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उत्तराखंड में सियासी हलचल तेज, 6 बड़े नेता कांग्रेस में शामिल, BJP को झटका

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नई दिल्ली/देहरादून:उत्तराखंड की राजनीति में शनिवार को बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला। दिल्ली स्थित एआईसीसी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी के कई प्रमुख नेताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।

कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, पूर्व विधायक नारायण पाल, घनसाली से पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, रुड़की के पूर्व महापौर गौरव गोयल, मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता और लाखन सिंह नेगी शामिल हैं। इन नेताओं के शामिल होने से राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।

कांग्रेस ने इसे अपने लिए बड़ा राजनीतिक संकेत बताते हुए दावा किया कि भाजपा का जनाधार कमजोर हो रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा के भीतर भी असंतोष बढ़ रहा है, जिसके चलते अब उसके नेता कांग्रेस का रुख कर रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि पार्टी के पास ऐसे नेताओं की एक लंबी सूची है, जो कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल छह नेताओं ने औपचारिक रूप से सदस्यता ग्रहण की है और आने वाले समय में यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।

वहीं, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने कहा कि राज्य की जनता का रुझान तेजी से कांग्रेस की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियों से जनता का मोहभंग हो रहा है, जिसका असर अब पार्टी के नेताओं पर भी दिखाई देने लगा है।

पार्टी ने नए शामिल हुए नेताओं का स्वागत करते हुए इसे संगठन के लिए मजबूती का संकेत बताया है। साथ ही कार्यकर्ताओं में भी उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। कांग्रेस का दावा है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में भाजपा के और भी वरिष्ठ नेता पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

कांग्रेस ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने पक्ष में माहौल बनने का संकेत बताया है और राज्य में सरकार बनाने का दावा दोहराया है।

Income Tax Act 2025 लागू होते ही बदलेंगे सैलरी के नियम, जानिए असर

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नई दिल्ली। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल 2026 से देश में नया आयकर कानून लागू होने जा रहा है। Income Tax Act 2025 के लागू होते ही वेतनभोगी कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन भत्तों, सुविधाओं और अन्य लाभों के मूल्यांकन के नियम कड़े कर दिए गए हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, नए प्रावधानों के तहत कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी, टैक्स देनदारी और सैलरी का ब्रेकअप प्रभावित हो सकता है। अब कंपनियों को वेतन संरचना को नए नियमों के अनुरूप पुनर्गठित करना होगा, जिससे भले ही कुल CTC समान रहे, लेकिन उसमें शामिल विभिन्न घटकों का अनुपात बदल सकता है।

नए नियमों में भत्तों (Perquisites), प्रतिपूर्ति (Reimbursements) और नियोक्ता द्वारा दिए जाने वाले लाभों की स्पष्ट टैक्सेबल वैल्यू तय की गई है। पहले जहां कई भत्ते लचीले तरीके से तय किए जाते थे, अब उन पर सख्ती से कर लगाया जा सकेगा। इससे कर्मचारियों की टैक्सेबल इनकम बढ़ने की संभावना है।

इसके साथ ही, नए लेबर कोड के प्रावधानों का भी असर सैलरी स्ट्रक्चर पर पड़ेगा। नियमों के अनुसार अब बेसिक सैलरी कुल CTC का कम से कम 50 प्रतिशत होना जरूरी है। इससे भविष्य निधि (PF) और ग्रेच्युटी में योगदान बढ़ सकता है, जबकि टैक्स-फ्री भत्तों की गुंजाइश घट सकती है।

नए आयकर नियमों के तहत कई ऐसी सुविधाएं भी टैक्स के दायरे में लाई गई हैं, जो पहले कर-मुक्त मानी जाती थीं। कंपनी द्वारा दिया गया आवास, लंबे समय तक होटल में ठहरना, ऑफिस की कार का निजी उपयोग, ड्राइवर की सुविधा, घरेलू नौकर, बिजली-पानी के बिल, बच्चों की फीस, गिफ्ट, क्लब सदस्यता और कंपनी क्रेडिट कार्ड से निजी खर्च—इन सभी को अब टैक्सेबल लाभ माना जाएगा।

करदाताओं के लिए पुराने और नए टैक्स सिस्टम के बीच चयन भी महत्वपूर्ण रहेगा। नए टैक्स सिस्टम में दरें कम हैं लेकिन छूट सीमित हैं, जबकि पुराने सिस्टम में HRA, धारा 80C और अन्य कटौतियों का लाभ मिलता है। ऐसे में किस विकल्प में कम टैक्स देना होगा, यह व्यक्ति की सैलरी संरचना पर निर्भर करेगा।

विशेषज्ञों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे नए नियम लागू होने से पहले अपने सैलरी स्ट्रक्चर की समीक्षा करें, CTC का पूरा ब्रेकअप समझें और दोनों टैक्स सिस्टम के तहत अपनी कर देनदारी की तुलना करें। जरूरत पड़ने पर नियोक्ता से सैलरी पुनर्गठन पर भी चर्चा की जा सकती है।

सरकार का मानना है कि नए नियमों से टैक्स प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी, जबकि कर्मचारियों के लिए यह बदलाव उनके वेतन और टैक्स प्लानिंग पर सीधा असर डाल सकता है।

LPG के नाम पर वसूली! रेस्टोरेंट्स पर सरकार सख्त, तुरंत करें शिकायत

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नई दिल्ली। देश में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के बीच आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने लगा है। कई फास्ट फूड कॉर्नर और रेस्टोरेंट ग्राहकों के बिल में “LPG चार्ज” या “गैस सप्लाई शुल्क” के नाम पर अतिरिक्त पैसे वसूल रहे हैं। इस पर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

Department of Consumer Affairs India ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए उपभोक्ताओं को आगाह किया है कि बिल में यदि “LPG Charges” के नाम पर कोई अतिरिक्त राशि जोड़ी गई हो तो सावधान रहें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं से केवल निर्धारित टैक्स ही लिया जा सकता है, इसके अलावा कोई भी छिपा हुआ शुल्क वसूलना अनुचित है।

विभाग द्वारा साझा किए गए एक उदाहरण बिल में गैस सप्लाई इश्यू के नाम पर अतिरिक्त शुल्क जोड़े जाने का मामला भी सामने आया है। इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना गया है।

सरकार ने ऐसे मामलों में तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। उपभोक्ता बिना किसी जटिल प्रक्रिया के सीधे राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए 1915 नंबर पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

इसके अलावा उपभोक्ता व्हाट्सऐप के जरिए भी शिकायत कर सकते हैं। 8800001915 नंबर पर “Hi” भेजकर चैट के माध्यम से संबंधित विकल्प चुनते हुए शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं को जागरूक रहना जरूरी है ताकि कोई भी व्यापारी गैस संकट का फायदा उठाकर मनमाने तरीके से अतिरिक्त शुल्क न वसूल सके। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि ऐसी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

‘धुरंधर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, 9 दिन में 1100 करोड़ पार

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मुंबई।Dhurandhar 2 बॉक्स ऑफिस पर लगातार धमाल मचा रही है। रिलीज के महज 9 दिनों में फिल्म ने वर्ल्डवाइड कलेक्शन के मामले में 1100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है, जो इसे साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल कर रहा है।

ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने दूसरे हफ्ते में भी शानदार पकड़ बनाए रखी है। खास बात यह है कि वीकडेज में भी फिल्म की कमाई में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिली, जिससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन के साथ Dhurandhar 2 ने Kalki 2898 AD और Jawan जैसी बड़ी फिल्मों के लाइफटाइम कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया है। फिल्म की सफलता ने बॉक्स ऑफिस के कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म की दमदार कहानी, शानदार एक्शन और स्टारकास्ट की जबरदस्त परफॉर्मेंस इसकी सफलता की बड़ी वजह है। साथ ही, वर्ड ऑफ माउथ और सोशल मीडिया पर मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया ने भी फिल्म को जबरदस्त बढ़त दिलाई है। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। खासतौर पर गल्फ, अमेरिका और यूरोप के बाजारों में भी फिल्म ने शानदार कमाई की है।

ट्रेड एनालिस्ट्स का अनुमान है कि आने वाले दिनों में Dhurandhar 2 का कलेक्शन और भी तेजी से बढ़ सकता है और यह 1200 करोड़ क्लब में भी जल्द शामिल हो सकती है। फिलहाल, फिल्म की रफ्तार को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि Dhurandhar 2 बॉक्स ऑफिस पर नए इतिहास रचने की ओर बढ़ रही है।

बैंक ने निकाली नई भर्ती, भरी जा रही हेड, डिप्टी मैनेजर की वैकेंसी, ऐसे करें आवेदन

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बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। Bank of Baroda ने वेल्थ मैनेजमेंट सर्विस विभाग में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

जारी अधिसूचना के अनुसार आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है, जबकि आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि से पहले ही आवेदन पूरा कर लें।

भर्ती के तहत कुल 104 पदों को भरा जाएगा। इनमें AVP-II ग्रुप हेड के 4 पद, AVP-II टेरिटरी हेड के 17 पद, डिप्टी मैनेजर (सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर) के 70 पद और डिप्टी मैनेजर (वेल्थ स्ट्रेटजिस्ट – इनवेस्टमेंट एवं इंश्योरेंस) के 13 पद शामिल हैं।

इन पदों पर आवेदन के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (ग्रेजुएशन) की डिग्री होना अनिवार्य है। साथ ही पदानुसार अनुभव भी निर्धारित किया गया है। ग्रुप हेड पद के लिए न्यूनतम 10 वर्ष, टेरिटरी हेड के लिए 6 वर्ष तथा अन्य पदों के लिए कम से कम 3 वर्ष का संबंधित क्षेत्र में अनुभव जरूरी है।

आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 24 वर्ष और अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार छूट दी जाएगी। चयन प्रक्रिया में शॉर्टलिस्टिंग, ऑनलाइन परीक्षा और साइकोमेट्रिक टेस्ट शामिल हो सकते हैं।

आवेदन शुल्क सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 850 रुपये रखा गया है, जबकि एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी, पूर्व सैनिक और महिला उम्मीदवारों के लिए 175 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।

बैंक ने स्पष्ट किया है कि सभी पद संविदा (कॉन्ट्रैक्चुअल) आधार पर भरे जाएंगे। उम्मीदवारों को आवेदन करते समय अपनी सभी जानकारियां प्रमाण पत्रों के अनुसार सही-सही भरने की सलाह दी गई है।

उत्तराखंड की सियासत में बड़ा उलटफेर, आज कांग्रेस में शामिल होंगे ये 6 बड़े नेता

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देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में आज शनिवार, 28 मार्च को बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य के करीब छह बड़े नेता कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। हालांकि अभी तक कांग्रेस या संबंधित नेताओं की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज है।

बताया जा रहा है कि जिन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, वे गढ़वाल और कुमाऊं मंडल की अहम विधानसभा सीटों से जुड़े हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

गढ़वाल मंडल की बात करें तो टिहरी की घनसाली सीट से जुड़े पूर्व विधायक भीमलाल आर्या, मसूरी से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता और रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा है। ये नेता अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं, जिनमें बीजेपी और निर्दलीय भी शामिल हैं।

वहीं, कुमाऊं मंडल से भीमताल के पूर्व ब्लॉक प्रमुख लाखन सिंह नेगी, सितारगंज के पूर्व विधायक नारायण पाल और रुद्रपुर के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के नाम सामने आ रहे हैं। इन सभी नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने से क्षेत्रीय समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है।

खास बात यह है कि इन नेताओं की संभावित ज्वाइनिंग दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में हो सकती है। इस दौरान गणेश गोदियाल समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रह सकते हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर ये नेता कांग्रेस में शामिल होते हैं, तो उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी पार्टी का रुख कर सकते हैं, जिससे आगामी चुनाव में कांग्रेस को बढ़त मिल सकती है।

गौरतलब है कि यह सियासी हलचल ऐसे समय में हो रही है जब राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली दौरे पर हैं और हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है।

शादी से पहले दूल्हों का डोप टेस्ट अनिवार्य करने की मांग, संसद में उठा मुद्दा

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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने केंद्र सरकार से शादी के समय दूल्हों के लिए डोप टेस्ट और मेडिकल जांच अनिवार्य करने की मांग की है। उन्होंने शुक्रवार को संसद में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया।

कंग ने कहा कि समाज में तलाक और घरेलू हिंसा के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि जब विवाह होता है तो आमतौर पर लड़की के बारे में विस्तृत जांच-पड़ताल की जाती है, लेकिन लड़कों के मामले में ऐसी सख्ती नहीं अपनाई जाती।

उन्होंने यह भी कहा कि कई बार विवाह से पहले महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और नशे से जुड़ी जानकारियां छिपाई जाती हैं, जिससे बाद में रिश्तों में तनाव पैदा होता है। ऐसे में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शादी से पहले दूल्हों का डोप टेस्ट और मेडिकल जांच अनिवार्य करने के लिए कानून बनाया जाना चाहिए।

सांसद ने केंद्र सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की, ताकि वैवाहिक जीवन में विश्वास और सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।

उत्तराखंड में शिक्षकों के वार्षिक ट्रांसफर और प्रमोशन पर सरकार सख्त, प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

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देहरादून: उत्तराखंड में विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण हर हाल में किए जाएंगे। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही, विद्यालयों के कोटीकरण से जुड़े मामले में उच्च न्यायालय में प्रभावी और तथ्यपरक पैरवी करने को भी कहा गया है।

राज्य के विद्यालयी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि वार्षिक स्थानांतरण और पदोन्नति शिक्षकों का मौलिक अधिकार है और सरकार इसको लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्थानांतरण प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए, ताकि पात्र शिक्षक समयबद्ध तरीके से आवेदन कर पारदर्शी व्यवस्था के तहत इसका लाभ उठा सकें।

मंत्री ने बताया कि शिक्षकों के ट्रांसफर और प्रमोशन को लेकर वित्त एवं कार्मिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में विस्तार से चर्चा की गई है। इस दौरान विशेष रूप से अनुरोध श्रेणी (रिक्वेस्ट बेस्ड) के स्थानांतरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा, स्थानांतरण और विद्यालयों के कोटीकरण से जुड़े मामलों में उच्च न्यायालय में लंबित याचिका पर ठोस पैरवी करने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर विशेष अपील दायर करने की भी तैयारी है, ताकि स्थानांतरण सत्र शुरू होने से पहले इन मामलों का निस्तारण हो सके और शिक्षकों को समय पर लाभ मिल सके।

मंत्री धन सिंह रावत ने यह भी कहा कि सरकार शिक्षकों के प्रमोशन को लेकर भी गंभीर है और जल्द से जल्द लंबित मामलों का निपटारा करने के लिए शासन और विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों को इस दिशा में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

उत्तराखंड में प्री एसआईआर पहली अप्रैल से।

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1 अप्रैल से चलेगा प्री एस आई आर में मैपिंग का सघन अभियान

– 8 फीसदी मैपिंग पूरी, कम मैपिंग वाले बूथ पर स्पेशल फोकस

देहरादून। 27 मार्च।अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने शुक्रवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस कान्फ्रेंस कर आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों और प्रगति के सम्बंध में विस्तृत जानकारी दी।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ जोगदंडे ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशन में प्रदेश में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण के दृष्टिगत प्री-एसआईआर फेज में 85 प्रतिशत से अधिक मैपिंग का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी अप्रैल माह से प्रदेश में और भी सघन डोर-टू-डोर अभियान चलाकर कम मैपिंग वाले बूथ पर स्पेशल फोकस करते हुए मैपिंग का कार्य पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के कम में प्रत्येक बूथ पर एब्सेंट, शिफ्टेड और डेथ (ASD) सूची तैयार की जा रही है ताकि मतदाता सूची के शुद्धिकरण कार्य और गहनता से किया जा सके।

एक क्लिक पर अपने BLO के लिए बुक करा सकते हैं फोनकॉल

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा के लिए “बुक ए कॉल विद बीएलओ” के फीचर से मतदाता एक क्लिक पर अपने बीएलओ के साथ कॉल बुक करा सकते हैं। इसके लिए मतदाता https://voters.eci.gov.in वेबसाइट पर विजिट करके या ECI-NET मोबाइल ऐप को डाउनलोड कर अपनी कॉल बुक करा सकते हैं। कॉल बुक कराने के बाद दो दिन के भीतर बीएलओ द्वारा मतदाता से स्वयं संपर्क किया जाएगा।

19 हजार बीएलए नियुक्त

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने राजनैतिक दलों से शत प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स की नियुक्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 11733 पोलिंग बूथों के सापेक्ष सभी दलों द्वारा 19116 बीएलए की ही नियुक्ति हुई है। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा 9276, कांग्रेस पार्टी द्वारा 9506, सीपीआई (एम) द्वारा 217, बीएसपी द्वारा 117 बीएलए की नियुक्ति की गई है।
इस अवसर पर उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास भी उपस्थित रहे ।

भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, डॉलर के मुकाबले 94.40 पर पहुंचा

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नई दिल्ली। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया गिरकर 94.40 प्रति डॉलर तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे कमजोर स्तर माना जा रहा है। रुपये में आई इस तेज गिरावट ने बाजार और आर्थिक विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, रुपये की कमजोरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती, पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने रुपये पर दबाव बनाया है। भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए तेल की महंगी कीमतें सीधे तौर पर मुद्रा पर असर डालती हैं।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा भारतीय शेयर बाजार से लगातार पूंजी निकासी भी रुपये की गिरावट का एक प्रमुख कारण है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग बढ़ने से भी रुपये पर दबाव बढ़ा है।

रुपये की कमजोरी का असर आम लोगों पर भी पड़ सकता है। इससे पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और अन्य आयातित वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका है। वहीं, विदेश में पढ़ाई और यात्रा करने वालों के लिए खर्च और अधिक बढ़ जाएगा।

हालांकि, रुपये की गिरावट का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि इससे भारत के निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है, क्योंकि भारतीय उत्पाद विदेशी बाजार में सस्ते हो जाते हैं।

इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर बाजार में हस्तक्षेप कर सकता है, ताकि रुपये की अत्यधिक गिरावट को रोका जा सके। आर्थिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर रुपये की दिशा तय होगी। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रहने के संकेत मिल रहे हैं।