बढ़ती मंहगाई के बीच जनता को राहत, मोदी सरकार ने घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम, गैस सिलेंडर भी हुआ सस्ता…

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बढ़ती मंहगाई से लोग पिछले कुछ समय से बड़े ही परेशान थे। लेकिन अब भारत सरकार के एक ही फैसले से देश के नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुछ ट्वीट कर बताया है कि मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है। जिसके चलते अब पेट्रोल और डीजल के दाम गिर गए हैं। वहीं, उन्होंने बताया है कि गैस सिलेंडर पर भी 200 रुपए की सब्सिडी देने का फैसला कर चुकी है सरकार।

शनिवार को कई सारे ट्वीट करते हुए निर्मला सीतारमण ने इस सब की जानकारी दी। पहले एक ट्वीट में लिखा गया कि “हम पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क ₹8 प्रति लीटर और डीजल पर ₹6 प्रति लीटर कम कर रहे हैं। इससे पेट्रोल की कीमत 9.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 7 रुपये प्रति लीटर कम हो जाएगी। इसका सरकार के लिए लगभग ₹ 1 लाख करोड़ प्रतिवर्ष का राजस्व निहितार्थ होगा।” इसके बाद उन्होंने गैस सिलेंडर की बात कही।

गैस सिलेंडर को लेकर ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि “साथ ही इस वर्ष हम प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना के 9 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को ₹ 200 प्रति गैस सिलेंडर (12 सिलेंडर तक) की सब्सिडी देंगे। इससे हमारी माताओं और बहनों को मदद मिलेगी। इससे सालाना लगभग ₹6100 करोड़ का राजस्व प्रभावित होगा।” जानकारी के अनुसार वित्त मंत्री ने लगातार एक के बाद एक 12 से 13 ट्वीट किए और सरकार के फैसले के बारे में बताया।

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा कि “हम प्लास्टिक उत्पादों के लिए कच्चे माल और बिचौलियों पर सीमा शुल्क भी कम कर रहे हैं, जहां हमारी आयात निर्भरता अधिक है। इससे अंतिम उत्पादों की लागत में कमी आएगी। इसी तरह हम लौह और इस्पात के लिए कच्चे माल और बिचौलियों पर उनकी कीमतों को कम करने के लिए सीमा शुल्क को कम कर रहे हैं। स्टील के कुछ कच्चे माल पर आयात शुल्क कम किया जाएगा। हालांकि, कुछ स्टील उत्पादों पर निर्यात शुल्क लगाया जाएगा।”

इसके आगे वह एक और ट्वीट करती हैं और मोदी सरकार को पिछले सरकारों से मुकाबले अच्छा बताती हैं। वह अपने इस ट्वीट में कहती हैं कि “पीएम मोदी ने जब से जिम्मा संभाला है, केंद्र सरकार गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित। हमने गरीबों और मध्यम वर्ग की मदद के लिए कई कदम उठाए हैं। नतीजतन, हमारे कार्यकाल के दौरान औसत महंगाई पिछली सरकारों की तुलना में कम रही है।”