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महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराधों के लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार: धस्माना

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देहरादून: उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ हिंसा बलात्कार, हत्या जैसे अपराध रुकने का नाम नहीं ले रहे। नैनीताल और नानकमत्ता में घटित घटनाओं ने साबित कर दिया है कि प्रदेश में महिलाएं व बच्चियां बलात्कारियों से सुरक्षित नहीं हैं और इसके लिए पूर्ण रूप से प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार जिम्मेदार है। यह बात आज उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कही।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा व अपराध रोकने में पूरी तरह से नाकाम सरकार की सह पर भाजपा समर्थित अराजक तत्व ऐसे मामलों को सांप्रदायिक रंग दे कर प्रदेश का वातावरण खराब कर रहे हैं और प्रदेश में अराजकता फैलाने का काम कर रहे हैं। धस्माना ने कहा कि हाल ही में नैनीताल व नानकमत्ता की जघन्य अपराधिक घटनाओं को जिस प्रकार से सांप्रदायिक रंग दे कर अराजकता फैलाई गई उससे यह स्पष्ट है कि भाजपा व भाजपा सरकार की मंशा अपराध रोकने की नहीं बल्कि जवाबदेही से बचने के लिए उसमें सांप्रदायिक एंगल ढूंढ कर सांप्रदायिकता फैलाना है।

सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि नैनीताल में घटित नाबालिग से बुजुर्ग द्वारा बलात्कार किए जाने की घटना पर जिस प्रकार से नैनीताल में हिंसा व अराजकता फैलाई गई उससे नैनीताल से पर्यटक पलायन कर गए और आने वाले दिनों के लिए पर्यटकों ने नैनीताल व उसके आसपास के होटलों में बुकिंग रद्द करवा दी। धस्माना ने कहा कि भाजपा समर्थित इन अराजक तत्वों के कारण राज्य की चार धाम यात्रा व पर्यटन दोनों प्रभावित हो रहो है जो कि उत्तराखंड की आर्थिकी की रीड है।

धस्माना ने कहा कि नैनीताल मामले में नैनीताल उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान ले कर प्रदेश सरकार व प्रशासन को शांति व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए तब जा कर राज्य सरकार की नींद खुली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश सरकार से मांग करती है कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रही हिंसा बलात्कार व हत्या जैसे गंभीर अपराधों पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं जाएं और प्रदेश में शांति व्यवस्था को भंग करने वाले लोगों व संगठनों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार का कड़ा फैसला, पाकिस्तान से सभी आयात पर रोक

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पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ एक और बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सरकार ने पाकिस्तान से होने वाले सभी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। वाणिज्य मंत्रालय ने 2 मई को इस संबंध में एक नोटिस जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से इस फैसले को लागू करने का निर्देश दिया है।

विदेश व्यापार नीति में बदलाव

नए आदेश के तहत विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) 2023 में एक नया प्रावधान जोड़ा गया है। इसके अनुसार, “पाकिस्तान में उत्पन्न या वहां से निर्यातित सभी वस्तुओं का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात, चाहे वे सामान्य रूप से आयात योग्य हों या नहीं, अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा।”

प्रतिबंध की वजह क्या है?

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने इस प्रतिबंध की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि यह कदम “राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति को ध्यान में रखते हुए” उठाया गया है। भारत सरकार का मानना है कि देश की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

किसी भी आयात के लिए केंद्र की मंजूरी अनिवार्य

हालांकि, इस प्रतिबंध के बावजूद यदि किसी विशेष परिस्थिति में पाकिस्तान से कोई आयात आवश्यक होता है, तो इसके लिए भारत सरकार की पूर्व अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति पाकिस्तान से कोई भी वस्तु भारत में नहीं लाई जा सकेगी।

पहलगाम हमला और भारत की जवाबी कार्रवाई

गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में कई लोगों की जान गई थी। इसके बाद से ही भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। भारत पहले ही दोनों देशों के बीच दशकों पुराने सिंधु जल समझौते को रद्द कर चुका है और भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश भी जारी किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री धामी से मिले नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रांत के मुख्यमंत्री कमल बहादुर शाह

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रांत के मुख्यमंत्री कमल बहादुर शाह और उनके 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से भेंट की। इस अवसर पर भारत-नेपाल के मित्रतापूर्ण संबंधों को और सशक्त करने के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।

बैठक में दोनों पक्षों ने सीमावर्ती जिलों में विकास कार्यों में समन्वय, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों के विस्तार, पर्यटन संवर्द्धन और आपदा प्रबंधन जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड और नेपाल की सामाजिक व सांस्कृतिक विरासत एक जैसी है और दोनों के बीच ऐतिहासिक संबंध सदियों पुराने हैं। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

पहलगाम हमला : कर्नाटक मंत्री बोले – “मुझे सुसाइड बम दो, पाकिस्तान जाकर जवाब दूंगा”

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में आक्रोश का माहौल है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे, की जान चली गई। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी।

देशभर में आतंक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। इसी बीच कर्नाटक सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री बी. ज़मीर अहमद खान का बयान चर्चा में है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से पाकिस्तान जाकर आत्मघाती हमला करने की अनुमति मांगी है।

“मुझे सुसाइड बम दो, मैं पाकिस्तान को उड़ा दूंगा”

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ज़मीर खान ने कहा, “हम भारतीय हैं, पाकिस्तान से हमारा कोई रिश्ता नहीं। अगर पीएम मोदी और अमित शाह मुझे अनुमति दें, तो मैं युद्ध के लिए तैयार हूं। मुझे एक सुसाइड बम दीजिए, मैं उसे अपने शरीर पर बांधकर पाकिस्तान जाकर वहां हमला करूंगा।”

उन्होंने पाकिस्तान को भारत का स्थायी दुश्मन बताया और कहा कि अब समय आ गया है कि देश को ऐसे दुश्मनों को करारा जवाब देना चाहिए।

पहलगाम हमले की की थी निंदा

इससे पहले ज़मीर खान ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक अमानवीय और कायराना कृत्य बताया था। उन्होंने कहा था कि देश के हर नागरिक को एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और केंद्र सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए।

लैराई देवी मंदिर में भगदड़ से मची अफरा-तफरी, 6 की मौत, 50 से अधिक घायल

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पणजी। गोवा के शिरगांव गांव स्थित प्रसिद्ध लैराई देवी मंदिर में शनिवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। श्री लैराई देवी यात्रा के दौरान मची भगदड़ में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पारंपरिक अग्नि-चलन अनुष्ठान ‘धोंड’ देखने और उसमें भाग लेने पहुंचे थे, जिसमें लोग नंगे पांव जलते अंगारों पर चलते हैं। इसी दौरान भीड़ बेकाबू हो गई और एक ढलान पर लोग तेजी से आगे बढ़ने लगे, जिससे भगदड़ मच गई।

व्यवस्थाओं की कमी पर सवाल

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, हादसे के पीछे भीड़ नियंत्रण की कमी और अव्यवस्थित व्यवस्थाओं को जिम्मेदार माना जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ का एक हिस्सा अचानक बेकाबू हो गया, जिससे स्थिति बिगड़ गई। स्थानीय लोगों और मंदिर के स्वयंसेवकों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

मुख्यमंत्री और पीएमओ ने जताया शोक

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल का दौरा किया और हादसे पर दुख व्यक्त किया। वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा गया, “गोवा के शिरगांव में भगदड़ से हुई जनहानि अत्यंत दुखद है। मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन मदद कर रहा है।”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी जताया दुख

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

हर साल जुटते हैं हजारों श्रद्धालु

श्री लैराई जात्रा गोवा के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक आयोजनों में से एक है, जो हर साल मई महीने में उत्तरी गोवा के शिरगांव में आयोजित होता है। इस आयोजन में 50,000 से अधिक श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं। इस वर्ष यात्रा की सुरक्षा के लिए करीब 1,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था और ड्रोन से निगरानी की जा रही थी। शुक्रवार को यात्रा की शुरुआत के दौरान मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, उनकी पत्नी सुलक्षणा, राज्यसभा सांसद सदानंद शेट तनावड़े, विधायक प्रेमेंद्र शेट और कार्लोस फरेरा ने भी मंदिर का दौरा किया था।

नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामला: सोनिया, राहुल समेत सात को कोर्ट का समन, 8 मई को पेश होने का आदेश

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नई दिल्ली: राउज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत सात आरोपियों को समन जारी किया है। स्पेशल जज विशाल गोगने ने सभी को 8 मई को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है। इससे पहले 25 अप्रैल को कोर्ट ने ईडी की शिकायत में कुछ दस्तावेजों की कमी का हवाला देते हुए समन जारी करने से इनकार कर दिया था और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से अतिरिक्त प्रासंगिक दस्तावेज दाखिल करने को कहा था।

कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि आरोपियों की बात सुने बिना कोई समन नहीं भेजा जा सकता। ईडी ने 15 अप्रैल को मनी लॉन्ड्रिंग कानून की धाराओं 44 और 45 के तहत अभियोजन शिकायत दाखिल की थी, जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे को आरोपी बनाया गया है।

इस मामले की शिकायतकर्ता सुब्रह्मण्यम स्वामी का आरोप है कि यंग इंडियन लिमिटेड को साजिश के तहत एजेएल की संपत्ति का अधिकार सौंपा गया, जिससे दिल्ली स्थित 1600 करोड़ रुपये मूल्य की हेराल्ड हाउस इमारत पर नियंत्रण हासिल किया जा सके। उनका कहना है कि यह संपत्ति समाचार पत्र चलाने के लिए दी गई थी और इसका व्यावसायिक उपयोग नियमों के विरुद्ध है। वहीं, गांधी परिवार का कहना है कि उन्हें राजनीतिक उद्देश्य से निशाना बनाया जा रहा है।

पाकिस्तान में आतंकवाद पर कबूलनामा: बिलावल भुट्टो बोले – मेरी मां की हत्या इन्हीं आतंकवादियों ने की…

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पाकिस्तान में आतंकवाद को लेकर वहां के शीर्ष नेताओं ने एक के बाद एक चौंकाने वाले बयान दिए हैं। पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने माना है कि पाकिस्तान में आतंकवाद पनपा है और इसकी कीमत देश को लंबे समय तक चुकानी पड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मां बेनज़ीर भुट्टो की हत्या उन्हीं आतंकवादियों ने की थी, जिन्हें कभी पाकिस्तान ने संरक्षण दिया था।

स्काई न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में बिलावल भुट्टो ने कहा, “यह कोई राज़ नहीं है कि पाकिस्तान का एक अतीत रहा है। हमने इसकी भारी कीमत चुकाई है। चरमपंथ की लहरों से गुजरते हुए हमने सबक सीखा और अब यह इतिहास बन चुका है। हम अब उस राह पर नहीं हैं।”

यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी स्काई न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में कबूल किया था कि “पाकिस्तान ने तीन दशकों तक अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए आतंकवाद के खिलाफ गंदा काम किया। यह हमारी बड़ी गलती थी, जिसकी सजा हमने भुगती है। यह विवादास्पद स्वीकारोक्ति ऐसे समय पर आई है जब 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भीषण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने ली है।

गुरुवार को मीरपुरखास में एक जनसभा को संबोधित करते हुए भुट्टो ने फिर कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन अगर भारत की तरफ से कोई उकसावा हुआ, खासकर सिंधु जल समझौते से जुड़ा, तो पाकिस्तान जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन कोई हमारे सिंधु पर हमला करेगा, तो उसे मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं के इन बयानों ने एक बार फिर उस पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या पाकिस्तान अब भी आतंकवाद के खिलाफ पूरी तरह ईमानदार है या फिर यह सिर्फ अंतरराष्ट्रीय दबाव में दी जा रही प्रतिक्रियाएं हैं।

पहलगाम हमले के बाद BSF मुस्तैद, महानिदेशक दलजीत चौधरी ने किया बॉर्डर का दौरा

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बीकानेर: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र पश्चिमी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत चौधरी दो दिवसीय दौरे पर बीकानेर पहुंचे।

शुक्रवार को महानिदेशक चौधरी ने खाजूवाला सेक्टर में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा की अग्रिम चौकियों का निरीक्षण किया और सीमा पर तैनात जवानों से मुलाकात कर उनकी स्थिति और आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।

गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठकें
अपने दौरे के पहले दिन, गुरुवार को चौधरी ने सेना की रणबांकुरा डिवीजन, बीकानेर रेंज के आईजी ओम प्रकाश और पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर के साथ उच्चस्तरीय बैठकें कीं। इस दौरान सीमा सुरक्षा और आतंकी गतिविधियों की रोकथाम को लेकर समन्वयात्मक रणनीतियों पर चर्चा की गई।

सतर्क है सीमा क्षेत्र
पहल्गाम हमले के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों, विशेषकर जैसलमेर और बीकानेर में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। ऐसे में बीएसएफ महानिदेशक का बीकानेर दौरा रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है। पश्चिमी राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से पाकिस्तान की ओर से पहले भी कई बार घुसपैठ और तस्करी जैसी नापाक कोशिशें होती रही हैं। इन परिस्थितियों में बीएसएफ की सक्रियता और सतर्कता राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। दलजीत चौधरी के इस दौरे का उद्देश्य न केवल जमीनी हालातों का आकलन करना है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि सीमा पर तैनात बल पूरी तरह से सजग और तैयार है।

उत्तराखंड : श्रद्धालुओं के लिए खुले बाबा केदार के कपाट, बम-बम भोले के जयकारों से गूंजी केदारपुरी

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केदारनाथ: चारधाम यात्रा 2025 का विधिवत शुभारंभ हो चुका है। आज शुक्रवार सुबह ठीक 7 बजे ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। यह शुभ घड़ी बैशाख मास, वृष लग्न और मिथुन राशि में तय की गई थी।

मंदिर परिसर ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘जय श्री केदार’ के जयघोष से गूंज उठा, वहीं सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों ने वातावरण को दिव्य बना दिया। कपाट खुलने की प्रथम पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न हुई। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं मौजूद रहे और पूजा-अर्चना में भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार तीर्थयात्रियों को हरसंभव सुविधाएं देने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष बाबा केदार के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या नए कीर्तिमान बनाएगी।

108 क्विंटल फूलों से सजाया गया धाम

कपाट खुलने के पावन अवसर पर केदारनाथ धाम को 108 क्विंटल फूलों से भव्य रूप में सजाया गया। देश-विदेश से आए 12,000 से अधिक श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। मौसम भी अनुकूल रहा, साफ़ आसमान और दूर बर्फ़ से ढकी पहाड़ियों ने दृश्य को अलौकिक बना दिया।

पूजा-अर्चना की विस्तृत प्रक्रिया

कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह 5 बजे शुरू हो गई थी। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के कर्मचारी सुबह 4 बजे से ही तैयारियों में जुटे थे।

छह बजे मंदिर के रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी, विधायक आशा नौटियाल, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, और वेदपाठीगणों ने गर्भगृह में प्रवेश कर विशेष पूजा की। दक्षिण द्वार भी साथ ही खोला गया।

भैरव बाबा की पूजा और डोली आगमन

27 अप्रैल को उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान भैरवनाथ जी की पूजा के साथ पंचमुखी डोली की यात्रा शुरू हुई थी। 28 अप्रैल को डोली ने केदारनाथ के लिए प्रस्थान किया और विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए 1 मई की शाम को धाम पहुंची।

3 मई को भैरवनाथ मंदिर के कपाट भी खोले जाएंगे, ऐसा BKTC मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया।

विभिन्न प्रशासनिक और धार्मिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति

आज के पावन अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मंदिर समिति के अधिकारी, वेदपाठी, तीर्थ पुरोहित, हकहकूकधारी एवं भारी संख्या में तीर्थयात्री उपस्थित रहे।

उत्तराखंड चार धाम:श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुले‌

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उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2025

“ऊं नम् शिवाय” के उदघोष के साथ विधि-विधान पूर्वक खुले ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट*।

• प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी श्री केदारनाथ धाम के कपाटोत्सव‌ के साक्षी बने, सभी श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं।

श्री केदारनाथ धाम: 2 मई। विश्वप्रसिद्ध ग्यारहवें

ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों तथा ऊं नम् शिवाय जय श्री केदार के उदघोष के साथ आज शुक्रवार 2 मई को प्रात: 7 बजे बैशाख, मास, मिथुन राशि, वृष लग्न में विधि- विधान से खुल गये है। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कपाटोघाट्न के साक्षी बने
कपाट खुलने के बाद पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न हुई।इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विशेष रूप से पूजा में शामिल है पूजा अभी संपन्न हो रही है। मुख्यमंत्री ने श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी है तथा प्रदेश की खुशहाली की कामना की आशा व्यक्त की कि इस यात्रा बड़ी संख्या में तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शन को पहुंचेंगे। प्रदेश सरकार चारधाम में तीर्थयात्रियों को हर संभव यात्री सुविधायें मुहैया कराने हेतु प्रतिबद्ध है।

वहीं 12 हजार से अधिक श्रद्धालु कपाट खुलने के साक्षी बने। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने अपने संदेश में श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर शुभकामनाएं दी।

कपाट खुलने के अवसर हेतु श्री केदारनाथ धाम को 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया है।बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के लिए भंडारे भी लगाये गये श्री केदारनाथ धाम में विगत दिनों से मौसम सामान्यतौर पर साफ है बर्फ दूर पहाड़ियों पर नजर आ रही है।

कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह पांच बजे से शुरू हुई यद्यपि सुबह चार बजे से श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति( बीकेटीसी )कर्मचारी मंदिर परिसर में तैनात हो गये थे।छ: बजे श्री केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी बागेश लिंग, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल,जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती धर्माचार्यों वेदपाठीगणों भैरव नाथ जी के पश्वा अरविंद शुक्ला ने पूरब द्वार से मंदिर में प्रवेश किया तथा मंदिर के गर्भगृह के द्वार की पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
देवी देवताओं का आव्हान कर जन कल्याण की कामना तथा संकल्प के साथ ही ठीक प्रातः सात बजे श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ खोल दिये गये।इसी समय मंदिर का मुख्य
दक्षिण द्वार भी खुल गया।
बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने कपाट खुलने के अवसर पर यात्रा से जुड़े सभी विभागों का आभार जताया कहा कि मंदिर समिति तीर्थयात्रियों को अपने स्तर से दर्शन व्यवस्था हेतु मदद कर रही है।

उल्लेखनीय है कि 27 अप्रैल को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भगवान भैरवनाथ जी की पूजा हुई। जबकि बाबा केदार की पंच मुखी डोली 28 अप्रैल को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से केदारनाथ धाम प्रस्थान हुई
विभिन्न पड़ावों से पैदल मार्ग से बीते बृहस्पतिवार शाम को श्री केदारनाथ धाम पहुंची ।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि कल शनिवार 3 मई को केदारनाथ धाम में श्री भैरवनाथ जी के कपाट भी खुल जायेंगे।

आज कपाट खुलने के अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह,पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मंदिर समिति प्रभारी अधिकारी/सहायक अभियंता गिरीश देवली, केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी धर्माधिकारी औंकार शुक्ला वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, पुजारी बागेश लिंग,वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, यशोधर मैठाणी, विश्व मोहन जमलोकी , देवानंद गैरोला,विपिन तिवारी कुलदीप धर्म्वाण, प्रकाश पुरोहित,उमेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या यें तीर्थ पुरोहितगण, हकहकूकधारी, तथा तीर्थयात्री मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड चारधामों में इस यात्रा वर्ष श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई को प्रात: छ बजे खुलेंगे। तथा श्री गंगोत्री यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को खुल चुके है।