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उत्तराखंड में कांग्रेस की जड़ें उखाड़ने को BJP ने बिछाई अब ये बिसाद

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भाजपा हाईकमान ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रकाश पंत और पूर्व विधायक और कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सुबोध उनियाल को भाजपा राष्ट्रीय परिषद में शामिल कर लिया है। केरल कोझीकोड में आयोजित राष्ट्रीय परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया।
भाजपा राष्ट्रीय परिषद की तीन दिवसीय बैठक के दूसरे दिन पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भी चर्चा हुई। फोन पर हुई बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रकाश पंत और सुबोध उनियाल को राष्ट्रीय परिषद में शामिल कर लिया है।
इस बारे में जब प्रकाश पंत और सुबोध उनियाल से बातचीत की गई तो दोनों ने कहा कि पार्टी ने जो दायित्व सौंपा है, उसे पूरी जिम्मेदारी से निभाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि भाजपा राष्ट्रीय परिषद में पंत और उनियाल के नाम जुड़ने के बाद इसमें उत्तराखंड के सदस्यों की संख्या 25 से बढ़कर 27 हो गई है।
केरल के कोझीकोड में भाजपा राष्ट्रीय परिषद की बैठक वैसे तो गरीब समर्थक व्यापक एजेंडे और उरी आतंकी हमले के मद्देनजर पाकिस्तान से निपटने की भविष्य की रणनीति को अंतिम आकार देने के लिए हो रही है। पर इन सबके केंद्र में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव भी हैं।
यही वजह है कि आलाकमान ने पूर्व विधानसभाध्यक्ष प्रकाश पंत और पूर्व विधायक सुबोध उनियाल को राष्ट्रीय परिषद में जगह देकर कुमाऊं और गढ़वाल वाद को खत्म करने की कोशिश की है, वहीं कांग्रेस का हाथ छोड़कर कमल थामने वाले विधायकों को आश्वस्त किया है कि उनके राजनीतिक हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
परिषद की बैठक के दूसरे दिन विभिन्न राज्यों की रिपोर्टिंग हुई। इस दौरान उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पंजाब की रिपोर्टिंग संयुक्त संगठन महासचिव शिवप्रकाश ने ली। बैठक में इलाहाबाद में हुई कार्यकारिणी के दौरान संगठन के स्तर पर तय किए गए लक्ष्य की समीक्षा भी हुई।
खासतौर पर बूथ स्तर पर समितियों के गठन की वर्तमान स्थिति पर चर्चा के बाद इसकी पूरी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी गई। इसी के बाद प्रकाश पंत और सुबोध उनियाल को राष्ट्रीय परिषद में शामिल होने की खबर आई। खबर की पुष्टि होते ही इसके राजनीतिक निहितार्थ निकाले जाने लगे।
राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो पार्टी ने प्रकाश पंत को यह जिम्मेदारी देकर कुमाऊं क्षेत्र में कांग्रेस पर बढ़त लेने की कोशिश की है। वहीं सुबोध उनियाल को शामिल करके एक ओर गढ़वाल को खुश किया है तो दूसरी ओर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए दस पूर्व विधायकों को यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनका भाजपा में शामिल होने का फैसला गलत नहीं है।
इनमें से पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और हरक सिंह रावत को पार्टी पहले ही संगठन में अहम पद दे चुकी है। हालांकि प्रकाश पंत को जिम्मेदारी के पीछे कुछ लोग इसे पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी से जोड़कर देख रहे हैं। जो भी हो, पार्टी ने दोनों को दायित्व सौंपकर उन्हें आगामी चुनाव में उनकी अहमियत और जिम्मेदारी की याद दिला दी है।

उत्तराखंड : DD किसान चैनल में नौकरी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट डीडी किसान चैनल में नौकरी के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। किसान चैनल में नियुक्ति के नाम पर बेरोजगार युवकों को झांसा देकर उनसे रुपये मांगे जा रहे हैं। ऐसा ही एक नियुक्ति पत्र देहरादून के पंडितवाड़ी में रहने वाले गुरप्रीत सिंह के पास आया है। इसमें चैनल के लोगो के साथ प्रधानमंत्री की फोटो लगी है और 32,500 रुपये मासिक वेतन दिए जाने का जिक्र है।
हालांकि एक शर्त दी हुई है कि नियुक्ति से पहले प्रशिक्षण शुल्क एवं सिक्योरिटी राशि के रूप में 11,500 रुपये बैंक खाते में जमा करने होंगे। इसी से इसके जाली होने का संदेह हो रहा है। पंडितवाड़ी निवासी एसएस संधू को शक तब गहराया जब बेटे गुरप्रीत सिंह ने उनसे कहा कि मैंने तो किसान चैनल में आवेदन किया ही नहीं।
इस पर उन्होंने छानबीन करने के लिए दिए हुए फोन नंबर 08527013648 पर काल किया तो उधर से बताया गया कि दिल्ली दूरदर्शन से बोल रहा हूं। लेकिन पूछताछ शुरू करते ही फोन काट दिया। बकौल संधू अगले दिन दोबारा फोन किया तो फोन उठाने वाले शख्स से रुपये जमा करने के लिए खाता नंबर समेत तमाम सवाल किए गए तो पहले वह टालमटोल करने लगा, बाद में बोला पैसे जमा करने की तारीख निकल गई है। अब कुछ नहीं हो सकता।
संचार माध्यम से ठगों का यह गिरोह रिक्रूटमेंट करने वाले वेबसाइट से बेरोजगार युवाओं की डिटेल चुराता है। बाद में उनसे संपर्क करके ऑनलाइन आवेदन मांगा जाता है। आवेदन के बाद परीक्षा या साक्षात्कार के बजाय सीधे नियुक्ति पत्र युवकों के घर के पते पर भेज दिया जाता है।
नियुक्ति पत्र पर दर्ज फोन नंबर पर संपर्क करने की बात लिखी होती है और फोन करते ही नौकरी के लिए प्रशिक्षण एवं जमानत राशि के रूप में 11,500 रुपये मांगे जाते हैं। कई लोग झांसे में आकर पैसा जमा भी करवा चुके हैं।
इस तरह के फर्जीवाड़े पर आकाशवाणी न्यूज के एक दशक तक उत्तराखंड हेड रहे प्रकाश थपलियाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास भी एक युवक जानकारी के लिए आया था। उन्होंने देखा तो नियुक्ति पत्र में 10 गलतियां थीं, यहां तक कि प्रसार भारती की स्पेलिंग भी गलत लिखी थी। इस पर युवक से कहा कि ऐसे झांसे में ना आए और सीधे पुलिस के पास जाएं। वहीं दूरदर्शन देहरादून के रिटायर्ड असिस्टेंट डायरेक्टर पीएस रावत ने कहा कि उनके कार्यकाल में भी कई मामले ऐसे आए और उन्होंने भी युवकों को पुलिस में जाने की सलाह दी। दूरदर्शन के सीनियर कैमरामैन ओमप्रकाश जमलोकी का कहना है कि युवक फेक कॉल और फर्जी वेबसाइट के झांसे में न आएं।

बाहुबली नेता शहाबुद्दीन को जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर

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नई दिल्ली : राजद के विवादास्पद नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन को मिली जमानत के खिलाफ एक महिला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। जिस मामले में शहाबुद्दीन को जमानत मिली है उसमें उसे पहले ही उम्रकैद की सजा दी जा चुकी है।
जमानत रद्द करने की मांग करने वाली याचिका दायर करने वाली महिला के तीन युवा बेटों को शहाबुद्दीन के एक वफादार ने बर्बरता से मौत के घाट उतार दिया था। महिला के दो बेटों की हत्या के चश्मदीद तीसरे बेटे को बाद में कथित तौर पर शहाबुद्दीन की शह पर मारा गया था। महिला ने पटना उच्च अदालत के इस साल दो मार्च को आए फैसले को चुनौती दी है जिसमें अदालत ने शहाबुद्दीन को अपील लंबित रहने के दौरान स्थायी जमानत दी थी।
सिवान की सत्र अदालत ने दोहरे हत्याकांड में शहाबुद्दीन को फिरौती के लिए अपहरण और हत्या का दोषी पाया था और उसे उम्रकैद की सजा दी थी जबकि चश्मदीद युवक की मौत के मामले में मुकदमा चल रहा है। कलावती देवी ने अपनी याचिका में दावा किया है कि उच्च अदालत ने इस तथ्य पर ‘जरा भी गौर नहीं किया’ है कि शहाबुद्दीन एक खतरनाक अपराधी है जिसे कानून की जरा भी परवाह नहीं है। इसमें आगे कहा गया है कि हत्या, अपहरण जैसे गंभीर अपराधों के दोषी को जमानत भी दे दी गई जबकि उसके खिलाफ कई और मामलों में मुकदमे अभी चल ही रहे हैं, यह तो न्याय का उपहास करने के समान है। कलावती के पति चंद्रकेश्वर प्रसाद की ओर से दायर एक अलग याचिका में 19 सितंबर को शीर्ष अदालत ने शहाबुद्दीन से जवाब मांगा था। इस याचिका में प्रसाद ने अपने तीसरे बेटे की हत्या के मामले में पटना उच्च अदालत की ओर से शहाबुद्दीन को दी गई जमानत को चुनौती दी थी।
इसके अलावा शीर्ष अदालत मारे गए पत्रकार राजदेव रंजन की पत्नी की ओर से दायर मामले को दिल्ली स्थानांतरित करने की याचिका की सुनवाई भी कर रही है। पत्रकार को भी कथित तौर पर शहाबुद्दीन के इशारे पर ही मारा गया था।
कलावती देवी ने बिहार सरकार द्वारा शीर्ष अदालत में दिए गए हलफनामे के हवाले से अपनी याचिका में कहा है कि नवंबर 2014 तक शहाबुद्दीन के खिलाफ कम से कम 38 मामलो में मुकदमे लंबित थे। ये मामले हत्या, हत्या की कोशिश, खतरनाक हथियार से दंगा करना, वसूली करने समेत कई गंभीर अपराधों से संबंधित हैं। उनकी याचिका पर संभवत: सोमवार को सुनवाई होगी।
अधिवक्ता प्रशांत भूषण के जरिए दायर की गई इस याचिका में देवी ने कहा है कि उनके दो बेटे गिरीश और सतीश को शहाबुद्दीन के वफादारों ने अगवा कर लिया था। पहले तो उनकी बुरी तरह पिटाई की गई और बाद में एसिड डालकर उनकी हत्या कर दी गई। दोनों के शवों को नमक से भरे बोरे में बंद करके दफना दिया गया। याचिका में आगे आरोप लगाया गया है कि देवी के तीसरे बेटे राजीव रोशन को भी अगवा किया गया लेकिन वह उनके चंगुल से भाग निकलने में कामयाब रहा। वह अपने दोनों भाईयों की हत्या का चश्मदीद गवाह था। देवी ने दावा किया कि दोहरे हत्याकांड मामले के लंबित रहने के दौरान जून 2014 को रोशन की भी कथित तौर पर शहाबुद्दीन के कहने पर हत्या कर दी गई।
पटना उच्च अदालत ने एक अन्य मामले में सात सितंबर को शहाबुद्दीन को जमानत दे दी थी जिसके बाद 10 सितंबर को उसे भागलपुर जेल से रिहा कर दिया गया। दर्जनभर मामलों के कारण वह पिछले 11 साल से जेल में था।

इस्राइल ने सुझाया एक उपाय जिससे कावेरी विवाद सुलझ सकता है

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बेंगलुरू: पिछले कई सालों से कर्नाटक और तमिलनाडु, कावेरी के पानी को लेकर आमने सामने है. दशकों से चला आ रहा यह विवाद तब और गंभीर हो गया जब इस साल मॉनसून में भारी कमी देखी गई. लेकिन इसके साथ ही जानकारों ने यह चिंता भी जताई है कि बारिश में लगातार कमी के बावजूद इन राज्यों में उन फसलों को उगाया जा रहा है जिसमें पानी का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है.
गौरतलब है कि कर्नाटक में गन्ना उगाया जाता है, वहीं तमिलनाडु में धान के खेत हैं. दोनों में ही पानी जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल होता है. पिछले चालीस सालों में जौ उगाना किसानों ने लगभग बंद कर दिया है. राज्य सरकार ने अपनी ओर से किसानों को नकदी फसल उगाने के प्रति जागरुक करने की कोई कोशिश नहीं की है.
हालांकि हाल ही में बेंगलुरू में हुए एक कार्यक्रम में इस्राइल ने इस संकट से निपटने का एक तरीका सुझाया है. “Open a door to Israel” नाम के इस सम्मेलन में इस्राइल के वाणिज्यदूतावास ने दिखाया कि किस तरह ‘माइक्रो ड्रिप इरिगेशन’ के माध्यम से इस देश ने सिंचाई में पानी की खपत को 50 प्रतिशत तक कम किया है. इज़राइलियों का दावा है कि इस तकनीक को उपजाऊ बनाने के तरीके से जोड़कर गन्ने की उपज 133 प्रतिशत बढ़ सकती है.
बता दें कि इस्राइल को उसकी बंजर ज़मीन के लिए जाना जाता था लेकिन उसने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया. अब इस देश का दावा है कि उनके पास जरूरत से ज्यादा पानी है. ड्रिप सिंचाई, खराब पानी की रिसाइक्लिंग और समुद्र के पानी से नमक हटाने की तकनीक से यह मुमकिन हो सका है. वैसे इन सभी तकनीकों को पैराग्वे और अमेरिका के कैलिफोर्निया जैसे सूखाग्रस्त इलाकों में भी अपनाया गया है.
इस्राइल की सरकार का कहना है कि उन्होंने जल संरक्षण योजना में भारत सरकार को मदद देने का प्रस्ताव दे दिया है. इस्राइल के वाणिज्यदूतावास की डिप्टी प्रमुख शाल्वी ने एनडीटीवी से कहा कि वह स्थापित श्रेष्ठ केंद्रों के ज़रिए इस क्षेत्र में अपने अनुभव साझा करने के लिए बिल्कुल तैयार हैं.
उन्होंने कहा अगर आप अपने खेत को लबालब कर देंगे तो इससे काफी पानी बर्बाद होगा. लेकिन अगर खेत में सिर्फ उतना ही पानी रिसाया जाए जितनी उस फसल को जरूरत है तो बात बन सकती है. यह प्रक्रिया काफी गुणकारी है और दुनिया भर में सफल भी है.
इस महीने सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को आदेश दिया था कि वह तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़े. तमिलनाडु में बारिश की कमी की वजह से पानी की भारी मार है और कोर्ट के इस फैसले के बाद कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में काफी हिंसक प्रदर्शन हुए. ऐसा अनुमान है कि कर्नाटक में सिंचाई के लिए कावेरी के पानी का 65 प्रतिशत हिस्सा इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि तमिलनाडु के लिए पानी छोड़े जाने के आदेश के बाद कर्नाटक में कई जगहों पर विरोध ने हिंसक रूप ले लिया जहां लोगों ने ‘हम अपना खून देंगे, कावेरी का पानी नहीं’ जैसे नारे लगाए.

सिंधु जल संधि की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

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नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौते को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दाखिल की गई है। इसमें समझौते की संवैधानिकता को चुनौती दी गई है। यह याचिका एमएल शर्मा ने दायर की है। वहीं आज 12 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधु जल संधि समझौते को रद्द करने के नफा-नुकसान पर चर्चा करने के लिए एक अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक प्रधानमंत्री आवास पर होगी।
बता दें कि 1960 में पानी के बंटवारे को लेकर भारत-पाकिस्तान में एक संधि हुई था। इस संधि को सिंधु जल संधि के नाम से जाना जाता है। इस संधि पर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और अयूब खान ने दस्तखत किए थे। इस संधि के तहत सतलुज, ब्यास, रावी, सिंधु, झेलम और चेनाब नदियों के पानी का बंटवारा किया गया था। सतलुज, ब्यास और रावी का ज्यादातर पानी भारत के हिस्से आता है जबकि सिंधु, झेलम और चेनाब का ज्यादातर पानी पाकिस्तान के हिस्से आता है। सिंधु, झेलम और चेनाब के बहाव पर भारत का नियंत्रण सीमित है। इस पानी से पाकिस्तान में कई प्रोजेक्ट और सिंचाई होती है।
पाकिस्तान का एक बड़ा इलाका सिंधु नदी के पानी पर आश्रित है। उरी में आतंकी हमले के बाद के हर कोने से एक ही आवाज उठी। पाकिस्तान को सबक सिखाओ, लेकिन सबक सिखाएं तो कैसे? पाकिस्तान के साथ सीधी जंग तो मुमकिन नहीं, इसलिए पाकिस्तान की कमर तोड़ने के लिए सिंधु जल संधि तोड़ने का प्रस्ताव सामने आया।
गौरतलब है कि 18 सिंतबर को जम्मू-कश्मीर के उरी में 12 ब्रिगेड की छावनी पर आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले में 18 सेना के जवान शहीद हो गए थे।

भारत की बड़ी कामयाबी, PSLV से दागे गए 8 उपग्रह, पहली बार एक साथ दो कक्षाओं में प्रक्षेपण

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महासागर और मौसम के अध्ययन के लिए तैयार किये गये स्कैटसैट-1 (एससीएटीएएटी-1) और सात अन्य उपग्रहों को लेकर पीएसएलवी सी-35 ने सोमवार को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी. स्कैटसैट-1 से इतर सात उपग्रहों में अमेरिका और कनाडा के उपग्रह भी शामिल हैं.
स्कैटसैट-1 के अलावा, इसरो का 44.4 मीटर लंबा पीएसएलवी रॉकेट दो भारतीय विश्वविद्यालयों के उपग्रह भी साथ लेकर गया है. इसके अलावा तीन उपग्रह अल्जीरिया के हैं और एक-एक उपग्रह अमेरिका और कनाडा का है. पीएसएलवी सी-35 ने चेन्नई से लगभग 110 किलोमीटर दूर स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सुबह नौ बजकर 12 मिनट पर उड़ान भरी. यह पहली बार है, जब पीएसएलवी दो अलग-अलग कक्षाओं में पेलोड प्रक्षेपित करेगा. इस काम के लिए चार चरणों वाले इंजन को दो बार दोबारा शुरू किया जाएगा.
पीएसएलवी सी-35 चेन्नई से करीब 110 किमी दूर स्थित स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह नौ बजकर 12 मिनट पर अपने सफर के लिए रवाना हुआ. स्कैटसैट-1 एक प्रारंभिक उपग्रह है और इसे मौसम की भविष्यवाणी करने और चक्रवातों का पता लगाने के लिए है. इसरो ने कहा कि यह स्कैटसैट-1 द्वारा ले जाए गए कू-बैंड स्कैट्रोमीटर पेलोड के लिए एक ‘सतत’ अभियान है.
कू-बैंड स्कैट्रोमीटर ने वर्ष 2009 में ओशनसैट-2 उपग्रह द्वारा ले जाए गए एक ऐसे ही पेलोड की क्षमताएं पहले से बढ़ा दी हैं. स्कैटसैट-1 के साथ जिन दो अकादमिक उपग्रहों को ले गया है, उनमें आईआईटी मुंबई का प्रथम और बेंगलुरु बीईएस विश्वविद्यालय एवं उसके संघ का पीआई सैट शामिल हैं. प्रथम का उद्देश्य कुल इलेक्ट्रॉन संख्या का आकलन करना है जबकि पीआई सैट अभियान रिमोट सेंसिंग अनुप्रयोगों के लिए नैनोसेटेलाइट के डिजाइन एवं विकास के लिए है.
पीएसएलवी अपने साथ जिन विदेशी उपग्रहों को ले गया है, उनमें अल्जीरिया के- अलसैट-1बी, अलसैट-2बी और अलसैट-1एन, अमेरिका का पाथफाइंडर-1 और कनाडा का एनएलएस-19 शामिल हैं. इसरो ने कहा कि पीएसएलवी सी-35 के साथ गए सभी आठ उपग्रहों का कुल वजन लगभग 675 किलोग्राम है. स्कैटसैट-1 का वजन 371 किलोग्राम है.
स्कैटसैट-1 को उड़ान भरने के 17 मिनट बाद 730 किलोमीटर उंचाई पर स्थित ‘पोलर सनसिंक्रोनस ऑर्बिट’ में छोड़ा जाना है. बाकी उपग्रहों को लगभग दो घंटे बाद 689 किलोमीटर उंचाई वाली एक निचली कक्षा में प्रवेश कराया जाएगा.

पाक उच्चायुक्त बासित बोले- कश्मीरी भारत के साथ खुश तो वहीं रहें

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नई दिल्ली। उरी हमले के बाद भारत का कूटनीतिक दबाव रंग ला रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मुंह की खाने के बाद भारत में पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित का कहना है कि जंग कोई हल नहीं है। कश्मीरियों को अपने भविष्य को चुनने का मौका मिलना चाहिए। अगर वो भारत में खुश हैं तो उन्हें वहीं रहने दो।
कोझिकोड में नरेंद्र मोदी की चेतावनी पर पाकिस्तान में हलचल है। बासित ने कहा कि पाकिस्तान को आतंकी मुल्क कहना सिर्फ जुमलेबाजी है। हम भी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन उससे कोई मकसद हल नहीं होता। दो देशों के रिश्ते जुमलेबाजी से नहीं चलते। किसी भी देश को इस तरह की चेतावनी देना सही नहीं है।एक अंग्रेजी अखबार को दिए साक्षात्कर में बासित ने कहा कि उड़ी आतंकी हमले में पाक का कोई लेना-देना नहीं है।
पाकिस्तान हाफिज सईद और सैयद सलाउद्दीन को भारत के खिलाफ जहर उगलने की इजाजत क्यों देता है? इस पर बासित ने कहा कि ऐसी आवाजें भारत में भी उठती हैं, लेकिन पाकिस्तान या भारत की पॉलिसी लोगों के आग उगलते भाषणों से नहीं तय होतीं।
हाल ही में सोशल मीडिया पर भारतीय सेना द्वारा सीमा पार कर आतंकी ठिकानों के तबाह किए जाने के सवाल पर बासित ने कहा कि इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। पाकिस्तान अपनी हिफाजत करने में काबिल है। मुझे नहीं लगता कि चीजें इस हद तक बढ़ेंगी।
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में कहा- भारत कश्मीर के निहत्थे लोगों पर जुल्म कर रहा है। महिलाओं और बच्चों को भी बख्शा नहीं जा रहा है। बयान के मुताबिक, जुलाई में कश्मीरी यूथ लीडर बुरहान वानी की हत्या के बाद जब वहां के लोगों ने आवाज उठाई तो जुल्म बढ़ गए। पिछले 75 दिनों में कश्मीर के करीब 100 लोग शहीद हुए, कई ने आंखें गंवा दी और हजारों जख्मी हुए।
पाक ने कहा कि ये बदकिस्मती की बात है कि इतने जुल्मों के बाद भी भारतीय नेता पाकिस्तान को बदनाम करने की और कश्मीर से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। हमें अफसोस है कि ये सब टॉप लेवल से किया जा रहा है। बयान के मुताबिक, ‘दुनिया के कई देश कश्मीर में हो रहे ह्युमन राइट्स वॉयलेशन पर नजर रख रहे हैं। हम मांग करते हैं कि कश्मीर में स्वतंत्र जांच दल और फैक्ट फाइंडिंग मिशन भेजे जाएं। पाकिस्तान ने भारत पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के भी आरोप लगाए हैं। इंडियन नेवी के एक अधिकारी कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी से साफ हो जाता है कि भारत हमारे देश में आतंकवाद फैला रहा है।’

चीन ने अरुणाचल प्रदेश में की घुसपैठ, चार दिन बाद भारतीय सेना ने खदेड़ा

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भारत में घुसपैठ की घटनाओं पर लगाम लगती नजर नहीं आ रही हैं. पाकिस्तानी आतंकियों का उरी में सेना पर हमला करने का मामला अभी थमा भी नहीं था कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ की घटना सामने आई है. खबर के मुताबिक 9 सितंबर को चीनी सैनिक भारत की सीमा में न सिर्फ घुस आए थे बल्कि उन्होंने 45 किलोमीटर अंदर आकर प्लम इलाके में कैंप भी बनाए थे.
चार दिन बाद 13 सितंबर को भारतीय सेना और आईटीबीपी ने इलाके में जॉइंट पेट्रोलिंग के दौरान उन्हें वहां से वापस खदेड़ दिया था.
इंटेलिजेंस के उच्च स्तरीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल चांगलांग जिले से 94 किलोमीटर दूर है. चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने सीमा पर स्थित हदीग्रह पास इलाके से घुसपैठ की और वहां से 45 किलोमीटर अंदर आकर प्लम इलाके तक पहुंच गए और यहां अस्थाई कैंप भी बना लिया.
सूत्रों ने आगे बताया कि भारतीय सेना ने 5 सितंबर को चांगलांग से 52 किलोमीटर दूर थीनिया में लॉन्ग रेंज पेट्रोलिंग की थी. 9 सितंबर को थीनिया और प्लम के बीच भारतीय सेना का सामना चीनी सेना से हुआ.
भारतीय सीमा में घुसपैठ और तनाव को रोकने के लिए 14 सितंबर को भारतीय सेना और पीएलए की फ्लैग मीटिंग रखी गई थी. ये बैठक चीन में हुई थी. सूत्रों ने बताया कि 1 अक्टूबर को एक और बैठक बुलाई गई है.

पाकिस्‍तान को मिलेगा करारा जवाब, संयुक्त राष्ट्र महासभा को आज संबोधित करेंगी सुषमा स्‍वराज

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न्यूयार्क : संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71वें सत्र को संबोधित करने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज यहां पहुंच चुकी हैं और सभी की नजरें महासभा में सोमवार को होने जा रहे उनके संबोधन पर टिकी हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अपने संबोधन में सुषमा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की ओर से कश्मीर पर आक्षेपों का एक चुभ जाने वाला जवाब देने वाली हैं। कयास यह लगाए जा रहे हैं कि सुषमा स्वराज अपने भाषण में नवाज शरीफ के हर झूठे दावे की पोल खोलेंगी। उरी हमले को लेकर पाक पीएम नवाज शरीफ को करारा जवाब दे सकती हैं। यह भी कहा जा रहा है कि भारत की ओर से अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर पाकिस्‍तान और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की अपील करने की रणनीति को भी सुषमा यहां आगे बढ़ा सकतीं हैं। आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को पूरी दुनिया के सामने बेनकाब करने के लिए भारत पहले ही कमर कस चुका है।
बता दें कि सुषमा रविवार दोपहर यहां पहुंची हैं और आज सुबह वह संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने एक ट्वीट में कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71वें सत्र में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज न्यूयार्क पहुंचीं। शरीफ ने महासभा में अपने संबोधन के दौरान ज्यादा ध्यान कश्मीर पर ही केंद्रित रखा था। ऐसे में सुषमा से उम्मीद की जा रही है कि वह शरीफ के उस भाषण का कड़ा जवाब देंगी।
शरीफ के भाषण पर भारत ने जवाब के अधिकार का इस्तेमाल किया और पाकिस्तान को ‘आतंकवाद की शरणस्थली’ तथा ऐसा ‘आतंकी देश’ करार दिया, जो आतंकवाद का इस्तेमाल सरकारी नीति के तौर पर करते हुए ‘युद्ध अपराधों’ को अंजाम देता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में भारत के प्रमुख फोकस को रेखांकित करते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत सैयद अकबरूद्दीन ने कहा था कि आतंकवाद भारत के साथ-साथ विश्वभर के देशों के लिए ‘प्राथमिक चिंता’ का विषय है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधारों, सतत विकास, जलवायु परिवर्तन और शांति रक्षा जैसी अन्य प्राथमिकताओं को भी सूचीबद्ध किया और इन्हें महासभा के मौजूदा सत्र में भारत की प्राथमिकता बताया।

पाकिस्तानी एक्टर ने भारतीयों पर किए नस्लवादी कमेंट्स, शो से निकाला गया

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कश्मीर मुद्दे पर भारतीयों के खिलाफ अपमानजनक नस्ली ट्वीट करने वाले पाकिस्तानी अभिनेता मार्क अनवर को ब्रिटिश सीरियल ‘कोरोनेशन’ स्ट्रीट से बाहर कर दिया गया है. 45 साल के अनवर फरवरी 2014 में कार्यक्रम में शामिल हुए थे.
आईटीवी चैनल ने कहा कि उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया. काफी समय से चल रहे इस सीरियल में 45 साल के अनवर शरीफ नजीर नाम का किरदार निभा रहे थे. जब संडे मिरर अखबार के जरिए आईटीवी नेटवर्क के प्रमुखों को अनवर की नस्लीय ट्वीटों के बारे में पता चला तो उन्होंने अभिनेता को इस धारावाहिक से बाहर कर दिया गया.
इन ट्वीटों में भारतीयों के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था. मिरर ने अभिनेता के ट्विटर अकाउंट पर इन कथित टिप्पणियों के स्क्रीनशॉट को प्रकाशित किया है. इनमें अनवर ने कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत पर निशाना साधा है. उन्होंने पाकिस्तानी कलाकारों से भारत में काम ना करने की भी अपील की. अखबार ने आईटीवी की ओर से आधारिकारिक वक्तव्य को भी प्रकाशित किया है. इसमें कहा गया, मार्कर् अनवर द्वारा ट्विटर पर नस्लीय रूप से की गयी अपमानजनक टिप्पणी पूरी तरह अस्वीकार्य है, हम इससे स्तब्ध है.
चैनल ने कहा, हमने मार्क से बात की है और उनकी टिप्पणियों के परिणामस्वरूप उन्हें तत्काल प्रभाव से कोरोनेशन स्ट्रीट से बाहर कर दिया गया है. हाल में कश्मीर के उरी में हुए एक आतंकी हमले में 18 भारतीय जवान शहीद हो गए. घटना के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है. अभिनेता ने टिप्पणी उसी पृष्ठभूमि में की है.