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जंगली हाथी के तांडव से दहशत, एक सप्ताह में 16 से अधिक लोगों को उतार चुका मौत के घाट

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चाईबासा : झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में एक आदमखोर दंतैल जंगली हाथी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। नोवामुंडी प्रखंड के जेटेया थाना क्षेत्र अंतर्गत बाबरिया गांव में 6 जनवरी की रात करीब 10 बजे हुए हमले में एक ही परिवार के चार सदस्यों सहित कुल पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में सनातन मेराल, उनकी पत्नी जोंकों कुई और उनके दो मासूम बच्चे शामिल हैं। इसी गांव में दूसरे परिवार के मोगदा लागुरी भी हाथी की चपेट में आकर मारे गए।

ग्रामीणों के अनुसार, सभी लोग अपने घरों में सो रहे थे जब अचानक हाथी ने कच्चे घरों पर हमला बोल दिया। इस दौरान परिवार का एक बच्चा किसी तरह भागकर जान बचाने में सफल रहा। घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

हाथी का आतंक यहीं नहीं रुका। पास के बड़ा पासीया और लांपाईसाई गांवों में भी एक-एक ग्रामीण की मौत हुई, हालांकि इन मृतकों की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो पाई थी।

सूचना मिलते ही वन विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। हाथी की निगरानी की जा रही है और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के साथ-साथ सुरक्षा उपायों का आश्वासन दिया गया है।

एक सप्ताह में लगातार मौतें: तिथिवार घटनाएं

पिछले एक सप्ताह में इस दंतैल हाथी ने कई गांवों में तांडव मचाया है। प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:

  • 1 जनवरी: टोंटो प्रखंड के बांडीझारी गांव में मंगल सिंह हेंब्रम (35), बिरसिंहहातु गांव में उर्दू बहंदा (55) और सदर प्रखंड के रोरो गांव में विष्णु सुंडी (57) की मौत। दो महिलाएं घायल।
  • 2 जनवरी: गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सायतवा गांव में रेंगा कयोम (13) की मौत। चक्रधरपुर के बाईपी गांव में ढिंगी गागराई (10) घायल।
  • 4 जनवरी: गोइलकेरा के अमराई कितापी गांव में एक 47 वर्षीय महिला की मौत, उनके पति रंजन टोपनो और बेटे काहिरा टोपनो घायल।
  • 5 जनवरी: गोइलकेरा के मिस्त्रीबेड़ा गांव में जोंगा लागुरी (50) की मौत, उनके पति चंद्र मोहन लागुरी घायल। सोवा गांव में कुंदरा बाहदा, उनके 6 वर्षीय बेटे कोदमा और 8 माह की बेटी सामू की मौत; 3 वर्षीय जिंगीं बाहदा घायल।
  • 6 जनवरी: सोवा से पाटुंग होते हुए कुईलसूता गांव में जगमोहन सवईया (21) की मौत। इसके बाद बाबरिया और आसपास के गांवों में 7 मौतें।

इन घटनाओं में कुल 16 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में भोजन की कमी और मानवीय हस्तक्षेप के कारण हाथी बस्तियों की ओर भटक रहे हैं। वन विभाग ने विशेष टीम तैनात की है, लेकिन ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र में गुराडी गांव में भीषण आग, तीन परिवारों के घर जलकर राख, कई पशुओं की मौत

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उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की तहसील मोरी अंतर्गत ग्राम गुराडी में बुधवार सुबह लगभग 5:19 बजे अचानक आग लगने की घटना सामने आई। ग्राम प्रधान द्वारा दी गई सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आपातकालीन परिचालन केंद्र उत्तरकाशी ने राजस्व विभाग, अग्निशमन सेवा, SDRF, पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग और 108 एंबुलेंस टीम को मौके पर रवाना किया।

टीमों के साथ स्थानीय लोगों के सहयोग से सुबह करीब 7:35 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। तहसीलदार मोरी के अनुसार, यह अग्निकांड शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ बताया जा रहा है।

इस हादसे में तीन परिवारों के मकान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। प्रभावित परिवार निम्न हैं:

श्री रामचंद्र पुत्र धर्म दत्त (गांव गुराडी, पोस्ट नैटवार, मोरी, उत्तरकाशी)

पशु हानि: 2 गायें, 1 बैल

श्री भरत मणि पुत्र केदार दत्त

पशु हानि: 5 बकरियां, 1 गाय

श्री ममलेश पुत्र श्री भरत मणि

पशु हानि: 2 भेड़ें, 1 गाय, 2 बकरियां

इन परिवारों के कई पशु आग में जलकर मर गए, जिससे उनकी आजीविका पर गहरा असर पड़ा है। सौभाग्य से इस घटना में किसी मनुष्य की जान नहीं गई।

राजस्व विभाग मोरी ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए प्रत्येक प्रभावित परिवार को 2 कंबल, 1 तिरपाल और 5,000 रुपये नकद सहायता प्रदान की। कुल मिलाकर 6 कंबल, 3 तिरपाल और 15,000 रुपये का वितरण किया गया।

प्रशासन द्वारा विस्तृत क्षति आकलन किया जा रहा है और आगे की रिपोर्ट अलग से जारी की जाएगी। ऐसे हादसों से बचाव के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली तारों की नियमित जांच और जागरूकता की जरूरत महसूस की जा रही है।

गांवों के विकास में मील का पत्थर बनेगा VB-G RAM G अधिनियम: सीएम धामी

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देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में मीडिया से बातचीत में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) अधिनियम को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार नीति की संरचनात्मक पुनर्रचना है, जो गांवों को मजबूत और विकसित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सीएम धामी ने बताया कि VB-G RAM G अधिनियम ग्रामीण परिवारों को पहले के 100 दिनों की बजाय 125 दिनों का रोजगार गारंटी प्रदान करेगा, जो 25 प्रतिशत अधिक है। यदि 15 दिनों में काम नहीं मिलता तो बेरोजगारी भत्ता अनिवार्य रूप से दिया जाएगा और इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। भुगतान साप्ताहिक होगा और देरी पर मुआवजा मिलेगा।

अधिनियम में पारदर्शिता के लिए आधुनिक तकनीकों का प्रावधान किया गया है, जिसमें बायोमेट्रिक हाजिरी, जियो-टैगिंग, GIS मैपिंग, मोबाइल ऐप, सार्वजनिक डैशबोर्ड, AI आधारित फ्रॉड डिटेक्शन और साल में दो बार सोशल ऑडिट शामिल हैं। सीएम ने इसे भ्रष्टाचार मुक्त योजना बनाने वाला कदम बताया।

किसानों के हितों की रक्षा के लिए बुवाई-कटाई के मौसम में अधिकतम 60 दिनों तक योजना के कार्य रोके जा सकेंगे, जिससे मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और खेती की लागत नहीं बढ़ेगी।

ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं को सशक्त बनाते हुए कार्यों का चयन अब ग्राम सभा ही करेगी। कम से कम 50 प्रतिशत कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर होंगे। योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका परिसंपत्तियां और आपदा प्रबंधन से जुड़े उपयोगी कार्य जैसे तालाब, चेकडैम, सड़क, नाली, स्कूल, अस्पताल, SHG शेड, स्किल सेंटर और ग्रामीण हाट आदि बनाए जाएंगे।

महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए स्किल सेंटर और शेड निर्माण जैसे कार्य प्राथमिकता पर होंगे, जिससे गांव में ही रोजगार मिलेगा।

प्रशासनिक मजबूती के लिए प्रशासनिक व्यय 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, ताकि ग्राम रोजगार सहायक और अन्य स्टाफ का मानदेय व प्रशिक्षण बेहतर हो। वित्तीय प्रबंधन में हिमालयी राज्यों जैसे उत्तराखंड के लिए केंद्र का योगदान 90:10 रहेगा, जिससे राज्य पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

सीएम धामी ने कहा कि यह अधिनियम उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और आपदा संवेदनशील राज्य के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा। यह जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन और ग्रामीण अवसंरचना को मजबूत कर गांवों को आत्मनिर्भर बनाएगा। SBI के विश्लेषण के अनुसार, इससे राज्यों को करीब 17,000 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि VB-G RAM G गरीब विरोधी नहीं, बल्कि गरीबी के मूल कारणों पर प्रहार करने वाली योजना है, जिसमें अधिक रोजगार, समय पर वेतन, कानूनी जवाबदेही और तकनीकी पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीएम पुष्कर सिंह धामी का बयान, कहा-अन्याय नहीं होने देंगे 

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देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2022 के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड पर बयान देते हुए कहा कि सरकार ने मामले में शुरुआत से ही सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि सभी तथ्यों की जांच के लिए तत्काल एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप तीनों आरोपियों को कठोर कारावास की सजा हो चुकी है।

हालिया ऑडियो क्लिप विवाद पर बोलते हुए सीएम धामी ने कहा कि ऑडियो जारी करने वालों से जवाब मांगा जा रहा है, ताकि मामले में पूरी पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऑडियो में कई तरह की बातें हैं, इसलिए इसकी सत्यता की जांच आवश्यक है। एक ऑडियो के आधार पर विपक्ष राज्य में बड़ा बवंडर खड़ा कर रहा है और राज्य को बदनाम करने के लिए दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है।

सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार हर प्रकार की जांच के लिए तैयार है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ऑडियो रिलीज करके फिर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करना क्या कोई षड्यंत्र नहीं है? साथ ही, उन्होंने पूर्व विधायक सुरेश राठौर से भी सार्वजनिक रूप से सामने आने की अपील की।

गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य सहित तीन आरोपियों को पहले ही उम्रकैद की सजा हो चुकी है। हाल के ऑडियो विवाद ने मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है, जिस पर विपक्ष सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। सरकार का कहना है कि अगर ठोस सबूत हैं तो जांच से पीछे नहीं हटेगी।

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने की स्याना चट्टी में जमा मलबे को शीघ्र हटाने की मांग, सीएम धामी ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश

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देहरादून: पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर स्याना चट्टी क्षेत्र में यमुना नदी में जमा भारी मलबे को तत्काल हटाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने इस पर संज्ञान लेते हुए उत्तरकाशी जिलाधिकारी को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

गत वर्ष अगस्त महीने में गटगाड़ और डडोटी गाड़ में आए भारी भूस्खलन व भूधंसाव के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिससे यमुना नदी का बहाव अवरुद्ध हो गया। इससे स्याना चट्टी क्षेत्र और वहां स्थित मोटर पुल जलमग्न हो गया था। प्रशासन के प्रयासों से पानी का स्तर तो कम हुआ, लेकिन नदी तल में लगभग 30 फीट ऊंचा मलबा और पत्थर जमा हो गए हैं।

वर्तमान में मात्र 4 फीट अतिरिक्त पानी आने से पुल फिर डूब सकता है और बहने का खतरा पैदा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एक सप्ताह के अंदर मलबा नहीं हटाया गया तो पुल और स्याना चट्टी क्षेत्र को गंभीर क्षति पहुंच सकती है। यमुनोत्री धाम जाने का यह एकमात्र मार्ग है, जिसके बंद होने से लाखों श्रद्धालु दर्शन से वंचित रह जाएंगे। इससे क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा, हजारों लोग बेरोजगार हो सकते हैं और अरबों रुपये की आर्थिक क्षति संभव है।

नए वर्ष में यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने में अब बहुत कम समय बचा है। यदि शीघ्र मलबा नहीं हटाया गया तो चारधाम यात्रा सीजन पर गंभीर असर पड़ेगा और बड़े पैमाने पर तबाही हो सकती है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू होगा।

BREAKING: आदर्श नगर में डीएमआरसी स्टाफ क्वार्टर में भीषण आग, एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत

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नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में स्थित दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के स्टाफ क्वार्टर में मंगलवार तड़के लगी भीषण आग में एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान 42 वर्षीय अजय विमल (या अजय कुमार), उनकी पत्नी नीलम (38 वर्षीय) और उनकी 10 वर्षीय बेटी जाह्नवी के रूप में हुई है।

दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, आग लगने की सूचना रात करीब 2:39 बजे मिली थी। सूचना मिलते ही पांच दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। आग पांचवीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में लगी थी, जो घरेलू सामान से शुरू होकर तेजी से फैल गई। आग पर काबू पाने के बाद तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें फ्लैट से तीनों के जले हुए शव बरामद हुए।

आग बुझाने के दौरान एक दमकलकर्मी राकेश घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आग लगने के सटीक कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

यह हादसा मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पास स्थित डीएमआरसी क्वार्टर में हुआ, जिससे इलाके में मातम पसर गया है। स्थानीय निवासियों और डीएमआरसी कर्मियों में शोक की लहर है। पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर सबूत जुटा रही है।

ब्रेकिंग: अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया ट्विस्ट, उर्मिला सनावर की सोशल मीडिया में नई पोस्ट, SIT के सामने पेश होने और सबूत देने का दावा

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देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर सनसनी फैल गई है। लंबे समय से सार्वजनिक रूप से गायब और पुलिस की तलाश में चल रही अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने करीब एक सप्ताह बाद सोशल मीडिया पर वापसी की है। उनकी नई पोस्ट ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।

उर्मिला सनावर, जो खुद को पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताती हैं, ने अपनी पोस्ट में दावा किया है कि वे अंकिता हत्याकांड की जांच कर रही SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) के सामने पेश होने को पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे ठोस सबूत हैं, जो पूरे मामले की दिशा बदल सकते हैं। यदि ये सबूत प्रमाणित हुए, तो किसी बड़े VIP के चेहरे से पर्दा उठ सकता है।

यह पोस्ट वायरल ऑडियो-वीडियो प्रकरण के बाद आई है, जिसमें उर्मिला ने कथित तौर पर कुछ रसूखदार नेताओं के नाम लिए थे। इसके बाद पुलिस उनकी लोकेशन ट्रेस करने में जुटी थी और उनके खिलाफ कई मुकदमे भी दर्ज हुए थे। पुराने मामलों के साथ-साथ मानहानि और अफवाह फैलाने के आरोपों में नोटिस और वारंट भी जारी हुए थे।

पोस्ट सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां CBI जांच की मांग को और जोर दे रहे हैं, वहीं सत्ताधारी पक्ष इसे पुराने मामले को भड़काने की साजिश बता रहा है। SIT और पुलिस की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

गौरतलब है कि 2022 के इस हत्याकांड में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को पहले ही उम्रकैद की सजा हो चुकी है, लेकिन VIP एंगल को लेकर विवाद लगातार बना हुआ है। उर्मिला की यह वापसी मामले को नए मोड़ पर ले जा सकती है।

उत्तराखंड: 32 सीटर बस के भीतर का हाल देखकर दंग रह गए परिवहन विभाग के अधिकारी

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ऋषिकेश: छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का गंभीर मामला सामने आया है। राजस्थान के धौलपुर जिले के एक स्कूल के 100 से अधिक छात्र शैक्षिक भ्रमण पर ऋषिकेश पहुंचे थे, लेकिन उन्हें लेकर आई स्लीपर बस में भयंकर ओवरलोडिंग की गई थी। 32 स्लीपर सीटों वाली बस में कुल 120 यात्री सवार थे, जिसमें ज्यादातर छात्र थे।

सोमवार शाम करीब 6 बजे गंगोत्री राजमार्ग पर भद्रकाली मंदिर के पास परिवहन विभाग की टीम वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान आगरा नंबर की यह स्लीपर बस भद्रकाली तिराहा पार कर ब्रह्मानंद मोड़ की ओर जा रही थी। बस के आगे ‘स्कूल शैक्षिक भ्रमण’ का फ्लेक्स बोर्ड लगा हुआ था।

जब अधिकारियों ने बस रोकी और अंदर झांका तो हैरान रह गए। बस में राजस्थान के धौलपुर जिले स्थित मां भगवती विद्यापीठ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तसीमो के 100 से अधिक छात्र ठूंसकर बैठाए गए थे। चालक और परिचालक ने वर्दी भी नहीं पहनी थी। चालक के पास पर्वतीय क्षेत्रों में वाहन चलाने की विशेष अनुमति भी नहीं थी। वह बस को तपोवन से आगे ले जाने की बात कह रहा था।

मामले को गंभीरता से लेते हुए एआरटीओ (प्रवर्तन) रश्मि पंत ने बस का 21,500 रुपये का चालान काटा और उसे सीज कर दिया। छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें रोडवेज बसों से हरिद्वार रेलवे स्टेशन तक सुरक्षित पहुंचाया गया।

एआरटीओ रश्मि पंत ने कहा, “छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। ओवरलोडिंग जैसी लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में वाहन चालकों से नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।

उत्तराखंड मौसम अपडेट: पहाड़ों में बर्फबारी की संभावना, मैदानों में घने कोहरे का येलो अलर्ट

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देहरादून: उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मंगलवार को पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने के आसार हैं, जबकि मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाने से ठंड और बढ़ सकती है।

उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों (खासकर 2800 मीटर से अधिक) में हल्की बर्फबारी की संभावना जताई गई है। द्रोणागिरी की ऊंची चोटियां पहले से ही बर्फ से ढकी हुई हैं, और बद्रीनाथ-केदारनाथ जैसे क्षेत्रों में भी सफेद चादर बिछने की उम्मीद है। यह बर्फबारी पर्यटकों को आकर्षित कर सकती है, लेकिन ऊंचाई वाले रास्तों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

वहीं, मैदानी जिलों में स्थिति अलग है। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी के कुछ हिस्सों में घना कोहरा और पाला पड़ने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इससे शीत दिवस (कोल्ड डे) जैसी स्थिति बन सकती है, जिसमें दिन का तापमान भी काफी कम रहेगा। कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम होने से यातायात प्रभावित हो सकता है।

सोमवार को मैदानी क्षेत्रों में दिन में कोहरे से कुछ राहत मिली, लेकिन शीत लहर ने ठंड बढ़ा दी। देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पर्वतीय इलाकों में तापमान में गिरावट देखी गई।

आने वाले दिनों की बात करें तो 11 जनवरी तक全省 में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। IMD के अनुसार, उत्तर भारत में कोल्ड वेव और फॉग की स्थिति जारी रहेगी, लेकिन उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में छिटपुट बर्फबारी से ठंड और गहरा सकती है।

अंकिता भंडारी मामले में लगाए गए आरोपों पर दुष्यंत कुमार गौतम ने किया अदालत का रुख 

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अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया और कुछ राजनीतिक दलों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम ने अपने ऊपर लगाए गए कथित “VIP” आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। दुष्यंत कुमार गौतम की ओर से अदालत में दाखिल याचिका में कहा गया है कि अंकिता भंडारी प्रकरण में उनका नाम बिना किसी जांच, सबूत या न्यायिक आधार के घसीटा जा रहा है, जबकि उत्तराखंड पुलिस और SIT पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि इस मामले में किसी भी VIP की कोई भूमिका नहीं थी।

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अदालत में पेश की गई लोकेशन और तारीख़ों की जानकारी

मानहानि याचिका के साथ दुष्यंत कुमार गौतम ने अदालत में सितंबर 2022 के दौरान अपनी लोकेशन से जुड़े दस्तावेज़ और सोशल मीडिया रिकॉर्ड भी प्रस्तुत किए हैं, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि घटना के समय वे उस स्थान पर नहीं थे और न ही उस स्थान से उनका कोई संबंध था।

याचिका के अनुसार दुष्यंत कुमार गौतम की लोकेशन इस प्रकार रही—

  •  10 सितंबर 2022 – नई दिल्ली
  • 13 सितंबर 2022 – नई दिल्ली
  • 14 सितंबर 2022 – नई दिल्ली
  • 15 सितंबर 2022 – नई दिल्ली
  • 16 सितंबर 2022 – उत्तर प्रदेश
  • 17 सितंबर 2022 – नई दिल्ली
  • 18 सितंबर 2022 – नई दिल्ली
  • 19 सितंबर 2022 – उड़ीसा
  • 20 सितंबर 2022 — नई दिल्ली

इन तिथियों के समर्थन में सार्वजनिक कार्यक्रमों, बैठकों और सोशल मीडिया गतिविधियों के स्क्रीनशॉट भी अदालत में दाखिल किए गए हैं, जिनसे यह साफ होता है कि जिस समय अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़ी घटनाएं सामने आईं, उस दौरान दुष्यंत कुमार गौतम पूरी तरह अन्य राज्यों में सक्रिय थे।

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VIP नैरेटिव’ को बताया गया मनगढ़ंत

याचिका में यह भी कहा गया है कि कुछ लोगों और राजनीतिक दलों ने बिना किसी ठोस आधार के “VIP” शब्द गढ़कर उसे दुष्यंत कुमार गौतम से जोड़ने की कोशिश की, जबकि चार्जशीट, ट्रायल और किसी भी न्यायिक दस्तावेज़ में उनका नाम कहीं नहीं है। दुष्यंत कुमार गौतम का कहना है कि यह पूरा अभियान उनकी छवि खराब करने, राजनीतिक लाभ लेने और एक संवेदनशील मामले को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश है।

सोशल मीडिया ट्रायल पर सवाल

याचिका में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चलाए जा रहे “मीडिया ट्रायल” पर भी सवाल उठाए गए हैं और अदालत से आग्रह किया गया है कि झूठे और मानहानिकारक कंटेंट को हटाया जाए एवं बिना सबूत आरोप लगाने वालों पर रोक लगाई जाए।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में जहां एक ओर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया अपने निष्कर्ष पर पहुंच चुकी है, वहीं अब दुष्यंत कुमार गौतम द्वारा अदालत में दायर यह मानहानि मुकदमा उन आरोपों पर सीधा सवाल खड़ा करता है, जो बिना तथ्यों और जांच के सार्वजनिक मंचों पर उछाले जा रहे हैं।