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RTI खुलासे से BKTC पर गंभीर आरोप, दान-चढ़ावे के धन से VIP मेहमाननवाजी और हेली टिकटों पर लाखों खर्च!

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रुद्रप्रयाग/देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर दावा किया है कि बीकेटीसी ने श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे के धन से वीआईपी मेहमाननवाजी, आवास, भोजन और हेलीकॉप्टर टिकटों पर लाखों रुपये खर्च किए।

नेगी ने आरोप लगाया कि बीकेटीसी प्रबंधन ने यात्रा काल के दौरान भाजपा और संघ से जुड़े नेताओं एवं अन्य व्यक्तियों को “अतिथि” दर्शाकर उनके आवास और भोजन की व्यवस्था मंदिर समिति के खर्च पर कराई। उन्होंने कहा कि यह धन श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है और उसका इस प्रकार उपयोग गंभीर मामला है।

आरटीआई दस्तावेजों का हवाला देते हुए नेगी ने दावा किया कि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की पुत्री नेहा जोशी के केदारनाथ प्रवास पर 30 अप्रैल और 1 मई 2025 के दौरान लगभग 60 हजार रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के आवास पर 37,500 रुपये, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी के प्रवास पर 22 हजार रुपये तथा आरएसएस नेताओं प्रकाश और निरंजन के आवास पर करीब 20 हजार रुपये खर्च होने का आरोप लगाया गया है।

नेगी के अनुसार रुद्रप्रयाग भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट और अन्य कार्यकर्ताओं के आवास पर 24 हजार रुपये तथा बीकेटीसी अध्यक्ष के निजी सहायक अजय श्रीवास्तव के ठहरने पर 23 हजार रुपये मंदिर समिति द्वारा वहन किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, बीकेटीसी अध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी के नाम पर भी कई अन्य लोगों के आवास-भोजन का खर्च मंदिर कोष से किया गया।

आरटीआई से प्राप्त जानकारी के आधार पर नेगी ने यह भी दावा किया कि यात्रा काल के दौरान हेलीकॉप्टर टिकटों पर भी लाखों रुपये खर्च किए गए। आरोप है कि बीकेटीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अतिथियों के हेली टिकटों का भुगतान भी मंदिर समिति के कोष से किया गया।

अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने प्रदेश सरकार से बीकेटीसी में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं और यहां किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जा सकता।

गौरतलब है कि इससे पहले भी नेगी आरटीआई के माध्यम से बीकेटीसी से जुड़े कई मामलों को उजागर कर चुके हैं। उन्होंने पूर्व में बीकेटीसी के एक उपाध्यक्ष पर अपनी पत्नी को कर्मचारी दिखाकर भुगतान लेने तथा निजी आवास को कार्यालय दर्शाकर किराया लेने जैसे आरोप लगाए थे। इसके अलावा मंदिर कोष से तीर्थ पुरोहितों को धन वितरण का मामला भी उन्होंने उठाया था।

पहाड़ों में बढ़ रही टेंशन : खाली होते गांव, आपदाएं और अकेलापन बना अवसाद की बड़ी वजह

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जिन पहाड़ों की शांत वादियों में दुनिया सुकून तलाशने पहुंचती है, वहीं अब वहां के स्थानीय लोगों के लिए वही जीवन भय, अकेलेपन और मानसिक तनाव का कारण बनता जा रहा है। उत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ी इलाकों में लगातार बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं, वन्यजीवों का खतरा, पलायन और सामाजिक अलगाव लोगों को मानसिक बीमारियों की ओर धकेल रहे हैं।

मनोवैज्ञानिकों और चिकित्सकों के अनुसार पहाड़ों में रहने वाला लगभग हर व्यक्ति किसी न किसी स्तर पर अवसाद और मानसिक दबाव से गुजर रहा है। प्राकृतिक आपदाओं में अपनों को खोने का दर्द, गांवों का वीरान होना, बाघ-तेंदुओं का भय और सामाजिक अकेलापन लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन परिस्थितियों के चलते लोग सोमाटाइजेशन डिसऑर्डर, पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD), सिजोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर, साइकोसिस और डिमेंशिया जैसी गंभीर मानसिक समस्याओं की चपेट में आ रहे हैं। कई गांवों में अब सिर्फ बुजुर्ग ही रह गए हैं, जिनकी जिंदगी डर और इंतजार के बीच गुजर रही है।

“दवाई बाद में, पहले बात कर लो डॉक्टर साहब”

पौड़ी जिले के चैलूसैंण में तैनात चिकित्सक डॉ. आशीष गोसाईं बताते हैं कि उनके पास रोजाना करीब 25 मानसिक तनाव से जूझ रहे लोग पहुंचते हैं। इनमें 10 से 12 मरीज ऐसे होते हैं जो अकेलेपन और सामाजिक अलगाव से परेशान हैं। कई मरीज दवा लेने से पहले सिर्फ किसी से बात कर अपने मन का बोझ हल्का करना चाहते हैं।

आपदा ने छीन लिया घर और बेटा

उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में अगस्त 2025 की आपदा ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी। गांव की कामेश्वरी देवी बताती हैं कि आपदा में उन्होंने अपना घर और बेटा दोनों खो दिए। अब वे रिश्तेदारों के यहां रह रही हैं और लगातार तनाव, अनिद्रा तथा रक्तचाप की समस्या से जूझ रही हैं। विशेषज्ञ इसे पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर का मामला मान रहे हैं। धराली गांव में आपदा के बाद अधिकांश परिवार गांव छोड़ चुके हैं। ग्रामीणों का दावा है कि अब भी कई शव मलबे में दबे हो सकते हैं, जिससे लोगों में लगातार भय बना हुआ है।

वीरान गांवों में डर के साये में जिंदगी

पौड़ी जिले के तकल्लां गांव में अब सिर्फ एक परिवार बचा है। गांव की विमला देवी बताती हैं कि पूरा गांव खाली हो चुका है और शाम होते ही बाघ घरों तक पहुंच जाते हैं। अकेलापन और डर उनकी सबसे बड़ी समस्या बन चुके हैं।

हर महीने बढ़ रहे मानसिक रोगी

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. मोहित सैनी के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में मानसिक रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। कई मरीज मानसिक तनाव के साथ अन्य शारीरिक बीमारियों से भी जूझ रहे हैं।

हर महीने पहुंचने वाले मानसिक रोगियों के आंकड़े 

  • उत्तरकाशी जिला चिकित्सालय : 120 मरीज.
  • टिहरी जिला चिकित्सालय : 250 मरीज.
  • श्रीनगर मेडिकल कॉलेज : 750 मरीज.

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पहाड़ों में स्वास्थ्य सुविधाओं, सामाजिक सहयोग और मानसिक परामर्श सेवाओं को मजबूत नहीं किया गया, तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

उत्तराखंड : जंगल में बीट वॉचर की हत्या, कुल्हाड़ी से हमला कर उतारा मौत के घाट

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हल्द्वानी के टांडा जंगल क्षेत्र से सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां वन विभाग में तैनात बीट वॉचर मेवा लाल की अज्ञात हमलावरों ने कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हत्या बेहद बेरहमी से की गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। फिलहाल हत्या के कारणों और आरोपियों की पहचान को लेकर जांच जारी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है।

घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में भी भय और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मंगाई की मार : 10 दिनों में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, CNG भी हुई महंगी

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देशभर में बढ़ती महंगाई के बीच आम जनता को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने शनिवार सुबह पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में नई बढ़ोतरी का ऐलान किया है। ताजा संशोधन के तहत पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। वहीं, सीएनजी की कीमत भी 1 रुपये प्रति किलो बढ़ा दी गई है।

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब भारत के ईंधन बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ती कीमतों से आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। खास बात यह है कि पिछले 10 दिनों के भीतर तेल कंपनियों ने तीसरी बार पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ाए हैं।

इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को भी दोनों ईंधनों के दामों में 87 पैसे और 91 पैसे की वृद्धि हुई थी। लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते बीते 10 दिनों में पेट्रोल और डीजल करीब 5 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल की नई कीमत 99.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि पहले यह 98.64 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था। वहीं डीजल की कीमत 91.58 रुपये से बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गई है। सीएनजी के दाम बढ़ने के बाद दिल्ली में इसकी नई कीमत 81.09 रुपये प्रति किलो हो गई है।

इस बीच कुछ दिनों पहले केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने देशवासियों को भरोसा दिलाया था कि देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा था कि ईंधन की सप्लाई पूरी तरह स्थिर है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। साथ ही मंत्रालय ने जनता से अफवाहों से बचने और बिना वजह परेशान न होने की अपील भी की थी।

सितंबर में होगा चौंदकोट पारिवारिक सम्मेलन, बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा

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देहरादून। चौदकोट वेलफेयर सोसाइटीज की बैठक स्काई गार्डन, रिंग रोड में समिति के अध्यक्ष उम्मेद सिंह गुसाईं की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक का संचालन महासचिव कविंद्र इष्टवाल ने किया।

बैठक में सर्वप्रथम प्रस्तावित चौदकोट पारिवारिक सम्मेलन पर चर्चा की गई। अध्यक्ष गुसाईं ने वर्तमान भीषण गर्मी और मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए जून माह में सम्मेलन आयोजित करना उचित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि समाचार माध्यमों के अनुसार जून के प्रथम सप्ताह तक गर्मी और बढ़ने की संभावना है, जिससे लोगों की सहभागिता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि सम्मेलन इस वर्ष सितंबर माह के द्वितीय सप्ताह में आयोजित किया जाए। इस प्रस्ताव पर उपस्थित सभी सदस्यों ने सहमति जताई।

बैठक में सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए कार्यक्रम संचालन समिति के साथ-साथ एक प्रचार-प्रसार समिति गठित करने का निर्णय लिया गया, जो देहरादून सहित अन्य स्थानों पर रह रहे चौदकोट क्षेत्र के लोगों से संपर्क कर उन्हें समिति से जोड़ने का कार्य करेगी।

उपाध्यक्ष धनराज सिंह नेगी ने कहा कि समिति के व्हाट्सएप समूह में लगभग 62 सदस्य जुड़े हैं, लेकिन बैठकों में केवल कुछ ही पदाधिकारी उपस्थित होते हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने सभी सदस्यों से नियमित रूप से बैठकों में भाग लेने की अपील की।

उमेश्वर सिंह रावत ने कहा कि किसी भी संगठन को मजबूत बनाने के लिए आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। इसके लिए सदस्यता अभियान चलाना जरूरी है। वहीं सेवानिवृत्त कर्नल एम.एस. चौहान ने सुझाव दिया कि समिति में क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ ग्राम प्रधानों को भी जोड़ा जाए।

लक्ष्मी रावत ने सुझाव दिया कि प्रस्तावित सम्मेलन चौदकोट की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ा होना चाहिए। श्रीमती भगवती सुंदरीयाल ने कहा कि कार्यक्रम में चौफला-थड़्या जैसी लोकसंस्कृति के साथ चौदकोट क्षेत्र के स्थानीय लोकगायकों को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए।

जिला पंचायत सदस्य दीपिका इष्टवाल ने चौंदकोट वेलफेयर सोसाइटीज को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया। महासचिव कविंद्र इष्टवाल ने कहा कि समिति को मजबूत बनाने के लिए सभी लोगों को सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने चौदकोट क्षेत्र के लोगों से विधानसभा, लोकसभा और पंचायत चुनावों के लिए अपने नाम गांवों में दर्ज कराने की अपील भी की।

बैठक में सर्वसम्मति से प्रचार समिति का गठन किया गया। इसमें अध्यक्ष उम्मेद सिंह गुसाईं के अलावा कविंद्र इष्टवाल, प्रदीप रावत, सुशील कुमार, धनराज सिंह नेगी, जतदीप सिंह रावत, सेवानिवृत्त कर्नल एम.एस. चौहान, उमेश्वर सिंह रावत, सेवानिवृत्त कर्नल मनोज रावत, सतेंद्र नेगी, विनोद धस्माना, नरेंद्र रावत, विमल रावत तथा डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत को शामिल किया गया।

बैठक में श्री वीरेंद्र मुड़ैपी, श्री जयदीप रावत, श्री एस.एस. रमोला, श्री योगेंद्र पाथरी, श्री महावीर सिंह रावत और श्री नवीन नैथानी सहित कई सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए।

बैठक के अंत में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं जननायक मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। उपस्थित सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

उत्तराखंड : जमीन के नाम पर ठगने वाला 20 हजार का इनामी जालसाज दून पुलिस की गिरफ्त में, दो आरोपी गिरफ्तार

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देहरादून। पहाड़ के भोले-भाले लोगों और फौजियों को जमीन बेचने के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर जालसाज को दून पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी 20 हजार रुपये का इनामी था और लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

30 लाख की जमीन धोखाधड़ी का मामला

थाना रायपुर में दर्ज शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक भूमि को अपनी या परिचित की बताकर पीड़ित से 30 लाख रुपये की ठगी की। इस मामले में फर्जी विक्रय अनुबंध बनाकर रकम ली गई थी।

इनामी और वांछित आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने 20 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त प्रदीप सकलानी और उसके साथी अजय सजवाण को डालनवाला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदल रहा था।

फर्जी दस्तावेज और चेक बाउंस का खेल

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन को बेचने का झांसा दिया था। पीड़ित द्वारा पैसे वापस मांगने पर दिए गए चेक भी बाउंस हो गए।

शातिर अपराधी का लंबा आपराधिक इतिहास

मुख्य आरोपी प्रदीप सकलानी पर देहरादून के विभिन्न थानों में जमीन धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट सहित 27 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह पहले भी करोड़ों की ठगी के मामलों में वांछित रह चुका है।

फौजियों और प्रवासियों को बनाता था निशाना

आरोपी पहाड़ी मूल का बताकर लोगों का विश्वास जीतता था और विशेषकर फौजियों व बाहर रहने वाले उत्तराखंडी लोगों को सस्ते जमीन सौदे का झांसा देकर ठगी करता था।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई जारी

एसएसपी देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस लगातार वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी कर रही है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

मुख्यमंत्री ने 483 अभ्यर्थियों को प्रदान किये नियुक्ति पत्र, साढ़े चार साल में 33 हजार अभ्यर्थियों को मिली सरकारी नौकरी

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मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में सिंचाई विभाग एवं कृषि विभाग के अन्तर्गत विभिन्न पदों पर चयनित कुल 483 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। जिसमें 473 पद सिंचाई एवं 10 पद कृषि विभाग के शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री और मेजर जनरल (से.नि) भुवन चंद्र खंडूड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि खंडूड़ी जी ने ऐसे उत्तराखंड का सपना देखा था, जहाँ युवाओं की पहचान उनकी मेहनत और प्रतिभा से हो। उन्होंने कहा आज युवाओं को मिलने जा रहे नियुक्तिपत्र इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार उनके सवप्नों को पूरा कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा यह नियुक्ति पत्र वितरण प्रतिभाशाली युवाओं की मेहनत, लगन और संकल्प का सम्मान है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि निश्चित ही युवा पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्य एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा युवकों की सफलता के पीछे माता-पिता का त्याग, परिवार का संघर्ष और वर्षों की मेहनत छिपी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा जब भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होती है, तभी व्यवस्था में योग्य और ईमानदार लोग आते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। नकल विरोधी कानून के परिणाम सामने आ रहें हैं। आज नौकरी में चयन, मेहनत और प्रतिभा से हो रहा है। यह नई कार्यसंस्कृति उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत बन रही है। जिसका परिणाम है कि साढ़े चार वर्षों में सरकार में करीब 33 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी का लक्ष्य देवभूमि उत्तराखंड की सेवा करना होना चाहिए। कोई भी विभाग, भवनों और फाइलों से नहीं अपितु कर्मठ और ईमानदार लोगों से चलता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी सिंचाई एवं कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। प्रदेश की जीएसडीपी विकास दर 7.23 प्रतिशत दर्ज की गई है। पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य का बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड गिरावट आई है। रिवर्स पलायन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है आज पहाड़ का युवा पलायन नहीं, संभावनाएँ देख रहा है।

सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने सभी चयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पल उत्तराखण्ड के विकास की यात्रा में युवाओं की सक्रिय सहभागिता का शुभारंभ है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शी, निष्पक्ष एवं योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया को निरंतर मजबूती मिली है। आज उत्तराखंड का युवा यह महसूस करने लगा है कि उसकी मेहनत, प्रतिभा और समर्पण का उसे लाभ अवश्य मिलेगा।

सिंचाई मंत्री ने कहा कि सिंचाई विभाग केवल नहरों और परियोजनाओं का विभाग नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि, जल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार भी है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि नव नियुक्त कर्मचारी राज्य की प्रगति और जनता की अपेक्षाओं के सहभागी भी बनेंगे।

कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि सभी युवा अपने जीवन में नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद अब पात्र और मेहनती बच्चों को ही नियुक्तियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा आज लाखों नौजवान स्टार्टअप, नवाचार के माध्यम से भी नया अध्याय शुरू कर रहें हैं।

पुलिस जवान कैलाश रावत को DM और SP ने किया सम्मानित

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चमोली। श्री बदरीनाथ धाम में तैनात पुलिस जवान कैलाश रावत को उनके उत्कृष्ट एवं मानवीय कार्य के लिए जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
जानकारी के अनुसार गुजरात से आई एक महिला श्रद्धालु दर्शन के बाद रात्रि के समय भारी भीड़ के बीच अपने परिजनों से बिछड़ गई थी।

महिला के लापता होने की सूचना मिलने पर  पुलिस जवान कैलाश रावत ने तत्परता, सतर्कता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बदरीनाथ क्षेत्र में महिला की खोजबीन शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद उन्होंने महिला श्रद्धालु को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों से मिलाया।

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने कैलाश रावत के इस सराहनीय कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है, जो अन्य पुलिस कर्मियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि वह भविष्य में भी इसी समर्पण भाव से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहेंगे।

राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे की संभावना, सैनिक परिवारों से कर सकते हैं संवाद

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देहरादून: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Rahul Gandhi के जल्द ही उत्तराखंड दौरे की संभावना जताई जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वे पौड़ी या लैंसडाउन क्षेत्र का दौरा कर सकते हैं, जहां उनका कार्यक्रम सैनिक परिवारों के बीच संवाद और सभा करने का हो सकता है। इस दौरान अग्निवीर योजना को लेकर भी चर्चा किए जाने की संभावना है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि राहुल गांधी के दौरे को लेकर शीर्ष नेतृत्व के साथ लगातार बातचीत जारी है, हालांकि अभी तक स्थान और तिथि को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व उनके एक से दो दिन के उत्तराखंड दौरे की तैयारी कर रहा है। इसी बीच कांग्रेस प्रदेश प्रभारी Kumari Selja के भी जून के पहले सप्ताह में उत्तराखंड आने का कार्यक्रम तय है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी का कार्यालय भी उनके राज्य दौरे को लेकर इच्छुक है।

कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने बताया कि पार्टी ने आल इंडिया कांग्रेस कमेटी से आग्रह किया है कि राहुल गांधी का कार्यक्रम पौड़ी या लैंसडाउन में रखा जाए। उन्होंने कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं दोनों क्षेत्रों में उनका एक-एक दिन का दौरा प्रस्तावित है, जिसकी तिथियां जल्द तय की जाएंगी।

हरक सिंह रावत के अनुसार, राहुल गांधी यदि उत्तराखंड आते हैं तो वे सैनिकों और उनके परिवारों से संवाद करेंगे और विशेष रूप से अग्निवीर योजना तथा वन रैंक वन पेंशन जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरे से संगठन को मजबूती मिलेगी और पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

उत्तराखंड में फॉरेस्ट गार्ड के 1000 पदों पर होगी भर्ती, CM ने दिए निर्देश

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देहरादून। पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और मानसून तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें और वन संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में वनाग्नि नियंत्रण के लिए शीतलखेत मॉडल लागू करने, फायर लाइन के आसपास छोटी तलैया बनाने और जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने फॉरेस्ट गार्ड के एक हजार पदों पर नई नियुक्तियां करने की घोषणा भी की। साथ ही वन पंचायतों और ग्राम समितियों को आवश्यक बजट उपलब्ध कराने तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए प्रत्येक वन डिवीजन में पशु चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

ग्रीष्मकाल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पेयजल और विद्युत व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तीर्थ और पर्यटन स्थलों सहित सभी क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा क्षतिग्रस्त लाइनों को शीघ्र दुरुस्त किया जाए।

मानसून तैयारियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभारी सचिवों को जिलों का स्थलीय निरीक्षण करने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में उन्होंने अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्क्रीनिंग में स्वास्थ्य की दृष्टि से अयोग्य पाए जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि उनकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सके।