Home Blog Page 428

उत्तराखंड : भूकंप के झटकों से डोली धरती, इनती थी तीव्रता

0

देहरादून: प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटकों से धरती डोल उठी। जानकारी के अनुसार करीब दो बजकर 52 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। राजधानी देहरादून समेत उत्तरकाशी से लेकर नैनीताल तक भूकंप के झटके मसूस किए।

इससे पहले नेपाल से लगे इलाकों में भी झटके महसूस किए गए थे, जिनका केंद्र नेपाल में बताया गया। इतना ही नहीं दिल्ली-एनसीआर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि, कहीं से किसी तरह के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।

जानकारी के अनुसार भूकंप के केंद्र नेपाल में था, जिसकी तीव्रता वहां 6.2 मापी गई है। जबकि, भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में इसकी तीव्रता अलग-अलग बताई जा रही है। भूकंप के झटके दो बार महसूस किए गए।

क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

क्या है तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

कैसे मापी जाती है तिव्रता 
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

सरकारी अस्पताल में 7 और मरीजों की मौत, 2 दिन में कुल 31 मौतें

0

महाराष्ट्र : नांदेड़ के सरकारी अस्पताल में मरने वालों का आंकड़ा लगातार जा रहा है. जानकारी के मुताबिक आज 7 और मरीजों की मौत हुई है. अब ये आकड़ा 31 तक पहुंच गया है. अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है. इससे पहले, 30 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच 24 घंटों में नांदेड़ के डॉ. शंकरराव चव्हाण सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 24 मौतें हुई थीं. महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को कहा कि 24 मृतकों में से 12 शिशु थे.

एक सोशल मीडिया पोस्ट में, नांदेड़ DIG ने कहा कि डॉ. शंकरराव चव्हाण सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 30 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच 24 मौतें, 1 और 2 अक्टूबर के बीच सात मौतें, उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि कृपया घबराएं नहीं. यहां डॉक्टरों की एक टीम तैयार है. महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने मंगलवार सुबह माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स पर कहा कि नांदेड़ के अस्पताल में मौतें लगातार जारी हैं. सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सोमवार को (2 अक्टूबर) से चार बच्चों सहित सात और मरीजों की मौत हो गई. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि राज्य सरकार को जिम्मेदारी तय करनी चाहिए.

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने सोमवार को अस्पताल का दौरा किया था. ‘अस्पताल में सक्षम स्वास्थ्य सेवा के अभाव में 24 घंटे में 24 मरीजों की मौत की घटना गंभीर है. इसकी जांच होनी चाहिए. अस्पताल में अन्य 70 मरीजों की हालत गंभीर है और राज्य सरकार को उन मरीजों की जान बचाने के लिए युद्ध स्तर पर निर्णय लेने की जरूरत है. यहां की नर्सों का तबादला कर दिया गया. हालांकि, रिक्त पदों पर कोई नई नियुक्ति नहीं की गई. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की भी भारी कमी है.

मीडिया रेरपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ मंगलवार को नांदेड़ में जीएमसीएच का दौरा करेंगे. जिला के एक अधिकारी ने बताया कि अस्पताल के दौरे के बाद वह एक संवाददाता सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे. सोमवार को जारी अपने आधिकारिक बयान में, नांदेड़ जिला कलेक्टर ने कहा कि 30 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच अस्पताल में कुल 24 मौतें हुईं.

जिला कलेक्टर के बयान में कहा गया कि जिन 12 वयस्कों ने अपनी जान गंवाई, उनमें से पांच पुरुष और सात महिलाएं थीं. इसके साथ ही पीड़ितों में 12 बच्चे मरीज थे. वयस्क रोगियों में 4 हृदय रोगी, 1 विष रोगी, 1 गैस्ट्रिक रोगी, 2 किडनी रोगी, 1 प्रसूति संबंधी जटिलता के साथ आयी मरीज तथा 3 दुर्घटना के शिकार थे.

कलेक्टरेट के बयान में कहा गया है कि मृत शिशुओं में से चार को अंतिम चरण में अस्पताल लाया गया था. बता दें कि 12 से 13 अगस्त के बीच 24 घंटे की अवधि में, ठाणे जिले के कलवा में छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में कुल 18 मरीजों की मौत हो गई, जिसके बाद भी विपक्ष ने एकनाथ शिंदे सरकार पर सवाल उठाये थे.

12वीं फेल का ट्रेलर जारी, इस दिन थिएटर्स में होगी रिलीज…VIDEO

0

विधु विनोद चोपड़ा अपनी अगली एकेडमिक ड्रामा फिल्म 12वीं फेल लेकर आए है। कुछ हफ्तों पहले उन्होंने फिल्म का टीजर रिलीज किया था और बताया था कि उनकी फिल्म UPSC एस्पायरेंट्स की कहानी है। अब 3 अक्टूबर को 12वीं फेल का ट्रेलर जारी कर दिया गया है।

12वीं फेल में यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्रों की जिंदगी, उनके धैर्य, मेहनत, कभी ना हार मानने वाले एटीट्यूड और कभी ना खत्म होने वाली दोस्ती की झलक दिखाने की कोशिश की गई है। 12वीं फेल की कहानी रियल लाइफ स्टोरी पर बेस्ड है।

फिल्म अनुराग पाठक की लिखी इसी नाम की नॉवेल पर बेस्ड है, जो आईपीएस अधिकारी मनोज कुमार शर्मा और आईआरएस अधिकारी श्रद्धा जोशी का शानदार सफर बताती है। 12वीं फेल को रियल लोकेशन पर रियल छात्रों के बीच शूट किया गया है।

12वीं फेल का डायरेक्शन 3 इडियट्स के निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा ने किया है। फिल्म को जी स्टूडियोज ने प्रोड्यूस किया है। 12वीं फेल 27 अक्टूबर 2023 को दुनियाभर के थिएटर्स में रिलीज की जाएगी। फिल्म में विक्रांत मेसी लीड रोल निभा रहे हैं। 12वीं फेल को हिंदी के साथ तमिल, तेलुगु और मलयालम में भी रिलीज किया जाएगा।

उत्तराखंड : यहां कलेक्ट्रेट भवन में कर्मचारी ने लगा ली फांसी

0

हरिद्वार: हरिद्वार से बड़ी खबर सामने आई है। यहां कलेक्ट्रेट भवन में कर्मचारी ने पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। जानकारी के अनुसार मौके से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को ही बताया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 28 साल का कमल कुमार रावली महदूद थाना सिडकुल कलेक्ट्रेट भवन में RTI अनुभाग में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात था। बताया जा रहा है कि वह मृतक आश्रित से नौकरी लगा था। मृतक आश्रित के तौर पर वह विभाग में भर्ती हुआ था। बताया जा रहा है कि सोमवार को सभी कार्यालय से छुट्टी के बाद निकल गए थे, जबकि कुछ कर्मचारी कार्यालय में ही थे। इस बीच कार्यालय के कमरा नंबर 222 में कमल ने अंदर से कुंडी बंद कर ली।

कर्मचारियों ने अनहोनी की आशंका होने के चलते पहले दरवाजा खटखटाया। जब कोई आहट नहीं हुई तो मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। सोमवार की रात करीब साढ़े 11 बजे पुलिस को सूचना मिली। जिस पर तुरंत एक टीम मौके पर पहुंची। दरवाजे को तोड़कर पुलिस अंदर पहुंची तो कमल पंखे के सहारे फांसी के फंदे से लटका हुआ था।

सिडकुल थाना प्रभारी नरेश राठौड़ ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। मौके से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उसने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह अपनी मौत का खुद ही जिम्मेदार है।

न्यूज क्लिक के 30 ठिकानों पर छापेमारी, पत्रकारों के लैपटॉप-मोबाइल जब्त

0

Newsclick वेबसाइट के पत्रकारों के ठिकानों पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने छापे मारी चल रही है। स्पेशल सेल ने मंगलवार को सुबह-सुबह एक साथ दिल्ली, नोएडा, गजियाबाद में रेड मारी है। दूसरी तरफ न्यूज क्लिक से जुड़े विभिन्न परिसरों पर दिल्ली पुलिस की चल रही छापेमारी 17 अगस्त को यूएपीए और आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत दर्ज मामले पर आधारित है। UAPA IPC की धारा 153A, IPC की धारा 120B (आपराधिक साजिश) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

छापामारी 30 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ चल रही है। सेल के अधिकारियों ने मौके से कई इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस जैसे लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा ने लिखा है कि दिल्ली पुलिस मेरे घर पहुंची। मेरा लैपटॉप और फोन ले गई है। इसके अलावा हार्ड डिस्क का डेटा भी लिया गया है। स्पेशल सेल ने इस मामले में UAPA के तहत केस दर्ज किया है। ये आरोप है कि इस वेबसाइट में चीन की कंपनियों का पैसा लगा है।

इससे पहले दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने भी मुकदमा दर्ज किया था। साथ-साथ ईडी ने भी कार्रवाई की थी। हाई कोर्ट ने उस वक्त Newsclick के प्रमोटरों को गिरफ्तारी से राहत दे दी थी, लेकिन अब इस मामले में आने वाले वक्त में आरोपी अरेस्ट हो सकते हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, एनडीटीवी के पूर्व प्रबंध संपादक औनिंद्यो चक्रवर्ती, उर्मिलेश और अभिसार शर्मा को आतंकी संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। वहीं सांस्कृतिक कार्यकर्ता सोहेल हाशमी के घर पर पुलिस ने छापा मारा। न्यूज क्लिक के सीईओ प्रबीर पुरकायस्थ के घर पर भी पुलिस ने रेड मारी है। साथ  ही भाषा सिंह और तीस्ता के घर पर भी छापेमारी चल रही है। वहीं अभी तक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

कनाडा को 41 राजनयिकों को वापस बुलाने का आदेश, निज्जर मामले में भारत का सख्त एक्शन

0

भारत-कनाडा के बीच चल रहा राजनयिक विवाद काम होने का नाम नहीं ले रहा है। इससे जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कनाडा को अपने 41 राजनयिकों को वापस बुलाने को कहा है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने कनाडा से कहा है कि वो 10 अक्टूबर तक 41 राजनयिकों को वापस बुलाए।

पिछले हफ्ते कनाडा ने प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक बयान देकर भारत सरकार पर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। हालांकि, भारत ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बेतुका और प्रेरित बताया है।
फाइनेंशियल टाइम्स ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि भारत ने कनाडा के उन राजनयिकों की राजनयिक छूट को रद्द करने की धमकी दी है, जिन्हें 10 अक्टूबर के बाद देश छोड़ने के लिए कहा गया है। बता दें कि कनाडा के भारत में 62 राजनयिक मौजूद हैं। भारत ने कहा है कि कनाडा के राजनयिकों की कुल संख्या 41 तक कम की जानी चाहिए।

भारत और कनाडा विदेश मंत्रालयों ने इस मामले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि है कि कनाडा ने पहले अपने यहां भारतीय राजनयिकों के खिलाफ हिंसा और धमकी का माहौल बनाया। उन्होंने कहा कि कनाडा में सिख अलगाववादी समूहों की मौजूदगी ने नई दिल्ली को निराश किया है।

वहीं, कुछ दिनों पहले अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक के दौरान ये मुद्दा उठाया था। ब्लिंकन ने कहा कि घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। गौरतलब है कि कनाडा ने अभी तक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के दावे का समर्थन करने के लिए कोई सार्वजनिक सबूत उपलब्ध नहीं करवाया है।

सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों में मुठभेड़, दो जवान घायल

0

जम्मू-कश्मीर : राजौरी जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में सेना के दो जवान घायल हो गये. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जिले के एक वन क्षेत्र में घेराबंदी और तलाशी अभियान के बाद सोमवार शाम सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में सेना के दो जवान घायल हो गये. उन्होंने कहा कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर है. उन्होंने कहा कि माना जा रहा है कि दो आतंकवादी घिरे हुए इलाके के अंदर हैं, उन्होंने कहा कि भागने के सभी संभावित मार्गों को बंद करने के लिए अतिरिक्त बल भेजा गया है.

एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि संयुक्त अभियान कालाकोटे के सामान्य क्षेत्र में शुरू किया गया और आतंकवादियों पर नजर रखने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि फिलहाल गहन अभियान चल रहा है. बता दें कि जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले के कालाकोट के वन क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद सेना ने पुलिस के साथ मिलकर सोमवार तड़के कालाकोट इलाके में ब्रोह और सूम वन क्षेत्र की घेराबंदी कर दी थी.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, भागने के सभी संभावित मार्गों को बंद करने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त बल भेज दिया गया है. इससे पहले दिन में, घेराबंदी और तलाशी अभियान के दौरान गोलियों की आवाज सुनी गई थी, लेकिन बाद में पता चला कि सुरक्षा बलों ने संदिग्ध आतंकवादियों की उपस्थिति की जांच करने के लिए गोलियां चलाईं थी.

गूगल मैप ने ली दो डॉक्टरों जान! पुलिस ने दर्ज किया केस

0

गूगल मैप आम जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। ज्यादातर लोग उस पर भरोसा का उसके बताए रास्ते पर निकल पड़ते हैं। लेकिन, अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसके बाद अब आप भी गूगल मैच का प्रयोग सोच समझकर करेंगे।

गूगल मैप (GPS) का इस्तेमाल हम सभी करते हैं, लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि मैप द्वारा गलत दिशा दिखाने के कारण किसी की जान चली जाए! शायद नहीं, क्योंकि हम गूगल मैप का इस्तेमाल अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए करते हैं। मगर, केरल के एर्नाकुलम जिले में गलत जीपीएस द्वारा दिखाए रास्ते ने दो डॉक्टरों को मौत के घाट उतार दिया।

एर्नाकुलम जिले में रविवार सुबह एक कार के नदी में गिर जाने से दो लोगों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मरने वालों में 29 वर्षीय अद्वैत और 29 वर्षीय अजमल हैं। दोंनों पेशे से दोनों डॉक्टर थे। दुर्घटना के समय दोनों अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ साथ जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे थे।

अधिकारियों ने कहा कि ड्राइवर गूगल मैप्स पर दिखाए गए निर्देशों का पालन करते हुए दुर्घटना वाले क्षेत्र में पहुंच गया। वडक्केकरा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा, “यह घटना रविवार को लगभग 12.30 बजे गोथुरुथ के पास हुई। वे कार से कोडुंगल्लूर लौट रहे थे और कथित तौर पर घर जाने के लिए गूगल मैप का पालन कर रहे थे। ड्राइवर नदी को पानी से भरी सड़क समझकर आगे बढ़ गया और उनकी कार पेरियार नदी में गिर गई।”

बिहार जाती गणना को राहुल गांधी का समर्थन, बोले- भारत के जातिगत आंकड़े जानना जरूरी

0

काँग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार सरकार द्वारा जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट को समर्थन दिया है। राहुल गांधी ने बिहार सरकार द्वारा जारी किए गए जातिगत जनगणना की रिपोर्ट समर्थन किया है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत के जातिगत आंकड़े जानना जरूरी है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि बिहार की जातिगत जनगणना से पता चला है कि वहां OBC + SC + ST 84% हैं। केंद्र सरकार के 90 सचिवों में सिर्फ 3 OBC हैं, जो भारत का मात्र 5 फीसदी बजट संभालते हैं। इसलिए भारत के जातिगत आंकड़े जानना जरूरी है। जितनी आबादी, उतना हक ये हमारा प्रण है।

rahul%20tweet(2)

बिहार सरकार ने जाति आधारित जनगणना रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि अन्य पिछड़ी जाति (ओबीसी) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) राज्य की आबादी का 63 प्रतिशत हिस्सा हैं। इससे पहले सीएम नीतीश कुमार ने एक्स पर लिखा कि आज गांधी जयंती के शुभ अवसर पर बिहार में कराई गई जाति आधारित गणना के आंकड़े प्रकाशित कर दिए गए हैं।

जाति आधारित गणना के कार्य में लगी हुई पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई। जाति आधारित गणना के लिए सर्वसम्मति से विधानमंडल में प्रस्ताव पारित किया गया था। बिहार में कराई गई जाति आधारित गणना को लेकर शीघ्र ही बिहार विधानसभा के 9 दलों की बैठक बुलाई जाएगी। जिन्हें जाति आधारित गणना के परिणामों से उन्हें अवगत कराया जाएगा।

विमान हादसे में भारतीय अरबपति, बेटे समेत छह की मौत

0

जिंबाब्वे में एक विमान हादसे में एक भारतीय अरबपति उद्योगपति और उनके बेटे समेत छह लोगों की मौत हो गई है। हादसे का शिकार होने वाला विमान भारतीय उद्योगपति की कंपनी का निजी विमान था, जो  जिंबाब्वे के दक्षिणी पश्चिमी इलाके में स्थित एक हीरा खदान के पास दुर्घटना का शिकार हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान तकनीकी खराबी के चलते दुर्घटना का शिकार हुआ।

हादसे में मारे गए अरबपति हरपाल सिंह रंधावा RioZim नामक खनन कंपनी के मालिक थे जो जिंबाब्वे में सोने, कोयले का खनन करती है और साथ ही निकल और तांबे जैसी धातुओं कि रिफाइनिंग का भी काम करती है। विमान हादसे में मरने वालों में हरपाल सिंह रंधावा, उनका बेटा और चार अन्य लोग शामिल हैं। जो विमान हादसे का शिकार हुआ, वह सेसेना 206 एयरक्राफ्ट था।

सिंगल इंजन वाले इन विमान का स्वामित्व कंपनी रियोजिम के पास है। यह विमान राजधानी हरारे से मुरोवा हीरे की खदान जा रहा था, इसी दौरान माशावा इलाके में दुर्घटना का शिकार हो गया। जिसमें विमान में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई। घटना शुक्रवार सुबह करीब साढ़े सात से आठ बजे के बीच की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तकनीकी खराबी के चलते विमान में हवा में ही विस्फोट हो गया। मृतकों के नामों का एलान होना बाकी है लेकिन हरपाल सिंह रंधावा के दोस्त और फिल्म निर्माता होपवेल चिनोनो ने हरपाल सिंह रंधावा की मौत की पुष्टि की है। कंपनी ने भी बयान जारी कर रंधावा की मौत की पुष्टि की है। बता दें कि रंधावा चार अरब डॉलर वाली इक्विटी फर्म जेम होल्डिंग के संस्थापक हैं।