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पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर सैन्य वाहन में लगी आग, चार जवानों की गई जान

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पुंछ के भाटादूडियां क्षेत्र में जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सैन्य वाहन में आग लगने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इसमें चार जवान अपनी जान गंवा चुके हैं। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

हादसे का पता चलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस और सेना को भी सूचित किया गया है। मौके पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। वाहन ने आग कैसे पकड़ी, फिलहाल इसकी भी जांच की जा रही है।

उधर, सेना प्रवक्ता जम्मू ने अपील करते हुए कहा कि घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरों को प्रसारित न किया जाए। उन्होंने कहा कि हादसे की पुष्टि के तुरंत बाद ही जानकारी साझा की जाएगी।

मुख्य सचिव के अधिकारियों को कड़े निर्देश, ट्रैफिक नियमों का सख्ती से कराएं पालन

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देहरादून: मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में एकीकृत महानगर यातायात प्राधिकरण की बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने पुलिस और परिवहन विभाग से यातायात नियमों का कठोरता से पालन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क पर चलने वाला प्रत्येक व्यक्ति जब यातायात नियमों का पालन करने लगेगा, ट्रैफिक जाम से निजात मिलने लगेगी।

उन्होंने कहा कि इसके लिए आमजन को यातायात नियमों के पालन करने हेतु जागरूक किया जाए। छोटी छोटी वीडियो क्लिप्स के माध्यम से सोशल मीडिया और सड़कों के किनारे और ट्रैफिक सिग्नल के आसपास स्क्रीन पर जागरूकता वीडियो चलाए जाएं। मुख्य सचिव ने महानिदेशक सूचना को इस सम्बन्ध में वीडियो बनाए जाने के निर्देश दिए। इसके बावजूद नियम तोड़ने वालों के चालान किए जाएं।

मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों को अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक उपायों पर कार्य किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि यातायात पुलिस और परिवहन विभाग को मिलजुलकर ऑटो, ई-रिक्शा आदि के लिए पार्किंग के साथ ही, ई-रिक्शा और ऑटो स्टॉप आदि निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए। फुटपाथ एवं सड़कों से अतिक्रमण शीघ्र हटाया जाए। यातायात नियम तोड़ने और नो पार्किंग में गाड़ी लगाने वालों पर लगातार चालान किए जाएं।

मुख्य सचिव ने उपाध्यक्ष एमडीडीए को शहर में साइनेज आदि लगाकर यातायात नियमों की जानकारी उपलब्ध कराए जाने की बात भी कही। उन्होंने शहरों में फुटपाथों की मरम्मत के लिए अलग से बजट हेड बनाए जाने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक के दौरान एसएसपी देहरादून श्री दिलीप सिंह कुंवर ने बताया कि नियमों के पालन न करने पर वाहन चालकों पर सीसीटीवी के साथ ही ड्रोन के माध्यम से भी चालान किए जा रहे हैं।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी द्वारा बताया गया कि स्कूल बसों की पार्किंग स्कूल परिसर में ही करने और स्कूल की छुट्टी के बाद खेल के मैदानों को पार्किंग के रूप में प्रयोग करने हेतु विभिन्न स्कूलों से लगातार बातचीत चल रही है। इसमें विभिन्न स्कूलों ने सकारात्मक रूख अपनाया है, और हर सम्भव सहयोग के लिए तैयार हैं।

मॉल्स आदि को अपनी खुद की पार्किंग का पूर्णतः प्रयोग किए जाने के लिए कहा गया है,। साथ ही पार्किंग फुल है या पार्किंग कितनी भरी है, इसकी जानकारी देने के लिए मॉल के बाहर सड़क पर डिस्प्ले के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराए जाने के लिए भी कहा गया है। बैठक में बताया गया कि नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से लगातार अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जा रही है।

उत्तराखंड : BJP विधायक के गंभीर आरोप, अधिकारी बोले – सब ठीक-ठाक

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देहरादून: पहाड़ समाचार ने पिछले दिनों पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल के फेसबुक लाइव के आधार पर एक खबर प्रकाशित की थी। जिसका सरकार ने संज्ञान लिया और मामले की जांच विभाग के संयुक्त निदेशक के साथ ही मुख्य उद्यान अधिकारी से कराई गई। जांच में विधायक के आरोप और शिकायत पूरी तरह से गलत पाई गई। विभाग का कहना है कि सभी पौध उनके मानकों के अनुरूप तैयार हो रही है। किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं है।

विधायक दुर्गेश्वर लाल ने फेसबुक पोस्ट में वीडियो के जरिए आरोप लगाए थे कि राजकीय उद्यान और माली प्रशिक्षण केन्द्र जरमोला में लगाई पौधें सूख गई हैं। क्लाइमेट की जांच भी नहीं गई। उन्होंने अनियमितताओं का भी आरोप लगाया था। साथ ही अधिकारियों से वसूली की मांग भी की थी।

संयुक्त निदेशक उद्यान डॉ. रत्न कुमार के अनुसार विधायक की शिकायत पर राजकीय उद्यान नर्सरी और पौधा रोपण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनका कहना है कि सभी पौधे और नर्सरी-विभागीय मानकों के अनुरूप तैयार हैं।

उन्होंने ने बताया कि कुलगांव जम्मू-कश्मीर की फर्म ने राजकीय जरमोला उद्यान में अनुबंध के अनुसार 63200 पौध गेलगाला, किंग रोट, जीरो माइन, रेडलव समेत अन्य प्रजाति की नर्सरी और 41 सौ सेब के पौधों का रोपण किया गया। उनके अनुसार 138 पौधे सूखे पाए गए। कुलमिलाकर देखा जाए तो 98 प्रतिशत पौधें पूरी तरह से सही हैं।

सवाल यह है कि विधायक ने किस आधार पर जरमोला राजकीय उद्यान में अनियमितताएं बताई थी। सवाल यह है कि अपनी ही सरकार पर ऐसे गंभीर आरोप कोई विधायक कैसे लगा सकता है? दूसरा सवाल यह है कि क्या सरकार विधायक के उठाए सवालों को दबाना चाहती है?

देखना यह होगा कि अब विधायक दुर्गेश्वर लाल क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल सरकार और विभाग ने उनके आरोपों को पूरी तरह से सिरे से खारिज कर दिया है। ऐसे में लोग अब विधायक पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

दिवंगत फिल्ममेकर यश चोपड़ा की पत्नी पामेला चोपड़ा का निधन

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दिवंगत फिल्ममेकर यश चोपड़ा की पत्नी पामेला चोपड़ा का निधन हो गया है. पामेला का निधन मुंबई में हुआ. इस बात की जानकारी दिग्गज गीतकार जावेद अख्तर ने अपने ट्वीट में दी है. उन्होंने लिखा, ‘आज श्री यश चोपड़ा की पत्नी पामेला जी का निधन हो गया है. वह बुद्धिमान, शिक्षित और मजाकिया स्वभाव वाली महिला थीं. मेरे जैसे लोग जिन्होंने यश जी के साथ काफी करीब रहकर काम किया है, उनकी पटकथा में उनके योगदान और संगीत के बारे में जानते हैं. वह एक असाधारण व्यक्तित्व थीं.

पामेला चोपड़ा के दो बेटे आदित्य चोपड़ा और उदय चोपड़ा हैं. उनके बेटे आदित्य चोपड़ा ने रानी मुखर्जी से शादी की है. पामेला चोपड़ा यशराज फिल्म्स की कई फिल्मों में बतौर सिंगर, राइटर और ड्रेस डिजाइनर काम कर चुकी हैं. पामेला चोपड़ा बॉलीवुड की पॉपुलर सिंगर में से एक थीं, जिन्होंने घर आजा परदेसी, अंग से अंग लगाना और मैं ससुराल नहीं जाऊंगी जैसे गानों को गाया है. वहीं पर्सनल लाइफ की बात करें तो वह फिल्म मेकर यश चोपड़ा की पत्नी हैं, जिनका साल 2012 में निधन हो गया था.

 

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यशराज फिल्म्स ने भी अपने ऑफिशल एकाउंट से पामेला चोपड़ा के निधन की खबर दी है. उन्होंने लिखा है, बहुत दुख के साथ चोपड़ा परिवार आपको बताना चाहता है कि पामेला चोपड़ा का 74 वर्ष की उम्र में आज सुबह निधन हो गया है. उनका अंतिम संस्कार आज 11 बजे मुंबई में किया जाएगा. हम आपकी दुआओं के लिए आभारी है, आप से अनुरोध है कि दुख की इस घड़ी में हमारी प्राइवेसी का ध्यान रखें.

मोदी सरनेम मामले में बड़ी खबर, राहुल गांधी की याचिका खारिज

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गुजरात : मानहानि मामले में राहुल गांधी को सूरत सेशंस कोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी है। राहुल गांधी ने उनकी सजा पर रोक लगाने की मांग की थी। बता दें कि सूरत की एक सत्र अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘मोदी सरनेम’ वाली टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि मामले में दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। इसके चलते राहुल गांधी की संसद सदस्यता चली गई थी। अब सेशंस कोर्ट से भी राहुल गांधी को निराशा हाथ लगी है। राहुल गांधी अब राहत के लिए उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं।

राहुल गांधी 2019 के लोकसभा चुनाव में केरल के वायनाड से सांसद बने थे. गत 23 मार्च को सूरत की एक अदालत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक पूर्णेश मोदी द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मामले में राहुल गांधी को दोषी करार दिया था और दो साल के कारावास की सजा सुनाई थी. जिसके एक दिन बाद उन्हें लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दे दिया गया था.

राहुल ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ 3 अप्रैल को सत्र अदालत का रुख किया था. उनके वकीलों ने दो आवेदन भी दाखिल किए थे. जिनमें एक सजा पर रोक के लिए और दूसरा अपील के निस्तारण तक दोषी ठहराये जाने पर स्थगन के लिए था. अदालत ने राहुल को जमानत देते हुए शिकायती पूर्णेश मोदी और राज्य सरकार को नोटिस जारी किए थे. कोर्ट ने पिछले बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों को सुना और फैसला सुरक्षित रख लिया था.

मोदी सरनेम केस : आज आयेगा फैसला, राहुल गांधी की सजा रहेगी बरकरार या मिलेगी राहत?

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गुजरात : सूरत की सत्र अदालत ‘मोदी उपनाम’ वाले बयान को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दोषी ठहराये जाने के फैसले पर रोक लगाने की याचिका पर आज अपना आदेश सुना सकती है. अगर दोषी ठहराये जाने और सजा सुनाये जाने के फैसले पर रोक लगती है, तो राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता बहाल हो जाएगी.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आर पी मोगेरा की अदालत ने गत बृहस्पतिवार को राहुल गांधी के आवेदन पर फैसला 20 अप्रैल तक सुरक्षित रख लिया था. राहुल को आपराधिक मानहानि के इस मामले में दो साल के कारावास की सजा सुनाये जाने के एक निचली अदालत के आदेश के खिलाफ राहुल की अपील लंबित रहने के बीच फैसला सुरक्षित रखा गया था.

राहुल गांधी 2019 के लोकसभा चुनाव में केरल के वायनाड से सांसद बने थे. गत 23 मार्च को सूरत की एक अदालत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक पूर्णेश मोदी द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मामले में राहुल गांधी को दोषी करार दिया था और दो साल के कारावास की सजा सुनाई थी. जिसके एक दिन बाद उन्हें लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दे दिया गया था.

राहुल ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ 3 अप्रैल को सत्र अदालत का रुख किया था. उनके वकीलों ने दो आवेदन भी दाखिल किए थे. जिनमें एक सजा पर रोक के लिए और दूसरा अपील के निस्तारण तक दोषी ठहराये जाने पर स्थगन के लिए था.

अदालत ने राहुल को जमानत देते हुए शिकायती पूर्णेश मोदी और राज्य सरकार को नोटिस जारी किए थे. कोर्ट ने पिछले बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों को सुना और फैसला 20 अप्रैल तक के लिए सुरक्षित रख लिया था. सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट आरएस चीमा ने राहुल गांधी का पक्ष कोर्ट के सामने रखा था.

इवेंट के दौरान मची भगदड़ में 85 लोगों की मौत

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हुती के अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को युद्धग्रस्त यमन में एक चैरिटी डिस्ट्रीब्युशन कार्यक्रम में मची भगदड़ में 80 से ज्यादा लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हो गए. इसे दशक के सबसे घातक भगदड़ में से एक माना जा रहा है.अरब प्रायद्वीप के सबसे गरीब देश पर ये त्रासदी ईद अल-फितर की छुट्टी से कुछ दिन पहले आई, जो रमजान के इस्लामी पवित्र महीने के अंत का प्रतीक है.

हुती के एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि राजधानी के बाब अल-यमन जिले में भगदड़ के बाद कम से कम “85 लोग मारे गए और 322 से अधिक घायल हो गए.” उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर एएफपी को बताया, “मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.” एक दूसरे स्वास्थ्य अधिकारी ने टोल की पुष्टि की.

साना में एएफपी के एक संवाददाता ने कहा कि घटना एक स्कूल के अंदर हुई जहां सहायता वितरित की जा रही थी. चश्मदीदों के मुताबिक, गरीबी से जूझ रहे देश में सैकड़ों लोग राहत सामग्री लेने के लिए जमा हुए थे.

केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं के लिए उत्तराखंड के मुख्य सेवक के नाम से लगेगा भंडारा

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को केदारनाथ धाम के सेवादार सदस्यों के दल के वाहनों का फ्लैग ऑफ किया। इन सेवादारों द्वारा केदारनाथ यात्रा मार्ग पर 21 से 25 अप्रैल तक श्रद्धालुओं के लिए उत्तराखण्ड के मुख्य सेवक के नाम पर भंडारे का आयोजन किया जायेगा। बाबा केदार की डोली के गुप्तकाशी से केदारनाथ पहुंचने तक यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा। 24 और 25 अप्रैल को हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की जाएगी।

मुख्यमंत्रीपुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सभी तैयारियां की गई है। चारधाम यात्रा की नियमित समीक्षा की जा रही है। चारधाम यात्रा के प्रति लोगों में काफी उत्साह हैं। अभी तक 16 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। स्वयं सेवी संगठनों एवं सामाजिक संगठनों का पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा की देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले सभी श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा दी जाएगी। इस अवसर पर कर्नल अजय कोठियाल (से.नि) भी उपस्थित थे।

जोशीमठ भूधंसाव : क्या इस रात की सुबह नहीं?

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  • सरकार की नजरें कमजोर, चश्मा बदलने की जरूरत

  • न प्री-फैब मकान बने और न विस्थापन हुआ न मुआवजा मिला

  • वरिष्ठ पत्रकार गुणानंद जखमोला 
चारधाम यात्रा 22 अप्रैल से शुरू हो रही है। हर साल जोशीमठ में इस यात्रा को लेकर उत्साह होता था। व्यापारियों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी कुछ रोजगार मिल जाता। इस बार जब यात्रा शुरू हो रही है तो कुछ लोग होटलों में विस्थापित हैं तो कुछ सार्वजनिक भवनों में। ऐसे में कैसे भगवान बदरी विशाल और नृसिंग देव के दर्शनों के लिए आ रहे तीर्थयात्रियों का स्वागत करें? या कुछ कमाने की जुगत करें। सिर पर छत न हो तो जीना कितना मुश्किल है, यह जोशीमठ के प्रभावितों को देख अंदाजा लग जाता है।
माना कि जोशीमठ को लेकर सरकार की नीयत साफ है। लेकिन सवाल तो उठते हैं कि काम धरातल पर क्यों नहंी हो रहे हैं? दो हजार प्री-फेब बनने थे। बन गये क्या? होटलों और सार्वजनिक भवनों में लोग कब तक रहेंगे? पीपलकोटी और दूसरे सुरक्षित स्थानों पर बसाने की योजना कितनी सिरे चढ़ी। मुआवजे का क्या हुआ?
आठ संस्थाओं द्वारा किये गये अध्ययन सर्वेक्षण की रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गयी? ठीक है जोशीमठ की 30 प्रतिशत भूमि ही दरक रही है, लेकिन क्या गारंटी है कि दरारें और नहीं बढ़ेंगी। चारधाम यात्रा के दौरान क्या सरकार ने अब तक वहां कैरिंग कैपिसिटी तय की है। या तीर्थयात्रा के कुछ मानक तय किये हैं। हेलंग-मारवाड़ी बाईपास को लेकर सरकार का क्या स्टैंड है? क्या एनटीपीसी पूरी तरह से निर्दोष है? समग्र विस्थापन नीति अब तक क्यों नहंी बनी? मुआवजे के मानक अब तक तय क्यों नहीं हुए?
सरकार को चाहिए कि जोशीमठ को पूरी गंभीरता से ले। वहां के नौनिहालों ने इस बार किस तरह से बोर्ड परीक्षाएं दी हैं, यह विचारणीय है। प्रभावितों की सुनवाई होनी चाहिए और धरातल पर काम नजर आने चाहिए। सरकार बंद कमरों में जोशीमठ के भाग्य का फैसला न करे। प्रभावितों को विश्वास में ले।

भारत ने चीन को पीछे छोड़ा, बना दुनिया का सबसे आबादी वाला देश

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भारत चीन को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे आबादी वाला देश बन गया है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार भारत की आबादी 142.86 करोड़ हो गई है। जबकि चीन की आबादी 142.57 करोड़ है। संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार सुबह एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें कहा गया था कि भारत इस साल के मध्य तक दुनिया का सबसे आबादी वाला देश बन जाएगा। साथ ही संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी आंकड़ों से पता चला कि भारत 30 लाख से अधिक लोगों के साथ चीन को पीछे छोड़ते हुए सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के स्टेट ऑफ वर्ल्ड पॉपुलेशन रिपोर्ट, 2023 के जनसांख्यिकीय आंकड़ों का अनुमान है कि चीन की 142.57 करोड़ की तुलना में भारत की जनसंख्या 142.86 करोड़ है। अगर आंकड़ों पर गौर करें तो अमेरिका 34 करोड़ की आबादी के साथ तीसरे नंबर पर है।

UNFPA की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत की 25 प्रतिशत जनसंख्या 0-14 वर्ष के आयु वर्ग की है। वहीं 18 प्रतिशत 10 से 19 आयु वर्ग, 26 प्रतिशत 10 से 24 आयु वर्ग, 68 प्रतिशत 15 से 64 वर्ष आयु वर्ग में और 65 वर्ष से ऊपर 7 प्रतिशत है। वहीं, विभिन्न एजेंसियों के अनुमानों ने सुझाव दिया है कि भारत की जनसंख्या लगभग तीन दशकों तक बढ़ती रहने की उम्मीद है। इससे आबादी 165 करोड़ हो सकती है।

जनसंख्या विशेषज्ञों ने संयुक्त राष्ट्र के पिछले आंकड़ों का उपयोग करते हुए अनुमान लगाया था कि भारत इस महीने चीन को पीछे छोड़ देगा। कहा गया था कि अभी यह नहीं पता है कि इस बदलाव में कितना समय लगेगा। लेकिन बुधवार दोपहर तक संयुक्त राष्ट्र ने एक और रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि भारत सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन गया है। हालंकि भारत की जनगणना साल 2011 में हुई थी।

पिछले साल छह दशकों में पहली बार चीन की आबादी में गिरावट आई थी। इसके बाद चीन की आबादी में कमी ही देखी जा रही है। कहा जा रहा है कि इसका असर अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत की वार्षिक जनसंख्या वृद्धि 2011 के बाद से औसतन 1.2 फीसदी रही है, जबकि पिछले 10 वर्षों में यह 1.7 फीसदी थी। यूएनएफपीए इंडिया के प्रतिनिधि एंड्रिया वोजनार ने कहा कि भारतीय सर्वेक्षण के निष्कर्ष बताते हैं कि लगातार बढ़ रही जनसंख्या का असर आम लोगों पर पड़ रहा है।