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“नहीं सहेगा राजस्थान” पोस्टर पर फंस गई भाजपा, किसान ने ठोका मानहानि का दावा

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जयपुर: चुनावी राजनीति में राजनीतिक दल कई बार बिना सोचे-समझे कुछ भी कर देते हैं। एक-दूसरे आगे निकलने की होड़ में प्रचार के लिए अलग-अलग हथकंडे अपनाते हैं। ऐसा ही कुछ राजस्थान में चुनाव प्रचार के लिए भाजपा ने कांग्रेस पर पोस्टर वार शुरू कर दिया है। लेकिन, इस पोस्टर वार में भाजपा गलती कर बैठी। अशोक गहलोत सरकार के महंगाई राहत कैंप वाले अभियान के सामने भाजपा ने नहीं सहेगा राजस्थान वाली मुहिम शुरू की है। आचार संहिता से पहले इस मुहिम में लगे एक पोस्टर पर प्रदेश भाजपा अब विवादों में घिर गई है। पोस्टर में किसान की फोटो को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं और फोटो वाले किसान ने भाजपा पर मानहानि का केस करने का दावा किया है।

राजस्थान की भाजपा की ओर से नहीं सहेगा राजस्थान अभियान के तहत प्रदेश भर में अलग-अलग मुद्दों पर पोस्टर लगाए गए हैं। बीते दिनों किसान की जमीन नीलामी के मामले में लगे एक ऐसे ही पोस्टर में दावा किया गया था कि राजस्थान के 19 हजार से ज्यादा किसानों की जमीन कर्ज के चलते नीलम की गई है, इस पोस्टर में जैसलमेर जिले के पोकरण के एक किसान की फोटो का इस्तेमाल किया गया. अब इस किसान ने यह दावा किया है कि उसकी जानकारी के बिना तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है और वह आज भी 200 बीघा जमीन का मालिक है।

किसान का परिवार राजस्थान की भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मानहानि का केस दायर करने की बात कर रहा है. जिले के रामदेवरा की रिखियों की ढाणी निवासी सत्तर साल के किसान माधुराम जयपाल ने इस बात को स्वीकार किया है कि भाजपा के बैनर पर लगा फोटो उसी का है, जिसकी जानकारी गांव के एक युवक ने उसे दी थी. किसान माधुराम के बेटे जुगताराम ने ईटीवी भारत को बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने उनके पिता की फोटो को छाप कर परिवार को बदनाम किया है, ऐसे में वह अब कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं

राजस्थान भाजपा के प्रचार अभियान में किसान की जमीन नीलामी के मामले में विवाद खड़ा होने के बाद पार्टी के जिला अध्यक्ष ने पोस्टर से अभिज्ञता जाहिर की है. पार्टी के जिला अध्यक्ष चंद्रप्रकाश शारदा के मुताबिक प्रदेश स्तर पर इन पोस्टर को तैयार किया गया था, ऐसे में उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है.

जैसलमेर के किसान की फोटो भाजपा की पोस्टर मुहिम में शामिल होने की जानकारी उक्त किसान तक उसी के गांव के एक युवक ने पहुंचाई थी. जयपुर से लौटे इस युवक ने माधुराम के परिजनों को बताया था कि जयपुर की सड़कों पर लगे पोस्टर में उन्होंने कई जगह माधुराम की फोटो को भी देखा है. उसी युवक ने गांव के एक व्हाट्सएप ग्रुप में इन तस्वीरों को साझा भी किया. माधुराम के बेटे जुगताराम ने जब अपने पिता की तस्वीरों को देखा, तो फिर पिता को इसकी जानकारी दी. इसके बाद किसान परिवार ने स्थानीय भाजपा नेताओं से भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई.

प्रदेश भर में जमीन नीलामी को लेकर लगी खुद की तस्वीरों पर किसान माधुराम ने अपना दर्द साझा किया. साथ ही बताया कि उन्होंने कभी कोई कर्जा नहीं लिया है. इस फोटो को तुरंत हटाया जाना चाहिए. अगर मेरे ऊपर कर्जा भी होता, तो सरकार कर्ज माफ करती है. उन्होंने स्वीकार किया कि हां मैने केसीसी (KCC) ली हुई है, लेकिन बिना इजाजत मेरी तस्वीर का इस्तेमाल गलत है. उन्होंने दावा किया कि अगर कोई सबूत है, तो उनकी जमीन नीलामी के बारे में जानकारी को साझा किया जाए. अपनी नाराजगी बताते हुए किसान ने कहा कि फोटो छाप दिया है और अब लोग बदनाम कर रहे हैं. ऐसे में मैं किस किस को जवाब दूं, जब मेरी जमीन मेरे पास है, तो वो कैसे गलत बात कर सकते हैं. मैं केस करूंगा.

ED ने संजय सिंह के 3 करीबियों को भेजा समन, आमने-सामने होगी पूछताछ

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दिल्ली के कथित शराब नीति में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद उनके सहयोगियों को भी दायरे में लेना शुरू कर दिया है। ED ने AAP नेता के तीन करीबियों को समन जारी कर पूछताछ में शामिल होने के लिए बुलाया है।

ED ने संजय सिंह के तीन सहयोगियों विवेक त्यागी, सर्वेश मिश्रा और कंवरबीर सिंह को पूछताछ के लिए तलब किया है। बताया जा रहा है कि सर्वेश मिश्रा आज ईडी के सामने पेश हो सकते हैं। ED का दावा  है कि संजय सिंह के सहयोगी सर्वेश को उनके आवास पर आप नेता की ओर से दो बार में 2 करोड़ रुपये मिले थे। वहीं, संजय सिंह के पीए विजय त्यागी को आरोपी अमित अरोड़ा की कंपनी अरालियास हॉस्पिटैलिटी की व्यावसायिक में हिस्सेदारी की गई थी।

ईडी की तरफ से पेश हुए विशेष लोक अभियोजन नवीन मट्टा ने कहा कि दो किस्तों में तीन करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। उक्त धनराशि संजय सिंह के आवास पर दी गई। दिनेश अरोड़ा ने इसे संजय सिंह से क्रास-चेक किया था और उन्होंने इसकी पुष्टि की थी। जांच में पता चला है कि कुल तीन करोड़ में से दो करोड़ रुपये नकद दिए गए थे।

संजय सिंह की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मोहित माथुर ने आरोप लगाया कि सरकारी गवाह बने दिनेश अरोड़ा ने अपनी स्वतंत्रता सुरक्षित करने के लिए संजय सिंह को फंसाया है। उन्होंने तर्क दिया कि दिनेश अरोड़ा के बदले रुख को अदालत को देखना चाहिए। दिनेश अरोड़ा मार्च और अप्रैल में बयान देते हैं, लेकिन संजय सिंह का नाम नहीं आता है। अचानक से वह सरकारी गवाह बनकर नाम लेते हैं और उन्हें जमानत मिल जाती है। उन्होंने ईडी पर सिंह को गिरफ्तार कर अपमानित करने का आरोप लगाया। मोहित माथुर ने अरोड़ा को मामले में संजय सिंह को फंसाने के लिए मजबूर करने का दावा किया।

ED के अधिवक्ता शोएब हुसैन ने इसका विरोध करते हुए तर्क दिया कि प्रलोभन के आधार पर दिनेश अरोड़ा के बयान देने का तर्क पूरी तरह से निराधार है। अमित व दिनेश अरोड़ा को पहले याद नहीं आया मेरा नाम: संजय सिंह सुनवाई के दौरान संजय सिंह ने कहा कि मैं कोई अनजान व्यक्ति नहीं हूं कि अमित अरोड़ा व दिनेश अरोड़ा को मेरा नाम याद नहीं आया। इससे पहले अपने बयानों में उन्होंने कभी मेरा नाम नहीं लिया, लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि सारा बयान मेरे खिलाफ दिया।

कहा कि गिरफ्तारी से पहले उन्हें नोटिस और समन नहीं दिया गया। कहा कि आप न्याय की कुर्सी पर हैं, मेरे लिए कोई अलग कानून नहीं हो सकता है, अगर मेरी गलती है तो अदालत मुझे सजा दे। संजय सिंह की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मोहित माथुर ने रिमांड मांगने का विरोध किया। कहा, ऐसे व्यक्ति के लिए दस दिन के रिमांड की मांग करना बेतुका प्रस्ताव है, जो इसमें शामिल ही नहीं था। शराब नीति से संजय सिंह का कोई लेना-देना नहीं है।

बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग, अब तक 7 की मौत, 51 घायल

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महाराष्ट्र : गोरोगांव में एक सोसाइटी की इमारत में शुक्रवार तड़के भीषण आग लग गई। इस हादसे में कम से कम छह लोगों की मौत की खबर है, वहीं 51 लोग घायल हैं। इनमें से पांच लोगों की हालत नाजुक है। घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीएमसी के एक अधिकारी ने कहा कि आग जय भवानी भवन में तड़के तीन बजे लगी। सात मंजिला यह इमारत गोरेगांव पश्चिम के आजाद नगर इलाके में स्थित है।

जानकारी के मुताबिक, इस आग में 46 लोग लोग बुरी तरह घायल हुए, जिनमें सात की जान चली गई। वहीं 39 लोगों का कूप और एचबीटी अस्पताल में इलाज जारी है। नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि दो बच्चों और दो महिलाओं सहित छह लोगों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का दोनों अस्पतालों में उपचार किया जा रहा है।

दमकल विभाग को आग पर काबू पाने में करीब चार घंटे लगे। आग बुझाने के अभियान में दमकल की आठ गाड़ियों और अन्य साजो सामान का इस्तेमाल किया गया। आग लगने की जानकारी पाकर पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची। आग ग्राउंड फ्लोर की दुकानों, स्क्रैप सामग्री, पार्क किए गए वाहनों में लगी थी, जिसके कारण लोग विभिन्न मंजिलों में फंसे हुए थे। आग भूतल की दुकानों, स्क्रैप सामग्री, पार्क किए गए वाहनों, वाहनों तक ही सीमित थी, जिसके कारण लोग विभिन्न मंजिलों में फंसे हुए थे।

CM का बड़ा ऐक्शन, SDM, CO और तहसीलदार समेत कई अधिकारी सस्पेंड

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देवरिया: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विगत दिनों देवरिया में हुई घटना को बड़ी गंभीरता से लिया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषी कोई भी हो, हर एक पर कार्रवाई की जाएगी। शासन की रिपोर्ट पर देवरिया की तहसील एवं थाना रुद्रपुर स्थित ग्राम फतेहपुर में घटित घटना के संबंध में दोषी कर्मचारी और अधिकारी की घोर लापरवाही एवं कर्तव्यपालन में शिथिलता मिली है।

मामले में स्व.सत्य प्रकाश दुबे की ओर से ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जा के संबंध में आईजीआरएस के अंतर्गत अनेक शिकायतें मुख्यमंत्री संदर्भ के रूप में ऑनलाइन पुलिस विभाग और राजस्व विभाग को भेजी गई थीं, लेकिन दोनों विभागों के संबंधित अधिकारियों ने इसको गंभीरता से नहीं लिया और न ही निस्तारण किया। योगी के आदेश पर उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, दो तहसीलदार, तीन लेखपाल, हेड कॉन्स्टेबल, 4 कॉन्स्टेबल, 2 हल्का प्रभारी और थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है।

लापरवाही बरतने पर वर्तमान उपजिलाधिकारी योगेश कुमार गौड़ एवं क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर जिलाजीत को तत्काल निलंबित करने का योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है। पूर्व में उपजिलाधिकारी रहे राम विलास, ओम प्रकाश, ध्रुव शुक्ला एवं संजीव कुमार उपाध्याय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश भी दिया। सेवानिवृत्त तहसीलदार वंशराज राम एवं सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक रामानन्द पाल के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया है। वहीं, अभय राज (वर्तमान में निलंबित तहसीलदार) को अतिरिक्त आरोप पत्र जारी करने के आदेश दिए हैं।

इसके अलावा रामाश्रय तत्कालीन तहसीलदार, सम्प्रति तहसीलदार जिला बलरामपुर को निलंबित करने के साथ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। केशव कुमार तहसीलदार रूद्रपुर को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई का आदेश जारी किया। विशाल नाथ यादव (राजस्व निरीक्षक), राजनन्दनी यादव (क्षेत्रीय लेखपाल), अखिलेश (लेखपाल) को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। हेड कॉन्स्टेबल राजेश प्रताप सिंह, कॉन्स्टेबल अवनीश चौहान, हल्का प्रभारी उपनिरीक्षक जय प्रकाश दुबे और प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह को भी निलंबित कर दिया है। इनके खिलाभ भी विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

पूर्व में आईजीआरएस के संदर्भों में निस्तारण में लापरवाही के लिए उत्तरदायी पाए गए का. कैलाश पटेल, कॉन्स्टेबल राम प्रताप कन्नौजिया, सुभाष यादव एवं उपनिरीक्षक सुनील कुमार, पूर्व प्रभारी निरीक्षक, रूद्रपुर को निलंबित किया गया। तत्कालीन क्षेत्राधिकारी रूद्रपुर दिनेश कुमार सिंह यादव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

विद्यार्थियों को पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी का दिया जाएगा प्रशिक्षण

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  • समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड और स्विस एजुकेशन ग्रुप के मध्य किया गया एम.ओ.यू।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में किया गया समझौता ज्ञापन।

  • राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा बंशीधर तिवारी एवं स्विस एजुकेशन ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिराज आर्टिनियन ने किये समझौते पर हस्ताक्षर।

  • पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी में बेहतर प्रशिक्षण से राज्य में बढ़ेगें रोजगार के अवसर -मुख्यमंत्री।

  • मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन पर तेजी से किये जा रहे हैं कार्य।

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में गुरूवार को सचिवालय में समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड और स्विस एजुकेशन ग्रुप, स्विटजरलैंण्ड के मध्य समझौता ज्ञापन किया गया। उत्तराखण्ड में 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान के लिए राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा  बंशीधर तिवारी एवं स्विस एजुकेशन ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिराज आर्टिनियन ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। स्विस एजुकेशन ग्रुप द्वारा राज्य में विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा के पाठ्यक्रम को बेहतर बनाने में भी सहयोग दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 09वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा के तहत पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण के लिए यह समझौता आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में इन दोनों क्षेत्रों में रोजगार की काफी संभावनाएं हैं।

इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण से दक्षता हासिल कर हमारे विद्यार्थियों को रोजगार के अनेक अवसर मिलेंगे। राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। धार्मिक, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के साथ ही ईको टूरिज्म, वैलनेस को बढ़ावा देने के लिए अनेक कार्य किये जा रहे हैं। हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में भी राज्य को काफी प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। इस क्षेत्र में भी आने वाले समय में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में स्विट्जरलैंड के साथ हुए इस समझौते में अहम भूमिका निभाने पर अभय दास महाराज का आभार व्यक्त किया। लगभग 04 माह पूर्व इन क्षेत्रों में राज्य को सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री एवं अभय दास महाराज के बीच चर्चा हुई थी।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा में लाखों श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखण्ड आते हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि 12 माह श्रद्धालु एवं पर्यटक बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड के धार्मिक और पर्यटक स्थलों में आयें, इसके लिए मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन पर तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। इसके तहत प्रथम चरण में 16 मन्दिर चिन्हित कर कार्य शुरू किये जा चुके हैं।

अभयदास महाराज ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र का मजबूत होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड आध्यात्म का केन्द्र है। विदेशों में उत्तराखण्ड आध्यात्म के केन्द्र खोलने की दिशा में कार्य करेगा, तो इसमें रोजगार की काफी संभावनाएं हैं।

सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन ने कहा कि 09वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा के तहत पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण के लिए यह समझौता हुआ है। स्विस एजुकेशन ग्रुप की फैकल्टी द्वारा स्कूली बच्चों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। स्विट्जरलैंड में भी स्विस एजुकेशन ग्रुप द्वारा राज्य के स्कूली बच्चों को इन क्षेत्रों में एक-एक माह का प्रशिक्षण दिया जायेगा।

बोले…संजय सिंह, चुनाव हार रहे हैं मोदी जी, इसलिए कर रहे ऐसा

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दिल्ली में कथित शराब घोटाले में AAP के एक बड़े नेता संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद राजधानी का सियासी पारा हाई है। आज संजय सिंह को कोर्ट में करने के लिए कोर्ट लाया गया। संजय सिंह की गिरफ्तारी के विरोध में AAP का दिल्ली स्थित दफ्तर पर प्रदर्शन जारी है। दिल्ली के अलावा, मुंबई और पुणे में भी आप कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं।

कोर्ट पहुंचने पर  सांसद संजय सिंह बोले कि मोदी जी चुनाव हार रहे हैं, इसलिए ऐसा कर रहे हैं। यह मोदी जी का अत्याचार है। AAP सांसद संजय सिंह को प्रवर्तन निदेशालय(ED) के अधिकारी राऊज एवेन्यू कोर्ट ले गए। संजय सिंह को दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में उनके आवास पर ED की छापेमारी के बाद कल शाम गिरफ़्तार किया गया था।

आप सांसद संजय सिंह की गिरफ्तारी पर छत्तसीगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जब से एनडीएक की सरकार बनी है। तभी से विपक्षी नेताओं को दबाने और कुचलने की कोशिश जारी है।प्रजातंत्र में विपक्ष का होना बहुत जरूरी है। ऐसे में सभी विपक्षियों को जेल में ठूसने की बात हो रही है। ये सीधा-सीधा तानाशाही है। लेकिन देश प्रजातांत्रिक है, जिसकी जड़ें बहुत गहरी हैं।

हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, थाने में होने वाली शादियां अब मान्य नहीं

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पुलिस के सामने एक दूसरे को अपनाना अब शादी नहीं मानी जायेगी.इस पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है. कोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा है कि सप्तपदी हिंदू विवाह का अनिवार्य तत्व है. रीति रिवाजों के साथ संपन्न हुए विवाह को ही कानून की नज़र में वैध विवाह माना जाएगा. अगर वैदिक विधि से शादी संपन्न नहीं कराई गई है तो इस तरह के विवाद कानून की नजर में अवैध रहेंगे. इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार सिंह की एकल पीठ ने वाराणसी की स्मृति सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि हिंदू विवाह की वैधता को स्थापित करने के लिए सप्तपदी एक अनिवार्य तत्व है.

कोर्ट की टिप्पणी से साफ है कि हिंदू विवाह के ऐसे तरीके जिसमें सात फेरे यानी कि सप्तपदी को शामिल नहीं किया जाता वह कानूनन वैध नहीं होगा. उत्तर प्रदेश में पुलिस स्टेशन में कराई गई शादियां इस दायरे में आती हैं. इलाहाबाद हाई कोर्ट की सिविल और पारिवारिक विवादो के मामलों की जानकार अधिवक्ता अभिलाषा परिहार का कहना है कि कई बार लड़के-लड़कियों के अफेयर से जुड़े मामले पुलिस स्टेशन में पहुंचने के बाद पुलिसकर्मी थाने में ही लड़के-लड़कियों की शादियां करा देते हैं.

इसमें थाने में बने मंदिर में देवी-देवताओं को साक्षी मानकर लड़के से लड़की की मांग में सिंदूर लगवा देते हैं, और एक दूसरे को माला पहनवा देते हैं. इस तरह की शादियों में न तो फेरे होते हैं न ही सप्तपदी होती है. ऐसे में थाने में होने वाली शादियों की वैधता पर अब सवाल उठेंगे और उन्हे विधिक रूप से मान्य नहीं माना जाएगा.

इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस संजय कुमार सिंह ने वाराणसी की स्मृति सिंह उर्फ मौसमी सिंह की याचिका पर सुनवाई के बाद दिए गए अपने आदेश में यह टिप्पणी की है. इसमें स्मृति सिंह ने अपने पति सत्यम सिंह पति सहित ससुराल वालों पर तलाक दिए बगैर दूसरा विवाह करने का आरोप लगाते हुए वाराणसी जिला अदालत में परिवाद दायर किया था. जिस पर कोर्ट ने याची को सम्मन जारी कर तलब किया था. इस परिवाद और समन को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई. इसमें याची का कहना था कि उसका विवाह 5 जून 2017 को सत्यम सिंह के साथ हुआ था लेकिन विवादों के कारण याची ने पति और ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और मारपीट आदि का मुकदमा दर्ज कराया था.

यह भी आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया है. पुलिस ने पति व ससुराल वालों के खिलाफ अदालत में चार्ज शीट दाखिल की है. इसी बीच पति और ससुराल वालों की ओर से पुलिस अधिकारियों को एक शिकायती पत्र देकर कहा गया कि याची ने पहले पति से तलाक लिए बिना दूसरी शादी कर ली है. इस शिकायत की सीओ सदर मिर्जापुर ने जांच की और उसे झूठा करार देते हुए रिपोर्ट लगा दी. इसके बाद याची के पति ने जिला न्यायालय वाराणसी में परिवाद दाखिल किया अदालत ने इस परिवाद पर याची को सम्मन जारी किया था. जिसे चुनौती देते हुए कहा गया कि याची द्वारा दूसरा विवाह करने का आरोप सरासर गलत है.

हाईकोर्ट में दाखिल इस याचिका में कहा गया की याची की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे का बदला लेने की नीयत से यह आरोप लगाया गया है. परिवाद में विवाह समारोह संपन्न होने का कोई साक्ष्य नहीं दिया गया है. न ही सप्तपदी का कोई साक्ष्य है जो की विवाह की अनिवार्य रस्म है. एकमात्र फोटोग्राफ साक्ष्य के तौर पर लगाया गया है. कोर्ट ने कहा कि याची के खिलाफ दर्ज शिकायत में विवाह समारोह संपन्न होने का कोई साक्ष्य नहीं दिया गया है. जबकि वैध विवाह के लिए विवाह समारोह का सभी रीति-रिवाज के साथ संपन्न होना जरूरी है.

इसी में सप्तपदी यानी सात फेरों का जिक्र कोर्ट में आया. कोर्ट ने कहा कि यदि विवाह समारोह की यह प्रक्रिया पूरी नहीं है तो कानून की नजर में यह वैध विवाह नहीं होगा. वर्तमान मामले में इसका कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है. कोर्ट ने कहा कि यह स्पष्ट है कि सिर्फ याची को परेशान करने के उद्देश्य से एक दूषित न्यायिक प्रक्रिया शुरू की गई है. जो न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है. इसी आधार पर न्यायालय ने 21 अप्रैल 2022 को याची के विरुद्ध जारी समन आदेश और परिवाद की प्रक्रिया को रद्द कर दिया है.

वर्ल्ड कप ओपनिंग मैच:न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर बॉलिंग चुनी

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इंग्लैंड-न्यूजीलैंड के बीच वर्ल्ड कप-2023 का ओपनिंग मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कुछ ही देर में शुरू होने वाला है। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर फील्डिंग करने का फैसला लिया है।

इंग्लैंड-न्यूजीलैंड के बीच आखिरी वर्ल्ड कप मैच 2019 के फाइनल में खेला गया था। तब मैच और सुपर ओवर टाई हो जाने के बाद इंग्लैंड ने ज्यादा बाउंड्री मारने के आधार पर खिताब जीता था। ऐसे में कीवी टीम के पास 2019 में मिली उस हार का हिसाब बराबर करने का मौका रहेगा।

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच अब तक 95 वनडे खेले गए। दोनों को ही 44-44 मुकाबलों में जीत मिली। 3 मैच टाई, जबकि 4 मैच बेनतीजा रहे।

वर्ल्ड कप में दोनों ने 5-5 मैच जीते

वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच अब तक 10 मैच खेले गए हैं। दोनों ही टीमों को 5-5 में जीत मिली। 2019 वर्ल्ड कप में दोनों के बीच आखिरी मुकाबला टाई रहा था। मामला सुपर ओवर में पहुंचा, लेकिन ये भी टाई हो जाने के बाद इंग्लैंड ने ज्यादा बाउंड्री लगाने के आधार पर मैच जीता था।

 

इन दवाइयों में मिला जहरीला रसायन…यहां का है मामला

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गुजरात: आए दिन दवाओं के सैंपल फेल होने के मामले सामने आते रहते हैं। कई कंपनियों की दवाइयों के सैंपल फेल हो चुके हैं। वहीं, अब गुजरात से खबर आ रही है, जो बेहद चौंकाने वाली है। जानकारी के अनुसार गुजरात की एक फार्मा कंपनी के कफ सिरप और एंटी एलर्जी सिरप में जहरीले रासायनिक तत्व मिले हैं। यह खुलासा एक सरकारी रिपोर्ट में हुआ है। गुजरात के खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन के आयुक्त एचजी कोशिया ने बताया कि बीते माह कंपनी की फैक्टरी में निरीक्षण के दौरान दवाएं जहरीली पाई गई।

उन्होंने कहा, कंपनी अच्छी विनिर्माण प्रथाओं के अनुपालन मानकों पर बुरी तरह विफल रही। वहां पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं थी। एयर-हैंडलिंग इकाई भी ठीक नहीं थी। सार्वजनिक स्वास्थ्य के व्यापक हित में हमने इकाई को उत्पादन बंद करने का आदेश दिया।

इस मामले में फार्मा कंपनी ने कोई टिप्पणी नहीं की है। सीडीएससीओ प्रयोगशाला में परीक्षण के अनुसार, ट्रिमैक्स एक्सपेक्टोरेंट में 0.118 फीसदी EG था जबकि एलर्जी दवा सिलप्रो प्लस सिरप में 0.171 फीसदी एथिलीन ग्लाइकॉल (ईजी) और 0.243 फीसदी डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) पाया।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत मानकों के आधार पर सुरक्षित सीमा 0.10 फीसदी से अधिक नहीं है। यह स्पष्ट नहीं है कि क्या नॉरिस दवाओं को वापस ले लिया या इनके सेवन से किसी को नुकसान हुआ है? यह दोनों दवाएं फिलहाल ऑनलाइन फॉर्मेसी पर सूचीबद्ध हैं।

कोल्ड आउट सिरप भी दूषित
इसके अलावा सीडीएससीओ को तमिलनाडु की कंपनी फोर्ट्स (INDIA) लेबोरेटरीज द्वारा निर्मित कोल्ड आउट सिरप के तीन बैच भी डीईजी और ईजी से दूषित मिले हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि इराक में बेचे जाने वाले कोल्ड आउट के एक बैच में डीईजी और ईजी का अस्वीकार्य स्तर था।

फोर्ट्स कंपनी ने इस संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की है। सरकार समर्थित फार्मास्यूटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (फार्मेक्सिल) के अध्यक्ष एसवी वीरमणि ने बताया कि कोल्ड आउट के प्रतिधारण नमूनों के विश्लेषण में किसी भी तरह का विषाक्त पदार्थ नहीं मिला है।

ED ने वही किया जो उनके आकाओं ने उनसे कहा…पढ़ें पूरी खबर

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कथित शराब घोटाला मामले में ED ने कल लंबी पूछताछ के बाद राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया। रिमांड में लेने के लिए ED आज आप नेता को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश करेगी।

संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक 14 लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है। संजय सिंह, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के विश्वासपात्र हैं। इसलिए उनकी गिरफ्तारी से अब आम आदमी पार्टी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद संजय सिंह की गिरफ्तारी पर उनके पिता दिनेश सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ED ने वही किया जो उनके आकाओं ने उनसे कहा था। उन्हें मेरे घर में कुछ नहीं मिला। अगर किसी को कुछ नहीं मिलेगा, तो वह देर तक टटोलेगा ही। ED को कुछ नहीं मिला, इसलिए समय लगा।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया आबकारी घोटाला मामले में बीते फरवरी माह से जेल में बंद हैं। अब संजय सिंह को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। माना जा रहा है कि वह भी लंबे समय तक जेल से बाहर नहीं निकल पाएंगे। बता दें कि ईडी की चार्जशीट में संजय सिंह का नाम जनवरी में जोड़ा गया था।

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह की गिरफ्तारी पर दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, “मौजूदा समय में देश में गरीबी, बेरोजगारी व महंगाई बढ़ रही है। अगर विपक्षी नेता लोगों की आवाज उठा रहे हैं तो उन्हें झूठे मुकदमे में जेल में डाला जा रहा है। 2024 तक केंद्र की मोदी सरकार बहुत सारे विपक्षी नेताओं को जेल में डालेगी ताकि कोई लोगों की बात न कर सके।”