उत्तराखंड : बर्फ़बारी के बीच हेमकुंड साहिब के कपाट बंद

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चमोली : सिखों के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री हेमकुण्ड साहिब के कपाट आज बर्फवारी के बीच इस बर्ष की अंतिम अरदास के बाद दोपहर 1.30 बजे शीत काल के लिए सेना के बैंड की मधुर ध्वनि के साथ बंद कर दिए गएl इसी के साथ लक्ष्मण (लोकपाल ) मंदिर के कपाट भी बिधि-बिधान व पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालुओ के लिए बंद कर दिये गए, इस अवसर पर 1500 से अधिक संख्या मे श्रद्धालु मौजूद थेl

आज सुबह 5 बजे से शब्द-कीर्तन, पहली अरदास व गुरुवाणी के साथ कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हुईl हेमकुंड साहिब के मुख्य ग्रंथी मिलाप सिंह ने दोपहर 12.30 बजे इस बर्ष की अंतिम अरदास कीl एक बजे पंच प्यारों की अगुवाई मे गुरु ग्रन्थ को सच खंड दरबार साहिब मे बिराजमान किया गयाl इसके बाद 1.30 बजे कपाट बंद कर दिए गएl इस अवसर पर सेना की 418 लाइट इन्जिनियरिंग के दल के साथ गुरुद्वारा ट्रस्ट के अध्यक्ष सरदार जनक सिंह भी मौजूद थेl

समुद्र तल से पंद्रह हजार 197 फीट की ऊंचाई पर सिखाे का पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब है,जो सात बर्फीली चोटियां और सरोवर से घिरा हुआ है यहां प्रति वर्ष लाखों की संख्या में देश- विदेश से सिख तीर्थ यात्री पहुंचते हैं l इस बर्ष की यात्रा बीते 22 मई से शुरू हुई थी, जिसमें 2 लाख 47 हजार से अधिक यात्री हेमकुंड पहुंचे है l

इस तीर्थ स्थल की खोज पांचवे दशक में सरदार मोदन सिंह द्वारा की गई, इसी स्थान पर हिन्दुओं के लोकपाल लक्षमण का मंदिर भी है मान्यता है कि यहां पर लक्षमण जो शेषनाग के अवतार थे, ने तपस्या की थी हेमकुंड साहिब तथा लक्षमण मंदिर के कपाट एक ही दिन खुलते और बंद होते हैं l