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दिल्ली आ रही फ्लाइट में बम की सूचना से हड़कंप, 400 लोग थे सवार

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मॉस्को से दिल्ली आ रही फ्लाइट संख्या एसयू 232 में गुरुवार रात बम होने की सूचना मिली। शुक्रवार तड़के लगभग 3.20 बजे यह विमान आईजीआई के रनवे संख्या 29 पर उतरा। जहां फ्लाइट से 386 यात्री और 16 क्रू मेंबर को उतारा गया। इसके बाद विमान की जांच की गई जिसमे कुछ संदिग्ध नहीं मिला है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि विमान की जांच की जा रही है और तहकीकात जारी है।

जानकारी के अनुसार, रात को 11.30 बजे दिल्ली पुलिस को एक फोन आया। जिसमें बताया गया कि मॉस्को से दिल्ली आ रहे विमान में बम है। इसके बाद सभी एजेंसियों को अलर्ट किया गया। विमान के तड़के 3.30 बजे आईजीआई एयरपोर्ट पर लैंड होते ही सभी यात्रियों के बैग और सामान की चेकिंग की गई। फ्लाइट को भी चेक किया गया। रेस्क्यू टीम भी आईजीआई एयरपोर्ट पहुंची। अभी तक की जांच में पुलिस को कुछ संदिग्ध नहीं मिला है। इसलिए माना जा रहा है कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत होगी।

कुछ दिन पहले ही ईरान के महान एयर के विमान में लाहौर एयर ट्रैफिक कंट्रोस से बम होने की सूचना मिली। इसके बाद विमान को भारतीय क्षेत्र में उतारने की इजाजत मांगी गई जिससे एटीसी ने इनकार कर दिया। जोधपुर एयरबेस से भारतीय वायुसेना के सुखोई विमान को इसके पीछे लगाया गया। हालांकि बाद में यह सूचना झूठी निकली।

SC में मोदी सरकार पर बरसे सुब्रमण्यम स्वामी, बोले- रामसेतु पर चुप क्यों है सरकार?

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नई दिल्ली : सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की। स्वामी ने कोर्ट से मांग की है कि वह केंद्र सरकार को रामसेतु को राष्ट्रीय विरासत घोषित करने का आदेश दे। सुनवाई के दौरान सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि पिछले 8 साल से मोदी सरकार ने इस संबंध में कोर्ट में एक भी हलफनामा नहीं दिया है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने कहा है कि सरकार जवाब दाखिल करे और इसकी एक कॉपी स्वामी को भी दे।

केंद्र सरकार की तरफ से अडिशनल सॉलिसिटर जनरल माधवी दीवान कोर्ट में पेश हुई थीं। बेंच ने कहा कि सुब्रमण्मय स्वामी लिखित में अपना पक्ष रख सकते हैं। इसके बाद  सुनवाई को टाल दिया गया। पिछली सुनवाई के दौरान भी  सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि केंद्र सरकार अपना रुख साफ नहीं कर रही है। उन्होंने कहा था, भारत सरकार का  हलफनामा देकर बताना चाहिए कि वह फैसला कब करेगी। यह लगातार चलता ही जा रहा है। उन्हें जवाब देना चाहिए। अगर वे इसका विरोध कर रहे हैं तब भी अपनी बात रखनी चाहिए। अगर सरकार कुछ नहीं कहती तो इसका मतलब कि वह भी रामसेतु के राष्ट्रीय विरासत घोषित कतरने के पक्ष में है।

स्वामी ने 2007 में ही यह मुद्दा उठाया था। सेतु समुद्रम शिप चैनल के विरोध में उन्होंने यह मांग रखी थी। सेतु समुद्रम प्रोजक्ट के तहत मन्नार और पाल्क स्ट्रेट के बीच 83 किलोमीटर लंबा चैनल ब नाया जाना था। दावा किया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट से रामसेतु को नुकसान होगा। इस मामले का जिक्र सुब्रमण्मय कई सार्वजिनक मंचों पर भी कर चुके हैं। कोर्ट में इसकी सुनवाई 17 अगस्त को भी हुई थी।

उत्तराखंड: एक साथ तीन पीठों के शंकराचार्यों का महासंगम, ये है पूरा कार्यक्रम

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चमोली: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य के पद पर आसीन होने के बाद पहली बार बद्रीनाथ-जोशीमठ पहुंच रहे अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के अभिनंदन की जोरदार तैयारियां चल रही हैं। इस अवसर पर रविग्राम में 17 अक्टूवर को ज्योतिष्पीठ से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती महाराज, द्वारका से शंकराचार्य सदानन्द सरस्वती महाराज व श्रृगेरी से विधुशेखर भारती महाराज तीनों पीठों के शंकराचार्याे का महा समागम होगा। महासंगम में तीनों पीठों के शंकराचार्य पहुंच रहे हैं।

ज्योतिर्मठ के प्रभारी ब्रहमचारी मुकुदानन्द ने बताया कि महा समागम के दौरान तीन पीठों के शंकराचार्य के दर्शन करने का पुण्य लाभ क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि ज्योतिष्पीठ से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती महाराज, द्वारका से शंकराचार्य सदानन्द सरस्वती महाराज व श्रृगेरी से विधुशेखर भारती महाराज 15 अक्टूवर को बदरीकाश्रम पहुंच रहे है। 16 अक्टूवर को तीनों शंकराचार्य केदारनाथ के दर्शन करने के बाद ज्योतिर्मठ पहुचगे ओर 17 अक्टूवर को नगर में विशाल शोभा यात्रा निकाली जायेगी।

शोभायात्रा में गढ़वाल की संस्कृति ढोल, वेदपाठ, वेदपाठ आचार्याें के साथ शोभा यात्रा रविग्राम मे स्थित जेपी मैदान मे पहुंचेगी, जहां पर महासम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। महासम्मेलन में गढ़रत्न नरेन्द्र सिह नेगी जी गणेश वंदना प्रस्तुत करेंगे। साथ ही गढ़वाली मांगल गीत को प्रस्तुत करने वाली नंदा सती मांगल गीत की प्रस्तुति देगी । कार्यक्रम में विश्व धरोहर रम्माण की प्रस्तुति भी आयोजित की जायेगी।

उत्तराखंड : बद्रीनाथ धाम पहुंचे उद्योगपति मुकेश अंबानी, दान किए 5 करोड़

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चमोली:  रिलाइंस इंडस्ट्री के मालिक मुकेश अंबानी आज बदरीनाथ धाम पहुंचे। बदरीनाथ धाम पहुंचने पर मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुकेश अंबानी ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। वहीं, मुकेश अंबानी ने बदरी केदार मंदिर समिति को पांच करोड़ रुपये का दान दिया है।

इस दौरान उन्होंने गीता पाठ पूजा में भाग लिया। इसके बाद बदरीनाथ धाम में अपने गेस्ट हाउस कोकिला निवास में थोड़ी देर आराम करने के बाद हेली से वापस लौटे। भगवन वादरी विशाल के प्रति मुकेश अंबानी की अटूट आस्था है। इसलिए हर साल वह भगवन बदरी विशाल के दर्शन करना नहीं भुलते हैं।

देश के प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी अपने सहयोगियों के साथ आज सुबह करीब सात बजे अपने विशेष विमान से देहरादून के जोलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद वह एयरपोर्ट से सुबह आठ बजे विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्‍होंने पूजा अर्चना की। इसके बाद उकना केदारनाथ धाम जाने का भी कार्यक्रम है। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के प्रति मुकेश अंबानी के मन में अगाध आस्‍था है। वह अक्‍सर अपने परिवार के साथ यहां अक्‍सर आते रहते हैं।

उत्तराखंड में यूपी पुलिस पर चली गोलियां, अस्पताल में भर्ती, पढ़ें पूरी खबर

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ऊधमसिंह नगर : ऊधमसिंह नगर जिले के कुंडा थाना क्षेत्र में यूपी पुलिस पर जेष्ठ ब्लॉक प्रमुख और उनके फार्म हाउस पर मौजूद लोगों ने गोलियां चला दी। इस दौरान मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा थाने के इंस्पेक्टर समेेत तीन पुलिसकर्मी घोयल हो गए और जेष्ठ उपप्रमुख की पत्नी की गोली लगने से मौत हो गई।

दरअसल, यूपी की एसओजी टीम 13 सितंबर को एसडीएम पर हुए हमले के आरोपी खनन माफिया को उत्तराखंड के काशीपुर में पकड़ने पहुंची थी। इस दौरान मुरादाबाद पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। हमले में ठाकुरद्वारा कोतवाल समेत छह पुलिस कर्मी बुरी तरह घायल हो गए। जबकि गोली लगने से जसपुर ब्लॉक के ज्येष्ठ उपप्रमुख की पत्नी की मौत हो गई।

ठाकुरद्वारा पुलिस को सूचना मिली थी कि इनामी खनन माफिया थाना डिलारी ग्राम कांकरखेड़ा निवासी जफर ग्राम भरतपुर में जसपुर के ज्येष्ठ उपप्रमुख गुरताज सिंह भुल्लर के यहां छिपा हुआ है। इस सूचना पर ठाकुरद्वारा कोतवाल योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस और एसओजी की टीम ने बुधवार की शाम भुल्लर के फार्म हाउस की घेराबंदी कर ली। सादे कपड़ों में अनजान लोगों को देखकर परिजनों ने उन्हें ललकारा। पुलिस के अनुसार ग्रामीण हमलावर हो गए।

इस दौरान हुई फायरिंग में ड्यूटी कर घर लौट रही गुरताज की पत्नी गुरजीत कौर (28) को गोली लग गई। उन्हें निजी अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। फायरिंग में एसओजी के सिपाही राहुल सिंह, शिव कुमार, सुमित राठी, संगम और अनिल कुमार घायल हो गए। सभी को मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इसके साथ ही पांच पुलिसकर्मी लापता हो गए थे। इनमें से ठाकुरद्वारा थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो सकुशल मिल गएए दो अन्य अभी लापता हैं। गुस्साए लोगों ने कुंडा थाने के सामने एनएच पर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। निजी अस्पताल में उत्तराखंड हमले में घायल हुए पुलिस कर्मी संगम, अनिल और सुमित राठी ने घटना बयां की। उन्होंने अफसरों को बताया कि हमारी टीम जफर की तलाश में जुटी थी। वह ठाकुरद्वारा के पास मौजूद था।

इसी दौरान उनकी घेराबंदी की तो वह बाइक दौड़ते हुए ठाकुरद्वारा से करीब आठ किलोमीटर दूर भरतपुर स्थित फार्म हाउस में पहुंच गए। उसके शोर मचाने पर काफी संख्या में लोग जुट गए। उन्होंने गेट बंद कर लिया और हमारे साथ मारपीट शुरू कर दी। हमारे हथियार छीन लिए। हमने वहां से भागने की कोशिश की तो हमलावरों ने फायरिंग कर दी। हमें अपनी जान बचाने को हथियार भी चलाने का मौका नहीं मिला। हमारे साथी शिव कुमार और राहुल को गोली लगने से घायल हो गए। हमारे ऊपर भी लाठी डंडों से हमला किया गया। हमारी गाड़ी में लगाने ने आग लगाने की कोशिश की।

एसओजी और ठाकुरद्वारा थाने की पुलिस पर हमले की सूचना मिलने पर डीआईजी शलभ माथुर, एसएसपी हेमंत कुटियाल, एसपी देहात संदीप कुमार मीणा समेत अन्य अधिकारी ठाकुरद्वारा पहुंच गए। अफसरों ने घंटों थाने में बैठकर की रणनीति बनाई। लापता पुलिस कर्मियों की तलाश में टीमें जरूर भेजीं, लेकिन कुंडा चौराहे पर हाईवे पर जाम लगाने और यूपी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी होता देख वो भी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। सभी टीमें वापस लौट आईं। जाम खुलने के बाद उत्तराखंड पुलिस के अफसरों के बात होने के बाद अफसरों ने टीम को दोबारा लापता पुलिस कर्मियों की तलाश में लगाया गया।

उत्तराखंड के भरतपुर गांव में हुए पुलिस टीम पर हमला और फायरिंग में एक महिला की मौत की खबर मिलने पर जयपुर, कुंडा और जसपुर थानाक्षेत्र के लोग भी भरतपुर पहुंच गए। बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने यूपी पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ हंगामा किया। इसकी भनक लगने पर मुरादाबाद के अफसर अलर्ट हो गए। आशंका जताई गई कि कहीं भीड़ ठाकुरद्वारा थाने की ओर रुख न कर ले। इसी को देखते हुए ठाकुरद्वारा थाने पर पुलिस लाइन और अन्य थानों से भी फोर्स बुला ली गई।

खाना न देने पर मंत्री के भतीजे ने किया कांड, रेस्टोरेंट कर्मियों पर चढ़ा दी गाड़ी…

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बिहार और उत्तर प्रदेश दो ऐसे राज्य हैं, जहां पॉलिटिकल पावर का पूरी तरह से फायदा उठाया जाता है। फिर चाहे वो सही काम में हो या गलत काम में। सिर्फ नेता ही नहीं बल्कि उसके परिवार वाले भी इसका फायदा उठाते हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश से एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां एक मंत्री के भतीजे ने अपने चाचा के नेता होने का गलत फायदा उठाया है। दरअसल, ये बात उत्तर प्रदेश के बरैली की है। मंगलवार देर रात को अमित कुमार सक्सेना अपने सहयोगियों के साथ रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए पहुंचा।

देर ज्यादा होने के कारण वहां काम कर रहे कर्मियों ने खाना परोसने से मना कर दिया। जिसको लेकर वह बौखला गया और वहां मौजूद सभी कर्मियों को गंदी गंदी गालियां देने लगा। जिसके बाद रेस्टोरेंट बंद करने के बाद जब कर्मी खाना खा रहे थे, तो अमित कुमार अपनी गाड़ी लेकर वापस आया और कर्मियों को मारने की कोशिश की। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि इसने रेस्टोरेंट की संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचाया। मिली जानकारी के अनुसार अमित भाजपा सरकार में एक मंत्री का भतीजा है।

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बरेली के एसपी सिटी राहुल भाटी ने कहा “रात करीब साढ़े दस बजे अमित दोबारा रेस्टोरेंट के पास लौटा और बाहर खाना खा रहे कर्मचारियों को अपनी कार से रौंदकर मारने की कोशिश की।” पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ये शिकायत होटल मालिक नरेश कश्यप के बेटे सुशांत कश्यप ने दर्ज करवाई थी। बताया जा रहा है कि कश्यप भी एक बीजेपी कार्यकर्ता हैं।

CJI को भेजा गया कर्नाटक हिजाब मामला, दोनों जजों में मतभेद…

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कर्नाटक में लगे हिजाब बैन को लेकर लगातार सुनवाई हो रही है। पहले इस मामले को हाई कोर्ट में उठाया गया था। लेकिन हाई कोर्ट का फैसला मुस्लिम छात्राओं के पक्ष में नहीं आया। जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की लगातार सुनवाई हो रही है। करीब 10 दिनों से इस मामले की सुनवाई हो रही है और आखिरकार आज फैसला सुना ही दिया गया। बताया जा रहा है कि इस मामले की सुनवाई जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस हेमंत गुप्ता कर रहे थे।

लेकिन जब फैसला सुनाने की बारी आई तो दोनों का फैसला अलग रहा। जहां जस्टिस सुधांशु धूलिया ने हाई कोर्ट के आदेश को पलटने का फैसला सुनाया तो वहीं जस्टिस हेमंत गुप्ता ने कहा कि हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रहना चाहिए। खंडपीठ ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली कुल 23 याचिकाओं पर सुनवाई की थी। जस्टिस धुलिया ने फैसला सुनाते हुए कहा कि “यह उनकी पसंद की बात है। बिजॉय इमानुएल में एससी द्वारा निर्धारित अनुपात इस मुद्दे को कवर करता है। मुख्य बात थी बालिकाओं की शिक्षा.. बालिकाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और भी मुश्किलें हैं.. लेकिन क्या ऐसे प्रतिबंध लगाकर हम उनके जीवन को बेहतर बना रहे हैं?”

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गोरतलब हैं कि अब इस मामले को CJI को भेजा का चुका है। बड़ी बेंच का गठन कर इस मामले पर फैसला सुनाया जाएगा। बता दें कि कर्नाटक हाईकोर्ट में हिजाब बैन को चुनौती देने वाली 6 मुस्लिम छात्राओं समेत कुल 23 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गईं। याचिकाओं के अनुसार छात्राओं का कहना है कि “हिजाब पहनने से किसी के मौलिक अधिकार का हनन नहीं होता है। तर्क ये भी दिया गया है कि अगर स्कूलों में पगड़ी, कड़ा और बिंदी पर बैन नहीं तो हिजाब पर क्यों? हिजाब धार्मिक आजादी के अधिकार के दायरे में है।”

हिजाब बैन पर सुप्रीम कोर्ट के जजों में मतभेद, बड़ी बेंच में होगी सुनवाई, बढ़ा इंतजार

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स्कूल एवं कॉलेजों में हिजाब पर बैन के खिलाफ अर्जी पर सुप्रीम कोेर्ट की बेंच में फैसला नहीं हो सका है। दो सदस्यों वाली बेंच में इस मसले पर मतभेद थे। ऐसे में केस को अब तीन जजों की के हवाले कर दिया गया है। बड़ी बेंच में एकमत से या फिर बहुमत से ही अब फैसला हो सकेगा। गुरुवार को जस्टिस हेमंत गुप्ता ने अपना फैसला सुनाते हुए कर्नाटक सरकार की ओर से हिजाब बैन को सही करार दिया और विरोध करने वालों की अर्जी को खारिज कर दिया। वहीं, जस्टिस धूलिया ने हिजाब बैन के कर्नाटक सरकार के फैसले को गलत माना। ऐसे में दो जजों के अलग-अलग फैसले के चलते निर्णय मान्य नहीं होगा और अब आखिरी फैसला बड़ी बेंच की ओर से ही किया जाएगा।

जस्टिस धूलिया ने क्यों हिजाब पर बैन को माना गलत, पढ़ें फैसला

जस्टिस धूलिया ने अपने सीनियर जज से इतर राय जाहिर की। उन्होंने अपने फैसले में कहा कि हिजाब पहनना या नहीं पहनना, यह मुस्लिम लड़कियों की पसंद का मामला है और इस पर कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। उन्होंने कर्नाटक सरकार की ओर से शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर रोक के फैसले को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि छात्राओं की पढ़ाई उनके लिए अहम है। हिजाब पर बैन जैसे मुद्दे से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। गौरतलब है कि हिजाब बैन के खिलाफ अपील करने वाले पक्ष की ओर से भी दलील दी गई थी कि यह महिला अधिकार से जुड़ा मामला है, इसे कुरान या इस्लाम से नहीं जोड़ना चाहिए।

10 दिनों तक सुनवाई के बाद SC ने सुरक्षित रखा था फैसला

स्कूल एवं कॉलेजों में हिजाब पहनने पर बैन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिनों तक सुनवाई की थी और उसके बाद 22 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। कर्नाक के लिहाज से यह अहम मामला है क्योंकि चुनाव करीब हैं और इसके चलते ध्रुवीकरण भी देखने को मिल सकता है। बता दें कि कर्नाटक हाई कोर्ट ने इससे पहले हिजाब पर बैन को सही माना था और मुस्लिम लड़कियों की अर्जी को यह करते हुए खारिज कर दिया था कि हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिसा नहीं है। इसके बाद हिजाब बैन का विरोध करने वालों ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

क्रॉस, जनेऊ और पगड़ी पर भी सुनवाई में उठा था सवाल

सुप्रीम कोर्ट में हिजाब विवाद पर दिलचस्प बहस देखने को मिली थी। अदालत में हिजाब समर्थकों ने जनेऊ, क्रॉस, कृपाण और कड़ा जैसे प्रतीकों का उदाहरण देते हुए कहा था कि इन्हें पहनने पर कोई रोक नहीं है। हालांकि इन दलीलों का सरकार के वकीलों ने विरोध करते हुए कहा था कि ऐसा कहना गलत है। ये प्रतीक ड्रेस के ऊपर से नहीं पहने जाते हैं। अदालत ने भी इन प्रतीकों से हिजाब की तुलना को गलत माना था। बता दें कि कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी, न्यायमूर्ति कृष्णा एस दीक्षित और न्यायमूर्ति जेएम खाजी की पीठ ने पहले माना था कि ड्रेस कोड लागू करने के फैसले पर छात्र आपत्ति नहीं कर सकते हैं। यह किसी भी संस्थान का अधिकार है कि वह ड्रेस पर नियम बना सके।

उडुपी के एक कॉलेज से शुरू हुआ था विवाद, फिर देश भर में हलचल

हिजाब विवाद की शुरुआत उडुपी के एक महिला कॉलेज से हुई थी, जहां कुछ छात्राओं को प्रिंसिपल और स्टाफ ने हिजाब पहनकर क्लास में जाने से रोका था। इसके बाद छात्राओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया था और फिर देखते ही देखते कर्नाटक के अन्य हिस्सों और देश के दूसरे राज्यों में भी हिजाब को लेकर विवाद शुरू हो गया था। कॉलेज प्रशासन का कहना था कि अचानक ही कुछ छात्राओं ने हिजाब पहनकर कॉलेज आना शुरू किया था, जबकि उससे पहले इसे लेकर कोई विवाद नहीं थी।

आज करवा चौथ पर सिद्धि योग, जानिए शुभ मुहूर्त, नियम और पूजा विधि

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आज करवा चौथ पर सुबह से तैयारियां चल रही हैं। गुरुवार,13 अक्तूबर को सुहागिनों का सबसे बड़ा व्रत करवा चौथ है। हिंदू धर्म में करवा चौथ का विशेष महत्व होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। करवा चौथ पर निर्जला व्रत और चंद्रमा के दर्शन कर अर्ध्य देने का खास महत्व होता है। इस बार करवा चौथ बहुत ही शुभ में है।

आज देशभर में करवा चौथ का चांद शाम को करीब 08 बजकर 09 मिनट के आसपास दिखाई देना शुुरू हो जाएगा। हालांकि देश के शहरों में चांद के निकलने का समय थोड़ा अलग-अलग समय पर होगा। आज शाम को सबसे पहले चांद पूर्वी भारत में गुवाहटी में करीब शाम 07 बजकर 15 मिनट पर दिखाई देगा फिर धीरे-धीरे देश के अन्य भागों में दिखाई देना शुरु हो जाएगा।

मिनट पर

10:32 AM, 13-OCT-2022

आज करवा चौथ पर बन शुभ संयोग

करवा चौथ अखंड सुहाग का वरदान प्राप्त करने के लिए सबसे खास त्योहार माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए सुबह से निर्जला व्रत रखती है। रात को चांद की पूजा और जल अर्पित करते हुए व्रत के संकल्प को पूरा करती हैं। इस बार करवा चौथ पर बहुत ही अच्छा योग बना हुआ है। इस बार गुरुवार को करवा चौथ है और गुरु ग्रह स्वयं की राशि में मौदूज रहेंगे। ज्योतिष में गुरु ग्रह को वैवाहिक जीवन और शुभ फल देने वाला ग्रह माना जाता है। इसके अलावा चंद्रमा भी अपनी राशि और नक्षत्र में मौजूद रहेगा। ऐसे में करवा चौथ का व्रत रखते हुए चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा करना शुभ फल देने वाला साबित होगा।

 

बड़ी खबर : कई कंपनियों की बुखार की दवा टेस्टिंग में फेल, खाने से पहले जान लें नाम

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देश में कुछ और दवा कंपनियों के सैंपल फेल हो गए हैं। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) की ओर से पिछले महीने जारी रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 45 दवाओं के सैंपल की गुणवत्ता खराब पाई गई। फेल हुए सैंपल में से 13 हिमाचल प्रदेश स्थित मैन्युफैक्टरिंग यूनिट्स से हैं। जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं उनमें पेरासिटामोल भी शामिल हैं, जिनका उपभोग बहुत ज्यादा है और सामान्य है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मई में असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी, नई दिल्ली ने ग्लेनमार्क फार्माशूटिकल्स लिमिटेड के खिलाफ जांच शुरू की थी और इसकी एक दवा Telmisartan (ब्लड प्रेशर में इस्तेमाल) को ड्रग्स एंड कॉसमेटिक ऐक्ट 140 की धारा 17B (E) के तहत ‘संदेहास्पद’ बताया। मोहाली स्थित दवा कंपनी के Ofloxacin और Ornidazole एंटीबायोटिक का सैंपल भी परीक्षण में खरा नहीं उतरा

चंडीगढ़ स्थित दवा कंपनी में निर्मित एंटीबायोटिक Gentamicin injection बेक्टोरियल एंडोटोक्सिन्स और स्टरिलिटी टेस्ट पास नहीं कर पाया। हाल ही में हिमाचल में काला एमबी की निक्सी लेबोरेटरीज जांच के दायरे में आई थी क्योंकि इसकी एक दवा anaesthesia Propofol गुणवत्ता जांच में फेल हो गई थी। सैंपल को चंडीगढ़ पीजीआईएमईआर में पांच मरीजों की मौत के बाद इमर्जेंसी वार्ड से एकत्रित किया गया था। इन सभी मरीजों को सर्जरी से पहले बेहोशी की यह दवा दी गई थी। हिमाचल की दवा कंपनी को इस बैच की सभी दवा को वापस लेने को कहा गया।