नयी दिल्ली। जस्टिस लोया मामले की स्वतंत्र जांच के लिए दाखिल की गयी याचिका को खारिज किये जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को कलंकित करने की साजिश विफल हो गयी है और साथ ही यह बात भी साफ हो गयी है कि न्यायपालिका राजनीतिक लड़ाई का क्षेत्र नहीं है।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस प्रवक्ता आरएस सुरजेवाला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आज का फैसला भारतीय इतिहास में दुखद दिन के रूप में याद किया जायेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विसंगतियां थी, यहां तक कि पीड़ित के नाम को भी सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया था।
बता दें कि आज सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस लोया की संदिग्ध मौत की जांच एसआईटी से कराने से इनकार कर दिया , जिसके बाद भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि यह याचिका राजनीतिक मकसद से दायर की गई थी जिसके पीछे राहुल गांधी का अदृश्य हाथ था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता इस विषय पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने गए थे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से आज साफ हो गया है कि किस प्रकार से कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ने राजनीतिक द्वेष के लिए कोर्ट के माध्यम से राजनीति करने की कोशिश की थी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जस्टिस लोया मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने एकबार फिर कांग्रेस का सच सबके सामने ला दिया है। राहुल गांधी को इस देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने देश में नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की, ताकि उसका प्रभाव जनता पर पड़े।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने आज जस्टिस लोया की संदिग्ध मौत की एसआईटी जांच की मांग करने वाली सभी याचिकाओं को आज खारिज कर दिया। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा , न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी. वाई. चन्द्रचूड़ की पीठ ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों और बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाकर न्यायपालिका को विवादित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
पीठ ने कहा, ‘ लोया की मृत्यु की परिस्थितियों के संबंध में चार जजों के बयान पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है। साथ ही रिकॉर्ड में रखे गए दस्तावेजों और उनकी जांच यह साबित करती है कि लोया की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई है।’ शीर्ष अदालत ने कहा कि इन याचिकाओं से यह एकदम स्पष्ट है कि इसका असली मकसद न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला करने का प्रयास था। न्यायालय ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के मकसद से इस तरह की ओछी और हित साधने वाली याचिकाएं दायर की जा रही हैं।
सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई अदालत के न्यायाधीश बी एच लोया की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले की स्वतंत्र जांच कराने के लिये बंबई लायर्स एसोसिएशन , कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला और महाराष्ट्र के पत्रकार बी एस लोन ने शीर्ष अदालत में याचिकायें दायर की थी।
जस्टिस लोया मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद साफ हुआ, न्यायपालिका राजनीतिक लड़ाई का क्षेत्र नहीं : राजनाथ सिंह
अब प्राइवेट स्कूल छात्रों से नहीं कर सकते फीस की बात, शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला
भोपाल। मध्यप्रदेश के निजी स्कूल अपनी फीस के लिए अब छात्रों से नहीं बल्कि उनके अभिभावकों से बात करेंगे। शिक्षा विभाग के उपसचिव प्रमोद सिंह ने इस संबंध में बताया कि फीस को लेकर सीधे बच्चों से बात करना या छात्रों को प्रताड़ित करना जुवेनाइल जस्टिस एक्ट का उल्लंघन है। किसी कारण अगर कोई विद्यार्थी फीस जमा नहीं कर पा रहा है, तो इसके लिये स्कूल प्रबंधन को बच्चों के अभिभावक से ही बात करनी होगी। विभाग के अधिकारियों ने कहा कि स्कूलों में फीस जमा न करने का मामला अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से संबंधित है।
शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। जिसमें साफ़ कहा गया है कि फीस नहीं चुकाने वाले विद्यार्थियों से निजी स्कूल सीधे चर्चा नहीं कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें छात्रों के अभिभावकों से बात करनी होगी। बताया जा रहा है कि कई बार समय पर फीस जमा नहीं होने पर स्कूल द्वारा विद्यार्थियों को परेशान किया जाता है।
बता दें कि प्रदेश में लगातार समय पर फीस नहीं जमा करने पर स्कूल द्वारा छात्रों को प्रताड़ित करने के कई मामले सामने आए हैं। जिसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है कि, स्कूल अब इस संबंध में विद्यार्थियों से बात न कर के अभिभावकों से बात करें।
प्रमोद सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अगर अशासकीय स्कूल फीस के लिए बच्चे को प्रताड़ित करते हैं, तो प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अधर में लटका चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण, इसी महीने चंद्रमा पर भेजा जाना था
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ( इसरो ) के नवीनतम संचार उपग्रह जीसैट-6 ए का पिछले महीने पृथ्वी से संपर्क टूट जाने के कारण इसरो को बड़ा झटका लगा था। इसीलिए इसरो अपने महत्वपूर्ण अंतरग्रहीय मिशन चंद्रयान -2 को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरत रहा है। इसरो की पूर्व में दी गयी जानकारी के अनुसार चंद्रयान -2 को इसी महीने भेजा जाना था लेकिन नयी सूचना के मुताबिक इसे इस साल के अंत तक के लिए टाल दिया गया है। चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण इस साल अक्तूबर-नवंबर में श्रीहरिकोटा से किए जाने की संभावना है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि एक बैठक के दौरान इसरो के प्रमुख के सिवन ने प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह (जो अंतरिक्ष विभाग का कामकाज देखते हैं) को आगामी चंद्रयान-2 मिशन के बारे में सूचित किया।
सूत्रों के अनुसार खबर है कि चंद्रयान-2 की समीक्षा के लिए गठित राष्ट्रीय स्तर की समिति ने मिशन के प्रक्षेपण से पहले कुछ अतिरिक्त परीक्षणों की सिफारिश की है। उन्होंने बताया कि सावधानी बरतने के लिहाज से ऐसा किया जा रहा है क्योंकि चंद्रयान-2 इसरो का पहला अंतर-ग्रहीय मिशन होगा जो किसी खगोलीय पिंड पर रोवर (यान) उतारेगा। महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 एक ‘लैंड-रोवर’ और ‘प्रोब’ से लैस होकर चांद की सतह पर उतरेगा और फिर वहां से वे मिट्टी, पानी वगैरह के नमूने इकट्ठा करेगा ताकि विस्तृत विश्लेषण एवं शोध के लिए उन्हें पृथ्वी पर लाया जा सके। यह चंद्रमा पर अपनी तरह का पहला मिशन होगा। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास ‘रोवर’ को उतारा जायेगा जिसे काफी दुर्गम क्षेत्र माना जाता है। वहां करोड़ों साल पहले निर्मित चट्टानें हैं। अन्य देशों के चंद्र मिशनों में इस पहलू का अध्ययन अब तक नहीं किया गया है। चंद्रयान-2 से पहले इसरो ने चंद्रमा पर चंद्रयान-1 और मंगल ग्रह पर मंगलयान मिशनों को सफलता पूर्वक पूरा किया था।
चंद्रयान-2 मिशन की कुल लागत 800 करोड़ रुपये है जिसमें 200 करोड़ रुपये प्रक्षेपण और 600 करोड़ रुपये उपग्रह पर खर्च होने हैं। इसरो प्रमुख के सिवन ने मंत्री को बताया, ‘यह लागत 1,500 करोड़ रुपये की लागत के करीब आधी है जो तब खर्च हुई होती जब ऐसे ही मिशन को किसी विदेशी प्रक्षेपण स्थल से प्रक्षेपित किया गया होता।
देश के कई राज्यों में ATM ‘कैशलेस’, लोगों में मची अफरा-तफरी
नोटबंदी के बाद देश में एक बार फिर कैश का संकट गहरा गया है। देश के कई राज्यों में ATM में नगदी न होने की वजह से नोटबंदी जैसे हालात बन गए हैं। लोगों को एटीएम के चक्कर लगाने के बावजूद कैश नहीं मिल पा रहा है। कैश की समस्या से मची अफरा-तफरी के बीच रिजर्व बैंक ने सफाई देते हुए कहा है कि राज्यों में कैश की आपूर्ति दुरुस्त करने के लिए कदम उठाए गए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम, आंध्र, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में लोगों के जरूरत से ज्यादा कैश निकालने की वजह से कैश की समस्या पैदा हुई है।
ATM के कैशलेस होने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बढ़ते नॉन परफॉर्मिंग एसेट (NPA) ने बैंकों की साख को हिलाकर रख दिया है। इन्हें उबारने के लिए बैंक अकाउंट्स में जमा रकम के इस्तेमाल की अटकलों ने बैंक ग्राहकों को डरा दिया है। संभवतः इसी वजह से लोगों में पैसा निकालने की प्रवृत्ति एकाएक बढ़ गई है, जिससे 60 फीसदी ATM पर लोड चार गुना तक बढ़ गया है। इसके अलावा दो हजार के नोटों की छपाई बंद होने और 200 के नोटों के लिए ATM का कैलीब्रेट न होना भी बड़ी समस्या बन गया है।
पीएनबी समेत कई बैंकों के घोटाले खुलने के बाद इस बात का खतरा बढ़ गया कि कई बैंक वित्तीय संकट में फंस सकते हैं। ऐसे में ग्राहक पहले की तुलना में ATM से ज्यादा मात्रा कैश निकाल रहे हैं और इससे ATM जल्दी खाली हो रहे हैं।
वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ला ने कैश की किल्लत के पीछे की वजह बताई है। शुक्ला ने कहा है कि कुछ राज्यों में कैश ज्यादा है, जबकि कुछ राज्यों में कैश की कमी है, इसी वजह से कम कैश वाले राज्यों में कैश की किल्लत हुई है।
उन्नाव गैंगरेप मामले की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार
लखनऊ। उन्नाव गैंगरेप मामले के आरोपी और भारतीय जनता पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की ओर से रेप करने के मामले की सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। कोर्ट अगले हफ्ते इस मामले की सुनवाई करेगी।
गौरतलब है कि एक वकील ने इस मामले की सीबीआई जाँच और परिवार को मुआवजा दिए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ युवती के साथ गैंगरेप का आरोप और फर्जी मुकदमे में जेल भेजे गए पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के बाद योगी सरकार विपक्ष के प्रबल विरोध का सामना कर रही है।
पीड़िता ने शशि सिंह नाम की एक महिला पर भी आरोप लगाया था कि वही उसे भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर के पास लेकर गयी थी। वही शशि सिंह आज अपने फौजी पति हरिपाल सिंह और बेटा शुभम के साथ लखनऊ पहुंच गयी। शशि ने कहा कि जो गैंग रेप बताकर विधायक पर आरोप लगा रही है उसी ने मेरे बेटे को करीब 9 माह पहले रेप का आरोप लगाकर जेल भिजवा दिया था।
महिला का आरोप है कि रेप पीड़िता ऐसे ही फर्जी केस लगाकर लोगों फंसाती है। पहले मेरे बेटे को अब विधायक को फंसा रही है। आपको बता दें कि रविवार को पीड़ित युवती और उसके परिवार ने सीएम आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश की थी।
मामले की जाँच के लिए गठित SIT की रिपोर्ट भी आज शाम तक आएगी। एडीजी कानून व्यवस्था और एसपी उन्नाव आज पीड़ित के साथ उसके गांव पहुंचे। इस दौरान परिवार को सुरक्षा दी गई है।
माया के साथ होने से दिल्ली अब दूर नहीं, कोई नहीं रोक सकता हमें
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप चुनाव में बसपा के साथ गठजोड़ के बाद समाजवादी पार्टी ने जो जीत दर्ज की है उससे सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव खासे उत्साहित हैं। बसपा के खेमे भी ख़ुशी का माहौल है। दोनों ही दलों को लगता है कि अब ये साथ साल 2019 में भी चमत्कार कर सकता है। अब इस रिश्ते पर बड़ा बयान सपा पार्टी के संस्थापक और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने देते हुए कहा है कि जो पहल की गई है, उसे जारी रखा जाना चाहिए, दोनों दलों के एक होने से आगामी लोकसभा चुनाव में हमें दिल्ली तक पहुंचने से कोई नहीं रोक पाएगा। मुलायम ने यह बात मंगलवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही।उन्होंने कहा कि सपा के पास जो नीतियां हैं, वे देश की किसी पार्टी के पास नहीं हैं, उन्होंने लोकसभा उपचुनाव में सपा का सहयोग करने के लिए बसपा को धन्यवाद भी दिया और कहा कि इस वक्त देश महंगाई और भ्रष्टाचार दोनों से जूझ रहा है।
सपा के मुखिया मुलायम सिंह ने कहा किआम आदमी अपने आप को असहाय महसूस कर रहा है इसलिए वक्त आ गया है कि ऐसे लोगों को मिलकर हराया जाए, आज कि महिलाएं समझदार हैं और वे समझ रही हैं कि किसे वोट देना है।
उन्नाव गैंगरेप की जांच के लिए एसआईटी गठित
उन्नाव गैंगरेप मामले में प्रदेश की योगी सरकार की मुश्किलें काफी बढ़ गयी है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को सियासी जमा पहनाने में जुटी है। समाजवादी पार्टी के नेता सुनील यादव ने योगी सरकार पर इस मामले में जमकर हमला बोला है। दूसरी ओर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जाँच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया है।
आपको बता दें कि रविवार को लखनऊ में मुख्य मंत्री आवास के सामने पीड़ित युवती और उसके परिजनों ने सरकार पर अपने विधायक को बचने का आरोप लगते हुए आत्मदाह का प्रयास किया था। सोमवार को एक न्यूज़ चैनल से बात करते हुए बलात्कार की पीड़ित युवती ने भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर यह कहते हुए आरोप लगाया था कि भाजपा विधायक और उनके भाई अतुल सिंह ने उसके साथ दुष्कर्म किया और अब उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। विधायक के गुर्गे आए दिन उसके और परिवार के लोगों के साथ मारपीट किया करते हैं।
पीड़िता रविवार को मुख्यमंत्री आवास के सामने अपनी मां, चाची, दादी, चार बहनों व एक मासूम भाई के साथ पहुंची थी। इन लोगों ने खुद पर मिट्टी तेल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया था। पीड़िता का आरोप था कि पुलिस में शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने पर वह परिवार संग आत्मदाह के लिए मजबूर हुई।
गौरतलब है कि सोमवार को युवती के पिता की जेल में मौत हो गई थी, जिसके बाद मामला काफी बढ़ गया था। युवती के बयान के मुताबिक, अदालत में चल रहा एक मुकदमा वापस लेने से इनकार करने पर पांच दिन पहले विधायक के भाई और उनके गुर्गों ने उसके पिता को पेड़ से बांधकर बुरी तरह पीटा था और घसीटते हुए ले गए थे। बाद में पता चला कि पुलिस से मिलीभगत के कारण फर्जी मामला दर्ज करवाकर उसके पिता को उन्नाव जिला जेल भिजवा दिया गया. सोमवार को खबर आई कि उसके पिता ने जेल में दम तोड़ दिया है। पीड़िता के पिता की मौत के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया था।
राहुल गांधी के अनशन स्थल से हटाए गए टाइटलर और सज्जन कुमार
नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने में जुटी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी के सांकेतिक उपवास से पहले ही पार्टी विवादों में आ गई है। राजघाट पर बापू की समाधी के पास सुबह ११ बजे से उपवास पर बैठने वाले राहुल गाँधी दोपहर १ बजे तक राजघाट नहीं पहुंच पाए हैं। वहीं अनशन स्थल से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार को मंच से हटा दिया गया क्योंकि ये दोनों 1984 के दंगा मामले में दोनों आरोपी हैं।
राहुल गांधी के उपवास को लेकर पहले बताया गया कि वे सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक उपवास रखेंगे फिर बताया गया कि केवल 2 घंटों के लिए ही राहुल गांधी अनशन पर होंगे। राहुल गांधी तय किए हुए समय के 1 घंटे बाद भी उपवास स्थल पर नहीं पहुंचे हैं।
बता दें कि कांग्रेस पार्टी दलितों पर अत्याचार के विरोध में एक दिन का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है। दिल्ली का विरोध प्रदर्शन इसी का हिस्सा होगा। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राजघाट पर इसी विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे। कांग्रेस के कार्यकर्ता देशभर में सभी जिला मुख्यालयों पर भाजपा सरकार के खिलाफ और देश में सांप्रदायिक सौहार्द व शांति को बढ़ावा देने के लिए एक दिन की भूख हड़ताल करेंगे।
राजधानी में राहुल गांधी के साथ दिल्ली कांग्रेस प्रमुख अजय माकन और पार्टी के कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ और सीबीएसई पेपर लीक, पीएनबी घोटाला, कावेरी विवाद, आंध्र को विशेष दर्जा दिए जाने जैसे मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
चीन की दादागिरी : पैंगोंग झील के पास 6 किलोमीटर अंदर घुसे चीनी सैनिक
अरूणाचल प्रदेश के असाफिला इलाके में सीमा पर तनाव के बाद अब चीन ने एक और घुसपैठ की कोशिश की है। खुफिया रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि चीनी सैनिक लद्दाख में पैंगोंग झील के पास भारतीय सीमा में 6 किलोमीटर अंदर तक घुस आए जिन्हें भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों ने वापस खदेड़ा। भातिसीपु ने गृह मंत्रालय को सौंपी एक रिपोर्ट में चीनी घुसपैठ की जानकारी दी है।
रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इस साल मार्च महीने में चीन ने लद्दाख सेक्टर में सबसे ज्यादा घुसपैठ की कोशिशें की। इस रिपोर्ट के अनुसार चीन ने पिछले एक महीने में 20 बार भारत-चीन सीमा पर घुसपैठ की कोशिश की। चीन ने उत्तरी पैंगोंग झील के पास 28 फरवरी, 7 मार्च और 12 मार्च को घुसपैठ की। आईटीबीपी ने चीन की इस घुसपैठ पर विरोध भी दर्ज कराया। इन घुसपैठों के दौरान चीनी सैनिक 6 किलोमीटर तक अंदर घुस आए थे।
इससे पहले अरूणाचल प्रदेश में सामरिक रूप से संवेदनशील असाफिला इलाके में सीमा के पास भारतीय जवानों की पेट्रोलिंग को चीन ने अतिक्रमण करार देते हुए पिछले महीने विरोध दर्ज कराया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, चीन की इस आपत्ति को भारतीय पक्ष ने पूरी तरह से खारिज कर दिया। भारत की तरफ से यह साफ कर दिया गया कि अरूणाचल प्रदेश का ऊपरी सुबानसिरी क्षेत्र भारत का हिस्सा है और वहां पर लगातार पेट्रोलिंग की जाती रही है।
राजस्थान में भारत बंद के दूसरे दिन भी हिंसा, भाजपा विधायक का घर जलाया
जयपुर। एससी – एसटी में बदलाव के खिलाफ दलित संगठनों द्वारा आहूत किये गए भारत बंद के विरोध में राजस्थान में सोमवार को भड़की हिंसा आज दूसरे दिन भी जारी है। राजस्थान के करौली में भीड़ ने दो नेताओं के घरों को निशाना बनाया है। भीड़ ने हिंडौन से मौजूदा विधायक राजकुमारी जाटव और पूर्व विधायक भरोसीलाल जाटव के घरों में आग लगा दी है। इस घटना के बाद इलाके में करफ्यू लगा दिया गया है।
जिन नेताओं के घर जलाये गये हैं वे दलित समुदाय से आते हैं। भरोसीलाल पूर्व में कांग्रेस के विधायक रहे हैं, वहीं राजकुमारी जाटव अभी भाजपा से विधायक हैं। प्रदर्शनकारियों की इस कार्रवाई को प्रतिक्रिया माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि कल मध्यप्रदेश, राजस्थान व उत्तरप्रदेश में बंद के दौरान जबरदस्त हिंसा हुई थी।
हिंडौन के कारोबारियों का आरोप है कि सोमवार को यहां बंद के दौरान जबरदस्ती कारोबारियों की दुकानें बंद करायी गयीं। बाजार बंद के दौरान व्यापारियों के साथ मारपीट व लूटपाट की भी घटना हुई थी। कई बाजार में दुकानों में तोड़फोड़ की घटना घटी थी जिसके फलस्वरूप हिंसा भड़क उठी थी।
















