लोकसभा ने देश में संस्कृत के तीन मानद विश्वविद्यालयों को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने वाले प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी दे दी गई है। अब इस विधेयक के पारित हो जाने के बाद देश में तीनों मानद विश्वविद्यालयों को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हो जाएगा। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक, 2019 पर चर्चा के दौरान मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का कहना था कि, केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने से विज्ञान के साथ-साथ संस्कृत का ज्ञान भी जुड़ जायेगा, और देश एक बार फिर से विश्व गुरु का दर्जा हासिल करने में क़ामयाब होगा।
पोखरियाल ने कहा कि यह विधेयक देश को श्रेष्ठ बनाने की दिशा में एक अहम क़दम है, और देश को विश्व गुरु बनाने का रास्ता इसी से ही निकलेगा।मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने सदन में हुई चर्चा के दौरान कहा कि सरकार संस्कृत के साथ-साथ तमिल, तेलुगू, बांग्ला, गुजराती, मलयालम, कन्नड़, सहित 22 भाषाएं देश में बोली जाती हैं और जिन्हें भारतीय भाषाओं का दर्जा प्राप्त है। सरकार सभी भारतीय भाषाओं को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इन सभी भाषाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रयासरत
भी है।
इससे पहले लोकसभा में शून्यकाल के दौरान सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अपनी बात रखने की अनुमति मांगते हुए सदन में सत्तापक्ष की खाली सीटों की तरफ इशारा करते हुए पूछा कि, सत्तापक्ष कहां है? इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि दो कैबिनेट मंत्री पर उपस्थित हैं, और मुख़्तार अब्बास नक़वी और लोकसभा अध्यक्ष ने कहा और सब का संरक्षण करने के लिए मैं बैठा हूं।















