Home Blog Page 80

दर्दनाक हादसा : 7 साल की मासूम को तेज रफ्तार जीप ने मारी टक्कर, मौके पर ही मौत

0

दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार को खुशहालपुर (सहसपुर कोतवाली क्षेत्र) में एक दर्दनाक हादसा हुआ। गुरुद्वारे के निकट सड़क पार कर रही 7 वर्षीय मासूम तसमीया को बिना नंबर प्लेट वाली काली रंग की तेज रफ्तार जीप ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर में बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद जीप का चालक मौके से फरार हो गया। गुस्साए ग्रामीणों ने बच्ची का शव सड़क पर रख दिया, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

जानकारी के अनुसार, तसमीया के पिता रफाकत खुशहालपुर में घर के पास अंडे की ठेली लगाते हैं। बच्ची उसी के आसपास खेल रही थी और सड़क पार करने लगी थी, तभी देहरादून दिशा से आ रही तेज रफ्तार जीप ने उसे टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक जस्सोवाला रोड की ओर भाग गया।

घटना की सूचना मिलते ही सहसपुर कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक विकास रावत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने चालक की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शव अपने कब्जे में लिया।

सीसीटीवी फुटेज में दुर्घटना वाली जीप दिख रही है, लेकिन उस पर नंबर प्लेट नहीं है। कोतवाली प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि पीड़ित परिवार शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर रहा है। फिर भी पुलिस चालक की तलाश में जुट गई है। जस्सोवाला से जमनीपुर और बरोटीवाला तक के रास्तों के आसपास के सीसीटीवी की जांच की जा रही है तथा आसपास के थानों में सूचना दी गई है।

हादसे के बाद तसमीया के पिता रफाकत अपनी लहूलुहान बेटी को देखकर बेहोश हो गए। माता-पिता का रोना नहीं थम रहा है। गांव के प्रधान आजम, शाहनवाज खान, अलादीन, शहजाद, नदीम आदि ने पुलिस से चालक के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ रात में वाहनों की जांच बढ़ाने की मांग की है।

केदारनाथ से कन्याकुमारी तक घुसपैठ पर होगी सख्ती : गृहमं

0

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया

जन-जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के तहत हरिद्वार में आयोजित विशाल जनसभा को किया संबोधित

हरिद्वार/ देहरादून: 7 मार्च।केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्रीIMG 20260307 WA0037 अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड राज्य आंदोलन से करते हुए कहा कि, उत्तराखंड के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति बचाने के साथ ही अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा, लेकिन इसके लिए उन्हें रामपुर तिराहा कांड जैसी हिंसा का सामना करना पड़ा। इसके बाद केंद्र में भाजपा सरकार बनने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने उत्तराखंड के साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का निर्माण करने का निर्णय लिया, आज ये तीनों राज्य तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा था कि उत्तराखंड को अटल जी ने बनाया है, अब इसे संवारने का काम मोदी जी करेंगे, इसी क्रम में 2017 से 2026 तक का कालखंड, उत्तराखंड के विकास को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि बीते चार सालों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सभी समस्याओं को चुन- चुन कर समाप्त करने का काम किया है। इस कारण उत्तराखंड अब दोगुनी रफ्तार से विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है।

तीन साल के भीतर मिलेगा न्याय
केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी लोगों खासकर अधिवक्ता वर्ग से अपील करते हुए कहा कि वो नई न्याय संहिता पर लगाई गई प्रदर्शनी का जरूर अवलोकन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजों के बनाए डेढ़ सौ साल पुराने कानूनों को बदलने का काम किया है, 2028 में नई न्याय संहिता के सभी प्राविधान पूरी तरह अमल में आ जाएंगे। इसके बाद किसी भी मामले में थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट तक फैसला आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक ओर वैज्ञानिक न्याय सहिंता करार दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने सीएए कानून के तहत भारत की नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, बौध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार, जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। लेकिन अब तक तुष्टिकरण की नीति के चलते उन्हें भारतीय नागरिकता से विंचित रखा गया। ये शरणार्थी अपना धर्म और परिवार की इज्जत बचाने के लिए, भारत में आए हैं, इसलिए वो किसी के भी विरोध के बावजूद, ऐसे लोगों को भारतीय नागरिकता देने के निर्णय पर अडिग रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 समाप्त करने, सीएए कानून बनाने, साढे पांच सौ साल बाद अयोद़धा में राम मंदिर बनाने, बद्रीनाथ – केदारनाथ पुननिर्माण, महाकाल लोक और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर कई एतिहासिक कार्य किए हैं।

नकल विरोधी कानून से आई पारदर्शिता
केंद्रीय गृह मंत्री ने शनिवार को उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी के तौर पर नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 1900 युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड में अब बिना पर्चा और बिना खर्चा के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। इसके लिए पुष्कर सिंह धामी कठोर नकल विरोधी कानून लेकर आए हैं। जिससे रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता कायम हुई है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला आयोजित होने जा रहा है। हरिद्वार कुंभ आने वाले सभी रिकॉर्ड तोड़ने का काम करेगा। उन्होने केंद्र सरकार की ओर से जारी वाइब्रेंट विलेज योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सीमांत गांवों को प्रथम गांव का सम्मान दिया है। जिसका मुख्य उद्देश्य सीमांत का पलायन रोकना है, उत्तराखंड के लिए यह योजना विशेषकर लाभकारी होने जा रही है।

केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि, सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक- एक घुसपैठिया को देश से बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने यूसीसी लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूसीसी, डेमोग्राफी में आए अप्राकतिक बदलाव को रोकने का काम करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने एसआईआर का उल्लेख करते हुए कहा कि जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट से कटना ही चाहिए, लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोटर लिस्ट का शुद़ध होना जरूरी है।

उत्तराखंड के लिए केंद्रीय सहायता बढ़ी
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र सरकार से सिर्फ 54 हजार करोड़ मिले, जबकि इसके बाद से उत्तराखंड को केंद्र से एक लाख 87 हजार करोड़ रुपए मिल चुके हैं, इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में हजारों करोड़ रुपए की ऑलवेदर रोड, दिल्ली – देहरादून इकानॉमिक कॉरिडोर, रेल, सड़क और परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 25 हजार रुपए थी जो अब बढ़कर 2 लाख 60 हजार हो चुकी है। जीएसडीएपी भी एक लाख 50 हजार करोड़ से बढ़कर तीन लाख पचास हजार करोड़ हो चुकी है।

उत्तराखंड : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया

0

हरिद्वार : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। केंद्रीय गृह मंत्री ने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड राज्य आंदोलन से करते हुए कहा कि, उत्तराखंड के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति बचाने के साथ ही अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा, लेकिन इसके लिए उन्हें रामपुर तिराहा कांड जैसी हिंसा का सामना करना पड़ा।

इसके बाद केंद्र में भाजपा सरकार बनने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने उत्तराखंड के साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का निर्माण करने का निर्णय लिया, आज ये तीनों राज्य तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा था कि उत्तराखंड को अटल जी ने बनाया है, अब इसे संवारने का काम मोदी जी करेंगे, इसी क्रम में 2017 से 2026 तक का कालखंड, उत्तराखंड के विकास को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि बीते चार सालों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सभी समस्याओं को चुन- चुन कर समाप्त करने का काम किया है। इस कारण उत्तराखंड अब दोगुनी रफ्तार से विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है।

तीन साल के भीतर मिलेगा न्याय
केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी लोगों खासकर अधिवक्ता वर्ग से अपील करते हुए कहा कि वो नई न्याय संहिता पर लगाई गई प्रदर्शनी का जरूर अवलोकन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजों के बनाए डेढ़ सौ साल पुराने कानूनों को बदलने का काम किया है, 2028 में नई न्याय संहिता के सभी प्राविधान पूरी तरह अमल में आ जाएंगे। इसके बाद किसी भी मामले में थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट तक फैसला आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक ओर वैज्ञानिक न्याय सहिंता करार दिया।

केंद्रीय गृह मंत्री ने सीएए कानून के तहत भारत की नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, बौध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार, जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। लेकिन अब तक तुष्टिकरण की नीति के चलते उन्हें भारतीय नागरिकता से विंचित रखा गया। ये शरणार्थी अपना धर्म और परिवार की इज्जत बचाने के लिए, भारत में आए हैं, इसलिए वो किसी के भी विरोध के बावजूद, ऐसे लोगों को भारतीय नागरिकता देने के निर्णय पर अडिग रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 समाप्त करने, सीएए कानून बनाने, साढे पांच सौ साल बाद अयोद़धा में राम मंदिर बनाने, बद्रीनाथ – केदारनाथ पुननिर्माण, महाकाल लोक और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर कई एतिहासिक कार्य किए हैं।

नकल विरोधी कानून से आई पारदर्शिता
केंद्रीय गृह मंत्री ने शनिवार को उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी के तौर पर नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 1900 युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड में अब बिना पर्चा और बिना खर्चा के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। इसके लिए पुष्कर सिंह धामी कठोर नकल विरोधी कानून लेकर आए हैं। जिससे रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता कायम हुई है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला आयोजित होने जा रहा है। हरिद्वार कुंभ आने वाले सभी रिकॉर्ड तोड़ने का काम करेगा। उन्होने केंद्र सरकार की ओर से जारी वाइब्रेंट विलेज योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सीमांत गांवों को प्रथम गांव का सम्मान दिया है। जिसका मुख्य उद्देश्य सीमांत का पलायन रोकना है, उत्तराखंड के लिए यह योजना विशेषकर लाभकारी होने जा रही है।

केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि, सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक- एक घुसपैठिया को देश से बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने यूसीसी लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूसीसी, डेमोग्राफी में आए अप्राकतिक बदलाव को रोकने का काम करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने एसआईआर का उल्लेख करते हुए कहा कि जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट से कटना ही चाहिए, लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोटर लिस्ट का शुद़ध होना जरूरी है।

उत्तराखंड के लिए केंद्रीय सहायता बढ़ी
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र सरकार से सिर्फ 54 हजार करोड़ मिले, जबकि इसके बाद से उत्तराखंड को केंद्र से एक लाख 87 हजार करोड़ रुपए मिल चुके हैं, इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में हजारों करोड़ रुपए की ऑलवेदर रोड, दिल्ली – देहरादून इकानॉमिक कॉरिडोर, रेल, सड़क और परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 25 हजार रुपए थी जो अब बढ़कर 2 लाख 60 हजार हो चुकी है। जीएसडीएपी भी एक लाख 50 हजार करोड़ से बढ़कर तीन लाख पचास हजार करोड़ हो चुकी है।
——
देश विकास और सुशासन की नई गाथाएँ लिख रहा है : मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में वर्ष 2022 में उत्तराखंड की जनता ने सभी मिथकों को तोड़कर प्रचंड बहुमत से सरकार को दुबारा आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर एक भारत, श्रेष्ठ भारत के स्वप्न को साकार किया गया है। नागरिकता संशोधन अधिनियम को लागू कर वर्षों से उपेक्षित हिन्दू शरणार्थियों को सम्मान और सुरक्षा का अधिकार दिलाया गया। भारतीय न्याय संहिता सहित तीन नए कानूनों के माध्यम से न्याय व्यवस्था को भारतीय आत्मा के अनुरूप बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा गृह मंत्री के नेतृत्व में देश में आतंकवाद और नक्सलवाद पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। जिन क्षेत्रों में अशांति और भय होता था, आज वो क्षेत्र विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। कश्मीर के लाल चौक पर कभी तिरंगा फहराना, एक चुनौती माना जाता था, आज वहां गर्व और सम्मान के साथ तिरंगा लहरा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा गृह मंत्री के नेतृत्व में देश, सहकारिता के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सनातन का जयघोष चारों दिशाओं में गूंज रहा है। अयोध्या जी में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरीडोर, उज्जैन में महाकाल लोक, बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने केंद्र द्वारा हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ के लिए 500 करोड़ रुपए स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा निश्चित ही आगामी कुंभ सनातन का गौरव बढ़ाने वाला कुंभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के समग्र विकास के साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन पर कार्य किया जा रहा है। राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। वर्ष 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन कर राज्य में 3.56 लाख करोड़ के निवेश समझौते किए। जिसमें 1 लाख करोड़ से ज्यादा के ग्राउंडिंग हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं। राज्य में पहली बार जी-20 जैसे वैश्विक सम्मेलन का आयोजन, राज्य में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन, जिसमें राज्य के खिलाड़ियों ने 100 से अधिक मैडल प्राप्त कर राज्य को अंक तालिका में 7वां स्थान प्राप्त हुआ। राज्य में पहली बार वर्षभर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शीतकालीन यात्रा प्रारम्भ, जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में बीते चार सालों में आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है, बीते वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है और प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बीते 4 वर्षों में राज्य बजट का आकार ₹ 60 हजार करोड़ से 1 लाख करोड़ से अधिक हो गया है, राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। बीते चार वर्षों में राज्य में स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर साढ़े 1700 हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के इंडेक्स में देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य में पर्यटन, एविएशन और खेल के विकास से जुड़े क्षेत्रों में भी बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम तथा बेस्ट विलेज, बेस्ट डिस्ट्रिक्ट जैसे राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड को नेशनल लॉजिस्टिक्स इंडेक्स, स्टेट स्टार्टअप इकोसिस्टम, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस, स्टेट एनर्जी एंड ग्रीन इंडेक्स जैसे कई राष्ट्रीय सूचकांकों में भी विभिन्न पुरुस्कार प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने कहा प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा हमें गर्व है कि हमने UCC को लागू कर उसे प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने का कार्य भी किया है। मुख्यमंत्री ने कहा गृहमंत्री की प्रेरणा से राज्य में ऑपरेशन कालनेमी और सघन सत्यापन अभियान के माध्यम से घुसपैठियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। सख्त भू-कानून बनाकर हमारे पहाड़ी क्षेत्रों में जमीनों की अवैध खरीद फरोख्त पर लगाम लगाकर भू माफियाओं पर अंकुश लगाया है।

भारतीय न्याय संहिता जैसे नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में देश में पहले स्थान पर उत्तराखंड

0

उत्तराखंड ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में देश में पहला स्थान हासिल किया है। इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) 2.0 के राष्ट्रीय कार्यान्वयन में राज्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी CCTNS/ICJS प्रोग्रेस डैशबोर्ड के अनुसार, जनवरी 2026 तक उत्तराखंड ने 93.46 के उच्च स्कोर के साथ देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

इस रैंकिंग में हरियाणा 93.41 स्कोर के साथ दूसरे, असम 93.16 के साथ तीसरे, सिक्किम 91.82 के साथ चौथे और मध्य प्रदेश 90.55 के साथ पांचवें स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तकनीक-आधारित न्याय प्रणाली के दूरदर्शी दृष्टिकोण और निरंतर मार्गदर्शन का परिणाम है।

Uttarakhand ranks first in country in effective implementation of new  criminal laws

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ‘मिशन मोड’ नेतृत्व

उत्तराखंड की इस सफलता का मुख्य श्रेय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व और ‘टॉप-टू-बॉटम’ मॉनिटरिंग को दिया जा रहा है। भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) जैसे नए कानूनों को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री ने खुद कमान संभाली। उन्होंने शीर्ष अधिकारियों से लेकर जिला स्तर के फील्ड अधिकारियों तक के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कीं, जिससे तकनीकी चुनौतियों को समय पर दूर किया गया और पुलिस विभाग नए कानूनी ढांचे के अनुरूप तैयार हो सका।

‘वन डेटा, वन एंट्री’ की कुशलता

उत्तराखंड की इस उपलब्धि का आधार ICJS 2.0 की “वन डेटा, वन एंट्री” प्रणाली है। इस तंत्र के माध्यम से पुलिस (CCTNS), ई-कोर्ट, ई-जेल, ई-अभियोजन और ई-फॉरेंसिक के बीच डेटा का निर्बाध आदान-प्रदान सुनिश्चित होता है। एक बार डेटा दर्ज होने पर वह सभी संबंधित विभागों में तुरंत उपलब्ध हो जाता है, जिससे कागजी कार्यवाही में कमी आई है और मुकदमों का निस्तारण तेज हुआ है। पारदर्शिता के लिए ‘ई-साक्ष्य’ ऐप के जरिए अपराध स्थल की वीडियोग्राफी और डिजिटल साक्ष्यों का सुरक्षित संग्रहण अनिवार्य किया गया है।

प्रमुख उपलब्धियां

  • प्रदेश के 23,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को नए कानूनों का गहन प्रशिक्षण दिया गया।
  • ‘न्याय श्रुति’ के माध्यम से वर्चुअल अदालती सुनवाई और फॉरेंसिक मोबाइल वैन को प्राथमिकता दी गई।

उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता एवं पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) सुनील कुमार मीणा ने इस रैंकिंग की पुष्टि करते हुए कहा कि राज्य ने तकनीकी बुनियादी ढांचे के साथ-साथ रीयल-टाइम डेटा एंट्री में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उच्च स्तरीय बैठकों में उत्तराखंड की “वन डेटा, वन एंट्री” प्रणाली की विशेष सराहना की है।

सरकार का फैसला, न्यूज चैनलों की TRP पर 4 हफ्ते की रोक

0

केंद्र सरकार ने इजरायल-ईरान संघर्ष की कवरेज में सनसनीखेज और अटकलबाजी वाली रिपोर्टिंग को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) को निर्देश दिया है कि न्यूज टीवी चैनलों की टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स (TRP) की रिपोर्टिंग तत्काल प्रभाव से चार सप्ताह के लिए या अगले आदेश तक रोक दी जाए।

मंत्रालय के अनुसार, इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच कुछ न्यूज चैनलों द्वारा अनावश्यक सनसनी फैलाने वाली और बिना पुष्टि वाली खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जिससे आम जनता में घबराहट फैलने की आशंका है, खासकर उन लोगों में जिनके रिश्तेदार या परिचित प्रभावित क्षेत्रों में हैं। जनहित में यह फैसला लिया गया है ताकि TRP की होड़ में चैनल जिम्मेदार पत्रकारिता से भटकें नहीं और अफवाहों को बढ़ावा न मिले।

यह निर्देश 6 मार्च 2026 को जारी किया गया, जिसमें BARC को न्यूज चैनलों की साप्ताहिक TRP डेटा प्रकाशित करने से रोकने को कहा गया है। हालांकि, चैनलों का प्रसारण सामान्य रूप से जारी रहेगा, लेकिन रेटिंग्स की घोषणा चार सप्ताह तक नहीं होगी।

यह कदम मीडिया में जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जबकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सनसनीखेज कवरेज पर अंकुश लगेगा।

LPG सिलेंडर तो हो गया महंगा, क्या अब पेट्रोल-डीजल की है बारी?

0

नई दिल्ली: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के कारण घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने शनिवार (7 मार्च) से 14.2 किलो के गैर-सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़ा दी है। अब दिल्ली में यह सिलेंडर 913 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि पहले यह 853 रुपये का था।

यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में चल रहे संघर्ष के कारण आई है, जहां ईरान के साथ तनाव बढ़ने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते एलपीजी और क्रूड ऑयल की सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग 80-85% आयात करता है, जिसमें मध्य पूर्व (कतर, यूएई, सऊदी अरब आदि) से बड़ा हिस्सा आता है। युद्ध के कारण आयात में बाधा और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल ने कंपनियों को कीमतें संशोधित करने के लिए मजबूर किया।

शहर-वार नई कीमतें (14.2 किलो घरेलू सिलेंडर, गैर-सब्सिडी)

  • दिल्ली: 913 रुपये (पहले 853 रुपये)
  • मुंबई: 912.50 रुपये (पहले 852.50 रुपये)
  • कोलकाता: 930 रुपये (पहले 879 रुपये)
  • चेन्नई: 928.50 रुपये (पहले 868.50 रुपये)

कमर्शियल सिलेंडर पर भी असर

19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 114.50-115 रुपये बढ़ाई गई है। दिल्ली में अब यह 1,883 रुपये का हो गया है (पहले 1,768.50 रुपये)। इससे होटल, रेस्तरां और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यह बढ़ोतरी 11 महीनों में दूसरी बार है। पिछली बार अप्रैल 2025 में 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। हालांकि, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 300 रुपये की सब्सिडी मिलती रहेगी, जिससे उनकी कीमत प्रभावित नहीं होगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कोई राशनिंग या सप्लाई कटौती नहीं होगी। रिफाइनरियों से घरेलू उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और वैकल्पिक स्रोतों (जैसे अमेरिका से) से आयात बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि ऊर्जा उपलब्धता और किफायती मूल्य सुनिश्चित करने के सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

यह बढ़ोतरी आम घरों की रसोई पर सीधा असर डालेगी, खासकर मध्यम वर्ग पर जहां एलपीजी मुख्य ईंधन है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध लंबा खिंचा तो क्रूड ऑयल की कीमतों के साथ एलपीजी पर और दबाव बढ़ सकता है, जिससे मुद्रास्फीति प्रभावित हो सकती है।

उत्तराखंड में आज से बदल सकता है मौसम, पहाड़ों में हल्की बारिश-बर्फबारी, मैदानों में गिरेगा तापमान

0

देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में शनिवार (8 मार्च) से मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उच्च हिमालयी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जिससे मैदानी क्षेत्रों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, किसी भी प्रकार की गंभीर मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है और अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है।

पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ उच्च ऊंचाई वाले हिस्सों (खासकर 4000 मीटर से अधिक) में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है। अन्य जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। यह बदलाव 12 मार्च तक जारी रह सकता है, जिसमें हल्के-फुल्के प्रभाव देखने को मिलेंगे। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर प्रभाव से बादल छाए रह सकते हैं, जिससे दिन के तापमान में मामूली कमी आएगी।

शुक्रवार को राज्य में मौसम सामान्य से गर्म रहा। देहरादून में दिन का अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 5 डिग्री अधिक) और रात का न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 5 डिग्री अधिक) दर्ज किया गया। आसमान में हल्के बादल छाए रहने के बावजूद चटक धूप नहीं रही। पर्वतीय क्षेत्रों में भी तापमान ऊंचा रहा। मुक्तेश्वर में दिन का अधिकतम तापमान 18.9 डिग्री (सामान्य से 3 डिग्री अधिक) और रात का न्यूनतम 9.9 डिग्री (सामान्य से 6 डिग्री अधिक) रहा।

उत्तराखंड के युवाओं ने UPSC में किया कमाल, रवांई घाटी के दो युवाओं का चयन

0

देहरादून : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में उत्तराखंड के कई युवाओं ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। राज्य के सुदूरवर्ती गांवों से निकले इन होनहारों ने कड़ी मेहनत, धैर्य और अनुशासित तैयारी से देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में स्थान बनाया, जो पहाड़ी क्षेत्र के युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा साबित हो रहा है।

उत्तरकाशी जिले से दो युवाओं ने विशेष सफलता हासिल की। ऋषभ नौटियाल, पुरोला के ग्राम सुनाली (रवांई घाटी) के निवासी, ने 552वीं रैंक प्राप्त की। उनके पिता त्र्यंबक प्रसाद नौटियाल और माता ललिता नौटियाल हैं। ऋषभ ने द दून स्कूल, देहरादून से 12वीं तक पढ़ाई की और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर से एलएलबी पूरी की। उन्होंने तीन बार मुख्य परीक्षा तक पहुंचकर असफलता का सामना किया, लेकिन चौथे प्रयास में सफल हुए। क्षेत्र में खुशी का माहौल है, जहां कथा वाचक शिव प्रसाद नौटियाल (ताऊ जी), विधायक दुर्गेश्वर लाल, पूर्व विधायक माल चंद सहित कई जनप्रतिनिधियों ने बधाई दी।

उसी जिले के नौगांव ब्लॉक के बनाल गुलाड़ी गांव के आशुतोष नौटियाल ने 398वीं रैंक हासिल की। 25 वर्षीय आशुतोष ने तीसरे प्रयास में सफलता पाई। पहले प्रयास में प्रीलिम्स भी नहीं निकला, लेकिन रणनीति बदलकर उन्होंने नियमित 5-6 घंटे पढ़ाई की। उन्होंने मार्गदर्शन को कोचिंग से ज्यादा महत्वपूर्ण बताया और इंटरनेट (जैसे अंडरस्टेंड यूपीएससी पोर्टल) से तैयारी की। आशुतोष का मकसद सीमांत क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान और विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि हिंदी माध्यम के छात्र भी सफल हो सकते हैं, यदि कांसेप्ट मजबूत और लगन हो।

टिहरी गढ़वाल जिले के चंबा क्षेत्र के दिवाड़ा गांव की बेटी मीनल नेगी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 66 हासिल कर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। राज्य में यह इस बार की सबसे बेहतर रैंक है, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के युवाओं में जोश और प्रेरणा का संचार हुआ है।

minal negi upsc

मीनल नेगी, जो मूल रूप से टिहरी गढ़वाल के चंबा के निकट दिवाड़ा गांव की निवासी हैं, ने सीमित संसाधनों और पहाड़ी चुनौतियों के बीच अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। उनके पिता प्रीतम सिंह नेगी उत्तराखंड शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं और वर्तमान में जूनियर हाईस्कूल डोबरा कोटेश्वर (टिहरी) में कार्यरत हैं। माता मीना देवी गृहिणी हैं।

लोहाघाट-बाराकोट क्षेत्र के युवा अनुज ने 69वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम ऊंचा किया। उन्होंने सेल्फ स्टडी और अनुशासित दिनचर्या पर जोर दिया। रोज 8-10 घंटे पढ़ाई की और इंटरनेट मीडिया का उपयोग सीमित रखा।

upsc 1

पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग तहसील के उप्राडा गांव के आदित्य पाठक ने 189वीं रैंक प्राप्त की। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के सफलता हासिल की। पिथौरागढ़ के डान बास्को स्कूल से इंटर तक पढ़ाई के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र ऑनर्स और मुंबई से मास्टर्स किया। ग्रेजुएशन के दौरान ही तैयारी शुरू की और टेस्ट सीरीज पर फोकस किया। चौथे प्रयास में सफल हुए। पिता माधवानंद पाठक (सेवानिवृत्त शिक्षक) और माता मंजुला पाठक (शिक्षक) हैं, जबकि छोटे भाई अभिषेक भारतीय सेना में कैप्टन हैं। विधायक फकीर राम टम्टा, मयूख महर सहित कई नेताओं ने बधाई दी।

हरिद्वार जिले के बहादराबाद विकासखंड के अत्मलपुर बोंगला गांव के मूल निवासी तुषार चौहान ने संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में 216वीं रैंक हासिल की है. परिणाम घोषित होने के बाद उनके पैतृक गांव में खुशी की लहर है. ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने तुषार की इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. तुषार चौहान की उपलब्धि केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक उपलब्धि और गौरव का विषय बन गई है.

लोहाघाट के कलीगांव के टूड़ा तोक की बेटी अनुप्रिया राय ने मेहनत और लगन से देश की प्रतिष्ठित परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सिविल सेवा परीक्षा में इतिहास रच नया कीर्तिमान बनाया है. अनुप्रिया ने लगातार तीसरी बार इस परीक्षा को क्रैक किया है. उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी की लहर है. वर्तमान में अनुप्रिया राय पाल समुंद्रम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं. लोहाघाट नगर के पास कलीगांव के टूड़ा तोक निवासी अनुप्रिया राय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफलता हासिल कर एक बार फिर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. अनुप्रिया ने इस बार ऑल इंडिया रैंक 258वीं हासिल की है.

चंपावत जिले के खटीमा से देवेश आर्या ने दूसरे प्रयास में 656वीं रैंक हासिल की। 23 वर्षीय देवेश ने सराफ पब्लिक स्कूल, खटीमा से हाईस्कूल (86.8%) और इंटर (PCMB, 94.8%) किया। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से बीएससी (ऑनर्स) बॉटनी में 7.76 CGPA हासिल किया। उनकी सफलता से चंपावत में गर्व का माहौल है।

टिहरी की बेटी मीनल नेगी ने UPSC में हासिल की 66वीं रैंक, पहाड़ों से निकली प्रतिभा ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान

0

देहरादून: टिहरी गढ़वाल जिले के चंबा क्षेत्र के दिवाड़ा गांव की बेटी मीनल नेगी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 66 हासिल कर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। राज्य में यह इस बार की सबसे बेहतर रैंक है, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के युवाओं में जोश और प्रेरणा का संचार हुआ है।

मीनल नेगी, जो मूल रूप से टिहरी गढ़वाल के चंबा के निकट दिवाड़ा गांव की निवासी हैं, ने सीमित संसाधनों और पहाड़ी चुनौतियों के बीच अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। उनके पिता प्रीतम सिंह नेगी उत्तराखंड शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं और वर्तमान में जूनियर हाईस्कूल डोबरा कोटेश्वर (टिहरी) में कार्यरत हैं। माता मीना देवी गृहिणी हैं। परिवार में शिक्षा और अनुशासन का माहौल रहा, जबकि दादा भारतीय सेना में रह चुके हैं।

मीनल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चंबा क्षेत्र के स्थानीय स्कूलों से पूरी की। दसवीं तक पढ़ाई के दौरान ही उनके मन में प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना पनपा। आगे की तैयारी के लिए उन्होंने देहरादून को चुना और घर से ही ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से तैयारी की। दिल्ली जाने की बजाय इंटरनेट, ऑनलाइन लेक्चर, अध्ययन सामग्री और नियमित अभ्यास पर भरोसा किया। उनके वैकल्पिक विषय PSIR (Political Science & International Relations) थे।

सफलता का सफर आसान नहीं था। पहले प्रयास में प्रीलिम्स भी पास नहीं कर सकीं, लेकिन असफलता ने उन्हें निराश नहीं किया। उन्होंने कमजोरियों का विश्लेषण किया, सुधार किए और दूसरे प्रयास में शानदार सफलता हासिल की। मीनल का मानना है कि लक्ष्य स्पष्ट होना, नियमित दिनचर्या, उचित सामग्री का चयन, पुनरावृत्ति और मानसिक संतुलन सफलता की कुंजी हैं।

उनकी यह उपलब्धि उत्तराखंड की बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा है। राज्य की पर्वतीय धरती से निकलकर छोटे गांवों के युवा भी बड़े सपने देख सकते हैं। मीनल की सफलता साबित करती है कि तकनीक और अनुशासन से किसी भी स्थान से UPSC जैसी कठिन परीक्षा क्रैक की जा सकती है।

आज हरिद्वार पहुंचेंगे अमित शाह, विकास परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास

0

हरिद्वार : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार (7 मार्च 2026) को हरिद्वार में एक व्यस्त कार्यक्रम के साथ रहेंगे। वह राज्य सरकार की विकास यात्रा और नए आपराधिक कानूनों (नूतन न्याय संहिता) पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे, जनसभा को संबोधित करेंगे तथा पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक भी करेंगे। इस दौरान करीब सवा चार घंटे तक हरिद्वार में रहने वाले शाह के आगमन को लेकर पुलिस-प्रशासन ने चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की है।

तय कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह दोपहर 12:15 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून) पहुंचेंगे। यहां से वे 12:30 बजे गुरुकुल कांगड़ी हेलीपैड (हरिद्वार) के लिए रवाना होंगे और 12:40 बजे वैरागी कैंप (बैरागी द्वीप) स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे।

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद:

  • 1:55 बजे तक वे जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें अनुमानित रूप से 1.5 लाख से अधिक लोग शामिल होने की उम्मीद है।
  • 2:00 से 2:30 बजे तक कुछ समय आरक्षित रखा गया है।
  • 2:30 से 3:00 बजे तक वैरागी कैंप में ही नूतन न्याय संहिता (भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम) पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन करेंगे। यह प्रदर्शनी 7 से 9 मार्च तक चलेगी, जिसका उद्देश्य नए कानूनों की सरलता, प्रभावी कार्यान्वयन और जनजागरूकता फैलाना है। नए कानूनों में समयबद्ध जांच, जीरो एफआईआर, इलेक्ट्रॉनिक एफआईआर, फोरेंसिक जांच अनिवार्यता, महिलाओं-बच्चों के खिलाफ अपराधों पर सख्त प्रावधान, संगठित अपराध, साइबर क्राइम, आतंकवाद पर स्पष्ट दंड, पीड़ित मुआवजा और संपत्ति की शीघ्र वापसी जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
  • 3:00 से 3:30 बजे के बीच उत्तराखंड सरकार की विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पिछले चार वर्षों में राज्य के विकास कार्यों, जनकल्याण योजनाओं और महत्वपूर्ण फैसलों की झलक दिखाई जाएगी। इसमें 427 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास भी संभावित हैं।
  • 3:30 बजे वैरागी कैंप से प्रस्थान कर 3:40 बजे एक निजी होटल पहुंचेंगे, जहां वे भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक करेंगे।
  • बैठक के बाद 4:45 बजे वे जौलीग्रांट एयरपोर्ट के लिए रवाना हो जाएंगे।

शुक्रवार को दिनभर पुलिस-प्रशासन की टीम ने तैयारियों को अंतिम रूप दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पहले बैरागी कैंप पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। भाजपा ने इसे धामी सरकार की सफलता और मिशन 2027 की तैयारी के रूप में देखा है, जबकि नए कानूनों की प्रदर्शनी से जनता को इनकी सरलता और प्रभाव दिखाने का प्रयास है।