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टेस्ट में फेल ये 48 दवाएं!

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नई दिल्ली : एक बार फिर की दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं. ये वो दवाइयाँ हैं] जिनको आप और इसलिए ले रहे हैं कि जल्द ठीक हो जाएं. लेकिन, अगली बार जब आप कोई दवा लेने जाएं तो ये जरूर देख लीजिएगा कि कहीं ये उन दवाओं की लिस्ट में तो शामिल नहीं, जो मानकों पर फेल हो गई हैं. सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड एंड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन ने पाया है कि देश में 48 दवाएं ऐसी हैं जो तय मानकों पर खरी नहीं उतरीं हैं.

नेशनल ड्रग रेगुलेटर CDSCO के मुताबिक मार्च में 1497 दवाओं के सैंपल्स को देश की कई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स से लिया गया, जब उनकी टेस्टिंग की गई तो 1449 दवाएं तो मानकों पर खरी उतरीं लेकिन 48 दवाओं की क्वालिटी तय स्टैंडर्ड से नीचे पाई गई.

ये वो दवाइयां हैं जो आम तौर पर इस्तेमाल की जाती हैं जैसे anti-diabetic, antibiotics, calcium या दिल की बिमारी से जुड़ी दवाइयां. लिस्ट में मल्टी विटामिन दवाइयों से लेकर HIV के लिए इस्तेमाल होने वाली Ritonavir भी शामिल है. इस लिस्टि में मिरगी की दवा Gabapentin, हाइपरटेंशन की दवा Telmisartan, डायबिटीज की दवा Glimepiride और Metformin भी शामिल है.

इसके अलावा आयरन और फॉलिक एसिड की टैबलेट, प्रोबायोटिक्स कई मल्टीविटामिन की गोलियां भी हैं, जो इस लिस्ट में हैं. इसमें Vitamin C, Vitamin B12, फॉलिक एसिड, Amoxycillin, कैल्शियम- और विटामिन-D3 की टैबलेट, Telmisartan टैबलेट भी इसमें शामिल हैं. इस लिस्ट में Meswak टूथपेस्ट का भी नाम है.

इन दवाओं की जब टेस्टिंग की गई तो पाया गया कि इनको बनाने में इस्तेमाल की गई सामग्री मानक स्तर पर नहीं थी, उनके इनग्रीडिएंट की मात्रा में गड़बड़ी या गलत लेबलिंग कुछ ऐसी वजहें रही, जिनकी वजह से दवाएं इस जांच में फेल हुई हैं. हाल ही में सरकार ने खराब क्वॉलिटी की दवाइयों के मामले में 18 फार्मा कंपनियों के लाइसेंस भी रद्द कर दिए थे.

फ्रेंच फ्राइज खाते हैं तो रहें सावधान, रिसर्च में हुआ ये खुलासा

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मूवी देखते हुए या किताब पढ़ते हुए या फिर दोस्तों के साथ गपशप करते हुए फ्रेंच फ्राइज हर किसी का फेवरेट टाइम पास फूड है। लेकिन, अब इसी डिश को लेकर एक नई स्टडी में कुछ खुलासा हुआ है, जो आपकी चिंता बढ़ा देगी। तले हुए, चिकने और स्टार्चयुक्त फ्रेंच फ्राइज आपके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। जी हां, आप सही पढ़ रहे हैं।

चीन में हुए एक शोध में पाया गया है कि तले हुए खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन, विशेष रूप से तले हुए आलू, लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थ्य बना सकते हैं। जो लोग ऐसे फूड्स का सेवन नहीं करते उनकी तुलना में, जो लोग ऐसी चीजों को खाना पसंद करते हुए उनमें एंग्जाइटी की समस्या 12% और अवसाद का जोखिम 7% तक अधिक होता है।

हालांकि, अध्ययन करने वाले विशेषज्ञों ने कहा कि परिणाम प्रारंभिक हैं और यह जरूरी नहीं है कि तले हुए फूड आइटम्स मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों का कारण हों या जो लोग अवसाद या चिंता के लक्षणों का अनुभव कर रहे थे, वे तले हुए खाद्य पदार्थों से जुड़े हों। अध्ययन में यह भी पाया गया कि नियमित रूप से एक से अधिक तले हुए भोजन का सेवन करने वाले प्रतिभागियों में कम उम्र के पुरुषों के होने की संख्या अधिक थी।

शोध के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य के लिए तले हुए भोजन की खपत को कम करने पर जोर देना है। लेकिन इसके निष्कर्षों को लेकर अब भी कुछ संशय है। विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि शोध के परिणाम प्रारंभिक हैं, इसलिए अभी यह स्पष्ट नहीं किया जा सका है कि तले हुए खाद्य पदार्थ मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को बढ़ाते हैं या मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के कारण लोग तले हुए खाद्य पदार्थों की ओर रुख करते हैं।

आसान भाषा में समझाएं तो, ‘लोग तली-भुनी चीजों की ओर इसलिए आकर्षित होते हैं क्योंकि वे चिंतित या उदास हैं या फिर वे तली-भुनी चीजों का अधिक सेवन करते हैं इसलिए चिंता या अवसाद से जूझ रहे हैं’ इसपर पूरी तरह से कोई निष्कर्ष देना अभी जल्दबाजी होगी। इस शोध में 11.3 वर्षों से अधिक की अवधि में 140,728 लोगों का मूल्यांकन किया गया है। पहले दो वर्षों के भीतर अवसाद से निदान किए गए प्रतिभागियों को बाहर करने के बाद, चिंता के कुल 8,294 मामले और अवसाद के 12,735 मामले उन लोगों में पाए गए, जो तले हुए भोजन का सेवन करते थे।

श्रद्धालुओं के लिए खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट

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  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से हुई पहली पूजा।

  • कपाट खुलने के अवसर पर तीर्थयात्रियों पर हेलीकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने पर समस्त श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं।

भगवान श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट आज गुरूवार को सुबह 7ः10 बजे शुभ मुहूर्त पर ब्रहम बेला में पूरे वैदिक मंत्रोचारण एवं विधि विधान के साथ श्रद्वालुओं के लिए खुल गए है। इस मौके पर पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई।

कपाटोद्घाटन के साक्षी बनने के लिए हजारों संख्या में श्रद्वालु धाम मौजूद थे। गुरूवार को सुबह चार बजे से कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई। कुबेर जी, श्री उद्वव जी एवं गाडू घडा दक्षिण द्वार से मंदिर में परिसर में लाया गया। इसके बाद मंदिर के मुख्य पुजारी रावल समेत धर्माधिकारी, हकहकूधारी एवं श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा प्रशासन एवं हजारों श्रद्वालुओं की मौजूदगी में विधि विधान के साथ मंदिर के कपाट खोले गए।

मुख्य पुजारी वीसी ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने गर्भगृह में भगवान बद्रीनाथ की विशेष पूजा-अर्चना करते हुए सबके लिए मंगलमय की कामना की। पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी के नाम से की गई। इसके साथ ही ग्रीष्मकाल के लिए बद्रीनाथ के दर्शन शुरू हो गए है। कपाटोद्घाटन के अवसर पर बद्रीनाथ मंदिर को 15 कुंतल फूलों से सजाया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने के शुभ अवसर पर समस्त श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएं प्रदान की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के सकुशल संचालन हेतु राज्य सरकार ने तमाम व्यवस्थाएं की हैं।

हल्की बर्फबारी व बारिश के बीच सेना की टुकडी ने बैण्ड की मधुर धुन तथा स्थानीय महिलाओं के पारम्परिक संगीत व नृत्य के साथ भगवान बद्रीनाथ की स्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशों के अनुरूप बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के अवसर पर तीर्थ यात्रियों के स्वागत में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा से श्रद्वालु गदगद हो उठे।

कपाट खुलने के एक दिन पूर्व से ही बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। पहले दिन ही हजारों श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ में अखण्ड ज्योति एवं भगवान श्री बद्रीनाथ के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का आगाज हो गया है।

कपाटोद्घाटन के अवसर पर श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल, सीडीओ डा.ललित नारायण मिश्र, एडीएम डा.अभिषेक त्रिपाठी, बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, एसडीएम कुमकुम जोशी, ईओ सुनील पुरोहित आदि सहित मंदिर संमिति के अन्य पदाधिकारी, सदस्य, हकहकूकधारी एवं भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

जुटने लगी श्रद्धालुओं की भीड़

बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही भू-बैकुण्ठ धाम के आसपास तप्तकुण्ड, नारद कुण्ड, शेष नेत्र झील, नीलकण्ठ शिखर, उर्वशी मन्दिर, ब्रह्म कपाल, माता मूर्ति मन्दिर तथा देश के प्रथम गांव माणा, भीमपुल, वसुधारा जल प्रपात एवं अन्य ऐतिहासिक व दार्शनिक स्थलों पर भी श्रद्वालुओं एवं पर्यटकों की भीड जुटने लगी है।

कब कितने यात्री पहुंचे बद्रीनाथ

विगत वर्षो में लाखों श्रद्वालु बद्रीनाथ की यात्रा कर चुके है। पिछले आंकडो पर नजर डाले तो वर्ष 2016 में 654355, वर्ष 2017 में 920466 तथा वर्ष 2018 में 1048051, वर्ष 2019 में 1244993 तथा वर्ष 2020 में 155055 श्रद्वालु बद्रीनाथ पहुॅचे। वर्ष 2021 में कोरोना संकट के कारण 197997 श्रद्वालु ही बदीनाथ पहुंच।

जबकि कोरोना महामारी पर नियंत्रण के बाद विगत वर्ष 2022 में 1763549 श्रद्वालु बद्रीनाथ धाम पहुॅचे। इस बार शुरूआत में ही रिकार्ड पंजीकरण के साथ बडी संख्या में श्रद्वालु बदरीनाथ पहुॅच रहे है।

नक्सली हमले में DRG के 10 जवान शहीद

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छत्तीसगढ़ : नक्सलियों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। दंतेवाड़ा के अरनपुर में नक्सलियों ने डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवानों पर घात लगाकर हमला किया है। हमले में 10 जवान बलिदान हो गए हैं। इसके अलावा एक ड्राइवर की भी मौत हुई है।

 

बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने जवानों के वाहन को निशाना बनाकर आईईडी धमाका किया है। सूचना मिलने के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल रवाना किया गया है। मृतकों में डीआरजी के 10 जवान और एक ड्राइवर शामिल हैं।

 

नक्सली हमले के बाद आईजी बस्तर पी सुंदरराज ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से मृतकों के शवों को निकाला जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारी वहां मौजूद हैं। सर्च ऑपरेशन जारी है।

 

नक्सली वारदात के बाद सीएम भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया सामने आई है। सीएम ने कहा, “यह बहुत दुखदायी है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। यह लड़ाई अब अपने अंतिम चरण में है। नक्सलियों को बख्शा नहीं जाएगा।

उत्तराखंड से दुखद खबर, कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास का निधन

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कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास का निधन हो गया है। चंदन रामदास लंबे समय से बीमार चल रहे थे।  तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बागेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उन्होंने अंतिम सांस ली है।

 

उनके निधन की खबर से पार्टी सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के निधन पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि- मंत्रिमंडल में मेरे वरिष्ठ सहयोगी चंदन राम दास के आकस्मिक निधन के समाचार से स्तब्ध हूं।

 

उनका निधन जनसेवा एवं राजनीति के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति है। ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं परिजनों व समर्थकों को यह असीम कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

 

मंत्री चंदन रामदास के निधन पर प्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। 26 से 28 अप्रैल तक राजकीय शोक रहेगा।

IIT छात्र फैजान अहमद के शव को कब्र से निकालकर फिर होगा पोस्टमार्टम

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कोलकाता: कलकत्ता हाईकोर्ट ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर के छात्र फैजान अहमद के शव का फिर से पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि दफ़न शव को कब्र से निकालकर कोलकाता लाया जाए और उसका पोस्टमार्टम किया जाए. फैजान अहमद का शव पिछले साल 14 अक्टूबर को संस्थान के छात्रावास के एक कमरे से मिला था.

कॉलेज प्रशासन ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था. लेकिन अहमद के परिवार का आरोप है कि उसकी हत्या की गई है. वहीं कल कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि दूसरी बार पोस्टमार्टम “सच्चाई तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण और आवश्यक है”.

 

न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा ने कहा, “पीड़ित के शव को असम में मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार दफनाया गया है. पीड़ित फैजान अहमद के शव को खोदकर निकालने का आदेश दिया जाता है.” मामले में जांच अधिकारी असम पुलिस के साथ समन्वय करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि शव या अवशेषों को बाहर निकाला जाए, राज्य पुलिस द्वारा कोलकाता लाया जाए और नए सिरे से पोस्टमार्टम किया जाए.” कोर्ट ने कहा कि छात्र के परिवार ने शव को कब्र से बाहर निकालने की सहमति दी थी.

मामले में एमिकस क्यूरी, संदीप भट्टाचार्य द्वारा नोट किए गए प्रमुख निष्कर्षों का हवाला दिया. अदालत ने कहा कि पीड़ित के सिर के पीछे दो चोट के निशान मिले हैं. निशानों की पुष्टि संदीप कुमार भट्टाचार्य, लेफ्टिनेंट एमिकस क्यूरे (Ld. Amicus Curae) द्वारा की गई है. मूल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका उल्लेख नहीं है.

पांडुकेश्वर में उमड़े सैकड़ों भक्त, कल खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

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आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और रावल बदरीनाथ धाम रवाना हो गए हैं। कल गुरुवार 27 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इससे पहले पांडुकेश्वर में सैकड़ों भक्त उमड़े। 25 अप्रलै को केदारनाथ धाम के कपाट खुल गए हैं। चारधाम यात्रा को लेकर लोगों में भारी उत्साह दिखाई दे रहा है।

जोशीमठ नृसिंह मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के बाद आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, गाडू घड़ तेल कलश यात्रा और बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी) ईश्वर प्रसाद नंबूदरी व अन्य वेदपाठी योग बदरी मंदिर पांडुकेश्वर के लिए रवाना हो गए हैं। इससे पूर्व रावल ने नृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना संपन्न की। इस दौरान भक्तों के जय बदरीविशाल के जयकारों से जोशीमठ गुंजायमान हो उठा।

पांडुकेश्वर से कुबेर जी और उद्धव जी की उत्सव डोली भी बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी। बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को प्रात: 7 बजकर 10 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।

मंगलवार सुबह नौ बजे से नृसिंह मंदिर परिसर में बदरीनाथ के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी और धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल ने संकल्प पूजाएं संपन्न की। इसके बाद सुबह साढ़े 10 बजे आर्मी की बैंड धुनों के साथ रावल के साथ ही अन्य वेदपाठी, गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी को पांडुकेश्वर के लिए रवाना किया गया।

स्कूल को मिली बम से उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

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राजधानी दिल्ली से बड़ी खबर है। दिल्ली में मथुरा रोड स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल को ई-मेल के जरिए बम की धमकी मिली है। दिल्ली फायर सर्विस का कहना है कि जांच चल रही है। मौके पर दिल्ली पुलिस समेत अन्य टीम मौजूद हैं।

जानकारी के अनुसार, डीपीएस मथुरा रोड में बम की कॉल मिलने से हड़कंप मच गया। ईमेल से बम रखे होने की जानकारी दी गई है। स्कूल प्रशासन की ओर से 8:10 पर पीसीआर कॉल के जरिए स्कूल में बम होने की जानकारी दी गई। जिसके बाद पुलिस टीम को मौके पर पहुंची।

दिल्ली के साउथ ईस्ट DCP राजेश देव ने कहा कि सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की बम डिस्पोजल टीम और लोकल पुलिस को तैनात किया गया है। फिलहाल कोई भी संदिग्ध चीज नहीं मिली है। जांच जारी है।

12 अप्रैल को साउथ दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी थाना इलाके के सादिक नगर में स्थित एक स्कूल को बम से उड़ाने की मिली थी। धमकी के बाद अफरा-तफरी मच गई थी। स्कूल प्रशासन द्वारा परिजनों के व्हाट्सएप ग्रुप पर मैसेज जारी कर यह बताया गया कि वह तुरंत स्कूल पहुंचकर अपने बच्चों को घर ले जाएं।

 

यह मैसेज मिलते ही स्कूल के बाहर काफी भीड़ जमा हो गई। परिजन बच्चों को लेकर निकलने लगे। उन्हें कुछ नहीं पता था कि आखिर इमरजेंसी किस बात की हुई है। बाद में परिजनों ने देखा कि बम स्क्वाड और खोजी कुत्ते स्कूल के अंदर गए हैं, तब लोगों के समझ में आया की कुछ गड़बड़ जरूर है।

इस मामले की पुष्टि करते हुए डीसीपी साउथ चंदन चौधरी ने बताया कि स्कूल को 10:49 पर बम प्लांट होने की एक मेल मिली थी। उसी मेल के आधार पर स्कूल प्रशासन ने कॉल करके पुलिस को सूचना दी। स्कूल प्रशासन ने बताया कि उन्हें एक मेल के जरिए स्कूल के अंदर बम प्लांट की बात बताई गई है।

प्रकाश सिंह बादल को अंतिम श्रद्धांजलि देंगे पीएम मोदी, दोपहर 12 बजे पहुंचेंगे चंडीगढ़

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शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल को अंतिम श्रद्धांजलि देने दोपहर 12 बजे पीएम नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ पहुंचेंगे। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रकाश सिंह बादल के निधन पर शोक व्यक्त किया था। पीएम मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा कि बेहद दुखी हूं।

प्रकाश सिंह बादल भारतीय राजनीति की विराट हस्ती और उल्लेखनीय नेता थे। जिन्होंने हमारे देश के लिए बहुत योगदान दिया। पंजाब की प्रगति के लिए अथक परिश्रम किया व कठिन समय में राज्य को सहारा दिया।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का मंगलवार की रात निधन हो गया है। उन्होंने मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। केंद्र सरकार ने बादल के निधन पर दो दिन (26 और 27 अप्रैल) के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और सरकारी मनोरंजन के कार्यक्रम नहीं होंगे।

 

 

27 अप्रैल को छुट्टी का एलान

पंजाब सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के निधन पर 27 अप्रैल को छुट्टी का एलान किया है। इस दौरान सभी दफ्तर और विधिक संस्थान बंद रहेंगे। बता दें कि 27 अप्रैल को पैतृक गांव में प्रकाश सिंह बादल का अंतिम संस्कार होगा।

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Parkash Singh Badal: प्रकाश सिंह बादल को अंतिम श्रद्धांजलि देंगे पीएम मोदी, दोपहर 12 बजे पहुंचेंगे चंडीगढ़

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 26 Apr 2023 09:57 AM IST

सार

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चंडीगढ़

केंद्र सरकार ने बादल के निधन पर दो दिन (26 और 27 अप्रैल) के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और सरकारी मनोरंजन के कार्यक्रम नहीं होंगे।

PM Narendra Modi will reach Chandigarh to pay final tributes to Shiromani Akali Dal patron Parkash Singh Badal

पीएम नरेंद्र मोदी, प्रकाश सिंह बादल (मध्य में) और सुखबीर सिंह बादल। – फोटो : अमर उजाला

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शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल को अंतिम श्रद्धांजलि देने दोपहर 12 बजे पीएम नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ पहुंचेंगे। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रकाश सिंह बादल के निधन पर शोक व्यक्त किया था। पीएम मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा कि बेहद दुखी हूं। प्रकाश सिंह बादल भारतीय राजनीति की विराट हस्ती और उल्लेखनीय नेता थे। जिन्होंने हमारे देश के लिए बहुत योगदान दिया। पंजाब की प्रगति के लिए अथक परिश्रम किया व कठिन समय में राज्य को सहारा दिया।

 

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बता दें कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का मंगलवार की रात निधन हो गया है। उन्होंने मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। केंद्र सरकार ने बादल के निधन पर दो दिन (26 और 27 अप्रैल) के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और सरकारी मनोरंजन के कार्यक्रम नहीं होंगे।

 

 

27 अप्रैल को छुट्टी का एलान

पंजाब सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के निधन पर 27 अप्रैल को छुट्टी का एलान किया है। इस दौरान सभी दफ्तर और विधिक संस्थान बंद रहेंगे। बता दें कि 27 अप्रैल को पैतृक गांव में प्रकाश सिंह बादल का अंतिम संस्कार होगा।

 

चंडीगढ़ से बठिंडा तक निकलेगी अंतिम यात्रा

प्रकाश सिंह बादल का अंतिम संस्कार 27 अप्रैल गुरुवार को उनके पैतृक गांव बादल में दोपहर एक बजे होगा। इससे पहले 26 अप्रैल को उनके पार्थिव शरीर को आम लोगों के दर्शन के लिए सुबह 10 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर 28 स्थित शिरोमणि अकाली दल के कार्यालय में रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू होगी। यह यात्रा राजपुरा, पटियाला, संगरूर, बरनाला, रामपुरा फूल, बठिंडा के रास्ते गांव बादल पहुंचेगी।

आये थे दर्शन करने, हादसे में बुझ गए दो घरों के चिराग

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रामनगर में दुखदहादसा हो गया। हादसे में दो युवाओं की मौके पर मौत हो गई। मुरादाबाद से रामनगर के गर्जिया मंदिर आए पांच युवक हादसे का शिकार हो गए। दो युवकों की कोसी नदी में बने कुंड में डूबने से मौत हो गई। तीन युवक कुशल बच गए।जानकारी के अनुसार, मुरादाबाद के रहने वाले आशीष ठाकुर, सूरज यादव, आदित्य, हिमांशु सिंह व इमरान आई10 संख्या यूपी-21बीएस-3082 से मंगलवार की सुबह रामनगर के गर्जिया मंदिर में गए।

दोपहर के समय वे मंदिर के पीछे कोसी नदी में बने गहरे कुंड में नहाने चले गए। नहाते समय सूरज व आशीष ठाकुर गहरे कुंड में डूब गए। जिनको मौके पर बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं बच सके।

मंदिर में मौजूद अन्य श्रद्धालु व पुलिस ने किसी तरह दोनों युवकों को गहरे कुंड से बाहर निकाला और रामनगर के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। गर्जिया चौकी प्रभारी गगनदीप सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है।