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अगले महीने पेरिस यात्रा पर रवाना होंगे राहुल गांधी, इन कार्यक्रमों में होंगे शामिल

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राहुल गांधी के अगले महीने यूरोप का दौरा करने और पेरिस में एक विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करने के अलावा बेल्जियम में यूरोपीय आयोग के सांसदों से मिलने की संभावना है।

एजेंसी के अनुसार, उनके सितंबर की शुरुआत में ओस्लो में एक कार्यक्रम में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करने की भी संभावना है। विशेष रूप से, उनकी विदेश यात्रा ऐसे समय में होगी जब राष्ट्रीय राजधानी में 9 से 10 सितंबर तक महत्वपूर्ण जी20 शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। वर्तमान में भारत के पास G20 की अध्यक्षता है। एजेंसी ने कहा कि गांधी परिवार के पांच दिवसीय दौरे के लिए सितंबर के पहले सप्ताह में पेरिस रवाना होने की संभावना है।

राहुल 7 सितंबर को ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के सदस्यों के साथ एक बैठक में भाग लेंगे। सूत्रों के अनुसार, पूर्व कांग्रेस प्रमुख 8 सितंबर को पेरिस के एक विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करेंगे और वहां एक व्याख्यान देंगे। उनका 9 सितंबर को पेरिस में फ्रांस के श्रमिक संघ की बैठक में भी भाग लेने का कार्यक्रम है।

इसके बाद, सूत्रों ने कहा कि गांधी का नॉर्वे जाने का कार्यक्रम है जहां वह 10 सितंबर को भारतीय प्रवासियों के कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि श्री गांधी प्रवासी भारतीयों से मुलाकात करेंगे और एक संवाददाता सम्मेलन भी कर सकते हैं।

आज का दिन है बेहद खास, आखिर क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय खेल दिवस?

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रोज उठना, काम पर जाना और फिर खाना खाकर सो जाना। क्या आपकी लाइफ साइकिल भी कुछ ऐसी ही चल रही है? क्या आप भी खुद के लिए समय निकाल नहीं पा रहे है? ये सवाल भले ही आपको सरल लग रहा होगा, लेकिन इसका अर्थ बहुत ही गहरा है।

बदलते समय के साथ हर चीज में परिवर्तन हो रहा है, लेकिन अगर इंसान मानसिक और शारीरिक स्वस्थ नहीं तो पैसे कमाने का भी कोई मतलब नहीं रह जाता है। आज हम ये सब इसलिए कह रहे है, क्योंकि आज यानी 29 अगस्त का दिन खेल जगत के लिए बेहद ही खास है।देश में इस समय हर घर में भारत के स्टार नीरज चोपड़ा के विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड हासिल करने को लेकर चर्चा हो रही है।

बच्चों को इन प्लेयर्स का उदाहरण देकर करियर पर ध्यान देने को लेकर समझाया तो जरूर जाता है, लेकिन जब तक बच्चों को खेल के परिवार से ज्यादा सपोर्ट नहीं मिलेगा तब तक भारत को भविष्य में और नीरज चोपड़ा जैसा प्लेयर भला कैसे मिलेगा?

इसी वजह से भी 29 अगस्त का दिन नेशनल स्पोर्ट्स डे मनाया जाता है। ऐसे में इस खास मौके पर जानते हैं कैसे, कब और किसकी वजह से राष्ट्रीय खेल दिवस मनाने की शुरुआत हुई थी?

राष्ट्रीय खेल दिवस (National Sports Day) मनाने का सफर 29 अगस्त साल 2012 से शुरू हुआ था। जब इस तारीख को खिलाड़ियों को समर्पित करने का फैसला लिया गया।

29 अगस्त की तारीख इसलिए चुनी गई, क्योंकि इस दिन महान हॉकी प्लेयर मेजर ध्यानचंद का जन्म हुआ था। बता दें कि प्रयागराज में जन्में ध्यानचंद को इस खेल में महारत हासिल थी और उन्हें इसलिए हॉकी जादूगर और द मैजिशियन के नाम से बुलाया जाता था।

29 अगस्त 1905 को इलाहबाद में जन्मे मेजर ध्यानचंद का जन्म हुआ था। वह एक सैनिक और खिलाड़ी थे। उन्हें भारतीय हॉकी के सबसे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक माना जाता था। वह आजादी से वह ब्रिटिश आर्मी में थे और हॉकी खेला करते थे।

उनकी मौजूदगी में भारत ने 1928, 1932 और 1936 ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीते। बता दें कि ध्यानचंद ने तत्कालीन ब्रिटिश भारतीय सेना के साथ अपने कार्यकाल के दौरान ही हॉकी खेलना शुरू किया था और 1922 और 1926 के बीच में उन्होंने कई सेना हॉकी टूर्नामेंट और रेजिमेंटल खेलों में हिस्सा लिया।

रक्षा बंधन पर रहेगा भद्रा का साया, जानें 30 और 31 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

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राखी कब बाधी जाएगी? शुभ मुहूर्त क्या होगा? इसको लेकर लोग असमंजस में हैं। लेकिन, ज्योतिषाचार्यों की मानें तो रक्षाबंधन के पर्व पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 30 अगस्त की रात नौ बजकर एक मिनट से शुरू होगा, जो 31 अगस्त की सुबह साढ़े सात बजे तक रहेगा। इस दौरान राखी बांधना अति शुभ रहेगा। उन्होंने बताया कि 30 अगस्त को सुबह 10:13 बजे तक चतुर्दशी तिथि है। इसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो रही है, जो अगले दिन 31 अगस्त को सुबह सात बजकर 46 मिनट तक है।

बताया कि 30 अगस्त को भद्रा सुबह 10:13 बजे से रात 8:58 तक है। इस कारण भद्रा काल में राखी बांधने का शुभ मुहूर्त नहीं है। 30 अगस्त को रात नौ बजे भद्रा समाप्ति के बाद ही रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त प्रारंभ हो रहा है, जो अगले दिन यानी 31 अगस्त को सुबह सात बजकर 46 मिनट तक है।

30 अगस्त को भद्रा काल होने की वजह से 31 अगस्त को ही रक्षाबंधन मनाया जाएगा। 31 अगस्त को उदय व्यापिनी पूर्णिमा तिथि में ही रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाया जाएगा। 30 अगस्त को भद्रा के कारण रक्षाबंधन नहीं होगा। भद्रा काल में रक्षाबंधन वर्जित है। इसलिए 31 अगस्त को प्रातः काल में रक्षाबंधन करें।

रक्षाबंधन का पर्व नजदीक है। इसके चलते शहर में जगह-जगह राखियों की दुकानें सजी हैं। इन पर अभी से राखी खरीदने के लिए भीड़ लग रही है। इनमें बहनें बड़े भाइयों के लिए कलावे वाली राखी तो छोटे भाइयों के लिए कार्टून वाली राखियां पसंद कर रही हैं। रक्षा बंधन के चलते शहर में मिस्टन गंज, पुराना गंज, ज्वालानगर में राम-रहीम पुल के पास, सिविल लाइन आदि स्थानों पर राखियों की दुकानें सज चुकी हैं।

इन पर दुकानदारों ने ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए एक से बढ़कर एक राखियां सजा रखी हैं। इनमें अधिकतर राखियां पांच रुपये से लेकर 300 रुपये तक की हैं। दुकानदारों का कहना है कि अधिकतर बहनों को कलावे वाली, मोती, रुद्राक्ष, चंदन की लकड़ी से बनी राखियां पसंद आ रही हैं। वहीं बच्चों को कार्टून वाली राखियां पसंद आ रही हैं। दुकानों पर मोगली, डोरेमोन, मोटू पतलू, मिक्की माउस आदि कार्टूनों की राखियां हैं। वहीं शहर में जगह-जगह फेरी वाले भी राखियों को गलियों में बेच रहे हैं।

 

ब्रिटेन ने बंद किया अपना एयरस्पेस, ये बड़ा कारण

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लंदन. पूरे ब्रिटेन में हवाई यातायात नियंत्रकों को तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ रहा है. एक एयरलाइन ने ‘नेटवर्क-व्यापी विफलता’ की सूचना दी है. स्काई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यूके के बाहर की एयरलाइनों के यात्रियों को बताया गया है कि हवाई यातायात नियंत्रण नेटवर्क बंद है और उनकी उड़ान में देरी होगी.

सूर्य मिशन : ISRO ने किया बड़ा एलान, इस दिन लॉन्च होगा आदित्य एल-1

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चंद्रयान-3 की सफल लॉन्चिंग के बाद अब इसरो सूर्य का अध्ययन करने को तैयार है। इसरो चीफ एस सोमनाथ पहले ही इसको लेकर जानकारी दे चुके हैं। अब इसरो ने सूर्य मिशन को लेकर बड़ा एलान कर दिया है।

आदित्य -L1 मिशन की लॉन्चिंग की तारीख का एलान करते हुए इसरो ने एक्स पर पोस्ट किया कि 2 सितंबर को सुबह 11:50 बजे मिशन लॉन्च होगा। इसरो ने बताया कि श्रीहरिकोटा से सूर्य का अध्ययन करने वाली पहली सैटेलाइट आदित्य-एल1 लॉन्च होगी।

सूर्य मिशन पहला भारतीय मिशन है जो सूर्य के तापमान, ओजोन परत पर पड़ने वाले असर, पैराबैगनी किरणों का अध्ययन करेगा। ये सैटेलाइट लॉन्च के चार माह बाद धरती से 15 लाख किलोमीटर दूर एक खास जगह लैंग्रेज प्वाइंट यानी L-1 पर पहुंचेगा।

ये मिशन मौसम पर पड़ने वाले प्रभाव और धरती पर सौर गतिविधियों के पड़ने वाले प्रभावों को जानेगा। जानकारी के अनुसार, आदित्य एल1 फोटोस्फेयर (यानी सूर्य का वो हिस्सा जो हमे दिखता है), क्रोमोस्फेयर (फोटोस्फेयर का ऊपरी हिस्सा) और कोरोना यानी सूर्य से कुछ ही दूरी पर उसकी बाहरी परत का अध्ययन करेगा।

 

चांद के दक्षिणी ध्रुव का तापमान देख चौंके ISRO वैज्ञानिक, कही ये बात

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चंद्रयान-3 के लैंडर की सफल लैंडिंग के चलते इतिहास में पहली बार चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के बारे में एक बड़ी जानकारी सामने आई है। चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचकर अंतरिक्ष विज्ञान में नया इतिहास लिखा जाना शुरू हो गया है। लैंडर और रोवर में लगे पेलोड चंद्रमा के रहस्यों का पता लगाने में जुटे हैं।

लैंडर विक्रम पर लगे पेलोड चंद्र सरफेस थर्मोफिजिकल एक्सपेरिमेंट (Lunar Surface Thermophysical Experiment) ने चंद्र सतह के तापमान की जो प्रोफाइलिंग की है. उससे विज्ञानी भी हैरान हैं। चांद के तापमान लेकर मिली ताजा जानकारी के बारे में बताते हुए ISRO के विज्ञानी बीएचएम दारुकेशा ने कहा कि चंद्र सतह पर तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान था, लेकिन चंद्र सतह पर अधिकतम तापमान 70 डिग्री सेल्सियस निकला जो उम्मीद से दोगुने से भी अधिक है।
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वैज्ञानिकों ने कहा कि इतना तापमान होना आश्चर्यजनक है। पृथ्वी पर दो से तीन सेंटीमीटर गहराई में हमें तापमान में मुश्किल से दो से तीन डिग्री सेल्सियस का अंतर दिखता है, जबकि चंद्रमा पर यह लगभग 50 डिग्री सेल्सियस है। तापमान का ग्राफ जारी करते हुए इसरो ने रविवार को एक्स पर पोस्ट किया, विक्रम लैंडर पर लगे चेस्ट पेलोड ने चंद्र सतह के तापीय व्यवहार को समझने के लिए चेस्ट ने दक्षिणी ध्रुव के आसपास चंद्रमा की ऊपरी मिट्टी के तापमान प्रोफाइल को मापा।
चेस्ट पेलोड में उपकरण लगा है, जिसमें तापमान मापने के लिए 10 सेंसर हैं। यह उपकरण कंट्रोल एंट्री सिस्टम की मदद से सतह के नीचे 10 सेमी की गहराई तक पहुंचने में सक्षम है। इस पेलोड को अंतरिक्ष भौतिकी प्रयोगशाला (SPL) की टीम ने भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL), अहमदाबाद के सहयोग से विकसित किया है।

फ्लाइट में 2 साल की बच्ची की सफल हार्ट सर्जरी

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बेंगलुरु से दिल्ली जा रही एक फ्लाइट में रविवार की शाम एक ऐसा चमत्कार हुआ, जिसकी किसीने कल्पना भी नहीं की होगी. फ्फ्लिते में अचनक 2 साल की बच्ची की तबीयत बिगड़ गई. उसी फ्लाइट में सफर कर रहे 5 डॉक्टर्स ने उड़ती फ्लाइट में ही बच्ची का इलाज कर दिया. AIIMS के डॉक्टरों के इस कमाल की वजह से ही 2 साल कि बच्ची की जान बच पाई.

यह माला रविवार की शाम का है. बेंगलुरु से विस्तारा की यूके-814 फ्लाइट दिल्ली के लिए उड़ी. चलती फ्लाइट में इमरजेंसी कॉल की घोषणा की गई. 2 साल की बच्ची जो कि सियानोटिक बीमारी से पीड़ित थी, वह बेहोश थी. फ्लाइट में ही बच्ची की हालत बिगड़ गई, इस दौरान उसकी पल्स गायब थी और हाथ-पैर भी ठंडे पड़ गए थे. जब इमरजेंसी कॉल ली गई तो फ्लाइट में मौजूद एम्स के डॉक्टर मदद के लिए आगे आए.

 डॉक्टर्स ने बच्ची का सीपीआर शुरू किया और उनके पास जो भी संसाधन मौजूद थे, उसके साथ काम किया गया. इस दौरान फ्लाइट में ही IV कैनुला दिया गया और डॉक्टर्स ने इमरजेंसी प्रोसेस को स्टार्ट किया. मुश्किल तब बढ़ी जब इस इलाज के दौरान ही बच्ची को कार्डिएक अरेस्ट हुआ और बाद में AED का इस्तेमाल हुआ. इस दौरान करीब 45 मिनट तक डॉक्टरों ने बच्ची का ट्रीटमेंट किया.

इस दौरान उनके पास जो भी संसाधन थे उनके यूज से बच्ची की जान बचा ली गई. 45 मिनट तक इलाज होने के बाद फ्लाइट को नागपुर भेजा गया और यहां चाइल्ड स्पेशलिस्ट को सौंपा गया. बच्ची की हालत अब खतरे से बाहर है. एम्स के जो पांच डॉक्टर इस चमत्कार में शामिल थे, उसमें एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. नवदीप कौर, एसआर कार्डियक रेडियोलॉजी डॉ. दमनदीप सिंह, पूर्व एसआर एम्स रेडियोलॉजी डॉ. ऋषभ जैन, पूर्व एसआर एम्स एसआर ओबीजी डॉ. ओइशिका और एसआर कार्डियक रेडियोलॉजी डॉ. अविचला टैक्सक शामिल थे.

अगर इस 2 साल की बच्ची को हुई सियानोटिक की बात करें तो ये एक जन्मजात बीमारी है. जिसमें हार्ट की आर्टरीज और शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है. इससे स्किन नीली पड़ जाती है, अचानक सांस लेने में परेशानी होने लगती है. समय पर ट्रीटमेंट न मिलने से मौत तक हो सकती है. इस परेशानी को कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज भी कहा जाता है. कई मामलों मे बच्चे के जन्म के बाद इस डिजीज के लक्षण पता नहीं चलते हैं. ऐसे में जरूरी है कि प्रेगनेंसी की दौरान महिलाएं अपने सेहत का ध्यान रखें. समय समय पर जांच कराती रहें.

बता दें कि ये बीमारी हार्ट डिजीज की फैमिली हिस्ट्री और प्रेग्नेंसी को दौरान हुए किसी वायरल संक्रमण के कारण बच्चे को हो जाती है. इस बीमारी में बच्चे की दिल की धड़कन तेज हो जाती है, स्किन का रंग पीला होने लगता है और ऑर्गन में सूजन आ जाती है और चक्कर आने लगते हैं. सियानोटिक एक जानलेवा बीमारी होती है. अगर समय पर इसका इलाज न हो तो पीड़ित की जान जाने का भी जोखिम रहता है.

नूंह में VHP की जलाभिषेक यात्रा, चप्पे-चप्पे पर नजर, अलर्ट पर पूरा हरियाणा

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हरियाणा : नूंह में हिंसा में कई लोगों  की जानें चली गयी थी। इसके चलते ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा पूरी नहीं हो पाई थी। उसी यात्रा को पूरा करने के लिए आज सावन के अंतिम सोमवार को पूरा करने को लेकर हिंदू संगठन अडिग हैं। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ सरकार भी सतर्क हो गई है।

अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को सर्व जातीय हिंदू महापंचायत के शोभा यात्रा के आह्वान के मद्देनजर नूंह और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और एहतियात के तौर पर, दंगा-रोधी वाहन और ड्रोन तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही नूंह जिला प्रशासन ने पहले ही सोमवार को शैक्षणिक संस्थानों और बैंकों को बंद करने का आदेश दिया है, मोबाइल इंटरनेट और थोक एसएमएस सेवाओं को निलंबित कर दिया है और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

हिंदू संगठनों द्वारा 28 अगस्त को नूंह में जलाभिषेक यात्रा निकाले जाने को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। नूंह के साथ लगती सीमा के विभिन्न स्थानों पर 20 नाके स्थापित किए गए हैं। रविवार को खुद जिला पुलिस अधीक्षक ने नाकों का निरीक्षण किया और पुलिसकर्मियों को कानून व्यवस्था तोड़ने वाले वाले असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए। धारा 144 लागू होने के बाद रविवार को जिलाभर में पुलिसबल तैनात रहा। इस दौरान वाहनों की जांच की गई और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की।

पहली बार 31 जुलाई को नल्हड़ मंदिर स्थित भगवान भोले का जलाभिषेक करने के लिए निकाली गई ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा के दौरान हिंसा होने से यात्रा पूरी नहीं हुई थी। सर्व हिंदू समाज की ओर से धार्मिक यात्रा फिर से निकालने की घोषणा की है। सुरक्षा को लेकर मंदिर से जुड़ी अरावली पहाड़ी की निगरानी ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है। वीएचपी की जलाभिषेक यात्रा को लेकर गुरुग्राम पुलिस अलर्ट पर है। सोहना में गुरुग्राम की ओर से आने वाले वाहनों को यहीं पर रोकने की तैयारी की गई है।

नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास, विश्‍व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता गोल्ड

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भारत के ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने विश्‍व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की भाला फेंक प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर भारत के लिए ऐतिहासिक पहला स्वर्ण पदक जीता. पिछले कुछ महीनों से चोट से परेशान चल रहे स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा0 ने हंगरी की राजधानी बुदापोस्ट में अपनी दूसरी बारी में 88.17 के विशाल थ्रो के साथ World Athletics Championships प्रतियोगिता में बाजी मार ली.

स्टार ओलंपियन नीरज ने पुरुषों की Javelin Throw के फाइनल में पाकिस्तान के अरशद नदीम को एक मीटर से भी कम अंतर से हराया. पाकिस्तानी अरशद नदीम ने 87.82 की दूरी के साथ रजत पदक जीता, जो उनके देश के लिए पहला World Athletics Championships पदक है , जबकि चेक गणराज्य के याकूब वडलेज ने 86.67 की दूरी के साथ पिछले साल ओरेगन में जीता कांस्य पदक बरकरार रखा.

नीरज चोपड़ा और नदीम दोनों ने अगले साल के Paris Olympics और रविवार को खेले जाने वाले विश्व चैंपियनशिप पुरुष Javelin Throw फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था. चोपड़ा ने शुक्रवार को यहां बुडापेस्ट में अपने करियर के चौथे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 88.77 मीटर के साथ World Athlethics Championships फाइनल के लिए क्वालीफाई किया, तो वहीं नदीम ने 86.79 मीटर की दूरी के साथ सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया.

उत्तराखंड: यहां खाई में गिरा वाहन, करीब 10 स्कूली बच्चे थे सवार

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बड़कोट : नौगांव ब्लॉक के राजगढ़ी में धराली गांव के पास एक यूटिलिटी खाई में गिर गई। जानकारी के अनुसार यूटिलिटी में करीब 15 स्कूली बच्चे सवार थे। जो राजगढ़ी स्कूल के लिए जा रहे थे। इस दौरान धराली गांव के ऊपर अचानक यूटिलिटी पलट कर नीचे खाई में गिर गई। गनीमत यह रही सभी बच्चे सुरक्षित बच गए।

जानकारी के अनुसार स्कूली बच्चे भानी गांव के थे, जो यूटिलिटी में सवार होकर स्कूल जा रहे थे। यूटिलिटी वाहन के गिरने की सूचना मिलते ही 108 और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। लेकिन, उससे पहले ही बड़ी संख्या में वहां धराली गांव के लोग पहुंच चुके थे, जिन्होंने सभी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया था।

कुछ बच्चों को चोटें आई है। जिनका प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। स्कूल जा रहे सभी बच्चे बनाल पट्टी के थानकी और भानी गांव के हैं। हादसे के बाद से बच्चे डरे हुए हैं।