात कही। उन्होंने चारों धामों में दुकानदार एवं घोड़ा/कंडी संचालक सहित सभी प्रकार केे सर्विस प्रोवाईडर की आरएफआईडी टैग बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि धामों में श्रद्धालुओं के रूकने के लिए लगाए गए टैन्ट आदि को सुव्यस्थित ढंग से लगाए जाने हेतु व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, नितेश कुमार झा, श्री सचिन कुर्वे, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. नीरज खैरवाल, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव युगल किशोर पंत, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारधाम एवं यात्रामार्गों से सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।IMG 20250412 WA0075 scaled

बड़ी खबर : देशभर में UPI आउटेज से डिजिटल पेमेंट्स ठप

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नई दिल्ली: शनिवार को देशभर में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की सेवाओं में बड़े पैमाने पर रुकावट देखी गई, जिसके कारण लाखों यूजर्स को डिजिटल पेमेंट्स करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस आउटेज ने Paytm, PhonePe, Google Pay जैसे प्रमुख डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स को प्रभावित किया, और यूजर्स ने फंड ट्रांसफर, पेमेंट्स और ऐप्स के इस्तेमाल में दिक्कतों की शिकायत की। यह समस्या सुबह से शुरू हुई और दोपहर तक अपने चरम पर पहुंच गई, जिसके चलते सोशल मीडिया और आउटेज ट्रैकिंग वेबसाइट्स पर शिकायतों की बाढ़ आ गई।

क्या रही समस्या?
यूजर्स ने बताया कि UPI के जरिए छोटे-बड़े लेनदेन करने में असफलता मिल रही थी। कई लोगों ने QR कोड स्कैन करने के बाद पेमेंट फेल होने, ऐप्स के क्रैश होने और ट्रांजैक्शन में देरी की शिकायत की। आउटेज ट्रैकिंग वेबसाइट Downdetector के अनुसार, दोपहर 12 बजे तक 1,200 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 66% पेमेंट फेल होने और 34% फंड ट्रांसफर में रुकावट से संबंधित थीं। Google Pay पर करीब 100, Paytm पर 23 और PhonePe पर भी सैकड़ों शिकायतें सामने आईं। कुछ यूजर्स ने यह भी बताया कि उनके खाते से पैसे कट गए, लेकिन सामने वाले को क्रेडिट नहीं हुए।

सोशल मीडिया पर यूजर्स का गुस्सा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स ने अपनी नाराजगी जाहिर की। एक यूजर ने लिखा, “UPI फिर डाउन हो गया है! न खाना ऑर्डर हो पा रहा है, न किराने का बिल दे पा रहा हूं। क्या हर हफ्ते यही होगा?” एक अन्य यूजर ने कहा, “Paytm, PhonePe, Google Pay सब फेल। अब तो जेब में नकदी रखनी पड़ेगी।” कई लोगों ने नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) से तुरंत जवाब और समाधान की मांग की।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह कोई पहला मौका नहीं है जब UPI यूजर्स को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा हो। बीते कुछ हफ्तों में भी ऐसी घटनाएं सामने आई थीं। 26 मार्च को भी UPI सेवाओं में रुकावट हुई थी, जब हजारों यूजर्स ने इसी तरह की शिकायतें दर्ज की थीं। उस समय NPCI ने इसे “आंतरायिक तकनीकी समस्या” बताया था और कुछ घंटों में सेवाएं बहाल कर दी थीं। हालांकि, 12 अप्रैल की घटना के लिए NPCI की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

बैंकों पर भी असर
इस आउटेज का असर सिर्फ थर्ड-पार्टी ऐप्स तक सीमित नहीं रहा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), HDFC बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे प्रमुख बैंकों के यूजर्स ने भी UPI ट्रांजैक्शंस में रुकावट की बात कही। कुछ बैंकों ने सुबह के समय निर्धारित रखरखाव (मेन्टेनेंस) की सूचना दी थी, लेकिन व्यापक स्तर पर UPI नेटवर्क में आई इस खराबी को सामान्य रखरखाव से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है।

UPI का महत्व और चुनौतियां
UPI भारत में डिजिटल पेमेंट्स का आधार बन चुका है, जो देश में 80% से ज्यादा रिटेल लेनदेन को संभालता है। जनवरी 2025 में UPI ने 16.99 अरब ट्रांजैक्शंस दर्ज किए, जिनका मूल्य 23.48 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा था। इतने बड़े पैमाने पर निर्भरता के कारण इस तरह के आउटेज का असर छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और आम यूजर्स पर गहरा पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते लेनदेन की मात्रा के साथ UPI के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं न आएं।

यूजर्स के लिए सलाह
जब तक UPI सेवाएं पूरी तरह बहाल नहीं हो जातीं, यूजर्स को सलाह दी जा रही है कि वे वैकल्पिक भुगतान विकल्पों जैसे डेबिट/क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या नकदी का उपयोग करें। साथ ही, बार-बार असफल ट्रांजैक्शंस को दोहराने से बचें, क्योंकि इससे डुप्लिकेट पेमेंट्स का जोखिम हो सकता है। NPCI और संबंधित ऐप्स के आधिकारिक चैनलों से अपडेट्स लेते रहें।