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पाकिस्तान में दोबारा खुलेगा शहीद भगत सिंह की फांसी का केस

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देश की आजादी के लिए शहीद होने वाले भगत सिंह को फांसी देने के मामले में गवाहियां देने वालों के नाम जल्द सामने लाऐ जाएंगे। यह बात पाकिस्तान में भगत सिंह फाउंडेशन के चेयरमैन इम्तियाज रशीद कुरैशी ने रोपड़ में कही।

कुरैशी पूर्व संसदीय सचिव राना कंवरपाल सिंह के घर पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ फाउंडेशन के सीनियर वाइस चेयरमैन सूफी चुफेल नादीम, वकील मोमीन मलिक, जगदीश भगत सिंह, भगत सिंह की भांजी गुरजीत कौर व उनके पति हरभजन सिंह भी मौजूद थे।
कुरैशी ने कहा कि भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु को जिस एफआईआर के तहत फांसी की सजा दी गई थी, उसमें किसी का नाम दर्ज नहीं है। यह मामला अज्ञात व्यक्ति पर दर्ज था।

उन्होंने बताया कि 17 दिसंबर 1928 को सैंगरेस के कत्ल मामले में भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव को ब्रिटिश सरकार ने गलत फांसी दी थी। वह अब इस केस को दोबारा खुलवाकर सचाई सामने लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार लाहौर के पास फांसी देने का अधिकार ही नहीं है।
इस केस में ब्रिटिश सरकार को शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के परिवारों से माफी मांगने के साथ मुआवजा भी देना चाहिए। कुरैशी व मलिक ने कहा कि इस केस में जिन लोगों ने गवाहियां दी थीं, वह उनके नाम भी आने वाले समय में सामने लगाएंगे। कुरैशी ने बताया कि इस मामले की सुनवाई पांच या पांच से अधिक जजों के पैनल से करवाई जानी है, जिसके लिए चीफ जस्टिस के पास फाइल पड़ी है।

उन्होनें कहा कि इस मामले में दुनिया भर में भगत सिंह से प्यार करने वाले लोग उनके संपर्क में है। इस दौरान उन्होंने भगत सिंह को फांसी दी जाने वाली एफआईआर भी पढ़ कर सुनाई और कहा कि भगत सिंह के केस को दोबारा खुलवाने का मकसद उन पर लगे इल्जाम को धोना है।

इस दौरान इम्तियाज राशीद कुरैशी ने कहा कि पंजाब में उन्हें अथाह प्यार मिला है जिसने उन्हें अपना बना लिया है। उन्होने कहा कि पाकिस्तान व भारत के बंटवारे का नुकसान सबसे जयादा दोनो देशों में रहते पंजाबियो को हुआ है। उन्होने बताया कि भगत सिंह के दादा अर्जुन सिंह द्वारा उनके(पाकिस्तान में) गांव में लगाया गया आम का पेड़ अभी भी फल दे रहा है तथा उनके द्वारा बनवाया गया स्कूल आज भी मोजूद है जो दो कमरों में चल रहा है।

जीत के बावजूद ट्रंप की टीम का ये है सबसे बड़ा डर

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अमरीका में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की रेस में हिलेरी क्लिंटन और डॉनल्ड ट्रंप दोनों ही ने मंगलवार रात हुए प्राइमरी चुनावों के बाद अपनी-अपनी दावेदारी और मज़बूत कर ली है.

डॉनल्ड ट्रंप ने पांच में से पांच राज्यों में जीत हासिल की है, जबकि हिलेरी क्लिंटन पांच में से चार राज्य जीत गई हैं. हिलेरी के ख़िलाफ़ उम्मीदवारी की रेस में शामिल बर्नी सैंडर्स को एक जगह जीत हासिल हुई है. डेमोक्रैटिक उम्मीदवारी हासिल करने के लिए 2383 डेलीगेट्स या पार्टी के प्रतिनिधियों की ज़रूरत होती है. हिलेरी क्लिंटन इस गणित में बर्नी सैंडर्स से काफ़ी आगे निकल गई हैं. हर राज्य को वहां की आबादी के हिसाब से डेलीगेट्स दिए जाते हैं. जिस उम्मीदवार को जितने फ़ीसद वोट मिलते हैं, उसी अनुपात में उसे वहां डेलीगेट्स मिलते हैं.

माना जा रहा है कि मंगलवार के परिणाम के बाद बर्नी सैंडर्स के लिए क्लिंटन को डेलीगेट्स की दौड़ में पछाड़ना असंभव हो गया है. सैंडर्स पर उम्मीदवारी की रेस से नाम वापस लेने के लिए दबाव बढ़ रहा है. लेकिन सैंडर्स ने कहा है कि वो सिर्फ़ उम्मीदवारी हासिल करने के लिए रेस में नहीं हैं, वो अमरीका में एक आंदोलन को जन्म दे रहे हैं जिससे असमानता दूर हो सके, सबको स्वास्थ्य की सुविधा मिले और उच्च शिक्षा मुफ़्त हो जाए. उनकी टीम का कहना है कि वो आख़िर तक इस रेस में बने रहेंगे. वहीं रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी की रेस हर दिन के साथ और पेचीदगियां ला रही है. मंगलवार को डॉनल्ड ट्रंप ने भारी जीत हासिल की है और पांच में से पांच राज्य उनके खाते में गए, लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि पार्टी प्रबंधन उनका साथ नहीं दे रहा है.

रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी के लिए 1237 डेलीगेट्स की ज़रूरत है लेकिन अगर किसी एक उम्मीदवार को ये संख्या नहीं मिल पाई तो पार्टी के प्रतिनिधि दोबारा से वोट डालते हैं. दोबारा होने वाले वोट में वो जिसे चाहें वोट डाल सकते हैं. यानी प्राइमरी चुनावों में जनता ने किसे चुना है ये मायने नहीं रखता.

ट्रंप की टीम के लिए सबसे बड़ा डर यही है कि अगर वो 1237 के मैजिक नंबर से कुछ पीछे रह गए तो पार्टी प्रबंधन प्रतिनिधियों को किसी और उम्मीदवार को वोट डालने के लिए राज़ी कर लेगा. उनकी कोशिश है कि पार्टी के पेचीदा क़ानून का सामना करने की बजाय सीधे तौर पर 1237 डेलिगेट्स हासिल कर लिए जाएं क्योंकि मौजूदा गणित के अनुसार ये फ़िलहाल संभव है. उनके दोनों प्रतिद्वंदी टेड क्रूज़ और जॉन केसिक इस गणित से बाहर हो चुके हैं, क्योंकि वो अब किसी हाल में 1237 तक नहीं पहुंच सकते. उन दोनों की कोशिश इस बात की है कि ट्रंप को भी वहां तक नहीं पहुंचने दिया जाए जिससे दोबारा वोटिंग की गुंजाइश बन सके.

इन दोनों उम्मीदवारों ने अगले हफ़्ते इंडियाना राज्य में होने वाले प्राइमरी के लिए एक तरह का समझौता भी किया है जिससे कि वोटों का बंटवारा न हो और वहां मज़बूत समझे जाने वाले टेड क्रूज़ ट्रंप को मात दे सकें लेकिन ये रणनीति कितनी कारगर होगी ये फ़िलहाल कहना मुश्किल है.
देखा जाए तो डेमोक्रैटिक रेस की तस्वीर अब काफ़ी हद तक साफ़ होती नज़र आ रही है. लेकिन रिपब्लिकन रेस की राजनीति फ़िलहाल लंबी चलेगी और जानकारों की माने तो शायद काफ़ी गंदी चलेगी.

डरावना खुलासा, एक्स बॉयफ्रेंड को अपना खून पि‍लाती थीं कंगना!

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कंगना और रितिक विवाद में आए दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. लेकिन कंगना के एक्स बॉयफ्रेंड अध्ययन सुमन ने जो कुछ बताया है, वह वाकई होश उड़ाने वाला है. अध्ययन सुमन कंगना के साथ ‘राज 2’ में काम कर चुके हैं. उनका कहना है कि कंगना के साथ उनके रिश्ते का दौर खासा भयावह रहा है और वह रितिक का दर्द बखूबी समझ सकते हैं.
हाल ही में अध्ययन ने डीएनए को दिए गए इंटरव्यू में कंगना के व्यक्तित्व के बारे में कई भयानक राज खोले हैं. अध्ययन ने रितिक-कंगना विवाद में रितिक का पक्ष लेते हुए अखबार को कहा है कि उनका दर्द वह अच्छे से समझ सकते हैं क्योंकि वह भी इससे गुजर चुके हैं.
अध्ययन ने स्पष्ट कहा कि कंगना के बारे में यह उनका आखिरी इंटरव्यू है. इसमें उन्होंने बताया, ‘मैं चाहता हूं कि लोगों को सच्चाई का पता चलना चाहिए. मैं कंगना के करियर को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता लेकिन वह किसी और को अपना निशाना बनाकर मासूम कैसे बन सकती हैं. कंगना पहले भी कई लोगों के बारे में गलत बातें फैलाकर, उनके करियर को चोट पहुंचाने की कोशि‍श कर चुकी हैं.’
अध्ययन ने कंगना के बारे में एक और बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि वह काला जादू करती थीं. उन्होंने बताया, ‘जब मैं कंगना के साथ था तो वह मुझे एक पल्लवी नाम की ज्योतिषी के पास ले गईं. उसने बताया कि मेरा समय सही नहीं चल रहा है और इसे सुधारने के लिए मुझे  पूजा करनी होगी. इसके लिए कंगना ने मुझे रात को 12 बजे अपने घर बुलाया. कंगना के अपार्टमेंट में एक गेस्ट रूम है. उस गेस्ट रूम को उन्होंने पूरी तरह काले कपड़े से ढक रखा था और वहां भगवान की बहुत सी मूर्तियां भी थीं. तभी कंगना ने मुझे उस कमरे बंद कर दिया और कुछ मंत्रों को पढ़ने के लिए कहा. मैं बहुत डर गया था और मैंने बिना मंत्र पढ़े ही बोल दिया कि मैंने मंत्र पढ़ लिए. इसके कुछ दिन बात ज्योतिषी पल्लवी से मुझे रात को 12 बजे शमशान घाट में जाकर कुछ चीजों को फेंकने के लिए बोला. मैं यह सुनकर सन्न रह गया और मैंने ऐसा नहीं किया.’
कंगना के बारे में इस खुलासे के साथ अध्ययन ने कहा कि वह मेट्रो सिटी में पले-बढ़े थे और इन सब चीजों के बारे में नहीं जानते थे. वह इन सब से डर गए थे और इस सिलस‍िले में एक टैरो कार्ड रीडर से मिले.
अध्ययन ने कहा, ‘इस टैरो कार्ड रीडर ने कहा कि मेरे साथ कुछ बहुत बुरा होने वाला है क्योंकि मुझ पर कोई पहाड़ी जादू किया गया है. तभी मुझे ख्याल आया कि मेरे जानने वालों में से सिर्फ कंगना ही है जो हिमाचल से है. मैंने इस बारे में अपनी मां को बताया जब उन्होंने हमारे परिवार के पंडित से इस बारे में बात की.


अध्ययन का कहना है कि इस पंडित ने मेरे सामने हैरान कर देने वाली बात रखी. उन्होंने मुझसे पूछा था कि क्या कंगना तुम्हें अपने हाथ का बना खाना खिलाती हैं. मेरे इस बात को स्वीकारने पर उन्होंने कहा कि वह खाने में तुम्हें अपना अशुद्ध खून मिलाकर देती हैं. हालांकि तब मैंने इस बात को नजरअंदाज कर दिया. लेकिन कुछ ही दिनों बाद हमारे रिश्ते में बहुत अनबन और मारपीट होने लगी. अध्ययन का कहना है कि तब वह पूरा दिन रोते रहते और पूरा दिन शराब के नशे में डूबे रहते थे. उनकी हालत ऐसी थी कि वह तब मर भी सकते थे.
रितिक रोशन के साथ कंगना की करीबियों के बारे में अध्ययन ने बताया, ‘फिल्म ‘काइट्स’ की शूटिंग के दौरान कंगना का रितिक के साथ मेल-जोल बढ़ा. उन्होंने कंगना और मुझे अपनी पार्टी में भी बुलाया. लेकिन उस पार्टी में मैं कंगना का व्यवहार देखकर हैरान था. उन्होंने मुझे बताया कि कोई उनको छेड़ रहा है. मैंने उनसे पार्टी छोड़कर चलने को कहा तो वे दोनों पार्टी से निकल गए. अध्ययन ने बताया कि सीढ़ियों से नीचे उतरते ही कंगना ने उनको जोर से एक तमाचा जड़ा और यह इतना जोरदार था कि वह उनके आंसू निकल आए. अध्ययन के अनुसार, जैसे ही हम गाड़ी में बैठे, कंगना ने मुझे दोबारा पीटना शुरू कर दिया. मैंने ड्राइवर से गाड़ी रोकने को कहा और कार से बाहर निकल आया. वक्त मैं बीच सड़क पर खड़ा रो रहा था. जिंदगी की वो रात मैं कभी नहीं भूल सकता.

रोमांचक मुकाबले में एक रन से हारे डेयरडेविल्स

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दक्षिण अफ्रीका के क्रिस मौरिस की तूफानी पारी भी दिल्ली डेयरडेविल्स को आईपीएल 9 के सांस रोक देने वाले मैच में जीत नहीं दिला सकी। मौरिस के 32 गेंदों पर आठ गगनचुंबी छक्कों और चार चौकों की मदद से खेली गई नॉटआउट 82 रन की आतिशी पारी के बावजूद दिल्ली यहां बुधवार को गुजरात लायंस से एक रन से हार गई।
आखिर के दो ओवर मे गुजरात के मध्यम तेज गेंदबाज डवेन ब्रावो और प्रवीण कुमार की कसी हुई गेंदबाजी के चलते फिरोजशाह कोटला मैदान पर दिल्ली जीत के बहुत करीब पहुंचकर उसे हासिल करने से महरूम रह गई।
दक्षिण अफ्रीका के मौरिस, जो पॉल डुमिनी और लेग स्पिनर ताहिर इमरान की जांबाजी दिल्ली के युवा तुर्कों ने भी दिखाई होती तो वह यह रोमांचक मैच जीत सकती थी। आखिरी ओवर में दिल्ली को जीत के लिए 14 रन चाहिए  इसमें गुजरात लायंस के ब्रावो ने मात्र 12 रन ही दिए हालांकि इस ओवर की पहली ही गेंद पर मौरिस का कैच जेम्स फॉकनर ने टपकाया था।
ड्वेन स्मिथ (53) और मैककुलम की सलामी जोड़ी ने फिरोजशाह कोटला मैदान पर पहले विकेट की मात्र 64 गेंदों में 112 रन की जोरदार भागीदारी की बदौलत गुजरात लायंस ने पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाए जाने पर निर्धारित 20 ओवर में  छह विकेट पर 172 रन का मजबूत स्कोर बनाया।
मिडल ओवरों में दिल्ली के लेग स्पिनर इमरान ताहिर (3/24) और पेसर क्रिस मॉरिस (2/35) की बेहतरीन गेंदबाजी के सामने गुजरात ने 11वें और 17वें ओवर के बीच 30 रन जोड़ कर छह विकेट गंवा दिए।
जवाब में मैन ऑफ द मैच दिल्ली क्रिस मॉरिस के नॉटआउट 82 रनोंकी तूफानी पारी और  डुमिनी (48 रन, 43 गेंदें, एक छक्का, तीन चौके) साथ पांचवें विकेट के लिए 27 गेंदों में 87 रन की तूफानी भागीदारी के बावजूद दिल्ली डेयरडेविल्स निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट खोकर 171 रन ही बना सकी और मैच हार गई।
दिल्ली डेयरडेविल्स को पॉवरप्ले में अपने कप्तान मध्यम तेज गेंदबाज जहीर खान की ढीली गेंदबाजी और युवा तुर्को से सज्जित शीर्ष क्रम की गैर जिम्मेदाराना बल्लेबाजी का खामियाजा भुगतना पड़ा।
ड्वेन स्मिथ और ब्रैंडन मैककुलम की सलामी जोड़ी की पॉवर प्ले में तूफानी भागीदारी और मध्यम तेज गेंदबाज धवल कुलकर्णी (3/19) ने कहर बरपाने वाली गेंदबाजी कर दिल्ली के तीन विकेट शुरू के चार ओवर में मात्र 16 रन निकाल दिए थे।
धवल कुलकर्णी ने अपने शुरू के दो ओवरों में सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन (1), क्विंटन डी कॉक (5) और करूण नायर (9) को अंत कर दिल्ली की कम ही तोड़ दी थी। इससे पहले पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाए जाने पर गुजरात लायंस के मैककुलम ने 27 गेंदों में और स्मिथ ने मात्र 26 गेंदों में अपनी-अपनी हाफ सेंचुरी पूरी की। इन दोनों ने इस दौरान अपनी अपनी पारी में तीन-तीन छक्के और पांच -पांच चौके जड़े । इन दोनों ने मात्र 54 गेंदों में मौजूदा आईपीएल में सबसे तेज 100 रन जोड़े ।

रियो ओलंपिकः 'अनोखी' सेंचुरी के साथ आगाज करेगा भारत

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ब्राजील के रियो डी जेनेरो में अगस्त में आयोजित होने वाले रियो ओलंपिक खेलों में भारत अपना अब तक का सबसे बड़ा दल उतारने जा रहा है, जिसमें करीब 100 भारतीय एथलीट कम से कम 12 अलग-अलग खेलों में मेडल के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे।
रियो ओलंपिक में भारतीय दल प्रमुख (शेफ-डी-मिशन) राकेश गुप्ता ने बुधवार को कहा कि रियो ओलंपिक के लिए अब तक करीब 77 एथलीटों ने क्वालीफाई कर लिया है और कई अन्य एथलीट क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट में टिकट पाने के लिए खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को उम्मीद है कि इस बार भारतीय दल में करीब 95 से 100 एथलीट ब्राजील जाएंगे जो भारत का ओलंपिक खेलों में अब तक का सबसे बड़ा दल होगा।
भारत ने तीरंदाजी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, हॉकी, जिमनास्टिक, रोइंग, निशानेबाजी, टेबल टेनिस और कुश्ती सहित नौ खेलों में पहले ही रियो का टिकट बुक करा लिया है जबकि बैडमिंटन, गोल्फ, टेनिस में खिलाड़ी क्वालीफाई करने के करीब हैं। साथ ही एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, भारोत्तोलन और कुश्ती में कुछ और खिलाड़ियों के भी क्वालीफाई करने की उम्मीद है।
भारतीय दल प्रमुख राकेश ने कहा, ‘ओलंपिक खेलों में अब 100 से भी कम दिन बचे हैं और रोमांच भी बढ़ता जा रहा है। हमारे एथलीट अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार कर रहे हैं और इस बार बेहतर करने के लिए मेहनत कर रहे हैं। हमारे एथलीट या तो अपने शिविरों में हैं या फिर विदेशों में तैयारियों में जुटे हैं।’
राकेश ने कहा, ‘अभी तक हमारे 77 खिलाड़ियों ने रियो के लिए क्वालीफाई किया है और कुछ और इस लिस्ट में आने वाले हैं जिससे यह संख्या 100 तक हो जाएगी। हम अपने दल को शुभकामनाएं देना चाहते हैं। आयोजन समिति ने अब तक बहुत मदद की है और मई में मसलों को सुलझाने के लिए दलों का एक सम्मेलन भी होगा।


उन्होंने साथ ही बताया कि आईओए के निवेदन पर रियो ओलंपिक के आयोजकों ने खेल गांव में भारतीय खिलाड़ियों के लिए भारतीय खाना भी रखा है। आईओए को ब्राजील से लगातार जानकारी मिल रही है और समय पर तैयारियां पूरी होने का भरोसा भी जताया गया है। इसके अलावा ब्राजील में सभी स्वास्थ्य एवं अन्य मसलों पर भी बातचीत हो रही है।

BCCI अध्यक्ष शशांक मनोहर देंगे पद से इस्तीफा, बन सकते हैं ICC चीफ

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अध्यक्ष शशांक मनोहर ने अपना पद छोड़ने का फैसला लिया है. ऐसा इसलिए है क्योंकि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के चेयरमैन पद की दौड़ में उनकी दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है.

सूत्रों के मुताबिक, शशांक मनोहर के ICC चेयरमैन चुने जाने की संभावनाएं काफी ज्यादा हैं. अगर वह आईसीसी में जाते हैं तो उन्हें BCCI के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना होगा.
चर्चा यह भी है कि शशांक मनोहर के इस्तीफे के बाद शरद पवार की बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर वापसी हो सकती है. वह फिलहाल मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं. हालांकि अब तक उन्होंने इस संबंध कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
शशांक मनोहर को बीते साल तत्कालीन अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के निधन के बाद बीसीसीआई अध्यक्ष चुना गया था. भारतीय क्रिकेट में सुधार के लिए बीते कुछ महीनों से शशांक मनोहर काफी सक्रिय रहे हैं.
सूत्रों ने ‘आज तक’ को बताया कि विश्व क्रिकेट की इस गवर्निंग बॉडी में शशांक मनोहर पहली च्वाइस के तौर पर उभरे हैं. बोर्ड के सभी 13 सदस्य शशांक मनोहर के पक्ष में हैं. आईसीसी प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया 23 मई को पूरी होगी. फिलहाल शशांक मनोहर ही आईसीसी के भी अध्यक्ष हैं.

एप्पल को लगा 13 साल का सबसे बड़ा झटका

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नई दिल्ली : गैजेट्स तकनीकी की दिग्गज कंपनी एप्पल को 13 साल में सबसे बड़ा झटका लगा है। वित्त वर्ष 2015-16 की चौथी तिमाही में कंपनी का राजस्व 13 फीसदी गिरकर 5060 करोड़ डॉलर यानि करीब 3.34 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है। इस बड़ी गिरावट के चलते कंपनी का स्टॉक मात्र एक घंटे में आठ फीसदी तक गिर गया, इससे निवेशकों को करीब 2.64 लाख करोड़ रुपये का झटका लगा है। अधिकारियों ने अगली तिमाही में और नुकसान होने की आशंका जताई है।
इस गिरावट के चलते कंपनी की मार्केट कैप में करीब 4000 करोड़ डॉलर की गिरावट आई। बीते मंगलवार को अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंस नैस्डैक पर बंद एपल के स्टॉक की कुल मार्केट कैप गिरकर 57,526 करोड़ डॉलर रह गई है। माना जा रहा है कि इस बड़ी गिरावट की वजह आईफोन और आईपैड की ऑफलाइन बिक्री में बड़ी गिरावट को माना जा रहा है। दरअसल, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिकने वाले गैजेट्स पर बंपर डिस्काउंट दिया जा रहा है, जिससे कंपनी को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके चलते अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से खरीदारी करने पर समान कीमत चुकानी होगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी के सीईओ टिम कुक ने इसके पीछे अमेरिका, जापान और चीन जैसे बड़े मार्केट में सेल्स की ग्रोथ में आई गिरावट को जिम्मेदार बताया है। आईफोन की खरीदी को लेकर अब लोगों में पहले की तरह उत्साह नहीं देखा जा रहा है। एप्पल की रिपोर्ट के मुताबिक आईफोन की शिपमेंट बीते साल 61 मिलियन से इस साल से घटकर 50 मिलियन पर आ गई है।

गर्मी में बालों को झड़ने से ऐसे बचाएं

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गर्मियों में बालों को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत पड़ती है। विशेषज्ञों का कहना है कि नारियल के तेल से सिर और बालों के मसाज और समय-समय पर बालों को नीचे से कटवाते रहना कमजोर और पतले बालों की परेशानी से निजात दिला सकता है।

जानकारों के मुताबिक गर्मी के मौसम में खुद को तरोताजा रखने का सबसे बढ़िया उपाय पूल में डुबकी लगाना है। लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि पूल के पानी में मिला क्लोरीन बालों के लिए नुकसानदायक होता है। इसलिए बालों को क्लोरीन के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए बालों में अच्छी तरह तेल या कंडीशनर लगाकर स्विमिंग कैप पहनकर ही पूल में उतरना चाहिए।

पूल में नहाने के बाद हमेशा सादे पानी से बालों को धोना चाहिए न कि शैंपू से। यदि आप नियमित तैराक हैं, तो नियमित रूप से हेयर स्पा कराना आपके बालों के लिए फायदेमंद हो सकता । जिन लोगों के सिर की त्वचा तैलीय होती है, उन्हें कंडीशनर नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि इससे आपके बाल और ज्यादा तैलीय हो जाते हैं। इसके बावजूद यदि आप बालों में कंडीशनर लगाना चाहते हैं, तो जल युक्त कंडीशनर लगाएं, इससे आपके बाल सूर्य की हानिकारक किरणों से सुरक्षित रहेंगे और गर्मियों में तैलीय भी नहीं होंगे।
बालों से अतिरिक्त तेल हटाने के लिए आप नींबू के रस से बालों को धो सकती हैं। बालों में एस्ट्रीजेंट का छिड़काव कर कंघी करने से बाल तरोताजा और चमकीले लगते हैं। बालों के नीरस और अनाकर्षक होने की समस्या वैसे तो जाड़े के मौसम में होती है, लेकिन गर्मियों में यह समस्या इसलिए बढ़ जाती है, क्योंकि लोग ज्यादा समय अपने घरों के अंदर एयर कंडीशनर में रहते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि बाल अपनी नमी खो देते हैं और रूखे एवं कमजोर हो जाते हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए बालों में सिरम लगाकर कंघी करने और तेल मसाज के बाद भाप लेना चाहिए।

रूखे बालों का मौसम से कोई लेना देना नहीं होता, लेकिन ये पहली ही नजर में आपके पूरे रूप और व्यक्तित्व को खराब करते हैं। रूखे बालों को नारियल के तेल से मसाज करना चाहिए, यदि मसाज के लिए समय न हो, तो पेशेवरों से बालों की टेक्सचरिंग करवाएं। इसके अलावा बालों को सुखाने के लिए ब्लोवर के इस्तेमाल से पहले बालों की जड़ में वोल्युमाइजर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
गर्मियों में तेज धूप और उमस से बच पाना लगभग नामुमकिन हो जाता है। ऐसी स्थिति में बालों को कपड़े, बड़ी टोपी या छाते से ढक कर चलना चाहिए। यदि आप धूप में ज्यादा वक्त रहते हैं, तो घर आकर ठंडे पानी से स्नान करना चाहिए। रंगे हुए बालों को वैसे भी कभी गर्म पानी में नहीं धोना चाहिए, इससे बालों की चमक चली जाती है। इसके अलावा रंगे हुए बालों में हेयर संस्क्रीन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

चिपचिपे बालों से परेशान लोगों को हमेशा ड्राइ शैंपू का इस्तेमाल करना चाहिए। यदि आप बालों का अतिरिक्त ख्याल रखना चाहते हैं, तो सप्ताह में कम से कम तीन बार अंडे की सफेदी और नींबू के रस को मिलाकर लगाएं और बालों को धो लें। इसके अलावा गर्मियों में शिकाकाई का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
पतले बाल कई लोगों की समस्या का कारण होते हैं। पतले बालों की देखभाल के लिए समय समय पर बालों की नीचे से छंटनी जरूरी है। इससे आपके बालों का घनत्व बढ़ता है और दोमुंहे बालों से छुटकारा मिलता है। पतले बालों को सुलझाले के लिए नर्म दांतों वाली कंघी इस्तेमाल करनी चाहिए। शैंपू के बाद बालों को रगड़कर या झाड़कर नहीं सुखाना चाहिए।

तन और मन को तंदुरूस्त रखता है व्यायाम

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सेहत को ठीक रखने में खान-पान की भूमिका काफी अहम होती है लेकिन शरीर को सेहतमंद रखने में व्यायाम भी काफी फायदेमंद होता है। यदि आप नियमित रूप से व्यायाम करते हैं तो इससे आपका तन और मन दोनों खिले रहेंगे। शरीर स्वस्थ रहने पर मस्तिष्क भी स्वस्थ रहेगा।
व्यायाम करने से हमारे दिमाग के टेम्पोरल लोब नामक हिस्से की कार्यक्षमता तेज होती है जो कि हमारी भावनाओं से जुड़ी यादों को जमा रखने के लिए जिम्मेदार होती है। इसके अलावा कुछ नया सीखने और प्रदर्शन करने की क्षमता बढ़ती है।
अभ्यास करने से मनुष्य भूलने की बीमारी -डिमेंशिया, अल्जाइमर से छुपकारा पा सकता है। इसके अलावा व्यायाम से मास्टर ग्लैंड कही जाने वाली पीयूष ग्रंथि या पिट्यूटरी ग्लैंड ज्यादा एंडोर्फिन हार्मोन स्रावित करती है जो दर्द निवारक होता है। तनाव, अवसाद और उत्तेजना के प्रति संवेदी होने का खतरा कम होता है।

हिंदी प्रेमियों को फेसबुक का शानदार तोहफा

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नई दिल्ली : फेसबुक ने सोमवार को हिंदी प्रेमियों को एक शानदार तोहफा दिया है। फेसबुक ने एक टूल लॉन्च किया है, जिसके जरिये हिंदी में टाइप करना आसान हो जाएगा। फेसबुक ने कहा- ‘हम अब एंड्रॉयड फोन्स के लिए फेसबुक एप के अंदर एक हल्के वजन का हिंदी एडिटर पेश कर रहे हैं।’

फेसबुक के मुताबिक- ‘जब एप की सेटिंग ऑन कर दी जाएगी, तब आप बार में मौजूद एक बटन के जरिए अपनी ताजा सूचना और टिप्पणियां टाइप कर सकते हैं। यह रोमन अक्षरों को खुद ही देवनागरी लिपि में परिवर्तित कर देगा। बयान में आगे कहा गया है, ‘जब लोग इसका प्रयोग करते हैं, तब अक्षर अंग्रेजी में टाइप होते हैं और वह देवनागरी लिपि में बदल जाता है।’