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बारामूला में बड़ी साजिश नाकाम, तीन किलोग्राम IED बरामद; दो घंटे तक चला ऑपरेशन

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जम्मू कश्मीर : बारामूला में सुरक्षाबलों ने आतंकियों द्वारा लगाई गई एक IED का पता लगाया है। जानकारी के अनुसार, उत्तरी कश्मीर के तुलीबल बारामूला में आतंकियों द्वारा एक IED लगाई गई है। जिसकी जानकारी मिलते ही बम निरोधक दस्ते की टीम मौके पर पहुंच गई है और इसे निष्क्रिय कर दिया गया है।

भारतीय सेना ने बताया कि जम्‍मू-कश्‍मीर के तुलीबल क्षेत्र में आज सुबह दो-तीन किलोग्राम के विस्फोटक उपकरण का पता चला था। संदिग्ध IED को खुदाई वाले इलाके में छुपाया गया था। भारतीय सेना के अनुसार, IED को बम डिस्पोजल टीम ने सुरक्षित तरीके से ब्लास्ट मेथड से डिफ्यूज किया है। करीब दो घंटे के भीतर राज्य राजमार्ग पर यातायात को फिर से बहाल कर दिया गया है।

उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के सोपोर के तुलीबल इलाके में संदिग्ध IED की जानकारी सुरक्षा बलों को मिली थी, जिसके बाद मौके पर सोपोर पुलिस, 52RR और CRPF के जवान पहुंच गए। करीब दो घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद IED को निष्क्रिय कर दिया गया।

अधिकारियों ने बताया था कि जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के सोपोर इलाके में एक सड़क के किनारे लगाए गए IED का मंगलवार को पता चला है। उन्होंने बताया कि सोपोर के तुलीबल में सुरक्षा बलों के एक दल ने सुबह आतंकवादियों द्वारा लगाए गए IED का पता लगाया। अधिकारियों ने बताया कि आईईडी को निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ता मौके पर बुलाया गया है।

अब मुंबई की हवा दिल्ली से ज्यादा जहरीली

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राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की चर्चा पूरे विश्व में होती है लेकिन अब मुंबई भी इससे अछूती नहीं रही। रिपोर्ट के अनुसार मुंबई में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर पहुंच गई है। मुंबई के कुछ स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के आंकड़े को पार कर गया है जबकि कुछ स्थानों पर 200 के पार था, जिसे बेहद खराब स्तर माना जाता है। सोमवार को मुंबई का ओवरऑल AQI लेवल 225 दर्ज हुआ।

जबकि, दिल्ली का समग्र AQI लेवल 152 था। ये आंकड़े SAFAR (वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान की प्रणाली) के हैं जिसने मुंबई का AQI लेवल बदतर बताया है। हालांकि, मुंबई में अलग-अलग स्थानों पर  AQI लेवल अलग-अलग दर्ज किया गया। मलाड में हवा की गुणवत्ता 311 थी जो कि बेहद खराब थी। इसके बाद मंझगांव और चेंबूर में 303 थी। बांद्रा-कु्र्ला में AQI लेवल 269 दर्ज हुआ।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार मुंबई में हवा की गुणवत्ता 168(मध्यम) और दिल्ली 218 (खराब) पर थी। अब बात करते हैं आखिर CPCB और SAFAR के आंकड़ों में अतर क्यो है। दरअसल,  SAFAR के शहर में नौ स्थानों पर निगरानी स्टेशन हैं जबकि CPCB 18 स्थानों के आधार पर समग्र AQI की गणना करता है। दूसरी ओर, दिल्ली में CPCB के 36 वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन हैं।

मुंबई में प्रदूषण के पीछे की कई वजहें
कुछ दिन पहले जी20 शेरपा अमिताभ कांत और नगर आयुक्त आई एस चहल के बीच बातचीत में मुंबई के खराब एक्यूआई का मुद्दा उठा था। जहां चहल ने बड़े प्रदूषण के लिए रिफाइनरियों और टाटा पावर प्लांट को जिम्मेदार ठहराया, वहीं कांत ने सोमवार को कहा कि सल्फर-डाइऑक्साइड रिफाइनरियों का उत्सर्जन निर्धारित मानदंडों के भीतर था। कांत, जिन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम सचिव एमएम कुट्टी से भी बात की, ने कहा कि माहुल क्षेत्र में दो रिफाइनरियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे सल्फर उत्सर्जन को कम करें।

हमारा एक भी जवान गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ, तवांग मुद्दे पर राजनाथ सिंह का बयान

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संसद के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही जारी है। तवांग मुद्दे पर विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तवांग मुद्दे पर संसद में जवाब दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि तवांग में झड़प के दौरान दोनों ओर से कुछ जवान घायल हुए हैं। मैं सदन को बताना चाहता हूं कि झड़प में हमारे एक भी जवान ना तो शहीद हुआ है और ना ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है। भारतीय जवानों के समय पर हस्तक्षेप के कारण चीनी सैनिक वापस लौट गए।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, इसमें कोई शक नहीं कि चीन की नजरें तवांग पर हैं। हमें काफी सतर्क रहना होगा। हमारी सेना ने जो कुछ भी किया, देश उसका समर्थन करता है। मैंने रक्षा मंत्री से कहा कि उन्हें पूरी दुनिया को ये दिखाना चाहिए कि भारत एक है और हर एक दल का सदस्य आर्मी के साथ है।

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि एक बार प्रधानमंत्री केयर फंड का जायजा लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उसमें जिन लोगों ने चंदा दिया है उनकी सूची निकाली जाए और देखा जाए कि कितनी चीनी कंपनियों ने चंदा दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा कि तवांग में झड़प के दौरान दोनों ओर से कुछ जवान घायल हुए हैं।

मैं सदन को बताना चाहता हूं कि झड़प में हमारे एक भी जवान ना तो शहीद हुआ है और ना ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है। भारतीय जवानों के समय पर हस्तक्षेप के कारण चीनी सैनिक वापस लौट गए। राजनाथ सिंह ने कहा कि इस मुद्दे को चीनी राजनयिकों के सामने उठाया गया। मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारे जवान देश की सीमा की सुरक्षा करने और सीमा की सुरक्षा को चुनौती देने के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि 9 दिसंबर को तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में पीएलए के सैनिकों ने अतिक्रमण किया और यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया। चीनी सैनिकों का हमारे जवानों ने दृढ़ तरीके से सामना किया। हमारे सैनिकों ने चीनी सैनिकों को हमारे क्षेत्र में अतिक्रमण करने से रोका और उन्हें अपनी पोस्ट पर वापस जाने के लिए मजबूर किया।

चीन से झड़प के मुद्दे पर दोनों सदनों में हंगामा, लोकसभा 12 बजे तक के लिए स्थगित

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संसद में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। कांग्रेस पार्टी जहां पीएम मोदी से जवाब की मांग कर रही है वहीं एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है। इसके अलावा कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने इसी मुद्दे पर शॉर्ट नोटिस दिया है।

चीन से झड़प के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में विपक्ष का हंगामा जारी है। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दोपहर 12 बजे लोकसभा में और 12.30 बजे राज्यसभा में भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के मुद्दे पर जवाब देंगे।

कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी 9 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत-चीन के आमने-सामने पर चर्चा के लिए राज्यसभा में नियम 267 के तहत सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से बयान देने और सदन में चर्चा करने की मांग की है।

उत्तराखंड : अधिकारियों को CS के कड़े निर्देश, एक सप्ताह में बताएं एक्शन प्लान

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देहरादून : मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में खाद्य सुरक्षा के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने को किए गए कार्यों में प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अगले एक हफ्ते में एक्शन प्लान तैयार कर दिखाए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने दूध में मिलावट रोकने के लिए तत्काल अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए सघन सैंपलिंग अभियान चलाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस काम में सफलता तभी मानी जाएगी जब आम पब्लिक कहेगी कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रुक गई है। इसके लिए सैंपल कलेक्शन और टेस्टिंग को वर्तमान की स्थिति से 20, 30 गुना बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।

साथ ही मिलावट सिद्ध हो जाने पर सजा भी होनी चाहिए ताकि मिलावट करने वालों को सबक मिले। खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहली बैठक में दिए गए टेस्टिंग लैब बढ़ाए जाने के आदेशों पर अभी तक कार्रवाई न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश में टेस्टिंग लैब एवं उपकरणों की आवश्यकतानुसार प्रस्ताव तैयार कर तुरन्त भेजा जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि खाद्य पद्धार्थों के लिए गए सैंपलों की अगले एक-दो दिनों में टेस्टिंग का रिजल्ट आ जाए इसके लिए प्रयास किए जाएं इसके लिए लैब तैयार होने तक अन्य राज्यों में कहाँ कहाँ सैंपल भेजे जा सकते हैं इस कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने RUKO अभियान के तहत यूज्ड कुकिंग ऑयल के प्रयोग को फूड चेन से बाहर करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाने के भी निर्देश दिए।

साथ ही जागरूकता के लिए लगातार कार्यशालाओं का आयोजन किए जाने की भी बात कही। मुख्य सचिव ने प्रदेश के स्थानीय खाद्य पद्धार्थों को अधिक से अधिक उपयोग के लिए योजनाएं तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने इस दिशा में अच्छा कार्य कर रहे होटल रेस्टोरेंट एवं कारोबारियों को प्रोत्साहित भी किया जाना चाहिए एवं मिलावटखोरों को दंडित किया जाए। साथ ही विभिन्न माध्यमों से जागरूकता फैलाने हेतु अभियान चलाया जाए।

कांग्रेस नेता राजा पटेरिया गिरफ्तार, भाषण में कही थी PM मोदी की हत्या की बात

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मध्य प्रदेश : PM मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले कांग्रेस नेता राजा पटेरिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। MP के पूर्व मंत्री राजा पटेरिया ने एक सभा में पीएम पर विवादित टिप्पणी की थी। बयान का वीडियो वायरल होने के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने मंगलवार सुबह 7 बजे पन्ना स्थित उनके निवास से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पटेरिया के बयान का भाजपा ने पुरजोर विरोध किया है।

CM शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस के असली भाव प्रकट हो गए, लेकिन ऐसी चीजों को सहन नहीं किया जाएगा। कानून अपना काम करेगा। मोदी जी जनता के दिलों में बसते हैं। संपूर्ण देश की श्रद्धा और आस्था के केंद्र हैं। कांग्रेस के लोग मैदान में उनसे मुकाबला नहीं कर पाते हैं, इसलिए कांग्रेस के एक नेता मोदी जी की हत्या की बात कर रहे हैं। ये विद्वेष की पराकाष्ठा है, घृणा की अति है।

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस नेतृत्व से इस बयान के लिए माफी मांगने की मांग की। केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि कांग्रेस का मोदी को गाली देने का इतिहास रहा है। पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें मौत का सौदागर कहा था, जबकि वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उनकी तुलना रावण से की थी। यह टिप्पणी हत्याओं की राजनीति को उजागर करती है, जो कांग्रेस शासन में फली-फूली थी।

गौरतलब है कि राजा पटेरिया कार्यकर्ताओं से यह कहते हुए नजर आए कि अगर संविधान बचाना है तो मोदी की हत्या करने को तत्पर रहो। इस वीडियो को भाजपा नेता राजपाल सिह सिसौदिया ने सोमवार को ट्विटर पर पोस्ट किया था। बयान पर हंगामा मचने के बाद पन्ना के पवई थाने और जबलपुर के ओमती थाने में पटेरिया के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया। पवई थाने में पटेरिया के खिलाफ लोक शांति भंग करने के लिए प्रेरित करने, उकसाने और धमकाने सहित कई अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया। बता दें कि पटेरिया ने यह बात पवई के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक कही थी।

कांग्रेस ने पटेरिया के बयान से किनारा कर लिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश पचौरी ने कहा है कि पटेरिया ने ऐसा बयान दिया है तो निंदनीय है। कांग्रेस हिंसा का कभी समर्थन नहीं करती। एआइसीसी के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि यह निंदनीय है। प्रधानमंत्री या किसी के खिलाफ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस पार्टी ऐसे बयानों की निंदा करती है।

पटेरिया ने वीडियो जारी कर सफाई देते हुए कहा कि उनकी बात का गलत अर्थ निकाला गया है। उन्होंने कहा कि हमारा आशय मोदी को हराने से था। इससे पहले मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने पटेरिया के बयान को निदनीय बताते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक को एफआइआर करने के निर्देश दिए थे।

भारत-चीन झड़प : तवांग मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग

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Rajnath Singh

संसद के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही आज भी जारी रहेगी। संसद का सत्र आज हंगामेदार रहने के आसार हैं। कांग्रेस ने कहा है कि वो अरुणाचल प्रदेश के तवांग इलाके में हुई भारत और चीनी सेना के झड़प के मुद्दे को संसद में उठाएगी। कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नियम 176 के तहत राज्यसभा में नोटिस दिया है। वहीं, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इस पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव दिया है। बता दें कि 9 दिसंबर को तवांग में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। भारतीय सेना ने करारा जवाब देते हुए चीनी सैनिकों को खदेड़ दिया था।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को एलएसी पर सुरक्षा स्थिति को लेकर जानकारी देंगे। सुरक्षाबल रक्षा मंत्री को तवांग में दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच हुई झड़पों के बारे में अपडेट कर चुके हैं। तवांग मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुखों की बैठक बुलाई है। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन और रणदीप सुरजेवाला ने भी तवांग झड़प पर चर्चा की मांग की है। दोनों सांसदों ने राज्यसभा में चर्चा के लिए नोटिस दिया है।

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के अलावा राजद ने भी चीनी सैनिकों से झड़प के मामले में चर्चा की मांग की है। राजद सांसद मनोज झा ने राज्यसभा में चर्चा के लिए नोटिस दिया है। आम आदमी पार्टी ने भी सैनिकों में झड़प के मामले में चर्चा की मांग की है। पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने नियम 267 के तहत राज्यसभा में चर्चा के लिए नोटिस दिया है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में चर्चा के लिए भारत-चीन सैनिकों में झड़प के मुद्दे पर नोटिस दिया है।

BIG NEWS: भारत-चीन जवानों के बीच फिर झड़प, कई सैनिकों के घायल होने की खबर

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अरुणाचल प्रदेश में LAC पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई. इस झड़प में 20-30 सैनिक घायल हुए. 9 दिसंबर की रात तवांग सेक्टर में हुई झड़प. झड़प में दोनों तरफ के सैनिक घायल हुए.घटना के बाद भारत के कमांडर ने शांति बहाल करने के लिए इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए अपने समकक्ष के साथ फ्लैग मीटिंग की.

विधायकों की सुरक्षा में तैनात किए वाहन, मच गया बवाल, ये है वजह

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महाराष्ट्र: एनसीपी ने महाराष्ट्र के डीजीपी को पत्र लिखकर निर्भया फंड से खरीदे गए वाहनों को वापस लेने की मांग की है। एनसीपी ने डीजीपी को लिखे पत्र में कहा है कि यह व्यापक रूप से बताया गया है कि महाराष्ट्र के गृह विभाग ने निर्भया फंड के तहत खरीदे गए लगभग 40 वाहनों को शिंदे गुट के विधायकों की सुरक्षा के लिए लगा दिया। सरकार के इस फैसले की राज्य के नागरिकों द्वारा आलोचना की जा रही है और यह बेहद निंदनीय है क्योंकि पूरी निर्भया योजना का मूल आधार ही विफल हो गया है।

गृह मंत्रालय ने शिंदे गुट के सभी विधायकों को वाई$ सुरक्षा प्रदान की है, जो अपने आप में विधायकों को टप्च् दर्जा देने के कदम की तरह लगता है। यह शर्मनाक है कि इन विधायकों ने इन वाहनों को कैसे स्वीकार किया है और यह बात सामने आने के बाद कि ये वाहन महिलाओं की सुरक्षा के लिए खरीदे गए थे, कोई भी उक्त वाहनों को स्वेच्छा से वापस लेने के लिए तैयार नहीं दिख रहा है।

आगे पढ़ें और क्या लिखा लिखा है पत्र में
राज्य में महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित मुद्दों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस तंत्र को सक्षम बनाने के लिए निर्भया फंड बनाया गया था। महिला सुरक्षा के लिए बने वाहनों को डायवर्ट करना और उन्हें सरकार के समर्थन वाले विधायकों की सुरक्षा के लिए सेवा में देना स्पष्ट रूप से निर्भया योजना का उल्लंघन है और सरकार उस गलती को सुधारने के लिए बाध्य है जो विशुद्ध रूप से राजनीतिक दबाव में की गई है। राकांपा विधायकों की सुरक्षा में तैनात उक्त वाहनों को तत्काल वापस लेकर निर्भया दस्ते को वापस भेजने की मांग करती है।

पुलिस अधिकारी का दावा
पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि जून में वाहनों की खरीद के बाद उन्हें जुलाई में सभी 97 पुलिस थानों, साइबर, यातायात और तटीय पुलिस इकाइयों को सौंप दिया गया। इन वाहनों में से 47 बोलेरो, मुंबई पुलिस के मोटर परिवहन विभाग द्वारा राज्य पुलिस के वीआईपी सुरक्षा अनुभाग के एक आदेश के बाद कई पुलिस थानों से मांगे गए थे, जिसमें कहा गया था कि शिंदे गुट के सांसदों और विधायकों की ‘वाई-प्लस’ सुरक्षा मुहैया कराने के लिए इन वाहनों की आवश्यकता है। हालांकि, 17 वाहनों को आवश्यकता पूरी होने के बाद पुलिस थानों में वापस कर दिया गया। 30 बोलेरो अभी तक वापस नहीं आई हैं।

महिला सुरक्षा का मुद्दा 
मामले के खुलासे के बाद विपक्षी दल कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सत्तारूढ़ विधायकों की सुरक्षा महिलाओं की सुरक्षा से अधिक महत्वपूर्ण है। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने पूछा कि क्या सत्तारूढ़ विधायकों की सुरक्षा महिलाओं को दुर्व्यवहार से बचाने से ज्यादा महत्त्वपूर्ण है? निर्भया कोष का इस्तेमाल विधायकों की सुरक्षा के लिए किया जाना भयावह और अपमानजनक है।

Y+ सुरक्षा प्रदान करने पर भड़कीं जया बच्चन
शिंदे विधायकों को Y+ सुरक्षा प्रदान करने के लिए निर्भया फंड से गाड़ियां खरीदने पर ैच् सांसद जया बच्चन ने कहा कि ऐसे लोगों को इस्तीफा देना चाहिए। जिन्होंने इस प्रकार से दुरुपयोग किया है। उनको सारी महिलाओं माफी मांगनी चाहिए। मैं क्या शब्द इस्तेमाल करूं इनके लिए? ये बहुत शर्म की बात है।

एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने से मासूम की मौत, यहां का है मामला

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UP के चित्रकूट डाक्‍टरों की लापरवाही से जिला अस्पताल में सोमवार को इलाज के दौरान नौ माह के मासूम की मौत हो गई। स्वजन ने जमकर हंगामा काटा। उनका आरोप है कि वार्ड ब्वाय ने एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन लगाया है। भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष और सांसद प्रतिनिधि के पहुंचने पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने लापरवाही करने वाले फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाय को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच कर दोषी मिलने पर ड्यूटी कर रहे  चिकित्सक के खिलाफ भी कार्रवाई की भरोसा दिया है।

बांदा के थाना बदौसा के जमुनिहापुरवा निवासी धनेश कुमार श्रीवास्वव की नौ माह की बेटी की रविवार को तबीयत खराब हो गई थी। स्वजन ने अपराह्न करीब ढाई बजे जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डा हरिश्चंद्र अग्रवाल को दिखाया था। हालत गंभीर होने पर उन्होंने बच्ची को भर्ती कर लिया।

बच्ची का शाम तक इलाज चला। रात में करीब 10 बजे हालत में सुधार होने पर स्वजन बच्ची को घर ले गए। सोमवार की सुबह बच्ची की फिर तबीयत बिगड़ी तो स्वजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां पर वार्ड ब्वाय ने उसे इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया। यह देखते ही स्वजन हंगामा करने लगे। उनके हाथ इंजेक्शन की शीशी लगी तो उसमें एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। इससे स्वजन और आक्रोशित हो गए और हंगामा करना शुरु कर द‍िया।

ज‍िला अस्‍पताल में हंगामे की सूचना पर भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश खरे और सांसद प्रतिनिधि शक्ति प्रताप सिंह तोमर पहुंच गए। खबर मिलने पर सदर विधायक अनिल प्रधान भी समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे तो हंगामा और बढ़ गया। कोतवाली प्रभारी अवधेश कुमार मिश्रा फोर्स के साथ पहुंचे और हालत को संभाला। सीएमएस डा सुधीर शर्मा ने फार्मासिस्ट धर्मेंद्र मिश्रा, स्टाफ नर्स कुलदीप कुमार और वार्ड व्वाय अवधेश कुमार को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच को कमेटी गठित की गई है। यदि चिकित्सक भी दोषी मिलते है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।