बैंक पर लगे प्रतिबं’ध से लगा थ’र्ड-पार्टी ऐप्स और फिनटेक स्टार्टअप्स को झ’टका..

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक पर लगे प्रतिबं’ध ने थर्ड-पार्टी ऐप्स और फिनटेक स्टार्टअप्स को भी प्रभा’वित किया है। सबसे अधिक फोनेपे (PhonePe) एप हुआ है। फोनेपे ने यस बैंक द्वारा स्थगन की घोष’णा के सार्वजनिक होते ही पूरी तरह से आउटेज का सामना करना शुरू कर दिया था। इसके अलावा फूड डिलिवरी ऐप स्विगी और ई-कॉमर्स दिग्ग’ज फ्लिपकार्ट पर भी इस प्रतिबं’ध का प्र’भाव पड़ा है। बता दें कि गुरुवा’र को आरबीआई ने यस बैंक पर 3 अप्रैल 2020 तक प्रतिबं’ध लगा दिया है। इस प्रतिबं’ध के बाद कोई भी अपने खाते में से 50 हज़ार से ज़्यादा की धनराशि नहीं निकाल पाएगा।

फोनेपे यूज़र्स ने लेन-देन के लिए एप ना इस्तेमाल कर पाने पर सोशल मीडिया पर शिकायत की। जिसके जवाब में गुरुवा’र को किए गए ट्वीट के जरिए फोनपे ने आउटेज की बात की पु’ष्टी की इसे “अनिर्धारित मेंटेनेंस गतिविधि” बताया था। लेकिन शुक्रवा’र को फोनपे के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समीर निगम ने कहा कि यह सब यस बैंक के अपडेट के कार’ण हुआ है। फोनेपे ही नहीं बल्कि फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी भी यस बैंक के प्रतिबंध से प्रभावित हुआ है।

फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी में भी यूपीआई भुगतान का सपोर्ट करने वाले बैंकों की लिस्ट में यस बैंक भी है, इसलिए स्विगी ने यूपीआई अकाउंट का उपयोग करके खाना ऑर्डर करने का विकल्प ऐप से हटा दिया है। इसके साथ फ्लिपकार्ट ने भी फोनपे का उपयोग करके भुगतान करने के विकल्प को हटा दिया है। पेमेंट गेटवे रेज़रपे भी यस बैंक का अपने बैकएंड में उपयोग करता है। कंपनी ने बताया है कि ” पेमेंट गेटवे सेवाएं फिलहाल अप्रभावित हैं, जबकि गेटवे की कुछ अन्य सेवाएं यस बैंक की खबर के कार’ण प्रभावित हो सकती हैं।”

थर्ड-पार्टी ऐप और पेमेंट प्लेटफॉर्म के साथ-साथ यस बैंक की खुद की ऐप और नेटबैंकिंग सेवाओं पर भी इस प्रतिबं’ध का असर पड़ा है। जिसकी वजह से इन एप्स को इस्तेमाल करना बन्द कर दिया है। जिसका मतलब यह हुआ कि यस बैंक के खाताधा’रक अपने पैसे को किसी और बैंक में ट्रांसफर नहीं कर सकता। साथ ही साथ वह किसी और जगह पेमेंट करने के लिए नेटबैंकिंग का भी इस्तेमाल नहीं कर सकता। आपको बता दें कि प्राइवेट सेक्टर की यस बैंक भारत के प्रमुख निजी बैंकों में से एक है जो पावर स्टार्टअप को कई समाधान प्रदान कर रहा है। नवंबर 2019 में मुंबई स्थित बैंक ने एपीआई सैंडबॉक्स के रूप में Yes Fintech डेवलपर प्लेटफॉर्म को 50 से अधिक वर्चुअल एपीआई के साथ लॉन्च किया। जिससे स्टार्टअप और व्यक्तिगत डेवलपर्स को अपने ऐप के लिए बैंकिंग इंटिग्रेशन का टेस्ट करने दिया जा सके।