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ऑगस्‍टा वेस्टलैंड को लेकर संसद में कांग्रेस ने फिर किया हंगामा

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नई दिल्ली : ऑगस्‍टा वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील मामले में संसद के दोनों सदनों में गुरुवार को भी हंगामे के आसार हैं। इस मामले में कांग्रेस पर हमलावर रुख अख्तियार कर चुकी बीजेपी आज भी चर्चा के लिए नोटिस दे सकती है। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष की ओर से हो रहे हमले को बेअसर करने के लिए कांग्रेस ने भी आक्रामक तरीके से बचाव का फैसला किया है। ऑगस्‍टा वेस्‍टलैंड मामले में बीजेपी आज नोटिस दे सकती है। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे सकती है। गौर हो कि आजाद ने पीएम मोदी पर इटली के पीएम से मुलाकात करने और डील करने का आरोप लगाया था। वहीं, इस मामले को लेकर पीएम मोदी ने संसद भवन परिसर में आज कैबिनेट मंत्रियों और सांसदों के साथ बैठक की।
एक ओर, बीजेपी इस डील में कांग्रेसी नेताओं के नाम आने पर जवाब मांग रही है, वहीं कांग्रेस मोदी सरकार की तरफ़ से जांच आगे न बढ़ाने पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस की दलील है कि इस सौदे में गड़बड़ी की बात सामने आने के बाद उसने फिनमेकैनिका को ब्लैक लिस्ट कर दिया था, फिर मोदी सरकार ने उसे ब्लैक लिस्ट से बाहर क्यों किया। वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले को लेकर हुए विवाद के बीच सरकार ने कहा कि सौदे के बारे में वह सीबीआई से रिपोर्ट मांगेगी और ऑगस्‍टा वेस्टलैंड और इसकी मूल कंपनी फिनमिकैनिका को काली सूची में डालने की पहल करेगी। साथ ही सरकार ने दावा किया कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने घोटाले में घिरी कंपनी पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया था।
भाजपा ने अपनी योजना के मुताबिक 3600 करोड़ रूपये के वीवीआईपी ऑगस्‍टा वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में सोनिया गांधी का नाम घसीटा। इसके नव नामित सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने घोटाले में सोनिया का नाम लिया जिसके बाद राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ। कांग्रेस के सदस्य सदन में अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंच गए और इसे एक घंटे तक बाधित कर दिया। हेलीकॉप्टर सौदे में सुब्रमण्मय स्वामी की ओर से सोनिया गांधी का नाम उछाले जाने को लेकर राज्यसभा में हुए हंगामे के बाद शांति बनाए रखने की खातिर दो शीर्ष मंत्रियों ने आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ वार्ता की।
वहीं, पलटवार करते हुए सोनिया ने अपने और अपनी पार्टी के नेताओं के खिलाफ आरोपों को ‘गलत और आधारहीन’ करार दिया और इसे ‘चरित्रहनन’ का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वह ‘घेरे’ जाने से ‘भयभीत नहीं’ हैं। संसद भवन में संवाददाताओं से बात करते हुए सोनिया ने सरकार से कहा कि वह पिछले दो वर्षों से सत्ता में क्या कर रही है और मांग की कि जो जांच चल रही है वह निष्पक्ष तरीके से हो ताकि सच्चाई सामने आ सके। विवादास्पद सौदा और सौदे के लिए दिए गए 120 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत तथा इटली की एक अदालत में सोनिया, उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और पूर्व वायुसेना प्रमुख एस पी त्यागी के जिक्र वाले पत्र को लेकर राज्यसभा में काफी हंगामा हुआ। अदालत ने हेलीकॉप्टर कंपनी के प्रमुख कार्यकारी को दोषी ठहराया है। रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर भी इस गतिरोध में शामिल हो गए और कांग्रेस से कहा कि संप्रग सरकार के आदेश को दिखाएं जिसमें ऑगस्‍टा वेस्टलैंड को ब्लैकमेल किया गया था।
स्‍वामी ने हेलीकॉप्टर सौदे का मामला उठाया और प्रश्नकाल के दौरान सोनिया के नाम को उठाने की अनुमति मांगी। वहीं, सोनिया गांधी पर पलटवार करते हुए भाजपा ने आज कांग्रेस अध्यक्ष से अपने ‘पुराने रिश्ते’ का इस्तेमाल कर यह पता लगाने को कहा कि क्यों एक इतालवी अदालत ने ऑगस्‍टा वेस्टलैंड भ्रष्टाचार मामले में उनका नाम लिया। भाजपा ने यह भी कहा कि अभी और खुलासे होंगे। केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि सरकार व्यापक जांच की कांग्रेस प्रमुख की मांग पूरी करेगी और इसके तौर तरीके रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर की ओर से इस मुद्दे पर संसद में बयान देने के बाद तय किए जाएंगे। संसदीय कार्य राज्य मंत्री ने कहा कि सच्चाई यह है कि इतालवी अदालत के दस्तावेजों में कुछ तथ्य हैं और उनका नाम है। (संप्रग सरकार के) कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के नाम भी हैं। इटली में उनके अवश्य ही कुछ संपर्क होंगे। उन्हें अपने पुराने संबंधों से यह पता लगाना चाहिए कि अदालत ने दो साल बाद ऐसा आदेश क्यों दिया।

भारत के खिलाफ F-16 जेट विमान का इस्तेमाल कर सकता है पाकिस्तान

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वाशिंगटन: शीर्ष अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान को आठ एफ-16 लड़ाकू जेट विमान बेचने के ओबामा प्रशासन के फैसले पर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि इन विमानों का इस्तेमाल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ किया जा सकता है। उन्होंने इस संबंध में ओबामा प्रशासन से अपने फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया है।
सांसद मैट सैल्मन ने कल कांग्रेस में सुनवाई के दौरान कहा, मेरे साथ-साथ कांग्रेस के कई सदस्यों ने इस फैसले और इस बिक्री के समय पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

इसके अलावा भारत एवं पाकिस्तान के बीच तनाव अब भी बढ़ा हुआ है। हालांकि पाकिस्तान ने कहा है कि कि वह इसका इस्तेमाल आतंकवादियों के खिलाफ करेगा, कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या एफ 16 विमानों का इस्तेमाल आतंकवादियों के बजाए भारत या अन्य क्षेत्रीय शक्तियों के खिलाफ अंतत: किया जा सकता है।
हाउस ऑफ फॉरेन अफेयर्स समिति की एशिया एवं प्रशांत मामलों की उप समिति की ओर से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के मुद्दे पर आयोजित कांग्रेस में सुनवाई के दौरान सैल्मन के साथ कई अन्य सांसदों ने सहमति जताई जबकि अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान के विशेष अमेरिकी प्रतिनिधि रिचर्ड ओल्सन ने ओबामा प्रशासन का प्रतिनिधित्व किया।
अमेरिकी सांसद ब्रैड शर्मन ने कहा, हमें यह सोचने की जरूरत है कि पाकिस्तान को मुहैया कराई गई सैन्य सहायता और जो एफ-16 लड़ाकू विमान हैं वे कम खर्चीले हैं या नहीं और क्या यह आतंकवादियों के खिलाफ पाकिस्तानी वायु सेना के लिए सबसे प्रभावी तरीके के साथ भारत एवं पाकिस्तान के बीच शक्ति संतुलन के लिए बहुत कम विध्वंसक हथियार प्रणाली होगी।

शर्मन ने कहा, हमें पाकिस्तान को ऐसे अत्याधुनिक हथियार आतंकवादियों की तलाश के लिए देने की जरूरत है, न कि भारत के खिलाफ युद्ध के लिए। अमेरिकी सीनेट ने हाल में पाकिस्तान को करीब 70 करोड़ डॉलर की राशि वाले आठ एफ-16 लड़ाकू विमान देने के ओबामा प्रशासन के फैसले पर तत्काल रोक लगाई है। सैल्मन ने ओल्सन से इसके मूलभूत उद्देश्य और उक्त बिक्री के समय पर स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा कि कैसे यह अमेरिका के बेहतर हित में है।
उन्होंने कहा, 9/11 के हमले के बाद आतंकवाद से मुकाबले के लिए वर्षों से पाकिस्तान को 25 अरब डॉलर से अधिक की सहायता राशि देने के बावजूद आतंकवादी संगठन पाकिस्तान में बेखौफ अपनी गतिविधि जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा, पाकिस्तान ने आतंकवाद का राज्य के हथियार के रूप में और आतंकी परोक्ष समूह के तौर पर इस्तेमाल किया है ताकि पाकिस्तानी सेना भारत के अंदर घातक हमले कर सके। उप समिति की अध्यक्ष इलियाना रोजलेटिनेन ने भी पाकिस्तान को एफ-16 की बिक्री पर चिंता जाहिर की है।

'भाभी जी घर पर हैं' को लेकर नर्वस थीं नई अंगूरी भाभी शुभांगी

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वालोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक ‘भाभी जी घर पर हैं’ में शिल्पा शिंदे की जगह अंगूरी भाभी का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने बताया कि वह घर-घर में पहचानी जाने ली अंगूरी भाभी का किरदार निभाने से पहले उत्साहित होने के साथ-साथ नर्वस भी थीं.
शुभांगी ने कहा, ‘टेलीविजन पर इस खूबसूरत किरदार को निभाने का विकल्प चुनने पर काफी उत्साहित होने के साथ-साथ मैं नर्वस भी थी. अंगूरी का किरदार निभाना चुनौतीपूर्ण है

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छोटे पर्दे की ‘भाभी जी’ शिल्पा शिंदे का टीवी प्रोडक्शन हाउस एडिट-2 संपादित द्वितीय के साथ कुछ मतभेद हो गया था. उन्हें कानूनी नोटिस भेजा गया था. इसके बाद वह शो से निकल गईं.
‘कसौटी जिंदगी की’, ‘कस्तूरी’ और ‘चिड़ियाघर’ जैसे धारावाहिकों में नजर आ चुकीं शुभांगी को उम्मीद है कि किरदार की लोकप्रियता बनी रहेगी और उन्हें भी वही प्यार मिलेगा, जो पहले वाली ‘भाभी जी’ को मिला था. उन्होंने कहा, ‘अब मेरा काम निर्देशक के नजरिए को समझना है और इसके साथ पूरी तरह न्याय करना है. मुझे आशा है कि इस शो के प्रशंसक मुझे भी वहीं प्यार देंगे जो उन्होंने पहले इस किरदार को दिया.’
शुभांगी ने कहा कि धारावाहिक की पूरी टीम ने उन्हें सहज महसूस कराया. उन्होंने कहा, ‘शूटिंग के दौरान मैं पहले ही घबरा गई लेकिन सभी इतने मिलनसार थे कि उन्होंने मुझे सहज महसूस कराया.’

ISRO ने लॉन्‍च किया सातवां नेविगेशन सेटेलाइट अब भारत का खुद का होगा GPS

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र इसरो ने गुरुवार को अपने सातवें नेविगेशन सेटेलाइट IRNSS-1G का सफलतापूर्वक टेस्‍ट किया। इसे PSLV-C33 लॉन्‍च व्‍हीकल के जरिए श्रीहरिकोटा स्‍थ‍ित केंद्र से प्रक्षेपित किया गया। IRNSS-1G का वजन 1425 किलो है। भारतीय समयानुसार इसे दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर सतीश धवन स्‍पेस सेंटर से छोड़ा गया। लॉन्‍च के लिए उल्‍टी गिनती मंगलवार सुबह 9.20 बजे शुरू हुई थी। बता दें कि इसरो ने इससे पहले छठे नेविगेशन सेटेलाइट IRNSS-1F को दस मार्च को लॉन्‍च किया था। IRNSS सिस्‍टम के पहले सेटेलाइट को जुलाई 2013 में छोड़ा गया था।
भारत द्वारा महज सात सेटेलाइट के जरिए नेविगेशन सिस्‍टम बनाना एक बड़ी कामयाबी है। भारत अब उन पांच देशों में शामिल हो गया है, जिनका अपना दिशासूचक सिस्‍टम या जीपीएस है। जीपीएस के लिए अब तक दुनिया में तीन बड़े देशों के सिस्‍टम ही व्‍यवसायिक तौर पर इस्‍तेमाल किए जाते हैं। इन सिस्‍टमों को उनके देश की सेना भी इस्‍तेमाल करती है। दुनिया में जो नेविगेशन सिस्‍टम सबसे ज्‍यादा इस्‍तेमाल होता है, उसे GPS कहते हैं। इसका नियंत्रण अमेरिकी सेना के पास है। रूस के नेविगेशन सिस्‍टम का नाम GLONASS है। वहीं, चीन भी अपने नेविगेशन सिस्‍टम BeiDou का विस्‍तार कर रहा है। इसे भी चीन की सेना ही नियंत्रित करती है। वहीं, यूरोप का GALILEO एक सिविल ग्‍लोबल सिस्‍टम है। इन सभी सिस्‍टम में 28 से 35 सेटेलाइट इस्‍तेमाल होते हैं।
भारतीय नेविगेशन सिस्‍टम IRNSS की खासियत-
>जहां तक भारतीय जीपीएस सिस्‍टम IRNSS की बात है, यह न केवल ज्‍यादा सटीक होगा, बल्‍क‍ि भारत के कंट्रोल में भी होगा। उम्‍मीद की जा रही है कि भारतीय क्षेत्रों में यह सिस्‍टम 20 मीटर से कम दूरी तक की सटीक जानकारी देगा। इससे 1500 वर्ग किमी तक के इलाके की सही जानकारी मिल सकेगी।
>IRNSS को आम लोगों के अलावा कमर्शियल इस्‍तेमाल भी हो सकेगा। इसके अलावा, सेना और मिसाइल संबंधित प्रणाली में भी इसे यूज करने की योजना है।
>सूत्रों के मुताबिक, अगले तीन से छह महीनों तक IRNSS के सभी सेटेलाइट्स के सिग्‍नल और परफॉर्मेंस वगैरह जांची जाएगी। इसक बाद, इसे इस्‍तेमाल में लाया जा सकेगा।
>इस नेविगेशन सिस्‍टम का कंट्रोल बेंगलुरु में है और इसके ट्रैकिंग सेंटर देश भर में बनाए गए हैं।
>इसरो का कहना है कि नेविगेशन सिस्‍टम के लिए चार ही सेटेलाइट काफी हैं, लेकिन सात के होने से यह और ज्‍यादा सटीक होगा।

भारत-पाक सीमा पर लगाई गई 'लेजर दीवार', नामुमकिन हुआ घुसपैठ

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पंजाब से सटे भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा अब लेजर दीवार के जरिए की जाएगी। इस दीवार को अब एक्टिवेट कर दिया गया है जिसकी वजह से इस रास्ते से आतंकी घुसपैठ नामुमकिन हो गया है। इन दीवारों को नदियों, जंगलों और दुर्गम स्थालों पर लगाया गया है जहां सुरक्षा जवानों की नजर से बचकर घुसपैठिए आसानी से भारत में घूस आते थे।
भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों ने बताया कि दो साल पहले ही दुर्गम स्थानों पर लेजर वॉल बनाने की जरूरत बताई गई थी जिसके बाद सरकार ने इसे स्थापित करने की मंजूरी दे दी थी। यह वॉल लेजर लाइटों के अलावा इंफ्रारेड प्रणाली से भी लैस है जो घुसपैठ का पता लगाने में सक्षम है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसका पता आतंकी घुसपैठियों को भी नहीं चल पाएगा कि इस प्रणाली की इस्तेमाल कहां किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा चार अन्य जगहों पर इस प्रणाली को स्थापिक किया जाएगा जिसके जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।
इस नए प्रणाली की निगरानी भी कि जिम्मेदारी भी बीएसएफ के जिम्मे ही होगी। ये जवान जम्मू कश्मीर, पंजाब, गुजरात और राजस्थान सीमा की निगरानी करते हैं। अधिकारियों के मुताबिक पहले इस प्रणाली को कुछ ही इलाकों में स्थापित किया जाना था लेकिन जनवरी महीने हुए पठानकोट हमले के बाद इसका और ज्यादा विस्तार किया जा रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक पठानकोट हमले के आतंकी भारत-पाक सीमा पर स्थित बामियाल इलाके से देश में घुसे थे। इसके मद्देनजर केंद्र सरकार और बीएसएफ ने इसका दायरा बढ़ाने ने पर अपनी सहमति जताई थी।

बीएसएफ के अधिकारियों के मुताबिक इस प्रणाली को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जम्मू सीमा के कुछ इलाकों में लगाए गए थे जिसके परिणाम काफी उत्साहजनक थे। पायलट प्रोजेक्ट के सफलता के बाद ही इसे देश की अन्य सीमाओं पर स्थापित करने पर सहमति बनी थी।

उन्होंने बताया कि इस प्रणाली के सेंसर की निगरानी सैटेलाइट-आधारित सिंग्नल कमांड के जरिए किया जाएगा जो रात्री और धुंध में भी काम करने में सक्षम है। इसके अलावा चार अन्य पायलट प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है जम्मू और गुजरात में स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 30 से 40 किमी तक फैला हुआ है।

शाहरुख के बेटे की लॉन्चिंग के बारे में खुलकर बोले करण

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फिल्मकार करण जौहर का कहना है कि सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन के गॉड पैरेंट हैं और उसका भला चाहते हैं. करण ने कहा कि वह आर्यन को फिल्मों में लाने से पहले उसकी पढ़ाई पूरी होने का इंतजार करेंगे.

करण ने कई मौकों पर कहा है कि आर्यन को लॉन्च करने का अधिकार सिर्फ उनका है. हाल ही में शाहरुख ने भी कहा था कि उनके 19 साल के बेटे आर्यन ग्रेजुएशन लेवल की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही बॉलीवुड में कदम रखेंगे.

करण से जब आर्यन को लॉन्च करने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, आर्यन को अभी पढ़ाई पूरी करनी है और उसके बाद ही वह निर्णय लेंगे कि उन्हें फिल्मों में अपना करियर बनाना है कि नहीं. मैं आर्यन का गॉड पैरेंट हूं और उसका भला चाहता हूं. शाहरुख के छोटे बेटे अबराम को लॉन्च करने के सवाल पर जौहर ने कहा, अबराम..? वह इस साल मई में तीन साल का होगा. मैं पहले आर्यन को लॉन्च करूंगा उसके बाद हम अबराम की बात करेंगे.

फिल्म ‘बार बार देखो’ की शूटिंग पूरी होने की खुशी में रखी गई पार्टी के दौरान करण ने पत्रकारों से बात की. वह इस फिल्म के सह-निर्माता हैं. ‘बार बार देखो एक प्रेम कहानी है. इसमें कटरीना कैफ और सिद्धार्थ मल्होत्रा मुख्य भूमिका में हैं.

कान फेस्टिवल में 15 साल पूरे करेंगी ऐश्वर्या राय

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ऐश्वर्या राय बच्चन इस साल कान फिल्म फेस्ट‍ि‍वल में भारत के प्रतिनिधित्व के 15 साल पूरे करेंगी. साल 2002 में कान में पहली बार प्रतिनिधित्व करने वालीं 42 साल की एक्ट्रेस ऐश्वर्या ने कहा कि उनका सफर बहुत सुंदर रहा है.

ऐश्वर्या ने एक बयान में कहा, लॉरियल पेरिस और भारत का खासतौर पर ऐसे मंच पर प्रतिनिधित्व करना अत्यधिक सम्मान की बात है जो विश्व सिनेमा को और सुंदरता को समानता से सम्मान देता है.

ऐश्वर्या राय 13-14 मई को समारोह में शामिल होंगी, वहीं एक और अंबेसडर सोनम कपूर 15-16 मई को शामिल होंगी. एक सवाल के जवाब में ऐश ने कहा कि वह कान फिल्मोत्सव के लिए अपने अंदाज और पहनावे को लेकर परेशान नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी आगामी फिल्म ‘सरबजीत’ के लिए कान फिल्म महोत्सव एक अच्छा मंच होगा.

पतंजलि की आय 10,000 करोड़ रुपए होने की उम्मीद

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नई दिल्ली: पतंजलि आयुर्वेद की आय 2016-17 में दोगुना बढ़कर 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो जाने का अनुमान है। यह बात यहां मंगलवार को कंपनी के संस्थापक और योग गुरु रामदेव ने कही। रामदेव ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमारी आय वर्तमान वित्त वर्ष में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो जाने की उम्मीद है, जो 2015-16 में 5000 करोड़ रुपए थी।’

कंपनी के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि शुद्ध लाभ इस दौरान 8-10 फीसदी रहने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि कंपनी इस साल विभिन्न राज्यों में विभिन्न उत्पादों की 5-6 नई प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने के लए 1,000 करोड़ रुपए निवेश करेगी। बालकृष्ण ने कहा, ‘हम असम, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 5-6 प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करेंगे। इनमें से चार इसी साल चालू हो जाएंगी।’ उन्होंने कहा, ‘हमारे संयंत्र में पानी की जरूरत काफी कम होती है और पानी को पुनर्चक्रित कर फिर से काम में लाया जा सकता है। इसलिए जल के अभाव वाले क्षेत्रों में हमारी इकाई किसानों के लिए लाभप्रद है।’

रामदेव ने कहा कि उनकी कंपनी रोजाना किसानों से 1,000 टन गेहूं, मटर, गाजर जैसे कृषि उत्पाद खरीदती है। उन्होंने कहा, ‘हमारा लक्ष्य इसे बढ़ाकर रोजाना 10 हजार टन करना है। हमारी आमला और एलोवेरा की खरीदारी रोजाना 500 टन होती है, जिसे बढ़ाकर हम रोजाना 1,000 टन करना चाहते हैं।’ कंपनी निर्यात और ई-कॉमर्स क्षेत्र में भी उतरना चाहती है। बालकृष्ण ने कहा, ‘इस साल प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों से साझेदारी की योजना है। निर्यात से इस साल 5-10 फीसदी आय हासिल करने का लक्ष्य है। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, अफ्रीकी देशों और अरब देशों में शहद और कॉस्मेटिक उत्पादों का निर्यात करेंगे।’

कंपनी दुग्ध उत्पादों और योग परिधान जैसे क्षेत्र में भी पांव पसारना चाहती है। रामदेव ने कहा, ‘जल्द ही पतंजलि दही, मक्खन तथा अन्य दुग्ध उत्पाद बाजार में आएंगे।’ पतंजलि द्वारा कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों का बाजार छीनने संबंधी सवाल पर रामदेव ने कहा, ‘हमने अपना बाजार बनाया है। हमने किसी बाजार नहीं छीना है।’ रामदेव ने कहा, ‘हम पूरी तरह शाकाहारी हैं।’ रामदेव ने कहा, ‘दंत कांति, केश कांति और घी जैसे हमारे उत्पादों का काफी अच्छा प्रदर्शन है। हम विश्वसनीयता, शुद्धता और कम कीमत पर भरोसा करते हैं। हम अगले करब 1-2 साल में यूनिलीवर को टक्कर देने लगेंगे।’

महज 888 रुपए में खरीदें स्मार्टफोन, 27 अप्रैल से बुकिंग शुरू

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पूरे देश में चर्चा का विषय बना 251 रुपए का सबसे सस्ता स्मार्टफोन Freedom 251 का सपना कभी साकार होगा या नहीं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल आप महज 888 रुपए में अपना स्मार्टफोन खरीदने का सपना जरूर पूरा कर सकते हैं। डोकॉस मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ने Docoss X1 स्मार्टफोन लांच किया है। इसकी कीमत केवल 888 रुपए रखी गई है।

इस स्मार्टफोन की बुकिंग आज (27 अप्रैल) सुबह 6 बजे से शुरू हो चुकी है। आप 29 अप्रैल रात 10 बजे से पहले पहले इस फोन को बुक कर सकते हैं और सबसे अच्छी बात यह है कि आपको इस फोन को पाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। कंपनी इस फोन की डिलिवरी 2 मई से ही शुरू कर देगी।

इस स्मार्टफोन की बुकिंग दो तरीके से की जा सकती है। पहला तरीका है आप कंपनी की वेबसाइट www.docoss.com पर लॉग ऑन कर सकते हैं, जबकि दूसरा तरीका है एसएमएस। इसके लिए आपको अपना नाम पता और पिन कोड 9616003322 पर एसएमएस करना होगा। इस फोन के लिए कैश ऑन डिलिवरी की सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए आपको 99 रुपए डिलिवरी चार्ज अतिरिक्त देना होगा।

इस स्मार्टफोन के स्पेसिफिकेशन की बात की जाए तो इसमें 4 इंच की आईपइएस स्क्रीन दी गई है। डुयल सिम पर चलने वाला यह स्मार्टफोन एंड्रॉइड 4.4 किटकैट ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। डोकॉस एक्स 1 में 1 जीबी रैम दी गई है । इसमें व्हॉट्सएप्प, फेसबुक, Twitter , इंस्टाग्राम आदि सभी एप आसानी से काम करेंगे। इस स्मार्टफोन में 2.0 MP है, जबकि फ्रंट कैमरा 0.3 MP का है। इसमें 1300 MAh की लिथियम बैटरी लगी है। फोन के हिसाब से बैटरी पावर अच्छा है। इस फोन में 4 जीबी इंटरनल मेमोरी + 32 जीबी एक्सपैंडेबल मैमोरी दी गई है।

उत्‍तराखंड में राष्‍ट्रपति शासन की मियाद खत्‍म, सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई आज

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नई दिल्‍ली : उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन की मियाद बुधवार को खत्म हो रही है। इस मामले को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। बता दें कि कोर्ट ने पिछली सुनवाई में केंद्र की अर्जी पर 27 अप्रैल तक उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के राष्ट्रपति शासन हटाने के फ़ैसले पर बुधवार तक की रोक लगाई थी और हाईकोर्ट को लिखित आदेश देने के निर्देश दिए थे।

वहीं, केंद्र ने हाईकोर्ट के फैसले को गलत बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की है। वहीं, दो बागी विधायकों ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अनुरोध किया है कि उनकी अयोग्यता से जुड़े मामले पर भी सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करे।

सुप्रीम कोर्ट ने 27 अप्रैल तक उत्तराखंड हाईकोर्ट के राष्ट्रपति शासन हटाने के फैसले पर रोक लगाई थी और हाईकोर्ट को लिखित आदेश देने के निर्देश दिए थे। वहीं आज उत्तराखंड कांग्रेस के बाग़ी विधायकों की याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्‍यमंत्री हरीश रावत और स्पीकर को नोटिस जारी किया था।

दरअसल, नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य में राष्ट्रपति शासन को असंवैधानिक बताया था और सरकार बहाली के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के फैसले के बाद हरीश रावत सरकार ने तुरंत कैबिनेट की बैठक बुलाई और ताबड़तोड़ कई फैसले भी ले लिए। लेकिन केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति शासन अभी लागू है लिहाजा वो इस तरह के फैसले नहीं कर सकते हैं।

दरअसल हाईकोर्ट ने मौखिक तौर पर राज्य में राष्ट्रपति शासन को असंवैधानिक बता कर राज्य सरकार को बहाल कर दिया था और 28 अप्रैल विश्वास मत हासिल करने के निर्देश दिए थे। लेकिन लिखित फैसले देने के लिए एक सप्ताह का वक्त मुकर्रर कर दिया। केंद्र की सुप्रीम कोर्ट में दलील थी कि अधिसूचना के जरिए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया। और अधिसूचना जारी करने के बाद ही राष्ट्रपति शासन को हटाया जा सकता है। लेकिन नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले के बाद भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है, लिहाजा यथास्थिति को बनाया रखा जाए। केंद्र सरकार की दलील पर सु्प्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति शासन को जारी रखने के निर्देश दिए।

गौर हो कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस सदस्यों ने मंगलवार को भी लगातार दूसरे दिन संसद में भारी हंगामा किया, जिससे दोनों सदनों की कार्यवाही बार बार बाधित हुई।