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ISRO ने दी एक और अच्छी खबर, चांद पर ‘प्रज्ञान रोवर’ की सेंचुरी

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चंद्रयान-3 को लेकर एक और बड़ी जानकारी साझा की है। सॉफ्ट लैंडिंग के बाद से ही प्रज्ञान रोवर का चंद्रमा पर मिशन जारी है। प्रज्ञान रोवर ने चंद्रमा से कई अहम जानकारी इसरो को लगातार भेज रहा है, जिससे वहां की स्थिति के बारे में पता चल पा रहा है। इस बीच प्रज्ञान रोवर चंद्रमा पर 100 मीटर से अधिक की दूरी तय कर चुका है।

ISROप्रमुख ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रज्ञान रोवर और लैंडर विक्रम को एक या दो दिन के अंदर स्लीप मोड में डाल दिया जाएगा क्योंकि चंद्रमा पर रात हो जाएगी और इसके कारण ही रोवर के स्लीप मोड की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने बताया कि प्रज्ञान रोवर और विक्रम लैंडर अभी तक अच्छी तरह से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रज्ञान रोवर ने लैडर विक्रम से 100 मीटर की दूरी को तय कर लिया है। भारत के चंद्रयान-3 मिशन की बदौलत पहली बार चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के तापमान के बारे में पता लगाया है। लैंडर विक्रम पर लगे पेलोड चंद्र सरफेस थर्मोफिजिकल एक्सपेरिमेंट (चेस्ट) ने चंद्र सतह के तापमान का प्रोफाइल ग्राफ भेजा था।

इसमें गहराई में वृद्धि के साथ तापमान में बदलाव को दर्शाया गया है। सतह के ऊपर सामान्यतया 50-60 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच तापमान था, जबकि दक्षिण ध्रुव का अधिकतम तापमान 70 डिग्री सेंटीग्रेड है। इसके अलावा इसरो ने मिशन चंद्रयान-3 के बारे में जानकारी देते हुए बताया था कि परीक्षणों के बाद चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में गंधक (सल्फर) की मौजूदगी की पुष्टि की है। यह ऐसी पहली ऐतिहासिक खोज है जो चंद्रमा की उत्पत्ति का सुराग दे सकती है और अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए भी इसका गहरा महत्व है।

उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट का लोगो और वेबसाईट लांच

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट के लोगो और वेबसाईट को लांच किया। शनिवार को देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समिट के लोगो और वेबसाईट को लांच करते हुए कहा कि इस बार इन्वेस्टर्स समिट में 2 लाख 50 हजार करोड़ रूपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।राज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीतियों में सुधार भी किये हैं और नई नीतियों को भी लागू किया है। विभिन्न क्षेत्रों के लिये 27 नीतियां प्रख्यापित की गई हैं। राज्य में 6 हजार एकड़ का लैंड बैंक भी तैयार किया गया है। गौरतलब है कि उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट देहरादून में दिसम्बर माह में होने जा रहा है। राज्य सरकार ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं।

उद्योग जगत से लगातार संवाद कर रही सरकार

उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट के लोगो और वेबसाईट के अनावरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, उद्योग जगत और प्रमुख औद्योगिक संगठनों से लगातार सम्पर्क में है। इसी क्रम में 17 अगस्त को देहरादून में और 21 अगस्त को दिल्ली में प्रमुख उद्योगपतियों से संवाद किया गया। उद्योग जगत से मिल रहे सुझावों को बहुत ही प्रमुखता से लिया गया है। उसी आधार पर MSME नीति, सेवा क्षेत्र नीति, लॉजिस्टिक नीति, सोलर नीति, आदि में सुधार किया गया है।

पीस डेस्टिनेशन के साथ इंवेस्टमेंट डेस्टिनेशन भी बना उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों और निवेश के अनुकूल बने माहौल से उद्योगपतियों में बहुत उत्साह है। देवभूमि उत्तराखण्ड में सदियों से लोग शांति के लिए आते रहे हैं। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, अब निवेशक भी यहां आने के लिये उत्साहित हैं। शांति और पर्यटन के डेस्टीनेशन के साथ ही उत्तराखण्ड प्रमुख इन्वेस्टमेंट डेस्टीनेशन भी बना है। देश विदेश के लोग यहां से जुड़ना चाहते हैं। यहां के प्राकृतिक वातावरण, प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश अनुकूल नीतियों, राष्ट्रीय राजधानी से निकटता, इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण उत्तराखण्ड निवेश के लिये प्रमुख केंद्र बन रहा है। ईज आफॅ डूंईंग बिजनेस में उत्तराखण्ड एचीवर्स श्रेणी में है। नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखण्ड हिमालयी राज्यो प्रथम स्थान पर जबकि सम्पूर्ण देश में 9 वें स्थान पर है।

इंवेस्टमेंट सम्मिट पूरे उत्तराखंड का

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो उद्योग पहले से उत्तराखण्ड में स्थापित हैं, उन्होंने भी अपना विस्तार करने की बात कही है। इन्वेस्टर्स समिट केवल उद्योग विभाग का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सभी विभाग इससे जुड़े हैं। वस्तुतः यह समिट उत्तराखण्ड के सभी नागरिकों का है। राज्य में निवेश से रोजगार सृजन होगा, लोगों की आय में वृद्धि होगी और देश के विकास में उत्तराखण्ड प्रभावी भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों से सीखते हुए बहुत से सुधार किये गये हैं। राज्य में अधिक से अधिक निवेश आए इसके लिये हम ठोस तरीके से काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने बाबा केदार की भूमि से कहा था कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। इन्वेस्टर्स समिट इसी दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

मुख्य सचिव डा. एसएस संधु ने कहा कि उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट के लोगो में उत्तराखण्ड की विशिष्टताओं को प्रदर्शित किया गया है। पहले लोग यहां शांति के लिए आते थे, अब पर्यटन और निवेश के लिये आ रहे हैं। पर्यटन, योग, वैलनेस, सर्विस सेक्टर, कृषि और हॉर्टीकल्चर पर राज्य सरकार फोकस कर रही है। प्रदेश में बेरोजगारी और गरीबी को दूर करने के लिये निवेश महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार राज्य के नागरिकों की क्वालिटी ऑफ लाईफ में सुधार करने का प्रयास कर रही है। कृषि और हॉर्टीकल्चर को प्रमुखता दी जा रही है। प्रदेश की जीडीपी में 40 प्रतिशत योगदान देने वाले सेवा क्षेत्र के लिये भी नई नीति बनाई गई है।

विशेषः

डेस्टीनेशन उत्तराखण्ड- ग्लोबल समिट 2023 का लोगो राज्य की भावनाओं का प्रतिबिम्ब है। लोगो में दो पर्वत श्रृंखलाएं निरंतरता के साथ प्रगति के परिचायक तीर का सृजन करता है, जो न केवल असीमित प्रगति का प्रतीक है, बल्कि विकास और सतत विकास की निरंतरता का द्योतक है। दोनों पर्वत श्रृंखलाएं दो महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रदर्शित करती है- उत्तराखण्ड के प्रकृतिक संसाधनों की प्रचुरता और कुशल श्रम शक्ति की अनवरत श्रृंखला।

लोगो में हरा रंग राज्य की प्राकृतिक सुन्दरता और प्रकृति के साथ सामन्जस्य का प्रतीक है। नीला रंग अवसरों, आकांक्षाओं और नये विचारों के लिये  असीमित आकाश का प्रतिनिधित्व करता है। समिट की टैग लाईन पीस टू प्रोस्पेरिटी है।  निवेशकों को उद्योगों की स्थापना के लिये अपेक्षित अनुमोदन/अनुज्ञा/स्वीकृति के लिये राज्य में ऑनलाईन सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल www.investuttarakhand.uk.gov.in बनाई गई है।

एशिया कप में भारत-पाक का महामुकाबला आज

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स्पोर्ट्स डेस्क: भाजपा और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच का रोमांच पूरी दुनिया को देखने को मिलता है। दोनों टीमों के बीच मुकाबले का इंतजार हर क्रिकेट प्रेमी को होता है। दोनों ही देशों के बीच क्रिकेट द्वीपक्षीय क्रिकेट सीरीज नहीं खेली जाती है। लेकिन, आईसीसी टूर्नामेंट में दोनों को आमना-सामना हो ही जाता है।

इस बार एशिया कप 2023 का तीसरा मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच आज दोपहर 3 बजे से खेला जाएगा। ये मैच कैंडी के पल्लेकेले क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। एशिया कप का ओपनिंग मैच नेपाल के खिलाफ 238 रनों से जीतकर पाकिस्तान टीम के हौसले बुलंद है। वहीं, रोहित शर्माकी अगुआई वाली भारतीय टीम एशिया कपमें अपना पहला मुकाबला खेलने उतरने वाली है।

दोनों टीमों के बीच वनडे फॉर्मेट में 4 साल बाद आमना-सामना हो रहा है। आखिरी बार इस फॉर्मेट में वनडे विश्व कप का मैच 2019 में खेला गया था, जिसमें टीम इंडिया को 89 रन के चलते जीत मिली थी। उस मैच में भारत की तरफ से रोहित शर्मा का बल्ला जमकर गरजा था।

सूर्य की ओर बढ़े इसरो के कदम, लॉन्च हुआ भारत का पहला सोलर मिशन आदित्य एल-1

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चंद्रयान-3 की सफलता के कुछ दिन बाद भारत ने शनिवार को अपने पहले सूर्य मिशन ‘आदित्य एल-1’ को प्रक्षेपित किया। प्रक्षेपण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के रॉकेट पीएसएलवी से किया गया। सूर्य के अध्ययन के लिए ‘आदित्य एल-1’ को धरती से 15 लाख किलोमीटर दूर ‘लैग्रेंजियन-1’ बिंदु तक पहुंचने में 125 दिन लगेंगे। सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) शार, श्रीहरिकोटा में मिशन नियंत्रण केंद्र के दृश्य सामने आने लगे हैं। इसरो यहीं से आदित्य एल-1 को अंतरिक्ष में लॉन्च करेगा। अंतरिक्ष यान को लैग्रेंजियन प्वाइंट के आसपास रखा जाएगा।

भारत ने अपने उपग्रह को लांग्रेंजियन-1 बिंदु पर स्थापित करने के लिए आदित्य-एल1 (Aditya-L1 Mission) लॉन्च करने की तैयारी की है। इस यान को सूर्य और पृथ्वी के बीच की गुरुत्वाकर्षण प्रणाली के लांग्रेंजियन बिंदु के चारों ओर एक हेलो ऑर्बिट में रखा जाएगा। यह ऑर्बिट पृथ्वी से लगभग 15 लाख किमी दूर है, जहां पहुंचने के लिए यान को कुल 4 महीने का समय लगेगा।

आदित्य-एल1 यान को लांग्रेजियन बिंदु पर इसलिए स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, क्योंकि सूर्य और पृथ्वी जैसे दो-पिंड लांग्रेज बिंदु एक ऑप्टिम पॉइंट्स बन जाता है। यहां किसी भी यान को कम ईंधन की खपत के साथ रख सकते हैं। गौरतलब है कि सोलर-अर्थ सिस्टम में कुल पांच लांग्रेज बिंदु है, जहां आदित्य एल1 जा रहा है। पृथ्वी से L1 की दूरी, सूर्य से पृथ्वी की दूरी का केवल 1 प्रतिशत हिस्सा है।

आदित्य-एल1 मिशन सौर गतिविधियों का अध्ययन करने के लिए लॉन्च होगा। यान के पेलोड सूर्य की सबसे बाहरी परत कोरोना, फोटोस्फेयर और क्रोमोस्फीयर, कोरोनल मास इजेक्शन (सूर्य में होने वाले शक्तिशाली विस्फोट), प्री-फ्लेयर और फ्लेयर गतिविधियां और उनकी विशेषताएं, सौर तूफान की उत्पत्ति आदि कारकों का अध्ययन करेगा। वर्तमान समय में इसरो इस बात पर भी अध्ययन करेगा कि आखिर अंतरिक्ष के मौसम पर सूर्य की गतिविधियों का क्या प्रभाव पड़ता है।

आदित्य एल-1 यान को अपने ऑर्बिट तक पहुंचने में चार महीने का समय लगेगा। सबसे पहले अंतरिक्ष यान को पृथ्वी की निचली ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा। इसके बाद, ऑर्बिट को और अधिक अण्डाकार बनाया जाएगा और बाद में ऑन-बोर्ड प्रणोदन का उपयोग करके अंतरिक्ष यान को L1 की ओर प्रक्षेपित किया जाएगा।

L1 की ओर बढ़ते समय आदित्य-एल1 यान पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकल जाएगा। जिस दौरान यान गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकलेगा, उसके बाद इसका ‘क्रूज चरण’ शुरू हो जाएगा और अंत में यान को L1 के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित किया जाएगा।

ISRO के इस मिशन में चंद्रयान-3 मिशन से भी कम खर्च आया है। इस सौर मिशन में 400 करोड़ रुपये खर्च हुए है, जबकि NASA की ओर से लॉन्च किए गए सौर मिशन में लगभग 12,300 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।

4 महीने का समय, 15 लाख किमी की दूरी, अब से कुछ देर बाद होगा लॉन्च

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ISRO) ने चांद पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग से भारत ने इतिहास रच दिया है। अब भारत ने सूर्य पर फतह करने की ठान ली है। आज भारत का पहला सूर्य मिशन Aditya-L1 लॉन्च होने वाला है। चंद्रयान-3 के सफल मिशन के बाद पूरी दुनिया की नजर भारत पर है और सभी को उम्मीद है कि भारत इस मिशन को भी सफलतापूर्वक पूरा कर लेगा।

आदित्य-एल1 मिशन है क्या, कब और कितने बजे लॉन्च होगा और इसको कहां से लॉन्च किया जाएगा। ISRO ने आदित्य-एल1 लॉन्च की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ का कहना है कि ISRO सौर मिशन ‘आदित्य-एल1’ के लॉन्च के लिए तैयार है। शुक्रवार को इसरो ने काउंटडाउन भी शुरू कर दिया है।

आदित्य-एल1 मिशन भारत का पहला सौर मिशन है, जिसकी मदद से भारत सूर्य से जुड़े रहस्यमयी सवालों के जवाब इकट्ठा करेगा। इस मिशन को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्‍पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा। इसरो के मुताबिक, इस मिशन को आज यानी 2 सितंबर की सुबह 11.50 पर लॉन्च किया जाएगा।

भारत ने अपने उपग्रह को लांग्रेंजियन-1 बिंदु पर स्थापित करने के लिए आदित्य-एल1 (Aditya-L1 Mission) लॉन्च करने की तैयारी की है। इस यान को सूर्य और पृथ्वी के बीच की गुरुत्वाकर्षण प्रणाली के लांग्रेंजियन बिंदु के चारों ओर एक हेलो ऑर्बिट में रखा जाएगा। यह ऑर्बिट पृथ्वी से लगभग 15 लाख किमी दूर है, जहां पहुंचने के लिए यान को कुल 4 महीने का समय लगेगा।

आदित्य-एल1 यान को लांग्रेजियन बिंदु पर इसलिए स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, क्योंकि सूर्य और पृथ्वी जैसे दो-पिंड लांग्रेज बिंदु एक ऑप्टिम पॉइंट्स बन जाता है। यहां किसी भी यान को कम ईंधन की खपत के साथ रख सकते हैं। गौरतलब है कि सोलर-अर्थ सिस्टम में कुल पांच लांग्रेज बिंदु है, जहां आदित्य एल1 जा रहा है। पृथ्वी से L1 की दूरी, सूर्य से पृथ्वी की दूरी का केवल 1 प्रतिशत हिस्सा है।

आदित्य-एल1 मिशन सौर गतिविधियों का अध्ययन करने के लिए लॉन्च होगा। यान के पेलोड सूर्य की सबसे बाहरी परत कोरोना, फोटोस्फेयर और क्रोमोस्फीयर, कोरोनल मास इजेक्शन (सूर्य में होने वाले शक्तिशाली विस्फोट), प्री-फ्लेयर और फ्लेयर गतिविधियां और उनकी विशेषताएं, सौर तूफान की उत्पत्ति आदि कारकों का अध्ययन करेगा। वर्तमान समय में इसरो इस बात पर भी अध्ययन करेगा कि आखिर अंतरिक्ष के मौसम पर सूर्य की गतिविधियों का क्या प्रभाव पड़ता है।

आदित्य एल-1 यान को अपने ऑर्बिट तक पहुंचने में चार महीने का समय लगेगा। सबसे पहले अंतरिक्ष यान को पृथ्वी की निचली ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा। इसके बाद, ऑर्बिट को और अधिक अण्डाकार बनाया जाएगा और बाद में ऑन-बोर्ड प्रणोदन का उपयोग करके अंतरिक्ष यान को L1 की ओर प्रक्षेपित किया जाएगा।

L1 की ओर बढ़ते समय आदित्य-एल1 यान पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकल जाएगा। जिस दौरान यान गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकलेगा, उसके बाद इसका ‘क्रूज चरण’ शुरू हो जाएगा और अंत में यान को L1 के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित किया जाएगा।

ISRO के इस मिशन में चंद्रयान-3 मिशन से भी कम खर्च आया है। इस सौर मिशन में 400 करोड़ रुपये खर्च हुए है, जबकि NASA की ओर से लॉन्च किए गए सौर मिशन में लगभग 12,300 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।

मैरी कॉम ने अमित शाह को लिखा पत्र, गांव की सुरक्षा के लिए की ये मांग

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मणिपुर में जातीय संघर्ष की स्थिति को लेकर बॉक्सिंग स्टार एमसी मैरी कॉम ने चिंता जताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। मैरी कॉम ने अमित शाह से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सुरक्षा बल दोनों संघर्षरत समूहों को मणिपुर के कॉम गांवों में घुसपैठ से रोकें। गुरुवार को शाह को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि कॉम समुदाय मणिपुर की एक स्वदेशी जनजाति है और अल्पसंख्यकों में सबसे छोटी जनजाति में से एक है।

उन्होंने पत्र में कहा, हम सभी दोनों प्रतिद्वंद्वी समुदायों के बीच बिखरे हुए हैं… दोनों तरफ से मेरे समुदाय के खिलाफ हमेशा अटकलें और संदेह होते हैं, और सभी लोग समस्याओं के बीच में फंसे हुए हैं… कमजोर आंतरिक प्रशासन और अल्पसंख्यक जनजातियों के बीच समुदाय के रूप में छोटे आकार के कारण हम अपने अधिकार क्षेत्र में घुसपैठ करने वाली किसी भी ताकत के खिलाफ खड़े होने में सक्षम नहीं हैं।

पद्म विभूषण पुरस्कार विजेता मैरी ने कहा, हम दोनों संघर्षरत समूहों को कॉम गांवों में घुसपैठ से रोकने के लिए सुरक्षा बलों की मदद चाहते हैं। पूर्व राज्यसभा सदस्य ने भारतीय सेना, अर्धसैनिक बल और राज्य बलों के सभी तैनात सदस्यों से अनुरोध किया कि वे कॉम आबादी की सुरक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में निष्पक्ष रहें और राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बनाए रखने में सफल हों।

मैरी ने मणिपुर में सभी लोगों, विशेष रूप से मैतेई और कुकी से एक साथ आने, अपने मतभेदों को दूर करने और राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, हम सभी को एक दूसरे के साथ की जरूरत है, इसलिए आइए अपने मतभेदों और जख्मों को एक तरफ रख दें।

INDIA की बैठक में बड़ा फैसला, इन 13 नेताओं को कोआर्डिनेशन कमेटी में मिली जगह

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मुंबई में INDIA की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। गठबंधन ने 13 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में 13 सदस्य शामिल किए गए हैं। बैठक को लेकर यह भी जानकारी निकलकर सामने आ रही है कि विपक्ष सितंबर के तीसरे हफ्ते में रैली कर सकता है। सीटों का बंटवारा भी जल्द होगा।

PTI के अनुसार कोआर्डिनेशन कमेटी में जिन सदस्यों को शामिल किया गया है, उनमें केसी वेणुगोपाल, संजय राउत, एमके स्टालिन, ललन सिंह, महबूबा मुफ्ती, राघव चड्ढा, डी राजा, शरद पवार, हेमंत सोरेन, अभिषेक बनर्जी, उमर अब्दुल्ला और तेजस्वी यादव शामिल हैं।

देश में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA (Indian National Development Inclusive Alliance) की मुंबई में बैठक हुई। इस  दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला।

खरगे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 140 करोड़ भारतीयों ने परिवर्तन लाने का फैसला किया है। इस निरंकुश सरकार के जाने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। बैठक में खरगे ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ‘प्रतिशोध की राजनीति’ कर रही है।

इसके कारण हमें आने वाले महीनों में केंद्रीय एजेंसियों के छापे और गिरफ्तारी के लिए तैयार रहना चाहिए। भाजपा, आरएसएस ने नौ वर्षों में जो सांप्रदायिक जहर फैलाया है, वह अब ट्रेन यात्रियों और स्कूली बच्चों के खिलाफ घृणा के कारण हो रहे अपराधों में देखा जा रहा है। भाजपा एजेंसियों पर पूर्ण नियंत्रण करना चाहती है।

उत्तराखंड : धामी कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले

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देहरादून: कैबिनेट बैठक में 20 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इसके साथ ही राज्य आंदोलनकारी क्षैतिज आरक्षण बिल को भी मंजूरी मिल गई। विधानसभा सत्र में विधेयक आएगा,  जो  2004 से लागू होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में 20 प्रस्ताव पास हुए।

  • कैबिनेट में उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के बिल को मंजूरी मिल गई है। विधेयक विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन में पेश होगा।
  • पांच सितंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में करीब 11 हजार करोड़ का सप्लीमेंट्री बजट
    पेश किया जाएगा।
  • संविदा और आउटसोर्स कर्मियों को चाइल्ड केयर लीव की मिलेगी सुविधा दिए जाने का फैसला लिया है।
  • राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत आरक्षण विधेयक पर लगी मुहर ।
  • राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों के लिए अंब्रेला एक्ट बनाएंगे, विधेयक को स्वीकृति.
  • राज्य के निजी विश्वविद्यालयों के लिए अंब्रेला एक्ट के लिए विधेयक को स्वीकृति, राज्य के विद्यार्थियों को 25 प्रतिशत प्रवेश व शुल्क में छूट।
  • जीएसटी संशोधन विधेयक को मंजूरी ।
  • लोक ऋण विधेयक को स्वीकृति ।
  • आयुष नीति को मंजूरी ।
  • स्टेट इंस्टीट्यूटऑफ़ होटल मैनेजमेंट रामनगर का ढांचा स्वीकृति ।
  • इंदिरा मार्केट रिडेवलपमेंट परियोजना को मंजूरी ।
  • आपदा प्रबंधन विभाग में 148 पदों को मंजूरी, एकल पद पर भर्ती परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों की 25 प्रतिशत प्रतीक्षा सूची भी बनेगी।

INDIA की बैठक में बोले खरगे, ‘विपक्षी दलों के नेताओं के घर और छापे पड़ेंगे, गिरफ्तारियां भी होंगी

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देश में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA की मुंबई में बैठक हो रही है। आज बैठक का दूसरा दिन है। बैठक के दौरन चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें इसरो को बधाई दी गई। इसके साथ ही, देश के पहले सूर्य मिशन आदित्य एल1 को लेकर भी शुभकामनाएं दी गईं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 140 करोड़ भारतीयों ने परिवर्तन लाने का फैसला किया है। इस निरंकुश सरकार के जाने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। बैठक में खरगे ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की ‘प्रतिशोध की राजनीति’ कर रही है।

इसके कारण हमें आने वाले महीनों में केंद्रीय एजेंसियों के छापे और गिरफ्तारी के लिए तैयार रहना चाहिए। भाजपा, आरएसएस ने नौ वर्षों में जो सांप्रदायिक जहर फैलाया है, वह अब ट्रेन यात्रियों और स्कूली बच्चों के खिलाफ घृणा के कारण हो रहे अपराधों में देखा जा रहा है। भाजपा एजेंसियों पर पूर्ण नियंत्रण करना चाहती है।

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने आइएनडीआइए की बैठक पर निशाना साधने को लेकर बीजेपी पर हमला हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि अगर इस बैठक का कोई मतलब नहीं है तो आप परेशान क्यों हैं? क्या आप डरते हैं?

पूर्व RJD सांसद प्रभुनाथ सिंह को आजीवन कारावास

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SC ने बिहार के RDJ के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को 1995 के दोहरे हत्याकांड में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद की सजा सुनाई. 18 अगस्त को शीर्ष अदालत ने मामले में 2008 में पटना उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें बरी किये जाने के फैसले को पलट दिया.

23 अगस्त, 1995 को विधानसभा चुनाव के दौरान सिंह के आदेश के अनुसार मतदान नहीं कराने पर दो व्यक्तियों – राजेंद्र राय और दरोगा राय- की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति एएस ओका और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने 1995 के दोहरे हत्याकांड मामले में सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

जस्टिस कौल ने कहा, ‘केवल दो विकल्प हैं. उम्रकैद या मौत की सजा. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने कहा कि अदालत सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाती है और मुआवजा देने का आदेश दिया जाता है. राज्य सरकार को मुआवजा देने का आदेश दिया गया.18 अगस्त को पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को दोषी ठहराते हुए शीर्ष अदालत ने कहा था कि यह दिखाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि उन्होंने मार्च 1995 में छपरा में एक मतदान केंद्र के पास 18 वर्षीय राजेंद्र राय और 47 वर्षीय दरोगा राय की हत्या कर दी थी.

दिसंबर 2008 में पटना की एक अदालत ने सबूतों की कमी का हवाला देते हुए प्रभुनाथ सिंह को बरी कर दिया था. 2012 में पटना उच्च न्यायालय ने उनकी बरी को बरकरार रखा. SC ने उच्च न्यायालय के फैसले को पलट दिया. राजेंद्र राय के भाई ने सिंह को बरी किए जाने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.