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फिर बढ़े कोरोना के मरीज, 12193 नए मामले, 67 हजार से ज्यादा एक्टिव केस

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देश में एक दिन बाद ही कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के कुल 12,193 मामले दर्ज किए गए हैं। इससे पहले, कल यानी 21 अप्रैल को कुल 11,692 नए मामले सामने आए थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोना के एक्टिव केस बढ़कर अब 67,556 हो गए हैं। 21 अप्रैल को सक्रिय मरीजों की संख्या 66,170 थी। 24 घंटे में कोरोना से 10,765 मरीज रिकवर हुए हैं। अब तक 4 करोड़ 42 लाख 83 हजार 21 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कोरोना से 42 मरीजों की जान भी गई है। देश में कोरोना से अब तक कुल 5 लाख 31 हजार 300 लोगों की जान जा चुकी है। देश में अब तक कोरोना के कुल 4 करोड़ 48 लाख 81 हजार 877 मामले सामने आ चुके हैं।

 

डेली पॉजिटिविटी दर- 6.17 फीसदी

साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर- 5.29 फीसदी

एक्टिव केस- 0.15 फीसदी

रिकवरी दर- 98.66 फीसदी

मृत्यु दर- 1.18 फीसदी

आज सरकारी बंगला खाली करेंगे राहुल गांधी

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नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को ‘मोदी सरनेम’ मामले में सूरत की एक अदालत ने दो साल की सजा सुनाई थी जिसके बाद राहुल गांधी सांसद के रूप में अयोग्य घोषित किए गए और उनको सरकारी आवास खाली करने का आदेश दिया गया था.

इसके बाद राहुल गांधी अपना सामान लेकर अपनी मां सोनिया गांधी के सरकारी आवास पर शिफ्ट हो गए हैं. राहुल गांधी आज यानी 22 अप्रैल को 12, तुगलक लेन बंगला लोकसभा सचिवालय को सौंप देंगे.

राहुल गांधी ने 14 अप्रैल को अपने कार्यालय और कुछ निजी सामान को बंगले से अपनी मां सोनिया गांधी के आधिकारिक आवास में शिफ्ट कर दिया था. सूत्रों ने कहा कि गांधी ने शुक्रवार शाम को अपने बचे हुए सामान को उस बंगले से उठा लिया. यह बंगला उन्हें एक सांसद के रूप में आवंटित किया गया था. एक ट्रक को उनके सामान के साथ इमारत से बाहर जाते देखा गया. वह करीब दो दशक से इस बंगले में रह रहे थे.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राहुल गांधी अपना कार्यालय बदलने के बाद वह पहले से ही अपनी मां और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ उनके 10, जनपथ स्थित आवास पर रहना शुरू कर चुके हैं. सूरत की एक अदालत ने 23 मार्च को राहुल गांधी को मानहानि मामले में दोषी ठहराया था और उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद वह सांसद के रूप में अयोग्य घोषित किए गए थे.

उन्होंने सूरत की सत्र अदालत में मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश को चुनौती दी थी, जिसने सजा को रद्द करने की उनकी अपील को खारिज कर दिया. कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि सत्र अदालत के आदेश को अगले हफ्ते गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी.

ट्रक और कार की टक्कर में गई तीन लोगों की जान

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मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के पचोर में भीषण सड़क हादसा हुआ है। बीती रात एक कार और ट्रक की भिड़ंत हुई है। दोनों वाहनों की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इसमें तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस हादसे की जांच कर रही है।

पुलिस ने बताया कि पचोर के पास कार और ट्रक की सीधी टक्कर हुई है। कार ब्यावरा की ओर से उज्जैन जा रही थी, जबकि ट्रक सामने से आ रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और वाहनों से शवों को बाहर निकाला।

पुलिस ने बताया कि हादसे में कार चालक सुनील यादव, अमित शर्मा व दीपक शर्मा की मौत हो गई है। तीनों लोग श्योपुर के रहने वाले थे। हादसे में राम मिलन व राजपाल गुर्जर घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, कार सवार सभी लोग अपने रिश्तेदार की अस्थियां विसर्जन करने के लिए उज्जैन जा रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद चीख पुकार मच गई थी। स्थानीय नागरिकों व पुलिस ने शवों व घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला।

अभिनव थापर की जनहित याचिका पर कोर्ट ने सरकार को दी अंतिम चेतावनी, ये है पूरा मामला

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देहरादून: 2021 में पूरे भारत मे कोरोना महामारी व उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की शिथिलता और पहाड़ में अन्य बीमारियों हेतु भी स्वास्थ्य सुविधाओं के आभाव के दृष्टिगत, अतः प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने हेतु कांग्रेस नेता व सामाजिक कार्यकर्ता अभिनव थापर ने माननीय हाईकोर्ट नैनीताल में जुलाई 2021 पर जनहित याचिका दायर की जिसपर पर हाईकोर्ट ने 4 जनवरी 2023 को दोनों पक्षों को अंतिम अवसर दिया और चेतावनी देकर पुनः नोटिस जारी कर 4 हफ्ते में याचिका पर अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया । याचिका के प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने के विषय पर सरकार की तरफ से अनदेखी का माननीय हाईकोर्ट ने संज्ञान ले लिया है और पहाड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने हेतु शिथलीकरण की मांग पर सरकार को दिशा-निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता के मांगो पर गुण-दोष अनुसार कोर्ट के आदेशों से पहले ही स्वयं शासनादेश जारी कर पहाड़ और मैदान के नर्सिंग होम्स व हस्पतालों के नियमों पर दोहरे मापदंड को खत्म किया जाए। किंतु आज लगभग 2 दो वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार के आवास विभाग ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया । इस पर माननीय हाईकोर्ट ने गंभीरता से संज्ञान लिया और जनहित याचिका में उल्लेखित पहाड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु समस्त मांगों पर सरकार को दिशा-निर्देश दिये ।

याचिकाकर्ता अभिनव थापर ने माननीय हाईकोर्ट के समक्ष मुख्य बिंदु में आवास विभाग की हॉस्पिटल, नर्सिंग होम व स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले संस्थान के “वन टाइम सेटलमेंट- OTS- 2021” स्कीम में कमियों व क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट – CEA से संबंधित है। इनके नियमों में शिथिलता से उत्तराखंड में हॉस्पिटल बेड की वर्तमान संख्या को घटने से रोकना व उनकी संख्या बढ़ाने का भी प्रावधान किया जा सकेगा। याचिका में पहाड़ी क्षेत्र में लिये विशेष शिथिलीकरण की मांग की गई है जिससे प्रदेश के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ सुविधाओं का अवसर बढ़ सके और पूरे प्रदेश को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

जनहित याचिका के माननीय हाईकोर्ट में अधिवक्ता अभिजय नेगी ने बताया कि आज सुनवाई के उपरांत माननीय हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विपिन सांघी व जस्टिस आलोक कुमार वर्मा युक्त पीठ ने सरकार को जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया, सरकार को सख्त दिया – निर्देश दिए की अगले 4 हफ्ते में जवाब दाखिल किया जाय और कोर्ट ने अब फ़ाइनल सुनवाई की तारीख 14 जून 2023 भी तय कर दी है।

अभिनव थापर ने कहा कि मेरी मांगो पर सहमति जताने के लिए माननीय हाईकोर्ट का सादर आभार। सरकार लगभग 2 वर्षों से जवाब देने से भाग रही थी किन्तु हमारे संघर्ष के बाद अंततः सरकार को अब पहाड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं बढ़ाने के लिये नियमों शिथलीकरण करना पड़ेगा जिससे उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।

अच्छी खबर : चारों धामों में अब प्रतिदिन दर्शन का कोटा खत्म

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चारों धामों में अब कितने भी यात्री दर्शन कर सकेंगे। यात्रियों की प्रतिदिन दर्शन का कोटा खत्म कर दिया गया है। इस संबंध में शासन की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं।

फैसले के बाद पुरोहित महासभा अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल सहित चारधाम यात्रा से जुड़े लोगों ने चारधाम यात्रा में सीमित संख्या की बाध्यता समाप्त करने पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

चारधाम यात्रा के लिए अब तक पंजीकरण का आंकड़ा 15 लाख पार पहुंच गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार पर्यटन विभाग ने 21 फरवरी से ही पंजीकरण शुरू कर दिया था। अब तक यात्रा के लिए 15.14 लाख से अधिक यात्रियों ने पंजीकरण करा लिया है।

इसमें केदारनाथ धाम के लिए 5.41 लाख, बदरीनाथ धाम के लिए 4.56 लाख, गंगोत्री धाम के लिए 2.77 लाख, यमुनोत्री धाम के लिए 2.40 लाख यात्री पंजीकरण करा चुके हैं।

 

सचिन पायलट का CM गहलोत पर फिर निशाना, बोले : मारता हुआ आदमी झूठ नहीं बोलता…

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Sachin Pilot- Ashok Gehlot

जयपुर: सचिन पायलट और CM अशोक गहलोत के बीच की तनातनी थमने का नाम नहीं ले रही है. अब सचिन पायलट ने रामप्रसाद सुसाइड केस में गहलोत के मंत्री महेश जोशी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है. पायलट मृतक के परिजनों से मिले और उसके बाद निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर एक नया विवाद खड़ा कर दिया. सचिन पायलट और गहलोत सरकार चुनाव से महज कुछ महीने पहले दोनों अलग-अलग राजनीतिक दिशा में दौड़ रहे हैं. ऐसे में कांग्रेस के लिए राजस्‍थान में मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

मामला जयपुर के परकोटा इलाक़े का है, यहां सचिन पायलट, बीजेपी के सासंद किरोड़ीलाल मीणा के नेतृत्व में उस धरने में बैठे दिखाई पड़े, जहां रामप्रसाद मीणा नाम के एक शख़्स की ख़ुदकुशी को लेकर इंसाफ़ की मांग की जा रही है. पायलट ने भी गहलोत सरकार के कैबिनेट मंत्री महेश जोशी और बाक़ी आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है. आपको बता दें कि जयपुर के परकोटा इलाक़े में रामप्रसाद मीणा नाम के शख़्स ने चार दिन पहले ख़ुदकुशी कर ली.

ख़ुदकुशी से पहले उसने वीडियो जारी किया, जिसमें आरोप लगाया कि मंत्री महेश जोशी और कुछ अन्य लोग उसे दस्तावेज़ होने के बाद भी मकान नहीं बनाने दे रहे. वह जिस मंदिर परिसर में रह रहा था, उससे भी उसे बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं. तीन दिन से मृतक रामप्रसाद मीणा के परिजन उसके शव के साथ धरने पर हैं, जिसे बीजेपी भरपूर समर्थन दे रही है और इसे पायलट के समर्थन मिलने के बाद सियासत गरमा गई है, क्योंकि पायलट इस मामले में अपनी ही सरकार के ख़िलाफ़ एक बार फिर मुखर हैं.

पायलट ने कहा कि आदिवासी वोट ज्यादातर कांग्रेस को मिलते हैं, एक आदिवासी व्यक्ति की जिस तरह से मौत हुई है, 3 दिन से शव रखा हुआ है. मैंने व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री को कहा है कि इसका समाधान तुरंत किया जाए चाहे महेश जोशी हो या कोई बड़े हों, ऐसी घटना से बहुत बड़ा नुकसान होता है, हमारी सारी योजनाओं पर एक ऐसी घटना पानी फेर देती है. इसलिए इसका तुरंत समाधान करना चाहिए और मुख्यमंत्री ने कहा भी है इसके लिए हम समाधान शीघ्र करेंगे.

इस्तीफा देना नहीं देना तो आत्मा की गवाही होती है. जातीय समीकरण बहुत हावी रहते हैं, उसके है और हमारे खुद के ऊपर ऐसी बातें आ रही है कि तुम क्या कर रहे हो बैठे-बैठे, जब तुम्हारे समाज के इस व्यक्ति को इस तरीके से मार दिया गया और मैं समझता हूं कि नकारा नहीं जा सकता. पूर्वी राजस्थान की बहुत बड़ी जनसंख्या है और मैं जहां तक समझता हूं मरते आदमी झूठ नहीं बोलता है और जो उसके वीडियो है उसकी जांच होनी चाहिए .चाहे कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों ना हो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए.

साकेत कोर्ट में गवाही के लिए आई महिला को मारी गोली, अस्पताल में भर्ती

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नई दिल्ली : साकेत कोर्ट भी अब सुरक्षित नहीं है। शुक्रवार सुबह साकेत कोर्ट में सनसनीखेज वारदात सामने आई है। साकेत कोर्ट में सुबह एक महिला को गोली मार दी गई। महिला को गवाही के लिए कोर्ट लाया गया था। एनएससी थाना अध्यक्ष ने महिला को अपनी गाड़ी से अस्पताल में भर्ती कराया है। घटना के बाद दिल्ली पुलिस में हड़कंप मच गया है। सूचना के बाद सारे वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि महिला को एक के बाद एक चार गोली मारी गई हैं।

इससे पहले पिछले साल रोहिणी कोर्ट में घुसकर भरी कोर्ट में गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। कोर्ट में वकील की ड्रेस पहने हुए दो शख्स आए और उन्होंने गोगी पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं। टिल्लू गिरोह के शूटरों ने जितेंद्र गोगी की हत्या की थी। इसमें पुलिस ने दोनों शूटरों को मार गिराया था। कुख्यात बदमाश जितेंद्र उर्फ गोगी को कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। इस पेशी के दौरान वकील की ड्रेस पहने हुए दो लोगों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।

जवाबी कार्रवाई में स्पेशल सेल की तरफ से भी गोलियां चलाई गईं, जिसमें दोनों हमलावरों की मौत हो गई। इस तरह वारदात में गैंगस्टर गोगी समेत कुल तीन लोगों की मौत हो गई थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जितेंद्र को वर्ष 2020 में गिरफ्तार किया था। काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने उसे गुरुग्राम से तीन अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय उस पर दिल्ली पुलिस की तरफ से आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था।

केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुई बाबा केदार की डोली

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ऊखीमठ : ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग बाबा केदारनाथ की उत्सव डोली गद्दी स्थल ऊखीमठ से केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो गई है। ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में परंपरानुसार पूजा-अर्चना के बाद डोली ने पहले रात्रि पड़ाव विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी के लिए प्रस्थान कर लिया है।

पूजा-अर्चना के बाद डोली के साथ बड़ी संख्या में भक्तों की मौजूदगी में पैदल यात्रा के लिए प्रस्थान किया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उत्सव डोली 22 अप्रैल को फाटा, 23 को गौरीकुंड तथा 24 अप्रैल, 2023 को श्री केदारनाथ धाम पहुंचेगी। 25 अप्रैल, 2023 को प्रातः 6 बजकर 20 मिनट पर बाबा केदार के कपाट भक्तों के लिए दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। इस अवसर पर केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

बड़ी खबर: सेना को अलर्ट रहने के निर्देश, देश लेगा शहादत का बदला

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जम्मू-कश्मीर: राजोरी और पुंछ सीमा से सटे भाटादूड़ियां क्षेत्र में वीरवार को हुए आतंकी के बाद सेना ने हरकत में आते हुए राजोरी के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोपहर बाद जैसे ही सेना के वाहन पर आतंकी हमला हुआ, सेना के जवानों ने बीजी और मंजाकोट से सटे जंगली इलाकों में चप्पे-चप्पे को खंगालना शुरू कर दिया। सूत्रों की मानें तो सेना को कम समय में एक्शन के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

सेना ने मंजाकोट के जंगली इलाके जो कि थन्नामंडी और शाहदरा शरीफ से मिलते हैं, और मुगलरोड से कश्मीर घाटी के साथ जुड़ते हैं, वहां जगह-जगह नाके लगाकर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है। कोशिश है कि यदि आतंकवादी मंजाकोट और थन्नामंडी के जंगलों में हैं तो वह घाटी की ओर न जा सकें, और उन्हें पहले ही ढेर कर दिया जाए।

सूत्रों बताते हैं कि सेना ने बड़े पैमाने पर जंगलों में दूर-दूर तक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। जंगलों के आसपास लोगों के घरों में भी सेना पूछताछ कर रही है। वीरवार की घटना में आतंकियों और ओजीडब्ल्यू की ओर से स्टिकी बम अथवा किसी अन्य केमिकल का प्रयोग होने की आशंका जताई जा रही है।

जिस प्रकार सैन्य वाहन में आग लगी और एक भी जवान को जान बचा कर बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया, उसमें केमिकल का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। हादसे से पहले सुनी बिजली कड़कने की आवाज रू स्थानीय लोगों ने बताया, उन्होंने पहले आसमान में जोरदार बिजली कड़कने की आवाज सुनी। उसके बाद जोरदार धमाके की आवाज सुनी। कुछ ही क्षणों में इस बात का शोर सुना कि सेना के वाहन में आग लग गई है।

हमले में सिपाही हरकिशन सिंह, कुलवंत सिंह, हवलदार मंदीप सिंह, सिपाही सेवक सिंह (सभी पंजाब), देबा आशीष बिस्वाल ओडिशा शहीद हुए हैं। सिपाही शक्तिवेल के को गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 2022 में भी इस क्षेत्र के जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर तीन दिनों तक सुरक्षाबलों ने पुंछ-जम्मू मार्ग बंद कर आपरेशन चलाया था। हालांकि तब भी सुरक्षा बलों को कोई सफलता नहीं मिली थी। जहां यह घटना हुई, उसी क्षेत्र में 14 अक्तूबर, 2021 को तलाशी अभियान चला रहे एक जेसीओ सहित चार जवानों पर आतंकियों ने हमला किया था जिसमें चारो शहीद हो गए थे।

इसके बाद करीब एक माह तक क्षेत्र में सुरक्षाबलों का अभियान चला था, लेकिन एक भी आतंकी हाथ नहीं लगा था। तब एक महीने तक पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर जड़ांवाली गली व भिंबर गली के बीच यातायात बंद रखा गया था। श्रीनगर में अगले महीने 22 से 24 मई के बीच जी-20 की बैठक को देखते हुए पुलिस ने सेना को सतर्क रहने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।