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पूर्व मुख्यमंत्री खंडूड़ी के निधन पर उपराष्ट्रपति ने जताया शोक

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देहरादून। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उपराष्ट्रपति उनके आवास पहुंचे और दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने कहा कि मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी का देश और समाज के विकास में योगदान सदैव याद किया जाएगा। उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनके निधन से देश ने एक विशिष्ट सैनिक, कुशल प्रशासक और असाधारण सत्यनिष्ठा वाले राजनेता को खो दिया है।

उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

Google और Samsung ने पेश किए Gemini AI स्मार्ट ग्लासेस, बिना फोन निकाले मिलेंगी कॉल…और भी बहुत कुछ

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Google और Samsung ने Google I/O 2026 कीनोट के दौरान अपने नेक्स्ट-जेनरेशन AI स्मार्ट ग्लासेस पेश किए। ये स्मार्ट ग्लासेस तेजी से विस्तार कर रहे Android XR इकोसिस्टम का हिस्सा हैं, जिसे एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) डिवाइसेस के लिए विकसित किया गया है। कंपनियों का दावा है कि ये डिवाइस यूजर्स को स्मार्टफोन पर लगातार निर्भर हुए बिना हैंड्स-फ्री डिजिटल असिस्टेंस प्रदान करेंगे।

Google ने बताया कि नई स्मार्ट ग्लासेस सीरीज को दो कैटेगरी में लॉन्च किया जाएगा। पहली कैटेगरी ऑडियो स्मार्ट ग्लासेस की है, जो वॉयस-बेस्ड असिस्टेंस और इन-बिल्ट स्पीकर्स के जरिए काम करेगी। दूसरी कैटेगरी डिस्प्ले स्मार्ट ग्लासेस की है, जिसमें यूजर्स को सीधे विजुअल इंफॉर्मेशन दिखाई जाएगी। दोनों ही डिवाइस Google Gemini AI प्लेटफॉर्म पर आधारित होंगे।

इस साल लॉन्च होंगे ऑडियो स्मार्ट ग्लासेस

Google के अनुसार, ऑडियो-फोकस्ड स्मार्ट ग्लासेस सबसे पहले इस साल फॉल सीजन में बाजार में उतारे जाएंगे। इसके लिए कंपनी ने प्रीमियम आईवियर ब्रांड Gentle Monster और Warby Parker के साथ साझेदारी की है। इन कंपनियों के डिजाइन किए गए स्मार्ट ग्लासेस कलेक्शन को वर्ष के अंत तक पेश किए जाने की योजना है।

बिना फोन निकाले कर सकेंगे कॉल और मैसेज

ये स्मार्ट ग्लासेस स्मार्टफोन के कंपैनियन डिवाइस के रूप में काम करेंगे। यूजर्स फोन जेब से निकाले बिना कॉल रिसीव कर सकेंगे, मैसेज पढ़ सकेंगे और नोटिफिकेशन समरी सुन सकेंगे। Google ने कहा कि इन ग्लासेस में प्राइवेट ओवर-इयर स्पीकर्स दिए गए हैं, जिनकी मदद से म्यूजिक स्ट्रीमिंग, ऑडियो प्लेबैक और कॉलिंग की सुविधा मिलेगी।

रियल-टाइम ट्रांसलेशन और विजुअल AI फीचर

स्मार्ट ग्लासेस का सबसे बड़ा आकर्षण रियल-टाइम ट्रांसलेशन फीचर है। यूजर्स किसी भी भाषा में हो रही बातचीत का तुरंत अनुवाद सुन सकेंगे। इतना ही नहीं, सड़क संकेतों, मेन्यू कार्ड और आसपास लिखे टेक्स्ट का भी लाइव ट्रांसलेशन किया जा सकेगा। यूजर्स ‘Hey Google’ कमांड या फ्रेम पर टैप करके Gemini AI को एक्टिव कर सकेंगे। इसके बाद AI असिस्टेंट आसपास के माहौल को समझकर ऑब्जेक्ट्स, लोकेशन और अन्य जानकारी से जुड़े सवालों के जवाब देगा।

नेविगेशन और लोकेशन बेस्ड सहायता

इन ग्लासेस में कॉन्टेक्स्टुअल विजुअल अंडरस्टैंडिंग फीचर दिया गया है। इसकी मदद से यूजर आसपास मौजूद रेस्टोरेंट्स, पार्किंग स्पॉट, मौसम और अन्य स्थानों से जुड़ी जानकारी पूछ सकेंगे। साथ ही ग्लासेस रियल-टाइम टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन भी उपलब्ध कराएंगे।Gemini AI यूजर्स की पसंद के आधार पर रास्ते में स्टॉप जोड़ने, नजदीकी रेस्टोरेंट सुझाने और यात्रा को बेहतर बनाने में भी सक्षम होगा।

AI फोटोग्राफी और एडिटिंग सपोर्ट

स्मार्ट ग्लासेस AI-असिस्टेड फोटोग्राफी को भी सपोर्ट करेंगे। यूजर्स वॉयस कमांड देकर फोटो और वीडियो कैप्चर कर सकेंगे। इसके बाद Gemini AI आधारित टूल्स की मदद से तस्वीरों से अनचाहे ऑब्जेक्ट हटाने और एडिटिंग जैसे फीचर्स का उपयोग किया जा सकेगा।Google ने पुष्टि की है कि ये स्मार्ट ग्लासेस एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर काम करेंगे। कंपनी के मुताबिक, यह प्रोडक्ट Google के Gemini AI प्लेटफॉर्म, Samsung की हार्डवेयर इंजीनियरिंग और प्रीमियम आईवियर कंपनियों की डिजाइन विशेषज्ञता का संयुक्त परिणाम है।

RBI के अनुमान से ज्यादा बढ़ सकती है महंगाई, ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स

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नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ती ईंधन कीमतों और आपूर्ति संबंधी दबावों का असर अब भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। Oxford Economics की वेस्ट एशिया रिसर्च डिवीजन प्रमुख अलेक्जेंड्रा हरमन प्रसाद ने चेतावनी दी है कि भारत महंगाई के झटकों से पूरी तरह बच नहीं सकता और आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुमान से भी अधिक हो सकती है।

ईनाडु-ईटीवी भारत को दिए विशेष इंटरव्यू में अलेक्जेंड्रा हरमन प्रसाद ने कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों का असर केवल पेट्रोल और डीजल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव उद्योग, परिवहन, होटल, रेस्तरां और कृषि समेत लगभग सभी क्षेत्रों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक उपभोक्ता पहले से ही ऊंची ईंधन कीमतों और आपूर्ति शृंखला पर बढ़ते दबाव का सामना कर रहे हैं।

10 फीसदी तेल वृद्धि से महंगाई में बड़ा उछाल

ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के अध्ययन के अनुसार, यदि वैश्विक ईंधन कीमतों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है, तो अगले तीन से चार महीनों में भारत की मुख्य मुद्रास्फीति 0.3 से 0.4 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि वर्ष 2026 की चौथी तिमाही तक कोर इन्फ्लेशन 6.4 प्रतिशत तक पहुंच सकता है, जो RBI के अनुमान से काफी अधिक होगा। उन्होंने कहा कि खाद्य महंगाई भी लगातार बढ़ रही है और इसका असर पिछले साल के अंत से ही परिवारों पर दिखने लगा था। हालांकि इस वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही में यह दबाव और अधिक गहरा होने की संभावना है।

उद्योग, होटल और परिवहन क्षेत्र पर सबसे ज्यादा असर

अलेक्जेंड्रा हरमन प्रसाद के मुताबिक, शुरुआती असर ईंधन कीमतों में दिखा था, लेकिन अब यह प्रभाव अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों तक फैल सकता है। मैन्युफैक्चरिंग, उद्योग, होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी और परिवहन लागत में बढ़ोतरी भी आने वाले महीनों में साफ दिखाई देगी। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र भी इस संकट से अछूता नहीं रहेगा। उर्वरकों की उपलब्धता और आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ रही है। जून में खरीफ फसलों की बुवाई शुरू होने से पहले किसानों तक पर्याप्त खाद पहुंच पाना बड़ी चुनौती बन सकता है। धान और मक्का जैसी फसलों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण होता है।

RBI के अनुमान पर उठे सवाल

ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स ने RBI के मौजूदा महंगाई अनुमानों को भी कमतर बताया है। जहां RBI ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में औसत महंगाई दर 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है, वहीं ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स का अनुमान है कि यह दर 5.9 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। कैलेंडर वर्ष 2026 में भी महंगाई 5.1 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता मांग में कमजोरी के संकेत मिलने लगे हैं। कंपनियां बढ़ती लागत का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालने में सक्षम नहीं हैं, जिससे उनके वित्तीय दबाव बढ़ सकते हैं।

ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका

अलेक्जेंड्रा हरमन प्रसाद ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई और रुपये पर दबाव को देखते हुए RBI के पास सीमित विकल्प बचते हैं। ऐसे में इस वर्ष के अंत तक केंद्रीय बैंक दो बार 25-25 बेसिस पॉइंट की दर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। उन्होंने बताया कि विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट और बढ़ती फॉरवर्ड देनदारियां भी चिंता का विषय हैं। सितंबर 2025 तक विदेशी मुद्रा भंडार में 27 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई, जबकि मार्च 2026 तक फॉरवर्ड लायबिलिटीज 100 अरब डॉलर से अधिक पहुंचने का अनुमान है।

सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश में

रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने अब तक बढ़ती लागत का बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर डालने के बजाय खुद वहन करने की नीति अपनाई है। मार्च में कमर्शियल LPG कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद अप्रैल में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो आने वाले समय में ईंधन महंगाई को नियंत्रित रखना मुश्किल हो सकता है।

दक्षिण-पूर्व एशिया में भी बढ़ा दबाव, चीन की स्थिति अलग

ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के अनुसार, फिलीपींस, वियतनाम और थाईलैंड जैसे देशों में तेल कीमतों का असर तेजी से दिखाई दे रहा है। भारत भी जल्द इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर सकता है। हालांकि चीन की स्थिति अपेक्षाकृत अलग बताई गई है। वहां कंपनियों के पास बढ़ती लागत का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर डालने की सीमित क्षमता है, जिसके कारण चीन में भारत जैसी उच्च महंगाई की आशंका फिलहाल कम मानी जा रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी का आज हरिद्वार में अंतिम संस्कार

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देहरादून। भुवन चंद्र खंडूड़ी का आज 20 मई को हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनकी अंत्येष्टि दोपहर 12 बजे होगी। इससे पहले सुबह 11 बजे देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय से उनकी अंतिम यात्रा हरिद्वार के लिए रवाना होगी।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीसी खंडूड़ी का सोमवार, 19 मई को देहरादून के मैक्स अस्पताल में 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले लगभग एक माह से अस्वस्थ चल रहे थे और अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई राष्ट्रीय नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उनके देहरादून स्थित आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

आज सुबह 10:30 बजे भाजपा प्रदेश मुख्यालय में उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित कई सांसद, विधायक और पार्टी पदाधिकारी अंतिम दर्शन में शामिल होंगे। इसके बाद अंतिम यात्रा हरिद्वार के खड़खड़ी घाट के लिए रवाना होगी।

पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर राज्य सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। राजकीय शोक के दौरान प्रदेशभर में सभी सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। वहीं आज अंत्येष्टि के दिन प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

प्राथमिक शिक्षक भर्ती मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई, सरकार को दिए निर्देशों की समीक्षा के आदेश

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नैनीताल। उत्तराखंड में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं के मामले पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद राज्य सरकार से अब तक दिए गए निर्णयों का अवलोकन करने को कहा है।

मामले में वर्ष 2016 की भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दी गई है, जिसमें 11 योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति से वंचित रखने और नियम विरुद्ध नियुक्तियों के आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुईं और योग्य अभ्यर्थियों को अवसर नहीं मिला।

कोर्ट ने पूर्व में दिए अपने आदेशों में कहा था कि नियम विरुद्ध नियुक्त शिक्षकों की सेवा प्रभावित किए बिना, 2025 की भर्ती प्रक्रिया में 11 रिक्त पदों को सुरक्षित रखा जाए ताकि पात्र अभ्यर्थियों को समायोजित किया जा सके।

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि सीबीएसई और एनसीटीई द्वारा अयोग्य बताए जाने के बावजूद चयन समिति ने नियुक्तियों की सिफारिश कैसे की। साथ ही विभाग द्वारा बार-बार पुराने फैसलों को सही ठहराने के प्रयासों पर भी नाराजगी जताई गई।

राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के एक मामले का हवाला देते हुए याचिकाकर्ताओं को अपात्र बताया गया, जिसका याचिकाकर्ताओं ने विरोध किया। उनका कहना था कि उनकी पात्रता 2016 के विज्ञापन के अनुसार पहले से ही स्वीकार की जा चुकी है।

हाईकोर्ट ने संतुलित आदेश पारित करते हुए कहा कि मौजूदा नियुक्तियों पर असर डाले बिना याचिकाकर्ताओं को 11 सुरक्षित पदों पर समायोजित किया जाए। साथ ही सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह इस मामले में उचित कानूनी समाधान निकाले और अब तक लिए गए निर्णयों की समीक्षा करे।

पूर्व मुख्यमंत्री बी. सी. खंडूड़ी के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित

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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी के आकस्मिक निधन पर राज्य सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।

उत्तराखंड शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार 19 मई से 21 मई तक पूरे प्रदेश में राजकीय शोक रहेगा। इस दौरान सभी सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और किसी भी प्रकार के सरकारी मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे।

आदेश में यह भी कहा गया है कि 20 मई को उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। इस दिन सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।

जनरल बीसी खंडूड़ी का निधन: ईमानदार राजनीति, अनुशासन और विकास की मिसाल

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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी का निधन हो गया है। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और अस्पताल में उनका उपचार जारी था। उनके निधन की जानकारी विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने दी। उनके निधन से उत्तराखंड की राजनीति और सामाजिक जीवन में शोक की लहर दौड़ गई है। जनरल बीसी खंडूड़ी अपनी सादगी, ईमानदार छवि और अनुशासित कार्यशैली के लिए जाने जाते थे।

उत्तराखंड की राजनीति में जब भी ईमानदारी, सादगी और अनुशासन की बात होती है, तो सबसे पहले जिन नेताओं का नाम सामने आता है उनमें पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी प्रमुख हैं। सेना की पृष्ठभूमि से राजनीति में आए जनरल बीसी खंडूड़ी ने अपने कार्यकाल के दौरान सुशासन, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी। यही वजह रही कि उन्हें उत्तराखंड की राजनीति में एक साफ-सुथरी छवि वाले नेता के रूप में जाना गया।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का जन्म 1 अक्टूबर 1934 को तत्कालीन ब्रिटिश भारत के देहरादून में हुआ था। उनका मूल पैतृक गांव पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा देहरादून में प्राप्त की। बचपन से ही अनुशासन और देश सेवा की भावना उनके व्यक्तित्व का हिस्सा रही। इसके बाद उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से प्रशिक्षण प्राप्त किया और भारतीय सेना में अधिकारी बने। सेना में रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और अपने कुशल नेतृत्व तथा अनुशासनप्रिय छवि के कारण पहचान बनाई।

सेना से राजनीति तक का सफर

भारतीय सेना में लंबी सेवा देने के बाद वे मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए। सेना से रिटायरमेंट के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। खंडूड़ी पहली बार गढ़वाल लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। वे कई बार संसद पहुंचे और राष्ट्रीय राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी कार्यशैली गंभीर, तथ्यपरक और प्रशासनिक दृष्टिकोण वाली मानी जाती थी।

केंद्र सरकार में अहम जिम्मेदारियां

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में जनरल बीसी खंडूड़ी को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान उन्होंने देश की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को गति मिली और सड़क विकास को लेकर कई नई योजनाएं शुरू हुईं। उन्हें एक सख्त लेकिन परिणाम देने वाले मंत्री के रूप में देखा गया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में भूमिका

जनरल बीसी खंडूड़ी पहली बार वर्ष 2007 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने। उस समय राज्य नवगठित था और विकास की कई चुनौतियों से जूझ रहा था। उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और प्रशासनिक सुधारों को प्राथमिकता दी। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी पहचान पारदर्शी शासन और सख्त प्रशासन रहा। उन्होंने सरकारी कार्यप्रणाली में जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश की और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम करने के निर्देश दिए। हालांकि राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उन्हें बीच में पद छोड़ना पड़ा, लेकिन वर्ष 2011 में वे दोबारा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने। दूसरे कार्यकाल में भी उन्होंने विकास योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया।

खंडूड़ी सरकार के प्रमुख कार्य

1. भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख

जनरल खंडूड़ी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर रवैया अपनाया। उन्होंने सरकारी विभागों में पारदर्शिता लाने और जवाबदेही तय करने की दिशा में कई कदम उठाए।

2. सड़क और आधारभूत ढांचे का विकास

उनकी प्राथमिकता सड़क, पुल और ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण पर रही। पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए।

3. सैन्य और पूर्व सैनिकों के हितों की पैरवी

स्वयं सेना से जुड़े होने के कारण उन्होंने पूर्व सैनिकों और सैनिक परिवारों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

4. पर्यटन और निवेश को बढ़ावा

उन्होंने उत्तराखंड में पर्यटन और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कई पहल कीं। धार्मिक पर्यटन, एडवेंचर टूरिज्म और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया।

5. सुशासन की छवि

जनरल खंडूड़ी को “नो-नॉनसेंस” नेता माना जाता था। वे सादगीपूर्ण जीवन शैली और अनुशासित कार्यशैली के लिए प्रसिद्ध रहे।

राजनीतिक और व्यक्तिगत व्यक्तित्व

जनरल बीसी खंडूड़ी की छवि एक ईमानदार और सिद्धांतवादी नेता की रही। वे राजनीतिक बयानबाजी से अधिक काम पर विश्वास करते थे। उनकी सादगी और स्पष्टवादिता ने उन्हें जनता के बीच अलग पहचान दिलाई। उत्तराखंड की राजनीति में उन्हें उन नेताओं में गिना जाता है जिन्होंने व्यक्तिगत छवि से ऊपर उठकर राज्यहित को प्राथमिकता देने की कोशिश की।

परिवार और सामाजिक जीवन

जनरल बीसी खंडूड़ी का परिवार भी सार्वजनिक जीवन से जुड़ा रहा है। उनकी पुत्री ऋतु खंडूड़ी भूषण उत्तराखंड की राजनीति में सक्रिय हैं और विधानसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर रह चुकी हैं।

उत्तराखंड की राजनीति में विरासत

जनरल बीसी खंडूड़ी को उत्तराखंड की राजनीति में एक ऐसे नेता के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने राजनीति में अनुशासन, स्वच्छ छवि और प्रशासनिक सख्ती का उदाहरण प्रस्तुत किया। आज भी उत्तराखंड में जब सुशासन और ईमानदार नेतृत्व की चर्चा होती है, तो जनरल बीसी खंडूड़ी का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने सेना से लेकर राजनीति तक अपने जीवन के हर क्षेत्र में सेवा, अनुशासन और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा।

नागरिकता कानून में संशोधन, अब विदेशी पासपोर्ट की पूरी जानकारी अनिवार्य

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने नागरिकता प्रक्रिया को लेकर एक अहम बदलाव करते हुए नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी नए नियमों के तहत अब भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले लोगों को पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े अपने पासपोर्ट की पूरी जानकारी देना अनिवार्य होगा।

गृह मंत्रालय की ओर से सोमवार, 18 मई को जारी अधिसूचना के अनुसार नागरिकता नियम, 2009 की अनुसूची आईसी में नया प्रावधान जोड़ा गया है। यह संशोधन नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 18 के तहत लागू किया गया है। अधिसूचना संयुक्त सचिव गया प्रसाद द्वारा जारी की गई।

नए नियमों के मुताबिक भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले व्यक्तियों को यह बताना होगा कि उनके पास पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश की सरकार द्वारा जारी कोई वैध या समाप्त हो चुका पासपोर्ट है या नहीं। यदि आवेदक के पास ऐसा पासपोर्ट है, तो उसे पासपोर्ट नंबर, जारी करने की तारीख, जारी करने का स्थान और समाप्ति तिथि जैसी सभी जानकारियां देनी होंगी। इसके साथ ही नागरिकता आवेदन स्वीकृत होने के बाद आवेदकों को 15 दिनों के भीतर अपने विदेशी पासपोर्ट संबंधित सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पोस्ट या सुपरिटेंडेंट ऑफ पोस्ट के पास जमा कराने का भी वचन देना होगा।

सरकारी राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य नागरिकता आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और दस्तावेजों के सत्यापन को आसान करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले अल्पसंख्यक समुदायों के नागरिकता आवेदन से जुड़े मामलों को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसी क्रम में गृह मंत्रालय ने पिछले महीने ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) से जुड़े नियमों में भी कई बदलाव किए थे। नए प्रावधानों के तहत OCI पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। अब धारा 7A के तहत सभी आवेदन केवल सरकार के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे मैनुअल दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया समाप्त होगी, आवेदन प्रक्रिया तेज होगी और अनावश्यक प्रशासनिक देरी में कमी आएगी।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: सार्वजनिक स्थानों से हटेंगे आवारा कुत्ते

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नई दिल्ली। देशभर में बढ़ते आवारा कुत्तों के मामलों के बीच मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि आवारा कुत्तों से जुड़ा मुद्दा केवल पशु संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और लोगों की सुरक्षा से भी सीधे तौर पर जुड़ा हुआ मामला है।

सुप्रीम Court में इस मामले की सुनवाई के दौरान एनिमल वेलफेयर बोर्ड की ओर से जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया गया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने संबंधी निर्देश जारी रहेंगे।

कोर्ट ने माना कि कई शहरों में आवारा कुत्तों के हमलों और रेबीज जैसी बीमारियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे आम लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इसके बाद नगर निकायों और प्रशासनिक एजेंसियों को आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए और अधिक सख्त कदम उठाने का अधिकार मिलेगा। हालांकि, पशु अधिकार संगठनों का कहना है कि इस दौरान जानवरों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित किया जाना भी जरूरी है। वहीं आम लोगों ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए इसे राहत देने वाला कदम बताया है।

आज फिर लगा महंगाई का झटका, फिर बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर साफ दिखाई देने लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार को एक बार फिर ईंधन के दामों में वृद्धि कर आम जनता को झटका दिया है। नई दरें आज सुबह से लागू हो गई हैं।

तेल कंपनियों की ओर से जारी ताजा दरों के अनुसार पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 91 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बार है, जब ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव और युद्ध की स्थिति का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट में हालात सामान्य नहीं होने के कारण वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। इसका असर भारतीय तेल कंपनियों पर भी पड़ रहा है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और युद्ध की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 87 पैसे बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 91 पैसे महंगा होकर 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं, मुंबई में पेट्रोल 91 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 107.59 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

कोलकाता में पेट्रोल की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां पेट्रोल 96 पैसे महंगा होकर 109.70 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि डीजल 94 पैसे बढ़कर 96.07 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इसके अलावा चेन्नई में पेट्रोल 82 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 104.49 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं डीजल की कीमत 86 पैसे बढ़कर 96.11 रुपये प्रति लीटर हो गई है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। पेट्रोल और डीजल महंगे होने से परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है, जिसका प्रभाव रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।