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उत्तराखंड : भीषण सड़क हादसे में BJP ओबीसी मोर्चा के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष की मौत

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रुड़की (हरिद्वार)। नए साल की शुरुआत में हरिद्वार जिले के रुड़की में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने भाजपा नेता की जान ले ली। भाजपा ओबीसी मोर्चा के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष अमित सैनी की कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई, जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसा गुरुवार देर रात रुड़की-धनौरी मार्ग पर हुआ।

जानकारी के अनुसार, अमित सैनी अपनी कार से रुड़की में किसी काम से आए थे। काम निपटाने के बाद वे धनौरी स्थित अपने घर लौट रहे थे। रुड़की-धनौरी मार्ग पर दो सड़कों के बीच पहुंचते ही उनकी कार अनियंत्रित हो गई और जोरदार टक्कर से एक पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और अमित सैनी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। राहगीरों ने ही सबसे पहले घटना की जानकारी दी थी। पुलिस ने शव को क्षत-विक्षत कार से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए रुड़की सिविल अस्पताल भिजवाया। साथ ही मृतक के परिजनों को सूचना दी गई। भाजपा नेता की अचानक मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में तेज रफ्तार और कार का संतुलन बिगड़ना हादसे का कारण माना जा रहा है। भाजपा नेतृत्व ने भी अमित सैनी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। पार्टी के ओबीसी मोर्चे में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।

अंकिता भंडारी हत्याकांड : मंत्री सुबोध उनियाल बोले- सबूत लाओ, हर जांच को तैयार

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देहरादून। तीन साल पुराना अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर उत्तराखंड की सियासत में उबाल ला रहा है। भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर के सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और ऑडियो क्लिप ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। वीडियो में ‘गट्टू’ नाम के कथित VIP का जिक्र कर भाजपा के बड़े नेता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इससे दिल्ली से देहरादून तक हलचल मच गई है। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग की है, जबकि भाजपा ने इसे चुनावी दुष्प्रचार करार दिया है।

विपक्ष के लगातार हमलों के बीच कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा, “सबूत लाओ, सरकार हर जांच के लिए तैयार है। SIT की जांच को सत्र न्यायालय, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट सही ठहरा चुके हैं। कोर्ट ने खुद माना कि CBI जांच की जरूरत नहीं।” मंत्री ने विपक्ष पर बिना सबूत आरोप लगाने का आरोप लगाया।

क्या है वायरल वीडियो में?
उर्मिला सनावर ने फेसबुक लाइव और वीडियो में दावा किया कि अंकिता की हत्या के दिन रिसॉर्ट पर मौजूद ‘गट्टू’ भाजपा का बड़ा नेता है। एक ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास पूरी जानकारी होने का जिक्र है। इन क्लिप्स से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम का नाम जोड़ा जा रहा है, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज कर बदनामी की साजिश बताया है।

कांग्रेस का हमला
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वायरल वीडियो दिखाया और सरकार पर मामला दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में CBI जांच की मांग की। गोदियाल ने चेतावनी दी कि 10 दिनों में CBI जांच की सिफारिश न हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन होगा।

भाजपा का पलटवार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर शर्मनाक राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस चुनाव से पहले VIP का राग अलापकर अपनी नाकामियां छिपा रही है। कांग्रेस ही बताए VIP कौन है। अंकिता की असली अपराधी कांग्रेस है, जो बिना सबूत दुष्प्रचार कर रही है।” भट्ट ने याद दिलाया कि डीजीपी ने पहले सार्वजनिक अपील की थी, लेकिन कोई सबूत नहीं लाया गया। उन्होंने वायरल क्लिप को छेड़छाड़ वाला बताया और कांग्रेस से माफी मांगने को कहा।

ये है मामले
18 सितंबर 2022 को वनंतरा रिसॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर शव चीला नहर में फेंका गया था। SIT जांच के बाद रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य (पूर्व भाजपा नेता के बेटे) समेत तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा हुई (मई 2025)। अंकिता ने मित्र को बताया था कि VIP गेस्ट को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने का दबाव था, लेकिन VIP की पहचान आज भी रहस्य बनी हुई है। यह विवाद महिलाओं की सुरक्षा और न्याय के मुद्दे को फिर उजागर कर रहा है। आने वाले दिनों में सियासी तपिश और बढ़ने की आशंका है।

UKPSC भर्ती 2026: सहायक समीक्षा अधिकारी, असिस्टेंट लाइब्रेरियन समेत 24 पदों के लिए आवेदन शुरू

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हरिद्वार। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी) ने उत्तराखंड हाईकोर्ट स्थापना के अंतर्गत सहायक समीक्षा अधिकारी (Assistant Review Officer), असिस्टेंट लाइब्रेरियन (Assistant Librarian), अनुवादक (Translator) और टाइपिस्ट (Typist) समेत कुल 24 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इच्छुक उम्मीदवार 31 दिसंबर 2025 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 20 जनवरी 2026 है।

इस भर्ती में पदों का विवरण इस प्रकार है:

  • सहायक समीक्षा अधिकारी (Assistant Review Officer): 15 पद
  • असिस्टेंट लाइब्रेरियन (Assistant Librarian): 01 पद
  • अनुवादक (Translator): 06 पद
  • टाइपिस्ट (Typist): 02 पद

योग्यता मानदंड:

  • सहायक समीक्षा अधिकारी: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री। अंग्रेजी में न्यूनतम 9000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा टाइपिंग स्पीड आवश्यक।
  • असिस्टेंट लाइब्रेरियन: लॉ की डिग्री और लाइब्रेरी साइंस में डिप्लोमा/डिग्री या संबंधित क्षेत्र में 5 वर्ष का अनुभव।
  • अन्य पदों के लिए स्नातक डिग्री या समकक्ष योग्यता। विस्तृत योग्यता के लिए आधिकारिक अधिसूचना देखें।

आयु सीमा: न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। अधिकतम आयु सीमा और छूट के लिए अधिसूचना में दिए गए नियम लागू होंगे।

चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा, टाइपिंग टेस्ट और कंप्यूटर ऑपरेशन टेस्ट के आधार पर चयन होगा। परीक्षा हरिद्वार, देहरादून, हल्द्वानी, रुद्रपुर और श्रीनगर आदि केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

आवेदन कैसे करें:

  • उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट psc.uk.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
  • आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार देय होगा (विस्तृत जानकारी अधिसूचना में)।
  • अंतिम सबमिशन के बाद 26 जनवरी से 4 फरवरी 2026 तक एक बार सुधार का मौका मिलेगा।

योग्यता एवं आयु सीमा:

  • न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है।
  • सहायक समीक्षा अधिकारी के लिए स्नातक डिग्री के साथ अंग्रेजी में 9000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा टाइपिंग स्पीड आवश्यक।
  • असिस्टेंट लाइब्रेरियन के लिए लॉ डिग्री एवं लाइब्रेरी साइंस में डिप्लोमा/डिग्री या संबंधित क्षेत्र में 5 वर्ष का अनुभव।
  • अन्य पदों के लिए स्नातक या समकक्ष योग्यता। विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक अधिसूचना देखें।

चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा, टाइपिंग टेस्ट एवं कंप्यूटर ऑपरेशन टेस्ट के आधार पर चयन होगा। परीक्षा देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर एवं श्रीनगर आदि केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

महत्वपूर्ण तिथियां:

  • आवेदन शुरू: 31 दिसंबर 2025.
  • अंतिम तिथि: 20 जनवरी 2026.
  • सुधार विंडो: 26 जनवरी से 04 फरवरी 2026 तक (एक बार).

यूकेपीएससी ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की अंतिम तिथि तक सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी होनी चाहिए। यह भर्ती उत्तराखंड हाईकोर्ट में स्थायी नौकरी का सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है। इच्छुक अभ्यर्थी शीघ्र आवेदन करें और आधिकारिक अधिसूचना ध्यान से पढ़ें।

घने कोहरे का कहर : 82 ट्रेनें देरी से, कई उड़ानें रद्द, हजारों यात्री परेशान

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत में घने कोहरे ने शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को हवाई और रेल यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। कम विजिबिलिटी के कारण इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कई घरेलू उड़ानें रद्द या देरी से संचालित हुईं, जबकि रेल नेटवर्क में करीब 82 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों लेट चल रही हैं। इससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Dense fog disrupts flights and trains in New Delhi | Reuters

हवाई सेवाएं ठप, कई फ्लाइट्स कैंसिल

कोहरे के कारण इंडिगो, स्पाइसजेट और एयर इंडिया की कई उड़ानें प्रभावित हुईं। प्रमुख रद्द उड़ानें:

  • इंडिगो: 6E 6820 (दिल्ली–नागपुर), 6E 6741 (दिल्ली–चंडीगढ़), 6E 5103 (दिल्ली–अमृतसर) – रद्द
  • स्पाइसजेट: SG 903 (दिल्ली–बागडोगरा), SG 8718 (दिल्ली–वाराणसी), SG 2939 (दिल्ली–धर्मशाला) – रद्द; SG 495 (दिल्ली–दरभंगा), SG 9718 (दिल्ली–वाराणसी), SG 937 (दिल्ली–गोरखपुर), SG 664 (दिल्ली–मुंबई) – देरी
  • एयर इंडिया: AI 2653 (दिल्ली–बेंगलुरु), AI 1703 (दिल्ली–अमृतसर), AI 1745 (दिल्ली–मुंबई), AI 817 (दिल्ली–अहमदाबाद), AI 1797 (मुंबई–पुणे) – रद्द
  • अन्य: IX 1057 (दिल्ली–भुवनेश्वर) – रद्द
  • एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि CAT-III प्रक्रिया लागू होने के बावजूद कम विजिबिलिटी से ऑपरेशंस प्रभावित हैं।
Flight cancelled due to fog? Delhi Airport issues another advisory ...

रेल यातायात पर भारी असर

नई दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनल और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। प्रमुख देरी वाली ट्रेनें:

नई दिल्ली स्टेशन से:

  • 12581 बनारसी–नई दिल्ली सुपरफास्ट: 4 घंटे 21 मिनट लेट
  • 20407 रांची–नई दिल्ली राजधानी: 4 घंटे 42 मिनट लेट
  • 22823 भुवनेश्वर–नई दिल्ली तेजस राजधानी: 3 घंटे 54 मिनट लेट
  • 12559 शिवगंगा सुपरफास्ट: 3 घंटे 35 मिनट लेट
  • 12423 डिब्रूगढ़–नई दिल्ली राजधानी: 3 घंटे 24 मिनट लेट
  • 12301 हावड़ा–नई दिल्ली राजधानी: 3 घंटे 7 मिनट लेट
  • अन्य में 11841 गीता जयंती एक्सप्रेस 6 घंटे 19 मिनट लेट।

आनंद विहार टर्मिनल:

  • 12443 हल्दिया–आनंद विहार सुपरफास्ट: 4 घंटे 51 मिनट लेट

हजरत निजामुद्दीन:

  • 12627 कर्नाटक सुपरफास्ट: 2 घंटे 34 मिनट लेट
  • 22633 त्रिवेंद्रम–हजरत निजामुद्दीन: 1 घंटा 52 मिनट लेट
  • कई अन्य ट्रेनें 1 घंटे से कम देरी से चल रही हैं।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने कहा, “घने कोहरे में दृश्यता न के बराबर हो जाती है। लोको पायलट को सिग्नल साफ नहीं दिखते, इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेनों की रफ्तार कम की जाती है।” एयरलाइंस और रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले फ्लाइट/ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें। मौसम साफ होने तक अगले कुछ दिनों में भी यातायात प्रभावित रह सकता है।

भागीरथपुरा में दूषित पानी का कहर, 338 नए मरीज, 32 ICU में भर्ती

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इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से फैली जलजनित बीमारी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को एक ही दिन में 338 नए मरीज सामने आए, जिन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत थी। स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में सुबह से देर रात तक मरीजों की भीड़ लगी रही। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी प्रभावित हैं, कई परिवारों में तो सभी सदस्य बीमार हो गए। इलाके में आक्रोश पसरा हुआ है, लोग प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक करीब 2800 मरीज सामने आ चुके हैं। कुल 272 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से 71 डिस्चार्ज हो चुके हैं। वर्तमान में 201 मरीज भर्ती हैं, जिनमें 32 की हालत गंभीर होने से उन्हें आईसीयू में रखा गया है। गुरुवार को 1714 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें 8571 लोगों की जांच हुई और 338 नए मामलों का पता चला। इन सभी को प्राथमिक उपचार दिया गया।

भागीरथपुरा स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों का तांता लगा रहा। अधिकांश शिकायतें उल्टी-दस्त की हैं। रहवासियों में दहशत है, कई लोग सरकारी टैंकरों के पानी से भी परहेज कर रहे हैं और महंगे आरओ पानी का इंतजाम कर रहे हैं। लैब रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि पाइपलाइन लीकेज के कारण सीवेज का गंदा पानी पीने की लाइन में मिल गया, जिससे यह संकट पैदा हुआ। जोन नंबर पांच में जल संबंधित शिकायतें सबसे ज्यादा आई हैं।

प्रशासन ने राहत के लिए पानी के टैंकर भेजे हैं, लेकिन लोग सतर्क हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 21 टीमें गठित की हैं, जिसमें डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, एएनएम और आशा कार्यकर्ता शामिल हैं। ये टीमें घर-घर जाकर उबला पानी पीने, बाहर का भोजन न खाने और साफ-सफाई की सलाह दे रही हैं। इंदौर-311 हेल्पलाइन पर जल शिकायतें बढ़ गई हैं। यह संकट ‘स्वच्छ शहर’ की छवि पर सवाल खड़े कर रहा है। प्रशासन अलर्ट है, लेकिन इलाके में दहशत और आक्रोश बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते पाइपलाइन की मरम्मत और सतर्कता से इस त्रासदी को रोका जा सकता था।

मुख्यमंत्री से प्रेस क्लब की नव निर्वाचित कार्यकारिणी ने की शिष्टाचार भेंट

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तरांचल प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष अजय राणा के नेतृत्व में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा लोकतंत्र में मीडिया का महत्व सर्वविदित है। मीडिया से जुड़े प्रतिनिधियों की समस्याओं के समाधान के लिये राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने मीडियाकर्मियों से राज्य विकास में सहयोगी बनने की भी अपेक्षा की।

इस अवसर पर प्रेस क्लब के निवर्तमान अध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी ने कहा कि पूर्व में भी प्रेस क्लब को मुख्यमंत्री व सरकार का सहयोग मिलता रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी इसी प्रकार का सहयोग मिलता रहेगा। नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय राणा और महामंत्री योगेश सेमवाल ने प्रेस क्लब भवन निर्माण के प्रस्ताव के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष मनीष डंगवाल कार्यकारिणी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सोबन सिंह गुसाईं, संयुक्त मंत्री शिवेश शर्मा, मीना नेगी, संप्रेक्षक विजय जोशी, कार्यकारिणी सदस्य मनमोहन लखेड़ा, रश्मि खत्री, सुलोचना पयाल, वीरेंद्र डंगवाल, मनोज जयाडा, हरीश थपलियाल, मनवर सिंह रावत उपस्थित रहे।

अंकिता भंडारी हत्याकांड : एडवोकेट योगिता भयाना ने की CBI जांच और गिरफ्तारी की मांग

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देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में उर्मिला सनावर की और से VIP का नाम उजागर करने के बाद उत्तराखंड की सियासत में हंगामा मचा हुआ है। कांग्रेस, यूकेडी समेत तमाम विपक्षी दल भाजपा पर हमलावर हो गए हैं और मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। इसी बीच, रेप पीड़िताओं के लिए काम करने वाली जानी-मानी समाजसेवी योगिता भयाना ने भी इस केस में एंट्री कर ली है। देहरादून पहुंचकर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में CBI जांच, आरोपी भाजपा नेताओं के इस्तीफे और उर्मिला सनावर की सुरक्षा की मांग की है।

योगिता भयाना ने कहा कि अंकिता भंडारी मर्डर केस में वनंतरा रिसॉर्ट पर घटना के बाद बुलडोजर चलवाने वाली यमकेश्वर से भाजपा विधायक रेनू बिष्ट की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा, “यह मेरी पहली मांग है कि सबूत मिटाने वाली रेनू बिष्ट को गिरफ्तार किया जाए। सरकार को आगे आकर इस मामले में आश्वासन देना चाहिए और CBI जांच करानी चाहिए।” योगिता ने अफसोस जताया कि VIP का नाम सामने आने के बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है कि निष्पक्ष जांच होगी।

समाजसेवी ने कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा, “कानून के मुताबिक, जब किसी व्यक्ति का नाम आरोपी के रूप में घिरता है, तो पहले उसकी गिरफ्तारी होती है और फिर जांच। इसलिए उर्मिला सनावर ने जिस VIP का नाम बताया है, उसकी गिरफ्तारी भी जल्द होनी चाहिए।” साथ ही, उन्होंने VIP का नाम उजागर करने वाली उर्मिला सनावर की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। योगिता भयाना ने इस मामले को महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की लड़ाई से जोड़ते हुए कहा कि सरकार की चुप्पी संदेह पैदा कर रही है।

यह केस 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या से जुड़ा है, जिसमें पूर्व भाजपा मंत्री के बेटे पुलकित आर्य समेत अन्य को दोषी ठहराया गया था। लेकिन हाल में उर्मिला सनावर के खुलासे ने इसे फिर सुर्खियों में ला दिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि भाजपा सरकार आरोपियों को बचा रही है। मामले की CBI जांच की मांग तेज हो गई है, जबकि सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह विवाद उत्तराखंड की राजनीति को नई दिशा दे सकता है, जहां महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

सीजन की पहली बर्फबारी: लंबे इंतजार के बाद उत्तराखंड के पहाड़ों पर बिछी सफेद चादर

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चमोली। नए साल की शुरुआत के साथ उत्तराखंड में बर्फबारी का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। चमोली जिले की भारत-चीन सीमा से सटी नीती घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। घाटी की ऊंची चोटियों और गांवों पर बर्फ की मोटी परत जमा हो गई, जिसकी मनमोहक तस्वीरें सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के जरिए सामने आई हैं। प्रकृति प्रेमी और पर्यटक लंबे समय से इस पल का इंतजार कर रहे थे, और अब उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य के अन्य उच्च हिमालयी क्षेत्रों जैसे औली, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब में भी जल्द बर्फबारी होगी।

नीती घाटी में 1 जनवरी से मौसम पूरी तरह बंद हो गया था। घने बादल छाए रहे और ठंड बढ़ने से पर्यटकों की उम्मीदें जगमगा उठीं। स्थानीय निवासियों द्वारा साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में घाटी बर्फ से लकदक नजर आ रही है। यह बर्फबारी उन पर्यटकों के लिए राहत की खबर है जो उत्तराखंड पहुंचकर बर्फ का दीदार करने आए थे, लेकिन अब तक शुष्क मौसम से मायूस हो रहे थे।

हालांकि, बर्फबारी न होने से पहले पूरे राज्य में शुष्क मौसम का कहर देखने को मिल रहा था। जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई थीं, जबकि बारिश और बर्फ की कमी से किसानों की फसलें प्रभावित हो रही थीं। मैदानी इलाकों में पानी की कमी और पहाड़ों में सूखे की स्थिति ने चिंता बढ़ा दी थी। इसके अलावा, बर्फबारी न होने से जंगली जानवर जैसे भालू और तेंदुआ रिहायशी इलाकों में उतर आए थे, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल था।

पर्यटन के लिहाज से भी यह देरी नुकसानदेह साबित हो रही थी। औली और चॉपटा जैसे प्रसिद्ध स्थल सूने पड़े थे, जहां आमतौर पर दिसंबर-जनवरी में बर्फबारी से पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। चमोली के पर्यटन व्यवसायी निराश थे, क्योंकि हर साल इस समय विदेशी और घरेलू सैलानी बर्फ का मजा लेने पहुंचते हैं।

अब नीती घाटी में हुई इस पहली बर्फबारी से माहौल बदल गया है। पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं और अन्य क्षेत्रों में भी बर्फ गिरने के आसार बन रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में उच्च क्षेत्रों में और बर्फबारी हो सकती है। हालांकि, अभी ठंड कम महसूस की जा रही है, लेकिन अगर बर्फबारी जारी रही तो कड़ाके की सर्दी लौट आएगी।

भारत-पाकिस्तान ने न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन्स की सूची का किया आदान-प्रदान 

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नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को एक बार फिर आपसी समझौते के तहत अपने-अपने न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन और फैसिलिटी की सूची का आदान-प्रदान किया। यह सूची दोनों देशों के बीच 1988 में हुए समझौते के तहत हर साल 1 जनवरी को साझा की जाती है, जिसका उद्देश्य एक-दूसरे के परमाणु स्थलों पर हमला न करने की प्रतिबद्धता को मजबूत करना है।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक संक्षिप्त बयान में जानकारी दी कि यह आदान-प्रदान नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ डिप्लोमैटिक चैनलों के माध्यम से किया गया। बयान में कहा गया, “भारत और पाकिस्तान ने आज ‘न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन और फैसिलिटी पर हमले पर रोकथाम समझौते’ के प्रावधानों के तहत दोनों देशों के न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन और फैसिलिटी की सूची का आदान-प्रदान किया।”

यह समझौता 31 दिसंबर 1988 को हस्ताक्षरित हुआ था और 27 जनवरी 1991 से प्रभावी है। इसके अनुसार, दोनों देशों को हर कैलेंडर वर्ष की शुरुआत में एक-दूसरे को अपने परमाणु स्थलों की सूची प्रदान करनी होती है। इस प्रक्रिया का पहला आदान-प्रदान 1 जनवरी 1992 को हुआ था। गुरुवार को किया गया यह आदान-प्रदान 35वां वार्षिक आदान-प्रदान है।

गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब मई 2025 में चार दिनों तक चली सैन्य झड़प के बाद दोनों देशों के बीच संबंध काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। फिर भी, दोनों पक्ष इस समझौते का पालन करते हुए परमाणु स्थलों की सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध दिखे हैं।

विदेश मंत्रालय ने इस आदान-प्रदान को एक नियमित और तकनीकी प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया है, जो दोनों देशों के बीच विश्वास-निर्माण के एक छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जाता है।

उत्तराखंड : नए साल पर बड़ी सौगात, परिवहन निगम के बेड़े में शामिल हुईं 112 नई बसें

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देहरादून: नए साल के पहले दिन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य को सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी। देहरादून में मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय (मुख्य सेवक सदन) से सीएम धामी ने उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में 112 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इन नई बसों में 100 सामान्य बसें, 10 वातानुकूलित (एसी) बसें और 2 वॉल्वो बसें शामिल हैं। कार्यक्रम में परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और निगम के कर्मचारी मौजूद रहे।

सीएम धामी ने इस अवसर पर कहा, “नए साल पर आज हमारे लिए यह खुशी और गर्व की बात है कि हम ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के बेड़े में नई बसें शामिल कर रहे हैं। इससे राज्य का ट्रांसपोर्ट सिस्टम और मजबूत होगा। देश भर से उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्रियों, श्रद्धालुओं, पर्यटकों और अन्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक तथा किफायती यात्रा की सुविधा मिलेगी।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य की कठिन भौगोलिक स्थितियों में मजबूत परिवहन व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। इन आधुनिक बसों से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी।