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ट्रम्प ने किया ये बड़ा ऐलान कहा, “अमेरिका ने अपने पूरे इतिहास में सबसे..

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Donald Trump

टर्की के सीरिया पर सैन्य कार्रवाई पर बोले ट्रंप हमारे पास मजबूत सेना और योग्य सैनिक हैं। लेकिन अब हम एक पुलिस के रूप में काम कर रहे हैं। ग़ौरतलब है कि तुर्की ने सीरिया में ‘पीस स्प्रिंग’ ऑपरेशन शुरू कर दिया है। उसके लड़ाकू विमान सीरिया में काफी अंदर तक जाकर सैन्य ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं। इस पर अमेरिका ख़ुश नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कड़े शब्दों में अपनी नाराज़गी भी जता चुके हैं। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देकर दुनिया में हलचल मचा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि वह अब अमेरिकी सैनिकों को वापस  घर बुलाएंगे।

ट्रम्प का कहना है कि, ‘अन्य देशों के साथ अमेरिका के संबंधों के बारे में मेरा विचार यह है, कि मध्य पूर्व जाना वह सबसे बड़ी ग़लती है जो अमेरिका ने अपने पूरे इतिहास में की है।’ ट्रंप ने कहा कि हमने वहां लगभग 8 ख़रब डॉलर ख़र्च किए हैं। और हमारे पास मजबूत सेना और योग्य सैनिक हैं। लेकिन अब हम एक पुलिस की तरह काम कर रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका विभिन्न क्षेत्रों के पुलिस मैन के रूप में वह काम कर रहा है, जो अन्य देशों को करना चाहिए। जो यूरोप को करना चाहिए, रूस को, इराक़ को, ईरान को, और टर्की और सीरिया को करना चाहिए। अपने देश की सीमा से 7 हज़ार किलोमीटर दूर अमेरिका को यह काम नहीं करना चाहिए।

टर्की की सैन्य कार्यवाही पर ट्रंप ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तुर्की और कुर्द लड़ाके बरसों से एक-दूसरे से नफ़रत करते आए हैं। अमेरिका दोनों के बीच इसलिए खड़ा हुआ जिससे कुछ समय तक वो एक दूसरे के क़रीब आ सकें। बता दें कि पूर्वी सीरिया से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुला लेने की वजह से रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना कर रही है।

पूजा स्थल में हथियार लाकर मचायी भगदड़..इतने लोग हुए घायल

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प्रतीकात्मक तस्वीर

सूत्रों से प्राप्त ख़बरों के अनुसार जर्मनी के हाले शहर में बुधवार को दोपहर 12:00 बजे के क़रीब स्थानीय समय के अनुसार एक संदिग्ध बंदूकधारी ने स्यानागोगी यानी यहूदियों के पूजा स्थल पर हमला कर दिया। वहां के स्थानीय समुदाय के नेता मैक्स प्रीविरोटज़्की ने बताया कि स्यानागोगी पर हमले की जो घटना हुई थी। वह पूरी घटना सर्विलांस कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है।

जर्मनी के एक समाचार पत्र को हमले की पूरी घटना की जानकारी देते हुए स्थानीय यहूदी नेता मैक्स ने बताया कि उन्होंने अपने स्यानागोगी में लगे कैमरा सिस्टम में देखा कि स्टील का हेलमेट पहने हुए, भारी हथियारों और बंदूक से लैस एक अपराधी ने बंद दरवाज़े पर गोली मारकर उसे खोलने की कोशिश की। मैक्स ने बताया कि उस समय उन्हें ऐसा लगा कि वह बंदूकधारी विशेष बल से है। लेकिन फिर भी हमारे दरवाज़े बंद ही रहे। मैक्स ने जानकारी देते हुए कहा कि उस समय पूजा स्थल में अंदर 70 से 80 लोग मौजूद थे।

दरवाज़े पर गोली मारने के बावजूद जब दरवाज़ा नहीं खुला तो अंदर ना घुस पाने की वजह से हमलावर ने ग़ुस्से में वहां मौजूद 2 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। प्राप्त ख़बरों के अनुसार हमला करने वाला संदिग्ध बंदूकधारी अकेला ही था। और यहूदी पूजा स्थल के दरवाज़े पर गोलीबारी करने और दो लोगों की गोली मारकर बेरहमी से हत्या करने वाला हमलावर बंदूकधारी यहूदी विरोधी बातें बोलता जा रहा था। और बीबीसी के अनुसार अपनी गिरफ़्तारी से पहले उस हमलावर अपराधी ने एक ऑनलाइन वीडियो गेम प्लेटफार्म पर यहूदी पूजा स्थल पर किए उसके हमले का वीडियो लाइव स्ट्रीम भी कर दिया था।

रैनबैक्सी के बड़े अधिकारियों पर गिरी गाज, क़ानून से जुड़े मामले में हुआ…

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मलविंदर सिंह, शिविंदर सिंह

गत अगस्त महीने में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन-शोधन रोधी क़ानून से जुड़े एक मामले में रैनबैक्सी फार्मा समूह के पूर्व प्रवर्तकों मलविंदर मोहन सिंह और शिविंदर मोहन सिंह के परिसरों पर छापेमारी की कार्यवाही की थी। अधिकारियों ने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज होने के बाद यह छापेमारी की कार्यवाही की गई थी। बता दें कि रेलिगेयर फिनवेस्ट की शिक़ायत पर कार्यवाही करते हुए आर्थिक अपराध शाखा द्वारा ठगी और धोखाधड़ी के आरोप में दोनों भाइयों को गिरफ़्तार किया गया है। जिसमें पंजाब से मलविंदर सिंह और दिल्ली से शिविंदर सिंह को पकड़ा गया है।

उल्लेखनीय है कि आर्थिक अपराध शाखा की डीसीपी वर्षा शर्मा ने जानकारी दी है कि पुलिस ने शिविंदर सिंह, सुनील गोडवानी, कवि अरोड़ा और अनिल सक्सेना को आईपीसी की धारा 420 और 409 के अंतर्गत गिरफ़्तार किया है। बता दें कि 2008 में दाइची सेंक्यो ने रैनबैक्सी को ख़रीदा था। बाद में दाइची सेंक्यो ने सिंगापुर पंचाट में सिंह बंधुओं मलविंदर और शिविंदर सिंह के ख़िलाफ़ शिक़ायत दर्ज कराई थी, कि सिंह भाइयों ने रैनबैक्सी के ख़िलाफ़ अमेरिका के खाद्य एवं औषधि विभाग की जांच की बात छुपाई थी।

इस मामले में सिंगापुर के एक न्यायाधिकरण में सिंह बंधुओं को दाइची सेंक्यो को 4 हज़ार करोड़ रुपए का भुगतान करने का फ़ैसला सुनाया था। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने 14 मार्च को दोनों भाइयों को भुगतान के संबंध में एक ठोस योजना पेश करने का आदेश दिया था। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा है कि अब दाइची सेंक्यो को भुगतान करने को लेकर सिंह भाइयों के ख़िलाफ़ अवमानना की कार्रवाई की सुनवाई की जाएगी।

साथ ही पीठ ने कहा कि यदि किसी आदेश की अवहेलना पाई गई, तो दोनों भाइयों को जेल भेज दिया जाएगा। पीठ ने सिंह भाइयों से कहा कि उनके पास इस बारे में कोई ठोस योजना नहीं है कि पंचाट के फ़ैसले की राशि कहां से लाएंगे। पीठ ने सिंह बंधुओं से कहा कि, “आपने कहा कि किसी के पास आपके 6 हज़ार करोड़ रुपए बकाया हैं लेकिन यह राशि ना यहां है ना वहां है। बता दें कि पीठ ने अवमानना की सुनवाई की तारीख़ 11 अप्रैल तय की है।

सरकार के ख़िलाफ़ बोलने की आदत पर बुरे फँसे कांग्रेस से अभी भाजपा में शामिल हुए ये नेता

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Duda Ram Bishnoi

हरियाणा विधानसभा के चुनाव अब दूर नहीं हैं और चुनाव में खड़ा हर एक पार्टी का प्रत्याशी अपनी जीत पक्की करने के लिए जनता के सामने वादों की झड़ी लगा देता है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला जब हरियाणा विधानसभा चुनाव में फतेहाबाद सीट से बीजेपी के प्रत्याशी डूडा राम विश्नोई का एक वीडियो वायरल हुआ। जिसमें वह जनता के सामने बड़े-बड़े वादे करते हुए ख़ुद को चुनाव में जीत दिलवाने की बात कर रहे हैं।

बीजेपी प्रत्याशी डूडाराम का कहना है कि वह इस क्षेत्र के बेटे हैं। और अगर फतेहाबाद की जनता उन्हें विधायक बनाती है। तो वह जनता की सारी दिक्क़तें और परेशानियां दूर कर देंगे। फिर चाहें वह शिक्षा से जुड़ी समस्या हो या नशे से जुड़ी समस्या। साथ ही बीजेपी प्रत्याशी का कहना है कि मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत होने वाले चालान जैसी छोटी-मोटी दिक्क़तें उनके विधायक बनते ही अपने आप समाप्त हो जाएंगी।

बता दें कि बीजेपी प्रत्याशी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह वादे किए। हालांकि, बीजेपी प्रत्याशी ने इस बात का ख़ुलासा नहीं किया कि जिस मोटर व्हीकल एक्ट को उन्हीं की पार्टी की सरकार ने संसद में पास करवा कर लागू किया है, उससे वह जनता को कैसे छुटकारा दिलाएंगे।

बता दें कि बीजेपी प्रत्याशी डूडा राम बिश्नोई के बारे में वीडियो का सोशल मीडिया में मजाक तो बन ही रहा है साथ ही कई लोग उस पर कई टिप्पणी भी कर रहे हैं। ग़ौरतलब है कि हरियाणा विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी डूडा राम बिश्नोई हाल ही में कांग्रेस पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं। बता दें कि बीजेपी प्रत्याशी डूडा राम बिश्नोई आदमपुर से कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप बिश्नोई के चचेरे भाई हैं।

दिल्ली में इतने यूनिट तक बिजली का इस्तेमाल है फ़्री, केजरीवाल ने कहा..

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Arvind Kejriwal

1 अगस्त 2019 को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुफ्त बिजली योजना का ऐलान किया था। इस मुफ़्त बिजली योजना की ख़ासियत यह है कि जो भी दिल्लीवासी पहली बार महीने में 200 यूनिट से कम बिजली ख़र्च करेगा, उसको एक रुपए देकर बिजली का बिल नहीं चुकाना पड़ेगा यानी उसके द्वारा ख़र्च की गई 200 यूनिट से कम बिजली मुफ्त कर दी जाएगी।

अगर सितंबर के महीने के आंकड़ों की बात करें, तो BSES राजधानी के क्षेत्र में कुल 22,03,536 घरेलू कनेक्शन थे। जिसमें से 6,14,910 यानी 28% परिवारों का बिजली का बिल शून्य आया। BSES यमुना के इलाक़े में कुल 13,05,137 घरेलू कनेक्शन थे। जिसमें से 3,78,993 यानी 29% परिवारों ने मुफ्त बिजली का लाभ उठाया। वहीं टाटा पावर के इलाक़े में कुल 17,19,184 घरेलू बिजली कनेक्शन थे। जिसमें से 4,70,367 यानी 27% परिवारों की बिजली खपत महीने में 200 यूनिट से नीचे रहने की वजह से उन्हें मुफ्त बिजली का लाभ मिला।

इस मुफ्त बिजली योजना पर दिल्ली सरकार का कहना है कि यह सितंबर के महीने के आंकड़े हैं। जिसमें गर्मी और उमस थी इसलिए लोगों ने AC का भी प्रयोग किया था। जिसकी वजह से अभी 28% लोग ही मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठा सके हैं। देखा जाए तो अक्टूबर के महीने में मौसम में कुछ बदलाव आया है। और मौसम कुछ ठंडा हुआ है। जिसकी वजह से बिजली की खपत में अभी और कमी आने की संभावना जताई जा रही है। इससे और ज़्यादा लोगों के इस मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाए जाने की संभावना है।

बिहार में बाढ़ ने तोड़े आपसी रिश्तों के बाँध, भाजपा में नज़र आए…

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Nitish Kumar, Susheel Modi

बिहार में आई बाढ़ ने बिहार की सियासत में बहुत कुछ बदल दिया है। कहा जा सकता है कि बाढ़ के बाद बिहार राज्य के हालात जितने ही ख़राब वहां के सियासी हालात हैं। देखा जाए तो बाढ़ के पानी ने बीजेपी और नीतीश सरकार के गठबंधन के अंदर की खटर-पटर को बाहर निकाल कर जनता के सामने ला दिया है। अब बिहार में भाजपा के दो गुट दिखने लगे हैं।

एक गुट नीतीश और गठबंधन के समर्थकों का जिसका नेतृत्व सुशील मोदी और नंदकिशोर यादव जैसे नेता करते हैं। तो दूसरी और एक और गुट है गिरिराज सिंह जैसे बीजेपी के नेताओं का जिनका मानना है कि बीजेपी को एक बार फिर से विधानसभा चुनावों में ज़ोर आज़माइश करनी चाहिए। बता दें कि गिरिराज सिंह और उनके समर्थक नेता जो बिहार में आई बाढ़ की आड़ में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लगातार निशाना साधने में लगे थे। अब मौन धारण किये हुए दिखाई दे रहे हैं।

भाजपा के सूत्रों की मानें तो इसका भी कारण है। ख़बर है कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने फिलहाल उन्हें ऐसी बयानबाज़ी से दूर रहने की सख़्त ताक़ीद की है, जिसकी वजह से गठबंधन पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना हो। बता दें कि गिरिराज समर्थकों का कहना है कि गिरिराज सिंह ने फिलहाल तो अपनी वाणी को विराम लगा दिया है लेकिन नीतीश कुमार के मुखर आलोचक के रूप में उन्होंने अपनी जगह बना ली है। वहीं दूसरी ओर गिरिराज सिंह के विरोधियों का मानना है कि अपने निजी प्रचार के चलते गिरिराज ने एनडीए के घटक दलों के कार्यकर्ताओं में एक दूसरे के प्रति संशय की स्थिति उत्पन्न कर दी है।

इन पचास नामचीन हस्तियों पर दायर हुआ मुकदमा, नाम जानकर रह जाएँगे हैरान

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Shubha Mudgal- Ramchandra Guha- Mani Ratnam

प्रसिद्ध भारतीय इतिहासकार रामचंद्र गुहा जो कि हिंदुस्तान अख़बार, द टेलीग्राफ, ख़लीज टाइम्स के स्तंभकार भी हैं और जिन्हें 2009 में पद्म भूषण सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनके ख़िलाफ़ देशद्रोह का मुक़दमा दर्ज किया गया है। बता दें कि रामचंद्र गुहा के साथ 49 अन्य हस्तियों पर भी मुक़दमा दायर किया गया है। जिनमें प्रसिद्ध फिल्मकार श्याम बेनेगल,मणि रत्नम, अनुराग कश्यप,और गायिका शुभा मुद्गल का नाम भी शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि रामचंद्र गुहा समेत कई नामचीन हस्तियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए एक खुला पत्र लिखा था। जिसमें देश में भीड़ द्वारा हत्या की बढ़ती हुई घटनाओं पर चिंता जताई गई थी। इसके साथ यह भी कहा गया था कि उनके अनुसार मुसलमानों और दलितों के ख़िलाफ़ इस तरह की घटनाएं ज़्यादा तेजी से बढ़ रही हैं। इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि अदालत भूल गई है कि हमारे देश में लोकतंत्र है और हमारा संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को मौलिक मानता है।

उन्होंने आगे लिखा था कि अदालतों का काम संविधान द्वारा दिए गए नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है, ना कि उन अधिकारों के प्रयोग को अपराध मानकर उनके विरुद्ध मुक़दमा दर्ज करने का आदेश देना। साथ ही राजद नेता शिवानंद तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को याद दिलाते हुए कहा कि रामचंद्र गुहा देश के उन बौद्धिक लोगों में से हैं जिन्होंने एक समय नीतीश कुमार में प्रधानमंत्री बनने की संभावना देखी थी। साथ ही उन्होंने नीतीश कुमार से रामचंद्र गुहा सहित अन्य बौद्धिक लोगों पर दर्ज मुक़दमे हटाने का अनुरोध किया।

TV की ये जानी मानी अभिनेत्री है परेशान, कहा “डर है कहीं खो न दूँ….”

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Nupur Alankar

‘अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो’ और ‘घर की लक्ष्मी बेटियां’ जैसे सीरियल्स के ज़रिए दर्शकों के बीच अपनी पहचान बना चुकीं, टीवी एक्ट्रेस नूपुर अलंकार आजकल बहुत परेशान हैं और वजह है ‘पीएमसी बैंक’। ग़ौरतलब है कि ‘पीएमसी बैंक’ में वित्तीय गड़बड़ियों की वजह से आरबीआई ने खाता धारकों को पैसा निकालने की एक सीमा तय कर दी है। जिसकी वजह से लोगों में दहशत का माहौल है। लोग विरोध प्रदर्शन करके अपनी मेहनत की कमाई की सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं।

‘पीएमसी बैंक’ के इस संकट ने टीवी एक्ट्रेस नूपुर अलंकार के जीवन को बिल्कुल उथल-पुथल कर दिया है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि, ‘घर पर पैसे ना होने के कारण और सभी अकाउंट फ्रीज़ कर देने की वजह से मेरे पास गहने बेचने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था।’ उन्होंने बताया कि उन्हें अपने साथी अभिनेता और दोस्तों से रुपए उधार लेने पड़े साथ ही नूपुर ने कहा कि इस समस्या का निकट भविष्य में कोई समाधान होता भी दिखाई नहीं दे रहा है। जिसकी वजह से उन्हें डर है कि कहीं वो अपना पैसा खो ना दें।

इंटरव्यू में नूपुर अलंकार का दर्द छलक पड़ा जब उन्होंने बताया कि वह एक बड़े वित्तीय संकट से गुज़र रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने दूसरे बैंकों के सभी खातों को पीएमसी बैंक में ट्रांसफर करवा लिया था। उन्होंने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि, ‘मुझे क्या पता था कि मेरे परिवार की और मेरी जमा पूंजी बैंक में इस तरह से फंस जाएगी।’

टीवी एक्ट्रेस नूपुर ने सवाल किया कि पैसों के बिना वह कैसे ख़र्चा चलाएंगी। और सवाल किया कि क्या उन्हें अपना घर गिरवी रखना पड़ेगा? नूपुर का कहना है कि उनकी मेहनत की कमाई को वह क्यों नहीं ले सकतीं? उन्होंने कहा कि सारे इनकम टैक्स सही समय पर अदा करने के बाद भी उन्हें परेशानियों से गुज़रना पड़ रहा है। बता दें कि इन दिनों पीएमसी बैंक की वजह से नूपुर जैसी परेशानियों का सामना पीएमसी बैंक के सभी खाता धारकों को करना पड़ रहा है।

तुर्की ने किया ये वादा जिसे सुनकर मिल सकती है ट्रम्प को राहत

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Donald Trump

तुर्की ने अपने इस वादे के साथ कि वह सीरिया की ‘टेरिटोरियल इंटीग्रिटी’ को चोट नहीं पहुंचाएंगे और क्षेत्र के लोगों को आतंकवाद से मुक्ति दिलाएंगे ऑपरेशन ‘पीस स्प्रिंग’ शुरू कर दिया है। बता दें कि बुधवार की शाम तुर्की के फाइटर जेट ने YPG के ठिकानों पर ज़ोरदार हमला किया। और तुर्की के लड़ाकू विमान 30 किलोमीटर सीरिया के अंदर तक चले गए थे।

ग़ौरतलब है कि अमेरिका इस मामले में तुर्की के इस क़दम से बिल्कुल भी ख़ुश नहीं है। और तुर्की के लड़ाकू विमानों के द्वारा YPG के ठिकानों पर हमला किया जाना अमेरिका को बिल्कुल भी ठीक नहीं लगा है। अपनी इस बात को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करके बताया भी है। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की को बहुत ही कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि “अगर तुर्की ने सीरिया के मामले में हद पार की तो अमेरिका उसकी अर्थव्यवस्था को चौपट कर देगा।”

इससे पहले अमेरिका ने तुर्की की सीमा से अपने सैनिकों को वापस बुलाने के साथ यह बयान भी दिया था, कि “तुर्की की सीमा से अमेरिका के सैनिकों को वापस बुलाने का फ़ैसला बिल्कुल सही है और तुर्की को अपने हालात से ख़ुद ही निपटना चाहिए।” इसके साथ ही ट्रंप ने एक बार फिर कड़े शब्दों में तुर्की को चेतावनी दी है। वहीं दूसरी ओर ईरान ने तुर्की की चिंताओं को जायज़ बताते हुए उसे संयम बरतने का को कहा है।

सुधीर चौधरी जिस चैनल में एंकर हैं उस ग्रुप का हुआ बुरा हाल, DNA हुआ बंद..

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ज़ी न्यूज़ को पिछले कुछ सालों में भाजपा का तरफ़दार माना जाता है हालाँकि चैनल हमेशा इस बात से इनकार करता रहा है. ज़ी न्यूज़ जिस ग्रुप का चैनल है, आजकल उसको आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. यही वजह है कि ज़ी ने डेली न्यूज एंड एनालिसिस (डीएनए) को बंद कर दिया है.ग्रुप ने गुरुवार से अपने प्रिंट संस्करण को बंद करने की घोषणा की है. अब इसका सिर्फ डिजिटल संस्करण रहेगा.

आज के अखबार में संपादक की ओर से पहले पन्ने पर एक नोट छपा है. इसमें कहा गया है कि पाठकों की प्राथमिकताएं बदल रही हैं और विशेष रूप से युवा वर्ग प्रिंट के बजाय मोबाइल फोन पर खबरें पढ़ना चाहता है. संपादकीय नोट में आगे कहा गया है, ‘हम नहीं बदल रहे हैं, सिर्फ माध्यम बदलेगा.’ नए और चुनौतीपूर्ण दौर में पाठकों का समर्थन मांगा गया है.

डीएनए का प्रकाशन 14 साल पहले शुरू हुआ था. सुबह के इस अखबार का दिल्ली और अन्य केंद्रों से प्रकाशन पहले ही बंद हो चुका है. जी समूह के सुभाष चंद्रा की अगुवाई वाले एस्सल ग्रुप के स्वामित्व वाले इस ब्रॉडशीट अखबार का मुंबई और अहमदाबाद से आखिरी डीएनए ने यह कदम तब उठाया है जब उसकी मूल कंपनी जी समूह पर आर्थिक संकट है. समूह के कुछ व्यावसायिक फैसले सफल साबित नहीं हुए. नकदी संकट की वजह से उसे कर्ज चुकाने में दिक्कत आ रही है. हालांकि मार्च से अब तक उसने 6,500 करोड़ रुपये के कर्ज का भुगतान किया है, पर अब भी उसके ऊपर 7,000 करोड़ रुपये का बकाया है.