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फ्लेक्सी किराया फॉर्मूले से बीजेपी नाराज, रेलवे मंत्रालय ने दिए फैसले पर पुनर्विचार के संकेत

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नई दिल्‍ली: राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेनों में फ़्लेक्सी फ़ेयर सिस्टम लागू करने के अपने फ़ैसले पर सरकार दोबारा विचार कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के विरोध के बाद रेल मंत्रालय ने इसके संकेत दिए हैं. साथ ही इस सिस्टम को दूसरी ट्रेनों में लागू नहीं करने का फैसला किया गया है.
रेल मंत्रालय ने कहा है कि इन तीन ट्रेनों में यह फॉर्मूला प्रयोग के तौर पर लागू किया गया है और कुछ समय बाद इसकी समीक्षा की जाएगी. बीजेपी का कहना है कि इस सिस्टम से रेलवे की आमदनी तो न के बराबर बढ़ेगी, लेकिन मध्य वर्ग के नाराज़ होने और सरकार की छवि बिगड़ने का ख़तरा ज़्यादा है. फ्लेक्सी फेयर सिस्टम कल से लागू होने वाला है।
हालांकि गुरुवार को पूरे दिन रेल मंत्रालय के अधिकारी इस फ़ैसले का बचाव करते रहे. उनकी दलील है कि हर रोज दो करोड़ तीस लाख से ज्यादा लोग रेलवे का इस्तेमाल करते हैं और इन तीन ट्रेनों में बैठने वालों का संख्या एक फीसदी से भी कम है और इसलिए फ्लेक्सी किरायों का असर बहुत कम यात्रियों पर ही पढ़ेगा. हर दिन बारह हज़ार से ज्यादा रेलगाड़ियां चलती हैं और फ्लेक्सी किराया सिर्फ 81 गाड़ियों पर नौ सितंबर से लागू होगा.
इन किरायों से रेलवे को करीब 500 करोड़ रुपये की आमदनी का अंदाज़ा है. लेकिन सीधे दस फीसदी किराया बढ़ाने पर उसे 600 करोड़ रुपये की ही आमदनी होती. रेलवे मंत्रालय ने बचाव में ये भी कहा है कि कई देशों में फ्लेक्सी किराया प्रणाली लागू है. वो इसके लिए यूरो एक्सप्रेस और एम्ट्रैक का उदाहरण देते हैं. लेकिन बीजेपी के कई नेताओं के गले ये दलीलें नहीं उतरी हैं. उनका कहना है कि इन किरायों से रेलवे को आमदनी तो न के बराबर है मगर इससे सरकार की छवि को धक्का ज्यादा पहुंचेगा और मध्य वर्ग के नाराज होने का ख़तरा है. पार्टी की ये बात सरकार तक पहुंचाई गई जिसके बाद रेलवे मंत्रालय ने अपने कदम पीछे खींचने के संकेत दिए हैं.
रेलवे के इस कदम का बचाव करते हुए रेलवे बोर्ड (ट्रैफिक) के सदस्‍य मोहम्‍मद जमशेद ने कहा, ‘देश में सड़क और वायुमार्ग की तुलना में आज भी रेलवे यात्रा का सस्‍ता माध्‍यम है. वर्तमान में हम यात्री क्षेत्र में 33000 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रहे हैं क्‍योंकि हम 36 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से चार्ज कर रहे हैं.’
यात्रियों से मिलने वाले राजस्‍व का लक्ष्‍य इस वित्त वर्ष में 51000 करोड़ रुपये है जो पिछले वर्ष 45000 करोड़ रुपये था यानी 2016-17 में इसमें 6000 करोड़ रुपये की वृद्धि का लक्ष्‍य है. उन्‍होंने बताया, ‘हम लोग यात्री सुविधाओं के लिए 1800 करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं जिसमें प्‍लेटफॉर्म एरिया को दुरुस्‍त करना, लिफ्ट लगाना, पानी की मशीनें लगाना और इसी तरह की अन्‍य चीजें शामिल हैं.’
ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन के महासिचव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा, ‘बढ़ोतरी गरीब रथ और जन शताब्दि ट्रेनों के लिए नहीं है जिनसे आम लोग यात्रा कर रहे हैं. राजधानी और शताब्दि का इस्‍तेमाल सामान्‍यत: वो लोग करते हैं जो प्रीमियम सेवा के लिए खर्च करने में समर्थ हैं.’ मिश्रा ने कहा, ‘रेलवे की वित्तीय स्थिति ‘बहुत अच्‍छी’ नहीं है और कुछ कदम उठाए जाने की जरूरत है ताकि स्थिति में सुधार किया जा सके.’

ऐसा लगता है कि उत्तर कोरिया ने 'पांचवां परमाणु परीक्षण' किया : सोल

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सोल: दक्षिण कोरिया का कहना है कि उत्तर कोरिया ने शायद आज अपना पांचवां परमाणु परीक्षण किया है. दक्षिण कोरिया के प्राधिकारियों की यह टिप्पणी उत्तर कोरिया के प्युंग्यी-री परमाणु परीक्षण स्थल पर 5.3 तीव्रता के भूकंप का पता चलने के बाद आई है. उत्तर कोरिया आज अपना स्थापना दिवस भी मना रहा है. देश की स्थापना वर्ष 1948 में हुई थी.
योनहैप समाचार एजेंसी के अनुसार, सोल की मौसम एजेंसी ने यह भी कहा कि अमेरिका और यूरोप सहित दुनिया भर में भूकंप की जांच करने वालों ने जिस भूकंप का पता लगाया है वह ‘संभवत: उत्तर कोरिया का पांचवां परमाणु परीक्षण’ था.
एजेंसी के अनुसार, दक्षिण कोरिया की मौसम एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया, ‘उत्तर कोरिया में 5.0 तीव्रता का कृत्रिम भूकंप आया जो संभवत: परमाणु परीक्षण था’. एक अन्य अज्ञात अधिकारी ने एजेंसी को बताया ‘इस बात की अधिक संभावना है कि जगह और भूकंप की तीव्रता को देखते हुए यह परमाणु परीक्षण लगता है’. सोल की सेना ने यह भी कहा कि वह भूकंप की प्रकृति का विश्लेषण कर रही है.
उत्तर कोरिया ने अपना पहला परमाणु परीक्षण वर्ष 2006 में किया था, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र उस पर पांच बार प्रतिबंध लगा चुका है. विश्व निकाय के प्रतिबंधों की अवज्ञा करते हुए उत्तर कोरिया ने इस साल कई मिसाइल परीक्षण भी किए हैं.
उत्तर कोरिया ने सोमवार को उस समय तीन बैलिस्टिक मिसाइलों का भी परीक्षण किया, जब विश्व शक्ति माने जाने वाले देशों के नेता जी20 शिखर सम्मेलन के लिए चीन में एकत्र हुए थे. बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों को उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने ‘बिल्कुल सही’ बताया, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चेताया था कि इन परीक्षणों से दबाव बढ़ेगा.
जापान की मौसम एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि भूगर्भीय आंकड़ा असामान्य है और वह उसका विश्लेषण कर रहा है.
सरकारी प्रसारक एनएचके के मुताबिक, एक अधिकारी ने बताया ‘जिस तरह की तरंगे उठीं, वह सामान्य भूकंप की तरंगों से अलग हैं’. उत्तर कोरिया के प्रमुख सहयोगी चीन के लिए यह परमाणु परीक्षण एक अन्य झटका है. साथ ही इससे उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर छह देशों की वार्ता बहाल होने की संभावना भी धूमिल हो गई है.
वर्ष 2013 में किए गए परमाणु परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया ने एक प्लूटोनियम रिएक्टर फिर से चालू कर लिया था. उत्तर कोरिया ने योंगबयोन परिसर में स्थित यह रिएक्टर वर्ष 2007 में निरस्त्रीकरण के लिए सहायता समझौते के तहत बंद कर दिया था.

Rock On 2’ का टीजर हुआ रिलीज

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2008 में रिलीज हुई फिल्म न सिर्फ म्यूजिक लवर्स को बल्कि बाकी ऑडियंस को भी काफी पसंद आई थी। शायद ऐसा ही कुछ एक्टर गायक फरहान अख्तर के साथ भी हुआ। इसलिए अब वह रॉक ऑन का सीक्वल यानि रॉक ऑन 2 लेकर आ गए हैं। सोमवार को इस इसका टीजर रिलीज होने के बाद यह तेजी से चर्चा में आ गई। फिल्म के टीजर में आप फरहान के कई रूप देखते हैं। टीजर शुरू होता है किसी सुनसान नदी में नाव चलाते फरहान के बैक शॉट से और एक पल पाद ही आप उन्हें भारी भीड़ के सामने गाना गाते हुए देखते हैं।
टीजर काफी इंटेंस है। फरहान के अलावा फिल्म में अर्जुन रामपाल, पूरब कोहली और प्राची देसाई भी हैं। अब इससे पहले कि हम आपको बताएं कि टीजर में क्या-क्या खास है, आइए आपको बताते हैं कि टीजर में कौन खास है? श्रद्धा कपूर, 1 मिनिट से थोड़े बड़े इस टीजर में श्रद्धा का भी रोल है। टीजर देख कर लगता है कि फिल्म में श्रद्धा को अपने भीतर छिपे टैलेंट का अंदाजा नहीं है जिसे फरहान पुश करते हैं।
तकरीबन 10 साल तक अलग-अलग रहने के बाद अब यह बैंड एक बार फिर से साथ आ गया है। देखना होगा कि क्या वह फिर से अलग हो जाएंगे। फिल्म की शूटिंग शिलॉन्ग में हुई है और एक फोक सॉन्ग है जिसे खस्सी में फिल्माया गया है। हालांकि शायद इतने वक्त बाद आई फिल्म के अभिनेताओं के मैच्योर हो जाने पर दर्शकों ने म्यूजिक के भी ज्यादा मैच्योर होने की उम्मीद की होगी। फिल्म क्या कुछ मसाला लेकर आ रही है यह वक्त की साथ खुलती परतों में पता चलेगा। फिलहाल तो फरहान अख्तर और श्रद्धा कपूर फिल्म के बारे में ट्वीट कर रहे हैं और उन्होंने फिल्म का टीजर भी ट्वीट किया है।

बिग बी की नव्या-आराध्या के नाम पाती, बोले-'मत सोचना कि लोग क्या कहेंगे'

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बॉलीवुड मेगास्टार अमिताभ बच्चन आज सुर्खियों में हैं और ट्विटर से लेकर फेसबुक तक उन्हीं की चर्चा है. चर्चा में बिग बी अपनी किसी फिल्म को लेकर नहीं बल्कि एक पाती को लेकर हैं जो उन्होंने अपनी नातिन नव्या और पोती आराध्या के नाम लिखी हैै.
लेटर पोस्ट करने से पहले बिग बी ने एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, ”मैं एक पत्र लिख रहा हूं क्योंकि मैं लिखना चाहता था.” इस पत्र के माध्यम से बिग बी ने नव्या और आराध्या को बताया है कि वो नंदा या बच्चन होने से पहले एक लड़की हैं, महिला हैं. उन्होंने लिखा है कि लड़की या महिला होने की वजह से लोग तुम पर अपने विचार, अपनी सोच थोपेंगे लेकिन तुम ऐसा मत होने देना.
अमिताभ बच्चन ने इस पत्र में लिखा, ”तुम दोनों के कंधों पर एक बहुत ही मूल्यवान विरासत की जिम्मेदारी है. आराध्या पर अपने परदादा डॉक्टर हरिवंश राय बच्चन की और नव्या पर अपने परदादा एचपी नंदा की लीगसी (विरासत) की. तुम दोनों को तुम्हारे दादा ने अपने सरनेम के साथ प्रतिष्ठा और सम्मान भी विरासत में दिया है.”

बिग बी ने आगे लिखा, ”तुम दोनों नंदा या बच्चन हो, लेकिन पहले लड़की हो, महिला हो! और चूंकि तुम महिला हो इसलिए लोग तुम पर अपनी सोच, अपनी सीमाओं को थोपेंगे. वो तुम्हें बताएंगे कि तुम्हें कैसे कपड़े पहनने चाहिए. तुम्हें कैसे व्यवहार करना चाहिए, तुम्हें किससे मिलना और कहां जाना चाहिए. लोगों के फैसले की छांव में तुम मत जीना. उनकी बातों को तुम अपने ऊपर हावी मत होने देना. अपने बुद्धिमता से तुम अपनी च्वाइस खुद चुनना. तुम किसी वजह से ये मत सोच अपनाना कि तुम्हारे स्कर्ट की लंबाई तुम्हारे कैरेक्टर का मापदंड है. किसी को यह सलाह देने की इजाजत भी मत देना कि तुम किसके साथ दोस्ती करोगी और दोस्त कैसे होने चाहिए.’

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बिग बी ने लिखा, “जब तुम चाहो तभी शादी करना लेकिन बिना किसी वजह के शादी मत करना. लोग बातें करेंगे. लोग तु्म्हारे बारे में डरावनी बातें भी करेंगे लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि तुम्हें हर किसी की बात को सुनना जरूरी है. कभी ये मत सोचना कि- लोग क्या कहेंगे. तुमने जो किया है उसे तु्म्हें ही फेस करना है. इसलिए दूसरों को अपने निर्णय मत लेने देना.”
अपनी नातिन नव्या के लिए बिग बी ने लिखा, ”तुम्हारे नाम, तुम्हारे सरनेम से जो प्रिविलेज तुम्हें मिला है वो तुम्हें उन मुश्किलों से कभी नहीं बचा पाएगा, जो एक महिला होने की वजह से अक्सर तुम्हारे सामने आएंगी.”
‘आराध्या- समय के साथ तुम भी इन बातों को देखने और समझने लगोगी. तब हो सकता है कि मैं तुम्हारें साथ ना रहऊं लेकिन मुझे लगता है कि मैं जो सोच रहा हूं, जो कह रहा हूं वो तब भी तुम्हारे लिए प्रासंगिक रहे.
आगे अमिताभ बच्चन ने लिखा, ”महिलाओं के लिए यह दुनिया कठिन… बहुत ही कठिन है लेकिन लेकिन मुझे भरोसा है कि तुम्हारे जैसी महिलाएं ऐसी चीजों को बदल सकती हैं. अपनी सीमाओं को तय करना, अपनी खुद की च्वाइस बनाना, लोगों के फैसलों से ऊपर अपनी सोच बनाना आसान नहीं होगी. लेकिन तुम हर जगह महिलाओं के लिए उदाहरण बन सकती हो. ऐसा ही करना और मैंने जितना किया है उससे ज्यादा करना. मेरे लिए अमिताभ बच्चन के नाम से नहीं तुम्हारे दादा और नाना के नाम से फेमस होना ज्यादा सम्मानजनक होगा.”
आपको बता दें कि जल्द ही 16 सितंबर को अमिताभ बच्चन की फिल्म पिंक रिलीज होने वाली है जिसमें वो एक वकील की भूमिका में दिखेंगे. शूजित सरकार की इस फिल्म में बिग बी के साथ अभिनेत्री तापसी पन्नू नजर आएंगी.

CM हरीश रावत ने किया एलान, प्रदेश में शीघ्र चलेगी मेट्रो

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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड की जनता को सरकार जल्द मेट्रो का तोहफा देगी। रुड़की से देहरादून के बीच मेट्रो दौड़ाने के लिए प्राथमिक स्तर की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
रविवार को हरिद्वार में आयोजित कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद पत्रकारों से वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के एजेंडे पर प्रदेश सरकार तेजी से बढ़ रही है। इस योजना पर भी सरकार जल्द काम शुरू करने वाली है। मेट्रो के लिए जल्द एमडी की नियुक्ति की जाएगी। उसके बाद इसका काम शुरू कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर राज्य में दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कांग्रेस भारी बहुमत से सत्ता में दोबारा लौटेगी। इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से वर्ष-2017 के विधान सभा चुनाव के लिए अभी से एकजुट होकर काम करने आह्वान किया। केंद्र सरकार पर जनता को छलने का आरोप लगाते हुए हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस भारी बहुमत से जीतेगी और यहीं से वर्ष 2019 में दिल्ली की जीत का रास्ता निकलेगा।
रविवार को ज्वालापुर स्थित बारातघर में हरिद्वार व रानीपुर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बूथ सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को जवाब देना चाहिए कि महंगाई कहां कम हुई है। काला धन कहां आया और किसके खाते में 15 लाख रुपये आए। हर वर्ष करोड़ों युवाओं को रोजगार देने का वायदा करने वाली केंद्र सरकार जब से सत्ता में आई है लोगों से रोजगार छिनता जा रहा है। यह सरकार हर मोर्चे पर विफल है।
अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दावा किया कि उत्तराखंड में इस समय सबसे ज्यादा सरकारी योजनाओं के तहत पेंशन दी जा रही है। उनकी सरकार को अस्थिर न किया जाता तो अभी तक यह संख्या और ज्यादा हो जाती। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जब कांग्रेस दोबारा सत्ता में आएगी तो 10 लाख से ज्यादा परिवारों को पेंशन का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यकर्ताओं को संगठन की रीढ बताते हुए उन्होंने कहा कि एकजुटता दिखाते हुए चुनाव लड़े तो कांग्रेस को हराने वाला कोई नहीं है। उन्होंने हर कार्यकर्ता को 10 नए वोटर बनाने का लक्ष्य दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने भी मोदी सरकार को सिर्फ झूठे वायदों और कोरी घोषणाओं की सरकार बताया। सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर केंद्र की पोल खोलने और राज्य सरकार की उपलब्धियों का प्रचार प्रसार करने का आह्वान किया।
दर्जाधारी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने प्रदेश सरकार को सबसे ज्यादा विकास करने वाली सरकार बताया। संचालन कर रहे कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज ने कहा कि हरिद्वार और रानीपुर दोनों ही क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों ने जनता की समस्याओं की तरफ कोई रुचि नहीं दिखाई।

यूपी के साथ हो सकते हैं उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव

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उत्तर प्रदेश के चुनावों के साथ-साथ उत्तराखंड में भी विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। इस बारे में केंद्रीय निर्वाचन आयोग के साथ उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने चर्चा की है।
सके पीछे प्रदेश में शांतिपूर्ण मतदान अहम वजह बताई गई है। आयोग को यहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश से अराजक तत्वों के भारी दखल की बात बताई गई है।
सूत्रों के मुताबिक बीते दिनों आयोग से तमाम बिंदुओं पर चर्चा के दौरान मुख्य सचिव ने उत्तराखंड में मतदान के लिए उन्हीं तारीखों को तय करने के लिए कहा है, जिन पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनाव निर्धारित किए जाएं।
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। केंद्रीय निर्वाचन आयोग की टीम ने हाल ही में मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह के साथ-साथ शासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करके तैयारियों का जायजा लिया है।
उन्होंने यूपी चुनावों के साथ ही उत्तराखंड में भी चुनाव कराने की मांग की। इसके पीछे उन्होंने हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, हल्द्वानी आदि मैदानी क्षेत्रों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अराजक तत्वों के दखल की संभावना बताई है।
बीते चुनावों के कुछ उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा होने से यहां शांतिपूर्ण मतदान की संभावना ज्यादा रहती है। इसके अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जनवरी माह में यहां मौसम की खराबी का हवाला देते हुए चुनाव की तारीख फरवरी के अंत या फिर मार्च के पहले पखवाड़े में तय करने की बात भी कही है।

सामने आई ब्यूटी कॉन्टेस्ट की 'घिनौनी' सच्चाई, मॉडल्स ने छोड़ा कम्पटीशन

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देश की जानी-मानी मिस अर्थ इंडिया कंपटीशन में वाइल्ड कार्ड एंट्री विवादों में फंस गई है। पिछले एक महीने से जिन 16 मॉडल्स को दिल्ली में होने वाले ऑडिशन के लिए तैयार किया जा रहा था, रविवार को उनमें से 13 मॉडल्स बदल गईं। इसके अलावा अंतिम दिन मॉडल्स की संख्या भी बढ़ गई।
अचानक हुई इस उथल-पुथल के कारण कोरियोग्राफर और फोटोग्राफर ने भी कंपटीशन छोड़ दिया है। इतना ही नहीं एक मॉडल ने कंपटीशन के तैयारी करवा रही एजेंसी पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
एक महीने से दून में मिस अर्थ इंडिया कंपटीशन की तैयारी चल रही है। इसके लिए देशभर से मॉडल्स चुन ली गई हैं, जबकि उत्तराखंड से पांच मॉडल्स को वाइल्ड कार्ड एंट्री के जरिये सीधे दिल्ली में होने वाले ऑडिशन के लिए भेजा जाना है।
दिल्ली में जो विजेता रहेगी, वह मॉडल मिस अर्थ इंडिया इंटरनेशनल के लिए जाएगी। लेकिन ऑडिशन के अंतिम दिन अचानक 13 मॉडल्स ने यह आरोप लगाते हुए विश्व स्तर की यह प्रतियोगिता छोड़ दी कि आयोजकों का जब मन होता था उनको बुला लिया जाता था।
अपने दोस्तों और दूसरे लोगों को शराब पिलाते और उनके सामने मॉडल्स को कैटवॉक करने के लिए कहा जाता था। मॉडल्स ने आरोप लगाया कि मात्र क्लबिंग करने के लिए उन्हें इस्तेमाल किया जा रहा था। इन 13 मॉडल्स में दो मिस उत्तराखंड भी शामिल थीं।
अचानक 16 में से 13 मॉडल्स के इवेंट छोड़ते ही आयोजक परेशान हो गए। इसके बाद रविवार को मानकों को दरकिनार कर आनन-फानन में लड़कियों को इकट्ठा किया गया। इनके लिए लंबाई और उम्र की कोई शर्त तक नहीं रखी गई।

अद्‍भुत कहानियां कहती 'स्टोरीज ऑफ केनवास'

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खबरें [मुम्बई]

अद्‍भुत कहानियां कहती ‘स्टोरीज ऑफ केनवास’

मुंबई के कलाप्रेमियों के लिए फोर्ट इलाके में स्थित शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय (प्रिंस ऑफ वेल्स म्यूजियम) की आनंद कुमारस्वामी कला दीर्घा में हाल ही संपन्न ‘इंडियन ऑइल’ की प्रदर्शनी- ‘स्टोरीज ऑफ केनवास’ विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसमें जहां राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के करीब 40 प्रतिष्ठित कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित हुईं, वहीं करीब इतने ही युवा कलाकारों को उनके कृतित्व को रोशनी में लाने का सुअवसर मिला। इन सभी युवा कलाकारों ने प्रदर्शनी के लिए अपनी नई कृतियों का सृजन किया, जिनमें से कइयों को सुधी दर्शकों की भरपूर सराहना मिली।
इस नुमाइश का औपचारिक रूप से उद्घाटन 25 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित समकालीन सिद्धहस्त कलाकार लक्ष्मण श्रेष्ठ ने किया था और समापन 31 अगस्त को हुआ। इसमें करीब 100 कलाकारों के कार्यों का सारग्रही मिश्रण प्रदर्शित हुआ जिनमें से हरेक मेंजीवन के अनुभव कल्पना के आधार पर कैनवास पर उतरकर मानो एक अद्भुत कहानी कहते नजर आते थे। सम्मिलित किए गए प्रादर्शों में थे- कैनवास, कैनवास पर एक्रिलिक, कलम व स्याही, मिश्रित मीडिया, सिरेमिक्स, टेराकोटा, बलुआ पत्थर आदि के विभिन्न माध्यमों पर अमूर्त, अर्द्ध-अमूर्त पेंटिंग्स व मूर्तिकला के कार्य।
पारंपरिक व आधुनिक प्रभावों की प्रचुरता, जीवन शक्ति का सुंदर समन्वय प्रतिबिंबित करती हुई इस नयनाभिराम प्रदर्शनी में विशिष्ट आमंत्रितों में प्रतिष्‍ठित अमूर्त पेंटर लक्ष्मण श्रेष्ठ के अलावा दिनकर थोप्ते, मुरली लाहोटी, सुहास बहुलकर, वासुदेव कामथ, प्रमोद बाबू रामटेके, श्रीकांत जाधव, उषा फेनानी पाठक, आनंद सोनार एवं नीलकांति पाटेकर भी शामिल थे।
इसमें प्रतिष्ठित कलाकार राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता गणपत भड़के, सुरेन्द्र जगताप, दिलीप बड़े, अरविंद हते, मनोज साकले व चंडीगढ़ के प्रमोद आर्य की प्रस्तुतियां भी दर्शकों को आल्हादित कर गईं। प्रतिष्ठित मूर्तिकार जैसे कि बापूसाहेब झांझे, किशोर ठाकुर, राजेश कुलकर्णी, शेखर दहीवाल, उदयपुर के नेमा राम व चेन्नई के के. रामकुमार के सृजन के माध्यम से कलाप्रेमियों को शैलियों की विस्तृत विविधताएं देखने को मिलीं।
इस कला प्रदर्शनी में इंदौर की श्रीमती शुभा वैद्य, जो कि मुंबई के जेजे स्कूल ऑफ एप्लाइड आर्ट्स की पूर्व छात्रा हैं, भी शामिल थीं। वे जीवन और उसके विविध आयामों पर अपने अनुभव और घटनाओं को गहरे रंगों में सिद्धहस्तता के साथ चित्रित करती हैं। उनका कार्य उनकी शैली की गंभीरता और स्पंदन की वजह से दर्शकों को बांध लेता है।
प्रदर्शनी में इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों-कर्मचारियों का सृजनशील कृतित्व भी सामने आया। अपने व्यावसायिक कार्य की जटिलता के बावजूद कला की सुरुचि दृढ़ता से विकसित करने वाले ‘इनहाउस’-प्रति‍भाओं में शामिल थे- के. लक्ष्मीपति, एनएम रोकड़े, श्राबनी घोष, अंजन भट्टाचार्य तथा आशिमा भाटिया आदि।
इनमें विशेष उल्लेखनीय हैं कृष्ण कुमार मालवीय, जो कंपनी के मुंबई स्थित पश्चिम क्षेत्रीय कार्यालय में मैनेजर (आंतरिक लेखा परीक्षण) हैं। वे दक्ष पेंटर हैं और जो अपने वैविध्यपूर्ण ‘सब्जेक्ट्स’ को ऐसे खास तरह से चित्रित करते हैं कि उनका सत्व और सार जीवंत हो उठता है।
मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के बाबई ग्राम में 1967 में जन्मे और भोपाल के हमीदिया कॉलेज से पेंटिंग में स्नातक और अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधिधारी कृष्णकुमार की कलाकृतियां तीन समूह प्रदर्शनियों में प्रदर्शित हो चुकी हैं और उनसे कृतित्व के लिए समर्पित उनके सक्रिय मस्तिष्क और उत्कट भावना की झलक मिलती है। उन्हें वर्ष 2014 में मुंबई में आयोजित इंडियन ऑइल कला प्रदर्शनी में उनके कैनवास पर ऑइल पेंटिंग ‘इन द रेन’ के लिए प्रथम पुरस्कार मिला था। इस बार उनकी कृति- ‘एक्शन टू सर्व’ नुमाया की गई।
भारत सरकार के प्रतिष्ठान ‘इंडियन ऑइल’ द्वारा हर दूसरे साल आयोजित कला प्रदर्शनी का यह 21वां संस्करण था। इसके संयोजन में आमंत्रित कलाकार श्रीमती प्रतिभा वाघ व मूर्तिकार बापूसाहेब झांझे ने सहयोग दिया। प्रदर्शनी के दौरान स्थल पर पहली बार एक जीवंत पेंटिंग कॉर्नर भी निर्मित किया गया, जहां सर जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स के पांच वरिष्ठ छात्रों ने कला प्रक्रिया का आरंभ से पूर्णता तक का प्रदर्शन आगंतुकों के समक्ष किया और उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे अपनी समझ से कार्यों का अनुभव लें और उसे सराहें।
सार रूप में यह कहना मुनासिब होगा कि यह नुमाइश प्रेषण के उन विचारों को खोजने और उन माध्यमों को जाहिर कराने में सफल रही, जो कला को दर्शक के साथ भौतिक रूप से संबद्ध कर देते हैं, खासकर यह स्पष्ट करते हुए कि किस प्रकार किसी कलाकृति का अर्थ इस आकस्मिक मिलन से उद्भूत हो सकता है

अतिक्रमण हटाने के नाम पर दादागिरी

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मुंबई से सटे मीरा-भायंदर महानगर पालिका में तैनात बाउंसरों की कथित दादागीरी और मारपीट का एक वीडियो इन दिनों वायरल हो रहा है. आरोप है कि ये बाउंसर अतिक्रमण हटाने के नाम पर महानगरपालिका के अधिकारियों के साथ मिलकर उगाही करते हैं, जो पैसे नहीं देता उनके साथ मारपीट की जाती है.
वायरल हो रहा वीडियो मीरा रोड पूर्व इलाके के शांतिपार्क का है. वीडियो में कुछ लोग सड़क पर एक फेरीवाले से मारपीट करते दिख रहे हैं, उनकी टी-शर्ट पर सैनिक लिखा है. इनकी तैनाती निजी बाउंसर के तौर पर मीरा-भायंदर महानगरपालिका में की गई है. इनका काम अतिक्रमण हटाने में मदद करना था लेकिन तस्वीरों में ये 5 सैनिक एक शख्स पर जोर आजमाइश कर रहे हैं. एक फेरीवाले को दौड़ा-दौड़ा कर बीच सड़क अपनी बहादुरी दिखा रहे हैं. वहां पुलिस भी तैनात है लेकिन कोई बीच बचाव करने नहीं आता है. जो शख्स पिट रहा है उसपर आरोप सड़क पर अवैध तरीके से ठेला लगाने का है.
मामले के पीड़ित अनिल साहू का कहना है, ‘मैं अपना ठेला नहीं उठाने दे रहा था, इसलिए बाउंसरों ने मुझे मारा. कुछ अधिकारी, नेता हमसे पैसे की मांग करते हैं, जब पैसा नहीं दिया जाता है तो महा नगरपालिका अधिकारी कार्रवाई करते हैं. वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन का कहना है कि वो संबंधित वार्ड अधिकारी से मामले में रिपोर्ट तलब करेगा.
मीरा भायंदर महानगरपालिका के उपायुक्त विजय कुमार मिशाल ने कहा, ‘वीडियो देखने के बाद प्रभाग अधिकारी से रिपोर्ट ली जाएगी, उसके बाद संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी. मामले में पीड़ित ने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद कई पार्षद अपनी तरफ से शिकायत दर्ज कराने की बात कह रहे हैं. कांग्रेस के नगरसेवक ज़ुबैर इनामदार ने कहा हम इस मुद्दे को उठाएंगे और इस मामले में जो भी दोषी है उनपर कार्रवाई की मांग करेंगे.

प्रीति राठी के हत्यारे के लिए फांसी की सजा की मांग

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मुंबई: तीन साल पहले हरियाणा की प्रीति राठी मुंबई आई थी नर्स बनने, लेकिन स्टेशन पर उतरते ही एक सिरफिरे ने उसके चेहरे पर तेजाब फेंक दिया. लगभग महीने भर अस्पताल में अपने जख्मों से जूझने के बाद प्रीति ने दम तोड़ दिया. मंगलवार को इस मामले में मुंबई की सत्र अदालत अपना फैसला सुनाएगी. परिवार प्रीति के गुनहगार के लिए एक ही सजा चाहता है … सज़ा-ए-मौत.
सब कुछ ठीक रहा होता तो प्रीति नौसेना में बतौर नर्स तीन साल बिता चुकी होती, लेकिन दिल्ली से मुंबई के सफर ने सब कुछ बदल दिया. दो मई 2013 को बांद्रा टर्मिनस पर हुए एसिड अटैक में प्रीति का चेहरा, दोनों आंखें, आहार नलिका और फेफड़े सब चले गए थे. अस्पताल में भर्ती कराया गया तब प्रीति ने चिट्ठियां लिखनी शुरू कीं. उसने बार-बार सवाल उठाया कि आखिर उसके साथ ऐसा क्यों हुआ.
महीने भर में प्रीति की हालात बिगड़ने लगी. परिवार वालों को डॉक्टरों ने बता दिया था प्रीति के शरीर में अब जहर बनने लगा है. बेहद साहसी प्रीति अपने परिवार को इस हालत में भी परेशान नहीं देखना चाहती थी. वह बार-बार अपने छोटे भाई बहनों की सुरक्षा की बात करती रही. आखिरकार एक जून 2013 को उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया. इस बीच पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा, लेकिन परिवार ने इस जांच और आरोपी पर सवाल उठाए. पिता अमर सिंह राठी ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की.
लगभग आठ माह की आंख-मिचौली के बाद प्रीति राठी का असली आरोपी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ा. रेलवे पुलिस से जांच का जिम्मा अदालत ने मुंबई क्राइम ब्रांच के सुपुर्द कर दिया जिसने मामला संभालने के महीने भर बाद असली आरोपी को पकड़ने का दावा किया. प्रीति पर एसिड से हमले का आरोप लगा उसके पड़ोसी अंकुर पनवर पर जो होटल मैनजमेंट का कोर्स पूरा करने के बाद कई दिनों से बेरोजगार था. जब प्रीति पर तेजाब से हमला हुआ अंकुर ने हरिद्वार में होने का दावा किया था लेकिन उसके मोबाइल लोकेशन से उसका झूठ पकड़ा गया. उस वक्त पुलिस की दलील थी कि यह मामला नौसेना में प्रीति के चयन के बाद उसके पड़ोसी अंकुर के जलन का था.