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रुद्रप्रयाग में पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आए यात्री, एक की मौत, एक गंभीर घायल

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रुद्रप्रयाग के सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर हनुमान बैरल के पास पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने से बड़ा हादसा हो गया। पत्थरों की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद मार्ग पर कुछ समय के लिए आवाजाही भी प्रभावित रही।

उत्तराखंड : प्रतिबंधित घाट पर फोटो खींचते समय गंगा में बहे दो युवक, सर्च अभियान जारी

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ऋषिकेश। ऋषिकेश के थाना लक्ष्मणझूला क्षेत्र में प्रतिबंधित घाट पर फोटो खींचते समय दो युवक गंगा नदी के तेज बहाव में बह गए। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और दोनों युवकों की तलाश के लिए सर्च अभियान शुरू कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, अमरोहा (उत्तर प्रदेश) से चार दोस्त घूमने के लिए ऋषिकेश आए थे। गुरुवार शाम डबल ट्रिपल बीच के पास दो युवक नदी किनारे फोटो खींच रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गंगा की तेज धारा में बह गए। साथ मौजूद दोस्तों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन दोनों युवक पानी में डूब गए। डूबने वाले युवकों की पहचान मोहम्मद फैज़ान (25) पुत्र अली अब्बास और मोहम्मद कैफ (19) पुत्र नसीम अख्तर निवासी नौगावां सादात, अमरोहा के रूप में हुई है।

घटना की सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम ने शुक्रवार सुबह से डीप डाइवरों और आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बताया जा रहा है कि हादसा जिस स्थान पर हुआ, वह प्रतिबंधित और असुरक्षित घाट क्षेत्र है, जहां लोगों के जाने पर रोक लगी हुई है। एसडीआरएफ ने लोगों से अपील की है कि नदी किनारे विशेष सावधानी बरतें और प्रतिबंधित घाटों पर जाने से बचें। प्रशासन ने भी पर्यटकों से गंगा किनारे फोटो खींचने और सेल्फी लेने के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

यमुनोत्री धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, 32 दिनों में मंदिर समिति को 23.5 लाख की आय

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बड़कोट। विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम में कपाट खुलने के बाद से श्रद्धालुओं का सैलाब लगातार उमड़ रहा है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन के लिए धाम पहुंच रहे हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या का असर मंदिर समिति की आय पर भी साफ दिखाई दे रहा है। यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक मंदिर समिति की आय में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

गुरुवार को यमुनोत्री धाम मंदिर परिसर में स्थापित दान पात्र को मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित समाज, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में खोला गया। इसके बाद दान पात्र में प्राप्त धनराशि की गणना की गई। पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराई गई।

अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 19 अप्रैल को यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। कपाट खुलने के बाद बीते 32 दिनों में मंदिर समिति को कुल 23.5 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई है। इसमें दान पात्र से करीब 15.5 लाख रुपये की राशि मिली, जबकि रसीद बुक के माध्यम से लगभग 7.5 लाख रुपये की आय दर्ज की गई है।

मंदिर समिति के अनुसार, यात्रा सीजन के दौरान अब तक लगभग सवा तीन लाख श्रद्धालु यमुनोत्री धाम पहुंचकर मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या से पूरे क्षेत्र में रौनक बनी हुई है। यात्रा मार्ग पर होटल व्यवसायी, घोड़ा-खच्चर संचालक, दुकानदार और स्थानीय व्यापारी भी उत्साहित नजर आ रहे हैं। यात्रियों की आवाजाही से स्थानीय कारोबार को भी अच्छा लाभ मिल रहा है।

मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल और पुरोहित समाज के मनमोहन उनियाल ने बताया कि कई व्यवस्थागत चुनौतियों और अव्यवस्थाओं के बावजूद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ धाम पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि यदि यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत एवं सुविधाजनक बनाया जाए तो मंदिर समिति की आय में और अधिक वृद्धि हो सकती है। उन्होंने धाम में यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, बेहतर प्रबंधन और आय के नए स्रोत विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

18 जून को होंगे राज्यसभा चुनाव, 10 राज्यों की 24 सीटों पर मतदान

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नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 24 रिक्त सीटों पर चुनाव कराने की घोषणा कर दी है। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इन सीटों के लिए 18 जून को मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया 1 जून से शुरू होगी।

चुनाव आयोग के नोटिफिकेशन के मुताबिक, 1 जून को अधिसूचना जारी की जाएगी। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है, जबकि 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 11 जून तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा।

आयोग ने बताया कि यह चुनाव 10 राज्यों में आयोजित किए जाएंगे। जिन सदस्यों का कार्यकाल 21 जून से 19 जुलाई के बीच समाप्त हो रहा है, उनकी सीटों पर नए प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा। राज्यसभा चुनाव आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीटों, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीटों, झारखंड की दो सीटों तथा मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की एक-एक सीट पर होंगे।

इन सीटों पर जिन प्रमुख नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कूरियन और रवनीत सिंह बिट्टू शामिल हैं।

Important news: दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर आज से 8 जून तक ट्रैफिक डायवर्जन

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देहरादून। दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के गणेशपुर–देहरादून सेक्शन पर ढलान स्थिरीकरण कार्य के लिए 22 मई से 8 जून 2026 तक ट्रैफिक डायवर्जन योजना लागू रहेगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।

एनएचएआई के अनुसार, पहाड़ी ढलानों की स्केलिंग तथा अतिरिक्त मलबा हटाने का कार्य वर्षा ऋतु से पहले पूरा किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त वन भूमि भी डायवर्ट की गई है। कार्य के दौरान हाईवे के लगभग 1.250 किलोमीटर हिस्से पर यातायात को वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया जाएगा।

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देहरादून की ओर जाने वाले वाहनों को किलोमीटर 14+650 पर लेफ्ट हैंड साइड (एलएचएस) कैरिजवे से राइट हैंड साइड (आरएचएस) कैरिजवे पर डायवर्ट किया जाएगा। करीब 1.250 किलोमीटर तक यातायात आरएचएस कैरिजवे से संचालित होने के बाद किलोमीटर 15+900 पर, दात काली टनल से पहले, वाहनों को पुनः एलएचएस कैरिजवे पर स्थानांतरित किया जाएगा।

वहीं दिल्ली और सहारनपुर की ओर जाने वाले वाहनों को डाट काली टनल पार करने के बाद पुराने हाईवे मार्ग पर डायवर्ट किया जाएगा। लगभग 1.3 किलोमीटर पुराने हाईवे का उपयोग करने के बाद यातायात को फिर से दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के आरएचएस कैरिजवे पर लाया जाएगा।

एनएचएआई ने बताया कि यातायात संचालन को सुचारु बनाए रखने और यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए 24 घंटे फ्लैगमैन तैनात किए जाएंगे। हाईवे का शेष भाग सामान्य रूप से यातायात के लिए खुला रहेगा।

गौरतलब है कि भारतमाला परियोजना के अंतर्गत एनएच-72ए के गणेशपुर से आशारोड़ी तक छह-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा है। यह सेक्शन पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है, जहां चौड़ीकरण के दौरान पहाड़ों की कटिंग की गई है। संभावित पत्थर गिरने की घटनाओं को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर पहले ही स्टोन कैचर लगाए जा चुके हैं।

उत्तराखंड से दुखद खबर : दर्दनाक सड़क हादसा, खाई में गिरी कार, पांच लोगों की मौत

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नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। भवालीगांव बाईपास मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार अचानक संतुलन खो बैठी और सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में कार सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि प्रशासन की ओर से मृतकों की आधिकारिक पहचान अभी जारी नहीं की गई है। दुर्घटना में अन्य लोगों के घायल होने की भी आशंका जताई जा रही है।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी)-2026 के लिए देशभर से नामांकन आमंत्रित किए हैं। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार प्रतिवर्ष उन बच्चों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियां हासिल कर देश और समाज का नाम रोशन किया हो।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के अंतर्गत वीरता, खेल, सामाजिक सेवा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण तथा कला एवं संस्कृति जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाता है। सरकार का उद्देश्य प्रतिभाशाली और प्रेरणादायी बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्रदान करना है।

पुरस्कार के लिए भारत में निवास करने वाला कोई भी भारतीय नागरिक पात्र होगा, जिसकी आयु 31 जुलाई 2026 तक न्यूनतम 5 वर्ष तथा अधिकतम 18 वर्ष हो। इच्छुक बच्चे स्वयं भी आवेदन कर सकते हैं, जबकि किसी संस्था, विद्यालय अथवा व्यक्ति द्वारा भी योग्य बच्चों के नाम की अनुशंसा की जा सकती है।

सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नामांकन केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया पोर्टल http://awards.gov.in पर उपलब्ध है।

ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। केंद्र सरकार ने अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों से योग्य बच्चों के नामांकन कराने की अपील की है, ताकि देश की उभरती प्रतिभाओं को उचित मंच और सम्मान मिल सके। अधिक जानकारी एवं दिशा-निर्देशों के लिए अभ्यर्थी  http://awards.gov.in पर विजिट कर सकते हैं।

राजीव गांधी के शहादत दिवस पर कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, आधुनिक भारत और सूचना क्रांति के जनक थे पूर्व प्रधानमंत्री: गोदियाल 

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देहरादून :  प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शहादत दिवस पर बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन, देहरादून में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान “राजीव गांधी अमर रहें” और “जब तक सूरज चांद रहेगा, राजीव तेरा नाम रहेगा” जैसे नारों से परिसर गूंज उठा।

कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने किया। इस अवसर पर उन्होंने राजीव गांधी को आधुनिक भारत और सूचना क्रांति का जनक बताते हुए कहा कि उन्होंने देश को तकनीकी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने कहा कि पंचायतों को अधिकार संपन्न बनाने, युवाओं को 18 वर्ष की आयु में मतदान का अधिकार देने तथा लोकतंत्र को मजबूत करने में राजीव गांधी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा पंचायतों को मजबूत बनाने की पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल में संविधान के 73वें और 74वें संशोधन के माध्यम से पंचायतों को अधिक अधिकार दिए गए, जिससे लोकतंत्र को मजबूती मिली।

प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि राजीव गांधी ने सूचना प्रौद्योगिकी और पंचायती राज व्यवस्था को नई दिशा दी। उन्होंने युवाओं और महिलाओं को देश के विकास में भागीदारी का अवसर प्रदान किया।

इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र सिंह भंडारी, राजेन्द्र शाह, मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, सुरेन्द्र रांगड़, अजय सिंह, अभिनव थापर, लालचंद शर्मा, गरिमा दसौनी, राजेश चमोली, अमेन्द्र सिंह बिष्ट, अश्विनी बहुगुणा, गोदावरी थापली, अल्पसंख्यक अध्यक्ष सुलेमान अंसारी, शीशपाल बिष्ट, बलवीर सिंह, पिया थापा, बब्बन सती, जगदीश धीमान, अखिलेश उनियाल, उपेन्द्र थापली, यशपाल चौहान, टीटू त्यागी, सूरत सिंह नेगी, दिनेश कौशल, सुरेश डिमरी, विकास नेगी, राकेश राणा, रॉबिन त्यागी, गुरजीत लहरी, पूनम कंडारी, नजमा खान, पुष्पा पंवार, ललित भद्री, सुनीत राठौर, मोहन खत्री, सुमेन्द्र बोहरा, आशीष नौटियाल, अजय रावत, नितिन बिष्ट, सी.पी. सिंह, प्रीत आर्य, विनोद कुमार, रमेश कुमार मंगू, प्रशांत खंडूरी, टीकाराम पाण्डेय, मोहन काला, सावित्री थापा, अनुराधा तिवारी, आदर्श सूद, रितेश क्षेत्री, सुनील जायसवाल, सुनीता प्रकाश, महेश जोशी, मंजू चौहान, सचिन टिचकुले, मदन कोहली, मोहम्मद फैजल, शरीफ बेग सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

टिहरी में गांव की तरफ बढ़ रही थी जंगल की आग, बुझाने गई महिला की दर्दनाक मौत

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टिहरी: टिहरी गढ़वाल जिले के कीर्तिनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पैंडुला में जंगल की आग बुझाने गई एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। मृतका की पहचान 50 वर्षीय अंजू देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि जंगल में लगी आग धीरे-धीरे गांव की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान अंजू देवी आग को घरों तक पहुंचने से रोकने के लिए उसे बुझाने जंगल की तरफ गई थीं।

पूर्व प्रधान सुनय कुकसाल के अनुसार, महिला घर से करीब 150 मीटर दूर जंगल की ओर से फैल रही आग को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही थी। आग बुझाने के दौरान वह उसकी चपेट में आ गई और गंभीर रूप से झुलस गई। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

घटना की जानकारी तब सामने आई जब अंजू देवी देर रात तक घर वापस नहीं लौटीं। परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान महिला का शव जंगल के पास बरामद हुआ।

घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से जंगल की आग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ रही वनाग्नि अब गांवों के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है।

देश में भीषण गर्मी का कहर, ‘सुपर एल-नीनो’ से मानसून और खेती पर संकट के आसार

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देश के अधिकांश हिस्से इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। कई राज्यों में तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के बड़े हिस्से में लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में राहत की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में तेजी से विकसित हो रहा “सुपर एल-नीनो” आने वाले महीनों में दुनिया भर के मौसम को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। इसका असर भारत पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि एल-नीनो का सीधा संबंध दक्षिण-पश्चिम मानसून से माना जाता है।

कई शहरों में पारा 47 डिग्री के पार

बुधवार को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं अहमदाबाद और नागपुर जैसे शहरों में तापमान 41 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। उत्तर प्रदेश के बांदा में लगातार दूसरे दिन तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से अधिक रिकॉर्ड किया गया। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिल रहा है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने देश के कई हिस्सों में लू और भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय से शुष्क मौसम, बादलों की कमी और तेज धूप के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है।

क्या है एल-नीनो?

एल-नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जो तब बनती है जब पूर्वी प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ जाता है। समुद्र के पानी में असामान्य गर्मी आने से वैश्विक पवन प्रणाली प्रभावित होती है, जिसका असर दुनिया भर के मौसम पर पड़ता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, एल-नीनो के प्रभाव से भारत में मानसून कमजोर पड़ सकता है, जिससे वर्षा में कमी और सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बढ़ जाती है। यह घटना सामान्यतः हर दो से सात वर्ष में होती है और करीब एक वर्ष तक बनी रह सकती है।

150 साल का रिकॉर्ड टूटने की आशंका

मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस बार बनने वाला “सुपर एल-नीनो” वर्ष 1877 की ऐतिहासिक घटना से भी अधिक प्रभावशाली हो सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, जब समुद्र की सतह का औसत तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक बढ़ जाता है तो उसे “सुपर एल-नीनो” कहा जाता है।

ताजा अनुमान बताते हैं कि इस बार समुद्र के तापमान में वृद्धि तीन डिग्री सेल्सियस से अधिक हो सकती है, जो अब तक के रिकॉर्ड स्तर को पार कर सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे दुनिया के कई हिस्सों में भीषण गर्मी, सूखा, बाढ़ और मौसम संबंधी आपदाओं का खतरा बढ़ सकता है।

शहर बन रहे तपते द्वीप

विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के पीछे स्थानीय कारण भी जिम्मेदार हैं। बड़े शहरों में कंक्रीट का अत्यधिक फैलाव, वाहनों से निकलने वाला धुआं, कारखानों की गर्मी और शीतलन यंत्रों से निकलने वाली गर्म हवा शहरों को “तपते द्वीप” में बदल रही है। इसके कारण शहरी क्षेत्रों में तापमान ग्रामीण इलाकों की तुलना में अधिक दर्ज किया जा रहा है।

मानसून और खेती पर मंडरा रहा संकट

दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत की वार्षिक वर्षा का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा प्रदान करता है। यदि एल-नीनो मजबूत होता है तो इसका सबसे बड़ा असर मानसून पर पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने की आशंका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून कमजोर पड़ने से खरीफ फसलों पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि देश के लगभग 60 प्रतिशत किसान वर्षा आधारित खेती पर निर्भर हैं। उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में सूखे जैसे हालात बनने की आशंका जताई जा रही है, जबकि कुछ तटीय इलाकों में अत्यधिक वर्षा और बाढ़ की स्थिति भी बन सकती है।

भारी आर्थिक नुकसान की आशंका

विशेषज्ञों के अनुसार, इससे पहले आए बड़े एल-नीनो घटनाक्रमों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया था। वर्ष 1982-83 और 1997-98 के एल-नीनो के दौरान दुनिया भर में खरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ था। ऐसे में वैज्ञानिक इस बार भी कृषि, जल संसाधन, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका जता रहे हैं।