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उत्तराखंड पुलिस का 2026 रोडमैप : साइबर सुरक्षा, ड्रग्स मुक्त देवभूमि और आंतरिक सुरक्षा पर विशेष फोकस

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देहरादून: उत्तराखंड पुलिस ने नए साल 2026 के लिए अपना रोडमैप तय कर लिया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ की अध्यक्षता में सरदार पटेल भवन में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्य पुलिस की प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना रहा।

डीजीपी दीपम सेठ ने बैठक में आगामी वर्ष के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। केंद्रीय गृह मंत्री की एंटी टेरर कॉन्फ्रेंस-2025 में दिए निर्देशों के अनुपालन में राज्य की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। विशेष रूप से साइबर सर्विलांस और साइबर इंटेलिजेंस को प्राथमिकता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री के ‘ड्रग्स-फ्री उत्तराखंड’ विजन को साकार करने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और ट्रैफिक निदेशालय के पुनर्गठन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साइबर अपराधों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए 1930 हेल्पलाइन को मजबूत बनाते हुए इसे 112 इमरजेंसी सिस्टम से बेहतर समन्वय करने पर बल दिया गया।

पुलिस कल्याण के क्षेत्र में समय पर एसीआर भरने, पदोन्नति, पदक और पुरस्कारों के वितरण को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासनिक कार्यों में देरी रोकने के लिए ई-ऑफिस और ई-फाइल सिस्टम के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री के ‘सरलीकरण, समाधान और निस्तारण’ विजन को लागू करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में पीटीसी नरेंद्रनगर में प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए शासन से पैरवी करने और उत्तराखंड पुलिस गीत को सभी आधिकारिक कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से बजाने के निर्देश भी शामिल थे।

उत्तराखंड में घने कोहरे और ठंड का कहर जारी, IMD ने जारी किया अलर्ट

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देहरादून: उत्तराखंड में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के मैदानी इलाकों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की है, जो आने वाले दिनों में यातायात और दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती है।

IMD के अनुसार, 3 और 4 जनवरी को हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर जनपदों तथा नैनीताल, चम्पावत, पौड़ी और देहरादून जनपदों के मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके साथ ही राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं पाला पड़ने और शीत दिवस की स्थिति बने रहने का अनुमान है।

5 जनवरी से 7 जनवरी तक भी मैदानी इलाकों में घना कोहरा जारी रहने की संभावना जताई गई है, हालांकि शीत दिवस और पाले की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है।

यह कोहरा सुबह और रात के समय दृश्यता को बेहद कम कर देगा, जिससे सड़क मार्गों पर वाहन चलाना जोखिमभरा हो सकता है। देहरादून और पंतनगर हवाई अड्डों पर उड़ानों में देरी या रद्द होने की आशंका है। पर्यटक स्थलों जैसे हरिद्वार, ऋषिकेश और नैनीताल के मैदानी हिस्सों में आने वाले यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में चल रही शीतलहर के कारण यह स्थिति बनी हुई है। राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में पाला पड़ने से फसलों को नुकसान हो सकता है, किसानों को सावधानी बरतने की जरूरत है। यात्रियों और ड्राइवरों से अपील है कि कोहरे में फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करें और जरूरी यात्रा ही करें।

वेनेजुएला पर अमेरिकी का हमला, काराकास में धमाके, मादुरो ने घोषित की इमरजेंसी, रूस-चीन ने दी चेतावनी

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काराकास/वाशिंगटन: वेनेजुएला की राजधानी काराकास और आसपास के सैन्य ठिकानों पर अमेरिका द्वारा की गई कथित ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव की नई लहर पैदा कर दी है। इन हमलों के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने पूरे देश में आपातकाल (इमरजेंसी) घोषित कर दिया है। रूस और चीन ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार देते हुए अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है, जबकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तीखी बहस छिड़ गई है।

हमले और तत्काल प्रतिक्रिया

अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के कई सैन्य अड्डों और संदिग्ध ड्रग कार्टेल ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिका का दावा है कि ये हमले ड्रग तस्करी और आतंकवाद को समाप्त करने के लिए किए गए हैं। हालांकि, वेनेजुएला सरकार ने इसे “साम्राज्यवादी आक्रामकता” और तेल संसाधनों पर कब्जा करने की साजिश बताया है।

हमलों के कुछ घंटों बाद राष्ट्रपति मादुरो ने सरकारी टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, “यह सीधा युद्ध है। हम अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर कीमत चुकाने को तैयार हैं।” उन्होंने वेनेजुएला की बोलिवेरियन नेशनल आर्म्ड फोर्सेस (FANB) को पूर्ण युद्ध तैयार रहने का आदेश दिया।

रूस और चीन का सख्त रुख

रूस ने अमेरिकी कार्रवाई को “खुली आक्रामकता” और “काउबॉय बर्ताव” करार दिया। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम अपने मित्र देश को अकेला नहीं छोड़ेंगे।” मॉस्को का आरोप है कि अमेरिका ड्रग्स के बहाने वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर नियंत्रण चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अपने S-300VM एयर डिफेंस सिस्टम और Su-30MK2 फाइटर जेट्स के जरिए अमेरिकी विमानों को चुनौती दे सकता है।

चीन ने भी इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया और अमेरिका को “आग से खेलने” की चेतावनी दी। बीजिंग ने कहा कि वेनेजुएला से उसका भारी तेल आयात प्रभावित हो सकता है और लैटिन अमेरिका में बाहरी दखलंदाजी से मानवीय संकट पैदा होगा।

संयुक्त राष्ट्र में तनावपूर्ण बहस

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में रूस और चीन ने अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के तेल टैंकरों पर नाकेबंदी की निंदा की। अमेरिकी राजदूत ने पलटवार करते हुए कहा कि मादुरो शासन ड्रग तस्करी और आतंकवाद को संरक्षण दे रहा है। यूएन महासचिव ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और मानवीय आधार पर युद्ध रोकने की अपील की।

वेनेजुएला की सैन्य ताकत

वेनेजुएला के पास रूसी S-300VM (Antey-2500) एयर डिफेंस सिस्टम है, जो 250 किमी तक लक्ष्य भेदने में सक्षम है। इसके अलावा Buk-M2, Pechora-2M मिसाइलें, Su-30MK2 फाइटर जेट्स, चीनी JYL-1 और JY-27 रडार, VN-16/18 टैंक और रूसी वैगनर ग्रुप की संभावित मौजूदगी है। मादुरो के पास करीब 40 लाख नागरिक मिलिशिया भी है, जो गुरिल्ला युद्ध में उपयोगी हो सकती है।

विशेषज्ञों का आकलन

रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि तकनीकी रूप से अमेरिका का दबदबा है, लेकिन रूसी-चीनी हथियारों और गुरिल्ला रणनीति के कारण यह युद्ध अत्यंत महंगा और लंबा हो सकता है। यदि रूसी तकनीशियनों को नुकसान पहुंचा तो स्थिति ‘तीसरे विश्व युद्ध’ जैसी हो सकती है।

IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर पर विवाद, BCCI ने KKR से रिलीज करने को कहा

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मुंबई: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) द्वारा खरीदे जाने पर छिड़े राजनीतिक विवाद के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सख्त कदम उठाया है। BCCI ने KKR से मुस्तफिजुर को अपनी फ्रेंचाइजी से रिलीज करने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचारों की खबरों और भारतीय राजनीतिक नेताओं की कड़ी आलोचना के बाद लिया गया है।

KKR ने हाल ही संपन्न IPL 2026 मिनी नीलामी में मुस्तफिजुर को 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा था, जो बांग्लादेश के एकमात्र खिलाड़ी थे। लेकिन भारत-बांग्लादेश के बीच तनावपूर्ण संबंधों को लेकर भाजपा समेत कई पार्टियों के नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने धमकी दी कि अगर मुस्तफिजुर भारत में खेलने आए तो उनके मैचों का विरोध किया जाएगा और मैच नहीं होने दिए जाएंगे।

BCCI के सचिव देवजीत सैकिया ने न्यूज एजेंसी PTI से बातचीत में कहा, “BCCI ने कोलकाता नाइट राइडर्स से बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को अपनी टीम से रिलीज करने के लिए कहा है। यह फैसला हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए लिया गया है।” उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि बोर्ड क्रिकेट को राजनीति से अलग रखना चाहता है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यह कदम आवश्यक हो गया है।

इस मुद्दे पर राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छिड़ गई है। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने KKR के मालिक शाहरुख खान पर निशाना साधते हुए कहा, “शाहरुख खान को तय करना होगा कि वह भारत के साथ हैं या राष्ट्र-विरोधी ताकतों के साथ। उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।” भाजपा नेताओं का कहना है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के बीच एक बांग्लादेशी खिलाड़ी को IPL में शामिल करना हिंदुओं को उकसाने वाला है।

शिवसेना (UBT) नेता मनीष साहनी ने जम्मू-कश्मीर से चेतावनी दी कि अगर मुस्तफिजुर KKR के लिए खेलते हैं तो विरोध प्रदर्शन होंगे। उन्होंने IPL और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में बांग्लादेशी खिलाड़ियों के पूर्ण बहिष्कार की मांग की। समाजवादी पार्टी ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है।

वहीं, कांग्रेस ने इस मामले को ‘चुनिंदा निशाना’ बताते हुए सरकार और BCCI पर सवाल उठाए। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “अगर अत्याचारों पर चिंता वास्तविक है तो सरकार ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों को IPL में भाग लेने की अनुमति क्यों दी? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ मंत्री इस पर चुप क्यों हैं? BCCI सचिव जय शाह की भूमिका क्या है?” कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि शाहरुख खान की पहचान को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने को स्वीकार्य बताते हुए इस बहस को ‘पिछड़ी और असभ्य’ करार दिया।

कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने खेल को धर्म और सामुदायिक पहचान से अलग रखने की अपील की। उन्होंने बांग्लादेश में हिंसा की निंदा करते हुए कहा, “क्रिकेट एक खेल रहना चाहिए। खिलाड़ियों को राष्ट्रीयता के आधार पर निशाना नहीं बनाना चाहिए।”

यह विवाद IPL की छवि पर सवाल खड़े कर रहा है, जहां क्रिकेट को राजनीति से अलग रखने की परंपरा रही है। KKR की ओर से अभी इस फैसले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत-बांग्लादेश क्रिकेट संबंधों पर भी असर डाल सकता है। BCCI ने कहा कि आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।

उत्तराखंड में परिवार रजिस्टर अनियमितताओं पर सीएम धामी सख्त, जांच के आदेश, दोषियों पर कार्रवाई तय 

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देहरादून : उत्तराखंड में परिवार रजिस्टर (कुटुंब रजिस्टर) में पाई गई गंभीर अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राज्य स्तर पर व्यापक, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में उपलब्ध परिवार रजिस्टरों की प्रतियां तत्काल जिलाधिकारियों के पास सुरक्षित रखने के आदेश दिए, ताकि अभिलेखों में किसी तरह की छेड़छाड़ की गुंजाइश न रहे। जांच का कार्य मुख्य विकास अधिकारी (CDO) या अपर जिलाधिकारी (ADM) स्तर पर कराने का निर्णय लिया गया। जांच का दायरा वर्ष 2003 से वर्तमान तक रखा जाएगा, जिससे पुरानी अनियमितताओं का भी पता लग सके।

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नाम दर्ज कराने वालों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि परिवार रजिस्टर पंचायत राज (कुटुंब रजिस्टरों का अनुरक्षण) नियमावली, 1970 के तहत संचालित होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक परिवार का नाम इसमें दर्ज करना अनिवार्य है। नाम दर्ज करने का अधिकार सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को है, जबकि अपील का अधिकार उप जिलाधिकारी के पास है।

बैठक में चिंता जताई गई कि राज्य की सीमा से लगे मैदानी जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों में अनधिकृत बसावट के आधार पर परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज होने से जनसांख्यिकीय संतुलन पर असर पड़ने की आशंका है। इसको देखते हुए नियमावली में आवश्यक संशोधन करने की तैयारी की जा रही है।

पंचायती राज विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में 1 अप्रैल से 31 दिसंबर तक नए परिवार जोड़ने के लिए 2,66,294 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 2,60,337 स्वीकृत और 5,429 आवेदन नियम उल्लंघन एवं अपूर्ण दस्तावेजों के कारण निरस्त किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार रजिस्टर से जुड़ी सेवाएं अब और अधिक सख्त व पारदर्शी बनाई जाएंगी। वर्तमान में ये सेवाएं ‘अपणी सरकार’ पोर्टल के माध्यम से भी उपलब्ध हैं।

उत्तराखंड : BJP के सातों मोर्चों की टीमों की घोषणा, संगठन विस्तार पूरा, देखें लिस्ट

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देहरादून : नए साल की शुरुआत के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उत्तराखंड ने अपने सभी सात मोर्चों की प्रदेश स्तरीय टीमों की घोषणा कर दी है। प्रदेश भर से पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिससे पार्टी का संगठन और मजबूत हुआ है।

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की सहमति से सभी मोर्चा अध्यक्षों ने अपनी-अपनी टीमों का ऐलान किया। युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विपुल मैंदोला ने सबसे पहले टीम घोषित की। इसके बाद महिला मोर्चा अध्यक्ष रुचि चौहान भट्ट, किसान मोर्चा अध्यक्ष महेंद्र सिंह नेगी, अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा अध्यक्ष नेत्रपाल मौर्या, अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष बलवीर घुनियाल, अनुसूचित जनजाति मोर्चा अध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह राणा और अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष अनीस गौड़ ने भी अपनी टीमों की घोषणा कर दी।

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गौरतलब है कि भाजपा ने करीब दो महीने पहले इन सातों मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की थी। उसके बाद से मोर्चों के विस्तार का इंतजार किया जा रहा था। आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी संगठन इन मोर्चों को बेहद महत्वपूर्ण मान रहा है। भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री अजय कुमार ने सभी नव नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि ये टीमें पार्टी को जन-जन तक पहुंचाने और संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, मुठभेड़ में 12 नक्सली ढेर

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रायपुर/सुकमा: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के जवानों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ में 12 नक्सलियों को मार गिराया।

घटना किस्टाराम थाना क्षेत्र के जंगलों में हुई। खुफिया सूचना के आधार पर DRG की टीम ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया था। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसका जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। कई घंटों तक चली भयंकर गोलीबारी के बाद 12 नक्सली मारे गए।

मौके से सुरक्षाबलों ने एक AK-47 राइफल, एक इंसास राइफल सहित अन्य हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है और इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है।

गौरतलब है कि सुकमा बस्तर संभाग का सबसे संवेदनशील नक्सल क्षेत्र माना जाता है। इस साल सुरक्षाबलों ने कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं, जिसमें दर्जनों नक्सली मारे जा चुके हैं।

छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस ऑपरेशन को नक्सलवाद के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता बताया है। डीजीपी ने DRG जवानों की बहादुरी की सराहना की और कहा कि नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प पूरा करने की दिशा में यह बड़ा कदम है।

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हाहाकार: 15 मौतें, पुरानी घटना की याद ताजा

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इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर के तमगे से नवाजे जाने वाले इंदौर में दूषित पेयजल ने बड़ी त्रासदी को जन्म दे दिया है। भागीरथपुरा इलाके में पाइपलाइन लीकेज के कारण सीवेज का पानी पीने की पेयजल लाइन में मिलने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। हजारों लोग उल्टी-दस्त और डायरिया की चपेट में आए हैं, जबकि सैकड़ों अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं।

मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में पानी में जानलेवा बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। मुख्य कारण पुलिस चौकी के पास मुख्य पेयजल पाइपलाइन में रिसाव बताया जा रहा है, जहां ऊपर बने शौचालय से गंदा पानी मिल गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि महीनों से पानी में बदबू और गंदगी की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।

इस घटना से शहर में सियासी घमासान छिड़ गया है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इसे घेरना शुरू कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता उमा भारती ने भी अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सबसे स्वच्छ शहर में ऐसी घटना शर्मनाक है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

इस त्रासदी ने इंदौर के सुभाष चौक की करीब 30 साल पुरानी दर्दनाक घटना को फिर से याद दिला दिया है। उस समय भी पानी की टंकी में सड़ी हुई लाश मिलने से लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हुए थे, जिससे खौफ का माहौल बना था। आज भी उस घटना की याद से लोग सिहर उठते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों मामलों में सिस्टम की विफलता ही मुख्य कारण है।

प्रशासन ने अब कार्रवाई तेज कर दी है। नगर निगम कमिश्नर को हटाया गया है, जबकि कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए स्टेटस रिपोर्ट मांगी है और मरीजों के मुफ्त इलाज के आदेश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्र में टैंकरों से साफ पानी की आपूर्ति की जा रही है।

उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में 1046 पदों पर आउटसोर्सिंग से भर्ती जल्द

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देहरादून :  उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्वास्थ्य विभाग विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में कुल 1046 पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से शीघ्र भर्ती करने जा रहा है। इनमें 680 वार्ड ब्वाय और 366 पर्यावरण मित्र (सफाई कर्मी) के पद शामिल हैं।

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को इस भर्ती प्रक्रिया को तत्काल शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि इस भर्ती का मुख्य उद्देश्य राज्य के अस्पतालों और चिकित्सा इकाइयों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करना तथा सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और अस्पतालों में स्वच्छता का स्तर ऊंचा उठेगा।

यह भर्ती प्रदेश के विभिन्न राजकीय अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य चिकित्सा इकाइयों में रिक्त पदों को भरने के लिए की जा रही है। विभाग जल्द ही आउटसोर्सिंग एजेंसी का चयन कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने कहा, “हमारी सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है। इन पदों पर भर्ती से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखें, जहां भर्ती संबंधी अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी।

उत्तराखंड: भ्रष्टाचार के आरोप में राजस्व उप निरीक्षक निलंबित

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देहरादून: देहरादून जिले के चकराता क्षेत्र स्थित लाखामण्डल में तैनात राजस्व उप निरीक्षक जयालाल शर्मा को गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई स्थानीय निवासियों की शिकायत पर की गई, जिसमें ऑडियो साक्ष्य भी शामिल हैं।

शिकायतकर्ता विपिन चौहान, बलवीर सिंह और राहुल डोभाल सहित क्षेत्र के अन्य लोगों ने 22 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी कार्यालय में संयुक्त शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जयालाल शर्मा क्षेत्र में तैनाती के बाद से छोटे-बड़े दस्तावेज तैयार करने, फर्जी विक्रय पत्र बनाने और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में किसानों, काश्तकारों और अनुसूचित जनजाति व अनुसूचित जाति के गरीब लोगों से खुलेआम नकद व ऑनलाइन अवैध रिश्वत वसूलते रहे हैं। शिकायत के साथ पेन ड्राइव में ऑडियो साक्ष्य भी संलग्न किए गए थे।

प्रकरण को गंभीर मानते हुए प्रभारी अधिकारी अपूर्वा सिंह (कृते जिलाधिकारी, देहरादून) ने उत्तराखंड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली 2002 के उल्लंघन के आधार पर जयालाल शर्मा को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें तहसील कालसी के रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में संबद्ध किया गया है।

निलंबन के दौरान उन्हें अर्द्ध औसत वेतन के बराबर जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, साथ ही महंगाई भत्ता (यदि लागू हो) भी अनुमन्य होगा। हालांकि, यह भुगतान तभी होगा जब वे प्रमाणित करेंगे कि वे किसी अन्य रोजगार या व्यापार में संलग्न नहीं हैं।

आदेश में प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए तहसीलदार विकासनगर को जांच अधिकारी नामित किया गया है, जिन्हें एक माह के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।