Home Blog Page 79

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेश किया 1.11 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट

0

गैरसैंण (चमोली): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज (9 मार्च 2026) विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया। यह बजट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 10.41 प्रतिशत अधिक है और राज्य के समग्र विकास को तेज करने के साथ मजबूत वित्तीय प्रबंधन पर केंद्रित है।

यह ऐतिहासिक बजट प्रस्तुति है, क्योंकि पहली बार राज्यपाल के अभिभाषण के ही दिन मुख्यमंत्री (जो वित्त मंत्री का प्रभार भी संभाल रहे हैं) ने बजट सदन में रखा। बजट में एफआरबीएम अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया गया है, जिससे वित्तीय जिम्मेदारी और पारदर्शिता बनी रहे।

मुख्य वित्तीय संकेतक

  • राजस्व अधिशेष: 2,536.33 करोड़ रुपये–राज्य की आय राजस्व व्यय से अधिक होने से मजबूत वित्तीय स्थिति का प्रमाण।
  • राजकोषीय घाटा: जीएसडीपी के 3 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के भीतर रखा गया।
  • लोक ऋण: जीएसडीपी के 32.50 प्रतिशत की तय सीमा के अंदर नियंत्रित।

ये आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार विकास परियोजनाओं को गति देते हुए भी ऋण प्रबंधन, राजकोषीय अनुशासन और वित्तीय संतुलन पर विशेष ध्यान दे रही है। राजस्व अधिशेष, सीमित घाटा और नियंत्रित ऋण से भविष्य की विकास योजनाओं को स्थिर और मजबूत आधार मिलेगा।

बजट सत्र गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में 13 मार्च तक चलेगा। बजट में राज्य के विकास, पर्यटन, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, कृषि, आधारभूत ढांचा और 2047 तक विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य को प्रमुखता दी गई है। मुख्यमंत्री धामी ने इसे ‘सभी वर्गों के लिए समावेशी बजट’ बताया है।

उत्तराखंड बजट सत्र 2026 की शुरुआत: राज्यपाल के अभिभाषण में 2047 तक विकसित राज्य का संकल्प

0

गैरसैंण (चमोली): उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 2026 आज (9 मार्च, सोमवार) ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह के अभिभाषण से हुई, जिसमें सरकार ने विकास, रोजगार सृजन, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा सुधार और 2047 तक विकसित उत्तराखंड बनाने के लक्ष्य को प्रमुखता दी।

राज्यपाल ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक एक विकसित राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्यरत है। इसके लिए आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत ढांचे के मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने पहाड़ और मैदान दोनों क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

शिक्षा क्षेत्र में नकल मुक्त परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए राज्यपाल ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कानून लागू किए गए हैं। युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार अवसर प्रदान करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता बताते हुए अभिभाषण में ‘लखपति दीदी’ योजना का जिक्र किया गया, जिसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। महिलाओं को बैंक ऋण, स्वरोजगार और आय वृद्धि के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रोजगार सृजन के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस योजना से हजारों युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने में आर्थिक सहायता मिली है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बताते हुए चारधाम यात्रा के साथ शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाओं पर प्रकाश डाला गया। विंटर टूरिज्म, धार्मिक, सांस्कृतिक और साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहन देकर साल भर पर्यटन गतिविधियां सुनिश्चित करने और स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान करने का प्रयास जारी है।

ग्रामीण विकास, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी योजनाओं और सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में काम हो रहा है। कृषि, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने और बेहतर विपणन के प्रयास जारी हैं। राज्यपाल ने पारदर्शी, जवाबदेह और जन-भागीदारी वाले प्रशासन की प्रतिबद्धता जताई। विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।

यह बजट सत्र ऐतिहासिक है क्योंकि पहली बार राज्यपाल के अभिभाषण के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दोपहर में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर रहे हैं, जिसकी अनुमानित राशि लगभग 1.11 लाख करोड़ रुपये है। सत्र 13 मार्च तक चलेगा, जिसमें विकास, रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।

ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच तेल $110 के पार जाने से शेयर बाजार में हाहाकार, डूबे ₹12 लाख करोड़

0

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के तेज़ होने से सोमवार (9 मार्च 2026) को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी में 3% से अधिक की जोरदार टूट देखी गई, जिससे निफ्टी 24,000 के स्तर से नीचे फिसल गया।

सुबह के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 2,300 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ 76,750 के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 23,700 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में बिकवाली का दबाव इतना अधिक रहा कि निफ्टी50 के 48 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि केवल कोल इंडिया और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे कुछ ही शेयर हल्की तेजी दिखा रहे थे। आईटी, बैंकिंग, एफएमसीजी, इंफ्रा, फार्मा और रेलवे सेक्टर समेत सभी प्रमुख सेक्टरों में भारी बिकवाली देखी गई।

इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है, जहां ईरान-अमेरिका संघर्ष के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया। ब्रेंट क्रूड 25% से अधिक चढ़कर 115-119 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी 113 डॉलर के पार चला गया। यह जुलाई 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है। सप्लाई चेन में रुकावट की आशंका, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल परिवहन प्रभावित होने से, वैश्विक बाजारों में दहशत फैल गई।

एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट आई—दक्षिण कोरिया का कोस्पी 7% से अधिक टूटा, जबकि जापान का निक्केई 6.5% नीचे आ गया। गिफ्ट निफ्टी ने भी सुबह 3% से अधिक की गिरावट का संकेत दिया था। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली जारी रही—शुक्रवार को उन्होंने 6,030 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। रुपये में भी कमजोरी आई और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.28 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया। इंडिया VIX में 21% से अधिक की तेजी आई, जो बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत दे रही है।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) जैसे IOC, BPCL और HPCL के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई, क्योंकि उच्च कच्चे तेल की कीमतों से उनके मार्जिन पर दबाव बढ़ा। हालांकि, सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाने का भरोसा दिया है। ऊपरी तेल कंपनियां जैसे ONGC फिलहाल गेनर्स रहीं।

जियोपॉलिटिकल इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट आनंद जेम्स ने चेतावनी दी कि निफ्टी 23,535 के स्तर को तोड़ने पर गिरावट और गहरा सकती है, जो 22,000 या इससे भी नीचे 19,000 तक जा सकती है। तेजी की संभावना 24,000 से ऊपर टिके रहने पर निर्भर है। घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) बाजार में सपोर्ट देने की कोशिश कर रहे हैं और हाल के सत्रों में 58,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश किया है।

यूकॉस्ट ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर 27 महिलाओं को किया सम्मानित

0

देहरादून: उत्तराखंड स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (यूकॉस्ट) ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें 7 महिलाओं को पांचवें “विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान-2026” 20 महिलाओं को आठवें “हिमालयी नारी शक्ति सम्मान-2026” से नवाजा गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “स्टार्टअप्स, नवाचार एवं उद्यमिता में महिलाओं की भागीदारी” रहा।

यह आयोजन इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के सभागार में दिव्य हिमगिरि और सरादस्ता के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। महिला उद्यमियों की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका उद्घाटन एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) भानु दुग्गल ने किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अध्यक्षा न्यायाधीश सुश्री कुमकुम रानी ने भाग लिया। प्रो. दुग्गल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में महिलाओं की उद्यमिता की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर का उदाहरण देते हुए बताया कि 18वीं शताब्दी में उन्होंने माहेश्वरी साड़ियों का ब्रांड स्थापित कर आज लाखों महिलाओं के लिए उद्यमिता का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने नई पीढ़ी से अपील की कि समानता का मतलब पुरुषों की नकल या व्यसनों की ओर मुड़ना नहीं है।

कॉनक्लेव की मुख्य पैनलिस्ट डॉ. हरिका आर. राजेश कुमार ने कहा कि महिलाएं घर और बाहर दोनों जगह बेहतरीन प्रबंधक साबित होती हैं, इसलिए उनसे बेहतर उद्यमी कोई नहीं। अनुराधा डोवल, ममता रावत, श्रद्धा नेगी और गीता चंदोला ने भी अपनी सफलता की प्रेरक कहानियां साझा कीं।

यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. डॉ. दुर्गेश पंत ने बताया कि “शी फॉर स्टेम” कार्यक्रम के तहत राज्य के सभी 13 जिलों में महिलाओं और छात्राओं को विज्ञान-प्रौद्योगिकी के माध्यम से उद्यमिता की ओर प्रेरित किया जा रहा है। न्यायाधीश कुमकुम रानी ने पुरस्कृत महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि सुशिक्षित और उद्यमशील महिलाएं राष्ट्र और समाज के विकास के लिए आवश्यक हैं।

इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के चेयरमैन इंजी. सीपी शर्मा ने विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व की सराहना की। कार्यक्रम का स्वागत डॉ. कुँवर राज अस्थाना ने किया, संचालन डॉ. मंजू सुंदरियाल ने तथा धन्यवाद डॉ. ओ.पी. नौटियाल ने दिया।

विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान-2026 प्राप्तकर्ता:

  • सुषमा बहुगुणा
  • रंजना कुकरेती शर्मा
  • डॉ. रीमा पंत (शिक्षाविद्)
  • राजुली भट्ट
  • सोनिया देवी
  • डॉ. विजेता बिष्ट
  • मोनिका बोहरा

हिमालयी नारी शक्ति सम्मान-2026 प्राप्तकर्ता:

  • अनुराधा डोवल
  • मधु गुप्ता
  • डॉ. रमा गोयल
  • डॉ. ममता कुंवर
  • डॉ. वीना अस्थाना
  • ममता रावत
  • श्रुति जोशी
  • श्वेता ध्यानी
  • वंदना श्रीवास्तव
  • श्रद्धा नेगी
  • गीता चंदोला
  • अर्चना थपलियाल
  • प्रीति मनराल
  • इंजी. बबीता कोहली
  • डॉ. मंजू ओ. पाई
  • डॉ. हरिका आर. राजेश कुमार
  • डॉ. शेफाली अग्रवाल
  • डॉ. बबीता बेहेरा
  • सुरभि माथुर
  • अमिता गर्ग

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, छात्राएं और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें पूर्व तकनीकी शिक्षा निदेशक आरपी गुप्ता, हिमांशु अवस्थी आदि शामिल थे। यह आयोजन महिलाओं की वैज्ञानिक, उद्यमी और सामाजिक भूमिका को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

उत्तराखंड में फ्लाईओवर पर टकराई गाड़ियां, दो में लगी आग, महिला की मौत की आशंका

0

देहरादून: देहरादून से एक धार्मिक कार्यक्रम से वापस लौट रही श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली का एक ट्रक और बस से जोरदार टकराव हो गया। इस भीषण दुर्घटना में ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर (ट्रक) में आग लग गई, जिससे इलाका दहशत में आ गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में एक महिला की मौत होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई अन्य लोग घायल हो सकते हैं।

हादसा देहरादून के आसपास के किसी प्रमुख मार्ग पर हुआ, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली धार्मिक आयोजन से लौट रहे लोगों को लेकर जा रही थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहनों में तुरंत आग भड़क उठी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के लोग भी सहम गए।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाने के लिए तेजी से प्रयास शुरू किए। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। पुलिस ने आसपास के इलाके को सील कर दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। घायलों को निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। मृतक महिला की पहचान और अन्य घायलों की स्थिति की पुष्टि होने के बाद ही अधिक जानकारी दी जाएगी।

उत्तराखंड : दरबार साहिब में जयकारों के साथ हुआ श्री झंडे जी का आरोहण, इनको मिला दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य

0

देहरादून: प्रेम, सद्भाव और आस्था के प्रतीक ऐतिहासिक झंडे जी का रविवार को श्री गुरु राम राय दरबार साहिब में विधि-विधान के साथ आरोहण किया गया। पुराने झंडे जी को उतारने, पूजा-अर्चना और गिलाफ चढ़ाने की दिनभर चली धार्मिक प्रक्रिया के बाद दरबार साहिब के सज्जादाशीन महंत देवेंद्र दास महाराज की अगुवाई में 94 फीट ऊंचे नए झंडे जी का विधिवत आरोहण कराया गया। इस अवसर पर देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालु और संगत इस शुभ क्षण के साक्षी बने। इस वर्ष देहरादून के व्यापारी अनिल कुमार गोयल के परिवार को दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

सुबह लगभग सात बजे विशेष पूजा के बाद पुराने झंडे जी को उतारने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद नए झंडे जी को दूध, दही और गंगाजल से स्नान कराया गया। सुबह 10 बजे से सादे गिलाफ चढ़ाने की रस्म शुरू हुई, जबकि दोपहर एक बजे दर्शनी गिलाफ चढ़ाया गया। इस दौरान महंत देवेंद्र दास महाराज ने संगत को आशीर्वाद दिया और पारंपरिक विधि के अनुसार झंडे जी का आरोहण कराया।

परंपरा के अनुसार होली के पांचवें दिन चैत्र मास की कृष्ण पंचमी को दरबार साहिब में झंडे जी के आरोहण के साथ ऐतिहासिक झंडे जी मेला का शुभारंभ हो जाता है। इस वर्ष मेला 27 मार्च को रामनवमी तक चलेगा। मेले के धार्मिक आयोजन 25 फरवरी से ही शुरू हो चुके हैं, जबकि 28 फरवरी से उत्तराखंड के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और विदेशों से संगतों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।

दरबार साहिब में श्रद्धालुओं की मान्यता है कि यहां आने वाले भक्तों की मन्नतें पूरी होती हैं। इसी आस्था के चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पावन अवसर का इंतजार करते हैं और मेले में शामिल होने के लिए देहरादून पहुंचते हैं। 10 मार्च को सुबह 7:30 बजे दरबार साहिब से नगर परिक्रमा भी निकाली जाएगी।

बताया जाता है कि गुरु राम राय महाराज, सिखों के सातवें गुरु गुरु हर राय के बड़े पुत्र थे। उनका जन्म वर्ष 1646 में पंजाब के होशियारपुर जिले के किरतपुर में हुआ था। बाद में उन्होंने देहरादून को अपनी तपस्थली बनाया और यहां दरबार साहिब की स्थापना की। लोक कल्याण और आस्था के संदेश के साथ उन्होंने एक विशाल ध्वजदंड स्थापित किया, जिससे श्रद्धालु झंडे जी के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

परंपरा के अनुसार होली के पांचवें दिन चतुर्वेदी पंचमी को गुरु राम राय महाराज का जन्मोत्सव मनाया जाता है और इसी अवसर पर ऐतिहासिक झंडे जी मेले का आयोजन होता है।

इस वर्ष देहरादून के पार्क रोड निवासी व्यापारी अनिल कुमार गोयल के परिवार ने दर्शनी गिलाफ चढ़ाया। गोयल पीपल मंडी में ‘पीतांबर दास एंड संस’ के नाम से फुटकर और थोक व्यापार करते हैं। मेले में पहुंचे बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं का कहना है कि वे हर वर्ष यहां आते हैं और गुरु महाराज के आशीर्वाद से उनके परिवारों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

पायलट को मिला तकनीकी खराबी का अलर्ट, राज्यपाल के हेलीकॉप्टर ने श्रीनगर गढ़वाल में की इमरजेंसी लैंडिंग

0

श्रीनगर गढ़वाल (पौड़ी): उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह के हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने से इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। टिहरी झील महोत्सव से लौटते हुए रविवार दोपहर करीब 1 बजे हेलीकॉप्टर श्रीनगर क्षेत्र में पहुंचा तो पायलट को तकनीकी समस्या का अलर्ट मिला। पायलट ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए जीबीके (GVK) हेलीपैड पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई।

राज्यपाल गुरमीत सिंह हेलीकॉप्टर से उतरकर पुलिस विश्राम गृह पहुंच गए हैं। सभी सुरक्षित हैं और कोई हताहत नहीं हुआ है। उनके आगे के कार्यक्रम और गैरसैंण पहुंचने के बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

बताया जा रहा है कि राज्यपाल टिहरी महोत्सव में शामिल होने के बाद ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के लिए रवाना हुए थे, जहां सोमवार 9 मार्च से विधानसभा का बजट सत्र शुरू होना है। हेलीकॉप्टर में आई अचानक तकनीकी खराबी के कारण यह आपात लैंडिंग जरूरी हो गई।

केदारनाथ धाम की पवित्र रूप छड़ को लेकर गहराया विवाद, सरकार ने दिए जांच के आदेश, बीकेटीसी मौन?

0

देहरादून: केदारनाथ धाम के अत्यंत पवित्र धार्मिक प्रतीक रूप छड़ (जिसे धर्म दंड भी कहा जाता है) के गायब होने से हड़कंप मच गया है। यह चांदी का बेशकीमती प्रतीक बाबा केदारनाथ का स्वरूप माना जाता है और इसका दर्शन केदारनाथ के दर्शन के समान पुण्यदायी होता है। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की जिम्मेदारी है कि ऐसे सभी प्रतीकों को सुरक्षित रखे, लेकिन हाल ही में भंडार गृह में यह नहीं मिलने पर मामला सुर्खियों में आ गया।

धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने इस लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताई और जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा, “धर्म दंड बेहद महत्वपूर्ण है। इसे इस तरह गायब नहीं होना चाहिए। यह कहीं बाहर नहीं ले जाया जा सकता। पूरी पड़ताल होगी कि यह कहां गया और कैसे गया।”

जानकारी के अनुसार, केदारनाथ के मुख्य रावल भीमाशंकर लिंग ने महाराष्ट्र के नांदेड़ में पट्टा अभिषेक रजत महोत्सव में भाग लेने के लिए 21 जनवरी 2026 को रूप छड़ को वहां ले जाने की अनुमति ली थी। बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय थपलियाल ने 19 जनवरी 2026 को ही यह अनुमति प्रदान कर दी थी। इसके बाद रूप छड़ महाराष्ट्र पहुंचा, लेकिन बीकेटीसी के खजाने में वापस नहीं लौटा, जिससे विवाद खड़ा हो गया।

रूप छड़ केदारनाथ धाम

पंडा-पुरोहितों और जानकारों का कहना है कि यह रावल का निजी कार्यक्रम था। केदारनाथ के धार्मिक प्रतीकों को किसी अन्य स्थान या प्रयोजन के लिए ले जाना परंपरा के विरुद्ध है। कपाट बंद होने के बाद सभी प्रतीक बीकेटीसी के खजाने में सुरक्षित रखे जाते हैं और इन्हें बाहर नहीं ले जाया जा सकता। साल 2000 में भी रावल द्वारा दक्षिण भारत ले जाने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन तब बीकेटीसी ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया था, यह कहते हुए कि ऐसी कोई परंपरा या दस्तूर नहीं है।

केदारनाथ के पुरोहित प्रवीन तिवारी ने बताया, “रूप छड़ महाराष्ट्र ले जाने की जानकारी बीकेटीसी को थी, लेकिन अब यह उत्तराखंड वापस आ चुका है और सुरक्षित है। गुम या चोरी होने की कोई बात नहीं। हालांकि, बिना उचित प्रक्रिया के इसे ले जाना उचित नहीं था।”

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और सीईओ विजय थपलियाल ने मामले पर चुप्पी साध रखी है। मीडिया से संपर्क करने की कई कोशिशों के बावजूद कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि चारधामों में धार्मिक प्रतीकों के साथ छेड़छाड़ की कोई परंपरा नहीं है। अनुमति किसने और क्यों दी? बीकेटीसी की चुप्पी से साफ है कि समिति में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा।

“मां, अगले जन्म में मुझे प्यार करना”…परिवार से तंग आकर यूट्यूबर अनुराग डोभाल ने की जान देने की कोशिश?

0

देहरादून: बिग बॉस 17 के फेमस कंटेस्टेंट और मशहूर यूट्यूबर अनुराग डोभाल उर्फ UK07 Rider ने शनिवार को इंस्टाग्राम लाइव के दौरान अपनी जान देने की कोशिश की। लाइव स्ट्रीम में भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “मां, अगर अगले जन्म में आऊं तो बस प्यार दे देना… बहुत जरूरत थी प्यार की।” इसके बाद उन्होंने “फाइनल ड्राइव” पर चलते हुए अपनी टोयोटा फॉर्च्यूनर कार को 150 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (या दिल्ली-देहरादून हाईवे) पर डिवाइडर से टकरा दिया।

हादसे का पूरा वाकया लाइव कैमरे में कैद हो गया, जिसमें अनुराग आंसुओं के साथ परिवार से परेशानी और मानसिक प्रताड़ना की बात कर रहे थे। उन्होंने पेरेंट्स पर मेंटल हैरासमेंट का आरोप लगाया और कहा कि अगर कुछ होता है तो इसके लिए उनके परिवार जिम्मेदार होंगे। लाइव में करीब 80,000 से अधिक लोग उन्हें देख रहे थे, जब अचानक कार डिवाइडर से जा टकराई और लाइव बंद हो गया।

दुर्घटना के बाद अनुराग गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें ICU में भर्ती कराया गया है। उनकी कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मैनेजर और टीम ने अपडेट देते हुए बताया कि वे फिलहाल निगरानी में हैं और हालत स्थिर है, लेकिन गंभीर हैं।

यह घटना अनुराग की दूसरी ऐसी कोशिश बताई जा रही है, क्योंकि हाल ही में भी वे डिप्रेशन और पारिवारिक मुद्दों से जूझ रहे थे। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद फैंस और लोग उनकी मानसिक स्थिति को लेकर चिंतित हैं। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है, जबकि यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह जानबूझकर की गई आत्महत्या की कोशिश थी या दुर्घटना।

उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र की सुरक्षा व्यवस्था पूरी, अपर पुलिस महानिदेशक ने दी ब्रीफिंग

0

देहरादून: सोमवार से शुरू हो रहे उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के लिए पुलिस प्रशासन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) ने तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए ड्यूटी पर तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को विस्तृत ब्रीफिंग दी।

ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि ड्यूटी के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए, किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही न हो और महानुभावों की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का 100% अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

विधानसभा गेट पर तैनात पुलिस कर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि आने-जाने वाले सभी व्यक्तियों और वाहनों की गहन जांच की जाए। केवल अधिकृत व्यक्तियों और वैध पासधारकों को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाए।

इसके अलावा, पुलिस बल को निर्देशित किया गया है कि ड्यूटी के दौरान व्यवहार संयमित, मर्यादित और संवेदनशील रखा जाए। किसी भी असामान्य स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अपने प्रभारी अधिकारी को दी जाए, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

यह बजट सत्र भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में आयोजित होने जा रहा है, जहां सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं।